डीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मारा छापा

डीएम के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मारा छापा

गाजीपुर। जिलाधिकारी के आदेश पर और आर०सी० पाण्डेय सहायक आयुक्त (खाद्य)- के निर्देश पर मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आर०पी० सिंह नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने शुक्रवार को छापा मारकर खाद्य पदार्थों पनीर/दूध के 3 नमूने जाँच हेतु संग्रहित किये। जिसमें काशी मिल्क प्रोड्यूसर कम्पनी लिमिटेड नवली स्थित प्रतिष्ठान से मिश्रित दूध के 2 नमूने, यादव पनीर भण्डार सुहवल स्थित प्रतिष्ठान से पनीर का 1 नमूना लिया। लिए गए नमूनें को जॉच हेतु खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, उ०प्र० भेजा। जॉच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अन्तर्गत विधिक कार्यवाही की जायेगी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के खाद्य सचल दल का नेतृत्व आर०पी० सिंह मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा किया गया। जांच टीम में अवधेश कुमार, समला प्रसाद यादव, गुलाबचन्द गुप्त, राजीव कुमार सिंह, एवं विरेन्द्र यादव, खाद्य सुरक्षा अधिकारीग शामिल रहे।

महिला पीजी कॉलेज के शिक्षक ने बनाया डिजाइन, सरकार ने दिया प्रमाण पत्र

महिला पीजी कॉलेज के शिक्षक ने बनाया डिजाइन, सरकार ने दिया प्रमाण पत्र

गाजीपुर। भूजल में उपस्थित अर्सेनिक को हटाने के लिए एक पोर्टेबल फ़िल्ट्रेशन उपकरण का नवीन डिज़ाइन डॉ. अकबरे आज़म, राजकीय महिला पी॰ जी॰ कॉलेज के सहायक प्रोफेसर एवं साथी पर्यावरण वैज्ञानिको द्वारा किया गया है। यह फ़िल्ट्रेशन उपकरण भूजल से अर्सेनिक को हटाने के साथ-साथ पीने के पानी को सुरक्षित और शुद्ध बनाने का काम करता है। डॉ अकबरे आजम के इस डिजाइन को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा पेटेंट के रूप में प्रमाणपत्र दिया गया है। डॉ. अकबरे आज़म ने मीडिया प्रभारी डॉ शिव कुमार को बताया, “भूजल में अर्सेनिक की मात्रा बढ़ रही है और यह जनस्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर रहा है। इस उपकरण का डिज़ाइन इस समस्या का हल प्रदान करने का प्रयास है।” उन्होंने इस डिजाइन को प्रभावी, सस्ता, और पोर्टेबल बनाने का प्रयास किया है ताकि लोग इसे घरेलू उपयोग के लिए आसानी से ले सकें। भविष्य में यह फ़िल्ट्रेशन उपकरण एक सरल और प्रभावी प्रक्रिया के माध्यम से भूजल से अर्सेनिक को हटाने में उपयोगी साबित होगा। इसके अलावा, यह उपकरण पानी को पीने योग्य बनाने के लिए अन्य जहरीले पदार्थों को भी निकाल सकता है। महाविद्यालय की प्राचार्या, प्रोफेसर डॉ सविता भारद्वाज ने इस उपकरण के डिज़ाइन को बड़ी उपलब्धि मानते हुए कहा, “यह डिज़ाइन न केवल जनस्वास्थ्य के प्रति ध्यान देता है, बल्कि हमारे सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति भी संवेदनशीलता प्रदर्शित करता है।” इस उपकरण के सफल डिज़ाइन के लिए डॉ. अकबरे आज़म को महाविद्यालय परिवार ने अपनी शुभकामनाएं दी हैं।

कोतवाली पुलिस ने बलात्कारी को किया गिरफ्तार

कोतवाली पुलिस ने बलात्कारी को किया गिरफ्तार

गाजीपुर। थाना कोतवाली पुलिस ने 15 फरवरी 2024 को ग्राम बयेपुर देवकली थाना कोतवाली क्षेत्र में हुई बलात्कार की घटना करने वाले अभियुक्त को गिरफ्तार किया। एसपी ओमवीर सिंह के निर्देश पर 15 फरवरी को ग्राम बयेपुर देवकली थाना कोतवाली क्षेत्र में टुनटुन पुत्र रुपनरायन चौधरी निवासी जैतपुरा थाना कोतवाली उम्र 21 वर्ष ने एक लड़की निवासी बयेपुर देवकली थाना कोतवाली को शादी का झांसा देकर बहला फुसलाकर ले गया और शारीरीक सम्बन्ध बनाया। जिसके सम्बन्ध में थाना कोतवाली में धारा 363, 366, 376 और पाक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचना के दौरान कोतवाली प्रभारी निरीक्षक दिनदयाल पाण्डेय ने अपने पुलिस टीम के साथ शनिवार को देवकली गेट से अभियुक्त टुनटुन को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में कोतवाल के साथ उप निरीक्षक वीरेन्द्र प्रसाद मिश्र, उप निरीक्षक अशोक कुमा गुप्ता, कांस्टेबल महेश कुमार, का. विशाल कुमार और का. शिवबाबू थाना कोतवाली शामिल रहे।

परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे डीएम-एसपी,परीक्षार्थियों का चेक किया…

परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे डीएम-एसपी,परीक्षार्थियों का चेक किया…..

गाजीपुर। जनपद के कुल-45 परीक्षा केन्द्रों पर दो पालीयों में आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश पुलिस की आरक्षी सीधी भर्ती लिखित परीक्षा को निष्पक्ष, नकल विहीन एवं पारदर्शी व शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराये के उद्देश्य से जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक ओमवीर ने शनिवार को शहीद स्मारक इंटर कॉलेज नंदगंज, आदर्श इण्टर कालेज मुहआबाग, राजकीय बालिका इण्टर कालेज महुआबाग एवं शिवकुमार शास्त्री इण्टर कालेज जंगीपुर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण में सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग हेतु कंट्रोल रूम को देखते हुए परीक्षा कक्ष में पहुचकर परिक्षार्थियों का प्रवेश पत्र को आधार से चेक किया। उन्होने परीक्षा के दौरान विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं केन्द्र व्यवस्थापक के साथ लगाये गये सेक्टर एवं जोनल तथा स्टेट्रिक मजिस्टेªट को कड़े निर्देश दिया कि किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाय। कड़ाई से अपने कार्यो एवं दायित्वो का शत प्रतिशत निर्वहन किया जाय। किसी भी केन्द्र पर लापरवाही पाये जाने पर सम्बन्धित के विरूद्ध उचित कार्यवाही की जायेगी।  

रोजगार मेला में हुआ चयन

गाजीपुर। दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजनान्तर्गत कौशल विकास मिशन एवं जिला सेवायोजन कार्यालय के संयुक्त तत्वाधान में श्री जानकी इण्टर कॉलेज रूहीपुर, मनिहारी के परिसर में शुक्रवार को एक दिवसीय रोजगार मेला का आयोजन किया गया। जिसमें प्रतिभागी कम्पनियॉं क्वैस कार्पोरेशन, वी0एस0डी0 एवं जॉब सीकर्स स्टाप द्वारा डिक्सन, पैजेट, मिकुनी हेतु चयन सहित कुल 05 कम्पनियों द्वारा ट्रेनी, फील्ड आफीसर, मैकेनिक, इलेक्ट्रिशियन, फीटर, कम्प्यूटर आपरेटर, इलेक्ट्रानिक मैनूफक्चैरिंग, हेल्पर आदि पदों पर चयन किया गया। मेले में लगभग 398 अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया, जिसमें से विभिन्न पदों पर कुल 161 अभ्यर्थियों का अन्तिम राउंड हेतु चयन किया गया। भारत के कार्यबल को कुशल बनाकर अंर्तराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने हेतु भारत सरकार के स्किल इण्डिया मिशन के तहत स्किल इण्डिया इंटरनेशल सेन्टर (SIIC ), वाराणसी द्वारा उक्त कॉलेज परिसर में प्री-काउंसिलिंग की गयी। जिसमें दुबई, अबुधाबी, शारजाह, सऊदी अरब देशों में इलेक्ट्रिशियन, फिटर, हेल्पर, क्लीनर, माली, ए.सी. टेक्नीशियन, सिक्योरिटी गार्ड, कुक, वेटर, मैकेनिकल ड्राफ्ट्समैन, मेसन, ड्राइवर इत्यादि जॉब रोल्स के लिए प्री-काउंसलिंग में लगभग 24 अभ्यर्थियों का SIIC वाराणसी टीम द्वारा काउंसलिंग की गयी जिसमें से 8 अभ्यर्थी विदेशों में रोजगार पाने हेतु योग्य पाये गये जिसमें से 05 अभ्यर्थी पासपोर्टधारी है। इन सभी योग्य अभ्यर्थियों को अन्तिम चयन हेतु SIIC वाराणसी सेन्टर पर काल किया जायेगा। आगामी रोजगार मेला आदर्ष कन्या हाई स्कूल सुलतानपुर, मोहम्मदाबाद में 17 फरवरी को प्रातः11 बजे से आयोजित होगा ।

31 साल पुराने मामले में कोर्ट ने सुनाई सजा

गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम चन्द्रप्रकाश तिवारी की अदालत ने शुक्रवार को 31 साल पुराने फर्जी स्टाप पेपर व फर्जी टिकट के मामले में इलाहाबाद करैली निवासी बच्चे बाबू उर्फ अमीर बेग को 5 साल की कड़ी कैद के साथ ही 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया है।अभियोजन के अनुसार तत्कालीन थानाध्यक्ष AB सिंह अपने हम राहियों के साथ 24 फरवरी 1993 को गस्त पर थे कि गहमर की तरफ से एक फिएट कार आती हुई दिखी। पुलिस बल को देखते ही कार चालक भागने लगा। जिसको पुलिस पीछा करके पकड़ी तथा गाड़ी की तलाशी लिया। तलाशी में कागज में लपेटा हुआ अवैध स्टाप पेपर व टिकट जो लगभग 1 लाख 52 हजार 600 रुपये का बरामद हुआ। पूछने पर सारी घटना बताया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और विवेचना उपरान्त आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता शशिकांत सिंह ने कुल 4 गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। शुक्रवार को दोनो तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त सजा सुनाते हुए अभियुक्त को जेल भेज दिया।

जन्म एवं मृत्यु के एक सप्ताह के अंदर पोर्टल पर हो पंजीकरण

जन्म एवं मृत्यु के एक सप्ताह के अंदर पोर्टल पर हो पंजीकरण

गाजीपुर। जनपद के समस्त चिकित्सा संस्थानों में शत प्रतिशत जन्म मृत्यु पंजीकरण सुनिश्चित कराए जाने के संबंध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल ने कड़े निर्देश जारी करते हुए एक सप्ताह के अंदर सभी जन्म एवं मृत्यु का पंजीकरण कराए। अन्यथा की हालत में संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के साथ विभागीय कार्रवाई के साथ ही वेतन बाधित करने की कार्रवाई की जाएगी। इस पर विशेष निगाह रखने के लिए सीएमओ ने पूर्व में कार्य देख रहे कर्मी को हटाते हुए राघवेंद्र शेखर सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल ने बताया कि मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र का एक पत्र जनपद में होने वाले जन्म मृत्यु रजिस्ट्रेशन के संबंध में प्राप्त हुआ है। जिसमें बताया गया है कि राज्य में 83% से अधिक प्रसव संस्थागत होते हैं। परंतु समस्त जन्म की जानकारी पंजीकृत नहीं हो रही है। जबकि नियमावली के अनुसार समस्त जन्म मृत्यु की घटनाओं का साथ प्रतिशत पंजीकरण करना अनिवार्य है।इसके लिए भारत सरकार के द्वारा साल 2024 तक निर्धारित सत प्रतिशत पंजीकरण के निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कई बिंदुओं पर अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि जनपद के समस्त सरकारी अस्पताल सीएचसी पीएचसी पर जन्म लेने वाले बच्चों एवं प्रसूता के डिस्चार्ज होने से पूर्व प्रत्येक दशा में नवजात का जन्म पंजीकरण सीआरएस पोर्टल पर करना अनिवार्य होगा। यदि जन्म की सूचना पोर्टल पर प्राप्त नहीं हुई तो उसे दशा में ऑफलाइन माध्यम से सूचना को इकट्ठा का पोर्टल से प्रमाणित पत्र निर्गत किया जाए।

बैंकर्स को डीएम ने दिया निर्देश

समीक्षा बैठक में डीएम ने दिया बैंकर्स को निर्देश

गाजीपुर। डीसीसी/डीएलआरसी तथा ऋण जमानुपात तिमाही की बैठक जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में गुरूवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना एवं रूपे कार्ड वितरण, ऋण जमा अनुपात की प्रगति, वार्षिक ऋण योजना के अन्तर्गत 1 अप्रैल, 2023 से 31 दिसम्बर, 2023 तक की प्रगति, किसान क्रेडिट कार्ड, पी0एम0एफ0एफ0ई योजनांतर्गत, एग्रिकल्चर इन्फ्रास्टक्चर फंड योजना, पशुपालन एवं मत्स्यपालन विभाग की आवेदन स्थिति, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद, राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन योजना, पीएम स्वनिधि योजना एवं दिसम्बर 2023 तक की प्रगति की समीक्षा की गई।

जिसमें वित्तीय समावेशन, ऋण जमानुपात एवं जिले में संचालित विभिन्न सरकारी योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गयी। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने सभी बैंकर्स को निर्देशित किया कि शासकीय योजनाओं की लंबित पत्रवालियों को अतिशीघ्र निस्तारित करें। शासकीय योजना संबन्धित आवेदनों को अकारण अस्वीकृत ना करने का निर्देश दिया। उन्होने जनपद के ऋण जमानुपात को बढ़ाने हेतु बैंकों को ऋण प्रवाह बढ़ाने हेतु निर्देशित किया। उन्होने कहा कि सभी जनधन खाताधारकों को सामाजिक सुरक्षा योजना से आच्छादित किया जाये। अग्रणी जिला प्रबन्धक ने सदन को आश्वस्त किया कि सभी बैंकर्स मिलकर विभिन्न योजनाओं हेतु निर्धारित लक्ष्य को अवश्य पूर्ण करेंगे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष वैश्य, अग्रणी जिला प्रबन्धक पीयूष सिंह परमार, डीडीएम नाबार्ड सुशील कुमार, आरबीआई के अग्रणी जिला अधिकारी मार्कन्डेय चतुर्वेदी तथा सभी बैंक समन्वयक तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

टीबी के मरीज न करें लापरवाही, वरना होंगी अन्य बीमारी

“टीबी मरीज अपना कोर्स पूरा करने में न करें लापरवाही, वरना होंगी अन्य बीमारी”

एक भी दिन दवा छूटने से गंभीर रूप ले सकती है टीबी – डीटीओ

सीएमओ कार्यालय में डिफरेंशिएटेड टीबी केयर विषय पर हुई प्रशिक्षण कार्यशाला



गाज़ीपुर। ऐसा देखा जाता है कि टीबी (क्षय रोग) की बीमारी किसी व्यक्ति को हो जाने पर उसे अन्य बीमारियाँ – डायबिटीज़, एचआईवी/एड्स, कैंसर आदि भी घेरने लगती हैं। टीबी के साथ – साथ इन्हीं बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयारी कर रहा है। इसी क्रम में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में आयोजित डिफरेंशिएटेड टीबी केयर विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का समापन हुआ। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल के निर्देशन में हुए इस प्रशिक्षण कार्यशाला के उद्देश्य के बारे में जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत वर्ष 2025 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनपद प्रतिबद्ध है। इस प्रशिक्षण में एनटीईपी के सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइज़र (एसटीएस), सीनियर टीबी लैब सुपरवाइज़र (एसटीएलएस) एवं आयुष्मान भारत – हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) को टीबी रोगियों में होने वाली अन्य बीमारियों जैसे मधुमेह, मुंह का कैंसर, उच्च रक्तचाप, एचआईवी/एड्स आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि टीबी से ग्रसित मरीज यदि अपना सम्पूर्ण उपचार (छह माह या उससे अधिक का कोर्स) पूरा करता है, साथ ही प्रोटीन युक्त पौष्टिक आहार का सेवन करता है, धूम्रपान, तंबाकू, शराब आदि के सेवन से दूर रहता है, तो वह पूरी तरह ठीक हो जाता है, बशर्ते वह एक भी दवा खाना न छोड़े। एक भी दिन दवा छूटने से टीबी बीमारी गंभीर रूप से ले सकती है। यदि कोर्स पूरा न किया गया और खानपान में लापरवाही की गई तो टीबी के अलावा अन्य बीमारियाँ भी हो सकती हैं।

इसके लिए टीबी मरीज और उसके परिजन को बहुत अधिक ध्यान रखने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि निक्षय पोषण योजना के तहत सरकार की ओर से टीबी मरीज को उपचार के दौरान हर माह 500 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। एनटीईपी के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथलेश कुमार ने बताया कि प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके सभी सीएचओ अपने हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर टीबी मरीज की अन्य बीमारियों की जांच करेंगे। ऐसे में कोई अन्य बीमारी टीबी मरीज में पायी जाती है तो इसकी जानकारी निक्षय आईडी पर फीड करेंगे, जिससे उन बीमारियों का भी सम्पूर्ण उपचार किया जा सके। इस कार्य की मॉनिटरिंग एसटीएस व एसटीएलएस के द्वारा की जाएगी। साथ ही नियमित समीक्षा भी की जाएगी। डब्ल्यूएचओ के कंसल्टेंट डॉ वीजे विनोद ने समस्त प्रतिभागियों को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से टीबी व अन्य बीमारियों की बेहतर देखभाल को लेकर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टीबी मरीजों को तभी स्वस्थ किया जा सकता है, जब उनका उपचार का कोर्स पूरा हो और एक भी दिन दवा खाना न छोड़ें। साथ ही उन्हें बेहतर पोषण आहार व देखभाल प्रदान की जा सके। जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) डॉ मिथलेश कुमार ने बताया कि जनपद में पिछले वर्ष कुल 4868 और इस वर्ष जनवरी से अब तक 445 टीबी रोगी नोटिफ़ाइ किए गए। वर्तमान में 2930 टीबी रोगियों का उपचार चल रहा है। शेष मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।

जिला ओलम्पिक संघ के जिला इकाई का हुआ विस्तार

गाजीपुर। जिला ओलम्पिक संघ की वार्षिक बैठक बुधवार को जिले के एक सभागार में हुआ। जिसमे ग्रामीण खिलाड़ियों के उत्थान एवं विकास पर विशेष बल दिया गया और जिले की इकाई का विस्तार भी किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से नवीन सिंह को वरिष्ठ उपाध्यक्ष, पंकज श्रीवास्तव एवं अमित सिंह को उपाध्यक्ष मंडल में तथा सुधीर प्रधान को संरक्षक मंडल में शामिल किया गया। उसके बाद आगामी होने वाली प्रतियोगिता के बारे में विचार विमर्श करने के बाद पूर्वांचल स्तर की बेंच प्रेस एवं डेडलिफ्ट प्रतियोगिता होना सुनिश्चित हुआ है। यह प्रतियोगिता 25 फरवरी दिन रविवार को गाजीपुर के नेहरू स्टेडियम गोराबाजार में आयोजित की जाएगी। जिसमें पूरे पूर्वांचल की 18 जिलों से प्रतिभागी प्रतिभाग करेंगे।इस प्रतियोगिता से चयनित ख़िलाड़ी आगे राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर ओलम्पिक खेलो की प्रतियोगिता में भाग लेंगे। बैठक में बॉबी सिंह, मोहित श्रीवास्तव सहित जिला ओलंपिक संघ के सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे। यह जानकारी जिला ओलंपिक संघ के महासचिव अमित राय ने दी।

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