डेंगू से बचना है तो करें यह उपाय

गाजीपुर। डेंगू, एडीज़ मादा मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपते हैं। इसलिए आवश्यक है कि घरों में मौजूद कूलर, गमले के नीचे जमा पानी, टायरों, छत और खाली पत्रों में जमा हुए पानी को हर हफ्ते खाली करें, जिससे मच्छर का लार्वा न पनप सके। समय पर जांच और उपचार कराने से डेंगू पूरी तरह ठीक हो सकता है। लापरवाही करने से यह गंभीर रूप ले सकता है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ सुनील पाण्डेय का। वह राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर शुक्रवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित हुई गोष्ठी में कह रहे थे।
सीएमओ ने कहा कि इस वर्ष डेंगू दिवस की थीम ‘’देखें, साफ करें, ढके रू डेंगू को हराने के उपाय करें। इसके लिए डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव एवं रोकथाम के लिए अधिक से अधिक लोगों में जागरूकता लायी जाए। आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा रोकथाम के लिए “क्या करें और क्या न करें” के बारे में बताया जाए। घर व आसपास कहीं भी जल जमाव न होने दें। डेंगू की रोकथाम के लिए विभाग ने अभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ जे एन सिंह ने कहा कि तालाब और नालियों की नियमित सफाई के लिए, फॉगिंग-छिड़काव की व्यवस्था कराने के लिए, संक्रमण और प्रदूषण की उत्तरदायी खुली नालियों को ढक कर रखें। नगरीय एवं ग्रामीण इलाकों में पेयजल स्रोतों एवं संसाधनों से शौचालयों के सीवर को उचित दूरी पर स्थापित करें। इस कार्य को पूरा करने के लिए जिला मलेरिया अधिकारी, नगर विकास और पंचायती राज विभाग का सहयोग लें।    
कार्यक्रम का संचालन कर रहे सहायक मलेरिया अधिकारी संतोष कुमार ने कहा कि डेंगू, वायरल और मच्छर जनित रोग है। इससे ग्रसित मरीजों का बदन टूटता है और अधिक दर्द होता है। डेंगू बुख़ार के कुछ लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते तथा मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द शामिल होता है। डेंगू का एक लक्षण रक्तस्रावी बुख़ार भी है जिसके कारण रक्त ले जाने वाली नलिकाओं में रक्तस्राव या रिसाव होता है जिससे प्लेटलेट्स का स्तर कम धीरे-धीरे कम होने लगता है। दूसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम है, जिससे खतरनाक रूप से निम्न रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) होता है। इस प्रकार के कोई भी लक्षण दिखते ही नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में जाकर सम्पूर्ण इलाज कराएं। जनपद के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा जिला अस्पताल में जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध है। इस मौके अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार सिंह समेत अन्य चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

डीएम और एसपी ने किया शिकायतों का निस्तारण

गाजीपुर। जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु तृतीय शनिवार को सम्पूर्ण समाधान दिवस तहसील सेवराई में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डा0 ईरज राजा की उपस्थिति में तहसील सभागार मे सम्पन्न हुआ। जिसमे 203 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए मौके पर 22 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातांे तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 585 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए जिसमें मौके पर  65 शिकायत/प्रार्थना पत्रो  का निस्तारण किया गया।


जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर आम जनमानस की शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए कुछ शिकायतों का निस्तारण मौके पर ही कराया तथा शेष शिकायतों को सम्बंधित अधिकारियों को अग्रसारित करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु निर्देशित किया गया। इस अवसर पर पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि जमीनी विवाद और आपसी विवाद एक ही विषय से सम्बन्धित होते है इसलिए राजस्व विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए विवादों का निस्तारण सुनिश्चित करें। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सेवराई संजय यादव, जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज, परियोजना निदेशक दीन दयाल वर्मा, डी सी मनरेगा विजय कुमार यादव, तहसीलदार सेवराई, एवं समस्त जनपदस्तरीय  अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यकाल नहीं बढ़ा तो सरकार के खिलाफ जाएंगे प्रधान

गाजीपुर। सदर ब्लॉक के सभागार में प्रधान संघ की बैठक शनिवार को संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मदन सिंह यादव ने की तथा संचालन योगी सिंह यादव ने किया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 26 मई तक 15वें वित्त, पांचवें वित्त तथा मनरेगा के अंतर्गत पक्के कार्यों के लंबित भुगतान को पूरा कराया जाए। साथ ही यह भी तय किया गया कि जब तक सरकार द्वारा प्रशासक के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक ग्राम पंचायत का कोई कार्य नहीं किया जाएगा।
प्रधान संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाती है अथवा उन्हें वित्तीय अधिकारों के साथ प्रशासक नियुक्त करती है, तो संगठन सरकार का समर्थन करेगा। वहीं, यदि एडीओ पंचायत को प्रशासक बनाया जाता है, तो संगठन सरकार का विरोध करेगा तथा वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में 20 मई को लखनऊ नहीं जाने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में रजाई यादव (ब्लॉक अध्यक्ष, सैदपुर), बलवंत सिंह, संजय यादव, रामेश्वर यादव, राम प्रसाद यादव, सुभाष यादव, महेंद्र पाल, बृजलाल यादव (ब्लॉक अध्यक्ष, मोहम्मदाबाद), शशिकांत शर्मा, गोपाल पारसी, सोनू यादव, सत्यदेव यादव, जमालुद्दीन खान, जमशेद राईनी, आशुतोष मौर्य, शोएब, जनार्दन यादव, मोहन यादव, राजेश यादव, प्रदीप यादव, संजय यादव, अवधेश यादव, जवाहर बिंद, विपिन बिंद, कल्पना यादव, सिराज खान, ऋषिकेश यादव, गयासुद्दीन खान, श्रीमान यादव, सोनू यादव, रामानंद यादव (ब्लॉक अध्यक्ष, जमानिया), रमेश यादव (महासचिव, सादात), जुबेर अहमद सहित बड़ी संख्या में प्रधान उपस्थित रहे।

अधिवक्ताओं ने दी बच्चों को उनके मौलिक अधिकार की जानकारी

आर्टिकल 21 (A) के तहत प्रत्येक बच्चे को शिक्षा जीवन का सर्वांगीण विकास का मौलिक अधिकार – जिला अधिवक्ता कल्याण समिति
गाजीपुर। जिला अधिवक्ता कल्याण समिति विधिक जागरूकता पर आधारित संस्था बी-लीगल के तत्वावधान में संचालित नो योर राइट्स कैंपेन में 14 मई 2026 को डिलियां क्षेत्र स्थित लोक भारती इंटर कॉलेज में विधिक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया गया।


सेमिनार में उपस्थित आर एन सिद्दकी ने संविधान को विस्तृत रूप से बच्चों के मध्य रखते हुवे संविधान के अनुच्छेद के संबंध में और संविधान की अधिकारों के ताकत से अपने अधिकारों को कैसे प्राप्त करे उसपर विस्तृत चर्चा कर अवगत कराया कि, संविधान के मौलिक अधिकार के तहत बच्चों को किसी भी प्रकार का प्रति व्यक्ति शुल्क देने की आवश्यकता नहीं होती है साथ ही मुफ्त शिक्षा और उचित स्कूल की व्यवस्था करना भी सरकार का दायित्व है।

उपस्थित न्यायालय वाराणसी के अधिवक्ता धनंजय सिंह ने मौलिक अधिकार के संबंध में विस्तृत चर्चा कर मौलिक अधिकारों में बताया कि, यह कानून बच्चों को शिक्षा पाने का संवैधानिक अधिकार देता है। राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह 6 वर्ष से 14 वर्ष के बच्चों को मुफ्त शिक्षा प्रदान करे। इस अधिकार के तहत यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक या सामाजिक कारणों से कोई भी बच्चा प्रथमिक शिक्षा से वंचित न रहे। जिला न्यायालय के अधिवक्ता राकेश कुमार ने बताया कि Article 21A प्रत्येक बच्चे को शिक्षा का मौलिक अधिकार प्रदान करता है। इसके अंतर्गत राज्य 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बच्चों को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने का प्रावधान करता है।


उन्होंने कहा कि उक्त आर्टिकल 21 (A) को भारतीय संविधान के 86वें संशोधन अधिनियम 2002 के तहत जोड़ा गया तथा इसे लागू करने के लिए भारत सरकार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) Act 2009 को (4 अगस्त 2009) को पारित किया जो (1 अप्रैल 2010) से प्रभावी हुआ। उपस्थित अधिवक्ता चंद्र मोहन सिंह ने आर्टिकल 21a में शिक्षा के अधिकार के तहत अवगत कराया कि शिक्षा वह प्रक्रिया है, जिससे मनुष्य अपने अंदर की क्षमताओं की विकसित कर, समाज में सही तरीके से जीवन जीना सीखता है। जो मानव ज्ञान, कौशल, मूल्य, संस्कार और जीवन जीने की सही दिशा प्राप्त करता है। मूलभूत अधिकार जीवन का अधिकार केवल शारीरिक अस्तित्व तक सीमित नहीं बल्कि सम्मानजनक जीवन का अधिकार सुनिश्चित करता है।

इस दौरान प्रोफेसर आनंद कुशवाहा ने कहा कि बी-लीगल का प्रयास है कि प्रत्येक व्यक्ति को उनके संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरुक किया जाये जिससे समाज में और भी सशक्तता का वातावरण बनें और इसके लिए सामाजिकता के साथ संवैधानिकता का समन्वय आवश्यक है। इस अवसर पर सेमिनार के दौरान प्रश्नोत्तरी सत्र का भी आयोजित हुआ जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर प्रश्नों का उत्तर दिया । जिसके उपरांत छात्रों में से लिस्नर ऑफ द डे का चयन किया गया। लिस्नर ऑफ द डे के रूप में चयनित कक्षा 10 की छात्रा शिवानी यादव को संविधान की एक प्रति टीम लीगल द्वारा प्रदान कर सम्मानित किया गया।

अंत में कॉलेज के प्रिंसिपल ओमप्रकाश यादव द्वारा बी-लीगल संस्था द्वारा संचालित विधिक जागरूकता कार्यक्रम को सराहते हुए कहा कि कॉलेजों में इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजनों से विद्यार्थियों में शिक्षा के प्रति उमंग के साथ सशक्तता का भाव उत्पन्न होता है साथ ही सम्मानित अधिवक्ता सहित पुरी टीम का आभार व्यक्त किया। सेमिनार का संचालन डीके विश्वा ने किया।

डीएम के निर्देश पर टीबी रोगियों में वितरित किया गया पोषण पोटली

गाजीपुर। शुक्रवार को निक्षय दिवस के अवसर पर जिला क्षय रोग केंद्र में एक विशेष एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिलाधिकारी के द्वारा जिला स्वास्थ्य समिति के बैठक में दिए गए निर्देश के क्रम में प्रत्येक टी बी रोगीयो को गोद लेकर पोषण पोटली दिया जाएगा। जिसका शुभारंभ आज कर दिया गया है।


इस अवसर पर समाजसेवी निशात सिंह के सहयोग से टीबी (क्षय रोग) से ग्रसित मरीजों को पोषण पोटली का वितरण किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मरीजों के पोषण स्तर में सुधार करना तथा उनके उपचार को अधिक प्रभावी एवं सफल बनाना रहा।


इस दौरान उपस्थित सभी टीबी मरीजों को संतुलित एवं पौष्टिक आहार के महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया। चिकित्सकों द्वारा यह भी समझाया गया कि टीबी एक पूर्णतः उपचार योग्य रोग है, बशर्ते मरीज नियमित रूप से दवाओं का सेवन करें, समय पर जांच कराएं तथा चिकित्सकीय सलाह का पालन करें। साथ ही मरीजों को किसी भी प्रकार की लापरवाही न करने और स्वास्थ्य सेवाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।


इस कार्यक्रम में जिला क्षयरोग अधिकारी डॉ रवि रंजन,डॉ. राजेश सिंह, डॉ. रवि रंजन द्वितीय, डाक्टर मिथिलेश सिंह, मोहम्मद फिरोज, विवेक सिंह, संजय सिंह यादव, वेंकटेश्वर प्रसाद शर्मा एवं सुनील कुमार वर्मा उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने मिलकर कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया तथा “टीबी मुक्त भारत” अभियान को सफल बनाने का संकल्प दोहराया।

किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा नहीं किया जाएगा बर्दाश्त:डीएम

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश के क्रम में राजस्व गांवों में अवैध कब्जों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को प्रशासनिक टीमों द्वारा प्रभावी कार्रवाई करते हुए कई स्थानों पर सरकारी भूमि, अवैध कब्जा निम्नलिखित धाराओं के तहत कब्जा मुक्त कराते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये।

तहसील कासिमाबाद में 09 राजस्व ग्राम में 21 स्थानो पर धारा-124, 116, 67 के अन्तर्गत कुल 0.024 हेक्टेयर, तहसील जमानियॉ में 04 राजस्व ग्रामो में कुल 21 स्थानो पर कुल 0.902 हेक्टेयर, तहसील सदर में 13 राजस्व ग्राम में 21 स्थानो पर कुल 6.341 हेक्टेयर, तहसील सेवराई में 08 राजस्व ग्रामो में 21 स्थानो पर कुल 5.351 हेक्टेयर, तथा तहसील सैदपुर में 06 राजस्व ग्रामो में 11 स्थानो पर कुल 3.038 हेक्टेयर, तहसील जखनियॉ में 15 राजस्व ग्रामों में 20 स्थानो पर कुल 5.4996 हेक्टेयर, एवं तहसील मुहम्मदाबाद में 10 राजस्व ग्रामों में 13 स्थानो पर कुल 4.978 हेक्टेयर में पत्थर गड़ी का कार्य रास्तो को कब्जा मुक्त अवैध कब्जामुक्त कराया गया।


अभियान के दौरान टीमों ने राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कर अवैध भूमि कब्जा, चकमार्ग को खाली कराते हुए चकरोड़ निर्माण कार्य करया गया तथा पोखरो को अवैध कब्जो पर किए गए अवैध कब्जों को चिन्हित किया। इसके उपरांत जेसीबी एवं अन्य संसाधनों की सहायता से अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही लगातार की जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिए कि अवैध भूमि/किसान की जमीनो पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

प्रशासन द्वारा कब्जा मुक्त कराई गई भूमि को संबंधित विभाग को सुपुर्द कर दिया गया है। साथ ही स्थानीय लोगों से अपील की गई कि वे अवैध कब्जा न करें एवं किसी भी प्रकार की शिकायत होने पर तत्काल प्रशासन को सूचित करें।

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की डीएम ने की समीक्षा, दिए बैंकों को निर्देश

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा बैठक शुक्रवार को कलेक्टेªट सभागार में आहूत की गयी। बैठक में आलोक प्रसाद, मुख्य विकास अधिकारी, सच्चिदानन्द तिवारी परियोजना अधिकारी यूपीनेडा, राजदेव कुमार, जिला अग्रणी प्रबन्धक समस्त अधिशासी अभियन्ता, विद्युत वितरण खण्ड/मीटर परीक्षण खण्ड, पीयूष कुमार, जी०एम०आ० स्मार्ट गीटर के प्रतिनिधि एवं समस्त जिला समन्वय, बैंक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान यूपी नेडा द्वारा बताया गया कि परियोजना अधिकारी द्वारा योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के अन्त तक जनपद के कुल 7009 घरों पर सोलर रूफटॉप की स्थापना लक्ष्य के सापेक्ष वर्तमान में जनपद में कुल 3167 सोलर रूफटॉप स्थापना कार्य पूर्ण होने के सम्बंध में अवगत कराया गया,

जिसके उपरान्त वर्तमान में बैंको में कुल 941 लम्बित लोन पत्रावलियों के सम्बंध में जिलाधिकारी को संज्ञानित कराया गया। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा सम्बन्धित बैंक शाखाओं में लम्बित, पत्रावलियों के सम्बंध में रोष व्यक्त करते हुये बैठक में उपस्थित जिला अग्रणी प्रबन्ध एवं समस्त बैंकों के जिला समन्वयकों को विशेष अभियान चलाकर एवं सम्बन्धित बैंक शाखाओं में सम्पर्क कर 1 माह से अधिक दिनों की लम्बित पत्रावलियों को 3 दिवस में तथा 1 माह के अन्दर की लम्बित लोन पत्रावलियों को 7 दिवस में आवश्यक कार्यवाही कर उनका डिस्वर्तल सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गये। यह भी निर्देशित किया गया कि अनावश्यक किसी भी पत्रावलियों का रिजेक्शन बैंक शाखाओं द्वारा न किया जायें, तथा लोन निर्गगन में बैंक शाखाओं द्वारा अनावश्यक विलम्ब अथवा हिला-हवाली करने वाले शाखा प्रबन्धको को चिन्हित कर उनके विरुद्ध अनुशास्नात्मक कार्यवाही हेतु सम्बन्धित बैंक मुख्यालय को पत्र प्रेषित किया जाये।


जिलाधिकारी ने बैठक में उपस्थित समस्त अधिशासी अभियन्ता को विद्युत विभाग के अन्तर्गत लम्बित इंस्पैक्शन कार्य को पोर्टल पर 3 दिवसों के अन्दर समाप्त करने तथा मीटर की स्थापना, कॉन्फीग्रेशन कार्य को यथाशीघ्र पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये गये। साथ ही विद्युत बिल संशोधन के कार्यों हेतु समस्त डिविजनो पर मेगा कैम्प आयोजित कर उनका निस्तारण सुनिश्चित किया जाये। जिलाधिकारी द्वारा समस्त वेन्डरों को जनपद की प्रमुख सार्वजनिक जगहो यथा- तहसील भवन, नगर पालिका कार्यालय, शिक्षा विभाग के कार्यालयों एवं विद्युत वितरण खण्ड /उपखण्डों पर कैम्प के माध्यम से लोगो को योजनान्तर्गत सोलर रुफटायें की स्थापना कराये जाने के सम्बंध में जागरूक करने हेतु प्रचार-प्रसार भी किये जायें।

सौंपा ज्ञापन, 21 मई से ‘नो पे-नो वर्क’ की चेतावनी

एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने लंबित मानदेय हेतु सौंपा ज्ञापन; 21 मई से ‘नो पे-नो वर्क’ की चेतावनी

​गाजीपुर। प्रदेश नेतृत्व के आवाहन पर शुक्रवार को जनपद स्तरीय एनएचएम संविदा कर्मचारी संगठन ने विगत तीन माह से लंबित मानदेय के भुगतान की मांग को लेकर मिशन निदेशक (NHM) को संबोधित एक ज्ञापन प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को सौंपा।

​संगठन के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने अपनी आर्थिक समस्याओं को साझा करते हुए शासन-प्रशासन के विरुद्ध रोष प्रकट किया। जिला अध्यक्ष ने स्पष्ट रूप से कहा कि संविदा कर्मचारी पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन पिछले तीन महीनों से मानदेय न मिलने के कारण उनके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।

​अल्टीमेटम और कार्य बहिष्कार की घोषणा:

ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने प्रशासन को 20 मई तक का समय दिया है। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर लंबित मानदेय का भुगतान सुनिश्चित नहीं किया जाता है, तो आगामी 21 मई से “नो पे-नो वर्क” (No Pay-No Work) की नीति के तहत जनपद के समस्त संविदा कर्मचारी पूर्णतः कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। इस आंदोलन और इससे उत्पन्न होने वाली किसी भी विषम परिस्थिति की समस्त जिम्मेदारी शासन एवं प्रशासन की होगी।

​प्रतिनिधिमंडल में सम्मिलित सदस्य:

इस अवसर पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह के साथ अनिल कुमार शर्मा, मोहम्मद अजहर खान, अरुण कुमार सिंह, राधेश्याम यादव, मिथिलेश कुमार, संदीप कुमार पाल, मोहम्मद अरशद जमाल, अरविंद कुमार यादव, आनंद किशोर, अशोक कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

सेवा निवृत कर्मचारी एवं पेंशनर एशोसिएशन की मासिक बैठक सम्पन्न


सेवा निवृत कर्मचारी एवं पेंशनर ऐशो की मासिक बैठक सम्पन्न।
आल इंडिया राज्य पेंशनर ऐशो के राष्ट्रव्यापी चरणबद्ध आंदोलन की सफलता हेतु रणनीति बनी।
पेंशनर्स को आठवें वेतन आयोग की संस्तुतियों का लाभ दिलाने हेतु प्रधान मंत्री को संबोधित हस्ताक्षर याचिका अभियान अन्तिम चरण में।
जिलाधिकारी द्वारा लोक हित किए जा रहे कार्यों की मुक्त कण्ठ से सराहना।
18 मई स्व बी एन सिंह की पुण्य तिथि को संघर्ष दिवस के रूप में मनाने का निर्णय


गाजीपुर। सेवा निवृत कर्मचारी एवं पेंशनर ऐशो जनपद शाखा की मासिक बैठक शुक्रवार को जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट परिसर के पेंशनर्स भवन में जिलाध्यक्ष मुक्तेश्वर श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। जिलाध्यक्ष ने बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर आठवें वेतन आयोग की संस्तुतियों से केन्द्र सरकार द्वारा वित्त विधेयक अधिनियम में संशोधन कर पेंशनरों को वंचित करने की साजिश के विरुद्ध चलाए जा रहे राष्ट्र व्यापी चरण बद्ध के द्वितीय चरण में प्रधानमंत्री को संबोधित हस्ताक्षर याचिका अभियान के अन्तिम चरण में एक हजार का लक्ष्य पूर्ण कर प्रांतीय नेतृत्व को भेज दिया जायेगा।

कार्यकारी अध्यक्ष अम्बिका दूबे ने बताया कि यह ऐशो पेंशनर्स विगत चार साल से पेंशनर भवन के नव निर्माण हेतु पूर्ववर्ती एवं वर्तमान जिलाधिकारी से निरन्तर सम्पर्क कर मांग करता रहा है, वर्तमान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने ऐशो की शिष्ट मण्डल को आश्वस्त किया कि उक्त जर्जर पेंशनर भवन के नव निर्माण हेतु अति शीघ्र प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी जाएगी, जिला मंत्री जनार्दन सिंह ने ऐशो के सदस्यों से नवीनीकरण शुल्क जमा करने की अपील की, कोषाध्यक्ष अशोक कुमार ने संगठन के सहयोग हेतु विशेष सहयोग शुल्क जमा करने का अनुरोध किया , संरक्षक बरमेश्वर उपाध्याय ने जनपद के समस्त सेवा निवृत कर्मचारी एवं पेंशनरों से आपसी मतभेद भुला कर प्रस्तावित आन्दोलन को सफल बनाने का आग्रह किया ।


बैठक को मुख्य रूप से बाल कृष्ण यादव, डाक्टर पारस नाथ सिंह , डाक्टर दिनेश सिंह, प्रख्यात कवि दिनेश चन्द्र शर्मा, अमर नाथ तिवारी,रमाशंकर यादव, लल्लन सिंह, नरेन्द्र सिंह, जीयुत शर्मा , जगदीश गुप्ता, जय प्रकाश वर्मा, राम राज कुशवाहा, देऊ राम, शिव शंकर सिंह चंद्र बली प्रजा पति,मुहम्मद आरिफ आदि ने संबोधित किया, अध्यक्षता मुक्तेश्वर श्रीवास्तव एवं संचलन जनार्दन सिंह एवं अम्बिका दुबे ने संयुक्त रूप से किया, सभी के प्रति धन्यवाद, आभार जिलाध्यक्ष मुक्तेश्वर श्रीवास्तव ने व्यक्त किया।

डीएम ने किया सचिवालय का उद्घाटन

गाजीपुर। जनपद के विकास कार्यों को गति प्रदान करने एवं ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद  के विकास खंड मोहम्मदाबाद अंतर्गत ग्राम पंचायत शेरपुर भॉवरकोल में नवनिर्मित भव्य ग्राम पंचायत सचिवालय का उद्घाटन शुक्रवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला द्वारा विधिवत फीता काटकर एवं शिलापट्ट का अनावरण कर किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने ग्रामिणों से कहा कि ग्राम सचिवालय शेरपुर में एक सौगात है। आपकी सारी समस्या एक ही स्थान पर सुनी जायेगी एवं ग्रामीण जनता को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह सचिवालय लखनऊ सचिवालय की तुलना में बेहतर बना है।


उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने सचिवालय भवन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता एवं संरचना की सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत सचिवालय ग्रामीण प्रशासन को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह भवन ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं प्रशासनिक सेवाओं का लाभ सुगमता एवं पारदर्शिता के साथ उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर बेहतर आधारभूत सुविधाओं के विकास से शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकता है। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत शेरपुर के जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामवासियों को इस उत्कृष्ट कार्य के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह भवन सामूहिक सहभागिता एवं जनसहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास कार्य की सफलता तभी संभव है जब उसमें जनसहभागिता सुनिश्चित हो। ग्रामवासियों द्वारा दिए गए सहयोग एवं सकारात्मक सहभागिता के कारण ही सचिवालय भवन का निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो सका है।


उन्होंने उपस्थित अन्य ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से भी आह्वान किया कि वे अपनी-अपनी ग्राम पंचायतों में इसी प्रकार गुणवत्तापूर्ण पंचायत सचिवालयों एवं अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि पंचायत सचिवालय ग्रामीण विकास की धुरी हैं तथा इनके माध्यम से ग्रामीणों को विभिन्न प्रमाण पत्र, पेंशन, मनरेगा, आवास एवं अन्य योजनाओं से संबंधित सेवाएं एक ही स्थान पर प्राप्त हो सकेंगी। कार्यक्रम के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा सचिवालय भवन की विशेषताओं एवं उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी दी गई। उद्घाटन अवसर पर जनप्रतिनिधियों ने जिलाधिकारी का स्वागत किया तथा ग्राम पंचायत के विकास हेतु निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया। लोकापर्ण के उपरान्त वहा पर उपस्थित बच्चो/बच्चियों को मिठाई भी अपने हाथो से बाटे। सचिवालय का निर्माण के समय उसकी गुणवत्ता और उसके कार्यो में मजबूती रखी जाय। इस अवसर पर संबंधित विभागीय अधिकारी, ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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