सपा कार्यकर्ताओं ने किया कमलेश यादव का भव्य स्वागत

ग़ाज़ीपुर।शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव के नेतृत्व में पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के नवनियुक्त प्रदेश सचिव कमलेश यादव का भव्य स्वागत पार्टी कार्यालय समता भवन पर किया।इस मनोनयन के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल और पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल कश्यप के प्रति आभार जताया।

इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रजनीकांत यादव और उनके साथियों ने समाजवादी गीत के माध्यम से स्वागत किया

सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कमलेश यादव का स्वागत करते हुए कहा कि कमलेश के नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ का संगठन और मजबूत होगा। इनके कुशल नेतृत्व में पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ को और मजबूती मिलेगी । उन्होंने भाजपा सरकार को सामाजिक न्याय विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार पिछड़ों के हक और अधिकार पर डाका डाल रही है।उन्होने कहा कि यह सम्मान कराने का वक्त नहीं बल्कि यह संघर्ष करने का दौर है। उन्होंने कहा कि यह देश गंभीर राजनीतिक संकट के दौर से गुजर रहा है। देश के हुक्मरानों को लोकतंत्र पसंद नहीं है। वह पूरी तरह से तानाशाही के रास्ते पर उतरकर सम्पूर्ण विपक्ष को कुचलना चाहते हैं। उनकी इस नापाक इरादों के खिलाफ जमकर संघर्ष करना होगा,अन्यथा न इस देश में लोकतंत्र बचेगा,न संविधान और न ही इस देश का धर्म निरपेक्ष स्वरुप।

राष्ट्रीय सचिव राजेश कुशवाहा ने स्वागत करते हुए कहा कि लोकतंत्र के जिस रास्ते से आकर भाजपा आज देश पर हुकूमत कर रही है,वह रास्ता दूसरों के लिए बंद कर देना चाहती है । जिस तरह से सत्ता में बैठे लोग विरोधी दलों के नेताओं के साथ बदले की भावना से काम कर रहे हैं, उन्हें जेलों में डाल रहे हैं उनकी यह नापाक हरकत और अलोकतांत्रिक कार्यप्रणाली आपात काल की याद दिला रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ती मंहगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और उसकी साम्प्रदायिक सोच और लगातार हो रहे आर्थिक घोटालों के चलते देशवासी खुन के आंसू रो रहे हैं। लेकिन यह सरकार जनता के बुनियादी सवालों पर न काम कर केवल फर्जी तौर पर जुवांन चला रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि घरों में बैठने से काम नहीं चलेगा बल्कि लोहिया, जयप्रकाश और मुलायम सिंह जी के रास्ते पर चलकर जनता के हक हकूक और इस देश के संविधान, लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और गरीबों को मिलने वाले सामाजिक न्याय की रक्षा कराने के लिए सड़कों को गर्म कर इस देश की सत्ता से भाजपा की तानाशाही हुकूमत को हटाना होगा ।

वही अपने स्वागत से अभिभूत कमलेश यादव कार्यकर्ताओं के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।उन्होंने कहा की आज भाजपा सरकार पिछड़ों के हक पर डाका डालने का काम कर रही है। वह पिछड़ों को मिलने वाले आरक्षण को खत्म करना चाहती है। हमें अपने हक और अधिकार के लिए संघर्ष करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 2024लोकसभा का चुनाव हम सबके लिए चुनौती है। पिछड़ों के हक और अधिकार की रक्षा के लिए भाजपा सरकार को सत्ता से बेदखल करना जरूरी। उन्हों सभी पिछड़े समाज के लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया।

इस स्वागत कार्यक्रम में मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव,डॉ नन्हकू यादव,पूर्व मंत्री सुधीर यादव, सदानंद यादव, हरेन्द्र विश्वकर्मा, आत्मा यादव,अरुण कुमार श्रीवास्तव, ,राजेंद्र यादव,मदन सिंह यादव, रमेश यादव,अमित ठाकुर,नगर अध्यक्ष दिनेश यादव,जमुना यादव,अरविंद कुमार यादव, नरेन्द्र कुशवाहा,नगीना यादव, श्री राम यादव,रीता विश्वकर्मा,दिनेश यादव, पूजा गौतम,नफीसा बेगम , कमलेश यादव,रामप्रताप यादव,पंकज यादव,उपेन्द्र यादव,अभय यादव,बलिराम यादव,रामज्ञान यादव, शहनवाज खां सोनू, रीना यादव,कंचन रावत,दिनेश यादव,अल्का अग्रवाल, सुनीता यादव, शिवमुनि यादव,मनोज यादव, सिंहासन यादव,वंशबहादुर कुशवाहा,द्वारिका यादव , राजनाथ यादव, राधेश्याम यादव,अच्छेलाल कन्नौजिया, अरुण यादव, शिशु यादव, शिवकुमार यादव आदि उपस्थित थे।

इस स्वागत कार्यक्रम का संचालन जिला सचिव राजेश यादव ने किया।

महाविद्यालय के हिटलरशाही रवैया के खिलाफ छात्र नेताओं का धरना जारी

गाजीपुर। पीजी कॉलेज के प्रांगण में दूसरे दिन शुक्रवार को भी छात्रों ने महाविद्यालय में हो रही समस्या को लेकर 32 सूत्रीय मांगों के सम्बन्ध में अनिश्चितकालीन धरना जारी रखा। पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि महाविद्यालय प्रशासन हिटलरशाही रवैया छात्रों के साथ अपना रहा है और छात्रों कि समस्या दूर करना तो दूर धरना पर छात्रों से बातचीत भी करना उचित नहीं समझ रहे हैं। पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष अनुज भारती ने कहा कि महाविद्यालय के प्राचार्य न तो समय से आते हैं और ना ही कोई भी छात्रों का काम समय से करते हैं। केवल छात्रों को मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा है। वही छात्र नेत्री आरती बिन्द ने कहा कि हमारी मांगे सभी जायज है और महाविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द धरना पर आकर मांगे पूरी नहीं किया तो धरना प्रदर्शन को और तेज गति दिया जाएगा।
छात्र नेता आकाश चौधरी ने कहा जब तक सभी छात्रहित कि मांगों को पूरा नहीं किया जाता है तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। छात्रों कि प्रमुख मांग मुख्य रूप से बीपीई प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी कर प्रवेश ले, अवैध वसूली बंद करें, फीस वृद्धि वापस लें, पुस्तकालय में नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत पुस्तकें उपलब्ध कराए, कालेज कि वेबसाइट पर सभी सूचना और नई फीस विवरण उपलब्ध कराए, छात्रसंघ चुनाव कराए, कालेज के कैमरों को ठीक करने के साथ ही महाविद्यालय के गलियारों में सीसीटीवी कैमरे लगाए, साइकिल स्टैंड फीस कम करे, कालेज कि वेबसाइट को सरल करें, कालेज की वेबसाइट पर शिकायत पोर्टल उपलब्ध कराने के साथ ही महाविद्यालय में आफलाइन शिकायत काउन्टर बनाए, स्नातक द्वितीय, तृतीय स्नातकोत्तर द्वितीय में प्रवेश फार्म शुल्क निशुल्क करें, साइकिल स्टैंड फीस केवल स्टैंड में खड़ा करने वाले छात्रों का ले, महाविद्यालय में पठन-पाठन का माहौल बनायें और सभी शिक्षक व कर्मचारी समय से आए सहित आदि मांग है।


धरना में शामिल छात्र नेता धीरज सिंह, अमृतांश बिन्द, ईश्वर यादव, निलेश बिन्द, विकास यादव, शैलेश यादव, धन्नजय कुशवाहा, कृष्णा नन्द शर्मा, सत्यम कुमार, राहुल कुमार, प्रिंस प्रजापति, जितेंद्र राय, रोहित मौर्य, शुभम शर्मा, रविकांत यादव, ओम प्रताप सिंह, शिवप्रकाश पाण्डेय, सुनील यादव, प्रशान्त कुमार बिन्द, छोटू, अनीष गौण, राहुल दूबे, अभिषेक वर्मा, प्रिंस सिंह, शुभम कुमार, अंकित यादव, अरूण प्रजापति, रणविजय प्रताप, अनिल कुमार, अमन राय, आकाश यादव, अनुज यादव, अविनाश यादव, प्रकाश राय, हिमांशु राय, अंकित तिवारी और सत्येन्द्र सहित सैकड़ों छात्र मौजूद थे।

धनुष यज्ञ, सीता स्वयम्बर, श्रीराम विवाह

धनुष यज्ञ, सीता स्वयम्बर, श्रीराम विवाह

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वाधान में लीला के तीसरे गुरूवार को शाम 7 बजे हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरा पर वन्दे वाणी विनायकों आदर्श श्रीराम लीला मण्डल द्वारा धनुष यज्ञ सीता स्वयम्बर तथा श्रीराम विवाह प्रसंग का मंचन किया गया। बताते चले कि एक समय राजा जनक के दरबार में भगवान शिव जी का पुराना धनुष रखा था वह इतना भारी था कि उसे कोई उठाना तोे दूर हिला तक नही सकता था। उस धनुष को सीता जी उठाकर किसी अन्यत्र जगह रख दी। जब राजा जनक को इसका पता चला तोे उन्होंने अपने मन में प्रण किया और स्वयम्बर का आयोजन करके सभी देशों के राजा को धनुष यज्ञ में आने का निमंत्रण देते है। निमंत्रण पाकर सभी देश केे राजा धनुष यज्ञ में आकर यथा स्थान ग्रहण कर लेते है। साथ ही महर्षि विश्वामित्र अपने शिष्यों श्रीराम, लक्ष्मण के साथ धनुष यज्ञ मंच सेे आते है। महर्षि विश्वामित्र को देखते ही राजा जनक अपने गुरू शतानन्द के साथ अपना राजसिंहासन छोड़कर स्वागत के लिए चल देते है और विश्वामित्र सहित रामलक्ष्मण को धनुष यज्ञ में उच्च आसन देकर उनका अभिनन्दन करते है, उधर सखियों के साथ सीता जी गौरी पूजा करने के बाद रंग-मंच में पिता के आदेशानुसार आती है और मन ही मन गणेश जी को मनाती है कि हे प्रभु! श्रीराम ही हमारे पति बने। इसको मन में धारण कर यथा स्थान पर बैठ जाती है, उधर राजा जनक के आदेशानुसार उनके मंत्री चारूण सभा में उपस्थित सभी राजाओं को धनुष खण्डन करने के लिए घोषणा करते है कि जो राजा पुराने शिवधनुष जो खण्ड-खण्ड करेगा उसी के साथ राजकुमारी सीता का विवाह होगा, घोषणा सुनकर सभी राजागण धनुष पर अपना बल दिखाने लगे। मगर किसी राजा ने धनुष तोड़ना तोे दूर उसे हिला न सके राजा जनक सभी राजाओं का उदास चेहरा व झुके हुए राजसभा में मस्तक देखकर कहते है कि हे राजागण, तजहुं आस निज निज गृह जाहूँ लिखा न विधि बैदेई विवाहूँ। राजा जनक ने कहा कि हे राजागण आप लोग अपने घर को प्रस्थान कीजिए, राजकुमारी सीता केे भविष्य में विवाह नही लिखा है। इतना सुनने के बाद लक्ष्मण जी राजा जनक के क्रोध को सहन न कर सके उन्होंने राजा जनक को उत्तर दिया कि हे राजा आपने श्रीराम को नही देखा और सभी राजाओं में श्रीराम की भी गिनती करते है। अगर श्रीराम का आदेश हो तो धनुष क्या पूरे भूमण्डल को खण्ड खण्ड कर दूंगा। लक्ष्मण जी को क्रोधित देखकर गुरू विश्वामित्र ने समझा बुुझाकर कहा कि लक्ष्मण अपने आसन पर विराजमन हो, गुरू की आज्ञा पाकर लक्ष्मण का क्रोध शांत होता है और अपने आसन पर जा बैठते है। उधर गुरू विश्वामित्र समय देखते हुए श्रीराम को आदेश देते हैं कि हे श्रीराम आप उठिए और धनुष को तोड़कर राजा जनक के संदेह को दूर कीजिए, गुरू विश्वामित्र की आज्ञा पाकर श्रीराम गुरू जी को मन ही मन प्रणाम करते है और भगवान शंकर का स्मरण करते हुए धनुष के सामने भी अपना मस्तक झुका देते है और सहज में ही धनुष को उठाकर दो खण्डो में विभाजित कर देते है। धनुष खण्डन होने के बाद राजकुमारी सीता जी ने श्रीराम के गले में वरमाला डाल देती है और सखियाँ मांगलिक गीत प्रस्तुत करती है। बताते चले कि धनुष टूटने की आवाज महेन्द्र पर्वत पर तपस्या में लीन जमदग्न ऋषि के पुत्र भगवान परशुराम के कानों में सुनायी दी तो वे क्रोधित होकर फरसा उठाके राजा जनक के दरबार में आते है परशुराम को क्रोधित चेहरे देखते ही सभी राजागण थर-थर कापने लगे कि लगता है कि कुछ अहित होगा। सभी राजा डर के मारे कांपते हुए भगवान परशुराम को चरणों में प्रणाम करते है परशुराम जी अपने फरसे से सभी राजाओं को ढकेलते हुए डांट कर भगा देते है इसके बाद राजा जनक अपनी पुत्री को लेकर भगवान परशुराम को प्रणाम करते है इसके बाद महर्षि विश्वामित्र अपने शिष्य श्रीराम लक्ष्मण के पास परशुराम को प्रणाम करने की आज्ञा देते है थोडी ही देर बाद जब भगवान परशुराम की दृष्टि भगवान शिव के खण्डित धनुष को देखा तो उन्होंने सभी उपस्थित राजाओं को सावधान करते हुए कहा कि किस राजा ने हमारे आराध्य भगवान शिव के धनुष को तोड़ा है वह सामने खड़ा हो जाये अन्यथा मैं राजा जनक तुम्हारे सभी राज पाठ को नष्ट भ्रष्ट कर दूंगा, सभी राजागण पुनः कांपने लगे अन्त में परशुराम के क्रोध को देखकर लक्ष्मण जी सामने खडे होकर परशुराम जी के एक एक प्रश्न का उत्तर देते है श्रीराम ने लक्ष्मण को शान्त करते हुए परशुराम के सामने से दूर कर देते है और परशुराम जी से कहते है कि विप्रबल धनुष को तोड़ने का हिम्मत आपका कोई दास ही कर सकता है। श्रीराम ने अपपने स्तर से भगवान परशुराम के क्रोध को शान्त कर देते है तब परशुराम जी ध्यानमंग होते है तो उन्होंने श्रीराम का विराट रूप देखा और आपने धनुष को श्रीराम को देकर कहते है राम रमापति करधनुहू लेहूँ खौचो मिटे मोर संदेहूँ, तब परशुराम जी केे आज्ञा अनुसार श्रीराम धनुष प्रतंचना चढाते हुए बाण को पूरब दिशा की ओर छोड देते है और राजा जनक से कहते है कि हे राजन यह संयोग अच्छा है आप विधि विधान के साथ श्रीराम सीता का विवाह कीजिए। महाराज जनक विश्वामित्र जी के आदेशानुसार राजा जनक दशरथ जी से बारात लेकर जनकपुर आने का निमंत्रण दूतो द्वारा भेजते है महाराज दशरथ निमंत्रण पाकर तथा बारात लेकर जनकपुर के लिए प्रस्थान करते है। जनकपुर में श्री सीता राम का विधि विधान के साथ विवाह सम्पन्न होता है। सखियां श्रीराम लक्ष्मण, भरत शत्रुघ्न तथा महाराज दशरथ गुरू वशिष्ठ को मांगलिक गीत व गालियां सुनाती है।

इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक विरेश राम वर्मा, उप प्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, राजेश प्रसाद, अशोक अग्रवाल, विशम्भर नाथ गुप्ता, डा0 गोपाल पाण्डेय, पं0 कृष्ण बिहारी त्रिवेदी पत्रकार, अनुज अग्रवाल, बालगोविन्द त्रिवेदी व रामसिंह यादव उपस्थित थे।

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन का हुआ आयोजन

ग़ाज़ीपुर(सैदपुर)। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के सफलता से पारित होने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद आभार करने के लिए भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा गुरुवार को सैदपुर विधानसभा के द्वारिका पैलेस में सम्मेलन आयोजित किया गया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश कोषाध्यक्ष रनिका जायसवाल ने कहा कि तीन दशकों से ठंडे बस्ते में लंबित पड़ा महिला आरक्षण बिल सुखद स्वरूप में 21 सितम्बर 2023 को भारतीय संसद में पारित हो गया। यह दिन भारत के इतिहास और महिलाओं के सम्मान के लिए स्वर्णिम दिवस के रुप में जाना जाएगा । उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सोच 2047 तक भारत को विश्व का अग्रणी देश बनाने मे भारतीय महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण भागीदारी के साथ बढ गई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य है कि भारत की हर नारी प्रतिवर्ष लाख रुपए की बचत कर लखपति दीदी बने। रनिका जायसवाल ने कहा कि नारी शक्ति वन्दन अधिनियम नये भारत के नयी लोकतांत्रिक व्यवस्था की घोषणा है।

जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 33%आरक्षण महिलाओं को और सशक्त बनने और बनाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक रूप से पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं ज्यादा सहनशील और संघर्षशील है।जो घर गृहस्थी के साथ-साथ देश संभालने में पूरा सक्षम है। जिन्होंने समय समय पर अपने महत्व को हर क्षेत्र प्रदर्शित किया है।

जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि देश की अध्यात्मिक परम्परा और इतिहास में नारी शक्ति के साहस, त्याग , शौर्य, पराक्रम कि अनेक अनुठी गाथा और कहानियां वर्णित है। दुर्गा, काली, सरस्वती के रुप मे महत्वपूर्ण है और इस महत्व को समझने वाले देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी है।

क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरोज कुशवाहा ने कहा कि पूर्व के काल खंड में किसी सार्वजनिक मंच और कार्यक्रमों में एक दो महिलाएं दिखती थी लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित करने के लिए सिर्फ महिलाएं ही महिलाएं दिख रही है यह हर नारी के लिए गर्व है।और उन्होने नारी शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि आज कि नारियों ने मन मे ठान लिया है 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक बार पुनः देश के प्रधानमंत्री पद पर भारी बहुमत से स्थापित करना ही उनके प्रति सच्चा धन्यवाद आभार होगा।

पूर्व विधायक सुनिता सिंह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जनपद में 33% महिलाओं को पहले ही प्रतिनिधित्व प्रदान कर अपने संकल्पों को पूरा किया है।

सम्मेलन को लोकसभा संयोजक कृष्ण बिहारी राय, डा साधना मौर्य,न पा अध्यक्ष सरिता अग्रवाल, सुशीला सोनकर, ब्लाक प्रमुख सीता सिंह,रूद्रा पांडेय, साधना राय ने भी संबोधित किया।

इस अवसर पर सम्मेलन की शुरुआत पंडित दीनदयाल उपाध्याय एवं डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण पुष्पार्चन एवं दीप प्रज्वलित कर हुआ।सम्मेलन में अतिथियों का स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं पुष्प गुच्छ भेंटकर स्वागत अभिनन्दन किया गया।

स्वागत अभिनन्दन सरिता अग्रवाल ने तथा अध्यक्षीय सम्बोधन में आभार धन्यवाद अध्यक्ष अनुपमा सिंह ने किया।

जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर पटल पर रखा जिसका सभी उपस्थित महिलाओं ने ध्वनिमत से समर्थन किया। सम्मेलन का संचालन पूनम मौर्य ने किया।

इस अवसर पर कार्यक्रम में माया सिंह , सुनिता सिंह,गुड्डी पांडेय, लालमुनि गोड,रीता देवी, वंदना कुशवाहा,वीभा तिवारी, जिला उपाध्यक्ष अखिलेश सिंह, पंकज सिंह चंचल, संतोष चौहान, शशिकांत शर्मा, अविनाश सिंह, नीतीश दूबे, प्रवीण त्रिपाठी,सुधीर पटवा सहित आदि अन्य लोग उपस्थित थे।

सपाइयों ने डा.लोहिया को पुण्यतिथि पर किया याद

ग़ाज़ीपुर।गुरुवार को समाजवादी पार्टी के तत्वाधान में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय समता भवन पर देश के समाजवादी पुरोधा रहे, समाजवादी विचारक एवं चिन्तक ,स्वतंत्रता-संग्राम के प्रमुख सेनानी, अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले तथा भारत में गैर कांग्रेस वाद के शिल्पी रहे डा.राम मनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई ।

गोष्ठी आरंभ होने के पूर्व सभी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश में समता मूलक समाज बनाने एवं आज की राजनीति में बढ़ रहे कुरीतियों एवं कुप्रथाओं के साथ-साथ देश पर हुकूमत कर रही दमनकारी सरकार को बेदखल करने और‌ उसके खिलाफ संघर्ष करने का संकल्प लिया ।

इस गोष्ठी में तमाम वक्ताओं ने लोहिया जी के द्वारा समय समय पर दिए गए नारे “जाति तोड़ो समाज जोड़ों,”जिन्दा कौमें पांच साल का इन्तजार नहीं करती,”जब तक भूखा इंसान रहेगा,तब तक धरती पर तुफान रहेगा , “जब सड़कें सूनी हो जाती है तो संसद आवारा हो जाती है,” पर भारतीय राजनीति पर पड़े प्रभाव की गंभीर रूप से चर्चा करते हुए लोहिया जी को अंग्रेजों भारत छोड़ो आन्दोलन का महानायक बताया।

समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने श्रद्धाजंलि‌ अर्पित करते हुए कहा कि लोहिया जी आजीवन सदियों से वंचित, शोषित, पीड़ित समाज के चेहरे पर मुस्कुराहट लाने के लिए संघर्ष करते रहे।उनका त्याग और उनका संघर्ष हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं। हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर देश की सत्ता पर हुकूमत कर रही दमनकारी, तानाशाह भाजपा सरकार को उखाड़ फेंकने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज देश के वर्तमान राजनैतिक दौर में जब जातिवाद और सम्प्रदायवाद चरम सीमा पर है ।जब जातिवाद, साम्प्रदायिकता का नंगा नाच हो रहा हो और वर्तमान हुकूमत लोकतंत्र और संविधान की भावनाओं को कुचलने में लगी हो ऐसे दौर में डा. लोहिया जी पुनः प्रासंगिक हो उठे हैं ।उन्होंने कहा कि डॉ लोहिया जी सामाजिक न्याय की लड़ाई के महान योद्धा थे । सामाजिक न्याय की वकालत करते हुए लोहिया जी ने”संसोपा ने बांधी गांठ -सौ में पिछड़े पांवें साठ” का नारा दिया था । इस देश के समाजवादी आंदोलन का मुख्य सार ही सामाजिक न्याय रहा है । समाजवादी आंदोलन के सभी नेताओं ने चाहे वह बड़ी जाति के रहे हो या पिछड़ी जाति के सभी ने इस देश के सभी गरीबों और पिछड़ों को विशेष सुविधा प्रदान कर उन्हें आगे बढ़ाने की वकालत की थी । लोहिया जी का सपना था कि देश से जाति प्रथा समाप्त कर ऐसा समाज बनाया जाय जिसमें सभी को सामाजिक और आर्थिक समानता प्राप्त हो।

पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव ने विचार गोष्ठी में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि डा. लोहिया देश में अंग्रेजी हटाओ आन्दोलन के प्रणेता थे, वह इस मुद्दे पर बेबाक राय रखते थे, स्वभाषा (हिंदी) उनके लिए कोई राजनैतिक मुद्दा नहीं था, वह इसके सहारे देश के लाखों करोड़ों लोगों को हीन ग्रंथि से उबारकर उनके अन्दर स्वाभिमान भरने का सपना था ।
डा.लोहिया न केवल गंभीर चिंतक थे बल्कि वह सच्चे कर्मवीर थे ।

पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी के विशेष आमंत्रित सदस्य रामधारी यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि डा. लोहिया ही थे जो राजनीति में शुचिता और शुद्ध आचरण की बात करते थे । आज राजनीति में जाति,धर्म,पूंजी,बाहुबल,के बढ़ते दखल से भी राजनीति का रास्ता काफी टेढ़ा मेढ़ा हो गया है । आज हम सभी को डा. लोहिया को याद करते हुए राजनीति में शुचिता और नैतिकता स्थापित करने के लिए संघर्ष करने का संकल्प लेने की जरूरत है । यही हमारी उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।

इस गोष्ठी में मुख्य रूप से पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ नन्हकू यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, राम जी राय, रविन्द्र प्रताप यादव, डॉ सीमा यादव, तहसीन अहमद, कन्हैयालाल विश्वकर्मा,राजेंद्र यादव, अवधेश यादव उर्फ राजू यादव, कमलेश यादव,सुबच्चन यादव,सदानंद यादव, सुनील यादव, मो.जुम्मन,आत्मा यादव, विजय शंकर यादव,मारकन्डेय यादव,सत्या यादव ,दिनेश यादव,जमुना यादव,केसरी यादव, कैलाश नाथ यादव,, नफीसा बेगम,रीता विश्वकर्मा,रीना यादव,कंचन रावत,सतिराम यादव,वैजू यादव,विंध्याचल यादव, प्रभु नाथ राम रामदरश पाल, श्यामा यादव,अम्बिका यादव राजेश कुमार यादव,सुनीता यादव रामविजय चौहान, राजेश यादव, दारा यादव,राजेश गोड़, जयराम यादव अशोक यादव राजकिशोर यादव, द्वारिका यादव मौजूद रहे।

इस गोष्ठी का संचालन जिला सचिव एवं मीडिया प्रभारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने किया।

मांगों को लेकर छात्र नेताओं ने शुरू किया अनिश्चितकालीन धरना

गाज़ीपुर।पीजी कॉलेज के प्रांगण में छात्रों ने महाविद्यालय में हो रही समस्या को लेकर 32 सूत्रीय मांगों के सम्बन्ध में छात्रों ने गुरुवार से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया।

पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि छात्रों से महाविद्यालय में अवैध वसूली किया जा रहा है,छात्रों कि समस्या सुनने वाला समय पर कोई नहीं रहता है, छात्रसंघ चुनाव कराने में महाविद्यालय आनाकानी कर रहा है,जिसे छात्र बर्दाश्त नहीं करेंगे।

छात्र नेता निखिल राज भारती ने कहा कि महाविद्यालय में बीपीई का प्रवेश परीक्षा ले लिया गया है, परन्तु अब तक न तो रिजल्ट जारी किया है और ना ही प्रवेश लिया गया है, जबकि सभी अन्य संकायों में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है।महाविद्यालय द्वारा छात्रों पर तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है।

वही छात्र नेता प्रिंस प्रजापति ने कहा कि प्राचार्य महाविद्यालय में समय से नहीं आते हैं, मनमाने तरीके से कार्य कर रहे हैं और महाविद्यालय द्वारा छात्रों का आर्थिक के साथ ही मानसिक शोषण किया जा रहा है ।

छात्र नेता शैलेश यादव ने कहा कि सभी 32 सूत्रीय मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। छात्रों कि प्रमुख मांग मुख्य रूप से पुस्तकालय में नई शिक्षा नीति के अन्तर्गत पुस्तकें उपलब्ध कराने, कालेज कि वेबसाइट पर सभी सूचना और नई फीस विवरण उपलब्ध कराने, छात्रसंघ चुनाव कराने, कालेज के कैमरों को ठीक करने के साथ ही महाविद्यालय के गलियारों में सीसीटीवी कैमरे लगाने,साइकिल स्टैंड फीस कम करने, कालेज कि वेबसाइट को सरल करने, कालेज की वेबसाइट पर शिकायत पोर्टल उपलब्ध कराने के साथ ही महाविद्यालय में आफलाइन शिकायत काउन्टर बनाने, स्नातक द्वितीय,तृतीय स्नातकोत्तर द्वितीय में प्रवेश फार्म शुल्क निशुल्क करने सहित आदि मांग है।

धरना में शामिल छात्र नेता आरती बिन्द,रूची राय, धीरज सिंह, धन्नजय सिंह कुशवाहा,आकाश कुमार चौधरी, अमृतांश बिन्द,निलेश बिन्द,आकाश सिंह, ईश्वर यादव, राहुल कुमार, अभिषेक वर्मा,राम आशीष कुमार, रणविजय प्रताप,प्रशान्त कुमार, कृष्णा नन्द शर्मा,सत्यम शर्मा, सचिन यादव, सुजीत यादव,अनुप यादव,विजय कुमार, नितेश कुमार, आदित्य पाण्डेय, आलोक राय,अनुप बिन्द ,आकिब खां,शनि कुमार साहनी, दीपक उपाध्याय, प्रिंस प्रजापति, निखिल राज भारती आदि सैकड़ों छात्र मौजूद थे।

घर व आसपास न होने दें जल जमाव व गंदगी,नहीं तो रोगों को देंगे बुलावा

घर व आसपास न होने दें जल जमाव व गंदगी,
नहीं तो संक्रामक व संचारी रोगों को देंगे बुलावा

  • आ रहा है त्योहारों का सीजन, रखें साफ-सफाई व स्वास्थ्य का ख्याल
  • जन जागरूकता के साथ फॉगिंग व एंटी लार्वा छिड़काव का कार्य भी तेज
  • बचाव के लिए मच्छर रोधी क्रीम व मच्छरदानी का करें प्रयोग

गाजीपुर।त्योहारों का सीजन आ रहा है। यही मौका है कि घर, छत व आसपास के स्थानों की अच्छे से साफ-सफाई कर ली जाए। छत पर पड़े निष्प्रयोज्य बर्तनों, बोतलों, गमलों, टायरों, कूलर आदि में एकत्रित पानी को अलग कर सफाई कर ली जाए। घर के बाहर लगी झाड़ियों की कटाई कर ली जाए। जमा हुई गंदगी, कचरा आदि को भी दूर कर लिया जाए। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल का।
उन्होंने कहा कि घर व आसपास कहीं भी जल जमाव या गंदगी एकत्रित न होने दें, क्योंकि जिन स्थानों पर पानी ठहरेगा या जल जमाव की स्थिति पैदा होगी, वहाँ मच्छरों का लार्वा पनपेगा। इसकी वजह से वेक्टर (मच्छर, मक्खी आदि) जनित विभिन्न संक्रामक व संचारी रोग उत्पन्न होंगे। त्योहार के समय में सभी का स्वास्थ्य बेहतर हो, खुशहाल हो, इसके लिए हमें जागरूक और सतर्क रहने की आवश्यकता है। सीएमओ ने कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य समेत 10 विभागों के सहयोग से जनपद में विशेष संचारी रोग नियंत्रण माह अभियान भी संचालित किया जा रहा है। वायरल फीवर और डेंगू पर प्रभावी रोकथाम व नियंत्रण के लिए निरोधात्मक गतिविधियां नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने बताया कि जनपद में डेंगू, मलेरिया व मच्छर जनित अन्य बीमारियों को रोकने के लिए जन-जागरूकता का कार्य किया जा रहा है जिससे स्वयं के साथ-साथ अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सके। आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से घर-घर जाकर जन-जागरूकता के माध्यम से बदलते मौसम, संचारी रोगों से बचाव और साफ-सफाई के बारे में जानकारी दी जा रही है। शहरी क्षेत्र के लिए गठित की गयी नगर पालिका की टीम वार्ड और मोहल्लों में जाकर जन-जागरूकता के साथ ही फॉगिंग और एंटी लार्वा के छिड़काव का कार्य कर रही हैं, जिससे इन बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।
उन्होंने बताया कि वेक्टर जनित अधिकतर बीमारियाँ मच्छरों के काटने से फैलती हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए मच्छरों से बचाव करना बहुत जरूरी है। इसके लिए घर व आस-पास साफ-सफाई रखें तथा जल का भराव न होने दें। झाड़ियों और नालियों को साफ सुथरा रखें, आसपास रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल आयल या मिट्टी का तेल डालकर लार्वा को नष्ट करें, घर के दरवाजे और खिड़की पर मच्छर रोधी जाली लगाएं। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें। पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। कूलर, फ्रिज आदि को साप्ताहिक रूप से साफ करें। छत पर निष्प्रयोज्य बर्तन, पाइप, टायर, नारियल के खोल आदि न डालें। गमलों और फूलदानों को भी साफ रखें।
डीएमओ ने बताया कि इस साल अब तक डेंगू के 167 मरीज मिले हैं। डेंगू से अभी तक किसी की मृत्यु नहीं हुई है। वर्ष 2022 में 176 और 2021 में 115 डेंगू के एलाइजा पुष्ट मरीज पाये गए थे।
खानपान पर दें ध्यान – डीएमओ ने बताया कि बुखार की स्थिति में मरीज को पूरी तरह से आराम करना चाहिए। अधिक से अधिक तरल पदार्थों जैसे ताजे फलों का जूस, दाल का पानी, नारियल पानी, ओआरएस घोल, दूध-छाछ, ताजे फल, प्रतिरक्षा तंत्र मजबूत करने वाले खाद्य पदार्थों आदि का सेवन करना चाहिए। तले भुने, गरिष्ठ भोजन, दर्द निवारक दवाओं आदि से बचना चाहिए।
डेंगू, मलेरिया व बुखार में अंतर समझना जरूरी – डीएमओ ने बताया कि आम लोग यह नहीं समझ पाते हैं कि उन्हें मलेरिया हुआ है या डेंगू या सामान्य बुखार है। मलेरिया का बुखार ठंड देकर आता है तो डेंगू में लगातार बुखार के साथ हड्डियों-जोड़ों में दर्द रहता है। इस तरह के कोई भी लक्षण होने पर तुरंत नजदीकी प्राथमिक या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर चिकित्सक से परामर्श लेकर मलेरिया और डेंगू की जाँच करानी चाहिए। जनपद के सभी सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों पर मलेरिया व डेंगू के इलाज की सुविधा उपलब्ध है।

मुनी आगमन ताडका वध सीता राम मिलन

मुनी आगमन ताडका वध सीता राम मिलन

गाजीपुरअति प्राचीन श्रीराम लीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला केे दूसरे दि बुधवार को शाम 7ः00 बजे मुनि आगमन, ताड़का वध तथा सीता राम मिलन लीला का मंचन किया गया। बताते चले कि एक समय महर्षि विश्वामित्र अपने शिष्यों के साथ अपने सिद्ध आश्रम में यज्ञ का अनुष्ठान कर रहे थे कि अचानक सुबाहू मारीच नामक राक्षस उनके हवन कुण्ड में हड्डियो का ढेर तथा ऋषियों के खून इकट्ठा करके यज्ञ विध्वंस कर देते थे। महर्षि विश्वामित्र राक्षसों से परेशान होकर अपने आश्रम से अयोध्या के लिए राम लक्ष्मण को मांगने राजा दशरथ के पास पहुँचते है जब महाराज दशरथ को दूतों द्वारा पता चला कि विश्वामित्र मुनि दरवाजे पर खड़े है तो अपने कुल गुरू शतानन्द और ब्राम्हणों को लेकर उनके स्वागत केे लिए राज दरबार के गेट पर पहुँचते है उन्होंने महर्षि विश्वामित्र को देखकर साष्टांग दण्डवत प्रणाम किया और पूछा कि हे मुनि केहि कारण आगमन तुम्हारा कहहू सोनाथ मोहि विस्तारा इतना बात सुननेे के बाद विश्वामित्र ने कहा कि महाराज दशरथ मेरे यज्ञ हवन में सुबाहू मारीच नामक राक्षस विध्वंस कर दे रहे है मैं आपके पास आपके दोनों पुत्र श्रीराम व लक्ष्मण को लेने आया हूँ, विश्वामित्र की बात को सुनकर राजा दशरथ ने पहले कहा कि हे मुनि ये दोनों बालक छोटे है बड़े-बड़े राक्षसों का सामना कैसे कर सकते है इसके बाद महर्षि विश्वामित्र क्रोधित होते है उनके क्रोध को देखकर कुल गुरू वशिष्ठ ने अनेकों प्रकार से महाराज दशरथ को समझा-बुझाकर कहा कि हे राजन महर्षि विश्वामित्र उन दोनों राक्षसों को अपने श्राप से भष्म कर सकते थे परन्तु वे ऐसा न कर पायेंगे।

उनका सोचना हैं कि इसका सारा श्रेय आपके पुत्रों को देना चाहते है, महर्षि वशिष्ठ के बातों को ध्यान देते हुए तथा उनके आज्ञा से महाराज दशरथ अपने दोनों पुत्रों श्रीराम व लक्ष्मण को महर्षि विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा के लिए भेज देते है। महर्षि विश्वामित्र श्रीराम व लक्ष्मण को लेकर अपने आश्रम के लिए चल देते है, कुछ दूर पहुँचने पर घोर जंगल आया वहाँ पर श्रीराम व लक्ष्मण ने एक पत्थर को देखा उन्होने कहा कि हे महर्षि ये सुनसान जंगल में ये पत्थर किसका है, महर्षि विश्वामित्र ने श्रीराम से कहा हे राम यह पत्थर गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का है, गौतम ऋषि अपने श्राप से अपनी पत्नी को पत्थर बना दिया। अतः वह आपके चरण रज को चाहती है, गुरूदेव के आज्ञा पाकर श्रीराम ने पत्थर को अपने चरण रज से स्पर्श कर दिया जिससे वह पत्थर नारी के रूप में परिवर्तित हो गयी और अहिल्या श्रीराम जी का स्तुति करते साकेतपुर को चली गयी। श्रीराम लक्ष्मण विश्वामित्र के साथ आगे चलते है तो गंगा नदी के पास पहुँचकर उन्होंने गंगा जी का परिचय कराते हुए कहा कि हे राम ये मोक्ष दायिनी गंगा को आपके पूर्वज भगीरथ तपस्या करके धरती पर लाये है। उसी स्थान पर बैठ करके विश्वामित्र ने श्रीराम लक्ष्मण को पुष्ट देकर आदेश दिया कि हे राम आप दोनों भाई पतित-पावनी माँ गंगा का पूजन करे, पूजन-अर्चन के बाद विश्वामित्र मुनि श्रीराम लक्ष्मण को लेकर अपने आश्रम के लिए प्रस्थान कर देते है। थोड़ी दूर पहुँचने पर उन्हें घनघोर जंगल दिखायी दिया उसी जंगल के बीच श्रीराम ने पद चिन्ह देखा। पद चिन्ह देखकर श्रीराम ने पूछा कि हे मुनि यह पद चिन्ह किसका है, महामुनि विश्वामित्र ने कहा कि हे राम यह जंगल ताडका वन के नाम से विख्यात है। यही पर राक्षसी ताड़का कही छिपी हुई है, इतना सुनते ही श्रीराम ने अपने धनुष से टंकार किया। टंकार सुनकर राक्षसी ताड़का महामुनि विश्वामित्र के ऊपर प्रहार करना चाही। इतने में श्रीराम ने एक ही बार में अपने बाण से राक्षसी ताडका का वध कर डाला। इसके बाद विश्वामित्र मुनि यज्ञ हवन सकुशल सम्पन्न होने के बाद दूसरे दिन महाराज जनक द्वारा निमंत्रण पाकर जनकपुर के लिए यज्ञ उत्सव देखने के लिए चल देते है। वहाँ पहुँचकर उन्होने आम्र पल्लवी आश्रम में एक दिन विश्राम करते है दूसरे दिन महर्षि विश्वामित्र के पूजा के लिए श्रीराम बगीचे में पहुँचते है जहाँ पर सीता जी अपने भ्रमण केे दौरान पुष्प वाटिका मे थी। वहीं सीता और राम का सुन्दर मिलन होता है।

इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक दिनेश राम वर्मा, उप प्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, राजेश प्रसाद, अशोक अग्रवाल, विशम्भर नाथ गुप्ता, डा0 गोपाल पाण्डेय, पं0 कृष्ण कृष्ण बिहारी त्रिवेदी पत्रकार व रामसिंह यादव उपस्थित थे।

राजकीय महिला महाविद्यालय में ‘नवागत स्वागत’कार्यक्रम का आयोजन

गाज़ीपुर।शिक्षणेत्तर गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अत्यधिक सहायक होती हैं। विद्यार्थियों की वास्तविक दीक्षा पठन-पाठन के साथ विविध कार्यक्रमों के माध्यम से जीवन के विभिन्न रंगों को अपने जीवन में उतारने और उत्साह के साथ जीवन पथ पर आगे बढ़ाने में होती हैं। नए विद्यार्थी महाविद्यालय की गतिविधियों और यहां के रीति-रिवाज और मूल्यों को अपने अंदर अपनी वरिष्ठ साथियों से सीख कर आत्मसात जरूर करेंगे।विद्यार्थी में स्वस्थ और तनावमुक्त रहेंगे। उपरोक्त बातें प्राचार्य प्रोफेसर सविता भारद्वाज ने राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर में 10 अक्टूबर को राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर मनोविज्ञान विभाग की ओर से आयोजित ‘नवागत स्वागत’ के अवसर पर कही। कार्यक्रम की अध्यक्षता मनोविज्ञान परिषद के प्रभारी डॉ शिव कुमार ने किया।


इसके पूर्व कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण और स्वागत गीत से हुई। मनोविज्ञान परिषद की छात्राओं ने टीका और लघु उपहार के माध्यम से अपनी छोटी बहनों का स्वागत किया। वरिष्ठ छात्राओं ने रंगारंग गीत, नृत्य एवं कविताओं एवं नाट्य प्रस्तुतियों से अपने प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अपनी नवागत बहनों का रंगारंग समारोह पूर्वक स्वागत किया। साक्षी कुमारी, अंजलि अग्रहरी, शांति सोनी, सोना तिवारी, अनुकृति ने एकल नृत्य प्रस्तुतियां दी, तो सुप्रिया- दीक्षा ने भूत नृत्य; प्रियंका अंजलि सोना तिवारी ने बॉलीवुड मिक्स नृत्य प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। छात्राओं ने प्रवेश से लेकर पढ़ाई, परीक्षा, परिणाम और मस्ती तक के विद्यार्थी जीवन को एक संगीतमय नाटक के रूप में प्रस्तुत कर सभी का दिल जीत जीत लिया।


छात्राओं ने फ्रेशर्स को कैटवॉक, बैलून गेम, म्यूजिकल चेयर आदि के माध्यम से शांति सोनी को मिस् फ्रेशर, अंजलि अग्रवाल को ग्रेट स्माइल, मंजरी खातून को मिस जीनियस एवं साक्षी कुमारी को ग्रेट परफॉर्मर के रूप में चयनित किया। उपस्थित अध्यापकों द्वारा तियारा भेंट कर सम्मानित किया गया। इस रंगारंग कार्यक्रम का संचालन रितु यादव एवं मालती द्वारा तथा संयोजन मनोविज्ञान परिषद की छात्राओं पूर्णिमा, मुस्कान, सुप्रिया, जिया, पायल,बुशरा खान, रिश, बुशरा अली आदि छात्राओं द्वारा किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से डॉ अकबरे आजम, डॉ अनिता कुमारी, डॉ विकास सिंह, डॉ शिखा सिंह, डॉ नेहा कुमारी, डॉ सारिका सिंह, डॉ संगीता, डॉ पीयूष सिंह आदि उपस्थित रहें।

नारी शक्ति वंदन सम्मेलन:प्रधानमंत्री के प्रति महिलाओं ने जताई कृतज्ञता

महिलाओं ने प्रधानमंत्री के प्रति जताई कृतज्ञता

अवध पैराडाइज मे नारी शक्ति वंदन सम्मेलन आयोजित

गाजीपुर। नारी शक्ति वंदन अधिनियम व्यापक दृष्टि वाला एक ऐसा कानून हैं,जिसकी शक्ति से प्रत्येक स्तर पर आधी आबादी को आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।आज यह बात भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश मंत्री मीना चौबे ने गाजीपुर सदर विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद ज्ञापित करने हेतु नगर के अवध पैराडाइज में आयोजित नारी शक्ति वन्दन सम्मेलन में महिलाओं को सम्बोधित करते हुए कही, उन्होंने कहा कि इस कानून के बनने से विधानसभा और लोकसभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी। और भारतीय जनता पार्टी सरकार का यह सदैव पूरा-पूरा प्रयास है कि महिलाएं आत्मनिर्भर बन स्वावलंबी भारत के निर्माण में सहयोगी बने। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में महिलाओं के मजबूत स्थिति को कोई नकार नहीं सकता।

क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरोज कुशवाहा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं के समृद्धी और सम्मान का मार्ग प्रशस्त हुआ है। महिलाओं के कल्याण के लिए समर्पित योजनाओं के माध्यम से जहां शिक्षा, रोजगार और आर्थिक समृद्धि की पूरी व्यवस्था निहित है,वहीं उनके सम्मान को बढ़ाने का भी काम सरकार ने किया है।

महिला मोर्चा की क्षेत्रीय अध्यक्ष नम्रता चौरसिया ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व मे लगातार 9 वर्षों से चल रही सरकार के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिलाओं के लिए लाया गया यह कानून निर्णायक पहल है, यह कानून आधी आबादी के सम्मान के साथ साथ 33% आरक्षण से महिलाओं के हिनता और दीनता को समाप्त करेगा।और आगामी लोकसभा चुनाव में मातृ शक्ति के बल पर पुनः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारी बहुमत की सरकार बनने जा रही है।

जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने उपस्थित अतिथियों का स्वागत अभिनन्दन किया।कार्यक्रम संयोजक नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने सबके प्रति धन्यवाद आभार व्यक्त किया।

अध्यक्षता डा. उमा शर्मा तथा संचालन महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष किरन सिंह ने किया।


कार्यक्रम में निवर्तमान जिलध्यक्ष भानुप्रताप सिंह, कृष्ण बिहारी राय,प्रो शोभनाथ यादव, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष साधना राय,पूनम मौर्या, सरोज मिश्रा, रीमा खरवार, माया सिंह, आशा प्रजापति, रंभा राय, बुच्ची बिन्द, करुणा श्रीवास्तव, लालमुनि गोड,मीनू मौर्या, सुनीता सिंह, उषा जायसवाल, कुसुम बिंद, प्रीति गुप्ता, दयाशंकर पांडेय, प्रवीण सिंह जिला मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा सहित आदि अन्य लोग उपस्थित थे।

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