खाद्य विभाग ने लगाया लाखों रुपए का जुर्माना

गाजीपुर। बीते दिनों खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के अन्तर्गत खाद्य पदार्थो के लिए गए नमूनें जॉच हेतु खाद्य विश्लेषक प्रयोगशाला, उ0प्र0, प्रेषित किये गये थे। जॉच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य पदार्थो में मिलावट की पुष्टि खाद्य विश्लेषक द्वारा की गयी। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट प्राप्त करने के उपरान्त अपर जिलाधिकारी  (वि0/रा0)/न्याय निर्णायक अधिकारी के न्यायालय में वाद प्रस्तुत किया गया था। जिसके बाद अरुण कुमार सिंह न्याय निर्णायक अधिकारी के न्यायालय द्वारा सम्यक विचारोपरान्त 15 लोगों पर 5,20,000 (पॉच लाख बीस हजार रूपये मात्र) के अर्थदण्ड से दंडित किया गया। अर्थदण्ड समय से जमा न किये जाने पर आर0 सी0 के माध्यम से दुकानदारों से वसूली की जायेगी। जांच के बाद अजय यादव पुत्र स्व0 विन्ध्यांचल दास निवासी मुगलानीचक पोस्ट-सोहिलापुर थाना-कोतवाली सदर के ऊपर बर्फी पर 35000 हजार, चन्दन प्रसाद पुत्र मुन्ना प्रसाद गुप्ता निवासी सुहवल पोस्ट व थाना-सुहवल के ऊपर बर्फी पर 35000 हजार, राजेश चौरसिया पुत्र राजेन्द्र चौरसिया निवासी ग्राम-दाऊदपुर पोस्ट व थाना-मुहम्मदाबाद के ऊपर बिना पंजीकरण बिस्किट परिवार ब्राण्ड (मिथ्याछाप) पर 35000 हजार, ओम प्रकाश गुप्ता पुत्र सिंहासन गुप्ता निवासी ढोटारी पोस्ट व थाना-बरेसर के ऊपर नमकीन (राजभोग ब्राण्ड) मिथ्याछाप पर 35000 हजार, राधेश्याम सिह पुत्र लाल साहब सिंह निवासी व पो0 युवराजपुर थाना सुहवल के ऊपर बिना पंजीकरण, पनीर (अधोमानक) पर 30000 हजार, अजय पुत्र ओम प्रकाश गुप्ता निवासी लठ्ठूडीह पोस्ट-गॉधीनगर थाना-करीमुद्दीनपुर व मालिक ओम प्रकाश गुप्ता पुत्र स्व0 गंगा सागर निवासी उपरोक्त बिना पंजीकरण बर्फी पर 40000 हजार, राधेश्याम सिह पुत्र लाल साहब सिंह निवासी व पो. युवराजपुर थाना सुहवल के ऊपर बिना पंजीकरण, भैस के दूध पर 25000 हजार, अखिलेश पुत्र राजेन्द्र निवासी 114 तखनिया सैदपुर पो0 व थाना-सैदपुर व मालिक अतुल पुत्र राजेन्द्र यादव नमकीन (सील्ड पैक) मिथ्याछाप पर 40000 हजार, नसीम राईनी पुत्र मु0 कलामुद्दीन राईनी निवासी खिदिरपुर अलीनगर पोस्ट व थाना-जमानिया के ऊपर बिना पंजीकरण छेना की मिठाई पर 40000 हजार, कन्हैया गुप्ता पुत्र विश्वनाथ गुप्ता निवासी अकलपुरा पोस्ट-रौजा थाना-कोतवाली सदर के ऊपर बिना पंजीकरण सोनपापड़ी पर 35000 हजार, मेसर्स सिद्धार्थ मोटल राही पर्यटक आवास गृह एन0एच0-29 थाना-कोतवाली सदर व मो0 असगरी उर्फ उसकरी (एकाउटेण्ट राही पर्यटक आवास गृह एन0एच0-29 थाना-कोतवाली सदर के ऊपर बिना पंजीकरण रिफाइण्ड आयल (नियमों का उल्लंघन) पर 65000 हजार, राम अवतार चौहान पुत्र जोधन चौहान निवासी ग्राम-तरौटी पोस्ट-इन्दौर थाना-कासिमाबाद के ऊपर बिना पंजीकरण खाद्य पदार्थ विक्रय करके 15000 हजार, रामनिवास यादव पुत्र राम समुझ सिंह यादव निवासी ग्राम-मोलनापुर उर्फ तालगॉव पोस्ट-जखनिया थाना-भुडकुडा के ऊपर बिना पंजीकरण (आइसक्रीम का घोल व आइसकैण्डी का निर्माण/विक्रय) पर 35000 हजार एवं रमाशंकर गुप्ता पुत्र स्व0 बनारसी गुप्ता निवासी ग्राम व पोस्ट-जीवपुर  थाना-जमानिया के ऊपर बिना पंजीकरण, आइसक्रीम का घोल (अधोमानक) पर 40000 हजार का जुर्माना लगाया गया है।

मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम का हुआ समापन, डीएम और चेयरमैन ने कहा….

गाजीपुर। मिट्टी को नमन-वीरों का वदन के लिए लंका मैदान में गुरुवार को आयोजित मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के समापन समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए जिलाधिकारी ने अपना सम्बोधन व्यक्त करते कहा कि प्रधानमंत्री की परिकल्पना है कि जब हमारा देश आजादी के 75 साल मना रहा हो तो उसके बाद अगले 25 साल या आजादी के 100वां वर्ष पूर्ण होने पर जिसको उन्होने अमृत काल के रूप में परिभाषित किया है तब हमारा देश एक विकासशील देश से विकसित देश में परिवर्ति हो। इसी क्रम मे आज जनपद में ‘‘मेरी माटी मेरा देश‘‘ समापन कार्यक्रम सफलता पूर्वक आयोजित हुआ जो इस जनपद मे निरंतर चलता रहा। उन्होने मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम की पहचान बताते हुए डीएम ने कहा कि हमारी पहचान हमारी इस मिट्टी, हमारे इस देश से है, जिसमे हमने जन्म लिया तथा अन्त इसी मिट्टी में ही मिल जाना है। इस मिट्टी का सम्मान करना एवं इस मिट्टी से जन्मे उन वीर सपूतो को नमन करना है जिन्होने इस देश की खातिर हस्ते-हस्ते अपने प्राणो की आहूति दे दी।
उन्होने कहा कि आज जनपद के समस्त विकास खण्डो, नगर पालिका/नगर पंचायतो  के प्रत्येक घरो से इक्क्ठा किये गये चावल के दाने व मिट्टी के कणो को यहां 24 कलश मे एकत्रित कर रखे गये है जो हमारे इस जनपद का प्रतिनित्व करते हुए कल यानि 27 अक्टूबर 2023 को पूर्वान्ह 8 बजे चयनित दल द्वारा लंका मैदान से लखनऊ तथा लखनऊ से फिर दिल्ली के लिए प्रस्थान करेगें। दिल्ली मे पूरे देश के जनपदो से इकट्ठा किये गये कलश से एक अमृत वाटिका का निर्माण होगा जो इस बात का गर्व महसूस करायेगा कि देश की आजादी के लिए जो वीरता का कार्य हमारे पूरखो ने किया है, जिसके बल बूते पर हमारा देश विश्व गुरू के स्थान पर पहुचने के लिए सक्षम स्थान पर पहुच चुका है। इस तरह के राष्ट्रीय प्रतीको को देखने पर हमे गर्व की अनुभूति हो और हमारे देश का बच्चा बच्चा अपने देश के प्रति योगदान के लिए उत्साहित हो सके। उन्होने कहा कि जनपद में मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम सफल रहा तथा इस कार्यक्रम में समाज के हर अंग से लोगो ने प्रतिभाग किया, चाहे वे सरकारी विभाग से हो या राजनैतिक दल या संस्था के वालेंटियर हो, सबने घर-घर जाकर लोगो को जोड़ा तथा उनमे देश भक्ति का भावना को जागृत किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल  ने कहा कि मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम से जन-जन का जुड़ाव हुआ है। लोगों ने अपने घरों से मिट्टी एवं अक्षत देते हुए श्रद्धा का भाव महसूस किया है। इस कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी को भी जुड़ने का अवसर मिला है। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित लोगों को पंचप्रण की शपथ दिलाया।जिलाध्यक्ष भाजपा सुनील ने कहा कि हम में से ज्यादातर लोग आजादी के बाद जन्म लिए हैं। उनको स्वतंत्रता संग्राम के कठिन आंदोलन एवं सीमाओं पर शहीद हुए वीर जवानों के त्याग एवं बलिदान से अवगत कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर यह कार्यक्रम पूरे देश में आयोजित किया गया है। इसके अंतर्गत प्रत्येक गांव से एकत्र माटी दिल्ली में निर्माणाधीन अमृत वाटिका में डाली जाएगी ताकि देश के कोने-कोने से इसको देखने आने वाले लोगों के मन में वीरों के प्रति श्रद्धाभाव उत्पन्न हो सके। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान गाकर किया गया। कार्यक्रम के पूर्व जिलाधिकारी आर्यका अखौरी, नगर पालिका अध्यक्षत सरिता अग्रवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा सुनील सिंह , मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य एवं उपस्थित अन्य अधिकारियों नेे विभिन्न ब्लॉकों से लाये गए कलश का स्वागत किया। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर संस्कृति विभाग के  कलाकार राकेश सिंह यादव द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम, सलटू राम की टीम द्वारा धोबऊ नृत्य एवं लुर्दस कान्वेंट बालिका विद्यालय के छात्राओ द्वारा रंगारंग कार्यक्रम एंव देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया तथा इस दौरान स्वतंत्रता सग्राम सेनानियो/शहीदो के परिजानो को अंगवंत्रम एंव प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन सुभाष चन्द्र प्रसाद नेहरू युवा केन्द्र के लेखा एवं कार्यक्रम सहायक  ने किया। इस अवसर पर एमएलसी प्रतिनिधि प्रदीप पाठक, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, जिला विकास अधिकारी, जिला पर्यटन अधिकारी डीपीआरओ , परियोजना निदेशक, जिला वेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, विभिन्न ब्लॉकों से आए हुए जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा अधिकारी-कर्मचारी एवं उपस्थित रहे।

भरत मिलाप देख भाव-विभोर हुए लोग

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से एतिहासिक भरत मिलाप का आयोजन सम्पन्न हुआ। जिसे जनसमूह श्रीराम भरत के मिलाप का नयनाभिराभ किया।

जिस समय श्रीराम लक्ष्मण लंकापति रावण का वध करने के बाद लंका का राजपाठ विभिषण को देकर सीता लक्ष्मण सहित वानरी सेनाओं के साथ लंका से पुष्पक विमान से अयोध्या के लिए प्रस्थान करते है। रास्ते में भारद्वाज मुनि के आश्रम में विश्राम करते है, इसी दौरान श्रीराम हनुमान को आने का संदेश भेजते है। श्रीराम का संदेश लेकर हनुमान जी भरत के पास आतेे है। सूचना पाकर गुरू वशिष्ठ के साथ भरत शत्रुघ्न अपने बड़े भाई श्रीराम व लक्ष्मण से मिलने चल देते है। श्रीराम अपने भरत से मिलने को आतुर होते है। थोड़े दिनों में भरत जी भारद्वाज मुनि के आश्रम से दूर ही पर रथ से उतरकर श्रीराम को साष्टांग दण्डवत करते है। श्रीराम भरत को उठाकर अपने गले लगा लेते है।


इस दौरान भरत शत्रुघ्न गुरू वशिष्ठ का शौभा यात्रा हरिशंकरी से शाम 8 बजे से शुरू होकर महाजन टोली, झुन्नुलाल चौराहा, आमघाट, महुआबाग होते हुए सकेलनाबाद 9 बजेे रात में पहुँचा। जहाँ रात 1 बजे भरत मिलाप का आयोजन किया गया। इसकेे बाद वापस पहाड़ खाँ के पोखरा स्थित श्रीराम लक्ष्मण भरत शत्रुघ्न का रथ मंदिर में पहुँचा।


इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, प्रबन्धक विरेश राम वर्मा, उपप्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार तिवारी, रामसिंह यादव, विशम्भर नाथ गुप्ता आदि रहे।

एम्बुलेंस कर्मियों के द्वारा मनाया गया विजयदशमी का पर्व

102 और 108 एम्बुलेंस कर्मियों के द्वारा मनाया गया विजयदशमी का पर्व

गाजीपुर। असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक विजयदशमी का पर्व पूरे देश में मनाया गया। इस पर्व पर लोग एक दूसरे को बधाई भी देते नजर आए। वही बहुत सारे प्रतिष्ठानों में मां दुर्गा के नौ रूपों का पूजा-पाठ भी संपन्न हुआ । एक दूसरे को प्रसाद भी वितरण किए गए। कुछ ऐसा ही जनपद में चलने वाले 102 और 108 एंबुलेंस के जिला अस्पताल स्थित कार्यालय में भी हुआ ।यहां पर 102 और 108 एंबुलेंस के ईएमटी और पायलट के साथ उनके उच्च अधिकारियों ने विजयादशमी की पर्व को मनाया साथ ही साथ प्रसाद भी वितरण किया। 102 और 108 एंबुलेंस के प्रभारी दीपक राय ने बताया कि 102 और 108 एंबुलेंस के चालक और ईएमटी परिवार के सदस्य की तरह है। यह लोग अपनी तत्परता से प्रतिदिन लोगों को नई जिंदगी देने का भी काम करते हैं। ऐसे में इस त्यौहार के मौके पर जब यह लोग अपने परिवार से दूर है तो इन लोगों को परिवार के जैसा माहौल देना हम सभी लोगों का कर्तव्य बन जाता है। जिसको लेकर इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला प्रोग्राम मैनेजर संदीप चौबे, अखंड ,आशुतोष के साथ ही पायलट और ईएमटी शामिल हुए।

मांगों को लेकर चौदहवें दिन भी जारी रहा छात्रों का धरना

गाजीपुर। पीजी कॉलेज के प्रांगण में छात्रों ने चौदहवें दिन बुधवार को भी अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा। सभी छात्रों ने एक स्वर कहा जब तक मांग पूरी नहीं हो जाती तब तक धरना जारी रहेगा। बता दें कि छात्र जिस मुद्दों को लेकर धरना दे रहे हैं वे छात्रों कि प्रमुख मांग मुख्य रूप से छात्र संघ चुनाव कराने, प्राचार्य के महाविद्यालय में समय से आने कि मांग, टीसी चरित्र शुल्क कम करने कि मांग,बीपीई प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी कर प्रवेश लेने, अवैध वसूली बंद करनें, बीपीई का रिजल्ट जारी करने कि मांग,फीस वृद्धि वापस लेंने, पुस्तकालय में नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत पुस्तकें उपलब्ध कराने, कालेज कि वेबसाइट पर सभी सूचना और नई फीस विवरण उपलब्ध कराने, कालेज के कैमरों को ठीक करने के साथ ही महाविद्यालय के गलियारों में सीसीटीवी कैमरे लगाने,साइकिल स्टैंड फीस कम करने, कालेज कि वेबसाइट को सरल करने, कालेज की वेबसाइट पर शिकायत पोर्टल उपलब्ध कराने के साथ ही महाविद्यालय में आफलाइन शिकायत काउन्टर बनाने, स्नातक द्वितीय,तृतीय स्नातकोत्तर द्वितीय में प्रवेश फार्म शुल्क निशुल्क करने, आरो वाटर मशीन लगाने कि मांग,महाविद्यालय में पठन-पाठन का माहौल बनायें तथा सभी शिक्षक व कर्मचारी समय से आने व विभाग खोलने सहित आदि मांग है।

धरना में शामिल पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय छात्र नेता आकाश कुमार चौधरी,निलेश बिंद,धनंजय सिंह कुशवाहा,निखिल राज भारती अमृतांश बिंद ,रणविजय प्रताप,विकास तिवारी,आशीष यादव ,ईश्वर यादव,आरती बिंद सुजीत यादव आदि छात्र मौजूद थे।

श्री राम ने किया रावण का वध

राम रावण युद्ध, रावण वध, रावण दहन

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से दशहरा का पर्व परम्परागत रूप से मनाया गया। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वन्दे वाणी विनायकौ रामलीला मण्डल द्वारा लंका मैदान में 24 अक्टूबर मंगलवार को शाम 7 बजे श्रीराम रावण युद्ध, और रावण वध का मंचन किया गया। दशहरे के मौके पर रामलीला मैदान लोगों की भीड़ से खचाखच भरा रहा। लीला का शुभारम्भ कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी द्वारा मुख्य अतिथि को माला पहनाकर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी को बुके देकर तथा पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह को माला पहनाकर शुरू किया गया। लीला में दर्शाया गया कि श्रीराम लक्ष्मण द्वारा खरदूषण, मेघनाद, कुंभकर्ण को मारे जाने पर अपने राजदबार से उठकर अपने राजमहल रावण जाता है और शस्त्र लेकर ज्यौ ही युद्ध भूमि पर जाने को तैयार होता है तो नाना माल्यवंत, स्त्री मन्दोदरी, भाई विभिषण ने समझाने की कोशिश की परन्तु रावण अहंकार में चूर किसी की बात नही सुनता है वही विभिषण को भरी राजबदार में रावण लात मारकर राज्य से निष्कासित कर देता है विभिषण रामदल में जाकर श्रीराम के शरण में चले जातेे है। उधर रावण आसुरी सेनाओं के साथा रथ पर सवार होकर युद्ध के लिए चल देता है और श्रीराम लक्ष्मण को युद्ध के लिए ललकाराता है। उसकी ललकार सुनकर वानरों के झुण्ड के साथ श्रीराम युद्ध में आ जातेे है और राम के लाख समझाने के बाद भी रावण नही मानता है।

अंत में श्रीराम रावण का युद्ध शुरू होता है, राम द्वारा 30 बाणों की बौछार के बाद भी रावण जिन्दा रहता है, अंत में विभिषण ने इशारा किया कि इसके नाभि में अमृत है, श्रीराम विभिषण के इशारे पर अग्नि बाण से उसके नाभि में प्रहार किये। अंत में रावण धराशायी हो जाता है, श्रीराम अपने भाई लक्ष्मण को लेकर रावण के पास राजनीतिक उपदेश ग्रहण करने के लिए जातेे है। रावण ने लक्ष्मण को राजनीति शिक्षा का उपदेश देने के बाद श्रीराम का दर्शन करके श्रीराम उद्घोषण करके शरीर का त्याग कर देात है। रावण के पुतले को डीएम, एसपी द्वारा इलेक्ट्रिक बटन दबाकर दहन किया गया। रावण के धाराशायी होने पर हर हर महादेव जय श्रीराम के नारों से लीला स्थल गंूज उठा।
इस मौके पर सुरक्षा के दृष्टिगत अपर पुलिस अधीक्षक नगर, एडीएम, क्षेत्राधिकारी, नगर एसडीएम तथा अन्य अधिकारी के साथ कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक वीरेश राम वर्मा, उपप्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल सहित सभी पदाधिकारी उपस्थित रहे।

8 बजे होगा रावण दहन,7 बजे तक ही मां दुर्गा प्रतिमाओं का होगा लंका मैदान में प्रवेश

रावण दहन 8 बजे, उसके पूर्व सांय 7 बजे तक ही मां दुर्गा प्रतिमाओं का होगा लंका मैदान में आरती हेतु प्रवेश

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी “हरिशंकरी” के तत्वाधान में परंपरागत रामलीला मंचन के कार्यक्रम के क्रम में 24 अक्टूबर ( मंगलवार) को राम रावण युद्ध के उपरांत रावण वध मंचन के बाद सांयकाल 8 बजे ऐतिहासिक रावण दहन का कार्यक्रम जिलाधिकारी गाजीपुर, पुलिस अधीक्षक गाजीपुर एवम गाजीपुर की गणमान्य जनता के समक्ष किया जाएगा। जिसमें विशेष रूप से दुर्गा प्रतिमाओं का भसान से पूर्व लंका मैदान में आगमन और प्रभु श्रीराम द्वारा आरती की परंपरागत पूजन कार्यक्रम सांयकाल 7 बजे तक ही होगा। उसके बाद लीला प्रारंभ हो जाएगी, ऐसी स्थिति में किसी भी दुर्गा प्रतिमाओं को लंका मैदान में आने की अनुमति नहीं होगी, अतः सार्वजनिक दुर्गा पांडाल कमेटियों से अनुरोध है कि दशहरा मेला की व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए कमेटी के साथ जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। सांयकाल 7 बजे तक ही गेट नंबर 4 से ही दुर्गा प्रतिमाओं का प्रवेश होगा और पारंपरिक रूप से पूजन व आरती के बाद परिक्रमा कर उसी गेट से वापसी हो जाएगी। सांयकाल 7 बजे के बाद राम रावण युद्ध लीला शुरू होगी और ठीक 8 बजे रावण के विशाल पुतले का दहन किया जाएगा। यह जानकारी अति प्राचीन रामलीला कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी ने दी।

बाली सुग्रीव लड़ाई,श्री हनुमान माता सीता से मिलन,लंका दहन

बाली सुग्रीव लड़ाई, श्री हनुमान माता सीता से मिलन, लंका दहन

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वाधान में वन्दे वाणी विनायकौ आदर्श श्रीराम लीला मण्डल के द्वारा स्थानीय लंका के मैदान में लीला के 13वें दिन रविवार सायं 7बजेे बाली सुग्रीव लड़ाई, श्री हनुमान सीता मिलन, लंका दहन लीला का मंचन किया गया। लीला के दौरान श्रीराम लक्ष्मण सीता की खोज करते हुए ऋष्यमूक पर्वत पर पहुँचकर हनुमान के द्वारा सुग्रीव से मित्रता होने के बाद सुग्रीव द्वारा बाली के सताये जाने के सम्बन्ध में श्रीराम से अवगत कराते है। श्रीराम ने सुग्रीव की बात को सुनकर बाली से युद्ध करने के लिए सुग्रीव को भेजते है। युद्ध केे दौरान बाली द्वारा सुग्रीव को मारकर मूर्छित कर दिया जाता है, होश आने पर सुग्रीव श्रीराम के पास जा करके कहता है कि प्रभु बाली ने मुझे मारकर अधमरा कर दिया। सुग्रीव के बात को सुनकर पुनः श्रीराम ने बताया कि मैं वाण इसलिए नही चलाया कि दोनो भाईयों का मुख एक समान है, यह कहके दूसरे बार पुनः सुग्रीव को माला पहनाकर युद्ध के लिए बाली केे पास श्रीराम भेजते है। अन्त में श्रीराम के कथनानुसार बाली से युद्ध करने के लिए सुग्रीव युद्ध भूमि में जाता है, इतने में श्रीराम ने देखा कि पुनः बाली द्वारा सुग्रीव को मार दिया जायेगा तब वे एक पेड के सहारे से अपने बाण से बाली को मार गिरातेे है। बाली मूर्छित होकर जमींन पर गिर पड़ता है, बाली को थोड़ी देर बाद होश आने पर श्रीराम को देख करके हाथ जोड़ करके कहता हैं कि मैं बैरी सुग्रीव पिआरा कारण कवन नाथ मोहिमारा, हे प्रभु मेरी दुश्मनी सुग्रीव से है मैंने आपका क्या बिगाड़ा कि आप दोनों भाई के बीच में आकर मुझे बाण सेे मारकर घायल कर दिया। बाली केे मुख से इस प्रकार की बात सुन करके श्रीराम कहते है कि हे बाली तुने अपने छोटे भाई सुग्रीव को सताते हुए उसको अपने राज्य से निष्कासित कर दिया, और उसकी पत्नी को तुमने अपने पास रख लिया है, इसलिए तुम्हे मारने में कोई दोष नही है। अगर आप चाहो तो मैं आपको जीवन दान दे सकता हूँ, श्रीराम के बात को सुन करकेे बाली ने कहा जनम-जनम मुनि जतन कराही अन्त राम मुख आवत नाही। उसने कहा कि प्रभु ऋषि मुनि आपका स्मरण करते है, फिर भी आपका दर्शन नही पाते है मैं तो भाग्यशाली हूँ कि आपके द्वारा मैं मारा जा रहा हूँ। इतना कहने के बाद बाली ने अपने पुत्र अंगद को श्रीराम के चरणों में डालते हुए कहा कि हे प्रभु इस बालक को अपने शरण में रखते हुए अपनी कृपा दृष्टि इस पर बनाये रखियेगा, इतना कहने के बाद बाली प्रभु श्रीराम के चरणो में अपने नश्वर शरीर को त्याग देता है। उधर बाली की पत्नी तारा अपने पति को वीरगति प्राप्त का समाचार सुनकर वह श्रीराम के पास आ करके श्रीराम के समक्ष विलाप करती है, उसके विलाप को देखकर श्रीराम प्रभु उसे समझाते है कि हे तारा क्षिति जाल पावक गगन समिरा पंच रचित अति अधम शरीरा, इस प्रकार का उपदेश दे करके बाली पत्नी तारा को सान्तवना देते हुए कहते हेै कि हे तारा अपने पति का नश्वर शरीर को ले जा कर विधि विधान के साथ अपने पति का अन्तेष्टि करो। उधर श्रीराम द्वारा किष्किन्धा राज का राजा सुग्रीव को लक्ष्मण के द्वारा दिलातेे है। सुग्रीव किसकिन्धा का राज पाते ही अपने दरबार में वानरी सेनाओं को इकट्ठा करता है और श्रीराम केे भार्या सीता जी की खोज के लिए अपने सेनाओं को आज्ञा देता हैै अपनी राजा की आज्ञा पाकर जामवन्त अंगद नील नल हनुमान सहित सीता की खोज मेें निकल जाते है। थोड़ी दूर हनुमान जी जामवन्त अंगद समुद्र के तट तक पहुँचते है, जहां सम्पातीय अधमरा होकर पड़ा था, जहां सम्पाति ने देखा कि वानरी सेना हमारी ओर आ रही है भगवान की कृपा है कि आज मेरे लिए आहार भेज दिया, सभी वानरी सेना उसके चेहरे को देखते हुए समझ गयी कि ये वानरी सेनाओं को समाप्त करना चाहता है, इसके बाद जामवन्ती जी गिद्ध राज जटायु के बारे में बात कर ही रहे थे कि सम्पाति के कानो मेें भनक चला गया वह वानरी सेनाओं के बीच जा करकेे अपने भाई गिद्ध राज जटायु के विषय में पूछता है, जामवन्त जी ने कहा कि गिद्ध राज जटायु का भाग्य अच्छा है, कि राम राज के लिए अपने शरीर को भगवान के प्रति समर्पण कर दिया। इतना सुनते ही सम्पाति सीता जी का पता बताते हुए कहता है कि हे जामवन्ती मैं अब बूढ़ा हो चला नही तो मैं सत जोजन समुन्द्र पार करकेे सीता जी को ले आता, मैं देख रहा हूँ कि सीता जी लंका के अशोक वाटिका के नीचे बैठी हुई है। इतना सुनने के बाद हनुमान जी लंका में छलांग लगा देते है, थोडी देर में लंका पहुँचकर अशोक वाटिका के नीचे राक्षसों के बीच सीता जी को बैठे देखते है, अशोक वाटिका में ही सीता हनुमान का मिलन हुआ। अंत में रावण पुत्र इन्द्रजीत आता है और हनुमान को वाधकर रावण के दरवार में ले जाता है। रावण के आदेश पर हनुमान के पूंछ में आग लगाते है। श्री हनुमान पूंछ में आग लगा देखकर आकाश मार्ग की ओर बढते है। और उपर निचे आते जाते है। इस अपने पूंछ में आग के माध्यम से पूरे लंका नगरी को जलाकर राख कर देते है। इस दृश्य को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गये। इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, प्रबन्धक विरेश राम वर्मा, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, मनोज कुमार तिवारी, रामसिंह यादव, विशम्भर नाथ गुप्ता आदि रहे।

घर-घर दे रही है दस्तक

दस्तक अभियान के तहत आशा और आंगनबाड़ी घर-घर दे रही है दस्तक

गाजीपुर। विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान जो 3 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक चल रहा है। जिसमे 16 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान स्वास्थ्य विभाग के द्वारा चलाए जा रहा है। इस अभियान में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा घर-घर दस्तक अभियान का सफल संचालन कर रही है। इस दौरान इन लोगों के द्वारा स्वास्थ्य विभाग के द्वारा चलने वाले विभिन्न योजनाओं को पहुंचाने एवं जागरूक करने का कार्य कर रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद के चिकित्सा अधीक्षक आशीष कुमार राय ने बताया कि समस्त ग्राम पंचायत एवं ग्रामों में स्थानीय आशा एवं आंगनबाड़ी द्वारा घर-घर भ्रमण कर दस्तक अभियान के सफल क्रियान्वयन हेतु प्रत्येक घरों में जागरूकता एवं आवश्यक जानकारी के साथ-साथ अपने एवं अपने आसपास को साफ सुथरा रखने की जानकारी दी जा रही। ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति का बैठक कर नियमित टीकाकरण दिवसों पर छोटे बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण कराने के साथ-साथ आशा प्रत्येक दिवस पर माइक्रो प्लान के अनुसार अपने क्षेत्र में कार्यों का संपादन कर रही है। कुपोषित बच्चों के उपचार एवं उन्हें संदर्भ पर विशेष बल देते हुए कार्य करना। दिमागी बुखार के प्रभाव को कम करने के क्रम में घरों में जागरूकता करना एवं प्रत्येक घरों में कम से कम पांच सवालों को करना पहले क्या परिवार में कोई सदस्य को बुखार है, यदि है तो उनको जांच हेतु सूचीबद्ध करना, दूसरा सवाल परिवार में किसी सदस्य को दो सप्ताह से कम की खांसी सांस लेने में परेशानी तो नहीं है, यदि है तो उनकी आवश्यक जांच कराने हेतु नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाना। परिवार में कोई ऐसा सदस्य तो नहीं है जिसको 1 सप्ताह से अधिक खांसी आ रही हो या वजन कम हो रहा हो या बलगम में खून आ रही हो तो यह संभावित क्षय रोग के लक्षण हैं। यदि ऐसा दिखता है तो इन परिवारों को निकटतम हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ,सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लाना। फ्रंटलाइन वर्कर आशा कार्यकर्ता के द्वारा मच्छर जनित रोग मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जापानी इनफ्लाइट्स, कालाजार इत्यादि से बचाव के विषय में परिवार के सदस्यों को अवगत कराना मुख्य काम है। घरों में मच्छरों से प्रजनन की अनुकूल स्थितियों के विषय में संवाद करते हुए परिवार के सदस्यों से आग्रह करें कि वह घर में देखें की कोई ऐसा पात्र या जगह तो नहीं है जहां मच्छरों का प्रजनन की संभावनाएं अधिक है जैसे कलर टूटी हुई मटकी फटे हुए टायर इत्यादि यदि ऐसे हैं तो इन्हें तुरंत इन्हे निसप्रयोजित करना आदि के बारे में जानकारी दी जा रही है।

डीएम ने पखारें कन्याओं के पाव, दिया उपहार

गाजीपुर। शारदीय नवरात्र के अष्टमी के दिन बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ तथा मिशन शक्ति फेस-4 के तहत रायफल क्लब सभागार में रविवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी व मुख्य विकास अधिकारी सन्तोष कुमार वैश्य की उपस्थिति में 51 आंगनबाड़ी की बालिकाओं का कन्या पूजन करते हुए उन्हें बैग लेखन सामग्री व पोषण सामग्री तथा फल की टोकरी देते हुए कन्या पूजन का कार्यक्रम किया गया। जिसमें जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला समाज कल्याण, अधिकारी जिला प्रोबोशन अधिकारी तथा सुभाष नेहरू युवा केंद्र उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बालिकाओं का पूजन करते हुए उन्हें उपहार भेंट दिया।

Uttar Pradesh Fast News