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1 से 19 साल तक के बच्चों को खिलाई जाएगी दवा

1 से 19 साल तक के बच्चों को खिलाई जाएगी दवा

गाजीपुर। बच्चों को कृमि संक्रमण (पेट के कीड़े) से बचाने के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 20 जुलाई को अभियान चलाकर दवा खिलाई जाएगी। इसके तहत जिले के निजी, सरकारी विद्यालयों और आंगनवाड़ी केन्द्रों पर बच्चों को अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। जिसको लेकर जनपद में राष्ट्रीय कृमि मुक्ती कार्यक्रम का आयोजन 20 जुलाई से प्रारम्भ होकर 27 जुलाई तक चलेगा। इस कार्यक्रम में जनपद के 01 वर्ष से लेकर 19 वर्ष तक किशोर/किशोरियों को एल्बेंडाजोल की टेबलेट खिलाई जायेगी। जो बच्चे एवं किशोर स्कूल नही जाते उन पर भी फोकस किया जायेगा। इस कार्यक्रम के दौरान स्कूलो, आंगनवाड़ी एवं भट्ठो आदि पर रहने वाले कुल 17 लाख 04 हजार 71 किशोर/किशारियों को टेबलेट खिलाई जायेगी। यह निर्देश जिलाधिकारी एम पी सिंह ने जिला एवं ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के प्रशिक्षण/अन्तर्विभागीय बैठक के दौरान सोमवार को जिला पंचायत सभागार मे दिया। इस कार्यक्रम के लगाये गये विभिन्न विभागों को उनकी भूमिका एंव जिम्मेदारियों से अवगत कराते हुए यह निर्देश दिया कि समस्त सम्बन्धित विभाग आपसी सामन्जस्य स्थापित करते हुए इस कार्यक्रम को सफल बनायेगे। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी चिकित्साधिकारी डा0 हरगोविन्द सिंह ने बताया कि कृमि संक्रमण कुपोषण का एक बहुत बड़ा कारण है। पेट के कीड़े संक्रमित व्यक्ति के शरीर से पोषण लेते है, इसके कारण अच्छा पौष्टिक भोजन देने के बाद भी बच्चा कुपोषित रहता है। 1 से 19 वर्ष तक की आयु के सभी बच्चों और किशोरों को कृमि संक्रमण से बचाने के लिए प्रदेश में वर्ष में दो बार अभियान चलाया जाता है। इस वर्ष भी राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (20 जुलाई) के अवसर पर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अभियान चलाकर कृमि मुक्ति के लिए अल्बेंडाजोल की गोली खिलाई जाएगी। इस अभियान को आशा, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और स्कूलों के सहयोग से चलाया जायेगा। 01 से 05 वर्ष तक के सभी पंजीकृत बच्चों को, 6 से 19 वर्ष तक के स्कूल न जाने वाले बच्चों, ईट भट्टों पर कार्य करने वाले और घुमन्तू लाभार्थियों को आंगनवाड़ी केन्द्रों पर आंगनवाड़ी कार्यकर्त्ता के माध्यम से दवा खिलाई जाएगी। इसके अलावा सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों, मदरसों में शिक्षकों के माध्यम से 06 से 19 वर्ष तक के बच्चों को दवा खिलाई जाएगी। अभियान में 17 लाख 04 हजार 71 किशोर/किशारियों को लक्ष्य के आधार पर लगाईं गई है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 उमेश कुमार ने बताया कि जिले में 01 से 19 वर्ष के 17 लाख 04 हजार 71 बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य है। इसके तहत 2269 परिषदीय विद्यालय, 4127 आंगनवाड़ी केन्द्रों एवं समस्त प्राईवेट विद्यालयो में दवा खिलाई जाएगी। इसके लिए आशा, आंगनवाड़ी और लक्षित स्कूलों के शिक्षकों को लगाया गया है। उन्होने बताया कि 25 से 27 जुलाई तक चलेगा मॉपअप राउंड जिसमे राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (20 जुलाई) को अल्बेंडाजोल की गोली खाने से छूट गए बच्चों को 25 से 27 जुलाई में मॉपअप राउंड के दौरान स्कूलों और आंगनवाड़ी केन्द्रों पर दवा खिलाई जाएगी। उन्होने बताया कि यह दवा आयु के अनुसार दी जाएगी जिसमें दो वर्ष तक के बच्चों को अल्बेंडाजोल की आधी गोली (200 मि.ग्रा.) एवं 2 से 19 वर्ष तक के बच्चों व किशोरों को एक गोली (400 मि.ग्रा.) खिलाई जाएगी। अल्बेंडाजोल की गोली हल्की मीठी होती है, इसे चबाकर या पीस कर खाना चाहिए ताकि इसका असर अच्छी तरह हो सके। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता, एस पी सिटी गोपी नाथ सोनी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 डी पी सिन्हा, समस्त ओ वाई सी एवं समस्त सम्बन्धित विभागीय अधिकारीगण उपस्थित थे।

जनपद में होगा 3472 मदर कम चाइल्ड मशीन

जनपद में जल्द उपलब्ध होगा 3472 मदर कम चाइल्ड मशीन

बच्चे, गर्भवती ,धात्री व किशोरियों का किया जाएगा वजन

ग़ाज़ीपुर।कुपोषित और सुपोषित में अंतर करने के लिए शासन के द्वारा वजन का एक मापदंड बनाया गया है। जिसके आधार पर नवजात शिशु, गर्भवती माता, धात्री महिला एवं किशोरियों को चिन्हित कर कुपोषित या सुपोषित की श्रेणी में रखा जा सकता है। इसके लिए जरूरी है वजन मशीन । इसी को देखते हुए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के द्वारा जनपद में चलने वाले 4127 आंगनबाड़ी केंद्र के सापेक्ष 3472 मदर कम चाइल्ड वजन मशीन आंगनबाड़ी केंद्रों पर भेजने की तैयारियों में विभाग जुट गया है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडे ने बताया कि कुपोषित बच्चे, उनकी मां ,गर्भवती, धात्री ,किशोरी की उनके गांव के पास के ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर वजन करने के लिए 150 किलोग्राम तक वजन की मदर कम चाइल्ड वजन मशीन शासन के द्वारा अगले 1 या 2 दिन में आपूर्ति किया जाना है। जो सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इसके पूर्व 655 आगनबाड़ी केंद्रों पर वजन मशीन उपलब्ध कराया जा चुका है। वही अब 3472 वजन मशीन आपूर्ति होते ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचा दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों, महिलाओं ,गर्भवती ,धात्री व किशोरियों का मानक से कम वजन मिलेगा उनकी देखभाल के लिए आशा एवं आंगनबाड़ी के द्वारा गृह भ्रमण करते हुए प्रबंधन एवं उनके माता-पिता को जागृत करने एवं नियमित रूप से चिकित्सा परामर्श देने के लिए घर पहुंचेंगी।

कम वजन की किशोरी एवं महिलाओं के मिलने पर एनीमिया की जांच खान-पान पर ध्यान हेतु संवेदीकरण भी किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग जखनिया पर 190, मनिहारी 266 ,सादात 306, सैदपुर 312 ,देवकली 240 ,करंडा 168 ,सदर 239, शहर 123, बिरनो 199 ,मरदह 209 ,कासिमाबाद 172, बाराचवर121 ,मोहम्मदाबाद 160, भावर कोल 221, रेवतीपुर 87 ,भदौरा 159 ,जमानिया 300 मदर कम चाइल्ड वजन मशीन आपूर्ति किया जाएगा।

11 से 31 जुलाई तक चलेगा जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा

11 से 31 जुलाई तक चलेगा जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा

ग़ाज़ीपुर।जनसंख्या जो लगातार बढ़ती जा रही है अगर यही स्थिति रही तो आगे चलकर जनसंख्या विस्फोट भी हो सकता है। ऐसा ना हो इसको लेकर सरकार के द्वारा जनसंख्या को स्थिर करने के लिए लगातार कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। उसी कड़ी में 11 जुलाई से 31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा चलाए जाने का निर्देश शासन के द्वारा दिया गया है। वही इस कार्यक्रम का शुभारंभ लखनऊ से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा किया गया । वही जनपद में जिला महिला अस्पताल में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरगोविंद सिंह की अध्यक्षता में इस पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। इस दौरान आए हुए लोगों को जनसंख्या को स्थिर करने के लिए स्थाई और अस्थाई उपाय के बारे में जानकारी दी गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरगोविंद सिंह ने बताया कि शासन के द्वारा 11 से 31 जुलाई तक जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा चलाया जा रहा है। जिस के क्रम में सोमवार से जनपद गाजीपुर के सभी ब्लॉक में कार्यरत स्वास्थ्य केंद्रों पर पखवाड़े को लेकर गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिला महिला अस्पताल में जनसंख्या स्थिरता पखवाड़े को लेकर जागरूकता कार्यक्रम किया गया। जिसमें आई हुई आशा व एएनएम को अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लोगों को अवेयरनेस करने के बारे में जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के शुभारंभ में मुख्यमंत्री के द्वारा मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर कमी लाने के साथ ही जनसंख्या को स्थिर करने के लिए शासन के द्वारा चलाई गई योजना जिसमें स्थाई और अस्थाई उपाय दिए गए हैं। जन-जन तक पहुंचाने की बात कही गई है।

इस कार्यक्रम को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेवतीपुर पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ अनिल कुमार की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें समस्त एवं आशा संगिनी, आशा को आगामी जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के संबंध में जानकारी दी गई। जिससे कि लक्ष्य के सापेक्ष उपलब्धि प्राप्त कर सकें। इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहमदाबाद पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय की अध्यक्षता में गोष्ठी का आयोजन किया गया। परिवार नियोजन के संसाधन जिसमें स्थाई रूप से पुरुष व महिला नसबंदी व स्थाई संसाधन के रूप में कापर्टी, अंतरा इंजेक्शन ,आईयूसीडी, पीपीआईयूसीडी ,कंडोम ,छाया गोली व अन्य के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही साथ चलने वाले इस पखवाड़े में उनके ब्लॉक को दिए गए लक्ष्य को पूरा कैसे हो इसके बारे में भी रणनीति बनाई गई।

परिवार नियोजन विशेषज्ञ तबरेज अंसारी ने बताया कि जनसंख्या स्थिरता को लेकर शासन के द्वारा 2021-22 में पुरुष नसबंदी 64, महिला नसबंदी 9219 ,अंतरा इंजेक्शन 21313, आईयूसीडी 7985, पीपीआईयूसीडी 4656 लोगों ने अपनाया और जनसंख्या को स्थिर रखने में अपना सहयोग प्रदान किया।

इस कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर के के वर्मा, डॉ एसडी वर्मा, डॉ डीपी सिन्हा, जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ तारकेश्वर, डीपीएम प्रभुनाथ ,डीसीपीएम अनिल वर्मा ,,राघवेंद्र सिंह मौजूद रहे । वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेवतीपुर पर बीपीएम बबीता सिंह, बीसीपीएम सुनील कुमार ,आनंद कुमार, एमएन राय ,आशुतोष सिंह, अभिषेक उपाध्याय ,रवि सिंह व आशा कार्यकर्ता मौजूद रहे। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहमदाबाद पर बीपीएम संजीव कुमार व अन्य मौजूद रहे।

महिलाओं की हुई जांच, 10 मिली एचआरपी

ग़ाज़ीपुर।प्रत्येक माह के 9 तारीख और 24 तारीख को जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन करने का निर्देश शासन के द्वारा दिया गया है। जिस के क्रम में शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किया गया। जिसमें महिला चिकित्सा अधिकारी डॉ नीरज कुमारी के द्वारा क्षेत्र की 112 महिलाओं का निशुल्क जांच किया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्दाबाद के अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि शासन से मिले निर्देश के क्रम में प्रत्येक माह की 9 एवं 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किया जाता है। जिस के क्रम में शनिवार को भी इस दिवस का आयोजन किया गया। इस दिवस पर क्षेत्र से आई हुई गर्भवती का प्रसव पूर्व जाँच/ परामर्श डॉ नीरज कुमारी के द्वारा किया गया। इसके साथ ही स्थानीय एएनएम व क्षेत्रीय आशा के सहयोग से चिन्हित हाई रिस्क गर्भवती को विशेष सलाह के साथ उक्त दिवसों पर संदर्भित किया जाता है। जहाँ उनकी जाँच महिला चिकित्सा अधिकारी के द्वारा आवश्यक जांच एवं अल्ट्रासाउंड कराया जाता है

उन्होंने बताया कि प्रथम बार गर्भवती महिलाओं को पिछले वर्ष के लक्ष्य के सापेक्ष 131% महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना का लाभ दिया जा चुका है। एवं चिन्हित एचआरपी महिलाओं का फालोअप स्थानीय एएनएम द्वारा करते हुऐ समस समय पर आवश्यक सलाह एवं दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कि जाती है।

पूरे दिन चले महिलाओं के जांच एवं परामर्श में कुल 112 महिलाओं मे 10 एचआरपी चिन्हित किया गया। जिनका उचित प्रबंधन किया गया। इसके अलावा 54 अल्ट्रासाउंड, 87 एचआईवी जांच, 49 सिफलिस, हीमोग्लोबिन एव वजन की जाँच 112 की किया गया। सभी महिलाओं को आवश्यकतानुसार आयरन, फोलिक ऐसिड, कैल्शियम टैबलेट्स वितरण के साथ ही साथ सुक्ष्म जलपान की व्यवस्था की गई।

इस अवसर पर बीपीएम संजीव कुमार, एलटी इकरम गाँधी, एलए ओम प्रकाश, काउंसलर निरा राय, स्टाफ नर्स वंदना मसीह बीसीपीएम मनीष कुमार एवम प्रशांत राय रहे।

110 लोगों का हुआ निशुल्क जांच

ग़ाज़ीपुर।आज के मौजूदा वक्त में इंसान किसी ना किसी रोग से पीड़ित है ऐसे में आर्थिक रूप से संपन्न लोग अपने स्वास्थ्य जांच आसानी से करा लेते हैं।तो वही आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति अपनी जांच नहीं करा पाते। जिससे उनके रोग के बारे में जानकारी नहीं हो पाती। इन्हीं सब को ध्यान में रखते हुए मां कवलपति हॉस्पिटल एंड मेटरनिटी सेंटर एवं रिसर्च सेंटर पर फ्री हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें ईसीजी एवं ब्लड शुगर के 110 मरीजों की फ्री जांच की गई।राजकीय मेडिकल कॉलेज के असिस्टेंट प्रोफेसर व कवलपति हॉस्पिटल एंड मेटरनिटी सेंटर एवं रिसर्च सेंटर के एमडी डॉ स्वतंत्र सिंह ने बताया कि आज उनसे नर्सिंग होम पर मरीजों के लिए निशुल्क ईसीजी एवं शुगर जांच का कार्यक्रम रखा गया था। जिसमें करीब 110 लोगों का निशुल्क जांच किया गया । इस जांच उपरांत मरीजों को उनकी समस्या के अनुसार दवा लेने की परामर्श भी दी गई।इस मौके पर डॉ बीती सिंह, आशुतोष सिंह, नित्यानंद मिश्रा, सपना ,मधु ,अंजलि ,रितु एवं समस्त स्टाफ मौजूद रहे।

हरी झंडी दिखा व शपथ ग्रहण कराकर शुरू हुआ विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान

हरी झंडी दिखा व शपथ ग्रहण करा कर शुरू हुआ विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान

गाजीपुर। 1 जुलाई से 31 जुलाई तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान जो पूरे जनपद में चलाया जाना है। उसका जिला महिला चिकित्सालय के सभागार में शुक्रवार को जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने आए हुए लोगों को शपथ ग्रहण करा कर रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान 1 जुलाई से 15 जुलाई तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 16 मई से 31 मई तक दस्तक अभियान के रूप में चलाया जाएगा।

जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने इस अवसर पर जनपद वासियों को जल जमाव नहीं करने के साथ ही आसपास सफाई रखने के अलावा यदि कोई व्यक्ति बुखार से पीड़ित है तो उसे तत्काल पास के स्वास्थ्य केंद्र पर एडमिट कराने का अपील किया है। उन्होंने बताया कि यह मच्छरों की वजह से फैलता है। मच्छर के पनपने के जितने भी स्थान हो उन सभी स्थानों को नष्ट कर देना चाहिए या फिर वह साफ सफाई की विशेष व्यवस्था करनी चाहिए। इसी क्रम में समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहमदाबाद के अधीक्षक डॉ आशीष राय ने सभी कर्मचारियों को संचारी रोग अभियान का शपथ ग्रहण कराया।

इस कार्यक्रम में जहां नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल के द्वारा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के पास शपथ ग्रहण कराया गया। इस दौरान उन्होंने 3 जुलाई तक चलने वाले प्लास्टिक के विरूद्ध चलाए जा रहे अभियान के प्रति भी लोगों को शपथ ग्रहण कराया। और अपील किया कि सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग ना करें।

अपर मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी डीपी सिन्हा ने बताया कि विगत 4 वर्षों की भांति इस वर्ष संचारी रोगों की रोकथाम हेतु व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 2022 में संचारी रोग नियंत्रण अभियान का प्रथम चरण प्रदेश के सभी जनपदों में अप्रैल 2022 में संचालित किया जा चुका है। इस अभियान के द्वितीय चरण की गतिविधियों का पुनः विस्तृत कार्य योजना बनाकर 1 जुलाई से 31 जुलाई तक चलाया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस बार फ्रंटलाइन वर्कर आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपने अपने क्षेत्रों में घूम कर जो सूची बनाएंगे। उसके अनुसार बुखार के रोगियों की सूची आई एल आई, क्षय रोग के लक्षण युक्त व्यक्तियों की सूची, कुपोषित बच्चों की सूची एवं क्षेत्र से ऐसे मकानों की सूची जहां घरों के भीतर मच्छरों का प्रजनन पाया जा रहा है। इन सभी का रिपोर्ट बनाकर ब्लॉक मुख्यालय पर निर्धारित प्रपत्र में उपलब्ध कराएंगे।

ग्रामीण क्षेत्रों में आशा, एएनएम द्वारा मातृ समूहों की बैठक, पानी को क्लोरीन टैबलेट के माध्यम से साफ करने का प्रदर्शन, हाथ धोने का प्रदर्शन, खुले में शौच से मुक्ति, गंदगी व कूड़े के ढेर की सफाई तथा कूड़े का उचित निस्तारण के सम्बन्ध में व्यापक जन जागरूकता के कार्यक्रम किये जायेंगे। ग्राम प्रधानों द्वारा इन कार्यक्रमों में पंचायत समितियों के पदाधिकारियों सहित प्रभावी कार्रवाई की जायेगी। साथ ही विद्यालयों में अध्यापकों द्वारा प्रार्थना सभा के समय छात्र छात्राओं को साफ-सफाई का महत्व, मच्छरों से बचने के उपाय, हर रविवार-मच्छर पर वार आदि विषयों की जानकारी दी जायेगी। संचारी रोगों का उपचार करने से ज्यादा जरूरी है कि संचारी रोगों की रोकथाम करते हुये उनसे बचाव किया जाये। समाज में संचारी रोगों के सम्बन्ध में पर्याप्त जानकारी तथा क्या करें-क्या न करें का प्रचार-प्रसार कर संचारी रोगों पर नियंत्रण किया जा सकता ।

इस कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर के के वर्मा, डीपीएम प्रभुनाथ ,डीसीपीएम अनिल वर्मा, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ विनय शंकर ,चाई के मणिशंकर ,डॉ के के सिंह,अर्बन कोऑर्डिनेटर अशोक ,ज्वाइंट डायरेक्टर डॉ दिग्विजय सिंह, यूनिसेफ के अजय उपाध्याय सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

पिता की पुण्यतिथि पर बेटे ने 50 टीबी रोगियों को लिया गोद

गाजीपुर। टीबी मुक्त भारत अभियान जिसके तहत साल 2025 तक पूरे देश को टीबी मुक्त करना है। जिसको लेकर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने टीबी रोगियों को जनपद स्तरीय अधिकारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों के द्वारा गोद लेने और उनके भरण-पोषण के साथ ही उनके दवा का ख्याल रखने का एक सर्कुलर जारी किया था। साथ ही आमजन से भी इन मरीजों को गोद लेकर इन्हें सुपोषित करने का आवाहन किया था। उसी आवाहन को लेकर मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कासिमाबाद पर अपने स्वर्गीय पिता सुरेंद्र सिंह यादव की स्मृति में उनके पुत्र अरविंद सिंह यादव के द्वारा ब्लॉक के 50 टीबी रोगियों को गोद लिया गया। उन्हें पोषण सामग्री वितरित किया गया।

अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ के के वर्मा ने बताया कि टीबी मुक्त भारत को लेकर शासन के द्वारा लगातार प्रयास जारी है। कई तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से 2025 तक क्षय रोग मुक्त भारत बनाने की कदम में मरीजों को पिछले दिनों राज्यपाल महोदय के द्वारा टीबी मरीजों को गोद लिए जाने का आवाहन किया गया था। इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कासिमाबाद पर 50 टीबी मरीजों को स्थानीय अरविंद सिंह यादव एवं संजय सिंह यादव के द्वारा अपने पिता स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह यादव की स्मृति में मरीजों को गोद लेकर उन्हें पोषण सामग्री वितरित किया गया। साथ ही यह वादा किया गया की वह मरीजों का आगे भी ध्यान रखेंगे।

इस कार्यक्रम में प्रभारी अधीक्षक डॉ सरफराज आलम, डॉ मिथिलेश कुमार सिंह जिला कार्यक्रम समन्वयक ,अनुराग पांडे ,,डीपी पी एम सी संजय प्रसाद ,दिनेश सिंह ,मनोज व अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

कर्मचारियों ने लिया नशा मुक्ति भारत अभियान के तहत शपथ

ग़ाज़ीपुर।हमारे देश में आजकल लोगों में नशे की आदत काफी बड़ी मात्रा में देखी जा रही है। यहां तक की युवा वर्ग भी नशे की चपेट में कुछ इस प्रकार से आ रहा है कि उन्हें नशे के अलावा कुछ दिखाई ही नहीं देता है।इसीलिए सरकार द्वारा लोगों को नशे से बचाने के लिए नशा मुक्त भारत अभियान को चालू किया गया है, जिसके अंतर्गत गवर्नमेंट लोगों को नशे से छुटकारा दिलाने के लिए काफी प्रयास कर रही है, परंतु सिर्फ गवर्नमेंट ही नहीं बल्कि हमें भी इसमें सहयोगी बनना होगा।इसी को लेकर आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्दबाद पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ उमेश कुमार ने शपथ दिलाया इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरतर व अन्य केंद्रों पर नशा मुक्ति अभियान के तहत शपथ दिलाया गया।
अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से नशा मुक्त भारत अभियान को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से पत्र आया था जिस के क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहमदाबाद के साथ ही अन्य कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर लगे आरोग्य मेला में शामिल कर्मचारियों ने इस अभियान के तहत शपथ ग्रहण नशा मुक्ति की शपथ लिया। उन्होंने बताया कि नशे की लत से न सिर्फ इंसान का जीवन बर्बाद होता है बल्कि यह जानलेवा होती है. यह लत न सिर्फ नशा करने वाले व्यक्ति बल्कि उसके परिवार और समाज को भी प्रभावित करती है. इसलिए इसे सिर्फ एक आदत के रूप में ही नहीं बल्कि एक बीमारी के रूप में परिभाषित किया जाता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने हमेशा नशे की लत की गंभीरता को लेकर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया।
नशे से दूरी बनाने के संबंध में बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि कि, नशा करने की शुरुआत सिर्फ शौकिया तौर पर होती है। इसीलिए अगर आपको कभी शौकिया तौर पर भी किसी भी प्रकार का नशा करने के लिए कहा जाए तो आपको साफ तौर पर उसके लिए मना कर देना है।
क्योंकि अगर आपको एक बार नशे की लत लग जाएगी तो आपको इससे निकलने में काफी टाइम लग जाएगा और हो सकता है कि आप नशे के इस प्रकार आदी हो जाएं कि आप अपना सारा काम धंधा भूल करके हमेशा नशे में ही डूबे रहे।
नशा करने से बचने के लिए आपको ऐसे लोगों के साथ किसी भी प्रकार का मेल मिलाप नहीं रखना चाहिए जो किसी भी प्रकार का नशा करते हैं क्योंकि नशे की स्टार्टिंग संगत से ही होती है। अगर आपकी संगत खराब है तो आप जल्दी नशे की गिरफ्त में आ जाएंगे। इसलिए आपको ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए जो नशे का सेवन करते हैं।
आपको ना तो कभी शौकिया तौर पर नशे का सेवन करना चालू करना चाहिए, ना ही कभी कबार। संक्षेप में कहें तो आपको अपने मन में यह निश्चय लेना चाहिए कि आप कभी भी अपने जीवन में नशे का सेवन नहीं करेंगे, साथ ही अन्य लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने का काम करेंगे और एक जिम्मेदार नागरिक होने का फर्ज निभाएंगे।

एम्बुलेंस में हुआ प्रसव,जच्चा और बच्चा स्वस्थ

ग़ाज़ीपुर।108 एंबुलेंस में इन दिनों लगातार प्रसव कराने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कारण की जब गर्भवती को जरूरत से ज्यादा दर्द बढ़ जा रहा है तब परिजन 108 एंबुलेंस के लिए कॉल कर रहे हैं। और फिर स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में ही प्रसव हो जा रहा है। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार को ग्राम पंचायत और औढारि ब्लॉक मनिहारी का था। जहां पर एंबुलेंस के लिए कॉल किया गया जिसके बाद तत्काल मौके पर पायलट और ईएमटी एंबुलेंस लेकर पहुंचे और गर्भवती को स्वास्थ्य केंद्र के लिए लेकर चले। लेकिन दर्द बढ़ जाने के कारण रास्ते में ही प्रसव कराना पड़ा।
108 एंबुलेंस के ब्लॉक प्रभारी दीपक राय ने बताया कि ग्राम पंचायत औढारि ब्लॉक मनिहारी की रहने वाली गर्भवती सरोज पत्नी तेज प्रताप की प्रसव पीड़ा की जानकारी देते हुए 108 एंबुलेंस की डिमांड की गई। जिसके बाद इमरजेंसी मेडिकल टेक्निकल रवि प्रताप और पायलट करीम अंसारी के द्वारा एंबुलेंस को लेकर बताए गए लोकेशन पर पहुंचे। जहां से गर्भवती को लेकर पास के स्वास्थ्य केंद्र के लिए चले लेकिन रास्ते में दर्द बढ़ जाने के कारण इमरजेंसी मेडिकल टेक्निकल रवि प्रताप सिंह और परिवार की महिलाओं के सहयोग से एंबुलेंस के अंदर ही महिला ने बच्चे को जन्म दिया। जिसके पश्चात महिला को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनिहारी ले जाया गया जहां पर डॉक्टरों ने जच्चा और बच्चा को दोनों को स्वस्थ बतलाया।

गाज़ीपुर में डीएम-एसपी सहित अन्य लोगों ने किया योग

गाजीपुर।मंगलवार को जिले में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस उल्लास के बीच मनाया गया। इस मौके पर जगह-जगह योग शिविर का आयोजन किया गया। पुलिस लाइन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में डीएम-एसपी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों-कर्मियों के साथ ही विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, नगरपालिका अध्यक्ष और छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। जिला प्रशासन एवं आयुष विभाग के संयुक्त तत्वावधान में पुलिस लाइन परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने किया।इस पर मौके पर पुलिस अधीक्षक रामबदन सिंह, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, अपर जिलाधिकारी वि.रा. अरूण कुमार सिंह, नगरपालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, डीआईओएस, एडीएम, कर्मचारी नेता अंबिका दुबे, विभिन्न स्कूल-कालेजों की छात्र-छात्राओं सहित लगभग चार हजार लोगों ने योगाभ्यास किया।इस मौके पर जिलाधिकारी ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति एवं परंपरा की एक अमूल्य देन है। इस उपभोक्तावादी समाज में जब व्यक्ति ने अपने आपको प्रतियोगी के बजाय प्रतिस्पर्धी बना लिया हो और अपने जीवन को यन्त्रवत ढाल लिया हो, ऐसी स्थिति में उसके जीवन में निराशा, अवसाद और बीमारियां लगातार घर करती जा रही है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय परंपरा एवं संस्कृति में छिपे इस अद्भुत दर्शन को न केवल वैश्विक रूप दिया, अपितु जन-जन के जीवन के अभिन्न अंग के रूप में स्थापित करने में भी मदद की।इस दिवस की महत्ता की सार्थकता को सिद्ध करने के लिए पूरे विश्व में योग दिवस का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व योग दिवस मना रहा है, इसका श्रेय हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जाता है। पीएम मोदी जी की सोच का दायरा इतना विस्तृत है कि उन्होंने मानवीय पहलू पर विचार करने के उपरांत ही योग दिवस की शुरूआत की।डीएम ने बताया कि योग से मानव किस तरह से अपने जीवन को सुरक्षित रख सकता है। आज की विषम परिस्थितियों में जब आदमी की सोच बदल गई है, खान-पान बदल गया है, रहन-सहन बदल गया है, इस भौतिकता के युग में हम पाश्चात्य संस्कृति को अपनाते जा रहे हैं, जो जीवन के लिए अत्यंत घातक है।योग दिवस हमें बतलाता है कि व्यक्ति को सूर्योदय के पूर्व उठना चाहिए, नियम, संयम को अपने जीवन में अत्यधिक महत्व देना चाहिए, तभी व्यक्ति स्वस्थ्य रह सकता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस एक ऐसा मौका था, जब जनप्रतिनिधि, जिले भर के अधिकारी और आम नागरिकों ने एक साथ योगाभ्यास किया।
इसमें जनपद के कुशल योग प्रशिक्षक रूद्र तिवारी, नम्रता तिवारी, धीरज एवं जयप्रकाश ने सामूहिक प्रार्थना के बाद कॉमन योग प्रोटोकॉल की ग्रीवा शक्ति, शक्ति एवं घुटना शक्ति विकासक क्रियाओं, ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, भद्रासन, वज्रासन, उष्ट्रासन, उत्तान मंडूकासन, मकरासन, भुजंगासन, शलभासन, सेतुबंधासन,उत्तानपादासन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन एवं सवासन सहित कपालभाति नाड़ी शोधन प्राणायाम शीतली प्राणायाम भ्रामरी प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराते हुए प्रतिदिन योगाभ्यास का संकल्प दिलाया।साथ ही इन योगासनों के शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों और निरोगी काया के लिए इनके महत्व को रेखाकिंत किया। कार्यक्रम का सफल संयोजन क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी आनंद विद्यार्थी ने किया।इस कार्यक्रम संचालन नेहरू युवा केंद्र के लेखा एवं कार्यक्रम सहायक सुभाष चन्द्र प्रसाद ने किया।