सपा की मासिक बैठक में बाढ़, महंगाई, खाद-बिजली और कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरा
जिलाध्यक्ष गोपाल यादव बोले- विधानसभा चुनाव सन्निकट, भाजपा की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करें कार्यकर्ता
गाजीपुर। समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक गुरुवार को जिला अध्यक्ष गोपाल यादव की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय डॉ. लोहिया-मुलायम सिंह यादव भवन पर आयोजित हुई। बैठक में जनपद में आई बाढ़ से किसानों एवं आमजन के सामने उत्पन्न दुश्वारियों, खाद की अनुपलब्धता, अनियमित विद्युत आपूर्ति, किसानों, छात्रों और नौजवानों के उत्पीड़न तथा प्रदेश की कानून व्यवस्था सहित विभिन्न जनसमस्याओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में आने वाले दिनों में पीडीए नेता रमेश बिंद, रमाशंकर विद्यार्थी, रमेश चंद्र प्रजापति सहित अन्य नेताओं के प्रस्तावित कार्यक्रमों को सफल बनाने की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया। चीनी, प्याज, दलहन और तिलहन के दामों में लगातार हो रही बढ़ोतरी पर भी पार्टी नेताओं ने चिंता जताई। राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर भाजपा सरकार द्वारा बंद किए गए प्राथमिक विद्यालयों के आसपास यथोचित स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान जिलाध्यक्ष गोपाल यादव और विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव सहित पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने नवनियुक्त महिला सभा की प्रमुख राष्ट्रीय महासचिव सुनीता यादव और राष्ट्रीय महासचिव पुनीता सिंह ‘खुश्बू’ का माल्यार्पण कर स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहकर भाजपा सरकार की कथित जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष करने की हिदायत दी गई। जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कहा कि विधानसभा चुनाव सन्निकट है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भाजपा सरकार की जनविरोधी एवं तानाशाही नीतियों के खिलाफ मजबूती से संघर्ष करने का आह्वान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हिन्दुत्व और राष्ट्रवाद का आवरण ओढ़कर पूंजीपतियों के हितों को संरक्षण देने में लगी है। उन्होंने छात्र, नौजवान, दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी किसी भी वर्ग के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने शुद्धिकरण के नाम पर दलितों और पिछड़ों के कथित अपमान पर भी आक्रोश जताया और कहा कि भाजपा सरकार अब अपने अंतिम पड़ाव पर है।
विधायक डॉ. वीरेंद्र यादव ने भाजपा सरकार को संविधान एवं लोकतंत्र विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि देश तानाशाही और पूंजीपरस्त नीतियों के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार पर संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि शिक्षा के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को भी प्रभावित किया जा रहा है।
उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, बिजली-पानी की समस्या और स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि तहसील और थाने आम जनता की समस्याओं के समाधान के बजाय वसूली के अड्डे बन गए हैं।
पूर्व विधायक खुर्शीद अहमद ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है और सत्ता संरक्षित अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने प्रदेश की सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अधिकांश सड़कें गड्ढों में तब्दील हो गई हैं, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है।
बैठक का संचालन जिला महामंत्री कन्हैया लाल विश्वकर्मा ने किया।
बैठक में पूर्व विधायक त्रिवेणी राम, पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव, अशोक कुमार बिंद, मुन्नीलाल राजभर, रामजन्म चौहान, डॉ. सीमा यादव, अरुण कुमार श्रीवास्तव, रविन्द्र प्रताप यादव, आमिर अली, आशीष यादव राहुल, डॉ. समीर सिंह, राम औतार विश्वकर्मा, जय हिंद यादव, सुशील जायसवाल, अवधेश यादव, संगीता साहू, ममता यादव, विजय शंकर यादव, शौर्या सिंह, आजाद राय, सूर्यनाथ यादव, राजेंद्र यादव, रामधीरज शास्त्री, मदन यादव, वृजदेव खरवार, सदानंद कन्नौजिया, देवेंद्र यादव टिंकू, पारसनाथ यादव, पांचू यादव, दिनेश कुमार गुजराल, सुजीत यादव, आत्मा यादव, कमलेश सोनकर, सदानंद यादव, सूरज राम बागी, कैलाश यादव, संतोष यादव, अभिषेक कुशवाहा, कमलेश यादव, मार्कण्डेय यादव, रीना यादव, धन्नो यादव, सोनू खां, रामज्ञान यादव, नरसिंह यादव, सुनील यादव, सुरेंद्र विश्वकर्मा, डॉ. संजय कन्नौजिया, राहुल निषाद, जयराम भारती सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।