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गाजीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का डिप्टी सीएम ने किया निरीक्षण, फिर……

स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण के बाद एलर्ट हुआ स्वास्थ्य महकमा जारी किए निर्देश

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री और डिप्टी सीएम के द्वारा 1 दिन पूर्व मंगलवार को गाजीपुर भ्रमण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने एवं डेंगू से प्रभावित मरीजों के समुचित उपचार व व्यवस्थाओं के विशेष ध्यान देने के लिए निर्देश दिया था। जिस के क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरगोविंद सिंह ने बुधवार को जनपद के समस्त चिकित्सा अधीक्षक एवं प्रभारी अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को स्वास्थ्य मंत्री उत्तर प्रदेश के निर्देश के क्रम में निर्देश जारी किया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरगोविंद सिंह ने बताया कि मंगलवार को स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहमदाबाद का निरीक्षण किया गया था। जिसके बाद उन्होंने कई तरह के निर्देश दिए गए हैं। उसी के क्रम में उन्होंने सभी चिकित्सालय में साफ-सफाई प्रतिदिन कराने के निर्देश के साथ ही सभी चिकित्सकों पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य कार्मिकों की उपस्थिति नियमित रूप से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही सभी उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रतिदिन पांच सामुदायिक प्राथमिक एवं नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,हेल्थ वैलनेस सेंटर ,उप केंद्र का निरीक्षण कर फोटो विभागीय ग्रुप में प्रेषित करने का भी निर्देश दिया है।

उन्होंने बताया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित समय से ओपीडी सेवा शुरू करने ,आने वाले मरीजों को दवा एवं जांच हेतु परामर्श देने, निशुल्क उपलब्धता सुनिश्चित करें । यदि किसी मरीज के परिजन के द्वारा यदि बाहर की जांच एवं दवा के संबंध में शिकायत की जाएगी तो संबंधित चिकित्सक एवं पैरामेडिकल स्टाफ के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्यवाह की जाएगी।

इसके अलावा समस्त चिकित्सालय पर एडीएल के सापेक्ष दवा की उपलब्धता रहे यदि दवा उपलब्ध ना हो तो मांग पत्र तैयार कर केंद्रीय औषधि भंडार से दवा प्राप्त करें तथा एंटी रेबीज एवं एंटी स्नेक वेनम की उपलब्धता भी सुनिश्चित करें। सभी इकाइयों पर शुगर एवं बीपी की दवा उपलब्ध रहे।

डेंगू की जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। डेंगू के मरीज पाए जाने पर नियमानुसार निरोधात्मक कार्यवाही भी सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा जनपद में चलने वाले चार मोबाइल मेडिकल वैन को डेंगू प्रभावित क्षेत्रों में ही लगाकर दवा वितरण कराया जाए।

उन्होंने बताया कि निर्देश का पालन सभी चिकित्सा अधिकारी सुनिश्चित करें।इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

आए दिन एंबुलेंस में गूंज रही किलकारी

108 एंबुलेंस में गूंजी किलकारी

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा चलाई गई एंबुलेंस सेवा जाति धर्म से ऊपर उठकर सिर्फ मानव सेवा का कार्य पिछले कई सालों से लगातार कर रही है। आए दिन एंबुलेंस का लाभ आमजन को मिलता दिख रहा है। ऐसा ही कुछ 7 नवंबर को हुआ जब सदर ब्लाक के गाजीपुर घाट से गर्भवती के प्रसव के लिए एंबुलेंस को कॉल किया गया और बताए गए लोकेशन पर पायलट और ईएमटी के द्वारा क्विक रिस्पांस कर पहुंचा गया। और जब गर्भवती को लेकर एंबुलेंस स्वास्थ्य केंद्र के लिए चली लेकिन रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ जाने के कारण एंबुलेंस के अंदर ही प्रसव कराना पड़ा।

102 और 108 एंबुलेंस के ब्लॉक प्रभारी दीपक राय ने बताया कि ग्राम पंचायत गाजीपुर घाट जो सदर ब्लाक के अंतर्गत आता है। यहां से एक कॉल 108 नंबर के एंबुलेंस के लिए आया और बताया गया कि जगीरू निशा पत्नी समसुद्दीन को प्रसव पीड़ा है। जिसकी जानकारी पर इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन गीरजेश कुमार और पायलट अखिलेश के द्वारा बताए गए लोकेशन पर 108 एंबुलेंस को लेकर पहुंचे। जहां पर गर्भवती व परिजनों को लेकर स्वास्थ्य केंद्र के लिए चले। लेकिन रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ जाने के कारण एंबुलेंस को सड़क किनारे खड़ा किया गया। इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन गिरजेश कुमार और परिवार की महिलाओं के सहयोग से एंबुलेंस के अंदर ही महिला का प्रसव कराया गया। जहां पर महिला ने स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया। जिसके बाद जच्चा और बच्चा को जिला महिला अस्पताल में एडमिट कराया गया। डॉक्टरों ने दोनों को स्वस्थ बताया।

गाजीपुर में एम्बुलेंस बना लेबर रूम

एक बार फिर 108 एंबुलेंस बना लेबर रूम

गाजीपुर। 102 और 108 एंबुलेंस जब अपनी सेवा 2012 में शुरू की थी तब विभाग और सरकार को भी यह उम्मीद नहीं थी की एंबुलेंस सेवा लोगों के लिए जीवनदायिनी बन जाएगी। लेकिन लगातार गाजीपुर के ग्रामीण इलाकों में एंबुलेंस सेवा लेबर रूम बन कर प्रसव पीड़िता को नया जीवन देने के साथ ही जच्चा बच्चा के लिए मुफीद साबित होता दिख रहा है। ऐसा ही एक मामला मनिहारी ब्लॉक के दिलावल पट्टी से आया। गर्भवती को लेकर एंबुलेंस स्वास्थ्य केंद्र के लिए चला लेकिन की रास्ते में ही प्रसव पीड़ा बढ़ने के कारण एंबुलेंस में प्रसव कराया गया। जहां गर्भवती ने कन्या को जन्म दिया।

108 एंबुलेंस के ब्लॉक प्रभारी आशुतोष मिश्रा ने बताया कि 5 नवंबर को मनिहारी ब्लॉक के दिलावल पट्टी से फोन कॉल आया। बताया गया की प्रसव पीड़िता को एंबुलेंस की जरूरत है। जिसके बाद बताएंगे लोकेशन पर पायलट अशोक और ईएमटी राजविजय के द्वारा एंबुलेंस लेकर पहुंचा गया। वहां से गर्भवती प्रेमा देवी पत्नी राजन राजभर को लेकर एंबुलेंस स्वास्थ्य केंद्र के लिए चली । लेकिन रास्ते में प्रसव पीड़ा बढ़ जाने के कारण आशा कार्यकर्ता मनीषा देवी और ईएमटी राज विजय के साथ ही परिवार की महिलाओं के सहयोग से एंबुलेंस के अंदर ही प्रसव कराया गया। उसके पश्चात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनिहारी पर जच्चा बच्चा को एडमिट कराया गया। जहां पर स्टाफ नर्स माधुरी देवी ने जच्चा और बच्चा को देखा और दोनों को सुरक्षित बताया।

मानक पूरा नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई

3 दिनों में पूरा करें मानक नहीं तो होगी कार्रवाई

गाजीपुर। जनपद में चल रहे अवैध अस्पतालों के खिलाफ स्वास्थ्य मंत्री व डिप्टी सीएम बृजेश पाठक के द्वारा ट्वीट कर ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं । जिस के क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ऐसे अस्पतालों की जांच कर कार्रवाई के लिए टीम बना दिया है। और टीम लगातार कार्यवाही करने का दावा कर रहा है। सैदपुर तहसील में चल रहे ऐसे अस्पतालों को तीन दिवस के अंदर मानक पूरा करने का निर्देश सैदपुर के एसडीएम ने दिया है। अन्यथा की दशा में उनके ऊपर कार्रवाई की जाएगी।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवकली के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसके सरोज ने बताया कि गुरुवार को सैदपुर के एसडीएम ओम प्रकाश गुप्ता के साथ स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवकली पर एक बैठक की गई। जिसमें ऐसे अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एसडीएम ने रणनीति बनाई है। जिसके तहत क्षेत्र में चलने वाले सभी निजी अस्पतालों को अगले 3 दिन में मानक को पूर्ण कर लेने का निर्देश दिया गया है। मानक ना पूरा करने वाले चिकित्सालय के खिलाफ आगामी दिनों में अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सुभाष सिंह यादव ,बीपीएम प्रदीप सिंह के साथ है अन्य लोग मौजूद रहे।

डेंगू के बीमारी से बचना है तो करें यह काम

गाजीपुर। जनपद में डेंगू से बचाव हेतु सभी चिकित्सालय को सतर्क रखा गया है। इस क्रम में विगत दिनों राजकीय चिकित्सालय एवं निजी पैथोलॉजी से डेंगू संदिग्ध मरीजों के सैंपल नियमानुसार पुष्टि हेतु आई०एम०एस०बी०एच०यू प्रेषित किए जा रहे हैं। अब तक भेजे गए 82 सैंपल में से 75 के परिणाम प्राप्त हो गए हैं, जिसमें जनपद के 50 रोगियों में डेंगू धनात्मक की पुष्टि हुई है। सभी मरीज उपचार के पश्चात स्वस्थ हैं। जनपद के बाहर के चिकित्सालयों में उपचार हेतु गए मरीजों में से 19 मरीजों के डेंगू धनात्मक होने की सूचना प्राप्त हुई है। इस प्रकार जनपद में अब तक कुल 69 मरीज डेंगू धनात्मक पाए गए हैं। सभी मरीजों की स्वास्थ्य के निरंतर निगरानी करते हुए निरोधात्मक कार्यवाही कराई जा रही है। अब 7 मरीजों के सैंपल जो कल भेजे गए हैं उनके परिणाम लंबित हैं। सभी चिकित्सालयों में जांच एवं उपचार के पर्याप्त व्यवस्था की गई है। त्योहारों के दौरान बाहर से आने वाले जनपद वासियों की आशा के द्वारा निगरानी हेतु सभी चिकित्सा अधीक्षक को पूर्व में निर्देशित किया जा चुका है कि यदि किसी भी व्यक्ति में डेंगू के लक्षण प्रतीत हो तो उनको तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संदर्भित किया जाए। आम जनता से भी अपील है की डेंगू के लक्षण जिसमें तेज बुखार, जोड़ों में दर्द और उल्टी आदि की शिकायत हो तो घबराएं नहीं अति शीघ्र नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर उपचार कराए। प्लेटलेट्स का कम होना डेंगू का कोई लक्षण नहीं है अन्य वायरल बीमारियों में भी प्लेटलेट्स कम हो सकता है जोकि बीमारी दूर होने से अपने आप बढ़ जाता है। आम जनता से यह भी अपील है कि पूरे दिन अपने शरीर को ढक कर रखें तथा घरों के अंदर तथा आसपास कहीं भी किसी भी प्रकार के बर्तन, टायर, ट्यूब, कंटेनर, प्लास्टिक के सामान कूलर फ्रिज के कंडेंसेशन प्लेट में पानी इकट्ठा ना होने दें तथा उनकी नियमित सफाई करें। याद रखें डेंगू फैलाने वाले मच्छर हमारे घरों के अंदर अंधेरे वाली जगह में ही रहते हैं और दिन में काटते हैं। यदि किसी को भी बुखार हो वह दिन में भी मच्छरदानी लगाकर सोए एवं पर्याप्त मात्रा में सुपाच्य भोजन करें। डेंगू के उपचार हेतु कोई विशेष दवा अथवा वैक्सीन नहीं है सिर्फ बुखार कम करने के लिए पैरासीटामोल का चिकित्सकों के परामर्श के अनुसार प्रयोग करना चाहिए। डिस्प्रिन अथवा आईबीब्रुफेन का प्रयोग बिल्कुल नहीं करना चाहिए। डेंगू स्वतः एक सप्ताह में ठीक हो जाने वाली बीमारी है। अत्यधिक प्रसार वाले जनपदों-प्रयागराज जौनपुर वाराणसी लखनऊ आदि की यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतें।

राज्यमंत्री ने किया मेले का उद्धघाटन, बताया आयुर्वेद का महत्व

गाजीपुर। रविवार को सिधौना ग्राम सभा के प्राथमिक विद्यालय पर हर दिन हर घर आयुर्वेद 2022, सप्तम आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष में आयुष स्वास्थ्य मेगा इवेंट एवं आयुष स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री आयुष ,खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एमओएस) डॉ. दयाशंकर मिश्र ( दयालु ) ने किया। मंत्री ने कैंप का उद्घाटन फीता काटकर किया। सर्वप्रथम मंत्री ने धन्वंतरी भगवान का दीपोत्सव किया तत्पश्चात गांव में स्थित शिव मंदिर में पूजा अर्चना की। इस दौरान मंत्री का स्वागत क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉक्टर शिव दुलार यादव, पूर्व क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ आनंद विद्यार्थी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी वाराणसी डॉक्टर भावना द्विवेदी, मंडली यूनानी अधिकारी डॉ नियाज जिला अहमद, जिला होम्योपैथ अधिकारी डॉक्टर संपूर्णानंद गुप्ता ने माल्यार्पण व शाल पहनाकर स्वागत किया। इस अवसर पर मंत्री ने अपने संम्बोधन में आयुर्वेद को अथर्ववेद का उपवेद एवं ब्रह्मा जी के मुख से निकली विद्या बताया। उन्होंने कहा की महर्षि चरक एवं महर्षि धन्वंतरि ने काशी में जन्म लिया और आयुर्वेद को आगे बढ़ाया। उन्होंने महर्षि सुश्रुत को शल्य चिकित्सा का जनक बताते हुए आयुर्वेद, योग, होम्योपैथी यूनानी के महत्व को बताते हुए स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का अनुरोध किया तथा जिले में स्थित चिकित्सालयों के बारे में जानकारी दी कि आप वहां पर स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। इस अवसर पर मंत्री ने योग प्रशिक्षण शिविर का फीता काटकर उद्घाटन किया तथा योग प्रशिक्षकों को माल्यार्पण कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में , योग प्रशिक्षक रूद्र प्रकाश तिवारी, विनय कुमार गुप्ता, नम्रता तिवारी, रामविलास राम ,अवधेश चौहान ने योग सिखा कर कर योग के महत्व को अपने स्वस्थ जीवनशैली में अपनाने हेतु प्रेरित किया। हजारों की संख्या में लोगों ने स्वास्थ्य शिविर का लाभ लिया तथा किसानों को निशुल्क बीज एवं औषधि पौधों का वितरण किया गया। कार्यक्रम में अन्य जिलों से भी चिकित्सा अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन बिंदेश्वरी सिंह ने किया। इस अवसर पर मुख्य रूप से मंत्री के जनसंपर्क अधिकारी गौरव राठी, डॉ रजनीश यादव, डॉ राजेश गुप्ता, डॉ दिलीप कुमार, समीक्षा बरनवाल, डॉ मोनिका गुप्ता, डॉ अतुल अग्रवाल, रेनू पटेल फार्मासिस्ट एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने बांटी दीपावली की खुशियां

टीबी मरीजों को पोषण सामग्री के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष ने बांटी दीपावली की खुशियां

गाजीपुर। 2025 तक देश को टीबी मुक्त करने का सपना प्रधानमंत्री के द्वारा देखा गया है। जिसको लेकर इन दिनों टीबी मुक्त भारत अभियान भी चल रहा है। इसी के तहत टीबी के मरीजों को गोद लेकर उनके पोषण की देखरेख करने की जिम्मेदारी का कार्यक्रम चल रहा है। जिसको लेकर जनपद में जिला पंचायत अध्यक्ष के द्वारा पिछले दिनों से 21 टीबी मरीजों को गोद लिया गया था । उन मरीजों को दूसरी बार पोषण सामग्री के साथ ही साथ उन्हें दीपावली की मिठाई वितरित कर उन्हें दीपावली की शुभकामनाएं दी गई।

जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान जो प्रधानमंत्री का 2025 का सपना है। अगर हमारे जनपद में सब कुछ ठीक-ठाक चलता रहा और हमारे जनप्रतिनिधि इस महा अभियान में अपनी सहभागिता निभाते रहें तो हम 2024 तक गाजीपुर को टीबी मुक्त करने में सफल हो जाएंगे । इसी को लेकर मेरे द्वारा जिन मरीजों को गोद लिया गया है। उनको आज दूसरे महीने का पोषण सामग्री वितरित करने के साथ उनके दीपावली की खुशियों में चार चांद लगाने के लिए मिष्ठान और फल भी दिया गया है । ताकि वह अपने आपको समाज से कहीं अलग न समझे। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि व पति पंकज सिंह चंचल भी मौजूद रहे । उन्होंने मरीजों से बातचीत करते हुए कहा कि यदि आप लोगों को कभी भी दवा, पोषण सामग्री या फिर विभाग के द्वारा किसी भी तरह की परेशानी आती है तो उसके लिए हमारे कार्यालय की तरफ से जो फोन आप लोगों को जाता है उस पर आप अपनी समस्या बताएं। जिसका निराकरण मेरे द्वारा तत्काल कराने का कार्य किया जाएगा।

जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथिलेश सिंह ने बताया कि जनवरी 2022 से अब तक कुल 2837 क्षय रोग के मरीज हैं। स्टेट द्वारा माह जनवरी 2022 से माह दिसम्बर तक का जनपद गाजीपुर का टी बी मरीजों को खोजने का लक्ष्य 5 हजार का है। जिनमें कुल अब तक गोद लिए गए मरीजों की संख्या 1108 है। गोद लेने वालों में जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, पूर्व जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी,जिला क्षय रोग अधिकारी, पीजी कॉलेज के प्रबंधक, राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य के साथ अन्य कई संभ्रांत लोगों ने टीबी मरीजों को गोद लेकर प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने का काम कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम में डीटीओ डॉ मनोज सिंह, अनुराग कुमार पांडे, सुनील कुमार वर्मा , वेंकटेश प्रसाद शर्मा ,संजय सिंह यादव, श्वेताभ गौतम, रविप्रकाश सिंह,शुभम दुबे, अरविन्द कुमार, अमन आर्या, अश्विनी कुमार तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

164 को आयुष्मान कार्ड, 354 का इलाज

स्वास्थ्य मेले में 164 आयुष्मान कार्ड वितरण के साथ ही 354 मरीजों का हुआ इलाज

गाजीपुर। आयुष्मान भारत योजना जिसके तहत लाभार्थी को 5 लाख तक का निशुल्क इलाज दिया जाता है। जिसके लिए आयुष्मान कार्ड बनाया जाना अनिवार्य है। जिसके लिए लगातार कैंप लगाकर आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।इसी कड़ी में मोहम्मदाबाद ब्लाक के ग्राम सभा कोठियां में एक स्वास्थ्य मेले का आयोजन गुरुवार को किया गया।जिसमें 164 लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किया गया। वही 354 मरीजों का इलाज भी किया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि स्वास्थ्य मेले में सभी प्रकार की आवश्यक जांच एवं औषधीयो का वितरण चिकित्सकीय परामर्श के पश्चात किया गया। मेले में हिमोग्लोबिन जांच, बल्ड प्रेशर, एल्बुमिन, प्रोटीन, एच आई वी, मलेरिया, डेगु , बच्चों का टिकाकरण, कोविड वैक्सीनेशन के साथ साथ मोतियाबिंद के मरीजों की पहचान किया गया। मेले में कुल 354 मरीजों को उचित उपचार एवं दवा वितरण के साथ कुल 64 मोतियाबिंद मरीजों की स्क्रीनिंग भी किया गया।

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी के द्वारा कुल 164 पात्रों को आयुष्मान कार्ड वितरित किया गया। इस दौरान मेले में लगे सभी स्टालों का अवलोकन उपजिलाधिकारी के द्वारा करते हुऐ प्रत्येक व्यक्ति तक हर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने हेतु योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने को कहा।

इस कार्यक्रम में डा0 आर के वर्मा, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार, बीडीए कृष्ण कुमार सिंह, इकरम गांधी, आशा सिंह ,रंजना, सीएचओ चंदा,नेहा, फार्मासिस्ट अजय कुमार, आपटोमिस्ट अनिमेष, कमलेश, विनीत, मोहन, राजकुमारी इत्यादि के साथ स्थानीय आशा एवं आंगनबाड़ी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम में आए लोगो के प्रति आभार शैलेश प्रधान के द्वारा ज्ञापित किया गया।

प्राचार्या सहित 200 छात्राओं का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

गाजीपुर। हर दिन हर घर आयुर्वेद कार्यक्रम जो की 12 सितंबर से 23 अक्टूबर आयुर्वेद दिवस तक आयुष मंत्रालय भारत सरकार एवं आयुष विभाग उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिले के जिला आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी के सौजन्य से गुरूवार को राजकीय महिला महाविद्यालय में कार्यक्रम आयोजित हुआ। राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय नगर और फतेपुर अटवा से आए चिकित्सक डॉ सुजीत कुमार, डॉ कुमारी वंदना और डॉ लवी अग्रवाल ने राजकीय महिला पीजी कॉलेज की लगभग 200 छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान उन्हें विभिन्न आयुर्वेदिक औषधियां एवं जीवन रक्षक किट भी वितरित किया। डॉ लवी अग्रवाल एवं डॉ वंदना ने छात्राओं को आयुर्वेदिक आहार पद्धति को अपनाने के लिए जागरूक किया, साथ ही किशोरावस्था में होने वाली विभिन्न बीमारियों के प्रति जागरूक किया एवं उससे बचने का उपाय बताया। इस कार्यक्रम में नम्रता तिवारी योग इंस्ट्रक्टर ने बच्चो को योग कराया और योग के माध्यम से मानसिक और शारीरिक दोनो तरह की बीमारियों से बचने का उपाय बताया। कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर डॉ सविता भारद्वाज ने छात्राओं को योग आधारित जीवन पद्धति को अपनाने पर बल दिया। इस अवसर पर उन्होंने अपना स्वयं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया।


कार्यक्रम में एनीमिया से बचने के लिए देसी गुड, केला, पालक, चने, चकंदर, मुनक्का व काले तिल का प्रयोग करने हेतु जागरूक किया। महिलाओं में लाइफ स्टाइल की वजह से होने वाली बीमारी पीसीओडी से बचाव हेतु नियमित योग, junk food का परित्याग, नियमित दिनचर्या एवं ऋतुचर्या का पालन करने के लिए छात्राओ को प्रेरित करते हुए बताया कि मोटे अनाजों का प्रयोग जैसे ज्वार, बाजरा, जोहनरी, चना, मूंग की दाल, मसूर की दाल का नियमित प्रयोग करे। मोटे अनाजों का प्रयोग करने से डायबिटीज, हाइपरटेंशन, मोटापा, स्ट्रॉक (stroke) जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है।
प्रोसेस्ड एवं जंक फूड का इस्तेमाल बिलकुल न करने पे जोर दिया। छात्राओं से कहा कि सेंधा नमक का प्रयोग नियमित करने से किड़नी एवं ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। कार्यक्रम का संयोजन एवं समन्वय रेंजर प्रभारी डॉ शिवकुमार ने किया तथा डॉ राजेश कुमार यादव, डॉ शिखा सिंह एवं डॉ नेहा कुमारी ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी गण एवं महाविद्यालय के प्राध्यापक-कर्मचारी एवं उत्साहित छात्राएं उपस्थित रहीं।

जिले में बनेगा 69 नए स्वास्थ्य उपकेंद्र

जनपद में अब बनेंगे 69 नवीन स्वास्थ्य उप केंद्र

24 स्वास्थ्य उपकेंद्र के लिए मिला बजट

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग स्वास्थ्य सुविधाओं को ग्रामीण इलाकों में बहाल करने के लिए लगातार कवायद कर रही है। इसी के क्रम में गाजीपुर के ग्रामीण इलाकों में 69 नवीन स्वास्थ्य उप केंद्र जो आयुष्मान भारत इन्फ्राट्रक्चर के तहत बनाने की स्वीकृति शासन के द्वारा मिल गई है। जिसके लिए पहले से ही जमीन चिन्हित कर ली गई है और अब कार्यदाई संस्था को भी नामित कर दिया गया है। जिसको लेकर कार्यदाई संस्था के अधिकारी और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मध्य एक बैठक 2 दिन पूर्व मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में हुआ।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ हरगोविंद सिंह ने बताया कि जनपद के ग्रामीण इलाकों में प्रसव हेतु बनाए गए उप केंद्र जो काफी जीर्ण शीर्ण हालात में हो गए थे। और बहुत सारे उप केंद्र गिर भी चुके है। जिसके चलते वहां पर प्रसव प्रभावित हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए पूर्व में उप केंद्र के निर्माण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था । जिसमें से 69 नवीन स्वास्थ्य उप केंद्र के निर्माण के लिए शासन की स्वीकृति आ चुकी है। जिसमें से 24 उप केंद्र बनाने के लिए बजट भी आवंटित हो चुका है।

उन्होंने बताया कि बैठक में करदाई संस्था के अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल है। जिसमें कार्यदाई संस्था को उप केंद्र के निर्माण के लिए मानक और गुणवत्ता को ध्यान में रखने का सख्त हिदायत दिया गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि उप केंद्रों का निर्माण प्रत्येक ब्लॉक में एक या दो जगह चिन्हित जमीनों पर बहुत ही जल्द शुरू करा दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि उप केंद्रों के निर्माण को लेकर समय सीमा भी निर्धारित कर दिया गया है। ताकि तय समय में इसका निर्माण पूर्ण हो सके। ग्रामीण इलाकों में उप केंद्रों पर प्रसव जल्द से जल्द शुरू कराया जा सके ताकि जच्चा बच्चा की मौतों में कमी आए।