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बक़रीद त्योहार को लेकर डीएम-एसपी ने किया पुलिस बल के साथ रूट मार्च

गाजीपुर। जनपद में आगामी (बकरीद) को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला  एवं पुलिस अधीक्षक डॉ0 ईरज राजा, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अतुल सोनकर, तथा उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद हर्षिता तिवारी, के द्वारा पुलिस बल के साथ थाना मुहम्मदाबाद क्षेत्र से व्यापक रूट मार्च किया गया। रूट मार्च मुहम्मदाबाद थाने से कासिमाबाद रोड़ से युसुफपुर, दर्जी मुहल्ला, प्रिंस रोड, फाटक होते हुए तहसील तिराहा  एवं अन्य क्षेत्रों मे पैदल गस्त किया। इस दौरान प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों द्वारा आम जनमानस, व्यापारियों तथा स्थानीय नागरिकों से संवाद स्थापित करते हुए आगामी त्योहार को आपसी भाईचारे, सौहार्द और शांति के साथ मनाने की अपील की गयी।


जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि जनपद में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूर्णतः नियंत्रण में है और प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें तथा सोशल मीडिया अथवा अन्य माध्यमों से प्राप्त अपुष्ट सूचनाओं को साझा करने से बचें। यदि कोई व्यक्ति अफवाह फैलाने या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास करता पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि त्योहारों के दृष्टिगत संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है तथा सोशल मीडिया सेल को भी सक्रिय किया गया है, जिससे भ्रामक एवं भड़काऊ पोस्ट पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि शांति व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों को बख्शा नहीं जाएगा।

इस दौरान व्यापारियों एवं नागरिकों से अपील की गई कि वे प्रशासन का सहयोग करें, निर्धारित समय-सारिणी एवं दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस या प्रशासन को दें। रूट मार्च के दौरान क्षेत्रीय अधिकारियों, थाना प्रभारी एवं पर्याप्त संख्या में पुलिस बल मौजूद रही। प्रशासन की इस पहल से आम नागरिकों में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण देखने को मिला। जनपद प्रशासन ने पुनः सभी नागरिकों से अपील की है कि आगामी त्योहार को परंपरागत उत्साह, भाईचारे एवं शांति के साथ मनाएं तथा जनपद में अमन-चौन और सौहार्द बनाए रखने में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें।

जनहित से जुड़े मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान कराया जाएगा सुनिश्चित:डीएम

गाजीपुर। मुख्यमंत्री के निर्देश के क्रम में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में मंगलवार को तहसील सदर अन्तर्गत ग्राम पंचायत खालिसपुर में ग्राम चौपाल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी ने पंचायत भवन मे सचिव, लेखपाल व बीट कॉस्टेबल को अपने-अपने कार्य रजिस्टर के साथ उपस्थित रहते हुए कार्य करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने ग्राम सचिव को अनुशासनहीनता एंव सरकारी कार्य मे लापरवाही पर विभागी कार्यवाही का निर्देश दिया। इस दौरान जिला विकास अधिकारी सुभाष चन्द्र सरोज द्वारा विगत तीन वर्षाे मे ग्राम मे केन्द्रीय वित्त एवं राज्य वित्त के पैसो से कराये गये कार्याे की सूची पढकर उपस्थित ग्रामवासियों को  सुनाया गया।

ग्राम चौपाल में विभिन्न विभागों के अधिकारियओ जनप्रतिनिधियों तथा क्षेत्रीय ग्रामीणों की सहभागिता रही। कार्यक्रम का उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाना, ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण करना तथा विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा करके निस्तारण करना है। ग्राम चौपाल के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। इस दौरान ग्रामीणजनो ने अपनी अपनी समस्यो को जिलाधिकारी के सम्मुख रखा जिस पर जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को समस्याओ के समाधान हेतु निर्देश दिये गये। ग्राम चौपाल के दौरान जिलाधिकारीने भूमि विवाद रजिस्टर, गॉव मे कितने अविवादित विरासर पेंडिग है, कितने लोगो का खतौनी मे नाम नही चढा है, कितने चकरोड की पैमाईश नही हुई है, कब्जा, धारा 24 एवं धारा 116 ,पेयजल, सड़क मरम्मत, राशन वितरण, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना, रास्ता विवाद, मनरेगा (जीरामजी)के कार्य, स्वयं सहायता समूह, दिव्यांग पेशन, विधवा पेशन, वृद्धावस्था पेेशन, निराश्रित महिला पेंशन, राजस्व कार्य, स्वास्थ्य सेवाओं तथा शिक्षा व्यवस्था आदि सरकारी की विभिन्न योजनाओ से संबंधित विभिन्न समस्याएं की जानकारी ली।

जिलाधिकारी ने आवास, शौचालय के पात्र व्यक्तियों की सूची पंचायत भवन मे चस्पा करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने ग्राम पंचायत खालिसपुर मे खेल मैदान चिन्हांकन की जानकारी लेने पर बताया गया कि खेल मैदान का चिन्हांकन हो गया है जिसपर जिलाधिकारी ने ख्ेाल मैदान को डेवलेप कर वॉलीबाल , बैडमिंटन कोट बनवाने तथा खेल मैदान के मुख्य द्वार पर नेम बोर्ड लगवाने का निर्देश दिया। खेल को बढावा दिया जाये, अक्टूबर व नवम्बर माह मे ब्लाक प्रीमियर लीग, सदर प्रीमियर लीग प्रत्येक ब्लाक मे कराया जाये। जिलाधिकारी ने कोतवालीपुर मे एक साल से खराब पड़े हैण्ड पंप को कब्जा मुक्त कराते हुए तत्काल सही कराने का निर्देश दिया तथा गॉव मे ग्राम सभा की 8 मंडा जमीन जो कब्जा की गयी है उसे एक माह मे कब्जा मुक्त कराने का निर्देश तहसीलदार को दिया। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि कैम्प के माध्यम से जन समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर शत-प्रतिशत गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उन्होने सम्बन्धित को निर्देशि दिया कि भूमि विवाद की जिनती भी समस्या है उसे रजिस्टर बनाकर नोट किया जाय। योजना में वृद्धा पेंशन, निराश्रत महिला पेंशन, बाल सेवा योजना, श्रम पंजीयन, प्रधानमंत्री किसान, फार्मर रजिट्रि, शौचालय, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, कन्या सुमग्ला एवं अन्य योजनाओं का अभियान चलाकर योजना का लाभ प्रत्येक व्यक्ति को दिया जाय। जिलाधिकारी ने ग्रामवासियों को आश्वस्त किया कि जनहित से जुड़े सभी मामलों का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराया जाएगा। कार्यक्रम के अन्त मे जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं का गोद भराई एवं बच्चों का अन्नप्रासन किया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सदर रवीश गुप्ता, परियोजना निदेशक दीनदयाल वर्मा, पंचायत राज अधिकारी रमेश चंद उपाध्याय, डी0सी0मनरेगा विजय कुमार यादव, नायब तहसीलदार विजय कांन्त, खंड विकास अधिकारी, एवं समस्त जनपद स्तरीय अधिकारीगण, ग्राम प्रधान, तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

डीएम ने किया “प्रेरणा कैंटीन” का शुभारम्भ, दिया निर्देश

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता एवं मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की उपस्थिति में मंगलवार को विकास खण्ड मनिहारी में स्वयं सहायता समूह सदस्यों के आजीविका संवर्धन, स्वरोजगार एवं आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से एक व्यापक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों द्वारा केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए समूह सदस्यों को इन योजनाओं से अधिकाधिक लाभ लेने हेतु प्रेरित किया गया।


कार्यशाला में ग्रामीण आजीविका मिशन, बैंकिंग, कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य, उद्योग, एवं अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा विभागीय योजनाओं के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने समूह की महिलाओं को स्वरोजगार, डेयरी, बकरी पालन, मशरूम उत्पादन, सिलाई-कढ़ाई, खाद्य प्रसंस्करण, लघु उद्योग एवं अन्य आयवर्धक गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। साथ ही विभिन्न ऋण योजनाओं, मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, बैंक लिंकेज, सामुदायिक निवेश निधि एवं रिवॉल्विंग फंड आदि के संबंध में भी विस्तार से जानकारी दी गई।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं तथा महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप समूह सदस्यों को सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी द्वारा उपस्थित समस्त बैंकर्स को निर्देशित किया गया कि स्वयं सहायता समूहों एवं समूह सदस्यों से संबंधित ऋण प्रकरणों की स्वीकृति में किसी प्रकार का अनावश्यक विलम्ब न किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि समूह सदस्यों के ऋण प्रकरणों में विलम्ब अक्षम्य माना जाएगा तथा बैंक स्तर पर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि समूह आधारित आजीविका गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीण महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं का लाभ पात्र समूहों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाया जाए तथा समूहों को प्रशिक्षण, विपणन एवं वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने हेतु समन्वित प्रयास किए जाएं साथ ही उपस्थित समूह सखियों एवं अन्य कैडरों को निर्देशित किया कि उक्त कार्यशाला में जो जानकारी प्राप्त की हैं, वे अपने-अपने ग्राम पंचायत में समूह सदस्यों को इन योजनाओं के सम्बन्ध में जागरूक करेंगी व लाभान्वित कराएंगी ।


उक्त के अतिरिक्त कार्यशाला में समूह सदस्यों द्वारा अपनी समस्याएं बताई गयी, जिनके त्वरित निस्तारण हेतु सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विकास खण्ड परिसर में “प्रेरणा कैंटीन” का शुभारम्भ भी जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी द्वारा फीता काटकर किया गया। प्रेरणा कैंटीन का संचालन स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किया जाएगा, जिससे समूह की महिलाओं को स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध होगा। जिलाधिकारी ने कैंटीन का निरीक्षण करते हुए समूह की महिलाओं के प्रयासों की सराहना की तथा इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।
   कार्यशाला में बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं, उपायुक्त स्वतः रोजगार, उप कृषि  निदेशक, अग्रणी जिला प्रबन्धक, स्थानीय बैंकर्स एवं अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में समूह सदस्यों द्वारा शासन की योजनाओं का लाभ लेकर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प लिया गया।

विधवा और निराश्रय महिला को चिन्हित कर हर योजना का दिया जाय लाभ:डीएम

गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में दीन दयाल अन्तोदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अन्तर्गत गठित स्वयं सहायता समूह के सदस्यों को विभिन्न लाभकारी योजनाओं से लाभान्वित कराने के विषक पर कार्यशाला का आयोजन विकास खण्ड सदर में मंगलवार को किया गया । कार्यशाला में जिलाधिकारी द्वारा सरकार की सभी योजनाओं को बताया गया साथ ही स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इन योजनाओं का लाभ लेने से पहले इसकी ट्रेनिंग लेने को कहा गया।  उन्होने  कहा कि गाजीपुर हमारा वॉल हैंगिंग के लिए जाना जाता है इसको और तेजी से आगे बढ़ने का कार्य किया जाए ताकि गाजीपुर जिले का प्रदेश, देश एवं विश्व में भी नाम हो। उन्होने  कहा कि महिलाएं आपस में एक दूसरे की सहायता कर स्वयं महिला सशक्त बने और अपने परिवार को सशक्त बनाएं ।

जिलाधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूह कि महिलाएं अपना खुद का मसाला बनाएं और उसे गाजीपुर के नाम पर सेल करें जिससे अपने जिले के लोग अपने जिले का मसाला खाएं साथ ही जिलाधिकारी ने पूर्ति निरीक्षक को निर्देश दिया कि वह अंत्योदय कार्ड धारक में जितनी भी महिला हैं उन्हें स्वयं सहायता समूह से जोड़े। जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि जितने भी ग्राम पंचायत भवन में आवास पात्र लाभार्थी हैं उनके नाम उनके पंचायत भवन पर चष्पा किया जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूह द्वारा बनाया सामान विक्रय करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा एक अच्छा प्लेटफार्म दिया जाए, तथा यहा जितने भी पर्यटक स्थल हैं जैसे महाहर धाम,  कामाख्या मंदिर, एवं हथियाराम मठ तथा जनपद में जितने मेले स्थल हैं उनका एक कैलेंडर बनकर दिया जाय तथा सूचना भी दी जाय कि वहां पर जाकर अपनी दुकान लगा सके वहां पर स्टॉल बनाकर दिया जाएगा। वहां दो या तीन लोग रहकर अपना प्रोडक्ट सेल कर सकेंगे जिससे  लाभ हो और उस लाभ द्वारा अपने बिजनेस को और बढ़ा सकें।  जिलाधिकारी ने कहा कि सब लखपति दीदी बने क्योंकि आप सशक्त होंगी आपके परिवार को अच्छी शिक्षा मिल सकेगी और आप आगे बढ़ पाएंगे क्योंकि गरीबी में कोई नहीं रहना चाहता लेकिन गरीबी से निकलने के लिए मेहनत करनी पड़ेगी जिला प्रशासन आपके साथ खड़ा है। जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश देते हुए कहा कि ब्लॉक में जितने भी विधवा और निराश्रय महिला हैं उन्हें चिन्हित करके हर योजना का लाभ दिया जाय। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, तहसीलदार सदर, खण्ड विकास अधिकारी सदर, एलडीएम, एवं स्वयं सहायता समूह की महिलायें उपस्थित रही।

वैषणव वर्धन सिंह का हुआ नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में सलेक्शन

नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएगा गाजीपुर का लाल

सब-जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए काशिमाबाद के वैषणव वर्धन सिंह का सेलेक्शन

गाजीपुर। बेंगलुरू में आयोजित होने वाले वाले 26 वें सब-जूनियर नेशनल पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में गाजीपुर के लाल वैष्णव वर्धन सिंह का जलवा देखने को मिलेगा। शारीरिक कमजोरियों के बावजूद अपने हौसलें और काबिलियत से प्रदेश स्तर पर कई बार नाम कमा चुके वैष्णव अब राष्ट्रीय फलक पर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। कई राउंड के शानदार ट्रायल के बाद वैष्णव का सेलेक्शन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

आपको बता दें कि वैष्णव कासिमाबाद के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता अशोक कुमार सिंह सेना में कर्नल की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वे विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट डीविजन के निदेशक भी रह चुके हैं। वे दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। जहां वैष्णव राजधानी के नामी संस्कृति स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं। वैष्णव को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में खासी दिलचस्पी है। इसी का परिणाम है कि वैष्णव को स्वीमिंग के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर स्केटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए कई बार खिताब प्राप्त हुआ है।

नेशनल चैंपियनशिप में सेलेक्शन के बाद वैष्णव के परिवार में खुशी की लहर है। वैष्णव के करियर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माता श्रुतिकिर्ती सिंह ने वैष्णव की सफलता का श्रेय खुद उनके मेहनत, हौसले और अनुशासन को दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्रुतिकिर्ती सिंह राजधानी दिल्ली में दिव्यांग बच्चों को लिए फाउंडेशन चलाने के साथ-साथ तमाम सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रहती है। साथ ही वैष्णव की इस शानदार उपलब्धि में उनकी बहन वैष्णवी का भी बड़ा योगदान रहा है। इंटरमीडियट में पढ़ने वाली वैष्णवी अपने भाई के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार उसे प्रेरित करती रहती हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए हर प्रतियोगिता में उनके साथ जाया करती हैं।

वैष्णव की इस उपलब्धि पर वैष्णव के कोच ने कहा कि ये सफलता तो सिर्फ वैष्णव के करियर की शुरूआत है। वैष्णव को अभी बहुत आगे जाना है। उन्होनें वैष्णव के साथ-साथ सभी सेलेक्टेड खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

“हमारी बेटियां, हमारा गौरव” कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष संवाद कार्यक्रम का हुआ आयोजन

माहवारी पर चुप्पी तोड़ने और खुलकर संवाद को बढ़ावा देने हेतु प्रेस कॉन्फ्रेंस एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन


गाजीपुर। जनपद में किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य, जागरूकता एवं सम्मान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “हमारी बेटियां, हमारा गौरव” कार्यक्रम के अंतर्गत किशोर-किशोरियों एवं युवा लीडरों के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कम्फर्ट इन शुभ्रा होटल, महुआबाग में मंगलवार को किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य माहवारी (Menstruation ) से जुड़े विषयों पर चुप्पी तोड़ना, झिझक समाप्त करना तथा खुलकर संवाद को बढ़ावा देना। कार्यक्रम में माहवारी स्वच्छता, किशोरियों के स्वास्थ्य, पोषण, व्यक्तिगत साफ-सफाई तथा समाज में प्रचलित भ्रांतियों एवं मिथकों पर विस्तार से चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि आज भी ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में अनेक किशोरियां माहवारी से जुड़ी सही जानकारी के अभाव में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं एवं सामाजिक संकोच का सामना कर रही हैं। ऐसे में जागरूकता, सुरक्षित साधनों का उपयोग, पोषणयुक्त आहार तथा स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच अत्यंत आवश्यक है।


             संवाद कार्यक्रम के दौरान किशोर-किशोरियों एवं युवा लीडरों ने खुलकर अपने अनुभव साझा किए तथा माहवारी से जुड़े मिथकों, चुनौतियों एवं बदलाव की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किए। मीडिया प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का उत्तर किशोर-किशोरी लीडर नीतू, अंजली, उम्मे साहिबा, पूजा, पूजा राजभर, चन्दन एवं प्रिंस द्वारा साझा अनुभवों के माध्यम से दिया गया। कार्यक्रम में महिला चिकित्सक डॉ. नम्रता श्रीवास्तव एवं डॉ. प्रीति पाल (सीनियर मेडिकल ऑफिसर) द्वारा विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें माहवारी क्या है, स्वच्छता, पोषण, दर्द, अनियमितता, सावधानियां एवं स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जानकारियों पर चर्चा की गई। साथ ही “झिझक छोड़ो दृ खुलकर पूछो” प्रश्न मंच का आयोजन किया गया, जिसमें गोपनीय प्रश्न भी स्वीकार किए गए और किशोर-किशोरियों को विशेषज्ञों से खुलकर बातचीत करने का अवसर मिला। कार्यक्रम के अंतर्गत “महीने के वो 5 दिन” विषय पर रोल प्ले भी प्रस्तुत किया गया, जिससे माहवारी के दौरान किशोरियों द्वारा अनुभव की जाने वाली चुनौतियों को समझने का प्रयास किया गया। वहीं आशा, अर्चना, श्वेता, जीनत, अंजू एवं अंजली राजभर द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। वक्ताओं ने कहा कि “हमारी बेटियां, हमारा गौरव” कार्यक्रम का उद्देश्य बेटियों के स्वास्थ्य, सम्मान, शिक्षा एवं आत्मविश्वास को मजबूत करना है। किशोरियों को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाकर ही एक स्वस्थ एवं समानतापूर्ण समाज की स्थापना संभव है।


कार्यक्रम में जिले के समस्त मीडिया प्रभारी, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधियों की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने माहवारी स्वच्छता एवं किशोर स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर संवाद को व्यापक रूप से सामने लाने में अपनी भूमिका निभाई।
        कार्यक्रम में लालसा भारद्वाज, बृजकिशोर यादव, विभिन्न विभागों के अधिकारी, स्वास्थ्य विशेषज्ञ, शिक्षकगण, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में किशोर-किशोरियां उपस्थित रहीं। संस्था की ओर से संस्था निदेशक शमीम अब्बासी, कार्यक्रम प्रबंधक अर्शी, असिस्टेंट डायरेक्टर फरहीन, डॉ. संतोष त्रिपाठी, जवाहरलाल, आमिर सिद्दीकी, शाकिर अब्बासी, साजिद, ओसामा, इंतजार, फैज़ान, जैकी, आशा कुशवाहा, नसरीन सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को माहवारी स्वच्छता से संबंधित जागरूकता सामग्री वितरित की गई तथा सभी को स्वच्छ, स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

दुर्घटना घटी तो एन.एच.ए.आई. के अधिकारियों के विरुद्ध होगी कार्यवाही:डीएम

गाजीपुर। जिला सुरक्षा समिति की बैठक जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्टेªट कक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में निर्देश दिये गये कि समस्त अधिकारी बैठक में स्वयं प्रतिभाग करेंगे एवं अनुपालन आख्या के साथ कृत कार्यवाही का विस्तृत विवरण फोटोग्राफ्स सहित क्रमिक माह एवं विगत वर्ष में उसी माह के तुलनात्मक विवरण के साथ संलग्न किया जाये। हिट एण्ड रन केस के सम्बन्ध में जागरूक किये जाने हेतु मीडिया में प्रचार-प्रसार करने हेतु पुलिस विभाग द्वारा इस सम्बन्ध में कार्यशाला आयोजित करायी जाय एवं प्रभावित व्यक्तियों को परिवहन विभाग में आवेदन हेतु जानकारी दी जाये।  परिवहन विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में हिट एण्ड रन का कोई प्रकरण लम्बित नहीं है। सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को तत्काल गोल्डेन ऑवर में चिकित्सा केन्द्र पर पहुचाने हेतु आम लोगो को जागरूक करने हेतु प्रचार-प्रसार किये जाने के निर्देेश दिये गये। इस सम्बन्ध में अवगत कराया गया कि राहवीर योजना के तहत घायल व्यक्ति अस्पताल पहुचाने वाले व्यक्ति को रू. 25000 का पुरस्कार भी दिया जायेगा। प्रचार-प्रसार के लिए सार्वजनिक स्थलों, विद्यालयों टोल प्लाजाओं ब्लैक स्पॉट वाले स्थल, थाना व अस्पताल पर होडिग्सं लगाये जाने एवं सोशल मीडिया पर भी प्रचार प्रसार किये जाने के निर्देश दिये गये।

 हाईवे पर चिन्हित स्थानों पर ही पार्किंग की जायें अन्यत्र स्थलों पर पार्किंग किये जाने पर कार्यवाही की जाये। हाईवे पर ई रिक्शा का संचालन पूर्णत प्रतिबन्धित है अतः किसी भी स्थिति में ई रिक्शा का संचालन न होने दिया जाय। हाईवेे पर चलने वाले, दो पहिया वाहनो पर बिना हेलमेट चलने, सीट बेल्ट का प्रयोग न करने, वाहन चलाते समय मोबाईल का प्रयोग करने एवं शराब पीकर नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालको पर बै्रथ एनालाइजर द्वारा जांच कर कड़ी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये। वाराणसी-गाजीपुर राष्ट्रीय मार्ग संख्या-31 पर मार्ग पर स्थानीय लोगों द्वारा बार-बार मीडियन को तोडकर अवैध कट बना दिये जाते है। इस सम्बन्ध में निर्देश  दिये गये कि ऐसे स्थलों के नजदीक के भवनों पर सी.सी.टी.वी. कैमरे द्वारा पुनः अवैध कट बनाने वाले व्यक्तियों को चिन्हित कर नामजद एफ.आई.आर. दर्ज करायी जाय। बैठक में एन.एच.ए.आई., गाजीपुर के परियोजना निर्देश के उपस्थित न रहने पर जिलाधिकारी द्वारा अत्यंत रोष व्यक्त किया गया एवं एन.एच.ए.आई. अधिकारियो को निर्देश दिये गये कि एन.एच.ए.आई., यातायात पुलिस एवं थाना पुलिस के अधिकारी जनपद की सीमा के अन्तर्गत वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन हाईवे पर यातायात पुलिस द्वारा चिन्हित किये गये कटो पर सयुक्त निरीक्षण कर दुर्घटनाओं में कमी लाने हेतु अपनी संस्तुति सहित आख्या प्रस्तुत करेगें एवं तदनुसार एन.एच.ए.आई. द्वारा 10 दिनो के अन्दर सुधार कार्य पूर्ण करा दिये जायेगें। एन.एच.ए.आई. द्वारा सुधार कार्य न कराये जाने पर यदि कोई दुर्घटना घटित होती है तो एन.एच.ए.आई. के अधिकारियों के विरूद्व एफ.आई.आर. दर्ज करायी जाए। बैठक में लो0नि0वि0 के अधिशासी अभियन्ता, बी.एल. गौतम, संतोष कुमार, किरन पाल, अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व), जिला विद्यालय निरीक्षक, अपर पुलिस अधीक्षक(नगर), यातायात निरीक्षक सहित परिवहन, एन.एच.ए.आई., स्वास्थ विभाग के अधिकारियो व बस/ट्रक यूनियन के पधाधिकारी उपस्थित रहें।

पद्मश्री से सम्मानित हुए जिले के कृषि वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार सिंह

गाजीपुर। शादियाबाद थाना क्षेत्र के बरहट गांव के मूल निवासी भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह के बड़े भाई प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार सिंह को कृषि विज्ञान में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित भव्य नागरिक अलंकरण समारोह में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया। जो जनपद के लिए अत्यंत गौरव एवं अभिमान का विषय है ।
इस विभूषण से अपने परिवार की सख्शियत के सम्मानित होने से हर्षित और उत्साहित भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष भानुप्रताप सिंह ने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान न केवल उनके दीर्घकालिक अनुसंधान, वैज्ञानिक प्रतिभा एवं तकनीकी दक्षता का प्रतिफल है, बल्कि सम्पूर्ण जनपद गाजीपुर एवं पूर्वांचल की बौद्धिक एवं शैक्षणिक चेतना के लिए भी गौरव का अभिनव अध्याय है।
भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय ने कहा कि डा ए के सिंह द्वारा कृषि विज्ञान एवं इंजीनियरिंग के क्षेत्र में किए गए बहुआयामी अनुसंधान, नवाचार एवं उत्कृष्ट सेवाओं ने गाजीपुर की विशिष्ट पहचान राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित की है।
पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय ने कहा कि डा एके सिंह की प्रतिभा एवं कार्य निष्ठा का महामहिम राष्ट्रपति द्वारा प्रदत्त यह अलंकरण जनपद के लिए गर्व व युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
पूर्व जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने इस अप्रतिम उपलब्धि पर कहा कि डा ए के सिंह की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को विज्ञान, अनुसंधान एवं राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने हेतु प्रेरित करेगी तथा गाजीपुर का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पटल पर गौरवान्वित करेगी।
जिला मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा ने कहा कि इस ऐतिहासिक उपलब्धि के प्राप्त होने से जनपद में भारी हर्ष, उत्साह है।
विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक संगठनों सहित बुद्धिजीवी वर्ग ने डा ए के सिंह को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए इसे जनपद की असाधारण उपलब्धि बताया है।

न्यायालय में 53 वादों का हुआ निस्तारण, 10 को हुई सजा, 38 रिहा

गाजीपुर। अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 वेद सिंह चौहान की अध्यक्षता में सोमवार को अभियोजन की समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुयी। बैठक में बताया गया कि सत्र न्यायालय में कुल 53 वाद निस्तारित हुए जिसमें से 10 में सजा हुई, 38 वाद में अभियुक्त रिहा हुआ तथा 33 वाद में अभियुक्त पक्षदोहिता के कारण तथा 05 बाद में अभियुक्त गुण-दोष के आधार पर रिहा हुए। 01 वाद में अपील प्रस्तावित की गयी। अन्य अधिनियम के अन्तर्गत 05 बाद निस्तारित हुए, जिसमें से 05 वाद में अभियुक्त को सजा हुआ।
थाना कोतवाली मु0अ0सं0 68/2001 वाद सं0 51/2024 धारा 323,34,325,345 मा०द०वि० स्टेट बनाम हीरा लाल में जनपद न्यायाधीश न्यायालय, गाजीपुर द्वारा अभियुक्त को दोषसिद्ध करते हुए परिवीक्षा का लाभ प्रदान किया गया। उक्त वाद में कुशल पैरवी कृपाशंकर राय,डी.जी.सी. द्वारा किया गया।
थाना दुल्लहपुर मु0अ0सं0 102/2023 वाद सं0 935/2025 धारा 380,411,457,414 मा०द०वि० स्टेट बनाम भुंवर खरवार, थाना दुल्लहपुर मु0अ0सं0 105/2023 वाद सं० 936/2025 धारा 380,411,457,414 भा०द०वि० स्टेट बनाम भंवर खरवार, थाना दुल्लहपुर मु0अ0सं0 107/2023 वाद सं० 937/2025 धारा 380,411,457,414 भा०द०वि० स्टेट बनाम भंुवर खरवार तथा थाना दुल्लहपुर मु०अ०सं० 108/2023 वाद सं0 938/2025 धारा 380,411,457,414 भा०द0वि० स्टेट बनाम भुंवर खरवार में मा० ए०डी०जे० प्रथम- न्यायालय, गाजीपुर द्वारा अभियुक्त को 02 वर्ष 06 माह का कारावास व रू0 10000 अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया। उक्त वादों में नीरज कुमार श्रीवास्तव,ए.डी.जी.सी. द्वारा कुशल पैरवी की गयी।
थाना सादात मु0अ0सं0 68/2024 वाद सं0 1131/2024 धारा 363,366,376 भा०द०वि० व 5एल/6 पाक्सो एक्ट स्टेट बनाम अरमान उर्फ भोला में मा० पाक्सो न्यायालय, गाजीपुर द्वारा अभियुक्त को 25 वर्ष की कठोर कारावास की सजा तथा अर्थदण्ड लगाया गया। उक्त वाद में कुशल पैरवी रविकान्त पाण्डेय विलो० अभि० द्वारा किया गया। अभियोजन संवर्ग अन्तर्गत कुल 438 वारण्ट निर्गत हुए जिसके सापेक्ष 243 वारण्ट तामिल हुए तथा 151 गवाह उपस्थित हुए जिसमें से 141 गवाह परीक्षित हुए तथा 10 गवाह अपरीक्षित हुए क्योंकि पीठासीन अधिकारी अवकाश पर रहे तथा अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहे। सत्र न्यायालयों में सम्मन/वारण्ट/तलब गवाहों हेतु कुल 738 सम्मन निर्गत हुए जिसके सापेक्ष 533 तामिल हुए। तामिला के सापेक्ष कुल 304 गवाह उपस्थित हुए। उपस्थित गवाहों के सापेक्ष कुल 277 गवाह परीक्षित हुए तथा 27 गवाह अधिवक्ता के हड़ताल तथा पी.ओ. के अवकाश के कारण परीक्षित नहीं हो सके।
कुल 58 जमानत प्रार्थना पत्र दाखिल हुए जिसमें 01 जमानत स्वीकृत हुए तथा 57 जमानत प्रार्थना पत्र अस्वीकृत हुए। जमानत प्रार्थना पत्रों में सुनवाई के दौरान पुलिस द्वारा की गयी कार्यवाही पर सतर्क   दृष्टि रखी जाए, जिससे ज्ञात हो सके कि पुलिस विभाग द्वारा प्रकरण में गम्भीरता बरती जा रही है कि नहीं? सभी अभियोजकगण को निर्देशित किया गया कि प्रत्येक माह कम से कम एक वाद की केस डायरी बनायी जाए कि पुलिस द्वारा की गयी अपनी विवेचना में क्या-क्या त्रुटिया कमियां की गयी, जिससे कि वाद में स्टेट के विरुद्ध आदेश पारित हुआ, जिससे समीक्षा के दौरान उक्त बिन्दु पर भी सुधार किया जा सके तथा अधिक से अधिक वादों का निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। कुल 38 वादों में पक्षद्रोहिता के कारण अभियुक्त रिहा हो गए। अपर जिलाधिकारी द्वारा जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) तथा लोक अभियोजकों को निर्देशित किया गया कि रिहा हुए अभियुक्तों के वादों की पुनः विधिवत समीक्षा कर ले। यदि पुनः अपील किया जाना शासकीय हित में हो तो पुनः अपील का प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करे। जिन वादों में गवाह पक्षद्रोही हो रहे है। कुछ वाद में पक्षद्रोही हुए गवाहों पर मुकदमा कर सजा दिलाने की कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए, जिससे सुधार हो सके। हमारा प्रयास पीड़ित को न्याय दिलाना होना चाहिए। इसके लिए पत्रावली में वादी के अलावा अन्य उपलब्ध साक्षियों का भी साक्ष्य कराया जाए।

विद्युत आपूर्ति की समीक्षा के साथ ही की गई उपभोक्ताओं से अपील

गाजीपुर। जिलाधिकारी द्वारा दिये गये निर्देश के अनुपालन में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 वेद सिंह चौहान एवं अधीक्षण अभियन्ता, विद्युत वितरण मण्डल द्वारा सोमवार को संयुक्त रुप से विद्युत आपूर्ति की समीक्षा की गयी। जिसमें रात्रि में अधिक डिमाण्ड / लोड बढ़ने के कारण अनावश्यक रूप से 02 से 04 घण्टें तक वर्तमान में विद्युत आपूर्ति बाधित हो जा रही है। इसके उपरान्त भी शासन की मंशा के अनुरुप ग्रामीण क्षेत्रों में 18.00 घण्टे, तहसील स्तर पर 21.30 घण्टे एवं शहरी क्षेत्रों में 24.00 घण्टे विद्युत की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है एवं जनपद के उपभोक्ताओं से अपील है कि निगम के स्लोगन ‘‘राष्ट्र हित में बिजली बचाये‘‘ का पालन किये जाने के दृष्टिगत आवश्यकतानुसार ही बत्ती, पंखे एवं अन्य विद्युत उपकरण का उपभोग करें, साथ ही ए०सी० का तापमान 24 डिग्री से 26 डिग्री तक निर्धारित करते हुए चलाये जाने हेतु उपभोक्ताओं से अपील की गयी है।