गाजीपुर। अपनी बेवाक वैचारिकी से हिन्दी साहित्य में विमर्श को स्थापित करने वाले, नयी कहानी के संस्थापकों में से एक और हंस पत्रिका के संपादक राजेन्द्र यादव की जयंती पर राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय के हिंदी विभाग में एक लघु गोष्ठी आयोजित की गयी। इस अवसर पर सर्वप्रथम राजेन्द्र यादव के चित्र पर माल्यार्पण किया गया और एम ए की छात्रा खुशबू द्वारा उनकी प्रतिष्ठित कहानी’ जहाँ लक्ष्मी कैद हैं’ का पाठ किया गया। कार्यक्रम में अपनी बात रखते हुए डॉ. शशिकला जायस्वाल ने कहा कि आज हिन्दी साहित्य में स्त्री लेखन की जो बहुलता दिखाई देती है, उसके पीछे निश्चित रूप से राजेन्द्र यादव का योगदान है। उन्होंने परस्परा से हट कर नवागत स्त्री लेखिकाओ को अपनी पत्रिका में खूब प्रकाशित किया। इस बात को मैत्रेयी पुष्पा, किरण सिंह, मन्नू भण्डारी जैसी प्रतिष्ठित लेखिकाओं ने भी स्वीकार किया है। विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता मौर्य ने कहा कि यदि हिन्दी साहित्य में किसी लेखक पर यह कहावत’ घर फूक तमाशा देखना’ चरितार्थ होता है तो वह लेखक हैं – राजेन्द्र यादव । अपने जीवन में राजेन्द्र यादव जितने चर्चित थे उतने ही विवादित भी रहे। अपनी बेवाक टिप्पणी के लिए वह हमेशा हिन्दी साहित्य के केन्द्र में रहे। वह एक तरफ छद्म राष्ट्रवादी लेखको एवं संगठनों पर हमलाकर थे तो दूसरी तरफ जातिवादी प्रगतिशील लेखको एवं संगठनो की भी जमकर खबर ली है। हंस का संपादकीय पढ़ी जानी चाहिए। इसी क्रम में डां निरंजन कुमार यादव ने कहा कि राजेन्द्र जी की वैचारिक लेखन के आगे हम उनके सृजनात्मक लेखन को उपेक्षित नहीं कर सकते। वह नयी कहानी आंदोलन के जनक हैं। उन्होने अपने कथा साहित्य के माध्यम से मध्यवर्गीय जीवन के यथार्थ और आदर्श के ढोंग को बहुत सूक्ष्म रूप से चित्रित किया है। वह मध्वर्गीय जीवन एवं शहरी विडम्बना बोध के सबसे बड़े कथाकार हैं। प्राचार्य प्रो अनीता कुमारी ने कहा कि मैने राजेन्द्र यादव के लेखन को तो नहीं पढ़ा है लेकिन सारा आकाश’ पर बनी फिल्म को देखी है। जिसमे एक स्त्री के जीवन की विडम्बना हो बहुत ठीक ढंग से दिखाया गया है। मीडिया प्रभारी शिवकुमार ने कहा कि राजेन्द्र यादव का व्यक्तिव हिन्दी साहित्य तक ही सीमित नहीं है; उनके व्याक्तित्व की परिधि में साहित्ता के साथ-साथ समाज और संस्कृति के विभिन्न बराबर स्पर्श करते रहे है। इस अवसर पर हिंदी की सुधी छात्राएं उपस्थित रहीं और उन्होंने भी अपनी बात रखी।
All posts by tiwarishivpratap
DM ने दी चेतावनी, रोका वेतन
गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में मंगलवार की शाम जनपद पोषण समिति की बैठक सम्पन्न हुआ। जिसमें पोषण समिति के साथ -साथ सम्भव अभियान कुपोषित बच्चों का प्रबन्धन पर समीक्षा किया गया है जिसमें स्वास्थ विभाग के साथ पोषण समिति के उपाध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी तथा अन्य सदस्य मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला पशु चिकित्साधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, उपायुक्त आजिविका मिशन के साथ जिला कार्यक्रम अधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के मुख्य चिकित्साधिकारी के साथ – साथ समस्त प्रभारी चिकित्साधिकारी तथा समस्त बाल विकास परियोजना अधिकारी उपस्थित रहें। जनपद में सम्भव अभियान में बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाराचवर, देवकली, जखनियॉ, करण्डा, मनिहारी, मरदह, सदर द्वारा उक्त कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय न बनाने तथा कुपोषित बच्चों के प्रबन्धन तथा स्वास्थ्य विभाग के पोर्टल ई- कवच पर रजिस्ट्रेशन नही कराने पर तथा वनज, गृह भ्रमण, सामुदायिक गतिविधियों तथा ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता पोषण समिति का विभागाीय पोर्टल पर शत-प्रतिशत कार्य पूर्ण न कराने पर चेतावनी जारी करने तथा 31 अगस्त 2024 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया। बाल विकास विभाग के पोर्टल पर आंगनबाड़ी केन्द्रो का शत- प्रतिशत नहीं खुलने पर जिलाधिकारी द्वारा घोर नाराजगी व्यक्त करते हुये निर्देशित किया गया कि जो आंगनबाड़ी केन्द्रो को बन्द रखती है उनका मानदेय स्थायी रूप से रोक लगायी जाय तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी इसकी समीक्षा प्रत्येक दिन करें।

पोषाहार वितरण की समीक्षा में पाया गया कि लाभार्थी का मोबाइल वेरिफिकेशन शत-प्रतिशत हो लेकिन किसी बाल विकास परियोजना अधिकारी द्वारा मोबाइल वेरिफिकेशन शत्-प्रतिशत नहीं होने पर चेतावनी सहित निर्देशित किया गया कि इस माह के अन्तिम तिथि तक समस्त आंगनबाड़ी को युद्ध स्तर पर समस्त लाभार्थियों का मोबाइल वेरिफिकेशन पूर्ण किया जाय। यदि शत्- प्रतिशत यह दोनो कार्य पूर्ण नहीं होते है तो बाल विकास परियोजना अधिकारी की लापरवाही मानते हुये नियमानुसार कार्यवाही हेतु प्रस्तुत किया जाय। हाट कुक्ड़ की समीक्षा में केन्द्रो पर बच्चो को खाना खिलाने तथा रसोईयों को भोजन बनाने सम्बन्धी उपभोग प्रमाण पत्र केन्द्रवार प्राप्त किया जाय तथा इसकी समीक्षा गहनता से हो कि जो खाद्यान्न तथा धनराशि प्रोषित किया गया है उसका उपभोग आंगनबाड़ी प्रधानाचार्य तथा ग्राम प्रधान द्वारा संयुक्त रूप् से प्रस्तुत किया जाय, तथा उपभोग के पश्चात देयता बनती है तो उसका नियमानुसार हस्तांतरण किया जाय। रसोईयों का मानदेय तत्काल प्रभाव से जितने बच्चों ने हॉट कुक्ड़ योजना में वास्तविक रूप से लाभान्वित किये है। उसका बच्चों के सापेक्ष नियमानुसार धनराशि तत्काल हस्तान्तरित किया जाय। इसके अतिरिक्त बाल विकास परियोजना अधिकारी कासिमाबाद, अखिलेश चौहान द्वारा बैठक में बिना किसी सूचना के प्रतिभाग नही किये जाने पर वेतन तत्काल प्रभाव से रोक लगाने तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी मरदह, बिरनों, करण्डा, सैदपुर, मनिहारी एवं सदर सहित अन्य बाल विकास परियोजना अधिकारी का जिनका विभागीय पोर्टल पर शत्- प्रतिशत कार्य पूर्ण न होने पर चेतावनी जारी कर स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया।
आक्रोशित सपा कार्यकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
जखनिया के समस्या और कोतवाली के भ्रष्टाचार को लेकर सपा कार्यकर्ताओं का आक्रोश : तहसील परिसर में शासन विरोधी नारे लगाने के बाद सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपा
गाजीपुर। जखनियां तहसील पर मंगलवार दोपहर 12 बजे से समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष अवधेश उर्फ़ राजू और पूर्व विधायक त्रिवेणी राम के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जखनियां तहसील गेट से शासन प्रशासन विरोधी नारे लगाते हुए 1 बजे उप जिलाधिकारी कमलेश सिंह के कार्यालय पहुंचे। वहां भी जमकर नारे लगाते हुए सात सूत्रीय ज्ञापन मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार और पुलिस महानिरीक्षक डीजीपी लखनऊ के संबोधित ज्ञापन सौंपा।
समाजवादी पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष अवधेश उर्फ राजू ने कहा कि मनिहारी मुख्य मार्ग से तहसील जखनिया व ग्राम न्यायालय होते हुए फद्दूपुर तक सड़क का पुनः निर्माण और चौड़ीकरण किया जाए। साथ ही भूडकुड़ा कोतवाली में फरियादियों के साथ निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जाती है पीड़ित और गरीब फरियादियों को धमका कर धन उगाही की जा रही है। दबाव में गलत मुकदमे क़ायम किया जा रहे हैं इसको यथाशीघ्र बंद किया जाए। जखनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल डॉक्टरों की तैनाती व हर दवा उपलब्ध कराया जाय ताकि लोगों कों सुबिधा मिल सके। राजकीय पशु अस्पताल में जल जमाव की समस्या दूर किया जाए।सहित कुल सात सूत्रीय ज्ञापन उपजिलाधिकारी कमलेश सिंह कों सौंपा गया।
पूर्व विधायक त्रिवेणी राम नें कहाँ कि अगर ज्ञापन के मांगो कों पूरा नहीं किया गया तों 15दिन बाद पूरा सपा पदाधिकारियों के मौजूदगी में बड़ा आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने मिडिया से वार्ता करते हुए कहाँ भूडकुड़ा कोतवाल तारावती और कारखास सिपाही पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहाँ कि भ्र्ष्टाचार कि जननी बन गई है।भूडकुड़ा पुलिस स्टेशन फरियादी का निष्पक्ष सुनवाई नहीं करते है बल्कि शोषण पर अमादा है। ऐसे भृष्ट कर्मचारियों का वर्षो से रहकर मठाधीश होकर लोगों का उत्पीड़न किया जा रहा है। ऐसे लोगों पर जांच कर कार्यवाही किया जाय। इस मौके पर और विधायक त्रिवेणी राम, पूर्व ब्लॉक प्रमुख गरीब राम,सपा के वरिष्ठ नेता रामदुलार राम,वजीर भारती, हेसामुद्दीन, राम लक्ष्मन यादव, रंगीला यादव,लल्लन कुमार,संदीप कुमार, राम नगीना यादव, राम विजय यादव,संतोष यादव, दीपक यादव पूर्वांचल, पिंटू यादव,जितेंद्र यादव,अवधेश यादव, राजू राजभर,राजेश प्रसाद, जसवंत चौहान, सुरेंद्र यादव, प्रदीप यादव,सोनू यादव, आकाश यादव,सरवन यादव, अभिषेक यादव, विशाल यादव, निसार अहमद, रिजवान अहमद आदि लोग उपस्थित रहे।

नरेंद्र पासवान बने लोजपा के ज़िला उपाध्यक्ष, संगठन मंत्री सिद्धांत मिश्र ने दिया नियुक्ति पत्र
नरेंद्र पासवान बने लोजपा के लखनऊ ज़िला के उपाध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष द्वारा संगठन मंत्री सिद्धांत मिश्र ने दिया नियुक्ति पत्र

लखनऊ। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष के०बी०भारती के निर्देशानुसार उत्तर प्रदेश में दिन प्रतिदिन संगठन मज़बूत हो रहा है। इसी क्रम में रविवार को ग्राम पंचायत कपेरा मदारपुर ब्लॉक के गोसईगंज में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान नरेंद्र पासवान को नियुक्ति पत्र प्रदान कर ज़िला अध्यक्ष शम्भूनाथ गुप्ता द्वारा लखनऊ का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया। नव नियुक्त उपाध्यक्ष ने कहा कि पार्टी द्वारा जो जिम्मेदारी मुझे दी गई है उसे मैं निष्ठा और ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करूँगा। इस दौरान दर्जनों के संख्या में युवकों ने लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) की सदस्यता ग्रहण किया। पार्टी के संगठन मंत्री सिद्धान्त मिश्रा ने कहा कि हमारे साथ युवाओं का साथ और बुजुर्गों का आशीर्वाद जोर शोर से मिलता जा रहा है। कहा कि सदस्यता अभियान में नवयुवक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान से प्रभावित होकर उनमें आस्था दर्शा रहे हैं। इसीलिए आज दर्जनों युवाओं ने चिराग पासवान के हाथ को मजबूती प्रदान करने के लिए पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।

परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करते दिखे डीआईजी, डीएम और एसपी

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड, लखनऊ द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती-2023 की लिखित परीक्षा को सकुशल, नकलविहीन, पारदर्शी, निष्पक्ष एवं शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराये जाने के उद्देश्य से डी आई जी ओमप्रकाश सिंह, जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक डा0 ईरज राजा ने शनिवार को सुभाष इण्टर कालेज फतेउल्लाहपुर, शिवकुमार शास्त्री इण्टर कालेज जंगीपुर, राजकीय पालिटेक्निक कालेज, इण्टर कालेज खालिसपुर एवं राजकीय बालिका इण्टर कालेज महुआबाग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया एवं परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरा, स्ट्रांग रूम, चेकिंग, फेस्टिंग, बायोमेट्रिक व्यवस्था को देखा।

इस दौरान डी आई जी ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस परीक्षा की सारी तैयारी उत्कृष्ठ स्तर पर की गयी है। सभी विद्याालयों मे सी0सी0टी0वी कैमरे लगाये गये है। कन्ट्रोल रूम भी बनाये गये है। जनपद स्तर पर भी कन्ट्रोल रूम पुलिस लाइन में बनाया गया है जहॉ से लगातार निगरानी की जा रही है। सभी अभ्यर्थियों का प्रवेश के समय बायोमेट्रीक वैरीफीकेशन किया गया। निर्देशित भी किया कि किसी भी परिक्षाथी बायोमेट्रीक वैरीफीकेशन के बाद ही परीक्षा में बैठेगे। जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में उत्तर प्रदेश पुलिस परीक्षा को संपन्न कराने के लिए 12 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं जिसमे परीक्षा दो पालियों में संपन्न कराई गयी। परीक्षा को संपन्न कराने के लिए जोनल, सेक्टर, स्टेटिक मजिस्ट्रेट के अलावा पर्याप्त पुलिस बल भी लगाया गया।

उन्होने सेक्टर/स्टेटिक मजिस्टेªट को निर्देशित किया है कि अपने अपने कार्यो एवं दायित्वों को शत प्रतिशत निर्वहन करें इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नही होगी। कोई भी परिक्षाथी शक के दायरे में आता है तो तत्काल उसकी तलासी लेते हुए दोषी पाये जाने पर उचित कार्यवाही की जाय। पुलिस अधीक्षक ने सभी परीक्षा केंद्रों पर लगाई गई पुलिस फोर्स को निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के आस पास भीड़ नहीं होना चाहिए यह आप लोग सुनिश्चित करें।

वायरल वीडियो में असलहा लहराने वाला गिरफ्तार
गाजीपुर शहर कोतवाली पुलिस ने कुछ दिनों पूर्व दो पक्षों के विवाद के दौरान एक व्यक्ति द्वारा असलहा लहराने के मामले में कार्यवाही करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही कोतवाली पुलिस ने वायरल वीडियो में दिख रहे तमंचे को भी बरामद किया है। बताया जा रहा है कि क्षेत्र के फाक्सगंज गांव में नजूल लैंड पर बने रास्ते के विवाद को लेकर कुछ दिन पूर्व दो पक्षों के बीच हुए झगड़े के दौरान एक पक्ष की ओर से असलहा लहराने का वीडियो वायरल हुआ था। जानकारी के अनुसार दो पक्षों के बीच रास्ते को लेकर विवाद चल रहा है। एक पक्ष रास्ता चौड़ा करने के पक्ष में है तो दूसरा पक्ष रास्ते को सकरा करना चाहता है। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कई बार मारपीट हो चुकी है। बीते गुरुवार को एक बार फिर दोनों पक्षों के बीच इसी बात को लेकर विवाद हुआ। मामला इतना तूल पकड़ लिया कि एक पक्ष के व्यक्ति ने विपक्षियों पर असलहा तान दिया। काफी देर तक उक्त व्यक्ति लोगों में दहशत फैलाने की नियत से हवा में असलहा लहराता रहा। इस सम्बंध में शहर कोतवाल दीनदयाल पाण्डेय ने बताया कि वायरल वीडियो की छानबीन के बाद असलहा लहराने वाले विधान यादव को उसके घर से गिरफ्तार किया गया है। जिसके पास से एक देशी पिस्टल बरामद किया गया।
तीन सितंबर से शुरू होगा बीएड में प्रवेश प्रारंभ
बी० एड० प्रवेश तीन सितम्बर 24 से होगा प्रारम्भ
गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बी० एड० में प्रवेश आगामी तीन सितम्बर 2024 से प्रारंभ होगा। उपरोक्त आशय की सूचना देते हुए प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश बी० एड० संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2024 में जिन छात्र-छात्राओं को केंद्रीय काउन्सलिंग द्वारा स्नातकोत्तर महाविद्यालय आवंटित हुआ है, उन सभी छात्र-छात्राओं का प्रवेश तीन सितम्बर 2024 से बी० एड० विभाग में प्रारम्भ होगा। प्रोफेसर पाण्डेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा के कारण महाविद्यालय एक सितंबर तक बन्द है। बी० एड० में प्रवेश हेतु छात्र- छात्राएं तीन सितम्बर को अपने समस्त प्रमाण पत्रों की मूल प्रति एवं दो प्रति में छाया प्रति, पासपोर्ट साइज फोटो, टी.सी./प्रवजन प्रमाण पत्र आदि के साथ बी० एड० विभाग में तीन सितम्बर से उपस्थित होकर अपना प्रवेश सुनिश्चित करा लें।
हरिन्द्रनाथ चट्टोपाध्याय एक बहु प्रतिभा लेखक थे:राकेश वर्मा
हरिन्द्र नाथ चट्टोपाध्याय के साहित्य ने भारतीय पुनर्जागरण काल और आधुनिक भारत के मध्य एक सेतु का कार्य किया: राकेश वर्मा
गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी में भाषा संकाय के अंतर्गत अंग्रेजी विषय के शोधार्थी राकेश वर्मा ने अपने शोध प्रबन्ध शीर्षक “हरिन्द्र नाथ चट्टोपाध्याय के नाटकों में सामाजिक आलोचना: एक चयनित अध्ययन” नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि हरिन्द्रनाथ चट्टोपाध्याय एक बहु प्रतिभा सम्पन्न लेखक थे। उन्होंने कविता, कहानियाँ एवं नाटक लिखें हैं। प्रस्तुत शोध प्रबंध में उनके प्रसिद्ध मुख्य नाटक खिड़की, तोता, सन्तरी की लालटेन, ताबूत, शाम की लालटेन में वर्णित सामाजिक सरोकारों का अध्ययन किया और पाया कि उनकी लेखनी ने भारतीय पुनर्जागरण काल और आधुनिक भारत के मध्य एक सेतु का कार्य किया है साथ ही साथ उनके नाटकों में वर्ग-संघर्ष भी पाया गया। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी राकेश वर्मा ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबन्ध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह , मुख्य नियंता प्रोफेसर (डॉ०) एस० डी० सिंह परिहार, शोध निर्देशक व अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफे० (डॉ०) रविशंकर सिंह, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के सदस्य प्रोफे (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० राम दुलारे, डॉ० कृष्ण कुमार पटेल, डॉ० एस० एन०मिश्र, डॉ० इंदीवर रत्न पाठक, डॉ० अशोक कुमार डॉ० आर० एन० तिवारी, डॉ० मनोज कुमार मिश्र, डॉ०धर्मेंद्र कुमार, डॉ०रमेश चंद्र, डॉ०आबिद अंसारी एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। अंत मे शोध निर्देशक प्रोफे० (डॉ०)रविशंकर सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया एवं संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह ने किया।
2 सितंबर से शुरू होगा कुष्ठ रोगी खोजी अभियान
2 सितंबर से चलेगा कुष्ठ रोगी खोजी अभियान, तैयारी को लेकर हुआ कार्यशाला

ग़ाज़ीपुर। पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर कुष्ठ रोगी खोजी अभियान 2 सितम्बर से 15 सितम्बर तक संचालित होना है। जिसको लेकर इस प्रोग्राम को बेहतर बनाने के लिए लगातार चिकित्सा अधिकारियों की बैठक की जा रही है । इसी क्रम में शुक्रवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल की अध्यक्षता में दो दिवसीय वर्कशाप का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ रामकुमार और उप जिला कुष्ठ अधिकारी डॉ मुंशीलाल के द्वारा आए हुए लोगों को प्रशिक्षित किया गया। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ रामकुमार ने बताया कि जनपद में 2 सितंबर से 15 सितंबर तक कुष्ठ रोगी खोजी अभियान चलाया जाना है। जिसको लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण के लिए वर्कशॉप का आयोजन किया गया है। जिसमें जनपद के सभी चिकित्सा अधिकारी बीसीपीएम व अन्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान उन्हें अभियान में मरीजों को किस तरह से खोजा जाना है इसकी बारीकियां के बारे में जानकारी दी गई है।उन्होंने बताया कि इसके पूर्व 21 दिसंबर से 4 जनवरी तक कुष्ठ रोगी खोजी अभियान चलाया गया था जिसमें घर-घर जाकर 62 मरीजों को चिन्हित किया गया था। और सभी को विभाग के द्वारा निशुल्क दवा उपलब्ध कराई गई । वहीं अगर अब तक के रिकॉर्ड की बात करें तो जनपद में कुल 173 मरीज का इलाज चल रहा है। जिसमें पीबी 51 और एमबी मरिज 122 है। पीबी मरीजों का दवा 6 माह और एमबी मरीजों का दवा 1 साल तक चलाया जाता है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान को सफल बनाने के लिए कुल 3749 टीम बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में आशा/आंगनबाड़ी और एक पुरुष कार्यकर्ता शामिल रहेगा .जो पल्स पोलियो की तर्ज पर घर-घर जाकर कुष्ठ रोगी के जांच करेगा .और इन सभी टीमों की निगरानी के लिए 758 सुपरवाइजर नियुक्त किए गए हैं। उन्होंने बताया कि कुष्ठ रोगी खोजी अभियान में काम करने वाली आशा आंगनबाड़ी को ₹250 का मानदेय दिया जाता है. और जिन आशा के द्वारा पीबी के मरीज को दवा खिलाया जाता है उस आशा या आंगनबाड़ी को 6 माह का दवा खिलाने पर ₹400 दिया जाता है। और एमबी मरीज को दवा खिलाए जाने के पश्चात ₹600 दिया जाता है। साथ ही उन्होंने बताया कि यदि दिव्यांग और पैर में शून्यता वाले मरीज मिलते हैं तो उन्हें विभाग की तरफ से निशुल्क एमसीआर चप्पल भी दिया जाता है। इस अभियान में धार्मिक, राजनीतिक और शैक्षिक क्षेत्र के प्रभावशाली लोगों का भी सहयोग लिया जाएगा। क्योंकि ऐसे लोग अपने-अपने क्षेत्र में काफी प्रभाव रखते हैं । और लोग इनकी बातों को भी सुनते हैं। इसलिए ऐसे लोगों को इस कार्यक्रम से जोड़ने का शासन ने एक प्रयास किया है। इस बैठक में समस्त अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, और चिकित्सा अधीक्षक के साथ ही प्रभारी अधिकारी ब्लाक के बीसीपीएम व अन्य उपस्थित रहे।

मोटे अनाज के सेवन से कई सारे रोगो से बचा जा सकता है:नपा अध्यक्ष सरिता
गाजीपुर। शुक्रवार को कृषि विज्ञान केन्द्र पी0जी0 कालेज में त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम योजनान्तर्गत एक दिवसीय कृषक गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल द्वारा किया गया। उप कृषि निदेशक, द्वारा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गयी। उनके द्वारा बताया गया कि त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम अन्तर्गत जनपद में संकर मक्के का 8 कुं0 बीज से 40 हें0 क्षेत्र में प्रदर्शन कराया गया है। जिसमें बीज का शत-प्रतिशत अनुदान किसानों के खाते में भेजा जा चुका है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सरिता अग्रवाल द्वारा बताया गया कि आज की आधुनिक जीवन शैली में सूगर व अन्य प्रकार के रोगो का प्रकोप दिन पर दिन बढ़ाता जा रहा है। मक्का व अन्य दूसरे मोटे अनाज के सेवन से इन रोगो से बचा जा सकता है। मोटे अनाज की खेती अन्य की तुलना में आसान होती है, पानी व उर्वरक की कम मात्रा में ही इसकी खेती हो सकती है।

परियोजना निदेशक राजेश यादव द्वारा भी बताया गया कि मोटे अनाज में ग्लूटिन की मात्रा नही होती है जिससे उसका पाचन बहुत आसान होता है। इसलिए सभी को मोटे अनाजों को अपने भोज्य पदार्थो में समावेश अवश्य करना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित कृषकों को मक्के व अन्य मोटे अनाज की खेती व बीज उत्पादन की विस्तृत जानकारी कृषि वैज्ञानिकों द्वारा दी गयी। उप कृषि निदेशक द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत कुल 455296 कृषको का भूमि अंकन का कार्य पूर्ण हैं जिसके सापेक्ष 421001 कृषको का ई-के0वाई0सी एवं 434156 कृषकों का आधार सीडिंग पूर्ण है। इस प्रकार अभी भी 34295 कृषको का ई-के0वाई0सी0 एवं 21140 कृषकों का आधार सीडिंग लम्बित है जिसके कारण इन कृषकों को पी0एम0 किसान के लाभ से वंचित हैं। सोलर पम्प हेतु आन लाइन आवेदन के लिए पोर्टल खुला है। इच्छुक कृषक आन लाइन आवेदन करा सकते है। इसी प्रकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमा कराने की अन्तिम तिथि 25 अगस्त है। कृषक सहज जन सेवा केन्द्र से अपने फसलो का बीमा ससमय करा लेें।

गोष्ठी में जिला कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, भूमि संरक्षण अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक यू0बी0आई, जिला समन्वयक यू0पी0 डास्प, उप सम्भागीय कृषि प्रसार अधिकारी, सहायक प्रबन्धक इफको एवं कृषि विज्ञान केन्द्र पी0जी0 कालेज गाजीपुर व आकुशपुर के वैज्ञानिक डा0 विनोद कुमार सिंह, डा0 धर्मेन्द्र कुमार सिंह, डा0 ओमकार, डा0 जय प्रकाश सिंह इत्यादि उपस्थ्ति थे।