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  • शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

    शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

    गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

    प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

    कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

    विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

    इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

    कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                    

  • 12 से 23 फरवरी तक होगा क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन

    12 से 23 फरवरी तक होगा क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन

    12 से 23 फरवरी तक होगा क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन

    गाजीपुर। गाजीपुर क्रिकेट एकेडमी के तत्वाधान में 4 फरवरी को अरोरा फाउंडेशन महुआबाग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया । गाजीपुर क्रिकेट एकेडमी के प्रेसिडेंट अभिषेक सिंह ने बताया कि यह प्रतियोगिता 12 फरवरी से 23 फरवरी तक गाजीपुर क्रिकेट एकेडमी के तत्वधान में प्रथम स्वर्गीय श्री नारायण सिंह (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष) एवं स्वर्गीय श्री अजीत कुमार सिंह स्मारक ऑल इंडिया कैश मनी क्रिकेट (G 20-20) प्रतियोगिता का आयोजन होना है। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न स्थानों की कुल 8 टीम प्रतिभागी होंगी। जिसमें रणजी ट्रॉफी, आईपीएल, बोर्ड ट्राफी के खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे।यह आयोजन जनपद में पहली बार वृहद स्तर पर किया जा रहा है।

  • राष्ट्रपति से मिले डालिम्स सनबीम स्कूल के बच्चे

    राष्ट्रपति से मिले डालिम्स सनबीम स्कूल के बच्चे

    राष्ट्रपति से मिले डालिम्स सनबीम स्कूल के बच्चे


    गाजीपुर। राष्ट्रपति भवन में आयोजित बाल दिवस पर नगर के डालिम्स सनबीम स्कूल के बच्चों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और अपने मन की जिज्ञासा को दूर किया। राष्ट्रपति से संवाद कर बच्चे काफी प्रफुल्लित हैं। राष्ट्रपति ने भी उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी हिस्सा लेने की सीख दी। इस दौरान राष्ट्रपति भवन व संसद भवन का भी भ्रमण किया। यह जिले के लिए गौरव की बात है। राष्ट्रपति भवन के सेंट्रल हाल में आयोजित बाल दिवस पर कार्यक्रम के लिए जिले के सनबीम स्कूल के बच्चों का चयन किया गया था।
    स्कूल की डायरेक्टर एकता अखंड राय, शिक्षक कमलेश सिंह के साथ छात्र अभ्युदय प्रताप, निवेदिता प्रधान, आदर्श राय व सौम्या राय कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। बच्चों ने बताया कि राष्ट्रपति प्रोटोकाल तोड़कर उनके बीच आ गयीं और संवाद किया। अभ्युदय प्रताप व निवेदिता ने राष्ट्रपति से पूछा कि आपको महामहिम के पद पर आने के बाद कैसा लगा? तो उन्होंने जवाब दिया बिल्कुल, बहुत अच्छा लगा। फिर बच्चों ने सफल होने के बाद कैसा महसूस करतीं हैं। जवाब दिया सफलता का कोई अंत नहीं है। राष्ट्रपति ने सीख दी कि आप बच्चे आगे बढ़ते जाइए। आपका बचपन कैसा के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं भी आपकी तरह बगीचों और मिट्टी में खेला करती थीं। आज की तरह अच्छे स्कूल नहीं थे। उन्होंने बच्चों को मेहनत की सीख दी। साथ ही शिक्षकों से बच्चों को रोचक तरीके से शिक्षण कार्य कराने के साथ ही शारीरिक व मानसिक विकास के लिए खेलकूद को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

  • डीएम ने की बैठक,दिया निर्देश

    डीएम ने की बैठक,दिया निर्देश

    गाजीपुर। जिला उद्योग बन्धु एवं स्वरोजगार बन्धु की बैठक गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी एम पी सिंह  की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुआ।इस बैठक में जिलाधिकारी ने मण्डी समिति दुल्लहपुर की जमीन अन्य़त्र स्थानान्तिरित किए जाने हेतु निस्तारण का निर्देश , व्यापारियो के समस्याओ के समाधान, उद्यमी वशिष्ट सिंह यादव के विद्युत बिल भुगतान प्रकरण के समाधान, औद्योगिक आस्थान नन्दगंज में सड़क , नाली , बाउण्डरीवाल निर्माण, निवेश मित्र पोर्टल, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री रोजगार/युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद,पी एम सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार, आजीविका मिशन,पी एम स्वनिधि योजना एवं अन्य बिन्दूओ पर समीक्षा कर उद्यमियो के समस्याओ पर चर्चा की गयी तथा सम्बन्धित अधिकारियों को शिकायतो के निस्तारण का निर्देश दिया ।उद्यमी एस के दूबे ने सुखदेवपुर चौराहे से गाजीपुर घाट तक के 800 मीटर मार्ग जो बिल्कुल क्षतिग्रस्त है को सही कराने का अनुरोध एंव व्यापार मण्डल के विजय शंकर वर्मा ने रौजा से एम ए एच इण्टर कालेज तक जर्जर के बारे मे अवगत कराया । जिस पर जिलाधिकारी ने समन्धित अधिकारी को स्थलीय निरीक्षण करते हुए कार्यवाही का निर्देश दिया।
    जिलाधिकारी उधोगों के विकास में बैंको से अधिकाधिक सहयोग प्राप्त किये जाने के सम्बन्ध मे जिला अग्रणी प्रबंधक से अपेक्षा की। उद्यामियों के शिकायतो को सम्बन्धित अधिकारियों को समय से निस्तारण का निर्देश दिया। इस अवसर पर उघमी बशिष्ठ सिंह यादव, ए0के0दुबे अध्यक्ष ईट भठ्ठा एसोसिएशन एवं अन्य उद्यमी एंव व्यापार मण्डल के पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • शाह फैज स्कूल के बच्चों ने बढ़ाया विद्यालय का मान

    शाह फैज स्कूल के बच्चों ने बढ़ाया विद्यालय का मान

    गाजीपुर। खेल के महत्व और भूमिका को किसी के भी द्वारा नज़र अंदाज नहीं किया जा सकता है, यह वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण विषय है। खेल के दो सबसे अधिक महत्वपूर्ण लाभ; अच्छा स्वास्थ्य और शान्त मस्तिष्क हैं। हमारा विद्यालय विद्यार्थियों के समूचे विकास के लिए हरदम तत्पर रहता है। इसके लिए समय-समय पर खेल गतिविधियां आयोजित करता रहता है व साथ ही विद्यार्थियों को अन्य जगहों पर विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में सम्मिलित होने के लिए भी भेजता रहता है। उक्त बातें शाह फैज स्कूल के डायरेक्टर नदीम अधमी ने कहीं। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि 25 मई को सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ में किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था जिसमें हमारे विद्यालय की अर्पिता कुमार, ख़ुशी, प्रियांशु , तेजस्विनी सिंह, अयान खान, मोहम्मद युसूफ ने लाइट कांटेक्ट में स्वर्ण पदक तथा शिल्पी यादव, रिद्धि यादव ने रजत पदक प्राप्त किया। लाइट कांटेक्ट में शिल्पी यादव व रिद्धि गुप्ता ने रजत पदक प्राप्त किया। अर्पिता कुमार, प्रियांशु राय , शिल्पी यादव ने किक लाइट में रजत पदक प्राप्त किया। ख़ुशी, तेजस्विनी सिंह, रिद्धि गुप्ता, विराट सिंह ने किक लाइट में कांस्य पदक हासिल किया । इसके अतिरिक्त शिवांश विश्वकर्मा ने किक लाइट, लाइट कांटेक्ट एवं म्यूजिकल फॉर्म में कांस्य पदक प्राप्त करके विद्यालय का मान बढ़ाया। आशीष खरवार ने भी किक लाइट व लाइट कांटेक्ट में कांस्य पदक प्राप्त किया । विभिन्न वर्गों में विद्यालय को कुल 7 स्वर्ण पदक ,6 रजत पदक व 9 कांस्य पदक प्राप्त हुए।
    विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी एवं निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी प्रतिभागियों व कोच देवेंद्र प्रसाद प्रजापति, दिनेश राय एवं आमना ओबैद को बधाई व शुभ कामनाएं दीं।

  • विद्यार्थियों की सुविधा सामग्री को डीएम ने विद्यालय को सौंपा

    विद्यार्थियों की सुविधा सामग्री को डीएम ने विद्यालय को सौंपा

    गाजीपुर। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय गाजीपुर पश्चिम द्वारा बैंक के सीएस आर योजना के तहत सदर के 10 प्राथमिक विद्यालयों में 20 कक्षाओं के लिए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बैठने के लिए 200 डेस्क बेंच, 20 कुर्सी, टेबल का योगदान किया गया है, जिसे बुधवार को जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया गाजीपुर पश्चिम के क्षेत्र प्रमुख संजय कुमार सिंन्हा द्वारा हरी झंडी दिखाकर स्कूलों के लिए उपरोक्त सामान का निर्गम किया गया। बैंक द्वारा सी एस आर के तहत सभी 10 प्राथमिक विद्यालयों में 20 क्लासरूम की पेंटिंग का कार्य भी किया गया है। इस मौके पर अग्रणी जिला प्रबन्धक राजदेव कुमार, उप क्षेत्र प्रमुख आशीष कुमार, डिग्री कॉलेज शाखा प्रमुख विजय दुबे मौजुद रहें। बैक द्वारा यह कार्य बैंक के सी एस आर योजना के तहत प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के सुविधा के लिए किया गया है जिससे ज्यादा से ज्यादा बच्चे लाभान्वित होंगे।

  • मृतक के परिजनों को एमएलसी चंचल ने दिया पांच-पांच लाख का चेक

    मृतक के परिजनों को एमएलसी चंचल ने दिया पांच-पांच लाख का चेक


    गाजीपुर। 21 मई को  तहसील सदर विकास खण्ड मरदह के अन्तर्गत ग्राम नरवर में काशीदास बाबा पूजा आयोजन के दौरान ट्रांसमिशन बिजली के चपेट में आने हुई घटना से चार युवकों के मौत हो गई। सूचना प्राप्त होने पर उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन की संवेदनायें आपके साथ है। शोक की इस घड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार आपके परिवार के साथ खड़ी है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिवार को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दें।

    उक्त बातें एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने कहीं। इस दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत मृतक के परिजनों रंजू यादव पत्नी छोटेलाल यादव, हीरालाल यादव पुत्र रामबदन यादव, कुन्नु यादव पुत्र शिवनाथ यादव को पॉच- पॉच लाख रूपये की सहायता धनराशि की स्वीकृति प्रदान की गयी है। बुधवार को मौके पर पहॅुचे विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह ‘‘चंचल‘‘ ने मृतक छोटेलाल यादव की पत्नी रंजू देवी को पांच लाख रूपये का किसान बीमा दुर्घटना का चेंक दिया। साथ ही सीएम या पीएम आवास दिलाने का आश्वासन दिया।

    मृतक के बच्चें श्रेया, साक्षी, आर्यशी, आर्यन की पढ़ाई हेतु भी सहयोग करने का भी वादा करते हुए परिजनों को सांत्वाना दिया। मृतक अमन यादव के पिता हीरालाल यादव, मृतक गोरख यादव के पिता कुन्नू यादव को भी पांच लाख रूपये का चेंक प्रदान किया। मृतक रविन्द्र उर्फ कल्लू सिपाही की पत्नी रीमा यादव को ढ़ढास बढाते हुए हर सम्भव मदद दिलाने को कहा। पूजा के आयोजक सुरेन्द्र पंथी से भेंटकर घटना की विस्तृत जानकारी लेते हुए घायल संतोष यादव, पवन यादव, अभोरिक यादव, जितेन्द्र यादव का कुशलक्षेम पूछते हुए हर सभंव मदद दिलाने व करने का आश्वासन दिया। एमएलसी ने कहा कि इस दुःख की घड़ी में परिवारजनों के साथ उ0प्र0 सरकार एवं जिला प्रशासन है।

    इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख बिरनों राजन सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख संतोष यादव, एमएलसी प्रतिनिधि डा0 प्रदीप पाठक, उपजिलाधिकारी सदर मनोज पाठक, खण्ड विकास अधिकारी मरदह कौस्तुभ मणि त्रिपाठी, युवा भाजपा नेता हिमांशु सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहें।

  • नरवर गांव पहुंचे सांसद धर्मेंद्र यादव,पीड़ित परिजनों से की मुलाकात

    नरवर गांव पहुंचे सांसद धर्मेंद्र यादव,पीड़ित परिजनों से की मुलाकात

    ग़ाज़ीपुर।28 मई को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में नरवर विधुत हादसे में पीड़ित परिजनों से मिलकर शोक संवेदना जताई।
    सांसद धर्मेन्द्र यादव ने इस घटना को बहुत ही दुखद बताते हुए पीड़ित परिजनों को अब तक कोई सरकारी मदद या राहत न मिलने पर अफसोस जाहिर किया।उन्होंने कहा कि सरकार को जान-माल की कोई फ़िक्र नहीं है। इस तरह के हादसे की पुनरावृत्ति न हो, सरकार को इस बात का ख्याल रखना होगा और लोगों के जान-माल की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी भी है।
    समाजवादी पार्टी की तरफ से इस घटना में जिन तीन परिवारों के सदस्यों की मौत हुई, उन तीनों परिवारों को डेढ़ डेढ़ लाख और घायलों को पच्चीस पच्चीस हजार रुपए की आर्थिक मदद की गई।
    इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, सांसद अफजाल अंसारी, विधायक ओमप्रकाश सिंह,विधायक डा.वीरेंद्र यादव,विधायक जै किशन साहू,विधायक मन्नू अंसारी, काशीनाथ यादव, अभिषेक यादव,विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र यादव, शामिल थे।
    मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव, रामधारी यादव, राजकुमार पांडे, कन्हैयालाल विश्वकर्मा रामनारायण यादव तथा सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

  • अहिल्याबाई होल्कर एक अद्वितीय व्यक्तित्व की धनी महिला थीं:सोहन लाल श्रीमाली

    अहिल्याबाई होल्कर एक अद्वितीय व्यक्तित्व की धनी महिला थीं:सोहन लाल श्रीमाली

    गाज़ीपुर।सोहन लाल श्रीमाली, उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर) राज्य पिछड़ा वर्ग अयोग उ0प्र0 द्वारा जिला पंचायत सभागार में अहित्याबाई होल्कर शताब्दी समारोह कार्यक्रम के दौरान प्रेस मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेसवार्ता की गई। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होने बताया कि पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर का जीवन शौर्य, साधना, सेवा, समर्पण, संयम और सादगी का अप्रतिम उदाहरण है। उनकी अद्वितीय शासन कला, सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और धार्मिक आस्था ने एक ऐसा मार्ग प्रशस्त किया जो हम सभी के लिए आज भी प्रेरणादायी है। आज राजमाता अहिल्याबाई की जयंती के 300 वर्ष के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धा पूर्वक नमन करते हुए हमें यह शुभ अवसर प्राप्त हुआ है कि हम उनके महान व्यक्तित्व का स्मरण करते हुए उनसे प्रेरणा लें।
    राजमाता अहिल्याबाई होल्कर एक अद्वितीय व्यक्तित्व की धनी महिला थीं जिन्होंने अपने शासनकाल में मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र को एक नई दिशा दिखाई। उनकी न्यायप्रियता, प्रशासनिक क्षमता और धार्मिक सहिष्णुता ने उन्हें एक आदर्श शासक बनाया।

    राजमाता अहिल्याबाई का जन्म 31 मई, 1725 ई को अहमदनगर के चौंडी ग्राम में हुआ था। उनकी माता सुशीला तथा पिता माणको जी शिंदे थे। राजमाता अहिल्याबाई ने ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले एक सामान्य परिवार की बालिका से एक असाधारण शासक तक की यात्रा पूरी की। उनका विवाह मल्हार राव होल्कर के पुत्र खंडेराव होल्कर से हुआ था। पति की मृत्यु के बाद उन्होंने अपने राज्य की बागडोर संभाली और मालवा क्षेत्र को समृद्धि और सुरक्षा प्रदान की।

    राजमाता अहिल्याबाई को लोकमाता और पुण्यश्लोका के रूप में ख्याति प्राप्त है। शिव की अनन्य भक्त अहिल्याबाई का लोक कल्याणकारी शासन भूमिहीन किसानों, भीलों जैसे जनजातीय समूहों तथा विधवाओं के हितों की रक्षा करने वाला एक आदर्श शासन था। समाज सुधार, कृषि सुधार, जल प्रबंधन, पर्यावरण रक्षा, जनकल्याण और शिक्षा के प्रति समर्पित होने के साथ-साथ उनका शासन न्याय प्रेमी था। समाज के सभी वर्गों का सम्मान, सुरक्षा, प्रगति के अवसर देने वाली समरसता की दृष्टि उनके प्रशासन का आधार थी। इन्हीं लोक कल्याणकारी कार्यों के कारण उन्हें लोकमाता कहा गया।
    इसी के साथ न केवल अपने राज्य में अपितु संपूर्ण देश के मंदिरों की पूजा व्यवस्था और उनके आर्थिक प्रबंधन पर भी उन्होंने विशेष ध्यान दिया। बद्रीनाथ से रामेश्वरम तक और द्वारिका से लेकर पूर्व पुरी तक आक्रमणकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त मंदिरों का उन्होंने पुनर्निर्माण कराया। प्राचीन काल से चलती आई और आक्रमण काल में खंडित हुई तीर्थ यात्राओं में उनके प्रयासों से नवीन चेतना आई। इन वृहद कार्यों के कारण ही उन्हें पुण्यश्लोका की उपाधि मिली। संपूर्ण भारतवर्ष में फैले हुए इन पवित्र स्थानों का विकास वास्तव में उनकी राष्ट्रीय दृष्टि का परिचायक है।

    राजमाता अहिल्याबाई अत्यंत दूरदर्शी प्रशासिका थी। उन्होंने एक ऐसा सूचना तंत्र विकसित किया जिसके माध्यम से उन्हें संपूर्ण देश की जानकारी प्राप्त होती रहती थी। उन्होंने अपनी स्वयं की डाक व्यवस्था विकसित की जिसमें अत्यंत द्रुत गति से सूचना अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचती थी तथा गोपनीयता के भंग होने की संभावना भी अत्यंत कम रहती थी। राजमाता अहिल्या हृदय से जितनी उदार थीं उतनी ही कठोर प्रशासिका भी थीं।

    एक प्रभावशाली शासक होने के साथ-साथ वह एक कुशल राजनीतिज्ञ भी थीं। उनका विश्वास अनावश्यक युद्ध में कभी नहीं रहा लेकिन उनके राज्य पर कुदृष्टि रखने वालों से निपटने में वह पूर्ण रूप से सक्षम थी। अपनी बुद्धिमत्ता एवं साहस से इस वीरांगना ने अपने राज्य का कुशल प्रशासन किया। जब उन्होंने शासन व्यवस्था संभाली तब पूरी सेना के पास मात्र तीन बंदूकें हुआ करती थीं। परंतु उन्होंने स्वयं अपने शास्त्रागरों का निर्माण प्रारंभ कर दिया तथा तोप खानों की स्थापना की। उन्होंने 500 महिलाओं की एक सैनिक टुकड़ी का भी गठन किया। उन्हें युद्ध में प्रशिक्षित किया। गोला बारूद व रसद संग्रह का कार्य भी उन्होंने महिला सेनानियों के जिम्मे कर दिया।
    शैक्षिक एवं आर्थिक मामलों में भी वह एक दूर दृष्टि रखने वाली निर्णयक्षमता संपन्न महिला थीं। उन्होंने व्यापार को बढ़ावा दिया। नए उद्योगों, खेती और व्यापार के लिए विशेष प्रयास किया। विश्व प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ियां उनके ही प्रयासों का प्रतिफल हैं। राजमाता अहिल्याबाई ने ही 1756 में वाराणसी से बुलाकर मालवा के महेश्वर नामक स्थान में मालू समाज को बुनकर के रूप में बसाया था। यह साड़ियां स्वयं सहायता समूहों के द्वारा स्वावलंबन का एक सफल प्रयोग था। उन्होंने वीरगति प्राप्त सैनिकों की पत्नियों के लिए स्वयं सहायता समूह बनवाए थे जिन्हें वह अपने निजी कोष से सस्ते ऋण भी दिया करती थीं। आपदा के समय वे प्रजा को कर में छूट देती थीं, उन्होंने प्रजा की आसानी के लिए किस्तों में कर देने का प्रावधान किया। राजमाता अहिल्याबाई यह जानती थीं कि राज्य की सुख समृद्धि तथा स्वावलंबन का मूल आधार शिक्षा व कौशल है। राज्य में स्त्री एवं पुरुष सभी को शिक्षा समान रूप से मिले इसलिए गुरुकुलों के सुचारु संचालन की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई।
    महिला सशक्तिकरण तथा प्रकृति संरक्षण की दिशा में उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया। वे महिलाओं के अधिकारों को लेकर अत्यंत सजग थीं। उनके दरबार में महिलाओं को आने की पूरी स्वतंत्रता थी। अपने शासनकाल में उन्होंने विधवाओं को संपत्ति रखने तथा उसके उपयोग का अधिकार दिया।स्त्रियों को अपना मनचाहा दत्तक या उत्तराधिकारी चुनने का भी अधिकार दिया। वह प्रकृति की भी संरक्षिका थीं। जीव जंतुओं पशु पक्षियों के प्रति भी उनके मन में विशेष लगाव था। गौ सेवा के लिए राजमाता अहिल्याबाई ने महती कार्य किया। उन्होंने गोवध बंदी कानून को कठोरता से लागू किया। उन्होंने वन संपदा को अनावश्यक काटने पर दंड का विधान किया तथा नदियों का प्रदूषण रोकने और नर्मदा के संरक्षण हेतु विशेष प्रयास किए।

    सनातन संस्कृति से अगाध प्रेम करने वाली पुण्य श्लोका राजमाता अहिल्याबाई का दृष्टिकोण अखिल भारतीय था। वह भारत की एकात्मता में तीर्थ यात्राओं के महत्व को समझती थीं। उन्होंने गंभीरता से विचार किया कि भारत में युगों-युगों से चली आ रही तीर्थ यात्राओं की परंपरा विदेशी शासकों के कारण टूट गई थी। तीर्थ स्थानों के मार्ग, मंदिर, अन्य क्षेत्र, पेयजल व्यवस्था, धर्मशालाएं इत्यादि विदेशी आक्रांताओं ने ध्वस्त कर दी थीं। इनके पुनर्निर्माण किए बिना तीर्थ यात्राएं सुगम नहीं हो सकती थीं। इसीलिए उन्होंने पूरे भारत में एक दृष्टि से निर्माण करवाए। वाराणसी में मणिकर्णिका घाट अहिल्या माता के द्वारा ही बनवाया गया था। बद्रीनाथ से रामेश्वरम और द्वारिका से काशी तक उन्होंने अनेक घाट, धर्मशालाएं, मंदिर इत्यादि बनवाए। काशी से बंगाल तक सड़क को पक्का करवाया। कई भग्न मंदिरों का पुनर्निर्माण करवाया। राजमाता अहिल्या ने राजनीतिक और भौगोलिक सीमाओं को लांघ कर भी पूर्ण शांति और सहमति के साथ अनेक निर्माण कार्य करवाए। भारत में लगभग 80 से 100 ऐसे ज्ञात स्थान है जहां पर राजमाता अहिल्या द्वारा भवनों का निर्माण करवाया गया। यह भारत को जोड़ने की दिशा में उनकी ओर से किया गया महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने न केवल स्थापत्य का कार्य करवाया बल्कि भविष्य में भी सुचारू रूप से कार्य चलता रहे इसके लिए अग्रिम व्यवस्था कर दी। उनके द्वारा कराए गए निर्माण कार्य वास्तव में अंग्रेजों के षड्यंत्र के विरुद्ध हिंदू एकत्रीकरण के प्रयास भी थे। वह जानती थीं कि मंदिर सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र होते हैं। उनके इन प्रयासों से समाज में बड़े परिवर्तनों को गति मिली। राजमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन इस बात का ज्वलंत प्रमाण है कि उन्होंने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं और यहाँ तक कि गहरे निजी दुखों को भी परे रखकर, अपने संपूर्ण जीवनकाल में सदैव प्रजा के कल्याण और लोकहित को सर्वाेपरि प्राथमिकता दी। यद्यपि राजमाता अहिल्याबाई का व्यक्तिगत जीवन सरल और सुखद नहीं था। उन्होंने अपने परिवार के कई सदस्यों का आकस्मिक निधन देखा था, जिसमें उनका 22 वर्षीय पुत्र मालेराव, पति खंडेराव होल्कर और, पौत्र नत्थोवा होल्कर भी थे, फिर भी माता अहिल्याबाई ने अपने हृदय को विचलित नहीं होने दिया, अपने कर्तव्य के निर्वहन में 26 वर्ष तक अपने राज्य का संचालन और लोक कल्याण किया। आज राजमाता अहिल्याबाई की 300वीं जयंती के अवसर पर हम उनके इन्हीं गुणों को अपने जीवन में उतारकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करने हेतु एक नई ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं। आज की युवा पीढ़ी को पुण्यश्लोका राजमाता अहिल्याबाई के बारे में अवश्य जानना चाहिए जिससे वह अपने जीवन को राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के पवित्र कार्य में प्रतिबद्धता पूर्वक लगा सकें। कार्यक्रम में सदस्य विधान परिषद विशाल सिंह चंचल, जिला पंचायत सदस्य सपना सिंह, ब्लाक प्रमुख बिरनों राजन सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा ओमप्रकाश राय, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा भानू प्रताप सिंह, मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा, स्वयं सहायता समूह की महिलाए उपस्थित रहें।

  • नरवर हादसे में पीड़ित परिजनों से मिले अजय राय, मांगा सरकार से मुआवजा

    नरवर हादसे में पीड़ित परिजनों से मिले अजय राय, मांगा सरकार से मुआवजा

    कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पहुंचे गाजीपुर, नरवर विद्युत हादसे में पीड़ित परिजनों से मिले, सरकारी मदद नहीं मिलने पर जताया दुख।

    सरकार से मृतकों के लिए मांगा 50 – 50 लाख रूपया और घायलों के लिए 15 लाख रूपया का मुआवजा।

    गाज़ीपुर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री अजय राय ने मंगलवार को मरदह थाना क्षेत्र के नरवर गांव में काशीदास बाबा की पूजा के दौरान हुए विद्युत हादसे में चार लोगों की मौत और तीन गंभीर रूप से घायल लोगो के परिजनों से मिलकर दुख व्यक्त किया। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक सरकारी मदद नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है, सरकार को त्वरित कार्यवाही करते हुए मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने चारों मृतकों के लिए 50-50 लख रुपए और तीन घायलों के लिए 15 – 15 लाख रुपए मुआवजे की मांग की है।


    अजय राय ने कहा कि 21 मई को हुए हादसे में चार लोगों की मौत हुई है, लेकिन अब तक सरकारी मदद नहीं मिली है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग का हाइ टेंशन तार मानक से नीचे है और इसका मेंटेनेंस भी नहीं हुआ है, हादसे के कारणों में ये भी एक मुख्य कारण है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने गाजीपुर जिलाध्यक्ष सुनील राम को निर्देश दिया है कि वह कल जिलाधिकारी से मिलकर पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग करेंगे और वह खुद मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में सरकारी मदद दिलवाएंगे और जरूरत पड़ने पर वे भी मिलेंगे।


    प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बताया है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दम पर अगला पंचायत चुनाव पूरी दमदारी से पार्टी लड़ेगी और जमीनी स्तर पर अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को मौका देगी।
    ऑपरेशन सिंदूर के सवाल पर उन्होंने कहा कि मोदी जी जिसकी मांग में सिंदूर भर कर लाए उसे तो न्याय दे नहीं सके, इसमें सेना ने बेहतरीन काम किया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद बस वे अपनी मार्केटिंग में जुटे हैं और उन्हें बताना चाहिए कि सेना में वे किस पद पर हैं।


    अजय राय ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज हमारी विदेश नीति कैसी है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद हमारे साथ कोई देश क्यों नहीं खड़ा दिखाई दे रहा है।
    वहीं उन्होंने भारतीय डेलिगेशन में विदेश में गए कांग्रेस के सांसद शशि थरूर पर अपनी टिप्पणी देते हुए कहा कि वह एक बड़े नेता है और विदेश की धरती पर देश के लिए अच्छा काम कर रहे हैं और वहां उनके बयान से कांग्रेस पार्टी संतुष्ट है।

    इस अवसर पर उनके साथ प्रमुख रूप से प्रदेश महासचिव देवेंद्र सिंह प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन बाबू जिला अध्यक्ष सुनील राम शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा एआईसीसी सदस्य रविकांत राय पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे पूर्व विधायक पशुपतिनाथ राय आनंद राय शैलेन्द्र कुमार ओमप्रकाश ओझा मनीष मुरेलिया अजय कुमार श्रीवास्तव राघवेंद्र कुमार ज्ञानेंद्र सिंह मुन्ना चंद्रिका सिंह हामिद अली रामनगीना पांडे विद्याधर पांडे राजेश गुप्ता आशुतोष गुप्ता सुमन चौबे धर्मेंद्र कुमार दिव्यांशु पांडे माधव कृष्ण राकेश राय सुधांशु तिवारी अनुराग पांडे शबीहूल हसन अखिलेश यादव आलोक यादव बृजेश कुमार सतिराम सिंह जिउत बंधन मिश्रा शमशेर अली आदिल गुलबास जेपी यादव ओम प्रकाश राजभर संजय यादव साजिद हुसैन आदि लोगों उपस्थित रहे।

  • पायलट दिवस पर हुए सम्मानित

    पायलट दिवस पर हुए सम्मानित

    पायलट दिवस पर बेहतर कार्य करने वाले एम्बुलेंस पायलट हुए सम्मानित

    गाजीपुर। 26 अप्रैल को पूरे देश में पायलट दिवस मनाया जाता है ऐसे में गाजीपुर के स्वास्थ्य विभाग की बात करें तो 102 और 108 एम्बुलेंस के माध्यम से मरीज को उनके लोकेशन से स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य केंद्र से उनके लोकेशन तक छोड़ने का काम एंबुलेंस के पायलट के द्वारा लगातार किया जाता है।और इन्हीं पायलटो मैं कई ऐसे पायलट भी है जिन्होंने अपनी ड्यूटी को अब कर्तव्य समझ कर काम किया जिससे मरीजों को काफी लाभ पहुंचा। ऐसे ही पायलटो को सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार पांडे ने अपने कार्यालय में उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने के साथ ही उनकी हौसला अफजाई किया। प्रशस्ति पत्र पाने वालों में पूजा यादव ,फरजाना बानो, अंकित मौर्य, प्रदीप यादव ,प्रमोद एवं उमाशंकर कुशवाहा शामिल रहे। जिन्होंने 102 और 108 एंबुलेंस के माध्यम से मरीजों की सेवा करते हुए उन्हें स्वास्थ्य लाभ दिलाया था। इस मौके पर प्रोग्राम मैनेजर संदीप कुमार, जिला कोऑर्डिनेटर अखंड प्रताप सिंह ,अरविंद कुमार ,रमेश चंद यादव, राजेश चौहान, शिव कुमार ,रामसहाय ,पद्मावती राय ,सरिता, दयाशंकर, वंदना यादव ,सोना, मुन्ना यादव सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।

  • समावेशी शक्ति की प्रतीक अहिल्याबाई होल्कर:सुशील उपाध्याय

    समावेशी शक्ति की प्रतीक अहिल्याबाई होल्कर:सुशील उपाध्याय

    समावेशी शक्ति की प्रतीक अहिल्याबाई होल्कर: सुशील उपाध्याय


    गाजीपुर। अहिल्याबाई होल्कर त्रिशताब्दी स्मृति अभियान अंतर्गत मंगलवार को सदर विधानसभा का जन प्रतिनिधि सम्मेलन भाजपा जिला कार्यालय छावनी लाइन पर जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। सम्मेलन के मुख्य अतिथि जौनपुर जिले के पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील उपाध्याय ने कहा कि अहिल्याबाई होल्कर ने अपने शासनकाल में सोच से परे, सामर्थ्य से ज्यादा काम किया है। उनके शासन व्यवस्था में बदलाव, सुधार,सृजन, निर्माण, परिवर्तन सहित सभी क्षेत्रों में अद्वितीय क्षमता से कार्य कराए गए है। उन्होंने कहा कि समावेशी शक्ति की प्रतीक अहिल्याबाई होल्कर ने नारी सशक्तिकरण, विधवा महिलाओं के अधिकार, महिला सेना का गठन कर उन्हें सशस्त्र प्रशिक्षण देकर युद्ध विद्य से मजबूत बनाया। उन्होंने कहा कि अहिल्याबाई होलकर सनातन धर्म की संरक्षिका थी उनका जीवन अध्यात्मिकता, धर्म -कर्म और सुशासन का अनुपम संगम था।


    जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि देवी अहिल्याबाई होल्कर भारतीय इतिहास की उन महान नारियों में से हैं जिन्होंने नारी शक्ति प्रशासनिक दक्षता और धर्म प्ररायणता का ऐसा अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया जिनकी स्मृति आज भी भारतीय जनमानस में श्रद्धा के साथ अंकित है। उन्होंने कहा कि महारानी अहिल्याबाई होल्कर आज के जनप्रतिनिधियों के लिए प्रेरणा स्रोत व उनके द्वारा कराए गए कार्य आदर्श अनुकरणीय है। सम्मेलन को नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि राजदेव यादव व पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने भी सम्बोधित किया। सभी उपस्थित लोगों के प्रति आभार धन्यवाद जिला कोषाध्यक्ष अच्छे लाल गुप्ता तथा संचालन जिला मंत्री सुरेश बिंद ने किया।


    मुख्य अतिथि का जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने अंग वस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रवीण सिंह, दयाशंकर पांडेय, अमरेश गुप्ता, मनोज बिंद, प्रीति गुप्ता, काशी चौहान, बलवंत बिंद,राणा सिंह, गोपाल राय, पवंजय पांडेय, सुनील गुप्ता, रास बिहारी राय, शशिकान्त, मुरली कुशवाहा, उमेश सिंह, गुड्डी सिंह, दिनेश सिंह, अभिनव सिंह, शनि चौरसिया ,नंदू कुशवाहा, राजन प्रजापति ,सोमेश राय, अर्जुन सेठ, आदि उपस्थित थे।

  • रोजगार उन्मुख कार्यशाला का हुआ आयोजन

    रोजगार उन्मुख कार्यशाला का हुआ आयोजन

    पीजी कालेज में रोजगार उन्मुख कार्यशाला हुई आयोजित

    ग़ाज़ीपुर। पीजी कॉलेज के सभागार में गृह विज्ञान विभाग की ओर से “अनुभवात्मक शिक्षण: सतह अलंकरण पर कौशल विकास” विषय पर रोजगार उन्मुख कार्यशाला का आयोजन मंगलवार को किया गया। इसमें स्टेंसिल छपाई और टाई एंड डाई की तकनीकों का प्रशिक्षण दिया गया। कार्यशाला में पीजी कॉलेज, राजकीय महिला महाविद्यालय, स्वामी सहजानंद स्नातकोत्तर महाविद्यालय सहित अन्य कॉलेजों की छात्राओं, शोध छात्राओं और शिक्षकों ने भाग लिया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. संगीता देवडिया (वसंत कन्या महाविद्यालय, वाराणसी), प्राचार्य प्रो.(डॉ.) राघवेंद्र कुमार पाण्डेय, डॉ. नेहा मौर्या (राजकीय महिला महाविद्यालय, गाजीपुर) और डॉ. अजीत प्रताप सिंह (सहायक निदेशक,टेरी पीजी कॉलेज) ने बाबू राजेश्वर प्रसाद सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण और माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया। प्राचार्य ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया।

    प्रो. संगीता देवडिया ने टाई एंड डाई की तकनीक सिखाई, जो कम संसाधनों में अधिक लाभ कमाने में सहायक है। उन्होंने बताया कि फैशन के चक्रीय परिवर्तन से हस्तशिल्प के पुनर्जनन की संभावनाएं बढ़ी हैं। आधुनिकता के साथ इसका सम्मिश्रण संभव है। प्रबंधक एवं अपर महाधिवक्ता उत्तर प्रदेश सरकार अजीत कुमार सिंह के निर्देशन में महिला सशक्तिकरण और रोजगार सृजन के लिए कार्यशाला आयोजित कराई गयी। जिससे छात्राएं अपनी प्रतिभा निखार सकें और घर बैठे आर्थिक उपार्जन कर सकें। उन्होंने प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

    प्राचार्य प्रो.(डॉ). पाण्डेय ने प्रो. देवडिया का आभार व्यक्त किया और छात्राओं को कौशल विकास के लिए प्रेरित किया। उन्होंने भारत को विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने पर बधाई दी और उन्नत भारत की शुरुआत जनपद से करने का आह्वान किया। डॉ. नेहा मौर्या ने छात्राओं को इस कला के माध्यम से व्यवसाय शुरू करने की प्रेरणा दी।

    कार्यक्रम की संयोजक डॉ. शिप्रा श्रीवास्तव ने अतिथियों का धन्यवाद किया और प्रशिक्षण की जानकारी दी। संचालन डॉ. अमित प्रताप ने किया। कार्यशाला में डॉ. शिवानी सिंह, डॉ. भावना श्रीवास्तव, विजय सिंह, अमितेश सिंह सहित अन्य उपस्थित रहे। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण प्राप्त किया।पीजी कालेज की ओर से कार्यशाला में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किया गया।

  • दो नकलची हुए रेस्टीकेट

    दो नकलची हुए रेस्टीकेट

    पी० जी० कालेज में दो छात्राध्यापिका नकल करते हुए रिस्टीकेट

    गाजीपुर। गोराबाजार स्नातकोत्तर महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर की ओर से मंगलवार, 27 मई 2025 को बी.एड., बी.बी.ए. और बी.पी.ई. (बी.एस-सी.) चौथे सेमेस्टर की परीक्षाओं को आयोजित थी।


    प्राचार्य प्रोफ. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि बी.एड. चौथे सेमेस्टर में कुल 1147 छात्र पंजीकृत थे, जिनमें 24 अनुपस्थित रहे और 1123 उपस्थित हुए। बी.बी.ए. में 54 छात्रों में से 1 अनुपस्थित और 53 उपस्थित रहे।

    बी.पी.ई. बी.एससी. में सभी 11 छात्र उपस्थित थे। परीक्षा के दौरान दो महिला परीक्षार्थियों को अनुचित साधनों (यू.एफ.एम.) का उपयोग करते पकड़ा गया, जिनमें बी.एड. के परीक्षार्थी शामिल है। विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार रिस्टीकेट करते हुए इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।

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