डॉ देश दीपक पाल ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी का किया पदभार ग्रहण
ग़ाज़ीपुर। शासन के निर्देश पर 28 जून को प्रदेश के कई जनपदों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी का ट्रांसफर हुआ था। जिस के क्रम में गाजीपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरगोविंद सिंह का तबादला एडी आजमगढ़ के पद पर हुआ था। हरदोई में जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ देश दीपक पाल गाजीपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी बनाए गए थे। सोमवार को नवागत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल ने कार्यालय में अपना पदभार ग्रहण किया। इस मौके पर उनका स्वागत संविदा कर्मचारी एसोसिएशन, मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन,, फार्मासिस्ट एसोसिएशन के साथ ही सभी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा किया गया।
गाजीपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ हरगोविंद सिंह ने शनिवार को सीएमओ कार्यालय परिसर से संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जन जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली में अधिकारी सहित स्वास्थ्यकर्मियों व आशा कार्यकर्ताओं ने संचारी रोगों को नियंत्रित करने और उनसे बचाव के लिए जनमानस को संदेश दिये। सीएमओ डॉ सिंह ने कहा कि बरसात का मौसम अपने साथ कई बीमारियाँ लेकर आता है। इस माह के दौरान सबसे ज्यादा जोर साफ-सफाई पर रहेगा, क्योंकि गन्दगी और जलभराव से मच्छर और तमाम तरह के कीट व वेक्टर पनपते हैं जो संचारी यानी संक्रामक रोंगों का कारण बनते हैं। संक्रमण के कारण डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार जैसे संचारी रोग उत्पन्न होते हैं। यह एक से दूसरे व्यक्ति में फैलती हैं। इसको ध्यान में रखते हुए जुलाई माह को संचारी रोग नियंत्रण माह के रूप में मनाया जा रहा है। इस अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित 14 विभागों से समन्वय स्थापित कर मच्छर जनित रोगों पर नियंत्रण व प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। संचारी रोगों की रोकथाम के लिए सभी विभागों को एक साथ होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शहर में नगर पालिका के कर्मी प्रतिदिन में छिड़काव और फोगिंग का कार्य करेंगे। ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत राज विभाग की ओर से एंटी लार्वा छिड़काव आदि स्रोत विनष्टीकरण का कार्य किया जाएगा जिससे जनपद में संचारी रोगों को नियंत्रित किया जा सके।
एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ जेएन सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग समेत सभी विभागों ने अपनी कार्ययोजना तैयार कर ली है। संचारी रोगों पर काबू पाने के लिए पूरे माह में जन जागरूकता कार्यक्रमों, गतिविधियों व स्रोत विनाष्टीकरण का कार्य किया जायेगा। अभियान में सर्दी, बुखार, खांसी वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर उनकी जांच कराई जाएगी। पॉज़िटिव आने पर तुरंत उपचार पर रखा जाएगा। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने बताया कि इस माह के दौरान डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि संचारी व संक्रामक बीमारियों पर प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए लोगों को अपने घरों में साफ-सफाई, कचरा निस्तारण, जलभराव रोकने, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता आदि पर जागरूक किया जायेगा। उन्होंने कहा कि संचारी रोगों से बचाव के लिए बुजुर्गाे, गर्भवती महिलाओं तथा खासकर बच्चों के मामले में ज्यादा सचेत रहने की जरूरत है। दरअसल बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है लिहाजा बरसात के मौसम में बच्चों को पूरे कपड़े पहनाएं। शरीर ढककर रखें। बासी खाना न खाएं। स्वच्छ व साफ जल पिएं। मौसमी फलों का सेवन व स्वस्थ व संतुलित आहार लें। जंक फ़ूड खाने से परहेज करें। रात में सोने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें। गन्दगी वाली जगह पर जाने से रोकें।
इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ आनंद मिश्रा, डीआईओएस डॉ आलोक नाथ तिवारी, डीपीओ दिलीप कुमार पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ एसके रावत, एसीएमओ डॉ जेएन सिंह, डॉ मनोज सिंह, डॉ सुजीत कुमार मिश्रा, डीएमओ मनोज कुमार, डब्ल्यूएचओ एसएमओ डॉ विनय शंकर, यूनिसेफ क्षेत्रीय समन्वयक प्रदीप विश्वकर्मा एवं नगर पालिका के कर्मी फोगिंग व छिड़काव मशीन के साथ मौजूद रहे।
गाजीपुर। जिले में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम 10 अगस्त से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए शासन एवं स्वास्थ्य विभाग काफी सक्रिय है और तैयारियों में जुटे हैं। इसी क्रम में बुधवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय बैठक राइफल क्लब के सभागार कक्ष में आयोजित हुई। सीडीओ ने कहा कि राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जनपद के समस्त ब्लॉकों में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सर्वजन दवा वितरण (एमडीए) कार्यक्रम 10 अगस्त से संचालित किया जाएगा। इसमें आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन अपने समक्ष कराएंगी। उन्होंने अपील की है कि फाइलेरिया से बचने के लिए हर साल चलने वाले एमडीए राउंड के दौरान दवा का सेवन अवश्य करें। इस दवा का सेवन दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर बीमार को छोड़कर सभी को करना है। सीडीओ ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर प्रयास करें। प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस एमडीए राउंड में जनपद की करीब 85 प्रतिशत लक्षित आबादी को फाइलेरिया बीमारी से बचाव के लिए उम्र के अनुसार एमडीए दवा का सेवन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समक्ष कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस दवा का सेवन दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर बीमार को छोड़कर सभी को करना है। लगातार पांच वर्षों तक साल में एक बार दवा खाने से इस बीमारी के होने से रोकने या नियंत्रित करने में मदद मिलती है। एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ जेएन सिंह ने बताया कि अभियान शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षक, ग्राम प्रधान, नगर पालिका व नगर पंचायत कर्मियों को शुक्रवार से प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एमडीए की दवा फाइलेरिया के परजीवियों को नष्ट करने के साथ पेट के अन्य कीड़ों व समस्याओं को दूर करने में भी मदद करती हैं। इसलिए सभी लोग इस दवा का सेवन करें जिससे वह इस बीमारी से बच सकें। दो साल से कम आयु के बच्चों, गर्भवती और गंभीर रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को इन दवाओं का सेवन नहीं करना है। दवा को चबाकर खाना है। खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है। जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने बताया कि एमडीए दवा का सेवन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित आईसीडीएस, पंचायती राज व ग्राम विकास, जिला विधालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, आपूर्ति, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, आजीविका, आईएमए, सूचना अधिकारी आदि का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, पाथ, पीसीआई, सीफार, चाई व अन्य स्थानीय संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। डीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होती है। यह बीमारी मुख्यतः व्यक्ति के शरीर के चार अंगों जैसे पैर, हाथ, अंडकोष और महिलाओं का स्तन को प्रभावित करती है। शुरुआत में इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं देते हैं। इसके लक्षण दिखने में 10 से 15 साल लगते हैं। इसलिए सभी को फाइलेरिया की दवा खाना बेहद जरूरी है। जिससे उचित समय पर ही इसकी रोकथाम की जा सके। सहायक मलेरिया अधिकारी राम सिंह ने बताया कि फाइलेरिया की जाँच रात के समय होती है। जांच के लिए रक्त की स्लाइड रात में बनायी जाती है, क्योंकि इसके परजीवी दिन के समय रक्त में सुप्तावस्था में होते हैं और रात के समय सक्रिय हो जाते हैं। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (पुरुष व महिला), समस्त एसीएमओ, अंधता निवारण, क्षय रोग, कुष्ठ रोग, मलेरिया व सर्विलान्स अधिकारी, जिला आपूर्ति, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, सूचना, बेसिक शिक्षा व अन्य विभागों के अधिकारी, आईएमए अध्यक्ष, डीपीएम, सहायक मलेरिया अधिकारी सहित यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ, पाथ, पीसीआई, सीफार, चाई संस्था के जिला प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
ग़ाज़ीपुर। 102 और 108 एंबुलेंस उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं में चलाए जाने वाली महत्वकांक्षी योजना है। जिसके माध्यम से आमजन को निशुल्क सुविधा दी जाती है। गुरुवार की देर शाम बिरनो ब्लाक के ग्राम मदनपुर से एक फोन कॉल आया और बताया गया कि गर्भवती को प्रसव पीड़ा है। और उसके बाद बताए गए लोकेशन पर इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन व पायलट क्विक रिस्पांस करते हुए पहुंचे। गर्भवती को लेकर स्वास्थ्य केंद्र के लिए चलें लेकिन अधिक प्रसव पीड़ा होने के कारण रास्ते में ही एंबुलेंस को रोककर आशा कार्यकर्ता और ईएमटी के सहयोग से एंबुलेंस में प्रसव कराया गया। जहां पर गर्भवती ने कन्या को जन्म दिया। 102 और 108 एंबुलेंस के प्रभारी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि गुरुवार की देर शाम करीब 6 बजे के आसपास गर्भवती के प्रसव पीड़ा को लेकर एक फोन काल आया। उसके बाद बताए गए लोकेशन पर ईमरजैंसी मेडिकल टेक्निशियन अनिल यादव और एंबुलेंस पायलट मुन्ना यादव बताए गए लोकेशन पर पहुंचे। जहां पर रितु यादव पत्नी योगेंद्र यादव उम्र 29 को 102 एंबुलेंस से स्वास्थ्य केंद्र के लिए लेकर चले। लेकिन रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ जाने के कारण एंबुलेंस को रास्ते में ही रोककर आशा कार्यकर्ता रंजना और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन अनिल यादव के साथ परिवार की महिलाओं के सहयोग से एंबुलेंस के अंदर कराया गया। महिला ने कन्या को जन्म दिया इसके बाद एंबुलेंस को पारा उप उप केंद्र पर जच्चा बच्चा का मेडिकल जांच कराया गया। और उसके पश्चात जच्चा-बच्चा को उसके घर पर छोड़ा गया।
एंबुलेंस के पायलटों को सम्मानित कर मनाया गया विश्व पायलट दिवस
ग़ाज़ीपुर। 26 मई का दिन विश्व पायलट दिवस के रूप में मनाया जाता रहा है। इसी को लेकर शुक्रवार को जिला अस्पताल स्थित 102 और 108 एंबुलेंस के कार्यालय पर एंबुलेंस में कार्यरत पायलट को सम्मानित करने के साथ ही बेहतर कार्य करने वाले पायलट को सराहना पत्र जिला प्रभारी संदीप चौबे के द्वारा देकर एंबुलेंस पायलटों का हौसला अफजाई किया गया। जिला प्रभारी दीपक राय ने बताया कि साल 2012 से जनपद में 108 एंबुलेंस की सेवा निशुल्क रूप से चलाई जा रही है। इस सेवा को आमजन तक पायलट कड़ी मेहनत कर लेकर जाता है। फिर उन्हें पास के स्वास्थ्य केंद्र तक लाकर उसकी जिंदगी बचाने का काम करता है। ऐसे पायलटों का समय-समय पर विभाग के द्वारा हौसला अफजाई किया जाता है। लेकिन 26 मई जो विश्व पायलट दिवस के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में यह दिन पायलटों के लिए खास होता है । जिसके लिए शुक्रवार को समस्त 102 और 108 एंबुलेंस के पायलटों का सम्मान कर उन्हें विभाग के द्वारा सराहना पत्र दिया गया। तुर्की का एक युवा पायलट था जिसका नाम फेसा एवरेंसेव था। फेसा ने आज ही के दिन 1912 में पहली उड़ान भरी थी। अगर बात करें फेसा की तो फेसा का जन्म तुर्की के इस्तांबुल में हुआ था। फेसा का हमेशा से ही सपना था कि वो सैन्य करियर बनाएं। इसके लिए उन्होंने सैन्य अकादमी को जॉइन किया और कैवेलरी लेफ्टिनेंट के तौर पर स्नातक पूरा किया। फेसा ने अपने पूरे करियर के दरमियान तुर्की एयरोनॉटिकल एसोसिएशन के अंदर अलग- अलग पदों पर काम किया। इसकी वजह से वो विमानों की दुनिया में काफी पॉपुलर हो गए थे। बस फेसा के योगदान को देखते हुए ही टर्किश एयरलाइंस पायलट्स एसोसिएशन ने 26 अप्रैल को पायलट दिवस के रूप में स्थापित किया। आज के इस कार्यक्रम में अखंड प्रताप सिंह, शिवम सिंह ,,आशुतोष मिश्रा के साथ ही पायलट व अन्य लोग मौजूद रहे।
बेहतरीन काम करने के लिए एंबुलेंस कर्मियों का हुआ सम्मान
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा आमजन को निशुल्क स्वास्थ्य सुविधा देने का लगातार दावा किया जाता है। इसी के क्रम में 102 एंबुलेंस जो आधी आबादी के स्वास्थ्य सुविधा के लिए उनके घर से अस्पताल और अस्पताल से उनके घरों तक पहुंचाने का काम पायलट और ईमटी के माध्यम से किया जाता है। जिसके चलते जनपद में 102 एंबुलेंस के पायलट और ईमटी के क्विक रिस्पांस के चलते कई गर्भवती का सफल डिलेवरी एंबुलेंस के अंदर भी कराया गया। बहुत सारे गर्भवती का डिलीवरी पास के स्वास्थ्य केंद्र और जिला महिला अस्पताल में भी कराया गया। सब के कार्यों को देखते हुए जनपद में 102 एंबुलेंस में बेहतर कार्य करने वाले ईमटी और पायलट व अन्य को मंडल प्रभारी सुमित कुमार दुबे और जिला प्रभारी दीपक राय और प्रोजेक्ट मैनेजर संदीप चौबे के द्वारा बुधवार को जिला अस्पताल स्थित कार्यालय में सम्मानित किया गया। जिला प्रभारी दीपक राय ने बताया कि जनपद में मौजूदा समय में 108 एंबुलेंस की संख्या 42 और 102 एंबुलेंस की संख्या 37 है। इन्हीं एंबुलेंस के माध्यम से कॉल सेंटर पर कॉल करने के बाद हेल्प डेस्क पर कार्यरत कर्मी की सटीक सूचना पर क्विक रिस्पांस करते हुए ईमटी और पायलट बताए गए लोकेशन पर पहुंचते हैं। वहां से गर्भवती व अन्य को रेस्क्यू करते हुए पास के अस्पताल या जिला अस्पताल तक पहुंचाते हैं। ऐसे ही 102 एंबुलेंस तीन कर्मी को मंडल प्रभारी सुमित कुमार दुबे के द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में हेल्प डेस्क इंचार्ज बंदना, पायलट प्रमोद और पायलट मनोज कुमार मौर्य शामिल रहे। उन्होंने बताया कि इस तरह क सम्मान करने के पीछे मुख्य उद्देश्य शासन के द्वारा दी गई सुविधा का शत प्रतिशत लोगों को लाभ मिले। साथ ही कर्मियों के कार्यों में और गुणवत्ता आए जिससे सीख ले कर अन्य पायलट ईमटी व अन्य कर्मी बेहतर करने का कार्य करें।
विश्व मलेरिया दिवस को लेकर लोगों को किया गया जागरूक
ग़ाज़ीपुर। दुनिया भर में विश्व मलेरिया दिवस 25 अप्रैल को मनाया जाता है। इस दिन को मनाने की शुरुआत वर्ष 2007 से की गई थी। इसी को लेकर मंगलवार को जनपद में भी विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। इसी कड़ी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद और हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर एवं उप केंद्रों पर विश्व मलेरिया दिवस के रूप में मनाते हुए जन जागरूकता का कार्यक्रम किया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद के चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि साल 2007 से विश्व मलेरिया दिवस का आयोजन किया जा रहा है इसी को लेकर आज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहनदाबाद और उसके अंतर्गत चलने वाले हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर एवं उप केंद्रों पर मलेरिया से लोगों को जागरूक करने के बारे में जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इस दिवस को मनाने का मकसद मलेरिया के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाना है। हर साल की तरह इस वर्ष भी मलेरिया दिवस हेतु एक खास थीम यानी मलेरिया से लडने के लिए तैयार रखी गई है। इसका मकसद लोगों को मलेरिया से निपटने के लिए तैयार कर जागरूक करना। मलेरिया मादा मच्छर ऐनाफेलीज के काटने से होता है।। बरसात के मौसम या वातावरण में नमी होने पर मलेरिया के मच्छर पनपने लगते है, और बीमारी फैलाते हैं। बुखार, सिर दर्द,उल्टी, ठंड लगना , थकान होना , चक्कर आना पेटों में दर्द रहना ये सब मलेरिया के कुछ सामान्य लक्षण है। आम तौर पर मलेरिया दो सप्ताह में ठीक हो जाता है । परन्तु बिमारी को नजरंदाज करना रोगी के लिए ख़तरनाक हो सकते है । मलेरिया होने पर मरीज को अपने खान-पान पर विशेष ध्यान रखना चाहिए। जैसे कार्बोहाइड्रेट से भरपूर आहार ले जैसे साबुत अनाज, बाजरा क्योंकि ये आहार जल्दी से शरीर को एनर्जी देते हैं। प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ का सेवन बढ़ा दें । अपने शरीर को हाइड्रेट करे। तरल पदार्थ जैसे गन्ने का रस, नारियल पानी, ताजे फलों का रस, नींबू पानी, सूप जैसी चीजें पिये ,पीने के पानी को उबालकर कर पीये। क्योंकि इसमें के बैक्टीरिया उबलने से मर जाते है ।तरल पदार्थ युरीन के रास्ते से शरीर में विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालते है। मलेरिया से बचाव हेतु हमें सदैव सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करना चहिए , घर के दरवाज़े एवं खिड़कियों पर जाली लगवाकर रखें ताकि मच्छर अंदर न आ सके घर के अंदर मासकिटो जलाए कीटनाशकों का छिड़काव कराये, पुरे बाजु के कपड़े पहने रात को शरीर ढका हुआ हो। घर के अन्दर की सफाई रखें तथा ऐसे स्थान जहां पानी इकट्ठा हो उसे नियमित साफ रखें। जिससे मच्छर पैदा न हो सके। कार्यक्रम में ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार, सीएचओ सितमा यादव, फार्मासिस्ट इमरान, कृष्ण कुमार, अजय राय इत्यादि क्षेत्रीय आशा ,एएनएम एवं सीएचओ रही।
बेहतर मैनेजमेंट को लेकर सम्मानित हुए डॉ एस के मिश्रा एवं प्रवीण उपाध्याय
गाजीपुर।नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत ई विन प्रशिक्षण कार्यशाला लखनऊ में यूएनडीपी के सहयोग से 17 से 20 अप्रैल तक किया गया। इस कार्यशाला में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ सुजीत कुमार मिश्रा ने प्रतिभाग किया। जिसमें विभिन्न पर विस्तार से अभिमुखीकरण प्रदान किया गया। साथ ही इस कार्यशाला में यूएनडीपी के प्रवीण उपाध्याय भी शामिल रहे। वर्कशॉप में वैक्सीन मैनेजमेंट एवं कोबिड बीमारी प्रबंधन एवं वैक्सीन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जनपद के अधिकारी भी शामिल रहे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एमडी एनएचएम अपर्णा यू के द्वारा किया गया। इस दौरान उनके द्वारा बेहतर कार्य करने वाले जिले के प्रबंधकों को मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया गया।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ सुजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि नियमित टीकाकरण को लेकर वैक्सीन की मैनेजमेंट किए जाने के साथ ही इन दिनों बढ़ रहे कोविड-19 के मामले को देखते हुए लखनऊ में वर्कशॉप का आयोजन किया गया था। जहां पर एनएचएम एमडी अपर्णा यू के द्वारा कई तरह के निर्देश दिए गए। इस दौरान बेहतर मैनेजमेंट को लेकर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एस के मिश्रा एवं प्रवीण उपाध्याय को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डीजी वेलफेयर डॉ रेनू श्रीवास्तव, एडी प्रतिरक्षण डॉ संदीप श्रीवास्तव, डॉ अजय गुप्ता, जीएमआरआई डॉ मनोज शुक्ला और यूएनडीपी के अधिकारी मौजूद रहे।
नियमित टीकाकरण वैक्सीन के बेहतर मैनेजमेंट को लेकर सम्मानित हुए डॉ एस के मिश्रा एवं प्रवीण उपाध्याय
गाजीपुर। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत ई विन प्रशिक्षण कार्यशाला लखनऊ में यूएनडीपी के सहयोग से 17 से 20 अप्रैल तक किया गया। इस कार्यशाला में जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ सुजीत कुमार मिश्रा ने प्रतिभाग किया। जिसमें विभिन्न पर विस्तार से अभिमुखीकरण प्रदान किया गया। साथ ही इस कार्यशाला में यूएनडीपी के प्रवीण उपाध्याय भी शामिल रहे। वर्कशॉप में वैक्सीन मैनेजमेंट एवं कोबिड बीमारी प्रबंधन एवं वैक्सीन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जनपद के अधिकारी भी शामिल रहे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता एमडी एनएचएम अपर्णा यू के द्वारा किया गया। इस दौरान उनके द्वारा बेहतर कार्य करने वाले जिले के प्रबंधकों को मोमेंटो देकर सम्मानित भी किया गया।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ सुजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि नियमित टीकाकरण को लेकर वैक्सीन की मैनेजमेंट किए जाने के साथ ही इन दिनों बढ़ रहे कोविड-19 के मामले को देखते हुए लखनऊ में वर्कशॉप का आयोजन किया गया था। जहां पर एनएचएम एमडी अपर्णा यू के द्वारा कई तरह के निर्देश दिए गए। इस दौरान बेहतर मैनेजमेंट को लेकर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ एस के मिश्रा एवं प्रवीण उपाध्याय को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में डीजी वेलफेयर डॉ रेनू श्रीवास्तव, एडी प्रतिरक्षण डॉ संदीप श्रीवास्तव, डॉ अजय गुप्ता, जीएमआरआई डॉ मनोज शुक्ला और यूएनडीपी के अधिकारी मौजूद रहे।
गाजीपुर। नगर निकाय चुनाव को सकुशल निष्पक्ष, शान्तिपूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराये जाने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने भारी पुलिस फोर्स के साथ विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रो का स्थलीय निरीक्षण किया एवं मतदान केन्द्रो का जायजा लिया। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने नगर पंचायत बहादुरगंज एंव नगर पालिका जमांनियां का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होनेे नगर पं0 बहादुरगंज के शहरी क्षेत्र का पैदल गस्त किया एवं मतदान केन्द्र फिजा मेरी सिटी इंगलिश स्कूल का निरीक्षण करते हुए चुनाव सम्बन्धित व्यवस्था का जायजा लेते हुए क्षेत्र के लोगों से आचार संहिता का पालन करने एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने की अपील की। तत्पश्चात उन्होने नगर पालिका जमानिया तहसील मे बनाये गये नामांकन स्थल का निरीक्षण कर सारी व्यवस्थाए देखी एवं अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। मौके पर उपजिलाधिकारी जमानियां, तहसीलदार जमानियां एवं कासिमाबाद, क्षेत्राधिकारी जमानियां एवं कासिमाबाद एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।