बंदियों को स्वावलंबी बनाना भी उनको अपराध से विमुक्त करने जैसा कदम
गाज़ीपुर। उ.प्र. अपराध निरोधक समिति लखनऊ के चेयरमैन डॉ. उमेश शर्मा के निर्देशन में समिति द्वारा गुरुवार को जिला कारागार में एक सिलाई मशीन जेल अधीक्षक अरुण कुमार सिंह को उपलब्ध कराई गई। उल्लेखनीय है कि प्रदेश की जेलों में निरुद्ध महिला बंदियों व अन्य बंदियों को शारीरिक व मानसिक रूप से सशक्त बनाने तथा उन्हें स्वावलंबन प्रदान करने हेतु समिति लगातार तत्पर रहती है। इसी कड़ी में महिला बंदियों को स्वालंबी बनाकर उनके कौशल को निखारने के उद्देश्य से समिति द्वारा नयी सिलाई मशीन प्रदान की गयी। इससे पूर्व भी समिति द्वारा दो सिलाई मशीन महिला बंदियों को स्वालंबी बनाने हेतु दिया जा चुका है। जेल अधीक्षक ने समिति के प्रयास की सराहना करते हुए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर समिति के प्रांतीय विशेष सचिव मयंक सिंह, प्रान्तीय संयुक्त सचिव डॉ. ए.के. राय, जोन उपाध्यक्ष यश अजय सिंह तथा सहसचिव चंदन प्रजापति उपस्थित रहे।
गाजीपुर। बीते रविवार को दिनदहाड़े हुई किन्नर की गोली मारकर हत्या मामले में अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी न होने के चलते परिजनों में नाराजगी देखने को मिल रही है। वहीं आज समाजवादी पार्टी के नेताओं ने मृत किन्नर के परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। समाजवादी पार्टी के राज्य कार्यकारिणी सदस्य राजकुमार पांडेय और जिलाध्यक्ष गोपाल यादव के साथ बड़ी संख्या में सपा नेताओ और कार्यकर्ताओ के साथ मृतक गंगा किन्नर उर्फ हर्ष उपाध्याय के परिजनों से सदर विधानसभा क्षेत्र के बरहपुर गांव पहुँच कर मुलाकात किया और आर्थिक मदद भी किया। इस दौरान सपा के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजकुमार पांडेय ने कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नही किया, तो हम लोग आंदोलन को विवश होंगे। उन्होंने कहा कि हर हाल में पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। आए दिन हत्या, बलात्कार, लूट, डकैती जैसी वारदातें सुनने को मिल रही है। ऐसा लगता है कि इन अपराधियों को सरकार का संरक्षण मिल रहा है।नवहीं सपा जिला अध्यक्ष गोपाल यादव ने कहा कि दिनदहाड़े हुई हत्या पुलिस प्रशासन की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान है। पीड़ित परिजनों को न्याय दिलाने के लिए समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है। मालूम हो कि नंदगंज थाना क्षेत्र के चोचकपुर मोड़ के पास रविवार को बदमाश ने कपड़े की दुकान में घुस कर किन्नर के सिर में उस वक्त गोली मार दी थी,जब वो दुकान में खरीददारी कर रहा था। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश फरार हो गया। इस मामले में किन्नरों ने बाजार में नग्न होकर प्रदर्शन भी किया था। मृत किन्नर के परिजन की तहरीर के आधार पर पुलिस ने नामजद समेत कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज किया है।
स्व. डीएन सिंह के चित्र पर कर्मचारी नेताओं किया पुष्प अर्पित
कर्मचारी हितों के लिए समर्पित रहे डीएन सिंह
उनके पदचिह्नों पर चलने से होगा कर्मचारी समाज का भला
गाजीपुर। श्रमिक उत्थान समिति की ओर से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री व जिलाध्यक्ष रहे कर्मचारी नेता डीएन सिंह की 62वीं जयंती बुधवार को फुल्लनपुर स्थित आवास पर मनाई गई। उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें कर्मठ एवं जुझारू नेता बताया। राज्य कर्मचारियों के लिए वे हमेशा प्रेरणास्रोत रहेंगे। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि डीएन सिंह कर्मचारियों के हित की रक्षा के लिए हमेशा तत्पर रहे। उन्होंने अपने वसूलों और सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया। डीएन सिंह ऐसे महान व्यक्तित्व थे, जो सीमित साधनों में भी महत्वपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करने में सक्षम थे।
उन्होंने आजीवन सामाजिक मूल्यों का पालन करते हुए कर्मचारी हितों के लिए आदर्श मानदंडों और ईमानदारी को प्राथमिकता दी। वह युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत व अनुकरणीय हैं। यह कहना है पूर्व सहायक अभियंता और वरिष्ठ नागरिक अरविन्द नाथ राय का। जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रादेशिक मंत्री चौधरी दिनेश चंद्र राय ने कहा कि डीएन सिंह की ओर से स्थापित आदर्श मानदंडों पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के प्रांतीय अध्यक्ष हरि किशोर तिवारी ने अपने संदेश में कहा कि बहुत ही कर्मठ, ईमानदार ,लगनशील और प्रिय तथा सबको साथ लेकर चलने वाले नेता स्व. डीएन सिंह थे। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद परिवार सदैव याद करता रहेगा। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि आज भले हम लोगों के बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी उपलब्धियां व उनका संघर्ष संगठन के प्रति आज भी जीवंत है। राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष बालेन्द्र त्रिपाठी ने डीएन सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए भी उन्होंने कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने उनको याद करते हुए कहा कि वह कर्मचारियों के लिए किसी भी हद तक जाकर सम्मान के लिए लड़ाई लड़ने को तैयार रहते थे। उन्होंने अपने जीवन काल में निरंतर निस्वार्थ भाव से कमजोर वर्ग की मदद की है जिसका परिणाम है कि मजदूर, कर्मचारी आज भी उन्हें अपने रूह में बसाए हुए है, उनका सौम्यतऻ एवं सभी को एक समान देखने का नजरीया उन्हें दूसरो से अलग बनाता था।समिति के मंत्री राजीव कुमार सिंह ने कहा कि पिता स्व. डीएन सिंह आज भी कर्मचारियों और मजदूरों के दिल में बसते है, उनका जीवन मजदूरों एवं कमजोर वर्ग के कल्याण को समर्पित रहा है। वही परिवारजनों द्वारा असहाय व्यक्तियों को भोजन वितरित किया गया।
इस मौके पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यकारी मंत्री आलोक राय, शिक्षणेत्तर संघ के जिलामंत्री राकेश कुमार पाण्डेय, श्रीनिवास चौबे, रमाकांत, गोस्वामी प्रसाद, रंजन चौबे, राजवीर सिंह, आशुतोष कुमार पाण्डेय, विष्णुदेव यादव, रविन्द्र नाथ तिवारी, गायत्री सिंह, रिया सिंह, रिंकू सिंह, धीरेन्द्र राय, सतेन्द्र कुमार गुप्ता आदि लोग मौजूद रहे।
गाजीपुर। नगर के मिश्रबाजार स्थित एक मैरेज हाल में समाजवादी फक्कड़ राजनेता लोकबंधु राज नारायण की 38वी पुण्यतिथि में गोष्ठी का आयोजन स्वामी सहजानंद स्मृति न्यास के तत्त्वावधान में की गई। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए शशि धर राय ने लोकबंधु के जीवन मूल्यों से उपस्थित श्रोताओं को अवगत कराते हुए आवाहन किया कि वर्तमान परिवेश में लोकबंधु के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज मे व्याप्त राजनीतिक , समाजिक एवम सांस्कृतिक बुराईयो के विरुद्ध अपने कर्तव्य पथ से विचलित हुए बिना हम आवाज बुलंद कर विषम से विषम परिस्थितियों में हम अपनी एकजुटता से सामाजिक एकता से गौरवान्वित करने का कार्य करे।
राम नाथ ठाकुर (संयोजक ब्रम्हर्षि जागरण मंच) ने कहा कि नेता राजनारायण जी तो अपने वैचारिक मतभेद राजनेताओं को अपने पक्ष के साथ जोड़े रहते थे। प्रखर आलोचक के रूप में हमेसा शाशन एवं प्रशासन का ससमय विरोध जताते थे। इन्होंने इंदिरा गांधी को उनके शशक्त शाशन काल मे न तो केवल जनमत बल्कि न्यायिक प्रक्रिया में भी आजीवन स्मरण रखने योग्य एक ऐतिहासिक मात दी थी जिससे उनके राजनैतिक जीवन शैली में बहुत सी कठिनाई जैसे आपातकाल जैसी विषम परिस्थिति को झेला और पीछे न हटने हुए पूरे कांग्रेस शाषन को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। मुख्य रूप से ओम नारायण प्रधान , अविनाशचंद राय , डॉ जे एस राय , विनोद राय , भगवती राय , कृष्णकांत राय , दिनेश चंद्र शर्मा , रासबिहारी राय , विजयशंकर राय , अरुण राय , शुभम राय , वैभव राय , सभासद सोमेश मोहन राय इत्यादि लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामाश्रय राय एवम संचालन मारुति राय ने किया।
ज़रूरतमंदों में कंबल बाँटकर हाजी साबिर अली को दी गई श्रद्धांजलि
ग़ाज़ीपुर। वरिष्ठ अधिवक्ता, लोक रक्षक सेनानी व संस्थापक डॉ. बी0 आर0 अम्बेडकर इण्टर कॉलेज, मदरसा मुहम्मद अली दीनी व असरी दारुल उलूम जखनिया, मिनी आईटीआई, साबिर अली गर्ल्स डिग्री कालेज, B.ED कॉलेज में हाजी साबिर अली एडवोकेट के 85वें जन्मदिन पर सैकड़ो ज़रूरतमंदों में कंबल बाँटकर उनको श्रद्धांजलि दी गई।
जखनिया में शिक्षा का अलख जलाने वाले हाजी साबिर अली ने एक ही कैम्पस में शिक्षा की सारी सुविधाएँ मुहैया कराकर बहुत से लोगों के लिए आसानियां पैदा कर दी। स्वर्गीय हाजी साबिर अली के जन्मदिन पर उनके पुत्र सपा ज़िला उपाध्यक्ष ने डॉ. बी0आर अम्बेडकर इण्टर कालेज के मैदान में सैकड़ों ज़रूरतमंदों में कंबल बांटा। कंबल पाकर असहाय लोगों ने दिल से दुवाएँ दी।
इस अवसर पर पूर्व विधायक जखनिया त्रिवेणी राम,रंगीला यादव,जखनिया विधानसभा अध्यक्ष अवधेश(राजू)समाज सेवी, मनोज यादव, सुनील यादव, राजू राजभर, वकील अंसारी,अशोक भारद्वाज,सर्वानन्द पांडेय , अनवर अली, अनुज सिंह, अमरनाथ यादव, अब्बास अंसारी, फिरोज अहमद, संदीप कुमार, अजय कुमार, गोविन्द पटेल आदि लोग मौजूद रहे।
आम की फसल पर सूक्ष्म पोषक तत्वों के पर्णीय अनुप्रयोग से फलों की गुणवत्ता में होता है सुधार: महेंद्र प्रताप
गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन मंगलवार को किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी में कृषि संकाय के उद्यान विभाग के शोधार्थी महेंद्र प्रताप ने अपने शोध प्रबंध शीर्षक ” सूक्ष्म पोषक तत्वों के पर्णीय अनुप्रयोग का आम की प्रजाति आम्रपाली के उपज और गुणवत्ता पर प्रभाव” नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि आम की फसल पर सूक्ष्म पोषक तत्वों का पर्णीय अनुप्रयोग (फाॅलियर अप्लीकेशन) महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है। सूक्ष्म पोषक तत्व जैसे जिंक (Zn), बोरॉन (B), आयरन (Fe), मैंगनीज (Mn), और कॉपर (Cu) आदि, पौधों के समग्र विकास, फूलों की संख्या, फलों की गुणवत्ता और उत्पादन बढ़ाने में सहायक होते हैं। प्रस्तुत शोध में फेरस सल्फेट, जिंक सल्फेट और बोरेक्स के आठ विभिन्न कॉम्बिनेशन बनाकर आम की आम्रपाली किस्म पर पर्णीय छिड़काव किया गया और निष्कर्ष निकाला कि फेरस सल्फेट एक प्रतिशत, जिंक सल्फेट एक प्रतिशत और बोरेक्स आधा प्रतिशत एक साथ मिलाकर छिड़काव करने से प्रति पेड़ सबसे अधिक फल प्रतिधारण होता है, फलों की भौतिक-रासायनिक विशेषताओं जैसे कि फलों की लंबाई, फलों की चौड़ाई, फलों का वजन, गूदे का वजन, गुठली का वजन, गूदा और गुठली का अनुपात, कुल घुलनशील ठोस पदार्थ, एस्कॉर्बिक एसिड (विटामिन सी), अपचायक शर्करा, अनपचीय शर्करा और अधिकतम कुल शर्करा में वृद्धि होती है। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी महेंद्र प्रताप ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति चेयरमैन एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी०सिंह, मुख्य नियंता प्रोफे० (डॉ०) एस० डी० सिंह परिहार, शोध निर्देशक एवं उद्यान विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफे० (डॉ०) धर्मराज सिंह, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० रामदुलारे, डॉ० कृष्ण कुमार पटेल, डॉ० रविशेखर सिंह, डॉ० हरेंद्र सिंह, डॉ० हेमंत सिंह, डॉ०पीयूष कांत सिंह, डॉ० शिवशंकर यादव, डॉ० कमलेश, प्रदीप सिंह एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। अंत में अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे०(डॉ०) जी० सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।
गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में सड़क सुरक्षा से सम्बन्धित महत्वपूर्ण बिन्दूओ पर विस्तार पूर्वक समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने दुर्घटनाओ में कमी लाये जाने सम्बन्धी कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया तथा सड़क दुर्घटना कम करने हेतु अभियांत्रिक प्रयास, जन जागरूकता एंव यातायात के नियमो का कड़ाई से पालन कराने का निर्देश दिया। इसके लिए मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जायें तथा शहर के व्यस्ततम मार्ग में यातायात को सुचारू रूप से व्यवस्थित करने का निर्देश दिया। उन्होने सड़क दुर्घटनाओ मे मृत्यु दर कम करने के उद्देश्य से जन सामान्य को यातायात नियमो का अधिक से अधिक पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि सड़क सुरक्षा बहुत ही महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, सभी वाहन चालक अपने-अपने वाहन चलाते हुए शत-प्रतिशत यातायात नियमो का पालन सुनिश्चित करें तो निश्चित रूप से सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के साथ-साथ मृत्यु दर में भी कमी आयेगी।
इसके अतिरिक्त बैठक में माल वाहनो में ओंवलोडिंग, निर्धारित क्षमता से अधिक व्यक्तियों को बैठाकर उनका संचालन करने, नशे में वाहनो को चलाने, वाहन चलाते समय मोबाईल का उपयोग करने, हेलमेट व सीट बेल्ट न लगाने, हिट एण्ड रन दुर्घटना मामले मे उनपर की गयी कार्यवाही की जानकारी ली। बैठक में जिलाधिकारी ने हाईवे पर बनाये गये अवैध कट को तत्काल बन्द कराने हेतु पी0डी0एन0एच0आई0 वाराणसी/आजमगढ को निर्देश दिया। जनपद में कुल 17 हाट्स्पाट चिन्हित है जिसे कम करने लिए सम्बन्धि को आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया। 31 जनवरी 2025 तक स्कूल के बस एवं प्राइवेट बसों का फिटनेस समाप्त हो रहा है, उन्हे तत्काल सही कराने के लिए ए0आर0टी0ओ को निर्देश दिया। बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी अंशुल मौर्य, सहायक सम्भागीय परिवहन अधिकारी रमेश चन्द्र श्रीवास्तव, ट्रैफिक इन्सपेक्टर मनीष त्रिपाठी एवं अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित थे।
गाजीपुर।वेलफेयर क्लब की ओर से मंगलवार को नव वर्ष की पूर्व संध्या पर “हाय 2025 बाय 2024” कार्यक्रम अंतर्गत दुल्हन प्रतियोगिता कुश बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दिलदारनगर में आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ क्लब अध्यक्ष डा. शरद कुमार वर्मा तथा प्रभारी प्रधानाचार्या लालसा सिंह ने संयुक्त रूप से माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन तथा माल्यार्पण कर किया। इस प्रतियोगिता मे छात्राओ ने दुल्हन का वेष धर कर जहाँ जाते हुए साल 2024 की विदाई को सिसक-सिसक कर प्रस्तुत की. वही नए वर्ष का स्वागत उत्साह पूर्वक बेहतरीन तरीके से प्रस्तुति देकर किया। छात्राओं ने दुल्हन के रूप में सज धज कर सजीव प्रस्तुति कर उपस्थित जनों को आश्चर्य चकित कर दिया। इसके अलावा समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमो की धूम मची रही।
निर्णायक मण्डल के अनुसार जूनियर वर्ग में शाजिया खातून को प्रथम, पूजा तथा प्रीती यादव को दूसरा स्थान तथा तीसरे स्थान पर कुसुम कुमारी रही।जबकि सीनियर वर्ग में हुस्न आरा अंसारी प्रथम, अंबिया खातून तथा अंजली द्वितीय तथा सानिया खातून को तृतीय पुरस्कार के लिए चुना गया। सांत्वना पुरस्कार के लिए यास्मीन, दुर्गा, अमृता, निशा अंशिका चौरसिया का चयन किया गया। जबकि नेहा कश्यप, सुमन, आरती कुमारी, स्नेहा, रिया भारती, निमिषा कुमारी, इशरत प्रोत्साहन पुरस्कार के लिए चुना गया। निर्णायक मंडल सदस्य के रूप में डा.माया नायर, शशि यादव तथा कुमारी प्रीती कुशवाहा रही। सभी विजयी प्रतिभागियों को संस्था के सचिव रामनाथ कुशवाहा, संयुक्त सचिव सत्य प्रकाश तिवारी तथा अतिरिक्त सचिव अभिषेक सिंह ने शील्ड देकर सम्मानित किया। जबकि क्लब अध्यक्ष डा. वर्मा ने निर्णायक मंडल के सदस्यों तथा स्कूल के प्रधानाचार्य को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इसके उपरांत विद्यालय परिवार की ओर से शशिबाला सिंह, कुमारी मरियम अमर सिंह, निशा सिंह रीता सिंह तथा रीना यादव, सच्चिदानंद मौर्य, राजरानी सिंह,माया अम्बेडकर ने निर्णायक मंडल के सदस्यों का स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन किरन प्रजापति ने किया।
गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मंगलवार को निर्माण कार्य की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने जल निगम ग्रामीण/शहरी, सी0एल0डी0एफ0, आवास विकास परिषद, निर्माण खण्ड वाराणसी, लो0नि0वि0 गाजीपुर, आर0ई0डी, यू0पी0 सिडको, यू0पी0 पी0सी0एल0 वाराणसी, उ0प्र0 राजकीय निर्माण निगम लि0 आजमगढ इकाई, राजकीय निर्माण निगम लि0 वाराणसी इकाई-1, 2/ भदोही, उ0प्र0राज्य निर्माण सहकारी संघ लि0 वाराणसी-2, जल निगम वाराणसी, देवकली पम्प कैनाल प्रथम, द्वितीय, सिंचाई निर्माण खण्ड वाराणसी एवं अन्य कार्यदायी संस्थाओं के निर्माण कार्यो की विस्तृत समीक्षा की।
बैठक मे जिलाधिकारी ने माह नवम्बर 2024 मे पूर्ण होने वाले कार्यो की जानकारी कार्यदायी संस्थाओं से ली तथा निर्धारित अवधि मे कार्य पूर्ण न करने वाले कार्यदायी संस्थाओं को फटकार लगाते हुए कार्य मे तेजी लाने का निर्देश दिया। तहसील कासिमाबाद में आवासीय/अनावासीय भवन के निर्माण के प्रगति की जानकारी लेते हुए कार्यदायी संस्था को जल्द से जल्द पूर्ण कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने ऐसे कार्यदायी संस्थाओं की सूची उपलव्ध कराने का निर्देश दिया जिनके द्वारा धनराशि आवंटन के बाद भी कार्य प्रारम्भ नही किया गया है या कार्य मे ढिलाई बरती जा रही है।
बैठक में जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य मे मानक के अनुरूप एवं गुणवत्तापुर्ण कार्य कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अधूरे कार्य जो धनाभाव के कारण रूके है उनकी जानकारी लेते हुए पत्राचार करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने धनावंटन के बाद भी कम प्रगति वाले कार्याे पर नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्याे को गुणवत्तापूर्ण एवं मानक के अनुसार निर्धारित समय के अन्दर पूरा करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाये। उन्होने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्याे में किसी भी स्तर पर लापरवाही को बहुत ही गंभीरता से लिया जाएगा और संबंधित विभाग के अधिकारी उसके लिए पूर्ण रूप से जिम्मेदार होंगे। बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष चौधरी, अर्थ एवं संख्या अधिकारी चन्द्रशेखर प्रसाद एवं सम्बन्धित जनपद स्तरीय अधिकारी, कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी उपस्थित थे।
कर्मवीर सत्यदेव सिंह को दी गई श्रद्धांजलि,सानंद सिंह ने शहीदों के परिजनों को किया सम्मानित
गाजीपुर। सत्यदेव ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस के संस्थापक कर्मवीर सत्यदेव सिंह की सातवीं पुण्यतिथि हर वर्ष की भांति इस साल भी उच्च स्तर पर शानदार तरीके से मनाया गया।आज 28 दिसंबर को राष्ट्रीय संगोष्ठी का समापन का कार्य कर्मवीर सत्यदेव सिंह की सातवीं पुण्यतिथि पर उनको पुष्पांजलि प्रदान करने के बाद किया गया ।
28 दिसंबर को सातवीं पुण्यतिथि के कार्यक्रम की अध्यक्ष वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर की कुलपति प्रोफेसर वंदना सिंह रही।
मुख्य अतिथि के रूप में तिब्बत साहित्य मंच वाराणसी के कुलपति प्रोफेसर वांगचुक दोरजी नेगी थे।
मंचासीन अतिथिगण में सेवानिवृत्त न्यायाधीश कमल नयन पांडे,प्रोफेसर जी.गिरधर , आध्यात्मिक मार्गदर्शक योगी आनंद जी ,डॉ अरविंद कुमार,प्रोफेसर प्रभाकर सिंह बी एच यू आईआईटी से, श्री गंगाधर सिंह , डॉ अशोक कुमार सिंह ,रामानुज सिंह, डॉ काशीनाथ सिंह, विजेंद्र राय, लंदन से आए हुए डॉ प्रदीप सिंह ,मीरा राय, डॉ राहुल सिंह, डॉ शैलेंद्र सिंह, डॉ निरंजन ,डॉ संतन कुमार, सुरेंद्र सिंह उपस्थित थे।
कार्यक्रम की शुरुआत सत्यदेव ग्रुप आफ कॉलेजेस के संस्थापक कर्मवीर सत्यदेव सिंह जी के चित्र पर पुष्प अर्पित करने के बाद सत्यदेव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत से हुआ।
राष्ट्रीय संगोष्ठी में आए सभी विद्वान गण का स्वागत अंग वस्त्रम एवं स्मृति चिन्ह प्रोफेसर सानंद सिंह प्रोफेसर आनंद सिंह तथा सत्यदेव ग्रुप आफ कॉलेजेस के अभिभावक प्रोफेसर हरिकेश सिंह द्वारा प्रदान कर किया गया।
संगोष्ठी कार्यक्रम में सर्वप्रथम प्रोफेसर हरिकेश सिंह ने गाजीपुर की धरती को पवित्र धरती बताते हुए कहा कि यहां जैन तीर्थंकर ऋषभ जी जैसे संत का पांव पड़ा है,आज सातवीं पुण्यतिथि का कार्यक्रम आधुनिक भारत के नवनिर्माण का प्रतीक है ।उन्होंने बताया कि प्रज्ञा वीर महान विद्वान विवेकानंद जी समुद्र के किनारे शिला खंड पर बैठकर एक सुदृढ़ भारत, सशक्त भारत बनने की कामना करते थे। उन्होंने सत्यदेव ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस की मुख्य ट्रस्टी सावित्री सिंह को प्रणाम करते हुए कहा कि भारत के आदर्श नारियों में सावित्री सिंह का भी नाम आएगा, जो त्याग और बलिदान की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं। संगोष्ठी के विषय पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र शब्द के निर्माण में भारत के ऋषि मुनियों की चेतना तथा सतीत्व की शक्ति समाहित है ।जब लोकतांत्रिक समाज की बात हो तो मां भारती का चित्र याद रखना चाहिए। लोकतंत्र की मर्यादा के लिए पवित्र चरित्र की आवश्यकता होती है अंत में उन्होंने सभी आगंतुकों ,अतिथियों को धन्यवाद व्यापित किया।
डॉ संतान कुमार ने बताया कि किसी भी देश की सभ्यता का विकास उस देश के लोगों के विचारों की क्षमता और भाषा कौशल से होता है, इसी से स्वस्थ लोकतंत्र का विकास होता है वर्तमान शिक्षा व्यवस्था कंक्रीट के कक्षा से लेकर मोबाइल ऐप पर संकुचित होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने स्वतंत्र मस्तिष्क से शिक्षा को ग्रहण करने का संदेश दिया।
तत्पश्चात डॉ निरंजन ने कहा कि डॉ मैकाले का नाम जरूर आता है, जब हम लोग शिक्षा व्यवस्था की बात करते हैं। मैकाले ने लिखा था की कुछ वर्ग ऐसे भारत में शिक्षित किया जाए जिसका रंग रूप खून तो भारतीय हो, लेकिन सोचने की कला और विचार ब्रिटिश का हो अतः डॉ निरंजन ने षड्यंत्र पूर्ण तरीके से शिक्षा व्यवस्था को बनाने तथा उसको विदेशियों द्वारा भारतीयों को परोसने पर दुख जताते हुए कहा कि हमें ऐसे षड्यंत्र से सजग रहना चाहिए और अपनी परंपरागत शिक्षा सनातनी शिक्षा में विश्वास रखना चाहिए और उसी को भविष्य में आगे बढ़ना चाहिए। जिसे हमारे आने वाली पीढ़ी संस्कारवान हो और स्वस्थ लोकतंत्र की रचना कर सके।
राष्ट्रीय संगोष्ठी के मुख्य अतिथि प्रोफेसर वांगचुंक दोरजी नेगी ने अपना आशीर्वचन रखते हुए बताया कि विद्यार्थियों को विद्यालय जाते समय अपने माता-पिता को याद करके जाना चाहिए तब उनका उत्थान होगा। शिक्षा एक ऐसी चीज है जो हमें भौतिक मानसिक आर्थिक विकारों से मुक्ति दिलाती है, जैसे हम भूखे हैं तो भोजन करते हैं जो हमें भूख से मुक्ति दिलाता है इस तरह अपनी आवश्यकता की बहुत ऐसी वस्तुएं का उपभोग करते हैं, जो हमें मानसिक रूप से या शारीरिक रूप से विकारों को मुक्त करता है ।अतः हम सबको एक दूसरे से प्रेम करना चाहिए यही मानवीय मूल्य की चेतना है जो शिक्षा का मूलभूत आधार है ।
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के कुलपति एवं राष्ट्रीय संगोष्ठी के अध्यक्ष प्रोफेसर वंदना सिंह ने बताया की शिक्षा सदियों से एक ऐसी दक्षता है जो राजा चुनने में मदद करती थी। शिक्षा स्वस्थ मस्तिष्क में आसानी से प्राप्त की जाती है ।अतः उन्होंने स्वस्थ मस्तिष्क से सच्ची शिक्षा को ग्रहण करने के लिए संदेश दिया। जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वस्थ भारत का सपना साकार हो सके।
इसी क्रम में योगी आनंद जी ने बताया कि जहां अच्छा स्वास्थ्य और अच्छा चरित्र होता है वहां निश्चित रूप से अच्छी शिक्षा ग्रहण की जाती है, एक सुंदर वातावरण का निर्माण होता है जिसे हम लोकतंत्र कहते हैं।
कार्यक्रम के दौरान सत्यदेव ग्रुप आफ कॉलेजेस के प्रबंध निदेशक प्रोफेसर सानंद सिंह ने शाहिद पत्नी समेत शहीद परिजनों को सम्मानित किया ।बनवासी समाज के लोगों को कंबल वितरण किया गया। समाज सेवियों का सम्मान किया गया। भारत के चौथे स्तंभ पत्रकारिता से जुड़े सभी पत्रकार साथियों को अंग वस्त्रम, कैलेंडर और बैग देकर सम्मानित किया गया ।
कार्यक्रम के अंत में सत्यदेव ग्रुप आफ कॉलेज के मुख्य प्रबंध निदेशक प्रोफेसर आनंद कुमार सिंह ने सभी अतिथिगण मुख्य अतिथि ,संगोष्ठी की अध्यक्ष उपस्थित सभी विशिष्ट अतिथियों एवं प्रांगण में उपस्थित सभी आगंतुक एवं छात्र-छात्राओं तथा हिंदी गायक बंटी जी को सफल कार्यक्रम बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किये।
बहुत ही शानदार तरीके से कार्यक्रम का संचालन डॉ प्रमोद कुमार सिंह आनंग ने किया।
सत्य ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस परिवार से डॉ सुमन सिंह, डॉ प्रीति सिंह, रेजिडेंट डायरेक्टर अमित रघुवंशी, काउंसलर दिग्विजय उपाध्याय, डॉ रामचंद्र दुबे, डॉ अजीत कुमार यादव, डॉ रोहित कुमार सिंह, डॉ तेज प्रताप, इंजीनियर सुनील कुमार यादव, राजकुमार त्यागी ,चंद्रसेन तिवारी इत्यादि स्वागत एवं सम्मान कार्य में अतिथि की भावना से क्रियाशील थे।