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रसूलपुर टी शेखपुर में हुआ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

टीवी मुक्त ग्राम पंचायत बनने की राह पर चला रसूलपुर टी शेखपुर, हुआ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

ग़ाज़ीपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा टीवी मुक्त भारत 2025 तक करने का संकल्प लिया गया है और इसी क्रम में टीवी मुक्त ग्राम पंचायत योजना भी चलाई जा रही है । इसी के क्रम में शुक्रवार को गाजीपुर के रसूलपुर टी शेखपुर ग्राम पंचायत में स्वास्थ्य एवं बलगम परीक्षण हेतु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिसके मुख्य अतिथि सीएमओ डॉ सुनील पांडे एवं विशिष्ट अतिथि जिला पंचायत राज अधिकारी अंशुल मौर्य रहे। इस दौरान स्वास्थ्य शिविर का मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने फीता काटकर अनावरण किया। इसी क्रम में ग्राम प्रधान कल्पना यादव के द्वारा 10 क्षय रोग मरीजों को पोषण पोटली भी दिया गया ताकि वह अपने स्वास्थ्य के लिए खान-पान का ध्यान रख सके।

इस स्वास्थ्य शिविर के कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा 25 क्षय रोग मरीजों को, ग्राम प्रधान रसूलपुर टी शेखपुरा कल्पना यादव के द्वारा 10 मरिज क्षय रोग अधिकारी के द्वारा 15 मरिज ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुभाकरपुर के अधीक्षक के द्वारा 15 मरिज को गोद लेकर उनके स्वास्थ्य सुविधाओं का ध्यान रखने का संकल्प लिया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील पांडे ने बताया कि टीवी मुक्त भारत की परिकल्पना को लेकर लगातार कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं । और इसी के क्रम में इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया है । जिसमें अधिक से अधिक ग्रामीणों को अपने स्वास्थ्य के परीक्षण के साथ ही अपना बलगम जांच कराए और यदि इस बलगम में क्षय रोग से संबंधित किसी भी तरह का सिमटम मिलता है तो इनका निशुल्क इलाज स्वास्थ्य विभाग की तरफ से किया जाएगा।

ग्राम प्रधान कल्पना यादव ने बताया कि भारत सरकार की जो मनसा है टीवी मुक्त भारत उसी के क्रम में हम सभी ने टीवी मुक्त ग्राम पंचायत करने का लक्ष्य रखा है। और इसी लक्ष्य पर चलते हुए आज इस स्वास्थ्य शिविर का आयोजन स्वास्थ्य विभाग के सौजन्य से ग्राम पंचायत में आयोजित किया गया है। जिसमें गांव की बहुत सारी महिलाओं के साथ ही साथ बुजुर्ग और बच्चों ने भी स्वास्थ्य का परीक्षण कराया। इस दौरान टीवी के परीक्षण के अलावा एचआईवी जांच, नेत्र की जांच, ब्लड प्रेशर ,शुगर, के साथ ही मौसमी बीमारी से संबंधित रोगों केजांच के साथ ही निशुल्क दवा का भी वितरण कराया गया है। उन्होंने बताया कि यह अभी एक छोटा सा प्रयास है आने वाले समय में इस तरह के और भी कैंपों का आयोजन कराया जाएगा और हमारी कोशिश होगी कि गांव का प्रत्येक व्यक्ति निरोग रहे।

इस कार्यक्रम में एचआईवी एवं क्षय रोग विभाग के कर्मचारी के साथ ही अन्य स्वास्थ्य कर्मी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ता मौजूद रहे वहीं कार्यक्रम के आयोजन ग्राम प्रधान प्रतिनिधि कमलेश यादव ने आए हुए सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम का संचालन अभिषेक कुशवाहा पंकज, रीमा यादव, बैजनाथ तिवारी, धीरेंद्र कुमार सिंह, बीडीसी सदस्य ,शशि यादव, कमल पाल, अंकित कुशवाहा ,राजेश यादव ,पवन यादव समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।

श्रीपद कांस्य थेरेपी सेंटर का शिव प्रताप तिवारी ने किया उद्घाटन

गाजीपुर। आज के दौड़ती भागती जिंदगी में हर इंसान किसी न किसी रोग से ग्रसित है, जिसके चलते उसकी दिनचर्या अनियमित हो जाती है और उसके द्वारा अपने रोगों पर ध्यान न देने के कारण कभी-कभी गंभीर परिणाम भी भोगने पढ़ते हैं। ऐसे में आयुर्वेद के नियमों का अगर हम पालन करें तो कई बीमारियों को काफी हद तक कम कर सकते हैं। ऐसे ही बीमारियों को दूर करने के लिए श्रीपद वेलनेस सेंटर का शुभारंभ सिटी स्टेशन के पास श्रीपद कांस्य थेरेपी सेंटर के नाम से किया गया।

सेंटर का उद्घाटन रविवार को राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत के जिलाध्यक्ष शिव प्रताप तिवारी ने फीता काटकर किया। केंद्र के संचालक अजय कुमार तिवारी ने बताया कि श्रीपद थेरेपी सेंटर में एक्यूप्रेशर पद्धति और मसाज के जरिये इलाज की व्यवस्था है। सेंटर में मसाज के जरिये शरीर के टॉक्सिस को बाहर निकाल कर लोगो को बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने कहा कि सेंटर में शुगर, बीपी, शारीरिक कमजोरी, तनाव, माइग्रेन, जोड़ो, घुटनो और कमर दर्द के साथ साथ डायजेशन सिस्टम में सुधार के लिए भी लाभकारी इलाज की व्यवस्था उपलब्ध है।

डीएम ने किया पल्स पोलियो कार्यक्रम का शुभारंभ

जिलाधिकारी ने किया पल्स पोलियो कार्यक्रम का शुभारंभ

गाजीपुर। पल्स पोलियो अभियान जो 8 दिसंबर से 13 दिसंबर तक चलाया जाना था। रविवार को कार्यक्रम का शुभारंभ नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाथीखाना पर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने जिंदगी के दो बूद बच्चों को पिलाकर कार्यक्रम का विधवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने आए हुए बच्चों के अभिभावकों से शत प्रतिशत बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाने की अपील किया। वही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद पर एसडीएम मोहम्मदबाद मनोज पठाज के द्वारा पल्स पोलियो की खुराक पिलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार पांडे ने बताया कि गाजीपुर जनपद में पल्स पोलियो अभियान के तहत 5.5 लाख बच्चों को पोलियो का खुराक पिलाया जाने का लक्ष्य रखा गया है। जिसके लिए कुल 2009 बूथ बनाए गए हैं और इन्हीं बूथों पर 0 से 5 साल तक के बच्चों को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के शुभारंभ हो जाने के बाद सोमवार से शुक्रवार तक घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। वहीं छूटे हुए बच्चों को स्पेशल कार्यक्रम के तहत 16 दिसंबर को पल्स पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद के अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि उनके क्षेत्र में कुल 126 केंद्रों के माध्यम से पल्स पोलियो की खुराक बच्चों को पिलाया जाएगा। इसके लिए कुल 24 सुपरवाइजर लगाए गए हैं।

जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ सुजीत कुमार मिश्रा ने बताया पोलियो या पोलियोमेलाइटिस एक गंभीर और खतरनाक बीमारी है जो वायरस से होती है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक फैलता है। साथ ही यह वायरस जिस भी व्यक्ति में प्रवेश करता है उसके मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाता है जिसकी वजह से लकवा भी हो सकता है। उन्होने बताया 2014 से अभी तक भारत में पोलियो के एक भी रोगी नहीं देखे गए । यह दवा पाँच वर्ष से कम उम्र के सभी बच्चों के लिये आवश्यक है। यह दवा जन्म के समय, छठे, दसवें व चौदहवें सप्ता्ह में दी जाती है इसके बाद 16 से 24 माह की आयु में बूस्टर की खुराक दी जाती है। पाँच वर्ष तक की आयु के बच्चों को बार-बार खुराक पिलाने से पूरे क्षेत्र में इस बीमारी से लड़ने की क्षमता बढ़ती है, जिससे पोलियो के विषाणु को पनपने से रोका जा सकता है।

इस चरण के लिए  जन्म से पाँच वर्ष तक के 5.5 लाख सम्भावित बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि इस चरण के लिए जिले भर में 2009 बूथ बनाए गए हैं। साथ ही 64 मोबाइल टीम भी बनाई गई है जिसके माध्यम से बूथ स्तर पर पोलियो अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही अभियान के 948 टीमें बनाए गए हैं जो घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का काम करेंगे। साथ ही बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर पोलियो की खुराक पिलाने के लिए 85 टीम ने बनाई गई हैं। पल्स पोलियो के कार्यक्रम को सकुशल निपटाने के लिए एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ती इसमें अपना सहयोग करेंगी।

कार्यक्रम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ जयनाथ सिंह, डॉ मनोज कुमार सिंह, विश्व स्वास्थ्य संगठन से एसआरटील, यूनिसेफ से बलवंत सिंह और श्री प्रदीप सिंह, यूएनडीपी से प्रवीण कुमार उपाध्याय, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ईशानी डॉ स्वतंत्र सी, अर्बन कोऑर्डिनेटर अशोक कुमार के साथ अन्य लोग उपस्थित रहे।

बुजुर्गों को अलग से मिलेगा पांच लाख का कवर

70 वर्ष से अधिक के बुजुर्गों को अलग से मिलेगा पांच लाख का कवर

• यह टापअप उनके परिवार के अन्य सदस्यों को मिलने वाली पांच लाख रुपए तक की धनराशि के अतिरिक्त होगा

Beneficiary.nha.gov.in पर जाकर अन्य वृद्ध भी बनवाएं अपने आयुष्मान कार्ड

ग़ाज़ीपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत वर्तमान परिवारों के 70 वर्ष एवं इससे अधिक आयु के समस्त वरिष्ठ नागरिकों को पृथक से पांच लाख रूपए तक का टॉप अप कवर प्रदान किया जाएगा। यह टापअप उनके परिवार के अन्य सदस्यों को मिलने वाली पांच लाख रुपए तक की धनराशि के अतिरिक्त होगा। इसलिए 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्ग जल्द से जल्द अपने आयुष्मान कार्ड बनवा लें। मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील कुमार पांडे ने बताया कि अब तक जिले में 3500 से अधिक बुजुर्गों ने अपने आयुष्मान कार्ड बनवा लिए हैं।
उन्होंने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी बुजुर्गों, चाहे उनकी सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति कैसी भी हो, को इस योजना का लाभ मिलेगा। ऐसे परिवार जो वर्तमान में योजना से आच्छादित नहीं हैं, उनके 70 वर्ष एवं इससे अधिक आयु के बुजुर्गों को पांच लाख रूपए प्रति परिवार प्रति वर्ष का कवर फ्लोटर आधार पर अनुमन्य होगा।

उन्होंने ने बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित अन्य स्वास्थ्य बीमा योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान एवं अन्य योजनाओं के लाभार्थियों को वर्तमान योजना में बने रहने अथवा आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जनआरोग्य योजना के अन्तर्गत सम्मिलित होने का विकल्प चयनित करने के लिए एक ही बार अवसर प्रदान किया जाएगा। 70 वर्ष एवं इससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक, जिन्होंने निजी स्वास्थ्य बीमा का लाभ ले रखा है अथवा ईएसआईसी के लाभार्थी हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ अनुमन्य होगा।

उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत जिले में 15 सरकारी व प्राइवेट अस्पताल सूचिबद्ध हैं। जिले में 3500 से अधिक आयुष्मान कार्ड बन चुके हैं। इस योजना के तहत 26 विशेषताओं से संबंधित बीमारियों के 1900 से अधिक पैकेज के अंतर्गत निःशुल्क इलाज दिया जाता है।

ऐसे बनाएं आयुष्मान कार्ड

आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए Beneficiary.nha.gov.in पर लॉगिन करना होगा। आधार नंबर दर्ज करने पर लिंक मोबाईल नं0 पर ओ0टी0पी0 प्राप्त होगा। ओ0टी0पी0 दर्ज करने के बाद ई-केवाईसी करना होगा और इसके बाद आयुष्मान कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। मोबाइल पर प्ले स्टोर से Ayushman ऐप डाउनलोड करके भी आयुष्मान कार्ड आसानी से बनाया जा सकता है। किसी भी तरह की जानकारी टोल फ्री नं0 1800 1800 4444 से प्राप्त की जा सकती है। योजना की पात्रता के लिए एक मात्र शर्त 70 वर्ष की आयु की पूर्णता होगी एवं आयु की गणना आधार कार्ड पर अंकित आयु के आधार पर की जाएगी। योजना के लिए एक मात्र दस्तावेज आधार कार्ड मान्य होगा।

बृहद मानसिक स्वास्थ्य शिविर में 220 मरीज का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण

बृहद मानसिक स्वास्थ्य शिविर में 220 मरीज का हुआ स्वास्थ्य परीक्षण जो मरीज को किया गया जिला चिकित्सालय रेफर

गाज़ीपुर।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र देवकली पर वृहद मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन जिला पंचायत सदस्य अभय सिंह एवम मंडल अध्यक्ष प्रवीण त्रिपाठी तथा डॉ एस के सरोज (अधीक्षक ) ने किए। मानसिक रोग से ग्रसित बच्चों एवं अन्य व्यक्तियों को फल वितरित किया गया।शिविर में डॉ संजू लता, डॉ सादिया परवीन एवं डॉ सत्यकाम सिंह, डॉ शैलेंद्र कुमार मौर्य सहायक शोध अधिकारी उदयभान सिंह उपस्थित रहे। शिविर में 220 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। जिसमें 15 मानसिक रोगियों को उपचार किया गया। जिसमें से उच्च जोखिम के 9 मरीजों को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया।

मनोचिकित्सक सामाजिक कार्यकर्ता गौरव कुमार गिरि ने लोगों को मानसिक बीमारी के लक्षण तथा उसके उपचार के बारे तथा नशे से उत्पन्न होने वाली मानसिक बीमारी उसके उपचार के बारे में जागरूक किया। मंदबुद्धि के माता-पिता के बच्चों का परीक्षण तथा उसके उपचार के साथ काउंसिलों के माध्यम से इलाज़ हो सकता है महताब आलम ने लोगों के कान का परीक्षण कर लोगो जागरूक किए। रवि चौरसिया द्वारा फ्लोरोसिस के बारे में विस्तृत जानकारी दिए ।आशीष श्रीवास्तव ने लोगों को दिनचर्या के बारे में तथा खानपान के बारे में जागरूक किया।स्टाफ नर्स सरिता तथा लैब टेक्नीशियन अभिषेक भारती,पूजा सी. एच ओ द्वारा वीपी शुगर की जांच की गई फार्मासिस्ट दिलीप कुमार सिंह द्वारा दवा वितरण किया गया।

ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक प्रदीप कुमार सिंह द्वारा लोगों को स्वास्थ्य के बारे में भी जागरूक किए। कुल 220 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जिसमें 15 मानसिक रोगियों को उपचार किया गया जिसमें से उच्च जोखिम के 9 मरीजों को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया।

मिनी स्ट्रोक (फालिज)के मरीज को 108 एंबुलेंस ने पहुंचाया बीएचयू वाराणसी

मिनी स्ट्रोक (फालिज)के मरीज को 108 एंबुलेंस ने पहुंचाया बीएचयू वाराणसी

ग़ाज़ीपुर।स्वास्थ्य विभाग के द्वारा चलाई गई 102 और 108 एम्बुलेंस लगातार लोगों के जीवन बचाने का कार्य कर रही है और यह काम सिर्फ जिले के अंदर ही नहीं बल्कि हायर सेंटर तक पहुंच कर मरीज की जान बचाई जा रही है। इसी क्रम में बुद्धवार को जिला अस्पताल से मिनी स्ट्रोक (फालिज)के एक मरीज को 108 एंबुलेंस से बीएचयू वाराणसी पहुंचाया गया जहां पर उसका इलाज चल रहा है।

108 एंबुलेंस के प्रभारी दीपक राय ने बताया कि सदर ब्लाक के सैदाबाद के रहने वाले सलाउद्दीन खान उम्र 60 वर्ष जिन्हें मिनी स्टॉक आया हुआ था। वह जिला अस्पताल में एडमिट थे जिला अस्पताल के द्वारा उन्हें बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर किया गया था । जिसके लिए 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया और उसके बाद पायलट दीपक और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन रामनाथ के द्वारा मरीज को जिला अस्पताल से लेकर डॉक्टर के निर्देश पर रास्ते में ट्रीटमेंट देते हुए बीएचयू वाराणसी तक पहुंचाया गया और उन्हें इमरजेंसी में एडमिट करा गया जहां पर उनका इलाज शुरू हुआ।

एनपी एनसीडी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए टीम हुई लखनऊ रवाना

एनपी एनसीडी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चार सदस्य टीम हुई लखनऊ रवाना

ग़ाज़ीपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की तरफ से प्रदेश के कई जनपदों के चिकित्सकों का कार्यशाला एनपी एमसीडी कार्यक्रम के अंतर्गत एमसीडी टीओटी कार्यशाला लखनऊ में आयोजित किया गया है। जिसके लिए गाजीपुर से अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मनोज सिंह, डॉ स्वतंत्र सिंह,एक मेडिकल ऑफिसर गए हैं। जहां पर कार्यशाला में इन लोगों को नॉन डिजीज रोगों के बेहतर इलाज और प्रबंधन के बारे में जानकारी दी जाएगी।

डॉ स्वतंत्र सिंह ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के निर्देश पर गाजीपुर से चार लोगों की टीम लखनऊ में आयोजित एनपी एमसीडी के कार्यक्रम के लिए जा रहे हैं। जहां पर नान कम्यूनिकेबल डिज़ीज़ जैसे ब्लड प्रेशर, सुगर ,अस्थमा, सीओपीडी , कैंसर जैसे रोगों का सफल ईलाज़ के बेहतर प्रबंधन के बारे में जानकारी दी जाएगी।

यह कार्यशाला 19 नवंबर से 21 नवंबर तक आयोजित है ।और इस कार्यशाला में प्रशिक्षण लेकर आने के पश्चात यह लोग गाजीपुर के अन्य स्वास्थ्य अधिकारियों और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने का कार्य करेंगे।

231 लोगों का किया गया सफल परीक्षण

बृहद मानसिक स्वास्थ्य शरीर में 231 लोगों का किया गया सफल परीक्षण

ग़ाज़ीपुर। बृहद मानसिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद पर आयोजित किया गया जिसका उद्घाटन मोहम्मदाबाद ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि एवं अधीक्षक डॉ आशीष राय के द्वारा किया गया। इस दौरान मानसिक रोग से ग्रसित बच्चों एवं अन्य व्यक्तियों फल वितरित भी किया गया। इस शिविर में कुल 231 मरीज का परीक्षण किया गया।

अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि वर्तमान परिवेश को देखते हुए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में जागरूकता जरूरी है। ऐसे रोगियों के साथ अच्छा व्यवहार करना चाहिए। दवा के साथ नियमित खयाल रखने की जरूरत होती है। मानसिक रोग के प्रति जागरुकता के साथ ही उचित परामर्श व बेहतर उपचार के लिए यह शिविर आयोजित है। यदि हम थोड़ा सा संवेदनशील होकर मानसिक रोगी का सही समय से उपचार कराएं तो रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है। कुछ मामलों में यह भावनाएं मानसिक बीमारी का कारण बन सकती है। यह 14 साल की उम्र से शुरू होता है  लेकिन ज्यादातर मामलों का पता नहीं चल पाता और इलाज नहीं होता है। किशोरों व नौजवानों में मानसिक बीमारी का एक प्रमुख कारण अवसाद (डिप्रेशन) है। मानसिक बीमारी के लक्षण, पहचान और जानकारी न होने के कारण यह समस्या बढ़ जाती है।

स्वास्थ कार्यकर्ता गौरव कुमार गिरि ने लोगों को मानसिक बीमारी के लक्षण के बारे तथा नशे से उत्पन्न होने वाली मानसिक बीमारी उसके उपचार के बारे में जागरूक किया। क्लिनिकल साइकोलॉजी अंकित आनंद ने मंदबुद्धि के बच्चों का परीक्षण तथा उसके उपचार के साथ काउंसिलों के माध्यम से इलाज़ हो सकता है। महताब आलम ने लोगों के कान का परीक्षण कर लोगो जागरूक किए। इस कैम्प में बीपी शुगर की जांच के साथ आरबीएस के टिम तथा फार्मासिस्ट द्वारा दवा वितरण किया गया, एच आई वी काउंसलिंग एवं क्षय रोग के लक्षणों से अवगत कराया गया।

ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार ने बताया कि कैम्प में 231 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जिसमें 17 मानसिक रोगियों को उपचार किया गया। उच्च जोखिम के 8 मरीजों को जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। शिविर में डॉ वीरेंद्र कुमार, डॉ आरके वर्मा एवं डॉक्टर डीपी सिंह, डॉ नीरज कुमारी ,डेजी, सोनम यादव, रंजना , जितेन्द्र, नीरा राय ,अंकित आनंद,आशा सिंह इत्यादि रही। रवि शंकर चौरसिया जिला परामर्श दाता एवं सतीश यादव स्टाफ नर्स द्वारा फलोरोसिस , लक्षण एवं बचाव के बारे में विस्तार पूर्वक बताया।

मिला डीजल के लिए बजट

शव वाहन पर लगा ब्रेक हटा विभाग को फिर से मिला ₹60000 डीजल के लिए बजट


गाजीपुर। जिला अस्पताल में गरीब और असहाय लोगों की मौत के बाद उनके शव को उनके घरों तक शव वाहन से पहचाने के साथ ही लावारिस शव को मर्चरी हाउस से पोस्टमार्टम हाउस और उसके पश्चात शमशान घाट तक पहुंच कर उसका अंतिम संस्कार कराया जाता था। लेकिन पिछले दिनों इसके बजट की कमी के कारण शव वाहन को कई दिनों तक खड़ा कर दिया गया था। जिसके कारण लावारिस शव को निजी संसाधन से श्मशान घाट तक लाकर उसका अंतिम संस्कार किया जा रहा था। लेकिन अब एक बार फिर मुख्य चिकित्सा अधिकारी के प्रयास से शव वाहन चलाने के लिए बजट विभाग को प्राप्त हो गया है। इसके बाद शव वाहन पर लगा ब्रेक अब हट जाएगा और लावारिश शव का अंतिम संस्कार निर्वाध गति से चलता रहेगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुनील कुमार पांडे ने बताया कि शव वाहन चलाने के लिए शासन से ₹60000 का बजट मिलता है। और उसके खत्म हो जाने के बाद दोबारा डिमांड करने पर पैसा प्राप्त होता है। जब उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी का पद संभाला उसके कुछ ही दिनों बाद शव वाहन के बजट में कमी आ गई थी। इसके बाद उन्होंने विभाग के प्रशासनिक अधिकारी और अकाउंटेंट से इस संबंध में नोटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा था। इसके बाद पता चला कि शव वाहन चलाने के लिए शासन के तरफ से ₹60000 मिलता है और ड्राइवर के वेतन के लिए प्रतिमाह ₹10000 और 10 से 15 हजार रूपए शव वाहन के मेंटेनेंस के लिए आता है। ऐसे में डीजल के मद में आए हुए 60000 रुपया खत्म हो गया था। जिसके चलते शव वाहन को ब्रेक लगा दिया गया था और अगला बजट के लिए विभाग को पत्र भेजा गया था और शासन ने इसे संज्ञान लेते हुए ₹60000 के अगला बजट भेज दिया है।

उन्होंने यह भी बताया कि इस बार अप्रैल से नवंबर के महीने में ही ₹60000 का बजट जो विभाग से मिला था वह खत्म हो गया और इसलिए विभाग ने इसके मद में दोबारा बजट भेजा है। जबकि पिछले साल मात्र ₹24000 का बजट ही खर्च हो पाया था शेष बजट विभाग को वापस करना पड़ा था।

एम्बुलेंस ने मरीज को निशुल्क पहुंचाया बीएचयू

108 एम्बुलेंस ने मरीज को निशुल्क पहुंचाया बीएचयू वाराणसी

ग़ाज़ीपुर। 108 एम्बुलेंस उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा गरीब और असहाय लोगों को दी गई एक नया तोहफा है जिसकी मदद से आमजन निशुल्क हायर सेंटर तक पहुंच कर अपने मरीज की इलाज करा रहे हैं। ऐसा ही एक दिन पूर्व हुआ जब जिला अस्पताल में एडमिट मरीज जिसे साइटिका की प्रॉब्लम थी और वह पैरों से चल पाने में अक्षम था जिसे डॉक्टर के द्वारा बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर किया गया था जिसकी जानकारी पर 108 एंबुलेंस ने मरीज को वाराणसी तक पहुंचाया।

108 एंबुलेंस के प्रभारी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि गाजीपुर के जिला अस्पताल में भर्ती मरीज अरुण कुमार पुत्र गोवर्धन राम निवासी मिश्रावलिया रौज़ा जिसे पैरों में साइटिका की प्रॉब्लम थी। और वह पैरों से चल पाने में अक्षम था। जिसका कई दिनों से जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। लेकिन बेहतर इलाज के लिए डॉक्टर के द्वारा उसे बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर किया गया था। इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस पर कॉल किया और अपनी समस्या बताएं। जिसके बाद 108 एंबुलेंस के पायलट दीनानाथ और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन लाल बहादुर शर्मा जिला अस्पताल पहुंचे। और मरीज को लेकर बीएचयू वाराणसी के लिए रवाना हुए। वाराणसी में उसे इमरजेंसी में एडमिट कराया जहां पर उसका इलाज शुरू हो पाया।