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पशु तस्करों को किया गिरफ्तार

गाजीपुर। सादात थाना पुलिस ने तीन पशु तस्करों को पांच गोवंश के साथ गिरफ्तार किया। इसके बाद इन सभी लोगों पर 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का अभियोग पंजीकृत कर जेल भेजने की कार्रवाई की। पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के द्वारा चलाए गए अभियान के तहत सादात थाने की टीम के द्वारा शुक्रवार को सुबह बहादुरपुर चौराहे के ग्राम हुरमुजपुर से एक मैजिक वाहन में पांच गोवंश लादकर ले जा रहे तीन पशु तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इन सभी के विरुद्ध थाने में धारा 11 पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का अभियोग पंजीकृत कराकर कार्रवाई की गई। गिरफ्तार अभियुक्त में संजय भारद्वाज निवासी भुडकुडा ,गोपाल कुमार ग्राम धनबाउर थाना दुल्लहपुर और देवेंद्र कुमार निवासी बिजौरा थाना मरदह है। तस्करों को गिरफ्तार करने वाले पुलिस टीम में सादात थानाध्यक्ष आलोक त्रिपाठी, कांस्टेबल विपिन कुमार और का. शिवम यादव शामिल थे।

एसपी के हाथों खोए हुए मोबाइल फोन पाकर खिल उठे लोगों के चेहरे

गाजीपुर। सर्विलांस सेल टीम द्वारा जनपद में खोये हुए कुल 62 अदद स्मार्ट फोन बरामद कर आवेदकों को सुपुर्द किया गया। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत 12 लाख रुपए है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शुक्रवार को एसपी ओमवीर सिंह ने बरामद दर्जनों मोबाइल फोन को आवेदकों को दिया।
सर्विलांस सेल द्वारा जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रान्तर्गत उक्त सभी गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किया। गुमशुदा मोबाइल फोन पुनः प्राप्त करने के बाद आवेदकों ने एसपी और सर्विलांस टीम के प्रति प्रसन्नता व्यक्त करते हुये धन्यवाद व्यक्त किया। इस दौरान एसपी के साथ एसपी सिटी ज्ञानेंद्र, सीओ सिटी गौरव कुमार मौजूद रहे। मोबाइल फोन बरामद करने वाले टीम में क्राइम ब्रांच प्रभारी रामाश्रय राय, सर्विलांस सेल प्रभारी शिवाकान्त मिश्रा, संजय कुमार पटेल, संजय सिंह रजावत, संजय प्रसाद, सूरज सिंह, विकास श्रीवास्तव, विनय यादव, शैलेन्द्र यादव स्वाट, सूजीत सिंह स्वाट टीम, आशुतोष सिंह, चन्दनमणि त्रिपाठी, अजय प्रसाद, जयंत सिंह, राकेश कुमार, प्रमोद कुमार और ओम प्रकाश सिंह शामिल रहे।

नपा अध्यक्ष ने बच्चों को भोजन करा शुरू किया हॉट कुक मील योजना

नगर पालिका अध्यक्ष ने बच्चों को भोजन परोस कर शुरू किया हॉट कुक मील योजना

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा शुक्रवार को पूरे प्रदेश में संचालित आंगनबाड़ी केदो में आने वाले 3 वर्ष से 6 वर्ष के बच्चों के लिए हॉट कुक मील योजना की शुरुआत की गई। जिसका शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा किया गया। वहीं गाजीपुर के प्राथमिक विद्यालय छावनी लाइन में इस योजना का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल के द्वारा बच्चों को भोजन परोसकर किया गया। वही इस कार्यक्रम के शुरू होने से पूर्व जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडे और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने बने हुए भोजन को पहले खुद चखा और उसके पश्चात बच्चों में वितरित किया गया। जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडे ने बताया कि हॉट कुक मिल योजना काफी दिनों से बंद चल रही थी। उसकी जगह पर आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों को सुखा राशन के तहत चने का दाल और दलिया दिया जा रहा था । लेकिन अब शासन के द्वारा एक बार फिर से इस योजना को संचालित किया गया है। जिसको लेकर शासन के द्वारा बजट भेजा गया। और आज से इस योजना का शुभारंभ किया गया है।केंद्रों का मैपिंग भी कराया जा चुका है । जिससे यह पता चल सके की किस केंद्र का भोजन कहां बनना है। 4127 केंद्रों पर करीब 84 हजार बच्चे इस योजना से लाभान्वित होंगे।

उन्होंने बताया कि प्राथमिक विद्यालयों के अंतर्गत संचालित होने वाले आंगनवाड़ी केदो का हॉट कुक मिड डे मील भोजन के साथ वहां की रसोइयों के द्वारा बनाया जाएगा । जो आंगनवाड़ी केंद्र प्राथमिक विद्यालयों से दूरी पर है वहां पर उनका भोजन सहायिका के द्वारा बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि पूर्व में सुखा राशन की योजना जो चल रही थी वह भी निरंतर चलती रहेगी। हॉट कुक योजना के लिए शासन की तरफ से ₹4.50 पैसे कन्वर्जन प्रति बच्चे शासन के द्वारा दिया जाएगा ।जिसमें से 25 पैसे परिवहन पर खर्च किए जाएंगे। इस पैसे में प्राथमिक विद्यालय की रसोइयों की पारिश्रमिक भी शामिल है। उन्होंने बताया कि जखनिया में 3 वर्ष से 6 वर्ष के वास्तविक उपस्थित बच्चों की संख्या 5092 ,मनिहारी 5824 ,सादात 6251, सैदपुर 5685, देवकली 5497, करंडा 3075, सदर 4597, शहर 2297, मरदह 4390, कासिमाबाद 6059, बाराचवर 5385, मोहम्मदबाद 4471 ,भांवरकोल 5092, रेवतीपुर 4718 ,भदौरा 4450, जमानिया 70 08 बच्चे इस योजना से लाभान्वित होंगे। इस कार्यक्रम में परियोजना निदेशक राजेश यादव, बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ,डीपीआरओ अंशुल मौर्य, सीडीपीओ सदर अखिलेश कुमार के साथ ही आईसीडीएस विभाग के सुपरवाइजर, आंगनबाड़ी और प्राथमिक विद्यालय के टीचर प्रधानाचार्य सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

20 प्रतिशत वृद्धि के साथ ईंट भट्ठा मालिकों को जमा करना होगा विनियमन शुल्क

गाजीपुर। जिलाधिकारी द्वारा सूचित किया गया है कि विशेष सचिव, उ0प्र0 शासन, भूत्तव एवं खनिकर्म अनुभाग लखनऊ द्वारा ईट भट्ठा सत्र 2023-24 के लिए उ0प्र0 उपखनिज (परिहार) नियमावली, 2021 के नियम- 21(2) के अनुसार ईट- भट्ठा मालिकों से पायो के आधार पर विनियमन शुल्क गत सत्र- 2022-2023 से ईट भट्ठा सत्र 2023-2024 हेतु 20 प्रतिशत वृद्धि के साथ लिये जाने का निर्णय लिया गया है। शासनादेश में निर्देशित किया गया है कि ईट भट्ठा स्वामी को पोर्टल पर ऑनलाईन आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ रू 2000 का आवेदन शुल्क, ईट भट्ठा स्वामी का विवरण, भट्ठा स्थल सहित विवरण, भट्ठा का प्रकार (सामान्य/जिग-जैग), पायों की संख्या, ईट-मिट्टी के खनन क्षेत्र का विवरण, भट्ठा-सत्र सहित वांछित विवरण फीड करना होगा। ईट भट्ठा स्वामी को आवेदन – पत्र के साथ ईट-भट्ठे के सम्बन्ध में रायल्टी/विनियमन शुल्क बकाया न होने का शपथ -पत्र भी प्रस्तुत करना होगा। फीड की गयी सूचना के अनुसार ईट भट्ठों के पायों की संख्या के आधार पर विनियमन शुल्क एवं पलोथन की धनराशि अग्रिम रूप से पोर्टल पर प्रदर्शित लिंक के माध्यम से ऑनलाईन भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग के लेखाशीर्षक ‘‘ 0853- अलौह खनन तथा धातुकर्म उद्योग- 102- खनिज रियायत शुल्क किराया और स्वत्व शुल्क‘‘ में जमा की जायेगी। विनियमन शुल्क आनलाईन जमा करने पर ईट भट्ठा स्वामी ‘‘विनियमन शुल्क जमा का प्रमाण-पत्र‘‘ पोर्टल से जनित कर सकेंगे। ईट- भट्ठा स्वामियों द्वारा विनियमन शुल्क अग्रिम रूप से जमा किये जाने के उपरान्त ही ईट भट्ठे का संचालन किया जायेगा। विनियमन शुल्क की धनराशि जमा किये बिना संचालित ईट भट्ठो के विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जायेगी। ईट मिट्टी के लिये देय विनियमन शुल्क की धनराशि के 10 प्रतिशत के समतुल्य धनराशि ईट बनाने के काम आने वाली पलोथन मिट्टी (बलुई मिट्टी) के लिये ईट- भट्ठा स्वामियों द्वारा जमा किया जाना होगा। 30 अक्टूबर 2023 तक जमा की गयी विनियमन शुल्क की धनराशि पर किसी प्रकार का ब्याज देय नही होगा किन्तु उक्त तिथि के उपरान्त जमा की गयी धनराशि पर नियमानुसार ब्याज देय होगा।

कम राजस्व वसूली वाले विभागों पर डीएम नाराज, दिया निर्देश

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में कर-करेत्तर एंव मासिक स्टाफ बैठक रायफल क्लब सभागार में गुरूवार को सम्पन्न हुआ। बैठक में जिलाधिकारी ने परिवहन, वन विभाग, स्टाम्प, नगर पालिका, आडिट आपत्ति, चकबन्दी, व्यापार कर, विद्युत देय, आबकारी, अंश निर्धारण, मोटर देय, आईजीआरएस, के सम्बन्ध मे विस्तारपूर्वक समीक्षा की। बैठक मे जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों का आह्वान करते हुए उन्हें निर्देश दिया कि राजस्व प्राप्ति के संबंध में जो विभाग कार्य कर रहे हैं उनके द्वारा अपने-अपने लक्ष्य को प्रत्येक माह उसे पूर्ण कर अंतिम रूप प्रदान किया जाए ताकि सभी विभागों में राजस्व प्राप्ति के लक्ष्य पूर्ण किए जा सकें। उन्होने कम राजस्व वसूली  वाले विभागो के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए सम्बन्धित अधिकारियों को अपने लक्ष्य के प्रति प्रत्येक माह कार्य योजना बनाकर मूर्त रूप प्रदान किए जाने को कहा। उन्होंने कहा कि इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही एवं शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जिन विभागीय अधिकारियों के द्वारा अपने राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति नहीं की जाएगी उनके विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित की जाएगी। जिसकी जिम्मेदारी स्वयं संबंधित विभागीय अधिकारी की होगी। उन्होने आई जी आर एस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतो को निर्धारित समयान्तराल मे निस्तारण का निर्देश दिया, उन्होने सख्त लहजे मे कहा कि कोई भी शिकायत पत्र डिफाल्टर न हो। इसकी समीक्षा सीधे शासन स्तर से की जाती है। उन्होनेे जिला विद्यालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा विभाग मे प्राप्त शिकायत पत्र का समय से निस्तारण न होने तथा डिफाल्टर होने पर स्पष्टिकरण तथा खण्ड विकास अधिकारी कासिमाबाद के द्वारा आई जी आर एस पोर्टल पर शिकायत पत्र निस्तारण न करने/डिफाल्टर होने पर खण्ड विकास अधिकारी का वेतन रोकने का निर्देश दिया। 

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने मासिक स्टाफ बैठक में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक ली। बैठक में लंबित प्रकरण एवं विवादित प्रकरण, दाखिल खारिज, विवादित वादो का निस्तारण करने को कहा।  नायब तहसील सेवराई के द्वारा राजस्व कार्य मे लापरवाही पर प्रतिकूल प्रतिष्टि का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि राजस्व कार्यों में सभी अधिकारियों द्वारा सरकार की मंशा के अनुरूप चलाए जा रहे प्रत्येक कार्यक्रम में तत्परता दिखाते हुए कार्यों का संपादन किया जाना सुनिश्चित करें ताकि सरकार की राजस्व योजनाओं का लाभ जन सामान्य को आसानी के साथ प्राप्त हो सके। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि समस्त अधिकारी राजस्व वसूली का कार्य सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर करते हुए डिमांड के अनुसार वसूली सुनिश्चित करे। उन्होंने राजस्व वादों के निस्तारण में समीक्षा करते हुए राजस्व वादों के निस्तारण के संबंध में सभी पीठासीन अधिकारियों द्वारा शिकायतो का निस्तारण गुण एवं दोष के आधार पर कार्रवाई करते हुए सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, अरूण कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार एवं सम्बन्धित अधिकारी एंव पटल सहायक उपस्थित थे।      

पटना में हुनर दिखाएंगे ताइक्वांडो खिलाड़ी आदित्य दुबे

पटना के साइं सेंटर में हुनर निखारेंगे ताइक्वांडो खिलाड़ी आदित्य दुबे

ग़ाज़ीपुर। जिले के मनिहारी निवासी ताइक्वांडो खिलाड़ी आदित्य दुबे का चयन स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (सांई) द्वारा किया गया है। पटना में स्थित साई के स्पोर्ट्स ट्रेनिंग सेंटर में आदित्य कुछ दिन पूर्व ट्रायल देने गए थे, जिसमें किए गए श्रेष्ठ प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन हुआ है। उनके चयन पर गांव मनिहारी और स्कूल में खुशी का माहौल है उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में आठ पदक जीते हैं जबकि नेशनल व इंटरनेशनल लेबल प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक अपने नाम किए हैं।



मा है गृहणी, पिता एक शिक्षक हैं

आदित्य मनिहारी निवासी पंकज दुबे और चंदा दुबे के बेटे हैं पिता पंकज दुबे बुजुर्गा स्थित कंपोजिट विद्यालय में शिक्षक हैं जबकि मां चंदा दुबे गृहणी हैं। आदित्य दुबे यूसूफपुर खड़बा स्थित खाकी बाबा सिद्धार्थ इंटर कॉलेज में 9वी का छात्र है। मनिहारी में संचालित आर बी ताइक्वांडो प्रशिक्षण केंद्र में कोच रविकांत भारती से पिछले चार वर्षों से ताइक्वांडो मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहा है। जिला गाजीपुर ताइक्वांडो संघ के अध्यक्ष अलाउद्दीन अंसारी ने बताया कि आदित्य दुबे बहुत ही प्रतिभावान खिलाड़ी है। इस तरह के खिलाड़ियों को संघ हमेशा प्रोत्साहन देता रहेगा। कोच रविकांत भारती ने बताया कि आदित्य के अंदर सीखने की अद्भुत लक है। वह बताए गए बातों को जल्द पकड़ लेता है और यही उसके सफलता का राज भी है। जिला गाजीपुर ताइक्वांडो संघ के अध्यक्ष अलाउद्दीन अंसारी ने चयनित खिलाड़ी को मोमेंटो देकर हौसला अफजाई किया। इस दौरान संघ के सचिव विपिन सिंह यादव, कोच मनोज कुमार, विजय कमला साहनी, अजय कुमार शर्मा, सत्यदेव पांडे, चित्रांश राय सहित आदि लोगों ने शुभकामनाएं दी।

शासन की योजनाओं से कोई भी पात्र व्यक्ति न रहे वंचित:-डीएम

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में उ0प्र0 शासन द्वारा निर्धारित शासन के महत्वपूर्ण (37 बिन्दु), मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक बुधवार को रायफल क्लब सभागार मे सम्पन्न हुई। बैठक सीएम डैशबोर्ड से ली गयी। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिस-जिस विभागो की विभागीय योजनाए, आख्या, उपलब्धी सीएम डैश बोर्ड पोर्टल पर फीड नही है उसे तत्काल फीड कराने का निर्देश दिया, जिससे जनपद की रैकिग खराब न हो। बैठक में उन्होने समस्त संबंधित विभागों से जुड़ी योजनाओं की माह प्रगति के बारे में समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होने संबंधित अधिकारी को निर्धारित समय सीमा में विभागीय विकास परक योजनाओं एवं निर्माणाधीन परियोजनाओं को पूरा करने के सख्त निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू कर पात्र आम जन मानस को त्वरित गति से लाभ पहुचाया जाये। किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाये। कोई भी पात्र व्यक्ति शासन की लाभ परक योजनाओं से वंचित न रहने पाए एव सहभागिता योजना में पात्र लोगो को जागरूक करने का निर्देश दिया।

उन्होने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुओ का टीकाकरण एव निराश्रित गौवंश को गौशालयों में अभियान चलाकर संरक्षित करने का निर्देश दिया। आई0जी0आर0एस प्रकरण मे उन्होने शिकायत पत्रो का समय से निस्तारण करने का निर्देश दिया। कहा कि किसी दशा में कोई शिकायत डिफाल्टर न होने पाये। इसकी समीक्षा सीधे शासन स्तर से की जाती है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करते हुये कहा कि अपनी-अपनी विभागीय योजनाओं के सम्बन्ध में स्टाफ के साथ समीक्षा कर समयान्तर्गत कार्य कराना सुनिश्चित करें। बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी समेत समस्त जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

डीएम ने की आकांक्षात्मक विकास खंडों के विकास कार्यों की समीक्षा

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में आकांक्षात्मक विकास खण्डो की प्रगति समीक्षा बैठक बुधवार को राईफल क्लब सभागार में सम्पन्न हुआ। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने राज्य सरकार द्वारा जनपद के छः आकांक्षात्मक विकास खण्ड रेवतीपुर, सादात, देवकली, बाराचवर, विरनो, मरदह जिसका चयन प्रदेश के 100 आकांक्षात्मक विकास खंड के रूप में किया है। इसमें कराये जा रहे विकास कार्यो की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने एम वाई सी बाराचवर एवं बिरनो के स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित योजनाओं में लापरवाही करने पर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि सम्बन्धित विकास खण्डो में तैनात सी एम फैलो द्वारा निर्धारित इंडिकेटर्स पर सही आकड़ा जॉच कर फिड करे। उन्होने डी एस एन आर एल एम को साथ ही समस्त खण्ड विकास अधिकारी, सी एम फैलो के साथ साप्ताहिक बैठक कर आकड़ो मे सुधार लाने तथा डेटा फीडिंग के दौरान सभी उपस्थित होकर सबके संज्ञान मे ही डेटा फीड कराने का निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि आकाक्षात्मक विकास खण्डो में स्वास्थ्य, कुपोषण, जल संसाधन, शिक्षा, कौशल विकास, वित्तीय समावेशन, कृषि, आधारभूत अवसंरचना सहित कई ऐसे मानक हैं जिन पर व्यापक स्तर पर काम किये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने समस्त अधिकारियों को शासन की नीति के अनुरूप आकाक्षात्मक विकास खण्ड में विकास कार्य को पूरा करने का निर्देश दिया। कहा कि ये कार्य शासन की शीर्ष प्राथमिकता का विषय है। आकांक्षात्मक ब्लॉक को लेकर मुख्यमंत्री बेहद गंभीर हैं और इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं चलेगी। इसमें लापरवाही मिलने पर कार्यवाई तय है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, मुख्य चिकित्साधिकारी, अर्थ एवं संख्याधिकारी, डी सी एन आर एल एम, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, सम्बंधित खण्ड विकास अधिकारी एवं समस्त सम्बन्धित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

सर्पदंश से बचाव को लेकर डीएम ने की बैठक, दिया निर्देश

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में सर्पदंश से बचाव हेतु बुधवार को बैठक की। बैठक के दौरान सर्वदंश से बचाव हेतु प्रदेश के 3 जनपदो से पायलट प्रोजेक्ट के रूप लिया गया। इसमें हमारा जनपद भी शामिल है। सर्पदंश से बचाव हेतु चिकित्सा विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है तथा राजस्व विभाग द्वारा शासन की इस महत्वपूर्ण योजना को मूर्तरूप दिये जाने हेतु प्रभावी अनुश्रवण एवं समन्वय स्थापित किया जाना है।

सर्पदंश से बचाव हेतु पम्पलेट, पोस्टर एवं वैनर आदि के माध्यम से जनजागरूकता कार्यक्रम चलाया जाना एवं आशा कार्यकत्रियों तथा मेडिकल उपचार के लिए प्रभावी कदम उठाया जाना है। जिलाधिकारी द्वारा किट वितरण एवं बुकलेट छपवाने का कार्य शासन से वार्ता कर नमूना प्राप्त करने हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया। बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0, वरिष्ठ कोषाधिकारी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी एसके मिश्रा तथा चिकित्सा विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

“जानें क्यों” हॉटस्पॉट एरिया है शहर का कई इलाका

गाजीपुर। उत्तर प्रदेश में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। बात जिले कि करें तो पिछले 24 घंटों में 7 नए पॉजिटिव मामले सामने आए हैं। ये मामले शहर के कई हिस्सों से जिला अस्पताल में दर्ज किए गए। जिले में अबतक कुल 276 मामले डेंगू के जिला अस्पताल में आए हैं। जिसमें से 238 मरीज आज मंगलवार तक स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। शेष मरीजों का अभी जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। बता दें कि डेंगू मरीजों के ज्यादा मामले नगर पालिका परिषद गाजीपुर क्षेत्र के सकलेनाबाद, तुलसीसागर, तिलकनगर कालोनी, कलेक्टर घाट, पुलिस लाइन और आमघाट से आए हैं। इसीलिए इन सब इलाकों को हॉटस्पॉट एरिया घोषित कर दिया गया है।