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डीएम और सीडीओ ने किया रक्तदान, कहा…..

गाजीपुर। सेवा संकल्प अभियान योजना के अंतर्गत आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान कार्यक्रम के क्रम में गुरुवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एवं मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने मेडिकल कॉलेज स्थित रक्त कोष में स्वयं रक्तदान किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने जनपदवासियों से अधिक से अधिक संख्या में स्वैच्छिक रक्तदान करने की अपील की।

जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने कहा कि रक्तदान मानव सेवा का महत्वपूर्ण कार्य है। हमारे द्वारा किया गया रक्तदान किसी जरूरतमंद मरीज के जीवन को बचाने में अहम भूमिका निभा सकता है। दुर्घटना, गंभीर बीमारी, प्रसव तथा अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों में मरीजों को तत्काल रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में रक्त की उपलब्धता जीवनरक्षक साबित होती है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ एवं पात्र व्यक्तियों को चिकित्सकीय मानकों के अनुसार नियमित अंतराल पर रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। रक्तदान को लेकर लोगों के मन में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं समेत समाज के सभी पात्र लोगों से रक्तदान शिविरों में भाग लेने तथा अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की।

जिलाधिकारी ने बताया कि रक्तदान से पूर्व प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सकीय पात्रता का परीक्षण किया जाता है। इसलिए रक्तदान हमेशा चिकित्सकीय सलाह एवं निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त से उसके विभिन्न घटकों को अलग कर जरूरतमंद मरीजों के उपचार में सहायता दी जा सकती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान को सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में अपनाते हुए अधिक से अधिक लोगों को इस पुनीत कार्य से जुड़ना चाहिए। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य आनंद मिश्रा समेत चिकित्सक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

डीएम का औचक निरीक्षण, संदिग्ध व्यक्ति को पुलिस को सुपुर्द किया

पंजीयन शुल्क के अलावा अतिरिक्त वसूली की जांच, आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण का लिया फीडबैक

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने गुरुवार को एआरटीओ कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कार्यालय की कार्यप्रणाली, अभिलेखों के रख-रखाव, जनसामान्य को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं तथा विभिन्न अनुभागों की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान कार्यालय गेट के बाहर एक संदिग्ध व्यक्ति रामाशीष खरवार को संदेह के आधार पर पूछताछ के बाद पुलिस को सुपुर्द किया गया।

जिलाधिकारी ने पंजीयन कार्य के लिए कार्यालय पहुंचे आवेदकों से सीधे संवाद कर जानकारी ली कि निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त उनसे किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क तो नहीं लिया जा रहा है। आवेदकों ने बताया कि उनसे कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय आने वाले लोगों को शासन द्वारा निर्धारित शुल्क और प्रक्रियाओं की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए तथा किसी भी स्तर पर उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो।

उन्होंने कार्यालय में प्राप्त आईजीआरएस शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की। एक निस्तारित शिकायत के संबंध में जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ता आलोक कुमार से स्वयं दूरभाष पर बात कर जानकारी ली कि उनकी समस्या का निस्तारण समय से और संतोषजनक ढंग से हुआ है या नहीं। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनकी समस्या का समय से निस्तारण कर दिया गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस सहित सभी जनशिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक भी लिया जाए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने लेखाकार कक्ष, डीबीए कक्ष, पंजीयन अनुभाग, सारथी बायोमेट्रिक कक्ष, जनसेवा केंद्र कक्ष, प्रवर्तन कक्ष, हल्के मोटर वाहन संबंधी कार्य कक्ष तथा लाइसेंस अनुभाग का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न कक्षों में रखी फाइलों एवं अभिलेखों के रख-रखाव की स्थिति देखी और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालय परिसर में साफ-सफाई तथा अभिलेखों को व्यवस्थित ढंग से रखने पर विशेष जोर दिया।

विश्वकर्मा मंदिर में चरित मानस पाठ एवं हवन-पूजन


गाजीपुर। विश्वकर्मा समाज द्वारा गाजीपुर नगर क्षेत्र स्थित रूई मंडी गंगा तट पर भगवान विश्वकर्मा मंदिर में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी गुरुवार को विश्वकर्मा पूजनोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया गया। समाज के अध्यक्ष जनार्दन शर्मा की अध्यक्षता में भगवान विश्वकर्मा चरित मानस का पाठ किया गया। इसके पश्चात विधिवत हवन-पूजन एवं आरती कर भगवान विश्वकर्मा से समाज एवं राष्ट्र के सुख, समृद्धि तथा कल्याण की कामना की गई।
इस अवसर पर भाजपा जिला मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा श्रम, सृजन एवं शिल्प-कौशल के अधिष्ठाता हैं। वे मानव जीवन में कर्मनिष्ठा, साहस, संघर्ष और सतत सृजन की प्रेरणा प्रदान करते हैं। भगवान विश्वकर्मा की उपासना हमें श्रम की गरिमा को स्वीकार करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का संदेश देती है।
पूजा-अर्चना, हवन एवं आरती के उपरांत श्रद्धालुओं में प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम में शशिकान्त शर्मा, राम अवतार शर्मा, विजय कुमार विश्वकर्मा, दीनदयाल शर्मा, सतीश शर्मा, राजेश विश्वकर्मा, छोटे विश्वकर्मा, हरिओम विश्वकर्मा, हर्षित शर्मा, सुनील कुमार विश्वकर्मा, देवेंद्र विश्वकर्मा सहित अन्य महिला पुरुष उपस्थित रहे और धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया।

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलनरत इंटर्न व छात्रों से एसडीएम सदर ने की वार्ता

स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलनरत इंटर्न व छात्रों से एसडीएम सदर ने की वार्ता

मांगों को सक्षम स्तर तक पहुंचाने का दिया आश्वासन, मरीजों को निर्बाध चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश

गाजीपुर। राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सा महाविद्यालय, गाजीपुर में इंटर्नशिप स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे इंटर्न एवं छात्रों से मंगलवार को उपजिलाधिकारी सदर ने महाविद्यालय परिसर में वार्ता की। इस दौरान छात्रों एवं इंटर्न ने स्टाइपेंड में वृद्धि समेत अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं से एसडीएम को अवगत कराया। उपजिलाधिकारी सदर ने आंदोलनरत इंटर्न एवं छात्रों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि स्टाइपेंड वृद्धि से संबंधित उनकी मांगों को नियमानुसार सक्षम स्तर के अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा।

वार्ता के दौरान महाविद्यालय में संचालित चिकित्सा सेवाओं की भी जानकारी ली गई। अधिकारियों के अनुसार, महाविद्यालय की ओपीडी नियमित रूप से संचालित हो रही है और चिकित्सकों द्वारा मरीजों का परीक्षण एवं उपचार किया जा रहा है। मरीजों के आवागमन, जांच और उपचार में किसी प्रकार की रोक-टोक अथवा बाधा नहीं है।
उपजिलाधिकारी ने महाविद्यालय प्रशासन को निर्देशित किया कि मरीजों को चिकित्सा सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही परिसर में शांति एवं सामान्य व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए। वार्ता के बाद ओपीडी सेवाएं सुचारू रूप से संचालित होती रहीं।

बागवानी व सिंचाई योजनाओं के लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश

बागवानी व सिंचाई योजनाओं के लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश

गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में सोमवार को रायफल क्लब सभागार में एकीकृत बागवानी विकास मिशन, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना एवं प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की वार्षिक कार्ययोजना को लेकर जिलास्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक हुई। बैठक में योजनाओं के तहत निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला उद्यान अधिकारी ने पिछले वित्तीय वर्ष में पूर्ण कराए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत करने के साथ वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए प्राप्त लक्ष्यों और उनकी कार्ययोजना की जानकारी दी।

एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत जनपद को नवीन उद्यान रोपण के लिए 48 हेक्टेयर, शाकभाजी क्षेत्र विस्तार के लिए 15 हेक्टेयर, पुष्प क्षेत्र विस्तार के लिए 9 हेक्टेयर, प्याज एवं लहसुन के मसाला क्षेत्र विस्तार के लिए 150 हेक्टेयर का लक्ष्य मिला है। इसके अलावा 100 बॉक्स मौनपालन, 2000 रनिंग मीटर घेराबंदी, 70 इको लाइट ट्रैप तथा 15 हेक्टेयर मचान कार्यक्रम का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

वहीं, मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत 14 हेक्टेयर फल क्षेत्र विस्तार, 60 हेक्टेयर शाकभाजी क्षेत्र विस्तार, 20 हेक्टेयर प्याज क्षेत्र विस्तार, 21 हेक्टेयर पुष्प क्षेत्र विस्तार तथा 5 हेक्टेयर मचान कार्यक्रम का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही 4000 रनिंग मीटर घेराबंदी, 150 बॉक्स मौनपालन, 5 एचडीपीई वर्मी बेड और 5 इको लाइट ट्रैप यूनिट स्थापित किए जाने हैं। इन योजनाओं का क्रियान्वयन प्रथम आवक-प्रथम पावक के आधार पर किया जाएगा।

बैठक में स्पष्ट किया गया कि दोनों योजनाओं में किसी भी लाभार्थी की पुनरावृत्ति नहीं की जाएगी। औद्यानिक योजनाओं का लाभ लेने वाले किसानों को प्राथमिकता के आधार पर पीडीएमसी योजना से भी लाभान्वित किया जाए।

मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना का लाभ जनपद के अधिकतम चार विकासखंडों—मुहम्मदाबाद, भांवरकोल, रेवतीपुर एवं सदर—में दिया जाएगा। शेष विकासखंडों में एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के तहत किसानों को लाभान्वित किया जाएगा।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप सिंचाई के लिए 602 हेक्टेयर, मिनी स्प्रिंकलर के लिए 192 हेक्टेयर, माइक्रो स्प्रिंकलर के लिए 80 हेक्टेयर, पोर्टेबल स्प्रिंकलर के लिए 704 हेक्टेयर तथा रेनगन स्प्रिंकलर के लिए 185 हेक्टेयर का भौतिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं के निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए और निदेशालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुरूप सभी कार्य समय से पूरा कराना सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसान इन योजनाओं का लाभ उठा सकें।

बैठक में वरिष्ठ कोषाधिकारी मंगलेश सिंह, जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार, जिला गन्ना अधिकारी अंगद प्रसाद सिंह, कृषि विज्ञान केंद्र पीजी कॉलेज के कृषि वैज्ञानिक डॉ. ओमकार सिंह, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य महेश सिंह सहित समिति के अन्य सदस्य मौजूद रहे। प्रगतिशील कृषक अनूप राय, विजयानन्द राय एवं वीरेन्द्र कुमार राय भी बैठक में उपस्थित रहे।

नराकास गाजीपुर को राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार

नराकास गाजीपुर को राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार

मुंबई में हिंदी दिवस एवं राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान मिला सम्मान

गाजीपुर। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राजभाषा विभाग की ओर से नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), गाजीपुर को वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राजभाषा हिंदी के उत्कृष्ट, प्रभावी एवं सराहनीय कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान मुंबई में आयोजित हिंदी दिवस एवं राष्ट्रीय राजभाषा सम्मेलन के भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
नराकास, गाजीपुर को यह प्रतिष्ठित उपलब्धि जनपद में स्थित विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों, बैंकों एवं सार्वजनिक उपक्रमों में राजभाषा हिंदी के प्रभावी प्रचार-प्रसार, आधिकारिक पत्राचार में हिंदी के प्रयोग, डिजिटल माध्यमों में हिंदी को बढ़ावा देने तथा नियमित बैठकों एवं कार्यशालाओं के सफल आयोजन के आधार पर मिली है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिले इस सम्मान से नराकास गाजीपुर से जुड़े कार्यालयों एवं संस्थानों में खुशी का माहौल है। इस अवसर पर नराकास गाजीपुर के अध्यक्ष विनय शंकर ने समिति के सभी सदस्य कार्यालयों, संस्थानों के प्रमुखों एवं राजभाषा अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार किसी एक कार्यालय या व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि नराकास गाजीपुर से जुड़े सभी सदस्य कार्यालयों की निष्ठा, निरंतर प्रयास और सामूहिक योगदान का परिणाम है। यह सम्मान राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा प्रदान करेगा।
उन्होंने कहा कि नराकास गाजीपुर भविष्य में भी राजभाषा हिंदी के उत्तरोत्तर विकास, प्रभावी क्रियान्वयन और सरल एवं सुगम प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए नई कार्ययोजनाओं के साथ निरंतर कार्य करती रहेगी।

कटरिया कांड के आरोपियों से मिले अखिलेश यादव, एक-एक कर ली मुकदमे की जानकारी

कटरिया कांड के आरोपियों से मिले अखिलेश यादव, मुकदमे की ली जानकारी

गाजीपुर। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ स्थित प्रदेश कार्यालय में कटरिया कांड में आरोपी बनाए गए सपा कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सभी आरोपियों से एक-एक कर मुकदमे की वर्तमान स्थिति और घटना से अब तक हुई कानूनी कार्रवाई की जानकारी ली।

सपा के जिला उपाध्यक्ष आमिर अली ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कटरिया कांड से जुड़े मामले में घटना के दिन से लेकर अब तक की पूरी जानकारी ली। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत कर मामले की स्थिति को समझा और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

आमिर अली के अनुसार, अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं से कहा कि सभी लोग आपसी एकजुटता और मेहनत के साथ इस समस्या का समाधान निकालने के लिए प्रयास करें। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाते हुए मामले में आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन का आश्वासन भी दिया।

एमएसपी की कानूनी गारंटी समेत 14 मांगों पर किसान सभा का विधानसभा मार्च

14 सूत्री मांगों को लेकर 7 अक्टूबर को लखनऊ विधानसभा मार्च करेगी किसान सभा

एमएसपी की कानूनी गारंटी, कर्ज-बिजली बिल माफी और बंद चीनी मिलों को चालू कराने की मांग

गाजीपुर। किसानों की विभिन्न समस्याओं और 14 सूत्री मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश किसान सभा (सम्बद्ध अखिल भारतीय किसान सभा) आगामी 7 अक्टूबर 2026, बुधवार को लखनऊ में विधानसभा मार्च करेगी। मार्च सुबह 11 बजे प्रस्तावित है। मंगलवार को नगर के मिश्रबाजार में आयोजित प्रेसवार्ता में किसान सभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजेंद्र यादव ने इसकी जानकारी देते हुए किसानों, मजदूरों और आमजन से बड़ी संख्या में लखनऊ पहुंचने की अपील की। राजेंद्र यादव ने कहा कि किसान सभा किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने, कृषि लागत कम करने, कर्ज और बिजली बिल से राहत देने तथा किसान-मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने की मांग को लेकर आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि स्वामी सहजानंद सरस्वती भारत में संगठित किसान आंदोलन के जनक रहे हैं और उनकी किसान हितों की संघर्षशील परंपरा को आगे बढ़ाते हुए विधानसभा मार्च किया जा रहा है।

किसान सभा की प्रमुख मांगों में C2+50 प्रतिशत के आधार पर गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 4,762 रुपये, धान 4,508 रुपये, गन्ना 736 रुपये और आलू 1,700 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित करने तथा इसकी कानूनी गारंटी देने की मांग शामिल है। इसके साथ ही किसान, मजदूर, छात्र एवं युवाओं के बकाया बिजली बिल और कर्ज माफ करने की मांग भी उठाई जाएगी। संगठन ने किसान, मजदूर, बुनकर और दस्तकारों को 60 वर्ष की आयु के बाद महिला और पुरुष दोनों के लिए केंद्र एवं प्रदेश सरकार से 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की गारंटी देने की मांग की है। इसके अलावा भारत-अमेरिका ट्रेड डील तथा बिजली संशोधन बिल 2022 वापस लेने की मांग भी की गई है। किसान सभा ने उत्तर प्रदेश में वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने की मांग उठाई है। इसमें गाजीपुर की नंदगंज और मथुरा की छाता चीनी मिल को विशेष रूप से चालू कराने की मांग शामिल है। संगठन ने तालाबों के आवंटन में मल्लाह समुदाय के अधिकार सुनिश्चित करने तथा संबंधित ग्राम पंचायत में पात्र मल्लाह उपलब्ध नहीं होने पर अन्य गरीब पात्र लोगों को आवंटन करने की मांग की है। वहीं, 132 लैण्ड की जमीन पर वर्षों से बसे गरीब मजदूरों को मालिकाना हक देने, भूमि अधिग्रहण कानून-2013 को दरकिनार कर जमीन लेने की प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा चंदौली, वाराणसी, मथुरा, नोएडा और गौतमबुद्ध नगर में चल रही भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही निरस्त करने की मांग भी उठाई जाएगी। किसान सभा ने गाजीपुर की अफीम फैक्ट्री का उल्लेख करते हुए किसानों के लिए पोस्त की खेती का लाइसेंस पुनः शुरू करने तथा मथुरा में दुग्ध उद्योग स्थापित करने की मांग की है। निजी विद्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों में अधिक शुल्क का मुद्दा उठाते हुए गरीब किसान-मजदूर परिवारों को सस्ती एवं बेहतर शिक्षा और चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार से प्रभावी हस्तक्षेप की मांग की गई है। संगठन ने प्रदेश के सभी पंप कैनालों को पूरी क्षमता से संचालित कर खेतों तक पानी पहुंचाने तथा मथुरा के गोवर्धन और छाता क्षेत्र में नहरों में पर्याप्त पानी और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। किसान सभा ने दैवीय आपदा और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान पर मिलने वाली सरकारी सहायता का लाभ बटाईदार और पेशगी किसानों को भी देने की मांग की है। इसके अलावा रसोई गैस, यूरिया और डीएपी की कीमतों को कम करने तथा किसानों के लिए कृषि एवं घरेलू जरूरतों की लागत घटाने की मांग की गई है। संगठन ने देश में भ्रष्टाचार और कथित रूप से अर्जित अवैध संपत्तियों की उच्चस्तरीय जांच कराकर ऐसी संपत्तियों का उपयोग गरीब एवं कमजोर वर्ग के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने में किए जाने की मांग भी 14 सूत्री मांगपत्र में शामिल की है। विधानसभा मार्च में अखिल भारतीय किसान सभा के अध्यक्ष राजन क्षीर सागर, महासचिव आर. वेंकैया, डॉ. गिरीश शर्मा, अरविंद राज स्वरूप, बलदेव सिंह, के.डी. सिंह, पूर्व विधायक एवं उत्तर प्रदेश किसान सभा के प्रांतीय महासचिव राजेंद्र यादव, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एडवोकेट छीतर सिंह, इम्तियाज बेग, डॉ. रामचंद्र सरस और बलराम पटेल समेत कई किसान नेता वक्ता के रूप में शामिल होंगे। कार्यक्रम का नेतृत्व राजेंद्र यादव (पूर्व विधायक एवं महासचिव, उत्तर प्रदेश किसान सभा) तथा एडवोकेट छीतर सिंह (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष, अखिल भारतीय किसान सभा) करेंगे। आयोजक मंत्री परिषद में देवेंद्र मिश्रा, रामकुमार भारती, राधेश्याम यादव, दीनानाथ त्रिपाठी, जनार्दन राम, अशोक मिश्रा, ओमप्रकाश प्रधान, अजय सिंह, जयशंकर सिंह, रामबरन सिंह, रणधीर सुमन एडवोकेट, आनंद चौरसिया, अशोक तिवारी, सुभाष पटेल, बुफरान अहमद, शारदा पांडेय और शशिकांत कुशवाहा सहित अन्य पदाधिकारी शामिल हैं।

जनगणना 2027 में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग, कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

जनगणना 2027 में ओबीसी कॉलम जोड़ने की मांग, कांग्रेस ने राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

गाजीपुर। जनगणना 2027 के प्रपत्र में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम जोड़ने और नागरिकों को जाति दर्ज कराने के लिए प्रमाणित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिला पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कमेटी ने आवाज बुलंद की। जिलाध्यक्ष शंभू सिंह कुशवाहा के नेतृत्व में सोमवार को कांग्रेस नेताओं ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में कहा गया कि पिछड़े वर्गों की वास्तविक सामाजिक, शैक्षिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का समुचित आकलन करने के लिए जातिगत आंकड़ों का उपलब्ध होना आवश्यक है। ओबीसी की वास्तविक जनसंख्या और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति के आंकड़े सामने आने से आरक्षण, शिक्षा, रोजगार और कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित नीतियों को अधिक प्रभावी ढंग से तैयार किया जा सकेगा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बिहार और तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों में जातिगत सर्वेक्षण के माध्यम से सामाजिक आंकड़े जुटाने की पहल की गई है। इसी तर्ज पर केंद्र सरकार को भी जनगणना 2027 में ओबीसी का अलग कॉलम शामिल कर जातिगत आंकड़े एकत्र करने चाहिए। साथ ही जाति संबंधी जानकारी दर्ज करते समय त्रुटियों को कम करने के लिए प्रमाणित ड्रॉपडाउन सूची उपलब्ध कराने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष शंभू सिंह कुशवाहा ने कहा कि देश की आबादी में पिछड़े वर्गों की बड़ी हिस्सेदारी है, लेकिन उनकी वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति से संबंधित अद्यतन एवं व्यापक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जनगणना 2027 में ओबीसी का अलग कॉलम नहीं जोड़ा गया तो पिछड़े वर्गों की वास्तविक भागीदारी और जरूरतों का सही आकलन मुश्किल होगा। कांग्रेस सामाजिक न्याय और समान अवसर के लिए संघर्ष करती रहेगी। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील राम ने कहा कि जातिगत जनगणना केवल आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। पिछड़े वर्गों की वास्तविक संख्या और उनकी आवश्यकताओं की जानकारी मिलने पर ही सरकार उनके लिए प्रभावी नीतियां तैयार कर सकती है। शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा एवं एआईसीसी सदस्य रविकांत राय ने कहा कि पिछड़े वर्गों को शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं में उनकी जनसंख्या के अनुपात में अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए जातिगत जनगणना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सामाजिक समानता, भागीदारी और न्याय की लड़ाई को लगातार आगे बढ़ाती रहेगी। ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से आग्रह किया गया कि जनगणना 2027 के प्रपत्र में ओबीसी का अलग कॉलम जोड़ने तथा जातियों की प्रमाणित सूची उपलब्ध कराने के संबंध में केंद्र सरकार को आवश्यक निर्देश दिए जाएं।
इस दौरान हामिद अली, चंद्रिका सिंह, महबूब निशा, सुमन चौबे, राशिद, उषा चतुर्वेदी, शबीहूल हसन, रईस अहमद, ताहिर अब्बासी, कुंदन खरवार, संतोष कुशवाहा, प्रमोद कुशवाहा और आदिल सहित अन्य कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शाह फ़ैज़ स्कूल में मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं हिंदी दिवस

शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल में संस्थापिका मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं हिंदी दिवस

संघर्ष, सेवा और शिक्षा के प्रति समर्पण को किया गया याद, जरूरतमंदों में बांटी गई राशन सामग्री

गाज़ीपुर। शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल, गाज़ीपुर में सोमवार को विद्यालय की संस्थापिका स्वर्गीय मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा एवं हिंदी दिवस समारोह का आयोजन श्रद्धा और गरिमापूर्ण वातावरण में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा से हुई, जिसमें विद्यार्थियों ने हिंदी भाषा से जुड़े रोचक तथ्यों, सुविचारों, कविताओं और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से हिंदी के महत्व को रेखांकित किया।

इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. नदीम अधमी ने मैडम सईदा फ़ैज़ को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए विशेष प्रार्थना एवं प्रतिज्ञा कराई। उन्होंने कहा कि मैडम सईदा फ़ैज़ का जीवन शिक्षा, संघर्ष, सेवा और मानवीय मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। उनके विचार और आदर्श आज भी विद्यालय परिवार के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके समर्पित योगदान के लिए निदेशक डॉ. नदीम अधमी द्वारा भेंट प्रदान कर सम्मानित किया गया। इसके बाद मैडम सईदा फ़ैज़ की स्मृति में शोक सभा आयोजित की गई, जिसमें उनके व्यक्तित्व, कृतित्व तथा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए उल्लेखनीय कार्यों को याद किया गया।

अपने संबोधन में निदेशक डॉ. नदीम अधमी ने मैडम सईदा फ़ैज़ के संघर्षपूर्ण जीवन, शिक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता तथा विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में उनके योगदान को विस्तार से साझा किया। उन्होंने उनकी विभिन्न उपलब्धियों और दूरदर्शी सोच को स्मरण करते हुए कहा कि उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।

निदेशिका डॉ. मीना अधमी ने मैडम फ़ैज़ के पारिवारिक जीवन, सामाजिक सरोकारों और उनके प्रेरणादायी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। वहीं प्रधानाचार्य इकरामुल हक ने उनके साथ बिताए विद्यालय जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि मैडम फ़ैज़ से उन्होंने एक महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की—किसी व्यक्ति की कमजोरी को सार्वजनिक नहीं करना चाहिए। उन्होंने सदैव दूसरों की गरिमा और सम्मान का ध्यान रखा, जो उनके व्यक्तित्व की महानता को दर्शाता है।

इस अवसर पर वक्ता लव कुश पांडेय ने कहा कि शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल मैडम सईदा फ़ैज़ की तपस्थली रहा है। उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति समर्पण आज भी विद्यालय के प्रत्येक कोने में दिखाई देता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को इस गौरवशाली विरासत को आगे बढ़ाने के लिए बधाई देते हुए कहा कि “शरीर नश्वर है, किंतु महान व्यक्तित्वों की आत्मा और उनके आदर्श सदैव अमर रहते हैं।”

कार्यक्रम को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए विद्यालय परिवार की ओर से गाज़ीपुर के विभिन्न क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद लोगों के बीच राशन सामग्री का वितरण भी किया।