542 शिकायत पत्र में 33 का निस्तारण

गाजीपुर।जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील सेवराई में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस डा. ईरज राजा की अध्यक्षता में शनिवार को सम्पन्न हुआ।जिसमें 120 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए और मौके पर 08 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातों तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 542 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 33 शिकायत/प्रार्थना पत्रों का निस्तारण किया गया।
इसी क्रम में तहसील जखनियां में उप जिलाधिकारी की अध्यक्षता में 147 शिकायत/प्रार्थना  प्राप्त हुए जिसमें 03 का मौके पर निस्तारण किया। तहसील जमानियॉ में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार की अध्यक्षता में 56 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से 04 का मौके पर निस्तारण किया गया। सदर तहसील में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 26 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके 03 का निस्तारण किया गया। तहसील मुहमम्दाबाद में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 97 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से 07 का मौके पर निस्तारण किया गया। तहसील कासिमाबाद में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 62 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें से मौके पर 05 का निस्तारण किया गया एवं तहसील सैदपुर में उपजिलाधिकारी की अध्यक्षता में 37 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त 03 का मौके पर निस्तारण किया गया।
जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायत/प्रार्थना पत्रो का संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अविलम्ब मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए निस्तारण कराई जाए।उन्होंने आई जी आर एस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतो को आगामी तीन दिवस में शत-प्रतिशत निस्तारण करने का निर्देश दिया। उन्होने कहा इसकी समीक्षा सीधे शासन स्तर से होती है।इसमें लापरवाही पर संबंधित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होगे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, जिला चिकित्साधिकारी देश दीपक पाल, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, परियोजना निदेशक राजेश यादव,उप जिलाधिकारी सेवराई, तहसीलदर सेवराई, एवं समस्त जनपदस्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

“श्रीअन्न” की प्रदर्शनी लगाकर छात्राओं ने किया जागरूक

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शुक्रवार को गृह विज्ञान की बीए, बीएससी तृतीय वर्ष की छात्राओं द्वारा राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अंर्तगत “श्रीअन्न ” की प्रदर्शनी लगाईं गई। इसके अंतर्गत महाविद्यालय की छात्राओं को जागरूक किया गया जिससे कि वे स्वयं और अपने समुदाय के लोगो को मोटे अनाजों के फायदों के विषय में बता सकें ताकि वे दैनिक आहार में शामिल करके रोगों से मुक्त स्वस्थ जीवन जी सके। समकालीन मुद्दे पर आधारित यह जागरूकता कार्यक्रम राष्टीय पोषण सप्ताह के थीम “न्यूट्रिशियस डाइट फॉर एवरीवन/ सबके लिए पौष्टिक आहार” पर आधारित था क्योंकि प्राचीन काल से मोटे अनाज जनमानस का भोजन रहा हैं। जोकि पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। उनमें प्रचुर मात्रा में फाइबर , प्रोटीन , मिनरल्स होते हैं परंतु किवदंतियों के अनुसार वर्तमान में मोटे अनाज गरीबों का भोजन तथा पशुओं का चारा बन चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2023 को अंतराष्ट्रीय मिलेट्स ईयर घोषित किया गया हैं क्योंकि यह मोटे अनाज जिनमे प्रमुख रूप से -बाजरा -Pearl millet,ज्वार- Sorghum millet, रागी- Finger millet,कोदो -Kodo millet, कंगनी-Foxtail millet , सावा -Barnyard millet , कुटकी -Little Millet, चेना- Proso millet हैं। ये सभी मोटे अनाजों का उत्पादन बहुत ही कम पानी व समय में बिना रासायनिक कीटनाशकों व खाद के प्रयोग के होता हैं। इनके उपयोग से किसान भाइयों की आर्थिक स्थिती में सुधार होगा तथा देश की जनता द्वारा इसे अपने दैनिक भोजन में शामिल करने से अनेक रोगों से बचे रहेंगे। गृहविज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ नेहा कुमारी ने कहा कि ‘इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं के माध्यम से उनके समुदाय को मोटे अनाजों के पोषक मूल्य की जानकारी देना एवं दैनिक भोजन में श्रीअन्न को पुनः शामिल करने हेतु प्रोत्साहित करना हैं’।

महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो( डॉ) अनिता कुमारी ने छात्राओं के इस प्रसार कार्यक्रम की अत्यंत प्रशंसा करते हुए अपने प्रसार कार्य में मोटे अनाजों की रेसिपी बनाने की सलाह दी तथा महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो उमा शंकर प्रसाद , डॉ शिव कुमार, डॉ निरंजन कुमार यादव , डॉ सारिका सिंह, डॉ संगीता मौर्य , डॉ शिखा सिंह डॉ शंभू शरण प्रसाद, डॉ मनीष सोनकर , डॉ राजेश यादव , डॉ एखलाक खान ,डॉ पीयूष सिंह, डॉ ओम शिवानी ने जनरूकता कार्यक्रम करने हेतु छात्राओं का उत्साह वर्धन किया ।

काली पट्टी बांधकर किया प्रदर्शन

नई शिक्षा नीति-2020, नई पेंशन के विरोध में तथा पुरानी पेंशन की माँग हेतु पी.जी. कॉलेज शिक्षक संघ ने काली पट्टी बाँधकर कार्य और प्रदर्शन किया।

गाजीपुर। बृहस्पतिवार को शिक्षक दिवस के अवसर पर विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के आह्वान और निर्देशानुसार पी. जी. कॉलेज शिक्षक संघ ने पुरानी पेंशन बहाल करने, नई पेंशन (यूपीएस और एनपीएस) वापस करने तथा नई शिक्षा नीति-2020 के विरोध में काली पट्टी बाँधकर कार्य किया। शिक्षकों ने मुख्य द्वार और प्रशासनिक भवन पर प्रतिरोध दर्ज कराने हेतु प्रदर्शन करते हुए सरकार द्वारा इन माँगों को अविलंब पूर्ण किए जाने की माँग किया।

इस मौके पर महाविद्यालय शिक्षक संघ महामंत्री डॉ. मनोज कुमार सिंह ने जानकारी दिया कि विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के संयुक्त मंत्री (वरिष्ठ) डॉ. जे.के. राव, महाविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. राम दुलारे, डॉ. राकेश वर्मा, संयुक्त मंत्री डॉ. धर्मेंद्र, डॉ. प्रदीप रंजन, प्रो. संजय चतुर्वेदी, डॉ. अनुज कुमार मिश्र, डॉ. रवि शंकर वर्मा, डॉ. यशवन्त मौर्य, प्रो. रवि शंकर सिंह, डॉ. संजय सुमन, डॉ. अंजनी गौतम, डॉ. समरेंद्र नारायण, डॉ. स्मृति,पूर्व महामंत्री प्रो. जी सिंह और प्रो. अरुण यादव समेत बड़ी संख्या में शिक्षक इस प्रदर्शन और प्रतिरोध में उपस्थित रहे। महामंत्री ने सूचना दिया कि माँगें पूर्ण होने तक विश्वविद्यालय महाविद्यालय शिक्षक महासंघ के निर्देश के अनुसार प्रदर्शन एवं कार्यक्रम चलते रहेंगे।

आर्यन मिश्रा को दी श्रद्धांजलि, कहा…..

गाजीपुर। कचहरी स्थित सरजू पांडे पार्क में बिगत दिनों हरियाणा में फर्जी गौ रक्षकों द्वारा बीटेक के छात्र आर्यन मिश्रा को गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिसको लेकर यूथ कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष सुधांशु तिवारी के नेतृत्व में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर दिवांशू पाण्डेय अंशु ने कहा कि देश में जब से बीजेपी सरकार आई है इस तरह की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसी मौके पर शशांक उपाध्याय ने कहा कि अखलाक और पहलू कहां-कहां को भी इन तथाकथित गौ रक्षों द्वारा हत्या कर दिया गया था। इस मौके पर आशुतोष गुप्ता, ओजस्व साहू, संजय गुप्ता, सूर्या भाई, रईस अहमद, अभय कुमार, शिवम उपाध्याय, ताम्रध्वज कुमार, अभिषेक कुमार आदि लोग मौजूद रहे।

शिक्षक राष्ट्र का निर्माता एवं समाज का मार्गदर्शक होता है: प्रो (डॉ०) राघवेन्द्र

शिक्षक राष्ट्र का निर्माता एवं समाज का मार्गदर्शक होता है: प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय

गाजीपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर पी० जी० कॉलेज में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर सेवानिवृत्ति भूगोल विभाग के प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमार शाही, शारीरिक शिक्षा विभाग के रमेश प्रसाद सिंह एवं उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा परिषद से प्रोजेक्ट प्राप्त करने वाले गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० हरेन्द्र सिंह का अभिनंदन कर स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। अभिनंदन समारोह में मुख्य वक्ता के तौर पर कुलानुशासक डॉ० एस० डी० सिंह परिहार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ० बद्रीनाथ सिंह रहे। इसके अलावा डॉक्टर समरेंद्र नारायण मिश्रा, डॉक्टर जी सिंह, डॉक्टर हरेंद्र सिंह ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आज के दिन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। गणित विभाग के डॉक्टर प्रतिमा सिंह ने महिला शिक्षकों की ओर से इस दिवस के महत्व को रेखांकित किया।


अपने उद्बोधन में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि वह पी० जी० कॉलेज में ही पहले शिक्षक थे। बाद में वह इसी कॉलेज में प्राचार्य बने। जब 2003 में वह शिक्षक के तौर पर इस कॉलेज में आए थे। तब से उनकी मनसा थी कि शिक्षक दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाए। जब वह इस महाविद्यालय के प्राचार्य हुए हैं, तब से नियमित रूप से महाविद्यालय में शिक्षक दिवस को मनाया जा रहा है। प्रोफेसर पाण्डेय ने कहा कि किसी भी समाज में शिक्षक की भूमिका को नजरअंदाज कर एक शिष्ट समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती। शिक्षक राष्ट्र का निर्माता व समाज का मार्गदर्शक होता है। शिक्षण का कार्य एक पुनित कार्य है, जिसके माध्यम से देश के कर्णधार छात्र – छात्राओं के माध्यम से देश को एक दिशा प्रदान करता है।

देश को विकास एवं तकनीकी के क्षेत्र में समृद्धि प्रदान करने में शिक्षक की ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है। देश के महान शिक्षकों में से एक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर 5 सितंबर को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय शिक्षक दिवस ममाने की शुरुआत 5 सितंबर 1962 से की गई थी। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के अध्यक्ष, प्रोफेसर विनय कुमार दुबे एवं आभार डॉ० संजय चतुर्वेदी ने व्यक्त किया।

महिला पीजी कॉलेज में बेसिक ब्यूटीशियन कोर्स का हुआ उद्घाटन

गाजीपुर। गुरुवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शिक्षक दिवस समारोह एवं स्नातक तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं के लिए अनिवार्य व्यवसायिक कोर्स के तहत बेसिक ब्यूटीशियन कोर्स का उद्घाटन किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर अनिता कुमारी द्वारा अतिथि के रूप में उपस्थित केनरा बैंक के प्रबंधक व सभी आचार्य का स्वागत किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अनिता कुमारी द्वारा सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए भेंट स्वरूप डायरी व पेन प्रदान किया। इस अवसर पर हिंदी विभाग की छात्राओं संध्या, पूनम एवं वंशिका ने शिक्षक दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षक को ईश्वर से भी ऊपर बताया। कार्यक्रम के अगले चरण में महाविद्यालय में क्वींस अकादमी के सौजन्य से संचालित होने वाले अनिवार्य वोकेशनल कोर्स के रूप में बेसिक ब्यूटीशियन कोर्स का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन व मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ शिखा सिंह ने छात्राओं को कोर्स के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि तीन क्रेडिट का यह कोर्स पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त है। क्वींस अकादमी की डायरेक्टर आयुषी सिंह ने छात्राओं को स्किल डेवलपमेंट के लाभ और इस कोर्स के रोजगार के अवसर में बताया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अनीता कुमारी ने छात्राओं के लिए बहुउपयोगी वोकेशनल कोर्स की प्रारंभ करने की अपनी पहल को रेखांकित किया। इस अवसर पर ब्यूटीशियन कोर्स के लिए नवनिर्मित कक्ष का फीता काटकर उद्घाटन किया गया । कार्यक्रम का संयोजन कोर्स कोआर्डिनेटर डॉ शिखा सिंह एवं संचालन डा शशिकला जायसवाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं तृतीय सेमेस्टर की छात्राएं उपस्थित रहीं।

मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन की फीस 400, डॉक्टर ने मांगा डेढ़ लाख

मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन की फीस 400, डॉक्टर ने मांगा ऑपरेशन के डेढ़ लाख

गाजीपुर। डॉक्टर जिन्हें धरती का भगवान कहा जाता है और इस भगवान को अपनी चिकित्सा सुविधा देने की एवज में शासन की तरफ से लाखों रुपए महीने का वेतन दिया जाता है। ताकि उनके रहन-सहन और ऐसो आराम में कोई कमी ना आए। बावजूद इसके डॉक्टर आज भी मरीज से वसूली करने में पीछे नहीं रह रहे हैं। ऐसा ही मामला गाजीपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज का आया है। जहां पर एक वृद्ध महिला की सर्जरी के लिए डेढ़ लाख रुपए की मांग की गई। इतना ही नहीं उस महिला को दो दिनों तक मेडिकल कॉलेज में भी एडमिट किया गया । वहीं अब महिला के परिजन इस मामले को लेकर कॉलेज के प्रिंसिपल से शिकायत किये है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थित जिला अस्पताल में मरिज मंगलावती जायसवाल पत्नी शशि भूषण जायसवाल जिनकी उम्र करीब 85 वर्ष है। वह काशीराम आवासीय कॉलोनी बड़ी बाग गाजीपुर में रहती हैं और उनके दाहिने कूल्हे में कुछ दिक्कत आ गई थी। जिसके लिए उन्हें जिला अस्पताल में एडमिट कराया गया था। जहां पर हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ वैभव सिंह के द्वारा उन्हें देखा गया और कूल्हे के इलाज के लिए ऑपरेशन की बात कही गई। मरीज इसके लिए दो दिन तक मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल में भर्ती भी किया गया। इस दौरान डॉ वैभव सिंह के द्वारा डेढ़ लाख रुपए आपरेशन हेतु डिमांड की गई। जब मरीज के परिजनों के द्वारा इतनी भारी भरकम रकम देने में असमर्थता जाहिर की गई। तब उसे घटाकर 85000 पर ऑपरेशन करने को राजी हुए। इन्ही सब बातों की शिकायत मरीज के परिजन और कुछ समाजसेवी संगठनों के लोगों के द्वारा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ आनंद मिश्रा से बीते गुरुवार को लिखित रूप से शिकायत किया गया।

समाजसेवी संगठन के अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महिला बेहद ही गरीब परिवार से है और जब इसकी जानकारी उनके लोगों को हुई तो इस संबंध में उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से लिखित रूप में शिकायत किया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन में जिस प्लेट की जरूरत होती है वह प्लेट 10 से 20 हजार में बाजार में मिलती है। लेकिन इसके लिए मेडिकल कॉलेज के ऑर्थो स्पेशलिस्ट डॉ वैभव सिंह के द्वारा डेढ़ लाख रुपए की डिमांड की गई है।

बताते चले की 11 महीना पहले भी जिला अस्पताल में ही एक और मामला आया था जब एक मरीज ऑर्थो सर्जन डॉ रजत सिंह से ऑपरेशन कराना चाह रहा था लेकिन डॉ वैभव उस मरीज का खुद ऑपरेशन करना चाह रहे थे। मरीज और उनके परिजन के द्वारा नहीं कराने पर मरीज को काफी उल्टा सीधा बोला गया था जिसका सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हुआ था। तब मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने उक्त मामले में कार्रवाई करते हुए डॉ रजत सिंह से ओपीडी का काम लेना बंद कर दिए थे। जबकि शासनादेश के अनुसार सभी डॉक्टरों से ओपीडी करा कर मरीजों को राहत पहुंचाना होता है।

इस मामले में डॉ रजत सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनसे पिछले 11 महीने से ओपीडी या सर्जरी का काम नहीं लिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो महीने से प्रत्येक बुधवार को छोटे बच्चों के टेढ़े पंजे को सीधा कर ऑपरेशन करने का जो कैंप लगता है सिर्फ उसमें काम लिया जा रहा है।

वही इस पूरे मामले पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ आनंद मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस तरह की शिकायत उन्हें गुरुवार को मिला है। जिसके लिए उन्होंने एक जांच कमेटी बैठा दिया है और उस कमेटी के द्वारा इस मामले में जो भी रिपोर्ट दिया जाएगा उस रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल कॉलेज में जो भी इलाज है वह निशुल्क है। हालांकि ऑपरेशन के लिए ₹400 शासन के द्वारा फीस निर्धारित की गई है जो मरीज के परिजनों के द्वारा देय होता है। उन्होंने बताया कि कूल्हे के ऑपरेशन के लिए जो भी सर्जिकल सामान लगता है वह मरीज के परिजनों के द्वारा खरीदारी कर उपलब्ध कराना होता है। उसके बाद ही डॉक्टर के द्वारा उनका ऑपरेशन किया जाता है। ऐसे में उन सर्जरी सामानों की कीमत कितना भी हो सकता है।

शाह फैज स्कूल में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस

गाजीपुर। गुरुवार को शाह फैज़ विद्यालय के प्रांगण में शिक्षक दिवस बड़ी धूम धाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना के साथ हुयी। उसके पश्चात विद्यालय की मैनेजर अतिया अधमी व निदेशक डॉ नदीम अधमी ने सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनायें दीं। आज मैनेजमेंट की तरफ से विद्यालय प्रशासन को एक मीटिंग हॉल भी सौंपा गया जिसका नाम मरियम हॉल है और इसका उद्घाटन विद्यालय की मैनेजर अतिया अधमी ने किया।  शिक्षक शिक्षिकाओं के मनोरंजन के लिए बहुत सारे खेलों को भी रखा गया था।

इसके अतिरिक्त छात्र छात्राओं ने भी शिक्षक दिवस पर बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और अपना सम्मान प्रदर्शित करने के लिए कार्ड्स बनाये व अपने शिक्षकों को दिया। मैनेजमेंट की तरफ से सभी विद्यालय परिवार के लिए दोपहर के भोजन की भी व्यवस्था की गयी थी व उन्हें उपहार भी दिया गया। 

मुख्य अध्यापिका चंदना श्रीवास्तव ने सभी विद्यालय परिवार की तरफ से मैनेजमेंट का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (प्रशासन) डॉ प्रीती उपाध्याय और उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी ने किया।  अंकिता व सिमरन ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी अहम् भूमिका निभायी। कार्यक्रम की साज सज्जा आमना ओबैद व उमेश ने की।

इस कार्यक्रम में मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट मज़हर हुसैन , मैनेजर अतिया अधमी , प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य(प्रशासन) डॉ प्रीति उपाध्याय, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, सहायक प्रधानाचार्य राजेश सिंह, मुख्य अध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, इन चार्ज प्री प्राइमरी प्रियंका सिंह तथा अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।  

 

स्वंयसेवी छात्राओं ने यातायात के प्रति लोगों को किया जागरूक

गाजीपुर। यातायात सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्वंयसेवी छात्राओं ने जागरूकता रैली का आयोजन गुरूवार को किया। रैली को प्राचार्य प्रो अनिता कुमारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के दौरान छात्राएं ‘सड़क सुरक्षा की यही पुकार बिना हेलमेट के सब बेकार, चलायें आप कोई भी वाहन यातायात नियमो का सदैव करें पालन, सीट बेल्ट जरूर लगायें दुर्घटना को दूर भगायें, शराब पीकर गाड़ी न चलाए ट्रैफिक नियमों को अपनायें नारा लगाती रही। महुआ बाग चौराहे पर छात्राओं ने बिना हेलमेट बाइक चला रहे लोगों को रोककर उन्हें समझाया कि बिना हेलमेट के वाहन न चलाएं।

इसके साथ ही कार चालकों को बताया कि सीट बेल्ट लगाकर ही कार आदि वाहनों का संचालन करें। डॉ गजनफर सईद, डा रामनाथ केसरवानी, डा ओम शिवानी के नेतृत्व में यातायात जागरूकता रैली महुआ बाग मिश्र बाजार होते हुए महाविद्यालय पहुंची। अपराह्न 2 बजे यातायात जागरूकता के संदर्भ में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें जनपद नोडल अधिकारी डा अमित यादव ने सुरक्षित यातायात के विविध पहलुओं और यातायात प्रतीक चिह्न से सभी शिक्षक को परीचित कराया। प्राचार्य प्रो अनिता कुमारी ने समस्त शिक्षकों को सुरक्षित यातायात हेतु शपथ दिलाई। इस अवसर पर समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

ट्रैक्टर ट्रॉली का ब्रेक फेल, चालक की सूझबूझ से टला हादसा

ट्रैक्टर चालक की सूझबूझ से बची लोगों की जान, ब्रेक फेल होने के बाद टकराया ट्रैक्टर

गाजीपुर। नगर के विशेश्वरगंज इलाके में गुरुवार की सुबह के समय हादसा होते-होते टल गया। इस क्षेत्र में चलते समय एक ईंट लदे  ट्रैक्टर का अचानक ब्रेक फेल हो गया। जिससे ट्रेक्टर का अगला हिस्सा पूरी तरह से विशेश्वरगंज क्षेत्र में स्थित एक गोलंबर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन चालक की सूझबूझ से लोगों की जान बच गई। रौजा ओवरब्रिज से आते समय अचानक ट्रैक्टर ट्रॉली का ब्रेक फेल हो गया जिसकी भनक तक चालक को नही लगी। जब चालक ने ओवरब्रिज से उतरते समय ब्रेक मारा तो ब्रेक फेल होने की जानकारी होते ही चालक घबरा गया।

फिर चलते ट्रैक्टर से ही उसने आसपास के चलते राहगीरों से ब्रेक फेल होने की आवाज लगानी शुरू कर दी। इसके बाद चालक ने अपने सूझबूझ से ट्रैक्टर ट्रॉली को गोलंबर में टक्कर मार दी। लेकिन इस दौरान आसपास चलने वाले लोगों को कोई नुकसान नहीं हुआ। मगर चौराहे पर बना गोलंबर टक्कर के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। चालक ने टैक्टर पर बैठे एक लोग की जान बचाने में तो कामयाब हो गया, लेकिन टैक्टर ट्रॉली को नहीं बचा सका। ट्रैक्टर का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इसमें ट्रैक्टर और इंजन को नुकसान हुआ है। ट्रैक्टर की टक्कर होने के बाद इस मंजर को देखने के लिए लोगों का भारी भीड़ इकट्ठी हो गई। इसके बाद यातायात पुलिस ने भीड़ को खाली कराया और इस दौरान भीड़ की वजह से लगे जाम को जाम से मुक्त कराया।

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