गाजीपुर। केंद्र सरकार के बजट को लेकर छात्र संघ महामंत्री सुधांशु तिवारी ने कहा कि युवाओं के भविष्य के लिए युवाओं के रोजगार के लिए इस बजट में कोई भी ऐसा ऐलान नही किया गया है जिससे युवाओं के चेहरे पर खुशी हो जिससे युवाओं का भविष्य अंधेरे से उजाले में जा सके। कहा कि यह बजट पूरी तरह से युवाओं के विरोध में बजट है। इस बजट में ना ही अग्नि वीर पर बात की गई है और ना ही किसानों के किसी मुद्दे पर बात की गई है। जब देश का जवान और देश का किसान ही अंधेरे में है तो इस देश का भविष्य क्या होगा जब देश के बजट में युवाओं और किसनो की बात ही नहीं होगी तो इस बजट का कोई मायने ही नहीं है।
भरेंगे हुंकार, कराएंगे ताकत का एहसास
माध्यमिक शिक्षक डीआईओएस कार्यालय पर भरेंगे हुंकार, कराएंगे ताकत का एहसास
शिक्षक समस्याओं के निराकरण को अब आंदोलन
विद्यालय भ्रमण कर आंदोलन की बनाई रणनीति

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट का प्रतिनिधिमंडल बुधवार को दर्जनों विद्यालयों का दौरा कर शिक्षकों की समस्याओं को सुना। प्रांतीय मंत्री चौधरी दिनेश चंद्र राय ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं के निदान को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। प्रांतीय नेतृत्व के आहवान पर माध्यमिक शिक्षक संघ आगामी 25 जुलाई गुरुवार को डीआईओएस कार्यालय पर धरना प्रदर्शन करेंगे। प्रांतीय महामंत्री ने प्रदेश कार्यकारिणी के निर्णयों पर विस्तार से चर्चा की और कहाकि संगठन पुरानी पेंशन, वित्तविहीन शिक्षकों की सेवा सुरक्षा एवं सम्मानजनक मानदेय, अद्यतन तदर्थ शिक्षकों के विनियमितीकरण आदि मुददों की लड़ाई अंतिम चरण में है। बताया पिछले प्रांतीय बैठक में 14 प्रस्ताव प्रारित हुए। इसमें पुरानी पेंशन की बहाली, वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों को समान कार्य के लिए समान वेतन, शिक्षकों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा, एक अप्रैल, 2005 के पूर्व विज्ञापित पदों पर नौकरी पाये शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ आदि मांगें हैं। जिलाध्यक्ष शिवकुमार सिंह ने जिला विद्यालय निरीक्षक व संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की मांग की। पूर्व जिला मंत्री राणा प्रताप सिंह ने कहा कि यदि समस्याओं का एक माह के भीतर निराकरण नहीं होने पर चरण वार संघर्ष किया जाएगा। भ्रमण करने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेशीय मंत्री चौधरी दिनेश चंद्र राय, जिलाध्यक्ष शिवकुमार सिंह, प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य राणा प्रताप सिंह तथा संयुक्त मंत्री सूर्य प्रकाश राय ने इंटर कॉलेज इंटर कॉलेज बारा, इंटर कॉलेज गहमर, एसकेबीएम इंटर कॉलेज दिलदारनगर, राधा कृष्ण गुप्ता आदर्श इंटर कॉलेज दिलदारनगर, इंटर कॉलेज अतरौली में सम्पर्क कर धरने में शामिल होने की अपील की।
सुरक्षा में नौसेना एवं तटीय देशों की होगी विशेष भूमिका: विकास कुमार
हिन्द महासागर क्षेत्र में भारतीय सुरक्षा हेतु भारतीय नौसेना एवं तटीय देशों की होगी विशेष भूमिका: विकास कुमार
गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पूर्व शोध प्रबंध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई जिसमें, महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र – छात्राएं आदि उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी में कला संकाय के राजनीति विज्ञान विभाग के शोधार्थी विकास कुमार ने अपने शोध शीर्षक “शीत युद्ध के पश्चात् हिन्द महासागर में महाशक्तियों की स्थिति एवं भारत की सुरक्षा नीति” नामक विषय पर अपना शोध प्रबंध व उसकी विषय- वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्तमान में हिन्द महासागर क्षेत्र विश्व का ऐसा क्षेत्र है जो अस्थिर और अशांत है। राजनीतिक हलचल और महाशक्तियों की प्रतिद्वंद्विता इस क्षेत्र की मूल विशेषता है। नौसैनिक महत्व विशेषकर द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह क्षेत्र तनाव, संघर्ष एवं टकराव का केंद्र बन गया है। अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए महाशक्तियां विशेषकर अमेरिका, रूस, चीन व फ्रांस अपनी उपस्थिति बढ़ा रहे हैं। हिन्द महासागर भारत के लिए केन्द्रीय महत्व का बिन्दु है। इस महासागर की आर्थिक, सामाजिक व राजनीतिक गतिविधियां प्रारम्भिक काल से ही भारतीय उपमहाद्वीप से जुड़ी है। हिन्द महासागर में भारत के लगभग 1152 द्वीप है, जिनकी सुरक्षा और विकास का दायित्व भारत पर ही है। इसके अतिरिक्त भारत का 98 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय व्यापार हिन्द महासागर से ही होता है। पूर्व की ही भांति आगे के वर्षो में भी हिन्द महासागर जल क्षेत्र भारतीय विकास व प्रतिष्ठा का मुख्य आधार बना रहेगा। भारत को आगे विकास व सुरक्षा के लिए हिन्द महासागर जल क्षेत्र पर विशेष ध्यान देना होगा क्योंकि भारत के आर्थिक विकास तथा सुरक्षा में हिन्द महासागरीय संसाधनों तथा परिवहन माध्यमों का महत्वपूर्ण योगदान होगा। अतः यह स्पष्ट है कि 21वीं शताब्दी में भारतीय सुरक्षा व विकास मुख्य रूप से हिन्द महासागर पर निर्भर करेगा। ऐसी स्थिति में भारतीय नौसेना की विशेष भूमिका होगी ताकि शांन्ति व संकट दोनों के समय में भारतीय हितों की सुरक्षा कर सकें तथा इसके साथ ही भारत को हिन्द महासागर क्षेत्र में क्षेत्रीय देशों (सार्क, आसियान, हिमतक्षेस) के साथ सहयोग और अधिक बढ़ाने की अत्यंत आवश्यकता है। क्योंकि इसी से इस क्षेत्र में बाहृय शक्तियों की भूमिका को सीमित व समाप्त किया जा सकता है तथा क्षेत्रीय विवादों को शांतिपूर्ण तरीकों से हल किया जा सकता है। क्योंकि हमारी सशक्त निगरानी एवं नौसेना ताकत ही हमें हिन्द महासागर की सुरक्षा के लिए सक्षम बनाएगी। प्रस्तुतीकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोधार्थियों द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी विकास कुमार ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात् समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबन्ध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे०(डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० ( डॉ०)जी० सिंह, शोध निर्देशक एवं विभागाध्यक्ष, राजनीति विज्ञान विभाग प्रोफे० (डॉ०) सुनील कुमार, प्रोफे०( डॉ०) मोहम्मद आबिद अंसारी, प्रो०(डॉ०) अरूण कुमार यादव, डॉ० कृष्ण कुमार पटेल, डॉ० राम दुलारे, डॉ०रूचि मूर्ति सिंह, प्रोफे० (डॉ०) सत्येंद्र नाथ सिंह, डॉ० अतुल कुमार सिंह, डॉ० मनोज मिश्रा, डॉ० लवजी सिंह एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोधार्थी आदि उपस्थित रहे। अन्त में शोध निर्देशक एवं विभागाध्यक्ष राजनीति विज्ञान विभाग प्रोफेसर (डॉ०) सुनील कुमार ने सभी का आभार व्यक्त किया। संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रो०(डॉ०)जी० सिंह ने किया।
मेडिकल कॉलेज में होगी डेंगू मरीजों की पुष्टि
मेडिकल कॉलेज स्थित सेन्टीनल सर्विलेन्स लैब से होगी डेंगू धनात्मक मरीजों की पुष्टि
सीएमओ ने सीएचसी, पीएचसी समेत सभी निजी नर्सिंग होम व पैथालोजी को दिया निर्देश
गाजीपुर । वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम और प्रभावी कार्रवाई के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा हाल ही में जारी किए गए ‘गजट पत्र’ में डेंगू, मलेरिया, कालाजार एवं अन्य वेक्टर जनित बीमारियों को ‘नोटिफियेबल डिजीज’ घोषित किया गया है, जिसके अनुसार इन सभी बीमारियों के धनात्मक मरीजों की सम्पूर्ण सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय प्रेषित की जाएगी। साथ ही इन बीमारियों की पुष्टि के लिए सैम्पल (दो एमएल सीरम) महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में स्थित सेन्टीनल सर्विलेन्स लैब को भेजी जाएगी, जो इसके लिए शासन द्वारा नामित किया गया है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने दी। उन्होंने कहा कि डेंगू, चिकनगुनिया और कालाजार के सम्भावित मरीजों का सैम्पल पुष्टि के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाना है। मलेरिया पॉजिटिव मरीज की ब्लड स्लाइड भी पुष्टि के लिए भेजी जाएगी। सीएमओ ने समस्त सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारियों समेत निजी नर्सिंग होम व पैथालोजी के संचालक को निर्देशित किया कि शासन द्वारा दिये गए निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाये जाने पर कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश शासन के डेंगू कार्य योजना 2024 के अनुसार डेंगू आदि के लक्षण वाले अथवा रैपिड कार्ड में धनात्मक पाए गए मरीजों को डेंगू का सम्भावित मरीज मानकर उपचार किया जाएगा। जबकि सेन्टीनल सर्विलेन्स लैब द्वारा पुष्ट किए गए नमूनों को ही डेंगू का धनात्मक मरीज माना जाएगा। जांच व उपचारित मरीजों का शत – प्रतिशत डाटा यूडीएसपी पोर्टल पर समय से फीड किया जाए।
छिड़काव न होने पर सीडीओ नाराज
फोगिंग और लार्विसाइड छिड़काव न होने पर सीडीओ ने व्यक्त की नाराजगी
विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित
गाज़ीपुर। मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में विकास भवन कार्यालय में विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सीडीओ ने अभियान के सफल संचालन एवं विभिन्न विभागों के द्वारा की जा रही गतिविधियों की गहन समीक्षा की। जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार के द्वारा स्वास्थ्य समेत विभिन्न विभागों की उपलब्धियों के बारे में विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। सहयोग संस्था डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ व पाथ के द्वारा किये गए मॉनिटरिंग फीडबैक पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने मॉनिटरिंग में नगर पंचायत सादात और सैदपुर में फागिंग शून्य एवं लार्विसाइड छिड़काव की स्थिति अत्यंत कम पाए जाने पर बेहद नाराजगी व्यक्त की।

फागिंग मशीन खराब होने की बात पर अधिशासी अधिकारी नगर पंचायत सादात और सैदपुर को फागिंग मशीन की तत्काल मरम्मत करवाकर शत प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित किए जाने के लिए निर्देशित किया। इसके साथ ही समस्त अन्य विभागों को भी अल्प उपलब्धि वाले विकास खंडों में प्रत्येक दशा में शत प्रतिशत उपलब्धि कराए जाने के लिए सुनिश्चित किया गया। सभी विभागों को आपसी समन्वय एवं ताल-मेल से कार्य करने तथा डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ व पाथ को सपोर्टिव मॉनिटरिंग किये जाने का निर्देश दिया गया। बैठक में स्वास्थ्य, आईसीडीएस, पंचायती राज, शिक्षा समेत अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे।
जिला जेल के बंदियों की हुई जांच
जिला जेल के बंदियों की हुई टीबी व एचआईवी जांच
उपचार के लिए जिला जेल पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
ग़ाज़ीपुर। बेहतर स्वास्थ्य हर इंसान की पहली जरूरत है और उसे पूरा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे ही बहुत सारे लोग जो विभिन्न मामलों में गाजीपुर के जिला जेल में निरुद्ध हैं, उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए जिला जज के निर्देश व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल के निर्देशन पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को जिला जेल पहुंचकर बंदियों की जांच की। इसके साथ ही नि:शुल्क दवाएं भी दी गईं। जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह, जेलर राकेश कुमार वर्मा और जेल चिकित्सा अधिकारी डॉ जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में जिला जेल की 41 महिलाओं और 350 पुरुष बंदियों की टीबी और एचआईवी की जांच की गई। जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल में बंदियों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए शासन स्तर से निर्देश आए थे।


इस क्रम में मंगलवार को डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की टीम बनाकर जिला जेल भेजी गई, जिसमें वह स्वयं शामिल थे और वहां पर जेल में बंद करीब 400 बंदियों की जांच की गई। जांच के अनुसार उन्हें तत्काल दवा भी दी गई। शेष पुरुष बंदियों की जांच बुधवार को की जाएगी। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथलेश कुमार ने बताया कि यह सुविधा शासन के निर्देश के क्रम में दी गई। जिला अस्पताल की टीम ने अपना पूर्ण सहयोग दिया। इलाज में जेलर और जेल अस्पताल के चिकित्सक के द्वारा संपूर्ण सहयोग किया गया।
इस मौके पर डिप्टी जेलर रविन्द्र सिंह व सुभावति देवी मौजूद रहे। स्वास्थ्य टीम में फार्मासिस्ट भुनेश्वर कुमार, एसटीएस सुनील कुमार वर्मा, एसटीएलएस वैंकटेश शर्मा, काउंसलर स्वर्णलता सिंह, एलटी महेश, सपना व सलमान शामिल रहे।

महिला पीजी कॉलेज में किया गया पौधरोपण
राजकीय महिला पी.जी. कॉलेज गाजीपुर में पौधारोपण एवं वितरण कार्यक्रम संपन्न
गाजीपुर। राजकीय महिला पी.जी. कॉलेज में 19 और 20 जुलाई को प्रदेश शासन के वृक्षारोपण अभियान के तहत पौधारोपण एवं पौध वितरण कार्यक्रम संपन्न हुआ। प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनीता कुमारी ने अपने उद्घाटन भाषण में पर्यावरण संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि पौधे हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं और हमें उनकी सुरक्षा और देखभाल के प्रति जागरूक रहना चाहिए। इस अवसर पर दिनांक 19 जुलाई को छात्राओं के मध्य 400 से अधिक फलदार एवं सजावटी पौध रोपण हेतु वितरित किए गए। डॉ. अकबरे आज़म और डॉ. हसीन अहमद ने भी कार्यक्रम में अपने विचार साझा किए और छात्राओं को पौधारोपण के फायदे बताए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण न केवल पर्यावरण को हरा-भरा बनाता है, बल्कि यह हमें स्वच्छ और शुद्ध वायु भी प्रदान करता है।

इस अवसर पर डॉ अमित यादव, डॉ पीयूष सिंह, श्री राम कुशवाहा, राहुल राव आदि उपस्थित रहे। महाविद्यालय परिसर में पौध रोपण कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में बैंक ऑफ़ बड़ौदा गाजीपुर के मुख्य शाखा प्रबंधक जितेंद्र कुमार, प्राचार्य डॉ अनिता कुमारी, निकिता सिंह, डॉ अकबर ए आज़म, डॉ शंभूशरण प्रसाद, रेंजर प्रभारी डॉ शिव कुमार तथा उपस्थित उत्साही छात्राओं ने मिलकर महाविद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों में पौधे लगाए और उनके संरक्षण का संकल्प लिया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया और इस अवसर को यादगार बनाने के लिए अपने-अपने पौधों की देखभाल का भी वचन दिया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की पर्यावरण समिति के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और सभी ने इस प्रयास की सराहना की।

आने वाली पीढ़ियो को मिलेगा पौधरोपण का लाभ:कारागार मंत्री
गाजीपुर। ‘एक पेड़ मॉ के नाम‘ पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ‘ वृक्षारोपण अभियान-2024 के अंतर्गत बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन गोविन्दपुर मठिया अम्बेडकर पार्क विकास खण्ड मरदह में धूमधाम से आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को मुख्य अतिथि करागार मंत्री उत्तर प्रदेश दारा सिंह चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया । कार्यक्रम स्थल पर वृक्षारोपण में कुल 600 पौध रोपण किये गये। दारा सिंह चौहान, सांसद राज्य सभा डॉ0 संगीता बलवन्त, विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल, ब्लाक प्रमुख मरदह सीता सिंह, ब्लाक प्रमुख बिरनो राजन सिंह, जिला पंचायत सदस्य करण्डा द्वितीय शैलेश राम, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी, पुलिस अधीक्षक डॉ0 ईराज राजा, मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने क्रमशः रूद्राक्ष, हरिशंकरी, त्रिदेवी एवं अन्य लाभकारी पौधो का रोपण पूरे विधि विधान एवं मंत्रोचारण के साथ परिसर में किया। कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने रूद्राक्ष के पौध भेट स्वरूप देकर स्वागत किया गया। मंत्री ने प्रधानमंत्री/ मुख्य मंत्री के आवाह्न पर ‘एक पेड़ मॉ के नाम‘ पेड़ लागाओ, पेड़ बचाओ‘ वृक्षारोपण महाअभियान-2024 के अंतर्गत बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश में 36.50 करोड़ वृहद वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे पूरा करना हमारा कर्तव्य है।

इसी क्रम में जनपद में कुल 41 लाख 80 हजार 152 पौधरोपण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के अंदर वृक्षारोपण अति आवश्यक है क्योंकि वनों एवं पेड़ पौधों से जड़ी बूटियां, औषधियां, फल, फूल प्राप्त होते है तथा इसका लाभ आमजन एवं पशु पक्षियो को भी प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई 2024 को जनपद में कुल 41 लाख 80 हजार 152 पौधरोपण वन विभाग के अतिरिक्त विभिन्न विभागो के द्वारा किया जा रहा है। उन्होने अनुरोध किया कि प्रत्येक परिवार के लोग अपने आस-पास, पास पड़ोस में ‘एक पेड़ मॉ के नाम‘ अनिवार्य रूप से लगाये । एक वृक्ष लगाने से आपका सम्मान, आपका अभिमान, तथा आपका विश्वास सबसे ज्यादा बढ़ेगा क्योंकि इस से उपजे फलों का लाभ आपकी आने वाली पीढ़ियो को प्राप्त होगा। उन्होंने लोगो से ज्यादातर औषधीय वृक्ष लगाने को कहा, जिसके उपयोग से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है एवं कई प्रकार की बीमारियों से निरोग रहता है। उन्होने कहा कि पेड़ जहां होते हैं वहां की जलवायु भी ठीक रहती है तथा समय से वर्षा भी होती है। उन्होने कहा कि कक्षाओ में वृक्षारोपण के प्रति बच्चो मे जागरूकता बढाते हेतु पाठ पठाया जाये ताकि बच्चो मे वृक्षारोपण के प्रति जानकारी हो सके। उन्होंने कहा कि आज जो पौधे रोपित किये जा रहे है उसके गुण को अपने घर, आस-पास-पड़ोस, ग्रामों में दूसरे व्यक्तियों/ परिवार के लोगों को बताते हुए उन्हे भी वृक्षारोपण के प्रति प्रेरित करें।

उन्होने लोगो से अधिक ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों को लगाने की अपील करते हुए जब तक पौधे वृक्ष का रूप धारण नहीं कर लेते तब तक उनकी सेवा करते हुए उनकी रक्षा करने हेतु आमजन से आह्वाहन किया। सांसद राज्य मंत्री डा0ॅ संगीता बलवन्त ने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग है क्योंकि जीवन दायिनी ऑक्सीजन हमे वृक्षों से ही प्राप्त होती हैं, अन्य प्रदेशों की तुलना में उत्तर प्रदेश में वृक्षों का अनुपात कम है। हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना है कि उत्तर प्रदेश को एक हरा-भरा प्रदेश बनाने का है जिसे हम लोगो को मिल जुल कर पूरा करना है। उन्होने उपस्थित लोगो को आवाह्न करते हुए कहा कि सब लोग अपनी मॉ के नाम पर एक-एक पौधरोपण अवश्यक करें तभी जाकर हम अपने भारत माता/धरती माता का बचा पायेगें। विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल ने कहा की वृक्ष पर्यावरण की दृष्टि से कितने महत्वपूर्ण है यह आप सभी जानते हैं । पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर रखने के लिए हमें वृक्ष लगाना अति आवश्यक है। उन्होने उपस्थित सभी लोगो से आह्वाहन किया कि वृक्षारोपण अवश्य करे, क्योंकि वृक्ष ही जलवायु परिवर्तन का कारण है । जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सघन वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज जनपद गाजीपुर में भी उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य से सापेक्ष पौधरोपण किया जा रहा है। पौधरोपण कार्यक्रम जनपद स्तर के अलावा समस्त तहसीलों, विकास खण्ड मुख्यालयो तथा ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किया गया। आज जनपद में 41 लाख 80 हजार 152 पौधरोपण का लक्ष्य है जिसे एक जन आन्दोलन चलाकर पूरा करना है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण हमारे पर्यावरण के लिए कितना महत्वपूर्ण है इसका संज्ञान हमे होना चाहिए। उन्होंने पौधरोपण प्रतिशत को बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा कि आज के दिन इस संकल्प के साथ जाएं और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का प्रयास करें।

आप जहां भी जिस रूप में रहे वृक्षारोपण अवश्य करें तथा उन वृक्षों को बचाने का भी प्रयास करें। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी ने कहा कि आज वृक्षारोपण अभियान-2024 के कार्यक्रम में पूरे प्रदेश में वृक्षारोपण जन आंदोलन का कार्यक्रम चल रहा है । इसी क्रम में जनपद गाजीपुर में आज एक दिन में कुल 41 लाख 80 हजार 152 पौधे जनपद स्तर, तहसील , विकास खण्ड स्तर एवं ग्राम पंचायत स्तर पर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने वृक्षारोपण की विशेषताओं की विस्तृत रूप से जानकारी देते हुए कहा कि इस वृक्षारोपण में ग्राम वन, नगर वन, मियांवाकी वृक्षारोपण, औषधीय वन आदि की स्थापना किया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी संतोश कुमार वैश्य ,अपर जिलाधिकारी वि0रा0 दिनेश कुमार, उपजिलाधिकारी सदर/कासिमाबाद, अन्य अधिकारी/कर्मचारी के अतिरिक्त विभिन्न विद्यालयो के छात्र-छात्राए, एन सी सी, भारत स्काउट गाइड, एन एस एस एवं आम जनमानस उपस्थित रहे एवं पौधरोपण किया।
प्रवेश की अंतिम तारीख 5 अगस्त और काउंसलिंग की 22 जुलाई
महिला पीजी कॉलेज में प्रवेश के लिए अंतिम तारीख 5 अगस्त तक बढ़ी, बी ए प्रथम सेमेस्टर की द्वितीय काउंसलिंग 22 जुलाई
गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शैक्षिक सत्र 2024-25 में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन एवं प्रवेश काउंसलिंग जारी है। महाविद्यालय में स्नातक एवं परस्नातक बी ए, बीबीए, एमए, एमएससी(बॉटनी)प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश की तिथि बढ़ा दी गई है। प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनिता कुमारी के अनुसार सभी इच्छुक और अर्ह छात्राएं 5 अगस्त 2024 तक अपना ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। महाविद्यालय प्रवेश प्रभारी डॉ शिव कुमार के अनुसार बी ए एवं बीएससी प्रथम सेमेस्टर की द्वितीय काउंसलिंग मेरिट सूची जारी हो गई हैं। जुलाई को 1 से 3 बजे के मध्य संपन्न होगी। छात्राएं प्रवेश काउंसलिंग के लिए अपने प्रवेश आवेदन तथा समस्त शैक्षिक प्रपत्रों की मूल एवं छाया प्रतियों के साथ ससमय महाविद्यालय में उपस्थित होकर अपना विषय आवंटन करा लें। प्रथम चरण के प्रवेश काउंसलिंग में छूटी छात्राएं भी उपस्थित होकर अपना प्रवेश काउंसलिंग करा सकती हैं। महाविद्यालय में प्रवेश प्राप्त सभी छात्राएं निर्धारित समय सारणी के अनुसार कक्षाओं में नियमित रूप से उपस्थित हो तथा फीस जमा कर अपने परिचय पत्र एवं लाइब्रेरी कार्ड अवश्य प्राप्त कर लें तथा उसे अपने पास सदैव रखें।
इग्नू में प्रवेश की अंतिम तारीख 31 जुलाई
इग्नू में प्रवेश की अंतिम 31 जुलाई 24
गाजीपुर। इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) जुलाई 2024 सत्र के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रारंभ हो गया है। यह जानकारी इग्नू अध्ययन केंद्र 27101,पी.जी.कॉलेज, गाजीपुर के समन्वयक प्रोफे (डॉ) सत्येंद्र नाथ सिंह ने बताया कि इंदिरा गांधी मुक्त विश्वविद्यालय में परास्नातक, स्नातक डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा और सर्टिफिकेट सहित कुल 30 कोर्स इस केंद्र से संचालित होते हैं। प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन मोड में चल रहा है इसमें इच्छुक विद्यार्थी इग्नू की वेबसाइट ignou.ac.in पर जाकर स्वयं प्रवेश ले सकते हैं जो विद्यार्थी जनवरी सत्र में किसी कारणवश नामांकन कराने से वंचित रह गए हैं वह जुलाई 2024 सत्र में नामांकन लेकर अपनी उच्च शिक्षा को दूरस्थ माध्यम से पूरा कर सकते हैं। नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2024 तक है।