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मानक पूरा नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई

3 दिनों में पूरा करें मानक नहीं तो होगी कार्रवाई

गाजीपुर। जनपद में चल रहे अवैध अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य मंत्री व डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के द्वारा ट्वीट कर ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं । जिस के क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ऐसे अस्पतालों की जांच कर कार्रवाई के लिए टीम बना दिया है। और टीम लगातार कार्यवाही करने का दावा कर रहा है। सैदपुर तहसील में चल रहे ऐसे अस्पतालों को तीन दिवस के अंदर मानक पूरा करने का निर्देश सैदपुर के एसडीएम ने दिया है। अन्यथा की दशा में उनके ऊपर कार्रवाई की जाएगी।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवकली के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसके सरोज ने बताया कि गुरुवार को सैदपुर के एसडीएम ओम प्रकाश गुप्ता के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवकली पर एक बैठक की गई। जिसमें ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एसडीएम ने रणनीति बनाई है। जिसके तहत क्षेत्र में चलने वाले सभी निजी अस्पतालों को अगले 3 दिन में मानक को पूर्ण कर लेने का निर्देश दिया गया है। मानक ना पूरा करने वाले चिकित्सालय के खिलाफ आगामी दिनों में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सुभाष सिंह यादव ,बीपीएम प्रदीप सिंह के साथ है अन्य लोग मौजूद रहे।

डेंगू के बीमारी से बचना है तो करें यह काम

गाजीपुर। जनपद में डेंगू से बचाव हेतु सभी चिकित्सालय को सतर्क रखा गया है। इस क्रम में विगत दिनों राजकीय चिकित्सालय एवं निजी पैथोलॉजी से डेंगू संदिग्ध मरीजों के सैंपल नियमानुसार पुष्टि हेतु आई०एम०एस०बी०एच०यू प्रेषित किए जा रहे हैं। अब तक भेजे गए 82 सैंपल में से 75 के परिणाम प्राप्त हो गए हैं, जिसमें जनपद के 50 रोगियों में डेंगू धनात्मक की पुष्टि हुई है। सभी मरीज उपचार के पश्चात स्वस्थ हैं। जनपद के बाहर के चिकित्सालयों में उपचार हेतु गए मरीजों में से 19 मरीजों के डेंगू धनात्मक होने की सूचना प्राप्त हुई है। इस प्रकार जनपद में अब तक कुल 69 मरीज डेंगू धनात्मक पाए गए हैं। सभी मरीजों की स्वास्थ्य के निरंतर निगरानी करते हुए निरोधात्मक कार्यवाही कराई जा रही है। अब 7 मरीजों के सैंपल जो कल भेजे गए हैं उनके परिणाम लंबित हैं। सभी चिकित्सालयों में जांच एवं उपचार के पर्याप्त व्यवस्था की गई है। त्योहारों के दौरान बाहर से आने वाले जनपद वासियों की आशा के द्वारा निगरानी हेतु सभी चिकित्सा अधीक्षक को पूर्व में निर्देशित किया जा चुका है कि यदि किसी भी व्यक्ति में डेंगू के लक्षण प्रतीत हो तो उनको तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संदर्भित किया जाए। आम जनता से भी अपील है की डेंगू के लक्षण जिसमें तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और उल्टी आदि की शिकायत हो तो घबराएं नहीं अति शीघ्र नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार कराए। प्लेटलेट्स का कम होना डेंगू का कोई लक्षण नहीं है अन्य वायरल बीमारियों में भी प्लेटलेट्स कम हो सकता है जोकि बीमारी दूर होने से अपने आप बढ़ जाता है। आम जनता से यह भी अपील है कि पूरे दिन अपने शरीर को ढक कर रखें तथा घरों के अंदर तथा आसपास कहीं भी किसी भी प्रकार के बर्तन, टायर, ट्यूब, कंटेनर, प्लास्टिक के सामान कूलर फ्रिज के कंडेंसेशन प्लेट में पानी इकट्ठा ना होने दें तथा उनकी नियमित सफाई करें। याद रखें डेंगू फैलाने वाले मच्छर हमारे घरों के अंदर अंधेरे वाली जगह में ही रहते हैं और दिन में काटते हैं। यदि किसी को भी बुखार हो वह दिन में भी मच्छरदानी लगाकर सोए एवं पर्याप्त मात्रा में सुपाच्य भोजन करें। डेंगू के उपचार हेतु कोई विशेष दवा अथवा वैक्सीन नहीं है सिर्फ बुखार कम करने के लिए पैरासीटामोल का चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार प्रयोग करना चाहिए। डिस्प्रिन अथवा आईबीब्रुफेन का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। डेंगू स्वतः एक सप्ताह में ठीक हो जाने वाली बीमारी है। अत्यधिक प्रसार वाले जनपदों-प्रयागराज जौनपुर वाराणसी लखनऊ आदि की यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें।

राज्यमंत्री ने किया मेले का उद्धघाटन, बताया आयुर्वेद का महत्व

गाजीपुर। रविवार को सिधौना ग्राम सभा के प्राथमिक विद्यालय पर हर दिन हर घर आयुर्वेद 2022, सप्तम आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष में आयुष स्वास्थ्य मेगा इवेंट एवं आयुष स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री आयुष ,खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एमओएस) डॉ. दयाशंकर मिश्र ( दयालु ) ने किया। मंत्री ने कैंप का उद्घाटन फीता काटकर किया। सर्वप्रथम मंत्री ने धन्वंतरी भगवान का दीपोत्सव किया तत्पश्चात गांव में स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना की। इस दौरान मंत्री का स्वागत क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉक्टर शिव दुलार यादव, पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ आनंद विद्यार्थी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी वाराणसी डॉक्टर भावना द्विवेदी, मंडली यूनानी अधिकारी डॉ नियाज जिला अहमद, जिला होम्योपैथ अधिकारी डॉक्टर संपूर्णानंद गुप्ता ने माल्यार्पण व शाल पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री ने अपने संम्बोधन में आयुर्वेद को अथर्ववेद का उपवेद एवं ब्रह्मा जी के मुख से निकली विद्या बताया। उन्होंने कहा की महर्षि चरक एवं महर्षि धन्वंतरि ने काशी में जन्म लिया और आयुर्वेद को आगे बढ़ाया। उन्होंने महर्षि सुश्रुत को शल्य चिकित्सा का जनक बताते हुए आयुर्वेद, योग, होम्योपैथी यूनानी के महत्व को बताते हुए स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का अनुरोध किया तथा जिले में स्थित चिकित्सालयों के बारे में जानकारी दी कि आप वहां पर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। इस अवसर पर मंत्री ने योग प्रशिक्षण शिविर का फीता काटकर उद्घाटन किया तथा योग प्रशिक्षकों को माल्यार्पण कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में , योग प्रशिक्षक रूद्र प्रकाश तिवारी, विनय कुमार गुप्ता, नम्रता तिवारी, रामविलास राम ,अवधेश चौहान ने योग सिखा कर कर योग के महत्व को अपने स्वस्थ जीवनशैली में अपनाने हेतु प्रेरित किया। हजारों की संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य शिविर का लाभ लिया तथा किसानों को निशुल्क बीज एवं औषधि पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में अन्य जिलों से भी चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बिंदेश्वरी सिंह ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी, डॉ रजनीश यादव, डॉ राजेश गुप्ता, डॉ दिलीप कुमार, समीक्षा बरनवाल, डॉ मोनिका गुप्ता, डॉ अतुल अग्रवाल, रेनू पटेल फार्मासिस्ट एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने बांटी दीपावली की खुशियां

टीबी मरीजों को पोषण सामग्री के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष ने बांटी दीपावली की खुशियां

गाजीपुर। 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का सपना प्रधानमंत्री के द्वारा देखा गया है। जिसको लेकर इन दिनों टीबी मुक्त भारत अभियान भी चल रहा है। इसी के तहत टीबी के मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण की देखरेख करने की जिम्मेदारी का कार्यक्रम चल रहा है। जिसको लेकर जनपद में जिला पंचायत अध्यक्ष के द्वारा पिछले दिनों से 21 टीबी मरीजों को गोद लिया गया था । उन मरीजों को दूसरी बार पोषण सामग्री के साथ ही साथ उन्हें दीपावली की मिठाई वितरित कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी गई।

जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान जो प्रधानमंत्री का 2025 का सपना है। अगर हमारे जनपद में सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा और हमारे जनप्रतिनिधि इस महा अभियान में अपनी सहभागिता निभाते रहें तो हम 2024 तक गाजीपुर को टीबी मुक्त करने में सफल हो जाएंगे । इसी को लेकर मेरे द्वारा जिन मरीजों को गोद लिया गया है। उनको आज दूसरे महीने का पोषण सामग्री वितरित करने के साथ उनके दीपावली की खुशियों में चार चांद लगाने के लिए मिष्ठान और फल भी दिया गया है । ताकि वह अपने आपको समाज से कहीं अलग न समझे। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि व पति पंकज सिंह चंचल भी मौजूद रहे । उन्होंने मरीजों से बातचीत करते हुए कहा कि यदि आप लोगों को कभी भी दवा, पोषण सामग्री या फिर विभाग के द्वारा किसी भी तरह की परेशानी आती है तो उसके लिए हमारे कार्यालय की तरफ से जो फोन आप लोगों को जाता है उस पर आप अपनी समस्या बताएं। जिसका निराकरण मेरे द्वारा तत्काल कराने का कार्य किया जाएगा।

जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथिलेश सिंह ने बताया कि जनवरी 2022 से अब तक कुल 2837 क्षय रोग के मरीज हैं। स्टेट द्वारा माह जनवरी 2022 से माह दिसम्बर तक का जनपद गाजीपुर का टी बी मरीजों को खोजने का लक्ष्य 5 हजार का है। जिनमें कुल अब तक गोद लिए गए मरीजों की संख्या 1108 है। गोद लेने वालों में जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, पूर्व जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी,जिला क्षय रोग अधिकारी, पीजी कॉलेज के प्रबंधक, राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य के साथ अन्य कई संभ्रांत लोगों ने टीबी मरीजों को गोद लेकर प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने का काम कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम में डीटीओ डॉ मनोज सिंह, अनुराग कुमार पांडे, सुनील कुमार वर्मा , वेंकटेश प्रसाद शर्मा ,संजय सिंह यादव, श्वेताभ गौतम, रविप्रकाश सिंह,शुभम दुबे, अरविन्द कुमार, अमन आर्या, अश्विनी कुमार तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

164 को आयुष्मान कार्ड, 354 का इलाज

स्वास्थ्य मेले में 164 आयुष्मान कार्ड वितरण के साथ ही 354 मरीजों का हुआ इलाज

गाजीपुर। आयुष्मान भारत योजना जिसके तहत लाभार्थी को 5 लाख तक का निशुल्क इलाज दिया जाता है। जिसके लिए आयुष्मान कार्ड बनाया जाना अनिवार्य है। जिसके लिए लगातार कैंप लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।इसी कड़ी में मोहम्मदाबाद ब्लाक के ग्राम सभा कोठियां में एक स्वास्थ्य मेले का आयोजन गुरुवार को किया गया।जिसमें 164 लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किया गया। वही 354 मरीजों का इलाज भी किया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि स्वास्थ्य मेले में सभी प्रकार की आवश्यक जांच एवं औषधीयो का वितरण चिकित्सकीय परामर्श के पश्चात किया गया। मेले में हिमोग्लोबिन जांच, बल्ड प्रेशर, एल्बुमिन, प्रोटीन, एच आई वी, मलेरिया, डेगु , बच्चों का टिकाकरण, कोविड वैक्सीनेशन के साथ साथ मोतियाबिंद के मरीजों की पहचान किया गया। मेले में कुल 354 मरीजों को उचित उपचार एवं दवा वितरण के साथ कुल 64 मोतियाबिंद मरीजों की स्क्रीनिंग भी किया गया।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी के द्वारा कुल 164 पात्रों को आयुष्मान कार्ड वितरित किया गया। इस दौरान मेले में लगे सभी स्टालों का अवलोकन उपजिलाधिकारी के द्वारा करते हुऐ प्रत्येक व्यक्ति तक हर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने को कहा।

इस कार्यक्रम में डा0 आर के वर्मा, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार, बीडीए कृष्ण कुमार सिंह, इकरम गांधी, आशा सिंह ,रंजना, सीएचओ चंदा,नेहा, फार्मासिस्ट अजय कुमार, आपटोमिस्ट अनिमेष, कमलेश, विनीत, मोहन, राजकुमारी इत्यादि के साथ स्थानीय आशा एवं आंगनबाड़ी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में आए लोगो के प्रति आभार शैलेश प्रधान के द्वारा ज्ञापित किया गया।

प्राचार्या सहित 200 छात्राओं का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

गाजीपुर। हर दिन हर घर आयुर्वेद कार्यक्रम जो की 12 सितंबर से 23 अक्टूबर आयुर्वेद दिवस तक आयुष मंत्रालय भारत सरकार एवं आयुष विभाग उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिले के जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी के सौजन्य से गुरूवार को राजकीय महिला महाविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित हुआ। राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय नगर और फतेपुर अटवा से आए चिकित्सक डॉ सुजीत कुमार, डॉ कुमारी वंदना और डॉ लवी अग्रवाल ने राजकीय महिला पीजी कॉलेज की लगभग 200 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान उन्हें विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियां एवं जीवन रक्षक किट भी वितरित किया। डॉ लवी अग्रवाल एवं डॉ वंदना ने छात्राओं को आयुर्वेदिक आहार पद्धति को अपनाने के लिए जागरूक किया, साथ ही किशोरावस्था में होने वाली विभिन्न बीमारियों के प्रति जागरूक किया एवं उससे बचने का उपाय बताया। इस कार्यक्रम में नम्रता तिवारी योग इंस्ट्रक्टर ने बच्चो को योग कराया और योग के माध्यम से मानसिक और शारीरिक दोनो तरह की बीमारियों से बचने का उपाय बताया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सविता भारद्वाज ने छात्राओं को योग आधारित जीवन पद्धति को अपनाने पर बल दिया। इस अवसर पर उन्होंने अपना स्वयं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया।


कार्यक्रम में एनीमिया से बचने के लिए देसी गुड, केला, पालक, चने, चकंदर, मुनक्का व काले तिल का प्रयोग करने हेतु जागरूक किया। महिलाओं में लाइफ स्टाइल की वजह से होने वाली बीमारी पीसीओडी से बचाव हेतु नियमित योग, junk food का परित्याग, नियमित दिनचर्या एवं ऋतुचर्या का पालन करने के लिए छात्राओ को प्रेरित करते हुए बताया कि मोटे अनाजों का प्रयोग जैसे ज्वार, बाजरा, जोहनरी, चना, मूंग की दाल, मसूर की दाल का नियमित प्रयोग करे। मोटे अनाजों का प्रयोग करने से डायबिटीज, हाइपरटेंशन, मोटापा, स्ट्रॉक (stroke) जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है।
प्रोसेस्ड एवं जंक फूड का इस्तेमाल बिलकुल न करने पे जोर दिया। छात्राओं से कहा कि सेंधा नमक का प्रयोग नियमित करने से किड़नी एवं ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। कार्यक्रम का संयोजन एवं समन्वय रेंजर प्रभारी डॉ शिवकुमार ने किया तथा डॉ राजेश कुमार यादव, डॉ शिखा सिंह एवं डॉ नेहा कुमारी ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी गण एवं महाविद्यालय के प्राध्यापक-कर्मचारी एवं उत्साहित छात्राएं उपस्थित रहीं।

जिले में बनेगा 69 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र

जनपद में अब बनेंगे 69 नवीन स्वास्थ्य उप केंद्र

24 स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए मिला बजट

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य सुविधाओं को ग्रामीण इलाकों में बहाल करने के लिए लगातार कवायद कर रही है। इसी के क्रम में गाजीपुर के ग्रामीण इलाकों में 69 नवीन स्वास्थ्य उप केंद्र जो आयुष्मान भारत इन्फ्राट्रक्चर के तहत बनाने की स्वीकृति शासन के द्वारा मिल गई है। जिसके लिए पहले से ही जमीन चिन्हित कर ली गई है और अब कार्यदाई संस्था को भी नामित कर दिया गया है। जिसको लेकर कार्यदाई संस्था के अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मध्य एक बैठक 2 दिन पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में हुआ।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरगोविंद सिंह ने बताया कि जनपद के ग्रामीण इलाकों में प्रसव हेतु बनाए गए उप केंद्र जो काफी जीर्ण शीर्ण हालात में हो गए थे। और बहुत सारे उप केंद्र गिर भी चुके है। जिसके चलते वहां पर प्रसव प्रभावित हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए पूर्व में उप केंद्र के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था । जिसमें से 69 नवीन स्वास्थ्य उप केंद्र के निर्माण के लिए शासन की स्वीकृति आ चुकी है। जिसमें से 24 उप केंद्र बनाने के लिए बजट भी आवंटित हो चुका है।

उन्होंने बताया कि बैठक में करदाई संस्था के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल है। जिसमें कार्यदाई संस्था को उप केंद्र के निर्माण के लिए मानक और गुणवत्ता को ध्यान में रखने का सख्त हिदायत दिया गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि उप केंद्रों का निर्माण प्रत्येक ब्लॉक में एक या दो जगह चिन्हित जमीनों पर बहुत ही जल्द शुरू करा दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि उप केंद्रों के निर्माण को लेकर समय सीमा भी निर्धारित कर दिया गया है। ताकि तय समय में इसका निर्माण पूर्ण हो सके। ग्रामीण इलाकों में उप केंद्रों पर प्रसव जल्द से जल्द शुरू कराया जा सके ताकि जच्चा बच्चा की मौतों में कमी आए।

दान उत्सव:मरीजों में वितरित हुआ पोषण सामग्री

दान उत्सव कार्यक्रम में टीबी एवं पीएलएचआईवी मरीजों में वितरित हुआ पोषण सामग्री

ग़ाज़ीपुर।महात्मा गांधी के जन्मदिन के 1 सप्ताह तक दान उत्सव मनाया जाता है। जिसको लेकर आज क्षय रोग विभाग व ज्योति ग्रामीण संस्थान के द्वारा टीबी मरीज वह पीएलएचआईवी मरीजों में पोषण से संबंधित किट वितरण करने का कार्य किया गया। ताकि यह लोग भी स्वस्थ होकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

जिला कार्यक्रम समन्वयक मिथिलेश सिंह ने बताया कि टीबी के मरीज जिनका इलाज उनके विभाग के द्वारा किया जाता है। और उन्हें समय-समय पर विभाग के द्वारा देखरेख भी किया जाता है। इसके अलावा मौजूदा समय में टीबी मरीजों को जनपद के संभ्रांत नागरिकों एवं संस्थाओं को गोद लिए जाने का कार्यक्रम भी चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ज्योति ग्रामीण संस्थान के द्वारा पांच टीवी मरीजों को गोद लिया गया है। इसके अलावा पीएलएचआईवी मरीज जिन का इलाज जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर से किया जाता है। एवं उनकी देख केअर एंड सपोर्ट सेंटर (सीएससी) के द्वारा किया जाता है।

उन्होंने बताया कि आज महात्मा गांधी के जन्मदिन के बाद चलने वाले दान उत्सव कार्यक्रम के तहत ज्योति ग्रामीण संस्था के द्वारा जो 5 मरीजों को गोद लिया गया था। इसके अलावा अन्य मरीजों को जिनकी कुल संख्या 42 थी उन्हें इस संस्था के माध्यम से पोषण सामग्री का वितरण किया गया। ताकि वह स्वस्थ होकर समाज की मुख्यधारा में लौट सकें। साथ ही साथ प्रधानमंत्री के द्वारा जो 2025 तक टीबी मुक्त भारत का सपना देखा गया है वह भी पूरा किया जा सके।

इस कार्यक्रम में केयर एंड सपोर्ट सेंटर के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर आरती सिंह, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ मनोज सिंह, टीआई प्रोजेक्ट मैनेजर अजय कुमार, डॉ दिनेश सिंह पूर्व विभागाध्यक्ष हिंदी, पीजी कॉलेज, वेंकटेश्वर प्रसाद शर्मा, सुरेश सिंह यादव, मुरली मनोहर वर्मा एवं समस्त स्टाफ मौजूद रहे।

लोगों को इससे बचने के बताए गए तरीके

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर लोगों को इससे बचने के बताए गए तरीके

ग़ाज़ीपुर।विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस जो प्रत्येक वर्ष 10 अक्टूबर को पूरे देश में मनाया जाता है इसी को लेकर आज मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में एक गोष्ठी का आयोजन सीएमओ डॉक्टर गोविंद सिंह की अध्यक्षता में किया गया और इस अवसर पर लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति कैसे जागरूक रहना है और अन्य को करना है इस बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई।

सीएमओ डॉ हरगोविंद सिंह ने बताया की हर साल 10 अक्टूबर को ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ मनाया जाता है। वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने मिलकर वर्ष 1992 में 10 अक्टूबर के दिन ‘वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे’ सेलिब्रेट करने की घोषणा की थी। उसके बाद से यह दिन प्रत्येक वर्ष मनाया जाने लगा। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है मानसिक स्वास्थ्य के बेहतर बनाए रखने के प्रति लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के बारे में शिक्षित करने और मेंटल हेल्थ के मुद्दों को लेकर समाज में मौजूद स्टिग्मा को कम करना भी है। हर साल इसे एक खास थीम के तहत सेलिब्रेट किया जाता है। इस वर्ष डब्लूएचओ ने ‘वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे 2022’ की थीम ‘मेकिंग मेंटल हेल्थ एंड वेल-बीइंग फॉर ऑल ए ग्लोबल प्राइयॉरिटी’ रखी है।

उन्होंने बताया की हमारे शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध है। लेकिन अभी भी ज्यादातर लोग इसपर ध्यान नहीं देते। फिजिकल और मेंटल हेल्थ एक ही सिक्के के दो पहलू की तरह हैं। किसी भी एक पहलू को नजरअंदाज करना दूसरे पहलू को नकारात्मक तरीके से प्रभावित करता है। बड़े-बूढ़े से लेकर स्कूल जाने वाले बच्चे भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। तो इस प्रॉब्लम को छिपाने की जगह उस पर ध्यान देने की जरूरत है। वरना आने वाले समय में स्थिति और बिगड़ सकती है।

इस कार्यक्रम में एसीएमओ डॉ उमेश कुमार, डॉक्टर संजय कुमार, डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉक्टर विनय शंकर, डॉ नवीन कुमार सिंह, विधिक सेवा प्राधिकरण के कामायनी दुबे, रवि शंकर चौरसिया के साथ ही अन्य कर्मचारी व अधिकारी मौजूद रहे।

सभी घरों में जाकर आशा करेंगी सूची तैयार

गाजीपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 हरगोविंद सिंह ने बताया कि बारिश के दौरान एवं उसके उपरांत हमारे आसपास जलजमाव के कारण मच्छर जनित बीमारियों के संक्रमण की आशंका बढ़ जाती है साथ ही साथ बारिश के बाद अचानक से तेज धूप निकलने के कारण वायरल बुखार का संक्रमण भी होता है। बीमारियों से बचाव हेतु अपने घरों के आसपास, घरों की छतों पर तथा घरों के अंदर कहीं भी पानी इकट्ठा नहीं होने देना है। जलजमाव का निस्तारण पंचायती राज विभाग एवं नगर विकास विभागों के सहयोग से चाहिए। साफ सफाई घरों के आसपास करवाया जाना आवश्यक है। घरों के अंदर तथा छतों पर अनावश्यक वस्तुओं, जैसे पुराने टायर, प्लास्टिक अथवा मिट्टी के पुराने बर्तन, बोतल, ग्लास, नारियल के खोल आदि को तत्काल हटा देना चाहिए। कूलर के पानी को निकाल कर अच्छे से साफ करके सुखा कर रख दें तथा उसका प्रयोग अब बंद कर दें। शरीर को पूरी तरीके से ढक कर रखें तथा सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। मच्छर जनित बीमारियों के जांच एवं उपचार की सुविधा सभी सरकारी चिकित्सालयों में उपलब्ध है। बुखार होने पर तत्काल अपने निकटवर्ती स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आशा अथवा सरकारी चिकित्सालय से संपर्क करें। कभी भी अनधिकृत चिकित्सक से अथवा स्वयं उपचार नहीं करवाए। अन्य संक्रामक बीमारियों से बचाव हेतु हमेशा ताजे भोजन का सेवन करें। पीने के लिए शुद्ध पेयजल का प्रयोग करें। सड़े गले एवं पहले से कटे फल सब्जी अथवा बासी मछली का प्रयोग बिल्कुल नहीं करें। अत्यधिक भीड़ भाड़ वाले इलाके में जाने से बचें तथा अपने नाक और मुंह को ढक कर रखें। शौचालय का प्रयोग करे। शौच के उपरांत, खाना पकाने और खाने से पहले अपने हाथ को साबुन से अच्छी तरह से धोयें। आज से 21 अक्टूबर तक संचालित होने वाले दस्तक अभियान में आशा आपके घरों का भ्रमण कर बुखार, सर्दी-जुकाम, इन्फलूएंजा, संदिग्ध टी०बी०, कालाजार, कुपोषित बच्चों और घरों के अंदर मच्छर जनक परिस्थितयों की सूची तैयार करेंगी। अतः आशा का सहयोग करें और सही-सही सूचना दर्ज करायें।