राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से की मुलाकात सेना की भूमि से बेदखल परिवारों के लिए आवास की मांग
गाजीपुर। राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने दिल्ली में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से शिष्टाचार भेंट की। राज्यसभा सांसद ने रक्षा मंत्री से चर्चा के दौरान कहा की गाजीपुर में रक्षा संपदा विभाग की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने से कुछ ऐसे भी असहाय, निर्धन परिवार है जिनके पास कोई अन्य जमीन या मकान ना होने से बेघर हो गए हैं उन्होंने रक्षा मंत्री से अनुरोध करते हुए कहा कि ऐसे परिवारों को चिन्हित करके आवास या भूमि पट्टा दिलाने हेतु आवश्यक दिशा- निर्देश जारी किया जाए। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राज्यसभा सांसद द्वारा प्रस्तुत विषय पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया।
राज्यसभा सांसद ने बताया की जब मैंने गाजीपुर की देवतुल्य जनता की अपेक्षाओं और जनहित के मुद्दों को उनके समक्ष रखा तो उन्होंने जिस गंभीरता आत्मीयता से प्रत्येक विषय को सुना उससे मुझे जनसमस्याओं के समाधान हेतु और अधिक आत्मबल व संकल्प की भावना प्राप्त हुई।साथ ही राज्यसभा सांसद ने बताया कि मैंने पूर्व में भी जिलाधिकारी गाजीपुर को इस विषय को पत्र के माध्यम से अवगत करा चुकी हूँ। सांसद डॉ संगीता बलवंत ने मांग किया कि जितने लोग अतिक्रमण हटाने के क्रम में बेघर हुए हैं जिन्हे रहने हेतु कोई अन्य आवास नहीं है उन्हें जल्द ही आवास या भूमि पट्टा किया जाए।
बौद्धिक ज्ञान प्रतियोगिता का पहला चरण सम्पन्न 3610 ने दी परीक्षा
गाजीपुर के नौ परीक्षा केंद्रों पर सामान्य ज्ञान, गणित, तार्किक, चित्रकला व निबंध की परीक्षा सम्पन्न
गाजीपुर। वेलफेयर क्लब गाजीपुर के तत्वावधान में आयोजित जनपद स्तरीय बौद्धिक ज्ञान प्रतियोगिता के प्रथम चरण के अंतर्गत सामान्य ज्ञान, गणित एवं तार्किक, चित्रकला तथा निबंध विषयों की परीक्षा जनपद के कुल नौ परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुई। प्रतियोगिता में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग कर अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया। गाजीपुर सदर क्षेत्र में रामदूत इंटरनेशनल स्कूल को मुख्य परीक्षा केंद्र बनाया गया, जहां केंद्र व्यवस्थापक सत्य प्रकाश तिवारी के अनुसार कुल 1430 पंजीकृत प्रतियोगियों में से 80 अनुपस्थित रहे। नंदगंज क्षेत्र स्थित रेनबो मॉडर्न स्कूल में केंद्र व्यवस्थापक नौशाद अहमद ने बताया कि 360 में से 26 प्रतियोगी परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो सके। सैदपुर क्षेत्र के एडूरेन ग्लोबल स्कूल देवचंदपुर में आयोजित परीक्षा के संबंध में केंद्र प्रभारी डॉ. जितेन्द्र कुमार ने जानकारी दी कि 580 पंजीकृत प्रतियोगियों में मात्र 04 अनुपस्थित रहे। वहीं मार्टिन्स चिल्ड्रेन एकेडमी भांवरकोल में केंद्र व्यवस्थापक सैफ अंसारी के अनुसार सभी 130 प्रतियोगी परीक्षा में उपस्थित रहे। चंदनी पब्लिक स्कूल में केंद्र व्यवस्थापक नूर अफसा ने बताया कि 240 पंजीकृत प्रतियोगियों में से केवल 04 अनुपस्थित रहे। राहुल सांकृत्यायन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गौसपुर में व्यवस्थापक मो. शाहिद के अनुसार 150 में 15 प्रतियोगी अनुपस्थित रहे। ओम साईं पब्लिक स्कूल में केंद्र प्रभारी सत्यदेव दूबे ने जानकारी दी कि 450 प्रतियोगियों में से 22 अनुपस्थित रहे। एस.एस. पब्लिक स्कूल, लावा नेवादा में केंद्र व्यवस्थापक अजय यादव के अनुसार सभी 195 प्रतियोगी परीक्षा में सम्मिलित हुए। वहीं कुश बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दिलदारनगर में केंद्र व्यवस्थापक रामनाथ कुशवाहा ने बताया कि 373 पंजीकृत प्रतियोगियों में से 12 अनुपस्थित रहे। परीक्षा के सुचारु संचालन हेतु पीजी कॉलेज टेरी के चयनित एवं प्रशिक्षित छात्र-छात्राओं को कक्ष निरीक्षक के रूप में तैनात किया गया था। इनके संचालन में ग्रुप लीडर रुक्मिणी सिंह एवं राकेश कुमार मौर्य का विशेष सहयोग सराहनीय रहा। क्लब संरक्षक धीरेन्द्र त्रिपाठी एवं क्लब अध्यक्ष डॉ. शरद कुमार वर्मा के निर्देशन में प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इसके अतिरिक्त पवन पांडे, प्रतीक यादव तथा सोनी यादव को प्रेक्षक के रूप में नामित किया गया था, जिन्होंने विभिन्न केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
गाजीपुर। आदर्श गांव हाथी खाना स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर रविवार को सघन पल्स पोलियो अभियान का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ० सुनील पांडेय एवं अन्य कई चिकित्साधिकारियों के साथ दीप प्रज्वलित कर नौनिहालों को दो बूंद पल्स पोलियों पिलाकर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया।
इस अवसर पर श्री मिश्र ने वहाँ उपस्थित सभी बच्चों में फल, बिस्किट, चिप्स आदि का उपहार भेंट किया जिसे पाकर बच्चें बहुत प्रसन्न दिखे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री मिश्र ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आदरणीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश व प्रदेश के साथ-साथ पूर्वांचल में विशेषकर गाज़ीपुर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है।
टाटा कैंसर इंस्टिट्यूट एवं शंकर नेत्रालय को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी में लाकर एक बड़ी सौगात पूर्वांचल को दी है एवं गाजीपुर में मेडिकल कॉलेज देकर जिले की स्वास्थ्य के क्षेत्र में अति जरूरत को पूरा करने का काम किया। कहा कि पहले गाजीपुर में छोटी-छोटी बीमारियों में भी मरीजों को अन्य जनपदों में जाना पड़ता था। आज गाजीपुर में बड़ी-बड़ी बीमारियों के इलाज के साथ-साथ गाजीपुर में एम.आर.आई. एवं सीटी स्कैन जैसी सुविधा भी उपलब्ध हो रही है जिससे गाजीपुर की जनता को स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी सुविधा प्राप्त हो रही है।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० सुनील पांडेय ने मुख्य अतिथि को पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया और उनके प्रति आभार प्रकट की। इस मौके पर कार्यक्रम में उपस्थित जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ० रवि रंजन, डॉ संजय कुमार, डॉ० मुंशीलाल ACMO, डॉ०प्रभुनाथ DPM, डॉ० रवि प्रकाश WHO, डॉ० प्रदीप विश्वकर्मा, डॉ० प्रवीण उपाध्याय एवं डॉ० ईशानी वर्धन प्रभारी हाथी खाना आदि उपस्थित रहे।
गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में 13 दिसंबर को हिन्दी विभाग में शोध प्रवेश हेतु विभागीय शोध समिति (डी आर सी) संपन्न हुई। हिन्दी विभाग में रिक्त छ: सीट के सापेक्ष शोध में प्रवेश लेने हेतु कुल ग्यारह आवेदन प्राप्त हुए थे। जिसमें से कुल नौ अभ्यर्थी उपस्थित रहे। बाह्य विशेषज्ञ प्रोफेसर योगेन्द्र प्रताप सिंह, इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज ने विश्वविद्यालय के सभी मानकों जैसे एकेडमिक सूची, प्रस्तुतिकरण और साक्षात्कार के आधार पर छ: शोधार्थियों का चयन शोध कार्य के लिए किया। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि शोध किसी भी अनुशासन का सर्वोच्च प्राप्य है। यह बिना रुचि के सम्भव नहीं है। पी एच डी की डिग्री भले आपको पांच वर्ष में मिल जाती है लेकिन सच्चाई यह भी है कि बहुत कम लोग ही पाँच वर्ष में शोध कर पाते हैं। शोध के दौरान आप अपने ज्ञान का परीक्षण और विस्तार करते हैं।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रो अनीता कुमारी ने कहा कि जिस पारदर्शिता के साथ शोध में चयन किया गया यदि उसी पारदर्शिता के साथ यदि शोध कार्य किया गया तो वह शोधार्थियों की पहचान बना देगी। मीडिया प्रभारी डॉ शिव कुमार के अनुसार हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ.संगीता के निर्देशन में शोधार्थियों की यह चयन प्रक्रिया संपन्न हुई जिसमें महाविद्यालय के शोधार्थी श्वेता यादव, जामवंत भारती एवं आदित्य प्रताप सिंह का सहयोग सराहनीय रहा। चयनित शोधार्थी हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसरद्वय डॉ निरंजन कुमार यादव और डॉ शशिकला जायसवाल के निर्देशन में शोध कार्य करेंगे।
डाक सहायक से अब परिवाद निरीक्षक के पद पर राजन गुप्ता देंगे अपनी सेवा
गाजीपुर। भारतीय डाक विभाग में जनपद के जमानियां उपडाकघर में डाक सहायक के पद पर कार्यरत राजन गुप्ता ने विभाग द्वारा आयोजित इंस्पेक्टर पदोन्नति परीक्षा में उत्तीर्ण होकर पूरे जनपद का नाम रोशन किया। बताते चले कि गाजीपुर मंडल में डाक सहायक पद पर तैनात राजन गुप्ता को अब परिवाद निरीक्षक देवरिया मंडल के लिए पदोन्नति कर दिया गया है। इस अवसर पर जनपद के डाक परिवार द्वारा उनके सम्मान में नगर स्तिथ एक मैरेज हाल में विदाई समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस विदाई समारोह में पूरे जनपद से सभी कर्मचारी हर्षोल्लास के साथ उपस्थित होकर अपने अतिप्रिय व गाजीपुर मंडल की जान कहे जाने वाले राजन गुप्ता को अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह देते हुए माला पहनाकर उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया और ढ़ेर सारी बधाईयां देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना किया। इस अवसर पर श्रीनाथ सिंह यादव, रविंद्र राव, अवधेश यादव, राजगुरु यादव, दुर्गा राय, गुलाब गुप्ता, सत्य नारायन राम, प्रेम राय, रोहित कुमार, विकास शर्मा विश्वानंद तिवारी हरिन्द्र कुमार, राजीव, नितीश, पियूषकांत श्रीवास्तव, राजेश राय सहित आदि कर्मचारी उपस्थित रहे।
गाजीपुर। न्यायालय गाजीपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा द्वीप प्रज्वलित कर किया गया। जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह बताया गया कि लोक अदालत से जहाँ एक ओर समय की बचत होती है, वहीं लम्बे समय से लम्बित मामलों के त्वरित निस्तारण का यह एक अत्यन्त महत्वपूर्ण साधन है। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि जब लोक अदालत के माध्यम से किसी मामले का निस्तारण होता है तब उसके विरूद्ध कोई अपील नहीं होती है और विवाद हमेशा के लिए समाप्त हो जाता है। जनपद न्यायाधीश धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा लोक अदालत के सफलता हेतु सभी अधिकारियों को अधिक से अधिक निस्तारण हेतु प्रोत्साहित किया गया तथा सुलह समझौते के माध्यम से आपसी वैमनस्य को समाप्त करने का आवाहन किया गया। इस अवसर पर नोडल अधिकारी, राष्ट्रीय लोक अदालत शक्ति सिंह अपर जिला जज कोर्ट संख्या-1 द्वारा लोक अदालत के विषय में जानकारी देते हुए यह बताया गया कि आज की लोक अदालत किसानों, मजदूरों व सीमा पर डटे हुए जवानों को समर्पित है। कतार में खड़े हुए अंतिम व्यक्ति तक राष्ट्रीय लोक अदालत का लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है। उनके द्वारा यह भी कहा गया कि ऐसे छोटे प्रकरण जिसमें अनावश्यक रूप से मुकदमेबाजी के कारण पक्षकारों के मध्य वैमनस्यता विद्यमान रहती है, को समाप्त कर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने में लोक अदालत द्वारा अपनी सक्रिय भूमिका निभायी जा रही है। विजय कुमार-IV, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश / सचिव पूर्णकालिक जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर द्वारा बताया गया कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 1 लाख 39 हजार 292 मामले निस्तारण हेतु नियत किए गए थे, जिसमें से सुलह समझौते एवं संस्वीकृति के आधार पर कुल 1 लाख 24 हजार 75 वाद अंतिम रूप से निस्तारित किए गए। विभिन्न न्यायालयों द्वारा 13 हजार 462 मामले तथा बैंक एवं अन्य विभाग द्वारा कुल 1 लाख 10 हजार 613 मामले निस्तारित किए गए। परिवार न्यायालय द्वारा कुल 03 विवाहित जोड़ो की सुलह कराकर विदाई कराई गई। बैंको द्वारा लगभग 10 करोड़ 95 लाख धनराषि के मामलें इस लोक अदालत में निस्तारित किए गए। आज की राष्ट्रीय लोक अदालत में वृद्धा, दिव्यांग एवं विधवा पेंशन हेतु एक शिविर भी लगाया गया। इस अवसर पर मेडिकल कैम्प का भी आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डाक्टर मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय लोक अदालत के अवसर पर बिजली बिल, गृहकर एवं जल कर सहित अन्य सामाजिक योजनाओं से संबंधित पाण्डाल भी लगाए गए हैं। जनपद न्यायाधीश द्वारा कुछ दिव्यांगजनों को व्हील चेयर / बैसाखी आदि का वितरण भी किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद का सबसे पुराना आरबिट्रेशन वाद संख्या- 13/2014 महेन्द्रा एंड महेन्द्रा बनाम माता अमरावती विद्यालय, जो लगभग 11 वर्षों से लम्बित था, को पक्षों के मध्य सुलह समझाते के आधार पर निस्तारित किया गया है। उक्त प्रकरण अपर जिला जज प्रथम शक्ति सिंह के यहाँ लम्बित था। सुलह समझौते के उपरान्त प्रकरण के अधिवक्ताओं को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पी.ओ. (एम.ए.सी.टी.) संजय हरिशुक्का, अपर जिला जज श्री अली रजा, अभिमन्यू सिंह, रामअवतार प्रसाद, अलख कुमार, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नूतन द्विवेदी, सिविल जज (सी.डि.) अमित कुमार, अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दिपेन्द्र कुमार गुप्ता, सिविल जज (सी.डि.) / एफ.टी.सी. अर्चना, सिविल जज (जूडि.) श्री बेतांक चौहान, न्यायिक मजिस्ट्रेट हार्दिक सिंह, अपर सिविल जज (जू.डि.) अनन्त कुमार, दीक्षा त्रिपाठी, मेहनाज खान, मनी वर्मा, श्वेता नैन, शिवानी, संदेश कुमार पासवान, सोनाली प्रिया गौर व रंजना देवी, बार के पदाधिकारीगण, न्यायालय के कर्मचारीगण एवं वादकारी उपस्थित रहे।
गाजीपुर।वृहद राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन 13 दिसम्बर, 2025 को जनपद न्यायालय, गाजीपुर, वाह्य न्यायालय सैदपुर एवं मुहम्मदाबाद तथा ग्राम न्यायालय जखनियाँ व जमानियाँ के साथ-साथ अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों में किया जाएगा। इसी क्रम में धमेन्द्र कुमार पाण्डेय, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर द्वारा न्यायालय दस कक्षीय सभागार में सम्पन्न किया जाएगा। इस वृहद लोक अदालत में निम्नवत जिसमें प्रमाण पत्र संबंधी, छोटे व लघु दाण्डिक वाद, पारिवारिक वाद, धारा-138 एन.आई.एक्ट, स्टाम्प वाद/पंजीयन वाद, मोटर अधिनियम वाद, चकबंदी वाद, श्रम वाद, उपभोक्ता फोरम वाद, वाट-माप प्रचलन अधिनियम वाद, कराधान प्रकरण, बिजली चोरी के वाद, सुलह समझौता एवं मध्यस्थता के माध्यम से वैवाहिक विवाद को परिपक्व कराकर आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण मौके पर किया जाएगा। इसी क्रम में जिला सूचना अधिकारी गाजीपुर ने जनपद के जनपदवासियों से अपील किया है कि इस राष्ट्रीय लोक अदालत में समसय उपस्थित होने का कष्ट करें ताकि अपने आवेदनो का निस्तारण किया जा सके।
गाजीपुर।राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत बिन्द ने आज दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट कर बिहार विधानसभा चुनाव में मिली शानदार और ऐतिहासिक विजय पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह मुलाकात अत्यंत आत्मीय, प्रेरणादायी तथा हृदय को स्पर्श करने वाली रही। प्रधानमंत्री के स्नेह, आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन से नई ऊर्जा एवं उत्साह प्राप्त हुआ।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन की कहानी संघर्ष और समर्पण की एक प्रेरणादायक गाथा है। वह एक ऐसे लोकप्रिय नेता हैं, जिन्होंने अपने असाधारण नेतृत्व और विराट व्यक्तित्व से भारत को एक नई दिशा प्रदान की है। उनकी नेतृत्व क्षमता दूरदर्शिता और जनसमर्थन ने उन्हें एक प्रभावशाली नेता बनाया है। देश के प्रधानमंत्री जी ने जनपद की विकास गतिविधियों के साथ ही उनके साहित्य से जुड़ी बिंदुओं पर चर्चा किए।
राज्यसभा सांसद ने वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने की सफल चर्चा पर आभार व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री को अपनी स्वरचित पुस्तक मेरा प्यारा हिंदुस्तान भेंट की साथ में दोनों पुत्र कुशाग्र और परख उपस्थित रहे। बच्चों ने बताया की प्रधानमंत्री जी इतने आत्मीयता के साथ मिले की लगा ही नहीं कि प्रधानमंत्री जी से पहली बार मिल रहे है प्रधानमंत्री जी ने आशीर्वाद और निरंतर आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दिए।
गाजीपुर।युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग गाजीपुर के तत्वावधान में 77 वां पी आर डी स्थापना दिवस समारोह सफलता पूर्वक पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में मनाया गया। जनपद के कुल 88 पी आर डी जवानों जिसमें 22 महिला पी आर डी सम्मिलित रहीं । परेड की सलामी सरिता अग्रवाल अध्यक्ष नगर पालिका परिषद एवं दीनदयाल वर्मा परियोजना निदेशक गाजीपुर द्वारा स्वीकार किया गया। सलामी से पूर्व अतिथि द्वय द्वारा परेड का निरीक्षण किया गया। 5 दिसम्बर 2025 से अभ्यास परेड क़ा संचालन सर्व अखिलेश यादव, चंद्रकांत यादव, किशन चंद, रविशंकर प्रसाद, वकार खान, आंचल सिंह एवं सिंधुजा यादव क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी द्वारा किया गया। कुल 4 टोली अभ्यास हेतु बनाई गयी थी, परेड सकुशल संपन्न होने के उपरांत टोली संख्या 1 प्रथम, टोली संख्या 2 द्वितीय, टोली संख्या 4 तृतीय स्थान प्राप्त किया। द्य परेड संपन्न होने के उपरांत रस्साकशी की प्रतियोगिता भी कराई गई। जिसमें अनिल कुमार भारती की टीम विजेता एवं रामदयाल राम की टीम उप विजेता रही। परेड में सम्मिलित सभी 88 पी आर डी जवान को अंग वस्त्र एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।परेड में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं अनुशासन हेतु पी आर डी जवान अनिल कुमार भारती, रामदयाल राम, अक्षय कुमार, बर्फ भारती एवं रेनू विश्वकर्मा को ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि द्वारा अपने संबोधन में पी आर डी जवानों को उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं अनुशासन की सराहना करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की गई। कार्यक्रम के आयोजक जिला युवा कल्याण अधिकारी द्वारा दोनों अतिथियों का बुके एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। स्थापना दिवस परेड में पूर्व व्यायाम प्रशिक्षक चंद्रभान सिंह, प्रति सार निरीक्षक, अमरनाथ कुशवाहा, पुलिस विभाग के 2 परेड प्रशिक्षक, राम अवध, सोनू, राजेश एवं अन्य लोग उपस्थित रहे । अंत में जिला युवा कल्याण अधिकारी दिलीप कुमार द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
नागरिक सेवा के लिए राज्य प्रशासन का हो रूपांतरण:सांसद डा. संगीता बलवंत
गाजीपुर।संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत 1 दिसंबर से सुचारू रूप से चल रहा है। इस दौरान राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने राज्य स्तरीय कार्यालयों का नाम बदलने की मांग की।
डा.संगीता बलवंत ने सदन में माँग रखते हुए कहा कि भारत अभी भी अपने प्रशासनिक ढांचे में शाही या सामंतवादी मानसिकता के अवशेषों से जूझ रहा है, जहाँ कुछ कार्यालय अक्सर शक्ति के धनी के रूप में देखे जाते हैं, न कि सेवा के साधन के रूप में। यह धारणा सरकारी अधिकारियों और उन नागरिकों के बीच दूरी पैदा करती है, जिन्हें वे सेवा देने के लिए बनाए गए हैं।
जिला अधिकारी का कार्यालय, साथ ही अन्य महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय अधिकारी जैसे उप-जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और विभागीय प्रमुख, औपनिवेशिक काल में राजस्व, कानून और प्रशासन को केंद्रीकृत करने के लिए स्थापित किए गए थे। इस अधिकार केंद्रित ढांचे ने एक स्थायी विरासत छोड़ी है, जो आज भी अधिकारियों के नागरिकों के साथ व्यवहार को प्रभावित करती है। यह अक्सर जनभागीदारी को रोकता है, पारदर्शिता को कम करता है, नौकरशाही में बाधाएँ पैदा करता है और आवश्यक सेवाओं के समय पर वितरण में रुकावट डालता है।
राज्यसभा सांसद ने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल ही में , प्रधानमंत्री कार्यालय का नाम सेवा तीर्थ रखा गया है साथ ही राजपथ को कर्तव्यपथ , राजभवन को लोकभवन , केंद्रीय सचिवालय को कर्तव्य भवन नाम दिया गया है जो नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाता है और यह स्पष्ट करता है कि शासन जनता के लिए, जनता द्वारा और जनता के साथ है। ठीक इसी प्रकार सभी राज्य स्तरीय कार्यालयों का नाम बदला जाए जैसे जिलाधिकारी पदनाम को जिला सेवक या उन्हें कुछ इस तरह व्यवस्थित किया जाए कि उनका वास्तविक उद्देश्य सार्वजनिक सेवा को दर्शाए। उनके पदनाम और कार्यप्रणाली में विनम्रता, जवाबदेही और नागरिकों के प्रति सेवा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि अधिकारी जनता के लिए मार्गदर्शक और सहायक के रूप में देखे जाएँ।