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संविदा कर्मचारी संगठन ने सौंपा पत्रक, दिया अल्टीमेटम

उत्तर प्रदेश सरकार कर्मचारियों की ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर काफी गंभीर है। इसी को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत चलने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिर में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों के द्वारा ऑनलाइन उपस्थिति को लेकर काफी पहले से निर्देश दिए गए हैं । वहां पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी ऑनलाइन उपस्थिति भी देते हैं । इस उपस्थिति के आधार पर उन सभी लोगों का वेतन भी जारी होता है। ऑनलाइन उपस्थिति की निरंतरता को बनाए रखने हेतु वर्तमान समय में कुछ नए बदलाव को लागू किया जा रहा है। जिसको लेकर संविदा कर्मचारी संगठन के द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी के माध्यम से मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उत्तर प्रदेश को पत्रक शुक्रवार को सौपा गया।

संविदा कर्मचारी संगठन के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह ने बताया कि जनपद के ग्रामीण इलाकों में कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी जो विभिन्न तकनीकी तथा भौतिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इस कारण ड्यूटी पर उपस्थित होते हुए भी कई को साथियों को अपना वेतन प्राप्त नहीं होता रहा है । साथ ही कई घटना यह दिखाती है कि इन लोगो से धन उगाही का प्रयास किया जा रहा है।

CHO संघ की जिला अध्यक्ष रितु सिंह ने बताया कि आरोग्य मंदिरों पर कार्यरत सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा की ई संजीवनी ,गैर संचारी रोगों की स्क्रीनिंग, स्वास्थ्य सेवाओं का ऑनलाइन किया जाना ,आभा आईडी लोगों को घर के समीप बुनियादी स्वास्थ्य सेवा देना आदि शामिल है जिसके लिए वह पूरी तन्मयता से कार्य कर रही है। बावजूद इसके इन लोगों का शोषण किया जा रहा है।

संगठन की मांग है कि स्वास्थ्य विभाग के जो भी नियमावली है वह सभी कैडर के अधिकारियों और कर्मचारियों पर लागू किया जाए, प्रदेश में संविदा कर्मचारियों की रिजवी कमेटी द्वारा दिए गए सुझाव के अनुसार सामान्य कार्य सामान्य वेतन दिया जाए । साथ ही 4800 ग्रेड पे अनुरूप वेतन का निर्धारण हो, महंगाई भत्ता भी दिया जाए ,वेतन निर्धारण में एनएचएम में अन्य राज्यों में किया जा चुका उसके अनुसार लागू किया जाए।

इस दौरान इन लोगों ने अल्टीमेटम दिया है कि संगठन की बातों पर यदि विचार नहीं किया गया तो 21 अगस्त के बाद प्रदेश के सभी को समस्त ऑनलाइन ऑफलाइन कार्य बंद करने के लिए बाध्य होंगे। जिसकी समस्त जिम्मेदारी विभाग की होगी।

उत्कृष्ट कार्यो के लिए सम्मानित हुए पायलट और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन

उत्कृष्ट कार्यो के लिए स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित हुए पायलट और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन

गाजीपुर। 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस की खुशी में हर कोई सराबोर नजर आ रहा था। कारण की शासन की तरफ से हर घर तिरंगा अभियान के तहत पूरा इलाका तिरंगा मय हो गया था । ऐसे में आमजन के इमरजेंसी में कार्य आने वाली 102 और 108 एम्बुलेंस के कर्मचारियों और अधिकारियों ने भी स्वतंत्रता दिवस पर जिला अस्पताल स्थित अपने कार्यालय पर झंडा रोहण करने के पश्चात एक दूसरे को मिठाई खिलाकर स्वतंत्रता दिवस की बधाई दिया ,इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले 102 और 108 एंबुलेंस के पायलट और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन को सम्मानित भी किया।

102 और 108 एंबुलेंस के प्रभारी दीपक राय ने बताया कि राजकीय मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत संचालित गोरा बाजार स्थित जिला अस्पताल जिसमें 102 और 108 एंबुलेंस का कार्यालय भी स्थित है। इस कार्यालय पर जनपद के समस्त एंबुलेंस के पायलट और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन के साथ स्वतंत्रता दिवस की खुशियों में एक दूसरे बधाई देने के साथ ही साथ मिठाई खिलाकर सभी का मुंह मीठा किया गया। इस दौरान उन्होंने बताया कि 102 और 108 एम्बुलेंस लगातार आमजन के गंभीर परिस्थितियों में सहायक बनता है। जिसमें पायलट और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन की बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इन लोगों के क्विक रिस्पांस के चलते बहुत सारे मरीजों को पास के स्वास्थ्य केंद्र या फिर हायर सेंटर बीएचयू वाराणसी तक पहुंचाकर उन्हें नई जिंदगी भी देने का काम किया है। इतना ही नहीं कई बार तो गर्भवती महिलाओं की अस्पताल पहुंचने से पूर्व एंबुलेंस के अंदर प्रसव पीड़ा बढ़ने पर उनका प्रसव भी कराया जा चुका है । ऐसे ही इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और पायलटो को भी स्वतंत्रता दिवस की 77 वीं वर्षगांठ पर उनके कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने बताया कि इस तरह के कार्य से हमारे कर्मचारी के कार्य करने का हौसला बढ़ता है। जिससे गंभीर मरीज की जान बचाई जाती है। उन्होंने बताया कि जनपद में 108 एंबुलेंस की संख्या 37 और 102 एंबुलेंस की संख्या 44 है जिसके माध्यम से लगातार मरीज को सेवा दी जा रही है।

इस मौके पर अखंड प्रताप सिंह, अरविंद कुमार ,वाहिद खान, रामनाथ ,राजेश ,संजय खरवार ,विशाल, हरिओम ,विपिन ओझा, संतोष ,शशि भूषण, बृहस्पति रमेश चंद्र ,अजय अजीत, रमाशंकर, राम लखन, रंजीत ,राकेश ,शिवम सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।

नपा अध्यक्ष ने खाई फाइलेरिया से बचाव की दवा, एमडीए अभियान शुरू

नपा अध्यक्ष ने खाई फाइलेरिया से बचाव की दवा, एमडीए अभियान शुरू

सैनिक चौराहा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर से हुआ सर्वजन दवा सेवन ‘एमडीए’ अभियान का शुभारंभ

नपा अध्यक्ष ने की अपील – स्वास्थ्यकर्मियों का सहयोग कर दवा का सेवन उनके समक्ष करें, दूसरों को भी प्रेरित करें

साफ-सफाई, गंदे पानी के निस्तारण, स्वच्छ पेयजल पर दिया ज़ोर

दो सितंबर तक चलेगा अभियान, करीब 34.42 लाख लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य

गाज़ीपुर। नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शनिवार को सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान का शुभारंभ सैनिक चौराहा स्थित सरस्वती विद्या मंदिर हायर सेकेन्डरी विद्यालय से किया। सर्वप्रथम नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने फाइलेरिया से बचाव की दवा एल्बेण्डाज़ोल और डीईसी का सेवन किया। तत्पश्चात अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार व प्रधानाचार्य अखिलेश मिश्रा सहित अन्य अधिकारियों, शिक्षकों व बच्चों ने दवा का सेवन किया।
नगर पालिका परिषद अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने कहा कि फाइलेरिया मुक्त जनपद बनाने के लिए यह अभियान दो सितंबर तक चलेगा। यह अभियान नगर समेत 13 ब्लाकों में चलेगा। फाइलेरिया जैसी गंभीर व मच्छर जनित बीमारी से बचाव के लिए सबसे ज्यादा जरूरत साफ-सफाई की है। यदि हम अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखेंगे, घर व आसपास गंदगी व जलजमाव की स्थिति पैदा नहीं होने देंगे तो हम इस बीमारी से बचे रहेंगे। हमेशा स्वच्छ पेयजल का उपयोग करें। सोते समय हमेशा मच्छरदानी का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत नगर के सभी वार्डों में दवा सेवनकर्मी और स्वास्थ्य कार्यकर्ता की टीम घर-घर जाकर फाइलेरिया से बचाव की दवा अपने समक्ष खिलाएगी। इसके अलावा नगर पालिका की टीम साफ-सफाई, फोगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव के कार्य में जुटी हुई है। प्रधानाचार्य अखिलेश मिश्रा ने समस्त छात्रों से अपील की कि वह अपने घर के परिजनों व आस पड़ोस के लोगों को भी दवा खाने के लिए प्रेरित करें। इस मौके पर सभी छात्र दवा खाने के लिए उत्साहित दिखे। उन्होंने कहा कि हमने फाइलेरिया से बचाव की दवा खा ली है। यह पूरी तरह से सुरक्षित है। इसी तरह हम लगातार पाँच साल तक साल में एक बार दवा जरूर खाएँगे। साथ ही और भी लोगों को प्रेरित करेंगे।
वहीं दूसरी ओर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय नई दिल्ली से स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने वर्चुअल माध्यम से उत्तर प्रदेश समेत अन्य प्रदेशों में राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन के लिए एमडीए व आईडीए अभियान का शुभारंभ किया। वर्चुअल शुभारंभ का आयोजन जनपद के एनआईसी कार्यालय में हुआ, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य व जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार शामिल रहे।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत करीब 34.42 लाख लक्षित आबादी को फाइलेरिया से बचाव की दवा (एल्बेण्डाजोल व डीईसी) खिलाई जाएगी। इसके लिए ब्लॉकों में 3033 टीमें और नगर के लिए 120 टीमें तैयार की गईं हैं। एक टीम में दो सदस्य (आशा कार्यकर्ता व स्वास्थ्य कर्मी) रहेंगे। छह हजार से अधिक ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर और 600 से अधिक सुपरवाइज़र तैनात किए गए हैं।
शुभारंभ कार्यक्रम में मलेरिया इकाई से सुनील कुमार, अंकिता त्रिपाठी, सुनील सोनकर, बायोलोजिस्ट डॉ अशोक मौर्य, जिला कार्यक्रम समन्वयक (एनटीईपी) डॉ मिथलेश कुमार, पीसीआई से मनीष दुबे, सीफार के जिला प्रतिनिधि सहित अध्यापक, अन्य स्टाफ एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
इन्सेट –
राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस भी मनाया गया – एसीएमओ डॉ मनोज कुमार ने बताया कि मरदह, मनिहारी और जमानिया ब्लॉक में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। इस दौरान एक से 19 साल के बच्चों व किशोरों को पेट के कीड़े निकालने की दवा खिलाई गई। इस ब्लॉक के जो बच्चे दवा खाने से छूट जाएंगे, उन्हें 14 अगस्त को मॉपअप राउंड में दवा खिलाई जाएगी।
गाज़ीपुर – कासिमाबाद ब्लॉक के सिधौत व सुरावत में एमडीए अभियान के शुभारंभ में ग्राम प्रधान, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, फाइलेरिया रोगी सहायता समूह (पीएसजी) नेटवर्क के सदस्य एवं विद्यालय के बच्चे व ग्राम सभा के लोग मौजूद रहे।

बीएससी नर्सिंग कालेज गाजीपुर के लिए मील का पत्‍थर साबित होगा:विशाल सिंह चंचल

गाजीपुर। महर्षि विश्‍वामित्र स्‍वशासीय मेडिकल कालेज के परिसर में राजकीय नर्सिंग कालेज एवं हॉस्‍टल के निर्माण के लिए विधान परिषद सदस्‍य विशाल सिंह चंचल ने शुक्रवार को भूमि पूजन किया। भूमि पूजन के पश्चात नारियल फोड़कर, फरसा से खुदाई कर निर्माण प्रकिया का शुभारंभ किया। भूमि पूजन कार्यक्रम के बाद एमएलसी चंचल सिंह ने बताया कि बीएससी नर्सिंग एवं पैरामेडिकल के छात्रों के लिए इस भवन का निर्माण हो रहा है। जिसकी लागत 10 करोड़ रुपया है। इसमे बीएससी नर्सिंग छात्रों के लिए क्‍लास रुम, हॉस्‍टल, प्रशासनि‍क भवन का निर्माण होगा। उन्‍होने बताया कि बीएससी नर्सिंग का कोर्स शुरु होने से गाजीपुर के छात्रों को मेडिकल के क्षेत्र में रोजगार के काफी अवसर मिलेंगे। वर्तमान समय में भारत के नर्सिंग स्‍टाफ की पूरे दुनिया में डिमांड है। उन्‍होने बताया कि नर्सिंग कालेज का निर्माण यूपी प्रोजेक्‍ट कार्पोरेशन यूनिट थ्री वाराणसी कर रही है। मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर डा. आनंद कुमार ने आए हुए अतिथियों का स्‍वागत करते हुए कहा कि मेडिकल के क्षेत्र में बीएससी नर्सिंग कालेज गाजीपुर के लिए मील का पत्‍थर साबित होगा। यहां के नर्सिंग स्‍टाफ को ट्रेनिंग के लिए मेडिकल कालेज के हास्पिटल में काफी सुविधाजनक अवसर प्राप्‍त होगा। जिससे कि वह कुशल नर्सिंग स्‍टाफ बनकर समाज की सेवा करेगा। इस अवसर पर यूपी प्रोजेक्‍ट कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रोजेक्‍ट मैनेजर प्रवीण कुमार, असिटेंट मैनेजर दिलीप कुमार, जेई अंशुमान तिवारी, शाश्‍वत, डा. प्रदीप पाठक, ब्‍लाक प्रमुख राजन सिंह, अमित सिंह आदि लोग मौजूद थे।

साल में एक बार फाइलेरिया से बचाव की दवा खाएं,जीवन को सुरक्षित बनाएं :सीएमओ

साल में एक बार फाइलेरिया से बचाव की दवा खाएं, जीवन को सुरक्षित बनाएं – सीएमओ

सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित हुई मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जनसहभागिता के साथ जागरूकता भी जरूरी : डीएमओ

जनपद के 13 ब्लॉक समेत नगर के सभी वार्डों में चलेगा एमडीए अभियान

करीब 34.42 लाख लोगों को खिलाई जाएगी फाइलेरिया से बचाव की दवा

ब्लॉक के लिए 3033 और नगर के लिए 120 टीम तैयार, अपने सामने खिलाएँगे दवा

पेशेंट सपोर्ट नेटवर्क सदस्यों ने साझा किया बीमारी के उपचार व प्रबंधन का अनुभव

गाजीपुर। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम को लेकर मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में डब्ल्यूएचओ, पाथ, पीसीआई एवं सीफार संस्था ने महत्वपूर्ण सहयोग किया।
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सर्वजन दवा सेवन अभियान के लिए समस्त तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह अभियान 10 अगस्त से दो सितंबर तक जनपद के 13 ब्लॉकों एवं नगर के सभी 25 वार्डों में संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत करीब 34.42 लाख लक्षित आबादी को फाइलेरिया से बचाव की दवा (एल्बेण्डाजोल व डीईसी) खिलाई जाएगी। इसके लिए ब्लॉकों में 3033 टीमें और नगर के लिए 120 टीमें तैयार की गईं हैं। एक टीम में दो सदस्य (आशा कार्यकर्ता व स्वास्थ्य कर्मी) रहेंगे। छह हजार से अधिक ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर और 600 से अधिक सुपरवाइज़र तैनात किए गए हैं। सभी ब्लाकों के ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन व सुपरवाइज़र का प्रशिक्षण एवं टास्क फोर्स की बैठक हो चुकी है। नगर सहित सभी ब्लॉकों में पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। अभियान में पंचायत राज विभाग, आजीविका मिशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, शिक्षा विभाग, दिव्यांग कल्याण विभाग, आईसीडीएस, नगर विकास विभाग, अल्पसंख्यक विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं आईएमए, रोटरी क्लब, लायन्स क्लब, इनरव्हील क्लब तथा व्यापार संगठन से सहयोग लिया जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया (फीलपाँव या हाथीपाँव) वाहक मच्छर क्यूलेक्स के काटने के बाद इसके लक्षण पांच से 15 साल के बाद दिखाई देते हैं। इसलिए एक साल से ऊपर के सभी बच्चों, किशोर-किशोरियों, वयस्कों, वृद्धजनों को फाइलेरिया से बचाव की दवा जरूर खानी चाहिए। यह दवा स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ताएं घर-घर जाकर अपने समक्ष खिलाएँगी। दवा खाली पेट नहीं खानी है। यह दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नहीं खानी है। इस दवा के पाँच साल लगातार और साल में एक बार सेवन करने से हम अपना जीवन सुरक्षित बना सकते हैं। सीएमओ ने समस्त मीडिया बंधुओं के माध्यम से जनमानस से अपील की कि फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन जरूर करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।
जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने कहा कि किसी भी संदेश को जनमानस तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका होती है। इसी उद्देश्य से फाइलेरिया एमडीए कार्यक्रम को लेकर मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए वर्ष 2027 तक का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत लगातार प्रभावी नियंत्रण को लेकर कार्यवाई की जा रही है। फाइलेरिया रोग से प्रभावित अंग के साफ-सफाई और व्यायाम से इसे सिर्फ नियंत्रित किया जा सकता है। अभियान में स्वास्थ्यकर्मी अपने सामने फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाएँगे। इन दवाओं का वितरण बिल्कुल भी नहीं किया जायेगा। दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है। यह दवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं। हालांकि इन दवाओं का कोई विपरीत प्रभाव नहीं है। फिर भी किसी को दवा खाने के बाद उल्टी, चक्कर, खुजली या जी मिचलाने जैसे लक्षण होते हैंतो यह इस बात का प्रतीक हैं कि उस व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद हैं। ऐसे लक्षण इन दवाओं के सेवन के उपरांत शरीर के भीतर परजीवियों के मरने के कारण उत्पन्न होते हैं। सामान्यतः यह लक्षण स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं। परंतु ऐसी किसी भी परिस्थिति के लिए प्रशिक्षित रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) भी बनाई गई हैं। आवश्यकता पड़ने पर आरआरटी को उपचार के लिए तुरंत बुलाया जा सकता है। यह अभियान सोमवार, मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार के साथ कार्य दिवसों में चलेगा।
कार्यशाला में फाइलेरिया पेशेंट सपोर्ट नेटवर्क की सदस्य कासिमाबाद निवासी गुड्डी मौर्य (42 वर्ष) और हृदयलाल पासवान (29 वर्ष) ने अपने फाइलेरिया बीमारी के अनुभवों को साझा किया और फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने के लिए प्रेरित किया। गुड्डी ने बताया कि वह करीब 30 साल से हाथीपांव बीमारी से ग्रसित हैं। इलाज में बहुत पैसा खर्च किया लेकिन कोई लाभ नहीं मिला। सब्जी की दुकान से अपना घर चलाती हैं। दो साल से नेटवर्क के साथ जुड़ीं हैं। नेटवर्क के साथ जुड़ने और नियमित व्यायाम करने से उनके पैरों की सूजन बहुत कम हो गई है। उन्हें पता नहीं था कि कई साल पहले हुई यह बीमारी इतना गंभीर रूप ले सकती है। हृदयालाल ने कहा – वह 17 साल से फाइलेरिया से ग्रसित हैं। पिछले एक साल से नेटवर्क से जुड़कर अपने पैर की सूजन को कम करने के लिए नियमित व्यायाम और योग कर रहे हैं। पहले पता होता तो हम भी फाइलेरिया से बचाव की दवा खा लेते। लेकिन अब दूसरों को प्रेरित कर रहे हैं।
कार्यशाला में अन्य मच्छर जनित संचारी रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, कालाजार आदि को लेकर की जा रहीं प्रभावी कार्यवाई के बारे में भी जानकारी दी गई। मीडिया बंधुओं के साथ सवाल-जवाब सत्र भी चलाया गया। कार्यशाला में एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ जेएन सिंह, एसीएमओ डॉ मनोज कुमार, सहायक मलेरिया अधिकारी राम सिंह, बायोलोजिस्ट एपी मौर्य, डीवीबीडीसी अंकिता त्रिपाठी, पाथ से डॉ अबु कलीम, डब्ल्यूएचओ से डॉ मंजीत सिंह चौधरी, पीसीआई से मनीष दुबे, सीफार के मंडलीय, जिला व ब्लॉक प्रतिनिधि, फाइलेरिया व मलेरिया निरीक्षक सुनील, प्रमोद, राज कुमार, नागेंद्र एवं अन्य अधिकारी व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

स्वास्थ्य समेत सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सौ फीसदी सफल बनाएं:सीडीओ

जिला टास्क फोर्स की हुई बैठक

फाइलेरिया उन्मूलन : एमडीए अभियान को सफल बनाने के लिए आयोजित हुई ‘जिला टास्क फोर्स’ बैठक

स्वास्थ्य समेत सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सौ फीसदी सफल बनाएं – सीडीओ

जनपद में 10 अगस्त से दो सितम्बर तक खिलाई जाएगी फाइलेरिया से बचाव की दवा

एक वर्ष से कम, गर्भवती महिला और अति गंभीर बीमार लोगों को छोड़ कर करेंगे दवा का सेवन

पेट के कीड़ों से छुटकारा दिलाने के लिए 10 अगस्त को मनेगा ‘राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस’

एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को खिलाई जाएगी पेट के कीड़ों (कृमि) से बचाव की दवा

गाज़ीपुर। जनपद में लोगों को लाइलाज बीमारी फाइलेरिया से बचाने के लिए दस अगस्त से सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही 10 अगस्त को पेट के कीड़े यानि कृमि से बचाव के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) भी मनाया जाएगा। दोनों कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन को लेकर सोमवार को राइफल क्लब सभागार में जिला टास्क फोर्स बैठक व अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) संतोष कुमार वैश्य ने की। उन्होंने बैठक में स्वास्थ्य समेत सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर एमडीए और एनडीडी कार्यक्रम को सफल बनाने का निर्देश दिया। मुख्य विकास अधिकार ने कहा कि एमडीए के साथ साथ एनडीडी अभियान के दौरान किसी भी विभाग के स्तर से लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से समस्त सरकारी विभागों व कार्यालयों में बूथ लगवाकर लोगों को दवा सेवन करवाया जाए। सभी विभाग समय से अपना माइक्रोप्लान तैयार कर लें और उसी के अनुसार अभियान को सौ फीसदी सफल बनाएं। आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अभियान से पहले ही फाइलेरिया बीमारी की भयावहता के बारे में लोगों से चर्चा करें और अभियान के दौरान आशा कार्यकर्ता के साथ सक्रिय भूमिका निभाते हुए अपने सामने फाइलेरिया और कृमि से बचाव की दवा का सेवन करवाएं। सीडीओ ने अपील की कि मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन व एनडीडी कार्यक्रम के तहत फाइलेरिया व कृमि से बचाव की दवा खाकर स्वयं को फाइलेरिया व कृमि से सुरक्षित करें एवं गाजीपुर को फाइलेरिया व कृमि मुक्त जनपद बनाएं। घर – घर जाने वाली स्वास्थ्य टीमों का पूरा सहयोग करें।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने बताया कि एमडीए अभियान जनपद के मरदह, मनिहारी और जमानिया ब्लॉक को छोड़कर अन्य सभी ब्लाकों एवं नगर में चलेगा। इसके तहत दस अगस्त से दो सितम्बर तक दो सदस्यों की टीम घर घर जाकर लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा (डीईसी व एल्बेण्डाज़ोल) खिलाएंगी। यह दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिला और अति गंभीर रूप से बीमार लोगों को छोड़कर सभी को खिलाई जाएगी। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया (हाथीपाँव) एक लाइलाज बीमारी है, जिससे बचने के लिए पाँच साल तक लगातार साल में एक बार बचाव की दवा का सेवन जरूरी है। इसके अलावा मरदह, मनिहारी और जमानिया ब्लॉक में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (10 अगस्त) को निजी, सरकारी, सरकारी सहायता विद्यालयों, मदरसों एवं केंद्रीय विद्यालय में एक से 19 वर्ष तक के बच्चों को पेट के कीड़ों (कृमि) से बचाव के लिए एल्बेण्डाज़ोल दवा खिलाई जाएगी। लेकिन जो बच्चे बीमार हैं या दवा खा रहे हैं, उन्हें यह दवा नहीं खिलाई जाएगी। अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य व आंगनबाड़ी केंद्र या आशा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से संपर्क करें।
बैठक में एमडीए अभियान के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ जेएन सिंह, एनडीडी अभियान के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ मनोज कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य, सरकारी चिकित्सालयों के अधीक्षक, जिला मलेरिया अधिकारी तथा आईसीडीएस, शिक्षा, पंचायती राज, आजीविका, समाज कल्याण, कृषि, आपूर्ति, नगर पालिका, सूचना विभाग के अधिकारी व कर्मी, डब्ल्यूएचओ, पाथ, पीसीआई, सीफार, एवीडेंस एक्शन संस्था के प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी व कर्मी मौजूद रहे।

17 स्कूल व कॉलेजों में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम

छात्र–छात्राओं को ‘फाइलेरिया रोधी दवा’ सेवन के लिए किया जागरूक

शनिवार को जनपद के 17 स्कूल व कॉलेजों में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जनपद में 10 अगस्त से शुरू होगा एमडीए अभियान

गाज़ीपुर। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में 10 अगस्त से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत लक्षित आबादी को फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन कराया जाएगा, जिससे वह फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बच सकें। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल के निर्देशन में स्कूलों और विद्यालयों में जन जागरूकता कार्यक्रम व गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। यह गतिविधियां स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों के संयुक्त प्रयास और पीसीआई, पाथ, डब्ल्यूएचओ व सीफार संस्था के सहयोग से आयोजित की जा रही हैं।


शनिवार को सैदपुर स्थित बेनी सिंह इंटर कॉलेज, नगर के मेरी सिटी स्कूल व एमएएच इंटर कॉलेज समेत 17 स्कूलों में एक हजार से अधिक छात्र – छात्राओं को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करने के बारे में जागरूक किया गया। बेनी सिंह इंटर कॉलेज में प्रार्थना सभा के दौरान स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रेखा मधुकर और मेरी सिटी स्कूल में बायोलोजिस्ट अशोक प्रकाश मौर्य के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फाइलेरिया बीमारी के कारण, लक्षण, जांच और बचाव आदि के बारे में जानकारी देते हुए एमडीए अभियान (10 अगस्त से दो सितंबर) के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर छात्र – छात्राओं को बताया कि फाइलेरिया (फीलपाँव या हाथीपाँव) वाहक मच्छर क्यूलेक्स के काटने के बाद इसके लक्षण पांच से 15 साल के बाद दिखाई देते हैं। इसलिए एक साल से ऊपर के सभी बच्चों, किशोर-किशोरियों, वयस्कों, वृद्धजनों को फाइलेरिया से बचाव की दवा जरूर खानी चाहिए। यह दवा स्वास्थ्यकर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा घर-घर जाकर खिलाई जाएगी। यह दवा वितरित नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ता यह दवा लोगों को अपने समक्ष खिलाएँगी। यह दवा खाली पेट नहीं खानी है। यह दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। साथ ही यह दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और गंभीर रूप से बीमारव्यक्तियों को नहीं खानी है। इस दवा के साल में एक बार और पाँच साल लगातार सेवन करने से हम फाइलेरिया से सुरक्षित बन सकते हैं। इसके लिए जन सहभागिता की बेहद आवश्यकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को एमडीए अभियान और फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करने के बारे में जागरूक करें। इस अवसर पर समस्त स्कूलों के प्रधानाचार्य, अध्यापक, शिक्षक, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रेखा मधुकर, बायोलॉजिस्ट अशोक प्रकाश मौर्य एवं पीसीआई के जिला समन्वयक मनीष दुबे समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

विभिन्न मांगों को लेकर एनएचएम संविदा कर्मियों ने सीएमओ को सौपा पत्र

विभिन्न मांगों को लेकर एनएचएम संविदा कर्मियों ने सीएमओ को सौपा पत्र

ग़ाज़ीपुर।एनएचएम संविदा कर्मचारी जो अपने कई मांगों को लेकर पिछले 26 जुलाई से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में संविदा कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित एक पत्र सौपा।

संविदा कर्मचारी संगठन के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह ने बताया कि उ0प्र0राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ(रजि0) के बैनर तले प्रदेश भर के लगभग 1.50 लाख की संख्या में संविदा कर्मचारी संगठित हैं।समस्त संविदा कर्मचारियों द्वारा वैष्विक महामारी में शहर से लेकर गाँव तक समुदाय के अन्तिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा को पहुँचाने में जीवन तक कुर्बान करते हुए अतुलनीय योगदान दिया है, जिसको कभी भुलाया नहीं जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के एनएचएम संविदा कर्मचारियों के भविष्य को सुदृढ़ करने हेतु आपसे विनम्र अनुरोध है कि कृपया संगठन की समस्त 15 सूत्रीय प्रमुख जायज मांगों को लेकर पत्र सौंपा गया है। उन्होंने अपने मुख्य मांगों में म्यूचुअल एवं रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानान्तरण का अनुमोदन एवं संविदा कर्मचारियों हेतु भी प्रत्येक वर्ष स्वयं के अनुरोध पर गैर जनपद स्थानान्तरण नीति को लागू किया जाए। केन्द्र सरकार से उत्तर प्रदेश को आवंटित अतिरिक्त 3ः प्राप्त बजट से वेतन विसंगति का निस्तारण कर वेतन वृद्धि की जाये। बढ़ती हुई महंगाई के दृष्टिगत संविदा कर्मचारियों हेतु म्च्थ्, ग्रेड-पे ।(मंहगाई भत्ता) लागू किया जाये। प्रदेष के शेष 35 जनपदों के डाटा आपॅरेटर को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित किया जाये। पी0बी0आई0 उनके मानदेय में जोड़ा जाये(बिहार राज्य के अनुसार)। नियमित पदो के सापेक्ष होने वाली भर्ती प्रक्रिया में स्टॉफ नर्स की भाँति अन्य समस्त संविदा कर्मचारियों को भी भारांक/वरीयता दिया जाये। संविदा कर्मचारियों के लिये भी सुविधा को लागू किया जाये।सबसे कम मानदेय पर कार्य कर रहीं संविदा ।मासिक मानदेय न्यूनतम रू0 25000/- किया जाये।

इस मौके पर प्रेम प्रकाश राय, सुरेंद्र यादव, रियाज सुल्तान, ओंकार पांडे, वर्तिका तिवारी ,अविनाश शर्मा ,सोनू कुमार ,सुनील यादव ,अनिल शर्मा, प्रतिभा विश्वकर्मा ,राधेश्याम यादव, समारू कुमार, मिथिलेश कुमार सिंह, संजय सिंह यादव ,अशोक कुमार, साकेत सिंह आदि रहे।

सीएमओ ने की अपील,घर व आसपास रखें साफ-सफाई, न होने दें जलजमाव की स्थिति

घर-घर जाकर मच्छरों का लार्वा खोज रहे ‘डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स’

नगर पालिका क्षेत्र में एक सप्ताह से अधिक जमा पानी को करवा रहे खाली

मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए समुदाय को कर रहे जागरूक

सीएमओ ने की अपील – घर व आसपास रखें साफ-सफाई, न होने दें जलजमाव की स्थिति

गाज़ीपुर। जनपद में मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया आदि से बचाव के लिए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सक्रिय है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल के निर्देशन में पूरे जुलाई माह चलाए गए विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी हैं। अब जिले में मच्छरों के लार्वा को खोजने के लिए डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) यानि घरेलू प्रजनन जांचकर्ता घर-घर भ्रमण कर रहे हैं। एक सप्ताह से अधिक जमा पानी को खाली करवा रहे हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि सीएमओ के निर्देशन में नगरीय क्षेत्र में वेक्टर जनित रोगो की रोकथाम और घर-घर लार्वा जांच के लिए 11 घरेलू प्रजनन जांचकर्ताओं को प्रशिक्षित कर तैनात किया गया है। यह सभी घरेलू प्रजनन जांचकर्ता घर या बाहर जमा पानी के स्रोतों पर मच्छरों के लार्वा की जांच कर रहे हैं। लार्वा प्रजनन स्रोत पाये जाने पर उनका विनष्टीकरण का कार्य भी कर रहे हैं। कूलर, टायर, टंकी आदि जगहों पर एक सप्ताह से अधिक जमा पानी को खाली करा रहे हैं और साफ-सफाई के बारे में जानकारी दे रहे हैं। साथ ही प्रचार-प्रसार सामग्री की सहायता से समुदाय को संचारी रोगों से बचाव के लिए ‘क्या करें-क्या न करें’ और ‘हर रविवार मच्छर पर वार’ के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि समस्त जांचकर्ता नगर के सभी वार्डों खासकर मलिन बस्तियों और उच्च जोखिम वाले इलाकों में भ्रमण कर मच्छरों के लार्वा की जांच कर रहे हैं। एक दिन में कम से कम 50 घरों का भ्रमण कर रहे हैं।
शुक्रवार को उन्होंने भूतैयाताड़ क्षेत्र के तुलसी सागर में करीब 50 घरों का भ्रमण कर गहन निरीक्षण किया था। कुछ घरों में लार्वा के स्रोतों को खाली कराकर साफ कराया। लोगों को जागरूक किया कि कूलर, टंकी, टायर, फ्रिज की ट्रे आदि जगहों पर एक सप्ताह से अधिक पानी न जमा होने दें। साफ-सफाई का ध्यान रखें। इस कार्य में समुदाय का सहयोग मिल रहा है।
सीएमओ डॉ देश दीपक पाल ने जनपदवासियों से अपील की है कि संचारी रोगों से बचाव के लिए सभी अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियां न उगने दें, जल जमाव न की स्थिति पैदा होने दें, रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल या लार्वा रोधी रसायन डालें, कूलर आदि का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, कोई भी बुखार का लक्षण दिखे तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच एवं इलाज़ कराएं। बाहर के दूषित भोजन पानी का प्रयोग न करें। उन्होंने ‘हर रविवार मच्छर पर वार, खत्म करेंगे डेंगू, मलेरिया बुखार’ का संदेश दिया।

काली पट्टी बांधकर किया विरोध प्रदर्शन

स्वास्थ्य विभाग के संविदा कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपनी मांगों के समर्थन में किया विरोध प्रदर्शन

गाजीपुर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संविदा कर्मचारी अपने विभिन्न मांगों को लेकर सांकेतिक रूप से विरोध प्रदर्शन की रूपरेखा बनाई है। जो 26 जुलाई से शुरू होकर 7 अगस्त तक पूरे प्रदेश में चलना है। जिसको लेकर गाजीपुर जनपद के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कार्यक्रम से जुड़े हुए संविदा कर्मी शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर सांकेतिक रूप से काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताया।

संविदा कर्मचारी संगठन के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के द्वारा पत्र के माध्यम से 15 जुलाई को प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण उत्तर प्रदेश से वार्ता किए जाने का अनुरोध किया था। लेकिन एक सप्ताह में उक्त का कोई संज्ञान नहीं लिया गया । जिससे प्रदेश भर के करीब डेढ़ लाख एनएचएम संविदा कर्मचारियों में काफी रोष व्याप्त है। और उसके बाद से संघ के आदेश पर आज से विरोध प्रदर्शन शुरू किया गया है।

उन्होंने बताया की प्रमुख मांगों में म्यूचुअल एवं रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानांतरण हेतु नीति लागू किया जाए, संविदा कर्मियों को EPF, ग्रेड पे व डीए दिए का निर्धारण हो, नियमित पदों के सापेक्ष होने वाली भर्ती प्रक्रिया में संविदा कर्मचारियों को वरीयता दिया जाए, एनएचएम में सात व 10 वर्ष से अधिक की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को लायल्टी बोनस दिया जाए, सीएचओ का पीवीआई उनके मानदेय में जोड़ा जाए, कंप्यूटर ऑपरेटर का जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन जिला व ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधन इकाई में कारक स्टाफ के वेतन विसंगति का निस्तारण के साथ ही कई तरह की मांगे शामिल है। और इन्हीं सब मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने बताया कि आज से काली पट्टी बात कर शुरू किए गए विरोध के बाद 29 और 30 जुलाई को ड्यूटी समय से एक घंटे अधिक कार्य किया जाएगा। इसके पश्चात 31 जुलाई, 1 और 2 अगस्त को जनपद स्तर से मुख्यमंत्री को संबोधित 10 सूत्री मांग पत्रों का ज्ञापन जिला अधिकारी या फिर क्षेत्रीय सांसद और विधायक के माध्यम से प्रेषित किया जाएगा । इसके अलावा तीन चार पांच और 6 अगस्त को प्रदेश के संविदा कर्मचारियों द्वारा भारत सरकार व राज्य सरकार के पोर्टल पर किए जाने वाले ऑनलाइन कार्य को बंद कर डिजिटल स्ट्राइक भी करेंगे । 7 अगस्त को भारी संख्या बल के साथ लखनऊ पहुंचकर मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कार्यक्रम का गिरावट भी करेंगे।
इस अवसर पर प्रभुनाथ ,अनिल कुमार वर्मा, अशोक कुमार पांडे, मोहम्मद अजहर, शिवकुमार यादव, भारत भूषण श्रीवास्तव ,संजीव कुमार ,सोनू शर्मा ,दीपक कुमार, साकेत कुमार सिंह ,शशिकांत सिंह, विनोद राजभर ,अनिल कुमार शर्मा, प्रतिभा विश्वकर्मा ,दुर्गा प्रसाद कनौजिया, राधेश्याम यादव, मिथिलेश कुमार ,अशोक कुमार, अजय कुमार ,डॉक्टर शाहबाज, अमित कुमार, समारू कुमार सहित अन्य संविदा कर्मी मौजूद रहे।