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राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के चौथी बार निर्विरोध जिलाध्यक्ष बने दुर्गेश

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के चौथी बार निर्विरोध जिलाध्यक्ष बने दुर्गेश श्रीवास्तव


गाजीपुर। शहर के कचहरी स्थित जिला पंचायत सभागार में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जनपदस्तरीय पदाधिकारियों का चुनाव गुरुवार को काफी गहमा गहमी के बीच सकुशल संपंन हो गया। चुनाव को लेकर सुबह से ही कर्मचारियों में उत्साह का माहौल बना रहा। हालांकि संयुक्त परिषद के अध्यक्ष पद पर चौथी बार दुर्गेश श्रीवास्तव निर्विरोध चुने गये। मुख्य अतिथि एसपी डा. ईरज रजा और सीडीओ संतोष कुमार वैश्य ने विजेता पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कर्तव्यों का बोध कराया। जिला पंचायत सभागार में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अधिवेशन का शुभारंभ एसपी डा. ईरज रजा और सीडीओ सतोष कुमार वैश्य ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विशिष्ट अतिथि प्रांतीय अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के सुरेश रावत और महामंत्री अतुल मिश्रा ने कर्मचारियों की सहमति पर दुर्गेश श्रीवास्तव को अध्यक्ष पद पर चुने गये। वहीं मंत्री पद पर ओंकारनाथ पाण्डेय, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद सिंह, सम्प्रेक्षक राकेश पाण्डेय चुने गये। इसके साथ ही संघर्ष समिति चेयरमैन विवेक सिंह, वाइस चेयरमैन रामनगीना यादव के साथ ही जय प्रकाश बिंद को वायस चेयर मैन के पद पद चुना गया। मौजूद मुख्य अतिथि और विशिष्ठ अतिथिगण ने चुने गए प्रतिनिाधियों को पद और गोपनियता की शपथ दिलायी। नवनियुक्त जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि यह मेरी नहीं कर्मचारियों के सहमति की जीत है। कर्मचारियों ने मुझे चौथी बार अध्यक्ष पद दिया है। कर्मचारियों के हित में जो भी लड़ाई होगी, वह लड़ी जाएगी। उन्होने कहा कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन से लेकर अन्य मांगों को पूरा कराने के लिए सड़क अनशन के साथ ही जरूरत पर पड़ने पर उग्र आंदोलन भी किया जाएगा। इस दौरान अरविंद कुमार सिंह, आलोक राय, रोशन लाल, देवेंद्र मौर्य, अजीत विजेता, अखिलेश सिंह, गिरिजा शंकर कुशवाहा, राम अवतार, बबुआ यादव, राकेश कुमार पांडेय, अभय सिंह, मनोज यादव, विनोद कुमार, संजीव कुमार, विवेक गुप्ता, राजेश शर्मा, अमित कुमार ,उमेश दुबे, अखिलेश सिंह आदि उपस्थित रहे।

तीन युवकों को आरपीएफ ने किया गिरफ्तार

गाजीपुर। तीन लोगों को आरपीएफ ने गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में आरपीएफ इंचार्ज अमित राय ने बताया कि 10/11 सितम्बर की रात्रि में किसी अज्ञात द्वारा गाजीपुर सिटी और गाजीपुर घाट स्टेशन के मध्य रोड सड़क ओवर ब्रिज के नीचे रेलवे पटरी के ऊपर लगभग 03 मीटर तक गिट्टिया कुछ कुछ दूरी पर रख दिया गया था। जब रात में प्रयागराज बलिया पैसेंजर ट्रेन वहा से गुजरी तो ड्राइवर को गिट्टियां रखे जाने का अहसास हुआ। इसी दौरान अज्ञातो द्वारा वही पर ट्रेन के इंजन पर पत्थर भी मारा गया। चालक द्वारा घाट स्टेशन पर मेमो दिया गया। जिसके आधार पर स्टेशन मास्टर पवन कुमार द्वारा आरपीएफ थाना गाजीपुर सिटी में घटना के बाबत अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दिया गया।संबंधित अज्ञात आरोपियों की धर पकड़ व गिरफ्तारी के लिए आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार राय टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे थे। तभी मुखबिर द्वारा सूचना प्राप्त हुई की तीन लड़के प्रतिदिन रात के 9:00 बजे के आसपास घटनास्थल के पास आकर बैठते हैं। वह नशा करते हैं। आज भी अगर छुपकर इंतजार किया जाए तो वह जरूर आएंगे। मुखबिर सूचना पर घटनास्थल के दोनों तरफ झाड़ियां में छिपकर निगरानी करने लगे। लगभग आधे घंटे पश्चात देखा गया कि रेलवे ओवर ब्रिज से पगडंडी के रास्ते तीन लड़के उतर कर घटनास्थल के पास ही रेलवे लाइन के किनारे आकर बैठे। टीम के लोग तीनों को पकड़ने हेतु दौड़ पड़े, आहट पाकर वे भागने का प्रयास किये लेकिन रेलवे लाइन के उस पार रेलवे ओवर ब्रिज के पिलर के पास ही तीनों को घेर कर पकड़ लिया गया। पूछताछ में तीनों ने बताया कि हम लोग कुछ दिनों से प्रतिदिन रात के 9:00 बजे के आसपास आकर यहीं पर नशा करते हैं। कल की घटना को तीनों ने गांजा के नशे में होने के कारण व मजा लेने के लिए करना स्वीकार किया। तीनों दानिश अंसारी, सोनू कुमार और आकाश को गिरफ्तार किया गया और रेलवे मजिस्ट्रेट वाराणसी के समक्ष पेश किया गया। जहा से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

विद्युत कर्मियों को दिया गया सुरक्षा किट

विद्युत संविदा कर्मियों को बांटा गया सुरक्षा कीट

गाजीपुर। विद्युत वितरण खण्ड चतुर्थ जमानिया डिवीजन के सब डिविजन दिलदारनगर के सभी 8 उपकेंद्रों के संविदा कर्मियों को शेफ्टी किट मेसर्स ग्रिड पावर सिस्टम के प्रबंधक निदेशक गजेन्द्र प्रताप सिंह के निर्देशन पर कम्पनी के प्रतिनिधियों द्वारा शुक्रवार को वितरण किया गया। दिलदारनगर के उपखंड अधिकारी कमलेश प्रजापति द्वारा संविदा कर्मियों को हिदायत दी गई की बिना हेलमेट, ग्लैपस और सेफ्टी बेल्ट एवम जैकेट के बिना कोई भी पोल पर चढ़कर संविदा कर्मी कार्य करते हुवे पकड़ा गया तो सीधे ऐसे लापरवाह लोगो के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी, क्योंकि इन सब औजारों को कार्य करते समय उपयोग करना अति आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है, ताकि किसी भी संविदा कर्मी के साथ कोई अनहोनी ना हो। वही कंपनी के निदेशक गजेन्द्र प्रताप सिंह ने सभी संविदा कर्मियों से सावधानी पूर्वक कार्य करने की सलाह दी। वही ड्यूटी के दौरान शराब ना पीने की सलाह देते हुए अंतिम चेतावनी दिया गया की अगर जिसकी भी शिकायत शराब पीकर ड्यूटी करने की मिली तो सीधे ऐसे कर्मियों को कार्य से मुक्त किया जाएगा। सभी निगम हित में अच्छे से कार्य करे। विद्युत उपभोक्ताओं की समस्या को तत्काल अपनी ड्यूटी के दौरान सही करे, एवम आपस में एकता बनाकर अपने अधीनस्थ अधिकारियों के आदेशों का पालन करे ताकि विद्युत आपूर्ति सुचारू रूप से आम जन मानस को दिया जा सके। कहा कि बाकी जगहों पर भी जल्द से जल्द सभी संविदा कर्मियों को भी सेफ्टी किट ( सुरक्षा उपकरण ) दिया जाएगा।

महिला पीजी कॉलेज की छात्राओं ने किया शैक्षणिक भ्रमण

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में एम. ए द्वितीय वर्ष की छात्राओं ने बुधवार को “आरंभिक बाल्यावस्था में सुरक्षा एवं शिक्षा (ECCE )” पेपर के अंतर्गत बाल्यावस्था की शिक्षा का महत्व ,आवश्यकता और समस्याओं के विस्तृत समझ प्राप्त करने के लिए ददरीघाट में स्थित ‘कांति मेमोरियल पब्लिक स्कूल ‘ का शैक्षणिक भ्रमण प्राध्यापिका डॉ नेहा कुमारी के निर्देशन में किया । फ्रेडरिक फ्रोबल के अनुसार – प्रारंभिक बाल शिक्षा व देखभाल संपूर्ण जीवन की प्रथम व प्रमुख सीढ़ी है।

पूर्वबाल्यावस्था शिक्षा के प्रमुख केंद्र आंगनबाड़ी ,डे केयर, शिशु सदन ,मोंटेसरी स्कूल, किंडरगार्डन , बालवाड़ी स्कूल इत्यादि है। भ्रमण में छात्राओं ने दृश्य श्रव्य माध्यमों (कठपुतली ,मॉडल, पोस्टर ,खिलौने) का प्रयोग करके बच्चों को कविता एवं कहानी सिखाया तथा खेल विधि का प्रयोग कर बच्चों को अनेकों पाठ्य सहगामी क्रियाएं कराई । प्री स्कूल एजुकेशन हेतु संसाधन, सहायक सामग्री ,दैनिक क्रियाएं, खेल उपकरणों भवन की स्थिति , स्वच्छ पानी और शौचालय की सुविधा का अवलोकन किया एवं उसकी रिपोर्ट भी तैयार की। इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य छात्राओं में पूर्वबाल्यावस्था शिक्षा देने के लिए आवश्यक कौशल और तकनीक का विकास करना था ।

नामचीन स्कूल में हुआ छात्रा से छेड़छाड़, हुआ गिरफ्तार

गाजीपुर। जिले के दिलदारनगर स्थित एक नामचीन स्कूल के मैनेजर द्वारा कक्षा 7 की छात्रा से छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। बता दें कि डालिम्स सनबीम स्कूल की छात्रा से इसी स्कूल के मैनेजर साकिब खान ने अपने केबिन में बुलाकर छेड़छाड़ की। दिलदारनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता डालिम्स सनबीम स्कूल रक्सहां में कक्षा सात की छात्रा है। इस बात की जानकारी होते ही पीड़िता के दादा ने दिलदारनगर थाने में आरोपी मैनेजर साकिब खान के खिलाफ तहरीर दी। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर दिलदारनगर थाना पुलिस ने आरोपी साकिब खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है। मालूम हो कि पीड़िता के दादा द्वारा तहरीर दी गयी थी कि उनकी पोती डालिम्स सनबीम स्कूल रक्सहाँ दिलदारनगर में कक्षा 7 की छात्रा है। जिसके साथ 10 सितंबर 2024 को स्कूल के मैनेजर साकिब खान पुत्र सब्बीर खान द्वारा अपने केबिन में बुलाकर मोबाइल नं0 माँगते हुए छेड़खानी की गयी थी। पीढ़ित छात्रा द्वारा इस घटना का वीडियो बनाकर भी सोसल मीडिया पर भी डाला गया था। जिसके बाद इस मामले में दिलदारनगर पुलिस द्वारा छेड़खानी के मामले में कार्यवाही करते हुए डालिम्स सनबीम स्कूल रक्सहाँ दिलदारनगर के मैनेजर को पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ थाना में 129/2024 धारा 75 बीएनएस व 7/8 पाक्सो एक्ट का अभियोग पंजीकृत हुआ। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

मनाया गया ‘विश्व आत्महत्या निवारण दिवस’

गाजीपुर। मंगलवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग में ‘विश्व आत्महत्या निवारण दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर मनोविज्ञान विभाग में एक लघु संगोष्ठी आयोजित की गई जिसके माध्यम से दुनिया भर में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति और उसके निवारण के विविध पक्षों पर छात्राओं के मध्य चर्चा की गई। कार्यक्रम का विषय परिवर्तन करते हुए मनोविज्ञान विभाग के प्रभारी डॉ शिव कुमार ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय आत्महत्या निवारण संघ द्वारा 10 सितंबर 2003 से यह दिवस मनाया जा रहा है ताकि लोगों में आत्महत्या निवारण से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाई जा सके। विश्व में प्रतिवर्ष 8 लाख से अधिक लोग आत्महत्या के कारण मृत्यु को प्राप्त होते हैं। जबकि दक्षिण एशिया में प्रतिवर्ष 2 लाख से अधिक लोग आत्महत्या का शिकार होते हैं। आत्महत्या एक गंभीर जन स्वास्थ्य चुनौती है जो किसी भी बीमारी, युद्ध या आपदा से अधिक जनहानि का कारण है। वर्ष 2024 से 2026 तक के लिए इस बार इस दिवस की थीम है कि आत्महत्या से जुड़े मिथक या आख्यानों को बदला जाए ताकि लोग खुलकर बातें करें। अर्थात आत्महत्या के बारे में ‘चुप्पी तोडे, खुलकर बोले’ और हम ऐसा परिवेश तैयार करें जिससे कि आत्महत्या या इससे जुड़े विचारों को समाज में या परिवार में छिपाने तथा इसे कलंक मानने के स्थान पर ऐसी संस्कृति विकसित करना है कि लोग खुलेपन के साथ इस पर चर्चा करें।


इस अवसर पर उपस्थित प्राचार्य डॉ अनिता कुमारी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आत्महत्या से जुड़ी घटनाओं और प्रवृत्तियों पर चुप्पी के कारण यह समस्या गंभीर होती जा रही है। लोग इस प्रवृत्ति से छुटकारा पाने के लिए मनोवैज्ञानिक या चिकित्सकीय सहायता नहीं प्राप्त करते हैं। यह इसलिए भी आवश्यक है कि आत्महत्या की प्रवृत्ति सभी उम्र लिंग एवं पृष्ठभूमि के लोगों को लोगों में पाई जाती है। इस अवसर पर पर डॉ पीयूष सिंह ने आत्महत्या के विभिन्न सामाजिक सांस्कृतिक एवं आर्थिक पक्षों पर चर्चा किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ शंभू शरण प्रसाद ने आत्महत्या निवारण के विभिन्न पक्षों पर खुलकर चर्चा किया तथा उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच, सामाजिक संपर्क विकसित करने, आसपास के लोगों की सहायता करने, सामाजिक संबंध विकसित करने, खुशी के साथ-साथ दुखों को भी साझा करने तथा अपने चेहरे के साथ-साथ दूसरे चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए सदैव प्रयास करने की बात कही। छोटी-छोटी बातें जैसे उदारता, लोगों से खुलकर बातचीत करने, सदैव सही गलत के रूप में आकलन न करने आदि के आधार पर लोगों के जीवन में सार्थक बदलाव लाया जा सकता है। इसके लिए व्यक्ति, परिवार, समाज और सरकार सबको मिलकर समग्र रूप से कार्य करने की आवश्यकता है।


इस अवसर पर छात्राओं ने भी आत्महत्या संबंधी अपने अनुभव और विचारों को साझा किया। बीए प्रथम वर्ष की छात्रा कोमल ने अकेले में ना रहने, मानसी अग्रवाल ने जीवन में किसी ने किसी को हमराज बनाने, सोनम कुमारी ने जीवन में सदैव सकारात्मक पक्ष ढूंढने एवं आशावादी होने को महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम के समापन के अवसर पर आभार व्यक्त करते हुए सुप्रिया शर्मा ने कहा कि आत्महत्या का दुष्प्रभाव मित्रों और पारिवारिक जनों पर सर्वाधिक पड़ता है। कार्यक्रम का संयोजन मनोविज्ञान परिषद द्वारा किया जिसमें मालती यादव, महक खान , अभिलाषा राय आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गया।

अतिक्रमण कारियों पर चला रेलवे प्रशासन का चला बुलडोजर

ग़ाज़ीपुर। जिले में रेलवे प्रशासन का बुलडोजर गरजा। सिटी रेलवे स्टेशन से लेकर अफीम फैक्ट्री तक इस अभियान के तहत कई अवैध कब्जों को रेलवे प्रशासन ध्वस्त किया गया। मालूम हो कि बीते महीने ही रेलवे प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करते हुए कब्जा हटा लेने का निर्देश दिया था। ऐसा न करने पर रेलवे प्रशासन ने बुलडोजर लगाकर अवैध कब्जो को ध्वस्त करने की चेतावनी भी दी थी। मंगलवार को रेलवे की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए चलाए गए अभियान से अवैध कब्जदारों में हड़कम्प की स्थिति देखने को मिली। पिछले दिनों रेलवे की तरफ से अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया था और कुछ लोगों के अवैध कब्जों का ध्वस्तीकरण भी किया गया था। इस दौरान 67 अस्थाई अतिक्रमण हटाये गए थे। इसके बाद अन्य अतिक्रमणकारियों को चिन्हित किया गया। अतिक्रमण को स्वयं हटाने के लिए नोटिस जारी करते हुए उनके मकान पर नोटिस चस्पा कर दिया गया। बावजूद इसके तमाम कब्जदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाए। ऐसे में रेलवे प्रशासन को आज यह अभियान चलाना पड़ा। जानकारी के मुताबिक सिटी रेलवे स्टेशन से लंका होते हुए अफीम फैक्ट्री तक रेलवे की लगभग 5 लाख स्क्वायर फीट की जमीन है। जिस पर वर्षों से लोग अतिक्रमण किए हुए हैं। लेकिन अब रेलवे प्रशासन ने अपनी जमीन की सुध ली है।

ज्ञात हो कि ब्रितानी हुकूमत काल में मुख्य डाकघर के पास अफीम फैक्ट्री में कच्चे माल को लाने और तैयार अफीम को सुरक्षित पहुंचाने के लिए अंग्रेजों को सुरक्षित संसाधन की जरूरत महसूस हुई। इसके लिए उन्होंने अफीम फैक्ट्री से लेकर लंका होते हुए सिटी रेलवे स्टेशन तक रेलवे ट्रैक बिछा दी। इसी ट्रैक से ट्रेन के जरिए सिटी रेलवे स्टेशन से कच्चा माल अफीम फैक्ट्री के लिए आता था। साथ ही तैयार अफीम को इसी रूट से सिटी रेलवे स्टेशन तक भेजा जाता था। आजादी के बाद ट्रैक पर ट्रेनें दौड़नी बंद हो गईं। नतीजतन रेलवे ट्रैक अनुपयोगी हो गई। समय बीतने के साथ रेलवे के भूखंड पर कब्जा हो गया। इसी कब्जे को हटाने के लिए रेलवे महकमे ने अब अभियान चलाया है। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सिटी रेलवे स्टेशन, लंका और अफीम फैक्ट्री के पास रेलवे की जमीनों को आज कब्जा मुक्त कराया जा रहा है। इस अभियान में आरपीएफ की फोर्स भी लगाई गई है। कब्जा मुक्त कराने से पहले सभी कब्जदारों को नोटिस भी जारी की गई थी।

गाजीपुर में 640 किलो गांजा बरामद

गाजीपुर। क्राइम ब्रांच और भांवरकोल थाना पुलिस की टीम ने दो अंतर्जनपदीय गांजा तस्कर को भारी मात्रा में गांजा के साथ गिरफ्तार किया। इसकी जानकारी पुलिस अधीक्षक ईरज राजा ने मंगलवार को पुलिस लाइन सभागार में प्रेस वार्ता कर दी। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के एग्जिट प्वाइंट पर वाहनों की चेकिंग की जा रही थी कि इसी दौरान बिहार की तरफ जा रहे गांजा तस्कर को क्राइम ब्रांच टीम और भांवरकोल थाना पुलिस ने सोमवार की शाम गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अभियुक्त विष्णु पाठक पुत्र दीनानाथ पाठक निवासी ग्राम वीर सिंहपुर थाना राजा तालाब जनपद वाराणसी उम्र 32 वर्ष और रविशंकर पाठक पुत्र दीनानाथ पाठक निवासी उपरोक्त उम्र 30 वर्ष के पास 6 सौ 40 किलो गांजा 6 पहिया वाहन कंटेनर से बरामद किया गया। बरामद गांजा की अनुमानित कीमत लगभग दो करोड़ रुपए है।

गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ के दौरान बताया कि हम लोग इस कंटेनर में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर, बोरियों के गट्ठर में प्लास्टिक के कैरटो से ढक कर गांजा छुपा कर तेजपुर रोड असम से लाकर कूडेभार जनपद सुलतानपुर उत्तर प्रदेश में बिक्री के लिए ले जा रहे थे कि आप लोगों द्वारा पकड़ लिए गए। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में क्राइम ब्रांच प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह, सर्विलांस प्रभारी शिवाकांत मिश्रा, भांवरकोल थानाध्यक्ष विवेक कुमार तिवारी और हेड कांस्टेबल विकास श्रीवास्तव शामिल रहे।

छूटे हुए लोगों को स्वास्थ्य कर्मी खिला रहे एमडीए दवा

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जनपद में शुरू हुआ मॉप अप राउंड

सोमवार को पाँच हजार छात्रों ने खाई फाइलेरिया से बचाव की दवा

किसी कारण छूटे हुए लोगों को स्वास्थ्यकर्मी खिला रहे एमडीए दवा

तीन दिन और बढ़ा मॉप अप राउंड, 13 सितंबर तक चलेगा

गाज़ीपुर। फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जनपद में 10 अगस्त से दो सितम्बर तक सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान चलाया गया। जिलाधिकारी के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा अधिकारी के सुपरवीजन में अभियान में किसी कारण छूटे हुये और इन्कार करने वाले लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कराने के लिए नौ सितम्बर से मॉप राउंड शुरू किया गया, जो पहले 10 सितम्बर तक संचालित किया जाना था। लेकिन अब इसको 13 सितम्बर तक बढ़ा दिया गया है। मॉप अप राउंड के पहले दिन सोमवार को जनपद के विभिन्न स्कूलों और विद्यालयों में बूथ लगाकर हजारों छात्रों को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कराया गया।


जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने बताया कि एमडीए अभियान में किसी कारण से छूटे हुए लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कराने के लिए मॉप अप राउंड नौ से 13 सितम्बर तक संचालित किया जाएगा। सोमवार को कासिमाबाद के नेशनल इंटर कॉलेज, जखनिया के जलालाबाद स्थित माँ शारदा डिग्री कॉलेज व सरस्वती महिला डिग्री कॉलेज, अलीपुर मदरा स्थित माता तेतरा देवी डिग्री कॉलेज, बाराचवार के गांधी इंटर कॉलेज, बाबा रामाचीज महिला डिग्री कॉलेज, देवकली के आरके डिग्री कॉलेज, भावरकोल के माध्यमिक विद्यालय, सादात के सुभास मंदिर, करंडा के रामस्वरूप द्विवेदी महाविद्यालय समेत अन्य ब्लाकों के विद्यालयों में छात्रों को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कराया गया।


डीएमओ ने बताया कि सोमवार को करीब पाँच हजार छात्रों को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया गया। साथ ही उन्हें फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी के लक्षण, कारण, जांच, उपचार, देखभाल, बचाव आदि के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान छात्रों से अपील भी की गई कि स्वयं दवा का सेवन करें और जिन्होंने अभी तक दवा का सेवन नहीं किया है उन्हें जागरूक करते हुए फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन करने के लिए प्रेरित करें। एमडीए अभियान में पीसीआई और सीफार संस्था के प्रतिनिधियो के द्वारा महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया जा रहा है। यह अभियान मरदह, मनिहारी और जमानिया ब्लॉक को छोड़कर सभी ब्लॉकों में संचालित किया जा रहा है।


कासिमाबाद ब्लॉक के नेशनल इण्टर कॉलेज में प्रधानाचार्य दिनेश सिंह व समस्त अध्यापक, स्टेक होल्डर, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी पंकज गुप्ता व संगिनी अखिला देवी की उपस्थिति में फाइलेरिया पेशेंट सपोर्ट ग्रुप (पीएसजी) नेटवर्क की सदस्य सरिता एवं आशा कार्यकर्ताओं के सहयोग से बूथ लगाकर 1875 छात्रों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई गई। इस अवसर पर बच्चों से अनुरोध किया कि अगर उनके परिवार में कोई भी सदस्य दवा खाने से छूट गया हो तो अपने गांव की आशा कार्यकर्ता से संपर्क कर उनके सामने दवा जरूर खाएं, जिससे फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सके।


अपील – फाइलेरिया लाइलाज बीमारी है। इसको रोकने के लिए बचाव ही एकमात्र उपाय है। इसलिए वर्ष में एक बार चलने वाले फाइलेरिया उन्मूलन (एमडीए) अभियान के तहत फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन जरूर करें। पाँच साल तक लगातार व साल में एक बार यह दवा खाने से फाइलेरिया संक्रमण से बचा सकता है। एक वर्ष से छोटे बच्चे, गर्भवती महिला और गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को इस दवा का सेवन नहीं करना है। यह दवा फाइलेरिया से आपको सुरक्षा प्रदान करेगी।

टैबलेट विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में बनेगा मील का पत्थर: राजन सिंह

टैबलेट विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में बनेगा मील का पत्थर – राजन सिंह

गाजीपुर। प्रदेश के युवाओं को शैक्षिक व तकनीकी रुप से सशक्त बनाने हेतु पीजी कालेज मलिकपूरा के स्नातकोत्तर के शिक्षार्थियों को टैबलेट का वितरण किया गया। अपने सम्बोधन में मुख्य अतिथि राजन सिंह ब्लाक प्रमुख बिरनो ने कहा कि छात्र छात्राओं को शैक्षिक व तकनीकी रुप से सशक्त बनाने हेतु मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ की यह महत्वाकांक्षी योजना है। यह आपको शैक्षणिक रुप से स्मार्ट बनाते हुए शैक्षिक गतिविधियों में भी भरपूर सहयोग देगा‌। उन्होंने लाभार्थियों को बधाई देते हुए टैबलेट का सकारात्मक उपयोग करने की सलाह दी। विशिष्ठ अतिथि डा.ए. के. राय राष्ट्रीय सलाहकार जेसीआई ने वर्तमान समय में डिजिटल तकनीकी की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि टैबलेट युवावर्ग के भविष्य के निर्माण का अत्यंत महत्वपूर्ण साधन है। अपडेट रहने के लिए समय के अनुरूप अपने को ढालना आवश्यक है। इसके माध्यम से आप नवीनतम जानकारियों से अवगत होंगे और अपने भविष्य का बेहतर निर्माण कर सकेंगे। वहीं उन्होंने साइबर क्राइम की चर्चा करते हुए इससे सतर्क रहने की चेतावनी भी दी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य प्रो दिवाकर सिंह ने कहा कि डीजी शक्ति योजना के तहत युवाओं को तकनीकी रूप से कुशल, स्वरोजगार उन्मुख, स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने हेतु प्रदेश सरकार द्वारा छात्र छात्राओं को यह सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके माध्यम से आप अपने ज्ञान में वृद्धि कर देश के विकास में योगदान दें। नोडल अधिकारी डा. प्रवेश कुमार जायसवाल ने लाभार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि टैबलेट का सकारात्मक उपयोग आपके भविष्य निर्माण में सहायक होगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के निसार अहमद, डॉ.अंजली यादव, समसुल कमर, प्रो. चंद्रभान सिंह, डॉ. प्रिंस कुमार कसौधन, डॉ. दीपक यादव, वासुदेव त्रिपाठी, अभिषेक सिंह, शैलेंद्र प्रताप सिंह सहित समस्त महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा। कार्यक्रम का संचालन डा. शिव प्रताप यादव ने किया।