हरिन्द्रनाथ चट्टोपाध्याय एक बहु प्रतिभा लेखक थे:राकेश वर्मा

हरिन्द्र नाथ चट्टोपाध्याय के साहित्य ने भारतीय पुनर्जागरण काल और आधुनिक भारत के मध्य एक सेतु का कार्य किया: राकेश वर्मा

गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी में भाषा संकाय के अंतर्गत अंग्रेजी विषय के शोधार्थी राकेश वर्मा ने अपने शोध प्रबन्ध शीर्षक “हरिन्द्र नाथ चट्टोपाध्याय के नाटकों में सामाजिक आलोचना: एक चयनित अध्ययन” नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि हरिन्द्रनाथ चट्टोपाध्याय एक बहु प्रतिभा सम्पन्न लेखक थे। उन्होंने कविता, कहानियाँ एवं नाटक लिखें हैं। प्रस्तुत शोध प्रबंध में उनके प्रसिद्ध मुख्य नाटक खिड़की, तोता, सन्तरी की लालटेन, ताबूत, शाम की लालटेन में वर्णित सामाजिक सरोकारों का अध्ययन किया और पाया कि उनकी लेखनी ने भारतीय पुनर्जागरण काल और आधुनिक भारत के मध्य एक सेतु का कार्य किया है साथ ही साथ उनके नाटकों में वर्ग-संघर्ष भी पाया गया। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी राकेश वर्मा ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबन्ध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह , मुख्य नियंता प्रोफेसर (डॉ०) एस० डी० सिंह परिहार, शोध निर्देशक व अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफे० (डॉ०) रविशंकर सिंह, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सदस्य प्रोफे (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० राम दुलारे, डॉ० कृष्ण कुमार पटेल, डॉ० एस० एन०मिश्र, डॉ० इंदीवर रत्न पाठक, डॉ० अशोक कुमार डॉ० आर० एन० तिवारी, डॉ० मनोज कुमार मिश्र, डॉ०धर्मेंद्र कुमार, डॉ०रमेश चंद्र, डॉ०आबिद अंसारी एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। अंत मे शोध निर्देशक प्रोफे० (डॉ०)रविशंकर सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया एवं संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह ने किया।

2 सितंबर से शुरू होगा कुष्ठ रोगी खोजी अभियान

2 सितंबर से चलेगा कुष्ठ रोगी खोजी अभियान, तैयारी को लेकर हुआ कार्यशाला

ग़ाज़ीपुर। पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर कुष्ठ रोगी खोजी अभियान 2 सितम्बर से 15 सितम्बर तक संचालित होना है। जिसको लेकर इस प्रोग्राम को बेहतर बनाने के लिए लगातार चिकित्सा अधिकारियों की बैठक की जा रही है । इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल की अध्यक्षता में दो दिवसीय वर्कशाप का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ रामकुमार और उप जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ मुंशीलाल के द्वारा आए हुए लोगों को प्रशिक्षित किया गया। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ रामकुमार ने बताया कि जनपद में 2 सितंबर से 15 सितंबर तक कुष्ठ रोगी खोजी अभियान चलाया जाना है। जिसको लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया गया है। जिसमें जनपद के सभी चिकित्सा अधिकारी बीसीपीएम व अन्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान उन्हें अभियान में मरीजों को किस तरह से खोजा जाना है इसकी बारीकियां के बारे में जानकारी दी गई है।उन्होंने बताया कि इसके पूर्व 21 दिसंबर से 4 जनवरी तक कुष्ठ रोगी खोजी अभियान चलाया गया था जिसमें घर-घर जाकर 62 मरीजों को चिन्हित किया गया था। और सभी को विभाग के द्वारा निशुल्क दवा उपलब्ध कराई गई । वहीं अगर अब तक के रिकॉर्ड की बात करें तो जनपद में कुल 173 मरीज का इलाज चल रहा है। जिसमें पीबी 51 और एमबी मरिज 122 है। पीबी मरीजों का दवा 6 माह और एमबी मरीजों का दवा 1 साल तक चलाया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए कुल 3749 टीम बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में आशा/आंगनबाड़ी और एक पुरुष कार्यकर्ता शामिल रहेगा .जो पल्स पोलियो की तर्ज पर घर-घर जाकर कुष्ठ रोगी के जांच करेगा .और इन सभी टीमों की निगरानी के लिए 758 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोगी खोजी अभियान में काम करने वाली आशा आंगनबाड़ी को ₹250 का मानदेय दिया जाता है. और जिन आशा के द्वारा पीबी के मरीज को दवा खिलाया जाता है उस आशा या आंगनबाड़ी को 6 माह का दवा खिलाने पर ₹400 दिया जाता है। और एमबी मरीज को दवा खिलाए जाने के पश्चात ₹600 दिया जाता है। साथ ही उन्होंने बताया कि यदि दिव्यांग और पैर में शून्यता वाले मरीज मिलते हैं तो उन्हें विभाग की तरफ से निशुल्क एमसीआर चप्पल भी दिया जाता है। इस अभियान में धार्मिक, राजनीतिक और शैक्षिक क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों का भी सहयोग लिया जाएगा। क्योंकि ऐसे लोग अपने-अपने क्षेत्र में काफी प्रभाव रखते हैं । और लोग इनकी बातों को भी सुनते हैं। इसलिए ऐसे लोगों को इस कार्यक्रम से जोड़ने का शासन ने एक प्रयास किया है। इस बैठक में समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, और चिकित्सा अधीक्षक के साथ ही प्रभारी अधिकारी ब्लाक के बीसीपीएम व अन्य उपस्थित रहे।

मोटे अनाज के सेवन से कई सारे रोगो से बचा जा सकता है:नपा अध्यक्ष सरिता

गाजीपुर। शुक्रवार को कृषि विज्ञान केन्द्र पी0जी0 कालेज में त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम योजनान्तर्गत एक दिवसीय कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा किया गया। उप कृषि निदेशक, द्वारा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गयी। उनके द्वारा बताया गया कि त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम अन्तर्गत जनपद में संकर मक्के का 8 कुं0 बीज से 40 हें0 क्षेत्र में प्रदर्शन कराया गया है। जिसमें बीज का शत-प्रतिशत अनुदान किसानों के खाते में भेजा जा चुका है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सरिता अग्रवाल द्वारा बताया गया कि आज की आधुनिक जीवन शैली में सूगर व अन्य प्रकार के रोगो का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ाता जा रहा है। मक्का व अन्य दूसरे मोटे अनाज के सेवन से इन रोगो से बचा जा सकता है। मोटे अनाज की खेती अन्य की तुलना में आसान होती है, पानी व उर्वरक की कम मात्रा में ही इसकी खेती हो सकती है।

परियोजना निदेशक राजेश यादव द्वारा भी बताया गया कि मोटे अनाज में ग्लूटिन की मात्रा नही होती है जिससे उसका पाचन बहुत आसान  होता है। इसलिए सभी को मोटे अनाजों को अपने भोज्य पदार्थो में समावेश अवश्य करना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों को मक्के व अन्य मोटे अनाज की खेती व बीज उत्पादन की विस्तृत जानकारी कृषि वैज्ञानिकों द्वारा दी गयी। उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत कुल 455296 कृषको का भूमि अंकन का कार्य पूर्ण हैं जिसके सापेक्ष 421001 कृषको का ई-के0वाई0सी एवं 434156 कृषकों का आधार सीडिंग पूर्ण है। इस प्रकार अभी भी 34295 कृषको का ई-के0वाई0सी0 एवं 21140 कृषकों का आधार सीडिंग लम्बित है जिसके कारण इन कृषकों को पी0एम0 किसान के लाभ से वंचित हैं। सोलर पम्प हेतु आन लाइन आवेदन के लिए पोर्टल खुला है। इच्छुक कृषक आन लाइन आवेदन करा सकते है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कराने की अन्तिम तिथि 25 अगस्त है। कृषक सहज जन सेवा केन्द्र से अपने फसलो का बीमा ससमय करा लेें।

गोष्ठी में जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक यू0बी0आई, जिला समन्वयक यू0पी0 डास्प, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी, सहायक प्रबन्धक इफको एवं कृषि विज्ञान केन्द्र पी0जी0 कालेज गाजीपुर व आकुशपुर के वैज्ञानिक डा0 विनोद कुमार सिंह, डा0 धर्मेन्द्र कुमार सिंह, डा0 ओमकार, डा0 जय प्रकाश सिंह इत्यादि उपस्थ्ति थे।

कंट्रोल रूम से पुलिस भर्ती परीक्षा की हो रही है निगरानी:एडीजी पीयूष

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती-2023 की लिखित परीक्षा को सकुशल, नकलविहीन, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराये जाने के उद्देश्य से ए डी जी पीयूष मोर्डिया, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक डा ईरज राजा ने शुक्रवार को पी0जी0 कालेज गोरा बाजार, लुर्दस कान्वेन्ट गर्ल्स इण्टर कालेज, आर्दश इण्टर कालेज महुआबाग, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय तथा पुलिस लाईन मे बनाये गये कन्ट्रोल रूम का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा, स्ट्रांग रूम, चेकिंग, फेस्टिंग, बायोमेट्रिक व्यवस्था को देखा।

ए डी जी  ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस परीक्षा की सारी तैयारी उत्कृष्ठ स्तर पर की गयी है। सभी विद्याालयों मे सी0सी0टी0वी कैमरे लगाये गये है एवं कन्ट्रोल रूम भी बनाये गये है। जनपद स्तर पर भी कन्ट्रोल रूम पुलिस लाइन में बनाया गया है जहॉ से लगातार निगरानी की जा रही है। सभी अभ्यर्थियों का प्रवेश के समय बायोमेट्रीक वैरीफीकेशन किया गया। सभी अभ्यर्थी शान्तीपूर्ण ढंग से परीक्षा दिये। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में उत्तर प्रदेश पुलिस परीक्षा को संपन्न कराने के लिए 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिसमे परीक्षा दो पालियों में संपन्न कराई गयी। परीक्षा को संपन्न कराने के लिए जोनल, सेक्टर, स्टेटिक मजिस्ट्रेट के अलावा पर्याप्त पुलिस बल भी लगाया गया। पुलिस अधीक्षक ने सभी परीक्षा केंद्रों पर लगाई गई पुलिस फोर्स को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के आस पास भीड़ नहीं होना चाहिए यह आप लोग सुनिश्चित करें।

किसान पहुचे भारतीय बीज विज्ञानं संस्थान

जैविक खेती भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत किसान पहुचे भारतीय बीज विज्ञानं संस्थान

गाजीपुर। नमामि गंगे योजना अन्तर्गत जनपद मे संचालित जैविक खेती कार्यक्रम मे चयनित कृषको के प्रशिक्षण एवं भ्रमण कार्यक्रम के क्रम मे विकास खंड रेवतीपुर एवं सदर के 50 कृषकों को एक्सपोजर विजिट हेतु भारतीय बीज विज्ञान संस्थान, कुशमौर, मऊ उ0 प्र में प्रशिक्षण एवं जैविक खेती की नवीनतम तकनीकी की जानकारी के लिए डॉ वीरेंद्र कुमार राव जिला परियोजना समन्वयक यूपीडास्प ने हरी झंडी दिखाकर बस को रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं भारत सरकार किसानों के समृद्धि के लिए अनेक योजनाएं चला रही हमें उनका लाभ लेने की आवश्यकता है। इस अवसर पर प्रोजेक्ट मैनेजर ईश एग्रीटेक इंदौर श्री कुलदीप सिंह ने बताया कि जनपद के 6 विकास खंडो में 2000 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर 3249 किसको के सहयोग से जैविक खेती की जा रही है ,योजना मे चयनित कृषकों को यूपीडास्प द्वारा नामित सहयोगी संस्था द्बारा समय समय पर समुहो मे जाकर प्रशिक्षित किया जाता है, परंतु भारतीय बीज विज्ञान संस्थान, कुशमौर, मऊ में जाकर वहां के वैज्ञानिकों से कृषि संबंधित नवीनतम जानकारी का आदान-प्रदान किया जाएगा।

वर्तमान मे खरीफ प्रथम वर्ष के फसलों की बुवाई की जा रही है, इसी क्रम में चयनित कृषकों को समय-समय पर कृषि के नवीनतम तकनीकी ज्ञान से अवगत कराने हेतु एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। भारतीय बीज विज्ञान संस्थान पर आयोजित तकनीकी प्रशिक्षण मे वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ हर्ष वर्धन सिंह एवं डॉ अंजनी सिंह ने बताया कि गंगा नदी के जल को प्रदूषण मुक्त करने के साथ-साथ पर्यावरण को स्वच्छ बनाने एवं सर्व समाज को रसायन मुक्त शुद्ध भोज्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए जैविक खेती ही मात्र एक विकल्प है। प्रशिक्षण में कृषि वैज्ञानिक डाँ आदर्श सिंह एवं डॉ कल्याणी कुमारी ने जैविक खेती के विभिन्न घटकों जैसे जैविक बीज प्रबंधन, नाशी जीव प्रबंधन, जैव उर्वरक, वर्मी कंपोस्ट,नाडेप एवं जैव उत्पादों के मूल्य वर्धन एवं विपणन पर आए हुए किसकों को विस्तार से प्रशिक्षित किया गया तथा प्रक्षेत्र का भ्रमण कराया गया। जैविक खेती कार्यक्रम हेतु यूपी डास्प द्वारा नामित सहयोगी संस्था ईश एग्रीटेक प्राइवेट लिमिटेड, इंदौर के प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप सिंह ने फ्लैग ऑफ़ कार्यक्रम में सम्मिलित सभी अधिकारियों, कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों एवं कृषको का धन्यवाद ज्ञापित किया ।

बांग्लादेश की घटना से आहत हिन्दु रक्षा समिति ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन


गाजीपुर। हिन्दुओं के महा जन आक्रोश मार्च हिन्दु समाज के लिए बांग्लादेश सहित पुरे विश्व में हिन्दुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उददेश्य से गुरूवार को राजकीय होम्योपैथीक कालेज गुरूबाग रौजा से रैली निकाली गयी, जो ओवरब्रिज विशेष्वगंज होते हुए महुआबाग, ओपियम फैक्ट्री होते हुए कचहरी स्थित सरयू पाण्डेय पार्क मे आकर सभा में तब्दील हो गयी। जिसमें व्यक्ता के रूप में सच्चिदानन्द राय, अधिवक्ता रणजीत सिंह, गायत्री शक्तिपीठ के सुरेन्द्र नाथ सिंह, आदित्य प्रकाश आर्य समाज, दिनेश चन्द्र पाण्डेय विश्व हिन्दु परिषद ने कहा कि बांग्लादेश में हर जिले में यह वीभत्स कुकृत्य होने की सूचना है कटटरपंथियांे के निशाने पर शमशान तक नही बचे है मंदिरो को भारी क्षति पहुचाई गयी है।

निरंतर अंतराल पर होने वाले ऐसे दंगों का ही परिणाम है कि बांग्लादेश मंे हिन्दु जो विभाजन के समय 32 प्रतिशत से घटकर अब 8 प्रतिशत से भी कम बचे है और वे भी लगातार जिहादी उत्पीड़न के शिकार है।, देश की सरकार से हर सम्भव कदम उठाने की मांग करती है। वर्तमान में बांग्लादेश राजनैतिक षड़यत्र और अराजकता की दौर से गुजर रहा है जिसमें वहा रहने वाले निर्दोष अल्मसंख्यक हिन्दुओं पर धर्माधता के कारण अमानवीय अत्याचार किये जा रहे है। हिन्दुओ की सम्पत्ति को लूटा जा रहा है हिन्दु महिलाओं पर घिनौने अत्याचार किये जाने रहे है। उनकी आबरू लूटकर हत्या की जा रही है, जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया जा रहा है। हिन्दुओ के घरो व दुकानो को आग के हवाल किया जा रहा है।

वहा के शासन प्रशासन द्वारा हिन्दुओ की कोई सुरक्षा प्रदान नही की जा रही है। वहा की कानून व्यवस्था बिल्कुल निष्प्रभावी व शून्य हो गयी है। ऐसे में हिन्दु वहा एक लावारीश कौम की तरह अपने जीवन भीख मुस्लिम जेहादियो से मांग रहे है। बांग्लादेश मे इस समय हिन्दुओ की स्थिति बेजान लाश की तरह हो गयी है और उनकी सुरक्षा के लिए विश्व की कोई सरकार किसी भी प्रकार का कोई कदम नही उठा रही है। ऐसी परिस्थति में भारत का हिन्दु समाज मुख दर्शक बना नही रहेगा। अपने हिन्दु भाई बहनो की सुरक्षा के लिए हम सभी हर सम्भव प्रयास करेगे। बाग्ंलादेश की वर्तमान परिस्थिति को देखते हुए वहा शान्ति एवं सौहार्द कायम रखने हेतु भारत सरकार व अन्य सरकारो से अपेक्षा है। हिन्दु हमेशा शान्ति प्रिय रहा है हिन्दु विश्व में जहा भी अल्पसंख्यक है अपने मेहनत के दम पर वहा महत्वपूर्ण योगदान करते है और हमारे हिन्दू समुदाय को अपने भाईयो की सुरक्षा के लिए सजग व सर्तक रहना होगा।

आज गाजीपुर के सभी हिन्दु संगठन जिसमें व्यापारिक, सामाजिक व धार्मिक संगठनो द्वारा बांग्लादेश में हो रहे हिन्दुओ प्रति अत्याचार के विरूद्ध जनाक्रोष मार्च किया गया। आज हम भारत सरकार को इस ज्ञापन के माध्यम से निवेदन करते है कि बांग्लादेश के साथ साथ विश्व के हिन्दू समुदाय की सहायता व सुरक्षा के लिए जो आवश्यक कदम अतिशीघ्र उठाकर प्रभावी कार्यवाही करे। जिससे हिन्दु समाज की सुरक्षा हो सके। महामहिम राष्ट्रपति भारत गणराज्य को सम्बोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी सदर प्रखर उत्तम को सरयू पाण्डेय पार्क में दिया गया। इस अभियान के समर्थन में सिविल बार एसोसिएशन, अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी, श्री हंसयोग आश्रम, प्रजापति ब्रम्हकुमारी आश्रम, श्रीगुरूसंत आश्रम गुरूबाग, आर्यसमाज समिति, गायत्री शक्तिपीठ, बालदुर्गा पूजा समिति नबाबगंज, मानस समिति हनुमान मंदिर कोट, नव युवक दुर्गा पूजा समिति मारकीनगंज, संयुक्त दुर्गा पूजासमिति चीतनाथ, जिला उद्योग व्यापार मण्डल, बजरंग दल, हिन्दु जागरण मंच, भारत विकास परिषद, अधिवक्ता परिषद, भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, वनवासी कल्याण आश्रम समिति रहा।

इस अवसर पर जयप्रकाश वर्मा, दीपक, सूरज, विपिन, रविराज हिन्दू, राजेश, अनुराग, उत्तम चौधरी, आशीष, अनिल स्वामी, विनोद उपाध्याय, नीलम चतुर्वेदी राष्ट्रीय सेविका समिति, कृपाशंकर राय, जयप्रकाश सिंह, अनमोल सिंह, चन्द्र कुमार तिवारी, सरिता अग्रवाल, अजय पाठक, नीरज श्रीवास्तव, प्रदीप चतुर्वेदी, बंशीधर कुशवाहा, विनय कुशवाहा, संजय राय, वेद प्रकाश राय, संगीता बलवन्त राज्यसभा सांसद, शशिकान्त शर्मा, विनोद अग्रवाल, सुनिता सिंह, सपना सिंह, आरती सिंह, साधना राय आदि मौजूद रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता सच्चिदानन्द राय व संचालन अशोक कुमार राय ने किया।

परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर डीएम ने दिया अफसरों को निर्देश

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती-2023 की लिखित परीक्षा को सकुशल, नकलविहीन, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराये जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने जनपद स्तर पर बनाये गये परीक्षा केन्द्रो का गुरूवार को स्थलीय निरीक्षण का जायजा लिया एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने परीक्षा केन्द्र सुभाष इण्टर कालेज फतेउल्लाहपुर एवं शिव कुमार शास्त्री इण्टर कालेज जंगीपुर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होने बनाये गये कन्ट्रोल रूम, स्ट्रांग रूम, क्लास रूम, सी सी टी वी कैमरा एवं अन्य व्यवस्थाएॅ चेक करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये। जिलाधिकारी ने परीक्षा को सकुशल संपन्न कराने के दृष्टिगत की गई समस्त तैयारियों का निरीक्षण करते हुए ड्यूटी में लगाये गये समस्त संम्बन्धित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया। कहा कि परीक्षा को निष्पक्ष एवं सुचितापूर्ण सम्पन्न कराना हम सब की जिम्मेदारी है, इसमें अपने-अपने ड्यूटी के अनुसार पूर्ण निष्ठा एवं तत्परता के साथ कार्याे को सम्पन्न कराने की जिम्मेदारी सौपी गई है जिसका हमे पूरी ईमानदारी के साथ निर्वहन करना है।

उन्होंने कहा कि स्ट्रांग रूम प्रशासन व पुलिस की देख-रेख में रहेगा तथा सम्पूर्ण परीक्षा प्रक्रिया के दौरान कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। परीक्षा के दौरान अनावश्यक कोई व्यक्ति परीक्षा केन्द्र मे नही रहेगा तथा जो भी ड्यूटि पर तैनात रहेगे उनका परिचय पत्र साथ मे अवश्य रहे। परीक्षा के दौरान सी सी टी वी कैमरा एक्टिव मोड मे रहे एवं  विद्युत सप्लाई बाधित न हो यह पहले ही सुनिश्चित कर लिया जाये। शासन के निर्देश के क्रम मे उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती-2023 की लिखित परीक्षा 23, 24, 25, 30 अगस्त व 31 अगस्त 2024 को दो पालियों में (प्रथम पाली पूर्वान्ह 10 बजे से मध्याह्न 12 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपरान्ह 3 बजे से सायं 5 बजे तक) आयोजित होगी। जनपद में आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती-2023 की लिखित परीक्षा कुल 12 परीक्षा केन्द्रों पर करायी जाएगी। उक्त परीक्षा को सकुशल, निर्विघ्न, निष्पक्ष एवं सुचितापूर्ण सम्पन्न कराने हेतु प्रत्येक स्तर पर सतर्कता, सजगता एवं अनुशासन बनाए रखने हेतु सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट एवं अतिरिक्त सहायक केन्द्र व्यवस्थापक की तैनाती कर दी गई है। परीक्षा से संबंधित प्रश्न पुस्तिकाओं को परीक्षा के दिन कंट्रोल रूम से प्राप्त करने तथा परीक्षा केन्द्रों पर पहुँचाने एवं लाने हेतु सेक्टर मजिस्ट्रेट तथा परीक्षा केन्द्रों पर परीक्षा के सकुशल संचालन हेतु सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, एवं अतिरिक्त सहायक केन्द्र व्यवस्थापक की तैनाती परीक्षा केन्द्रवार की गई है।

जिलाधिकारी ने सभी संबंधित प्रशासनिक/पुलिस अधिकारियो को निर्देशित किया है कि सम्पूर्ण परीक्षा प्रक्रिया के दौरान परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये। अधिकारी पूरी निष्ठा एवं सतर्कता के साथ अपने उत्तरदायित्वों को निर्वहन करना सुनिश्चित करेंगे। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी वि0रा0 दिनेश कुमार एवं केन्द्र पर तैनात अधिकारी मौजूद रहे।

डीएम ने की विभिन्न विभागों की समीक्षा, रोका वेतन

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एंव मासिक स्टाफ बैठक कलेक्ट्रेट सभागार मे गुरूवार को सम्पन्न हुआ। बैठक में जिलाधिकारी ने परिवहन, वन विभाग, स्टाम्प, नगर पालिका, आडिट आपत्ति, चकबन्दी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, अंश निर्धारण, मोटर देय, आईजीआरएस, के सम्बन्ध मे विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक मे समीक्षा के दौरान सी एम डैश बोर्ड पर आबकारी, मण्डी सचिव एवं जी एस टी विभाग की मासिक लक्ष्य के सापेक्ष कम प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित अधिकारी को स्पष्टिकरण का निर्देश दिया तथा बैठक मे नायब तहसीलदार क्षेत्र जलालाबाद के अनुपस्थित होने पर वेतन रोकने एवं स्पष्टिकरण का निर्देश दिया। जिलाधिकारी तालाब, खेल मैदान, चारागाह, एवं ग्राम सभा की भूमि को प्राथमिकता के तौर पर चिन्हित करते हुए उसपर भू-माफियाओं केे द्वारा किये गये अतिक्रमण को अतिक्रमण मुक्त कराते हुए कार्यवाही का निर्देश दिया।  जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों का आह्वान करते हुए उन्हें निर्देश दिया कि राजस्व प्राप्ति के संबंध में जो विभाग कार्य कर रहे हैं उनके द्वारा अपने-अपने लक्ष्य को प्रत्येक माह उसे पूर्ण कर अंतिम रूप प्रदान किया जाए ताकि सभी विभागों में राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य पूर्ण किए जा सकें।

उन्होने कम राजस्व वसूली  वाले विभागो के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को अपने लक्ष्य के प्रति प्रत्येक माह कार्य योजना बनाकर मूर्त रूप प्रदान किया जाये, इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही एवं शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिन विभागीय अधिकारियों के द्वारा अपने राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति नहीं की जाएगी उनके विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। जिसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित विभागीय अधिकारी की होगी। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने मासिक स्टाफ बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में लंबित प्रकरण एवं विवादित प्रकरण, दाखिल खारिज, विवादित वादो का निस्तारण करने को कहा। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व कार्यों में सभी अधिकारियों द्वारा सरकार की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे प्रत्येक कार्यक्रम में तत्परता दिखाते हुए कार्यों का संपादन किया जाना सुनिश्चित करें ताकि सरकार की राजस्व योजनाओं का लाभ जन सामान्य को आसानी के साथ प्राप्त हो सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि समस्त अधिकारी राजस्व वसूली का कार्य सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर करते हुए डिमांड के अनुसार वसूली सुनिश्चित करे। उन्होंने राजस्व वादों के निस्तारण में समीक्षा करते हुए राजस्व वादों के निस्तारण के संबंध में सभी पीठासीन अधिकारियों द्वारा शिकायतो का निस्तारण गुण एवं दोष के आधार पर कार्रवाई करते हुए सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0  दिनेश कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी आयुष योती, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं सम्बन्धित अधिकारी एंव पटल सहायक उपस्थित थे।

नोडल अधिकारी ने तीन स्वास्थ्य इकाइयों का किया निरीक्षण

संयुक्त निदेशक डॉ नीना वर्मा ने संचारी रोगों के प्रभावी नियंत्रण व कार्यवाई का जाना हाल

संचारी रोग नियंत्रण की जनपदीय नोडल अधिकारी ने तीन स्वास्थ्य इकाइयों का किया निरीक्षण

सीएचसी करंडा और सैदपुर एवं पीएचसी देवकली पर सुविधाओं आदि की ली जानकारी

गाजीपुर। प्रदेश मुख्यालय से आईं परिवार कल्याण कार्यक्रम की संयुक्त निदेशक एवं संचारी रोग नियंत्रण की जनपदीय नोडल अधिकारी डॉ नीना वर्मा ने गुरुवार को तीन स्वास्थ्य इकाइयों का निरीक्षण किया। उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) करंडा और सैदपुर एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) देवकली पर भ्रमण कर संचारी रोग जैसे डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार, चिकनगुनिया, टीबी आदि संचारी रोगों को लेकर की जा रही प्रभावी नियंत्रण व कार्यवाई आदि के बारे में जानकारी ली। संयुक्त निदेशक के साथ जनपद मुख्यालय से जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ संजय कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार और जिला कार्यक्रम प्रबन्धक प्रभुनाथ शामिल रहे।


डॉ नीना वर्मा ने करंडा सीएचसी के अधीक्षक डॉ अवधेश कुमार राव, सैदपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ संजीव सिंह और पीएचसी देवकली के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ एसके सरोज से स्वास्थ्य केंद्र पर प्रदान की जा रही सुविधाओं, लैब आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ओपीडी में आने वाले बुखार, सर्दी, खांसी आदि के मरीजों की जांच कर उन्हें दवा, परामर्श आदि प्रदान करें। डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, टीबी आदि संभावित लक्षण वाले संभावित मरीजों को सूची बनाकर उनकी जल्द से जल्द जांच कराएं। पॉज़िटिव आने पर उन्हें तत्काल प्रभाव से उपचार पर रखें और आवश्यक परामर्श प्रदान करें। उनके संपर्कियों की जांच कर उन्हें आवश्यक उपचार व परामर्श दें। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ), एएनएम, संगिनी और आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा समुदाय में लोगों को समस्त संचारी रोगों के लक्षण, कारण, जांच, निदान, उपचार, परामर्श और बचाव के बारे में जागरूक करें।


उन्होंने जनपदवासियों से अपील की है कि संचारी रोगों से बचाव के लिए सभी अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखें। झाड़ियां न उगने दें। जल जमाव न की स्थिति पैदा होने दें। रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल या लार्वा रोधी रसायन डालें। कूलर आदि का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। कोई भी बुखार का लक्षण दिखे तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच एवं इलाज़ कराएं। उन्होंने ‘हर रविवार मच्छर पर वार, खत्म करेंगे डेंगू, मलेरिया बुखार’ का संदेश दिया।

वृहद ऋण मेला में राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने किया ऋण वितरण

गाजीपुर। यूनियन  बैंक ऑफ इंडिया द्वारा केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा संचालित बैंकों से संबंधित योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से मेगा क्रेडिट कैंप का आयोजन रायफल क्लब में किया गया।
कैंप मे मुख्य रूप से राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी,नगरपालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल,क्षेत्र प्रमुख संजय कुमार सिन्हा आदि उपस्थित रहे । मेगा क्रेडिट कैंप मे 163.94 करोड़ विभिन्न योजनाओं से हितग्राहियों को ऋण राशि के चेक वितरित किए गए। अग्रणी जिला प्रबंधक पियूष सिंह परमार ने ग्रामीणों को अधिक से अधिक योजनाओं की जानकारी देकर पात्र लोगों को ऋण वितरित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि एस.एच.जी समूह अधिक से अधिक योजनाओं की जानकारी देकर, बैंक में पैसा जमा कराने व समूहों को ऋण वितरण करती है। मेगा क्रेडिट कैम्प में आवास ऋण, कार ऋण, पर्सनल ऋण, पेंशन ऋण ,केसीसी ऋण स्वीकृत किए गए। श्री सिंह ने बैंक की योजनाओं की जानकारी दी।राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत के द्वारा महिलाओं को नए भारत के निर्माण करने एवं आत्मनिर्भर बनने पे उनकी सराहना की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपनो को साकार करने पे महिलाओं को धन्यवाद दी।राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी,नगरपालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा यूनियन आरसेटी एवम विभिन्न बैंक के कैंप का अवलोकन किया गया।

अन्त में क्षेत्र प्रमुख संजय कुमार सिन्हा द्वारा मुद्रा योजना, पीएम स्वनिधि, क्रेडिट गारंटी, पीएमईजीपी, आत्म निर्भर योजना व केसीसी अबकी नारी की बारी सहित अन्य योजनाओं के संबंध में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई । कार्यक्रम का संचालन एवम धन्यवाद ज्ञापन मुकेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा किया गया ।

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