



गाजीपुर। जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में गुरु गोविन्द सिंह के साहिबजादे बाबा फतेह सिंह और जोरावर सिंह की शहादत को सम्मान देने हेतु वीर बाल दिवस का आयोजन किया गया।जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा दीप प्रज्जवलित कर गुरु गोविन्द सिंह के साहिबजादे बाबा फतेह सिंह और जोरावर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। कार्यक्रम में राजकीय बालिका इण्टर कालेज की बच्चियों द्वारा स्वागत गीत और भाषण प्रस्तुत किया गया। तत्पश्चात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा बीर बाल दिवस के अवसर पर लाईव प्रसारण को देखा गया एवं सुना गया। जिसके उपरान्त कुल 70 छात्र/छात्राओं को विभिन्न क्षेत्रों जैसे खेल, विज्ञान, चित्रकला आदि के उत्कृष्ट बच्चों को मोमेन्टो एवं प्रशस्ति पत्र द्वारा सम्मानित किया गया।
नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने कहा 1699 में गोविंद सिंह जी के द्वारा धर्म की रक्षा हेतु खालसा पंथ की स्थापना की गई थी। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के चारों बेटे अजीत सिंह, जुझार सिंह, जोरावर सिंह और फतेह सिंह सभी खालसा के हिस्सा थे। उन चारों को 7 वर्ष से 19 वर्ष की ही अवस्था में मुगल शासकों द्वारा मार डाला गया था। उनकी शहादत का सम्मान करने के क्रम में प्रत्येक वर्ष 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस में श्रद्धांजलि दी जा रही हैं।
जिला विकास अधिकारी ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह के छोटे बच्चों ने अपने आस्था और सभ्यता की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए यह उनकी कहानियों को याद करने और जानने का दिन है कि कैसे उनकों जिंदा दीवाल में चुनवा दिया गया और फतेह सिंह की सरसा नदी के तट पर एक लड़ाई के दौरान दोनों सहजादो को मुगल सेना ने बंदी बना लिया था और लाख प्रयत्न के बावजूद उन वीर बालकों के इस्लाम धर्म स्वीकार नहीं करने पर क्रमशः 9 एवं 7 साल की उम्र में जिंदा दीवार में चुनवा दिया गया था। नगर पालिका अध्यक्ष द्वारा वीर बाल दिवस समारोम के अन्त में बाल दिवस पर सभी छात्र/छात्राओं एवं उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन मीनू सिंह, प्रधानाचार्य, राजकीय हाईस्कूल, सहेड़ी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, महिला कल्याण विभाग तथा अन्य विभाग के कार्मिक उपस्थित रहें।



























