Category Archives: Health

हज यात्रियों का किया जाएगा टीकाकरण, दिया जाएगा प्रमाण पत्र

गाजीपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी डा देश दीपक पाल ने बताया है कि विगत वर्षो की भॉति इस वर्ष भी हज 2024 में जाने वाले यात्रियों को टीकाकरण कर प्रमाण पत्र दिया जाना है। हज यात्रियों को टीकाकरण हेतु कैम्प का अयोजन तिथिवार किया गया है। जो हज यात्री अपना टीककरण निर्धारित दिनांक को प्रातः 9 बजे से कार्य की समाप्ति तक किया जायेगा। हज यात्रियों के टीकाकरण डा0 सुजीत कुमार मिश्रा उप मुख्य चिकित्साधिकारी/जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एवं डा0 शाहबाज, एपिडिमियालाजिस्ट के निर्देशन में किया जायेगा। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगी। 2 मई 2024 को मदरसा मखजनुल उलूम दिलदारनगर में सामु0 स्वा0 केन्द्र भदौरा, न्या प्रा0 स्वा0 केन्द्र दिलदारनगर, हेल्थ वेलनेस सेन्टर दिलदारनगर एवं नया प्रा0 स्वा0 केन्द्र दिलदारनगर में कैम्प के माध्यम से टीकाकरण किया जायेगा। 4 मई 2024 को मदरसा अरबिया अन्सारिया, यूसुफपुर में न्या प्रा0 स्वा0 केन्द्र करमचन्दपुर, सामु0 स्वा0 केन्द्र मोहम्मदाबाद, हेल्थ वेलनेस सेन्टर कुण्डेसर एवं सामु0 स्वा0 केन्द्र मोहम्मदाबाद में तथा 6 मई 2024 को मदरसा अजीमिया उस्लामिया, तुलसिया का पुल के मेडिकल केयर यूनिट गाजीपुर, नया प्रा0 स्वा0 केन्द्र रानीपुर, हेल्थ वेलनेस सेंटर वयपुर एवं सामु0 स्वा0 केन्द्र सुभाखरपुर में कैम्प के माध्यम से हज पर जाने वाले यात्रियों का टीकाकरण किया जायेगा।

भर्ती मरीज को 108 एंबुलेंस ने पहुंचाया वाराणसी ट्रामा सेंटर

जिला अस्पताल में भर्ती मरीज को 108 एंबुलेंस ने पहुंचाया ट्रामा सेंटर वाराणसी

गाजीपुर। 108 एम्बुलेंस लगातार लोगों को सिर्फ जनपद के स्वास्थ्य केदो पर ही नहीं बल्कि ट्रामा सेंटर वाराणसी तक पहुंच कर उनके जीवन रक्षा कर आधुनिक संजीवनी बनने का काम कर रहा है। कुछ ऐसा ही देखने को मिला मंगलवार को जब जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज को डॉक्टर के द्वारा वाराणसी रेफर किए जाने पर उसे ट्रामा सेंटर वाराणसी तक पहुंचाया जहां पर उसका इलाज शुरू हुआ।

108 एंबुलेंस के ब्लॉक प्रभारी दीपक राय ने बताया कि जिला अस्पताल में भर्ती मरीज अजय पुत्र राजेंद्र उम्र 34 वर्ष जिसके पैर में फ्रैक्चर था। उसके उचित इलाज के लिए ट्रामा सेंटर वाराणसी के लिए रेफर किया गया था। उसके लिए 108 एंबुलेंस हेतु काल आया। इसके पश्चात इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन लाल बहादुर शर्मा और पायलट संतोष यादव जिला अस्पताल पहुंचकर मरीज को एंबुलेंस में डालकर उन्हें ट्रामा सेंटर वाराणसी तक पहुंचाया। जहां पर उनके आगे का ट्रीटमेंट शुरू किया गया।

आधुनिक एक्स-रे मशीन से जिला अस्पताल में आमजन को मिलेगी सुविधा:डीएम

गाजीपुर।  जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने जिला चिकित्सालय गोराबाजार में बुधवार को डिजिटल एक्स-रे मशीन का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस  दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि यह एक आधुनिक एक्स-रे मशीन है जिससे जनपदवासियों को इलाज के दौरान काफी सुविधा होगी तथा मरीजो को इधर-उधर नही भटकना पडे़गा। उन्होने बताया कि जिला अस्पताल में एक ही मशीन थी जिससे मरीजो को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब नयी मशीन आ जाने के कारण मरीजो के समय की बचत होगी तथा मरीज अपना सुविधापूर्वक इलाज करा सकेगे। इसी दौरान उन्होने जिला अस्पताल का निरीक्षण भी किया।  निरीक्षण के दौरान उपस्थिति मरीजो/परिजनो से चिकित्सकीय सुविधाओ की जानकारी ली। इस मौके पर सी एम एस डा0 राजेश सिंह, प्रधानाचार्य मेडिकल कालेज आनन्द मिश्रा एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।

दिनचर्या में सुधार लाओ, हर दर्द से छुटकारा पाओ: डा. शिवम राय

कमर,घुटने के दर्द से महिलाएं अधिक परेशान-डा.शिवम राय

गाजीपुर। महिलाएं कमर और घुटने के दर्द से अधिक पीड़ित हैं। दिनचर्या , अपने प्रति उपेक्षा का भाव और चिकित्सकों तक पहुंचने में कठिनाई रोग को अधिक बढ़ा देता है। दिनचर्या में सुधार, व्यायाम और चिकित्सकीय परामर्श से कमर दर्द, घुटने का दर्द और हड्डियों से संबंधित रोग से निजात पाया जा सकता है। रविवार को सदर ब्लाक के रसूलपुर टी शेखपुर के पंचायत भवन पर मित्रसेन प्रधान मेमोरियल सेवा ट्रस्ट द्वारा आयोजित स्वास्थ्य जागरूकता एवं चिकित्सा शिविर में मरीजों का उपचार करने के बाद वरिष्ठ हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ डा.शिवम राय ने उक्त बातें कहीं।
प्रधान कल्पना यादव के प्रतिनिधि और पत्रकार कमलेश यादव की देखरेख में आयोजित शिविर में डा. शिवम राय से उपचार के लिए महिलाओं की भीड़ उमड़ पड़ी। उन्होंने बताया कि महिलाएं अपना अधिकांश दैनिक कार्य जमीन पर बैठकर करतीं हैं। जिसकी वजह से उनके घुटने की परेशानी बढ़ती जाती है। चिकित्सक की बताई सावधानियों का पालन सभी मरीजों को करना चाहिए। शिविर की दूसरी चिकित्सक स्त्री, प्रसूति एवं बांझपन रोग विशेषज्ञ डा. सुरभि राय ने मरीजों का इलाज करने के बाद बताया कि खून और बिटामिन्स की कमी से अधिकांश गर्भवती महिलाएं जूझ रहीं हैं। लज्जा, संकोच की वजह से गर्भ धारण करने के बहुत बाद में चिकित्सक से संपर्क में आतीं हैं। वह भी नीम हकीमों के। वह केस बिगाड़ कर हाथ खड़े कर देते हैं। ऐसे मरीज जब चिकित्सक के संपर्क में आते हैं तब तक बहुत देर हो चुकी होती है। ऐसे मामलों में परिवार और पति की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।उन्हें समय पर सचेत हो जाना चाहिए। शिविर में मरीजों को मुफ्त दवाओं का वितरण भी किया गया। शिविर के आयोजन में संजय कुमार राय सुमन,शशि यादव, जितेंद्र पाल,माधव चौहान, खरपत्तू राम,सिताब चंद,अरविंद पाल,योगेश यादव आदि का योगदान रहा।प्रधान प्रतिनिधि कमलेश यादव ने डा. शिवम राय, डा. सुरभि राय, उनकी टीम और मित्रसेन प्रधान मेमोरियल सेवा ट्रस्ट के प्रति आभार ज्ञापित किया।ट्रस्ट के अध्यक्ष अविनाश प्रधान ने शिविर से लाभान्वित मरीजों, आयोजक और चिकित्सक द्वय डा.शिवम राय व डा.सुरभि राय से मिले सहयोग के प्रति प्रसन्नता का इजहार किया।

हुआ ब्रेन हेमरेज, एंबुलेंस ने पहुंचाया बीचयू वाराणसी

हुआ ब्रेन हेमरेज, एंबुलेंस ने पहुंचाया बीचयू वाराणसी

गाजीपुर। 108 एंबुलेंस की जब शुरुआत की गई थी तब लोगों को यह उम्मीद नहीं थी की एक दिन उनके मुसीबत में अपनी अहम भूमिका निभाएगी। जिसका नज़ारा आए दिन गाजीपुर में देखने को मिल रहा है।  ऐसा ही कुछ शनिवार को हुआ जब एक ब्रेन हेमरेज मरीज को जिला अस्पताल से बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर किया गया। जहां पर उसे इमरजेंसी वार्ड में दाखिल करने के बाद उसका इलाज शुरू किया गया।

102 और 108 एंबुलेंस के प्रभारी दीपक राय ने बताया कि शनिवार को मेडिकल कॉलेज स्थित जिला अस्पताल में भर्ती मरीज संध्या उम्र 18 निवासी शेखपुरा ब्लॉक कासिमाबाद के परिजनों के द्वारा फोन कर 108 एंबुलेंस के लिए डिमांड किया गया। बताया गया कि मरीज को ब्रेन हेमरेज है और उसे डॉक्टर के द्वारा वाराणसी रेफर किया गया है। इसके बाद बताए गए लोकेशन पर पायलट मुकेश कुमार और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन शशि भूषण एंबुलेंस लेकर पहुंचे। और मरीज संध्या को एंबुलेंस में शिफ्ट करने के पश्चात बीएचयू वाराणसी के लिए रवाना हुए। इस दौरान वह लोग डॉ रस्तोगी के दिशा निर्देश पर पूरे रास्ते मरीज की देखभाल करते हुए बीएचयू वाराणसी तक पहुंचाया। जहां पर उसे इमरजेंसी में एडमिट कराया इसके पश्चात उसका इलाज शुरू हुआ।

साफ-सफाई का रखें ध्यान,न होने दें जल जमाव…

मच्छरों के पनपने वाली जगहों की करें निगरानी एवं निराकरण:-सीएमओ

विश्व मलेरिया दिवस पर हुए सीएमओ कार्यालय समेत स्वास्थ्य केन्द्रों पर हुए जन जागरूकता कार्यक्रम

सही समय पर निदान उपचार होने से रोगी हो जाता है पूर्णतः स्वस्थ

साफ-सफाई का रखें ध्यान, न होने दें जल जमाव, मलेरिया से होगा बचाव

गाज़ीपुर। जनपद में वृहस्पतिवार को विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय समेत ब्लॉक स्तरीय स्वास्थ्य केंद्रो पर विविध जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस क्रम में सीएमओ कार्यालय सभागार में सीएमओ डॉ देश दीपक पाल की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ जे०एन०सिंह एवं एसीएमओ डॉ मनोज कुमार सिंह प्रमुख रूप से मौजूद रहे। सीएमओ ने कहा कि मलेरिया वाहक एनोफिलीज़ मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर ज़्यादातर अनुपयोगी कुओं, तालाब/पोखरा, सीमेंट के टैंक, नाले, जल जमाव एवं पानी जमा होने वाले निचले क्षेत्र जगहों पर पनपता है। मच्छरों के पनपने वाली जगहों की निगरानी करें और उनका नियमित निराकरण करें। सीएमओ ने कहा कि मच्छरों का प्रकोप पहले सिर्फ बारिश के दौरान और बारिश के बाद दिखता था जबकि अब दो से तीन महीने छोड़कर पूरे साल ही दिखते हैं। इसलिए आवश्यकता पड़ने पर मलेरिया रोकने के लिए अब फॉगिंग का कार्य पूरे साल चलेगा। साथ ही हमारी स्वास्थ्य टीमें सर्वाधिक मच्छर वाले इलाकों को चिन्हित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि हर साल 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस को मनाने का उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि इस बार विश्व मलेरिया दिवस की थीम “अधिक न्यायसंगत दुनिया के लिए मलेरिया के खिलाफ लड़ाई में तेजी लाना” है। कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि वर्तमान में संचालित संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के अंतर्गत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में मच्छरों के प्रजनन स्रोतों को नष्ट कराया जा रहा है। एंटी लार्वा का छिड़काव तथा फागिंग भी कराया जा रहा है। इस कार्य में नगर विकास विभाग एवं पंचायती राज विभाग सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि मलेरिया की जांच व उपचार की सुविधा जिला मुख्यालय के अलावा सभी सीएचसी/पीएचसी पर उपलब्ध है। शासन के निर्देशानुसार आशा कार्यकर्ता ग्रामीण क्षेत्र में जाकर रोगी की पहचान कर रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (आरडीटी) किट से त्वरित जांच कर रही हैं। इसके लिए समस्त आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित भी किया गया है। जांच में मलेरिया धनात्मक पाए जाने पर जल्द से जल्द रोगी का पूर्ण उपचार किया जाएगा।

हफ्ते भर में अंडा बन जाता है मच्छर

जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि मलेरिया का प्रसार मादा एनोफिलीस मच्छर के काटने से होता है। एक अंडे से मच्छर बनने की प्रक्रिया में पूरा एक सप्ताह का समय लगता है। इस कारण सप्ताह में एक बार एंटीलार्वा का छिड़काव किया जाता है। यदि किसी जलपात्र में पानी है तो उसे सप्ताह में एक बार जरूर खाली कर दें। जैसे कूलर, गमला, टीन का डिब्बा, नारियल का खोल, डिब्बा, फ़्रिज के पीछे का डीफ्रास्ट ट्रे की सफाई हमेशा करते रहना आवश्यक है। मलेरिया से संक्रमित व्यक्ति का समय से इलाज शुरू होने पर जान जाने का खतरा कम हो जाता है।
लक्षण – बुखार, कपकपी, ठंड लगना, सिरदर्द, शरीर दर्द, मिचली और उल्टी।

क्या करें – मलेरिया से बचाव के लिए रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चाहिए। आसपास दूषित पानी इकट्ठा नहीं होने देना चाहिए। साफ-सफाई रखनी चाहिए। बुखार होने पर तत्काल आशा से संपर्क करें या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर परामर्श लें। सही समय पर निदान उपचार होने से रोगी पूर्णतः स्वस्थ हो जाता है।

हुआ सीने में दर्द,मरीज को पहुंचाया राजकीय मेडिकल कॉलेज

हुआ सीने में दर्द, मरीज को पहुंचा राजकीय मेडिकल कॉलेज

गाजीपुर। 108 एम्बुलेंस लगातार गंभीर बीमारी के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रहा है। और उन्हें निशुल्क पास के स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाकर उनका जीवन रक्षा कर रहा है। ऐसा ही कुछ शुक्रवार को भी हुआ जब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर में भर्ती मरीज रमाकांत उम्र 68 के लिए 108 एंबुलेंस के लिए फोन आया और बताया गया की मरीज को सीने में दर्द है। जानकारी पर बताए गए लोकेशन पर इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और पायलट मरीज को एंबुलेंस में लेने के पश्चात उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज गाजीपुर पहुंचा। जहां पर कुशल डॉक्टरों की देखरेख में इलाज शुरू हुआ। 108 एंबुलेंस के प्रभावी दीपक राय ने बताया कि शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीज रमाकांत उम्र 68 के लिए 108 एंबुलेंस के लिए फोन आया । बताया गया कि मरीज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदपुर पर अपना इलाज करा रहा है। लेकिन डॉक्टर के द्वारा उसे हायर सेंटर के लिए रेफर किया गया है। इसके बाद बताए गए लोकेशन पर पायलट वाहिद खान और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन रामनाथ ने मरीज को एंबुलेंस में बैठाकर राजकीय मेडिकल कॉलेज गाजीपुर के लिए रवाना हुए। इस दौरान डॉ अमित की देखरेख में पूरे रास्ते मरीज को ऑक्सीजन के सहारे मेडिकल कॉलेज गाजीपुर पहुंचाया गया बताया गया। बताया गया था कि मरीज को सीने में दर्द की शिकायत है।। इसके बाद उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी में एडमिट कराया गया। जहां पर कुशल डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज शुरू हुआ।

एंबुलेंस कर्मचारीयों ने बचाई महिला की जान

गाजीपुर। जाको राखे साइयां, मार सके ना कोय।बाल न बाका कर सके,जो जग बैरी हाेय। कुछ ऐसा ही नजारा उस महिला के साथ देखने को मिला जो अपने रिश्तेदार के साथ मायके जा रही थी। और अचानक से वह बाइक से गिर पड़ी और घायल हो गई। जिसे 108 एंबुलेंस से बीएचयू ट्रामा सेंटर गया जहां उसका ईलाज शुरू किया गया।

108 एंबुलेंस के प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया की सदर ब्लाक अंतर्गत ग्राम चौरही की रहने वाली अकाली देवी उम्र 55 वर्ष शुक्रवार को अपने रिश्तेदार के साथ मायके जा रही थी। रास्ते में बाइक से गिर पड़ी और घायल हो गई। इस घटना को देख स्थानीय लोगो के द्वारा 108 नंबर पर कॉल किया गया। जिसकी सूचना पर एंबुलेंस बताए गए लोकेशन पर तैनात इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन विनय कुमार और पायलट अशोक कुमार ने 15 मिनट के अन्दर मरीज के पास पहुंच गए और मरीज को एंबुलेंस में शिफ्ट कर दिए।

रास्ते में मरीज की हालत ज्यादा बिगड़ने लगी तो एंबुलेंस में ड्यूटी पर इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन विनय कुमार ने मरीज का वाइटल चेक किया और अपने अधिकारी संदीप चौबे को फोन कर सूचित किया।

उन्होंने बताया की तत्काल ईआरसीपी डॉ सत्यानंद जी को लाइन पर लेकर एंबुलेंस ईएमटी विनय कुमार से बात कराया, तत्पश्चात डा सत्यानंद ने मरीज के वाइटल के बारे में जानकारी ली और मरीज को 03 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन देने का निर्देश दिए। डॉ सत्यानंद के निर्देशन का पालन करते हुए विनय कुमार ने मरीज को 03 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन देते हुए सुरक्षित ट्रामा सेंटर बीएचयू में भर्ती करा दिया।

टीबी मरीजों के निदान एवं उपचार के लिए कॉलेज का डीआरटीबी क्लीनिक बनेगा सहायक

टीबी उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग के साथ महर्षि विश्वामित्र मेडिकल कॉलेज भी प्रयासरत

टीबी मरीजों के निदान एवं उपचार के लिए कॉलेज का डीआरटीबी क्लीनिक बनेगा सहायक

कॉलेज के फेकल्टी शिक्षक, शोध व नए स्नातक विद्यार्थियों का दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू

डीएसटीबी व डीआरटीबी मरीजों के निदान एवं उपचार, बच्चों में टीबी को लेकर दिया प्रशिक्षण

गाज़ीपुर। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत वर्ष 2025 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य चिकित्सालय महाविद्यालय का पूरा सहयोग मिलना बहुत जरूरी है। इसी के मद्देनजर मेडिकल कॉलेज में बुधवार से दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य प्रो डॉ नीरज पांडेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल एवं प्रो डॉ चंद्र मौली शर्मा के द्वारा किया गया। कॉलेज के सभी फेकल्टी शिक्षक, जूनियर व सीनियर शोध विद्यार्थियों एवं प्रशिक्षु (नए स्नातक) विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। सीएमओ डॉ देश दीपक पाल ने कहा कि यदि ज़िले के 20 से 30 प्रतिशत टीबी मरीजों का उपचार मेडिकल कॉलेज के माध्यम से किया जाए तो वर्ष 2025 तक लक्ष्य पूरा करना आसान होगा। कॉलेज के सभी विभागों से टीबी मरीजों के लिए छह माह तक चलने वाले ड्रग रेजिस्टेंस टीबी क्लीनिक (डीआरटीबी) को क्रियाशील करना बहुत जरूरी है। सभी मरीजों का निक्षय पोर्टल पर नोटिफाई होना जरूरी है। कार्यवाहक प्रधानाचार्य/उप प्रधानाचार्य प्रो डॉ नीरज पांडेय ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के किसी भी विभाग के डॉक्टर यदि किसी मरीज का टीबी के लिए इलाज कर रहे हैं तो उनका नोटिफिकेशन निक्षय पोर्टल पर अवश्य करवाएं। ऐसा होने से मरीज को इलाज के दौरान प्रति माह 500 रुपए तो मिलेगा ही साथ में डॉक्टर को भी मरीज का नोटिफिकेशन करने पर 500 रुपए और दवा का कोर्स पूरा होने व निक्षय पोर्टल पर अपडेट करने पर प्रति मरीज 500 रुपए मिलेगा। इसके अतिरिक्त उन्होंने स्कूलों, महाविद्यालयों तथा जनमानस को टीबी के प्रति जागरूक करना भी आवश्यक है। कॉलेज के सहायक आचार्य जनरल मेडिसिन डॉ धनंजय कुमार वर्मा ने ड्रग सेंसेटिव टीबी (डीएसटीबी) मरीजों के निदान व उपचार के बारे में प्रशिक्षण दिया। बलगम एकत्रीकरण को लेकर डॉ शिवेंद्र दत्त शुक्ला ने विस्तार से प्रशिक्षण दिया। ड्रग रेजिस्टेंट टीबी (डीआरटीबी) मरीजों के निदान व उपचार के बारे में सहायक आचार्य टीबी एंड चेस्ट डॉ भानु प्रताप ने विस्तृत जानकारी दी। सहायक आचार्य पीडियाट्रिक डॉ प्रभात कुमार ने बच्चों में क्षय रोग के लक्षण, कारण, जांच, निदान व उपचार आदि के बारे में जानकारी दी। प्रो डॉ चंद्र मौली शर्मा ने यूपी एनटीईपी के विस्तारीकरण और सुदृढ़ीकरण के बारे में प्रशिक्षण दिया।
इस मौके पर क्षयरोग विभाग के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथलेश कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, मेडिकल कॉलेज के साथ मिलकर टीबी उन्मूलन के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। उन्होंने राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम और प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान एवं टी बी मुक्त पंचायत की प्रगति रिपोर्ट, जांच व उपचार सुविधाओं आदि पर चर्चा की। बताया कि वृहस्पतिवार को एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी, एडवर्स ड्रग रिएक्शन (एडीआर), टीबी प्रिवेंटिव थेरेपी (टीपीटी), जनपद में एनटीईपी के क्रियान्वयन को लेकर चुनौतियों के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस मौके पर जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ संजय कुमार एवं अन्य चिकित्सक व अधिकारी उपस्थित रहे।

108 एंबुलेंस ने निशुल्क मरीज को पहुंचाया बीएचयू वाराणसी

108 एंबुलेंस ने निशुल्क मरीज को पहुंचाया बीएचयू वाराणसी

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। ताकि किसी गरीब और असहाय का पैसों के अभाव में इलाज न रुकने पाए। चाहे इसके लिए आयुष्मान भारत योजना की बात करें या फिर 102 और 108 एंबुलेंस सेवा की। ऐसे ही 108 एम्बुलेंस ने एक बार फिर एक क्रिटिकल मरिज जो जिला अस्पताल में एडमिट था। जिसको बार-बार झटके आ रहे थे। डॉक्टरों की सलाह पर इस मरीज को बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर किया गया।इसके बाद 108 एंबुलेंस के पायलट और ईएमटी ने सकुशल बीएचयू वाराणसी पहुंचा कर एडमिट कराया। जहां उसका इलाज चल रहा है। 108 एंबुलेंस के प्रभारी दीपक राय ने बताया कि गाजीपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थित जिला अस्पताल में मरिज बृजेश यादव उम्र 28 जिसका जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। उसे बार-बार झटका आ रहा था। जिससे वह बेहोश हो जा रहा था। मरीज के इस बीमारी को देखते हुए डॉ इमाम के द्वारा उसे बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर किया गया। जिसके बाद 108 एंबुलेंस के चालक के संतोष कुमार और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन रामनाथ निगम ने जिला अस्पताल से 108 एंबुलेंस के माध्यम से बीएचयू वाराणसी पहुंचाया। जहां पर उसका इलाज चल रहा।
बताते चले कि गाजीपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में इन दिनों लगातार मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है। और क्रिटिकल मरीज भी भर्ती हो रहे हैं। जिनका सफल इलाज किया जा रहा है। वहीं कुछ मरीजों की स्थिति क्रिटिकल होने पर 108 एंबुलेंस के माध्यम से बीएचयू वाराणसी या फिर ट्रामा सेंटर वाराणसी तक पहुंचाया जा रहा है।