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सीएम योगी 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे

गाजीपुर। जनपद में सीएम योगी आदित्यनाथ मोहम्दाबाद में ₹692 करोड़ लागत की 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। साथ ही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र एवं प्रमाण पत्रों का वितरण कार्यक्रम भी होगा।

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सीएम योगी से वार्ता व ज्ञापन सौंपने के लिए एसडीएम को सौंपा पत्रक

गाजीपुर में राज्य विश्वविद्यालय की मांग: मुख्यमंत्री के आगमन पर शिष्टाचार वार्ता व ज्ञापन सौंपने हेतु एसडीएम सदर को सौंपा पत्रक


जनप्रतिनिधियों से मंच से मांग उठाने की अपील


विश्वविद्यालय कि मांग पूरी कराने को लेकर भी बनाई गई रणनीति


गाजीपुर। जनपद में ‘एक जनपद – एक विश्वविद्यालय’ योजना के तहत राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना की मांग को लेकर बुधवार को छात्रसंघ प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के नाम संबोधित पत्रक एसडीएम सदर विनोद जोशी को सौंपा। पत्रक के माध्यम से 30 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गाजीपुर आगमन के दौरान शिष्टाचार भेंट एवं वार्ता हेतु प्रतिनिधिमंडल का नाम आधिकारिक प्रोटोकॉल सूची में सम्मिलित करने की मांग की गई है। साथ ही यह आग्रह भी किया गया कि यदि किसी कारणवश सीधी वार्ता संभव न हो पाए, तो छात्रों का यह मांग पत्र मुख्यमंत्री तक हर हाल में पहुंचाया जाए ताकि क्षेत्र के युवाओं और छात्र-छात्राओं की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो सके। पत्रक सौंपने के उपरांत पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने प्रमुखता से अपनी बात रखते हुए कहा, “गाजीपुर पूर्वांचल का एक प्रमुख जनपद है, जहाँ 360 से अधिक महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद आज तक यहाँ एक भी राज्य विश्वविद्यालय नहीं है, जिसके कारण गाजीपुर ‘विश्वविद्यालय विहीन’ बना हुआ है। विश्वविद्यालय के अभाव में उच्च व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए यहाँ के छात्र-छात्राओं को मजबूरन दूसरे जिलों या राज्यों का रुख करना पड़ता है। इससे मध्यमवर्गीय व किसान परिवारों पर अत्यधिक आर्थिक बोझ पड़ता है और कई प्रतिभावान ग्रामीण छात्राएं उच्च शिक्षा से वंचित रह जाती हैं।”
दीपक उपाध्याय ने मीडिया के माध्यम से जिले के जनप्रतिनिधियों से विशेष अपील करते हुए कहा, “कल मुख्यमंत्री के आगमन पर उनके साथ मंच साझा करने वाले जिले के सभी सम्मानित जनप्रतिनिधियों से समस्त छात्र समुदाय यह विनम्र अपील करता है कि वे मंच से गाजीपुर को राज्य विश्वविद्यालय दिए जाने की इस वाजिब और बेहद जरूरी मांग को मुख्यमंत्री के समक्ष पूरी मजबूती से उठाएं। इसके साथ ही हम मीडिया बंधुओं से भी आग्रह करते हैं कि गाजीपुर के लाखों युवाओं के भविष्य से जुड़े इस विषय को प्रमुखता से रेखांकित करें, ताकि गाजीपुर को उसका हक मिल सके।” प्रतिनिधिमंडल में शामिल छात्र नेता अभिषेक पाण्डेय ने कहा, “गाजीपुर की छात्र-छात्राओं को समान एवं सुलभ शिक्षा का अधिकार मिलना ही चाहिए। जब सरकार हर जिले में विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है, तो गाजीपुर जैसे शैक्षणिक केंद्र की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।”
छात्र नेता विकास यादव ने कहा, “हमने आज एसडीएम सदर के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी तक अपनी बात पहुँचाने की पहल की है। गाजीपुर का छात्र समुदाय एकजुट है और जब तक जनपद को राज्य विश्वविद्यालय का अधिकार नहीं मिल जाता, हम निरंतर लोकतांत्रिक और सकारात्मक तरीके से प्रयास करते रहेंगे।”
विश्वविद्यालय कि मांग पूरी कराने के लिए एक रणनीति भी बनाई गई है जिसमें संयोजक के रूप में डॉ शम्मी सिंह, दीपक उपाध्याय बनाये गए हैं। इस दौरान ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ,अभिषेक पांडेय, विकास यादव, निलेश बिन्द, विशाल मौर्या, विवेक प्रधान, अमृतांश बिन्द, रजनीश राय, अभिनव रंजन, सुधांशु पांडे सहित बड़ी संख्या में छात्र एवं युवा उपस्थित रहे।

शाह फ़ैज़ के खिलाड़ियों का स्वर्णिम प्रदर्शन, विद्यालय मे मिला सम्मान

थाईबॉक्सिंग चैंपियनशिप में शाह फ़ैज़ के खिलाड़ियों का स्वर्णिम प्रदर्शन, विद्यालय में हुआ सम्मान समारोह

गाज़ीपुर। राबर्ट्सगंज, सोनभद्र में आयोजित 4वीं उत्तर प्रदेश थाईबॉक्सिंग चैंपियनशिप-2026 में शाह फ़ैज़ पब्लिक स्कूल, गाज़ीपुर के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय एवं जनपद का नाम गौरवान्वित किया। विद्यालय के खिलाड़ियों ने प्रतियोगिता में 10 स्वर्ण, 1 रजत एवं 3 कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार परिचय दिया।

स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों में शिल्पा यादव, अनुशा यादव, विशाखा यादव, साक्षी कुमारी, निलेश राय, कुशाग्र कटियार, अंशुमन तिवारी, नैवेद्य आनंद, कृति कौर एवं अंशिका राय शामिल रहे।

रजत पदक दीक्षा उपाध्याय ने प्राप्त किया।

कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों में आशीष खरवार, अमिति यादव एवं अनन्या राय शामिल रहीं।

इस उल्लेखनीय सफलता का श्रेय टीम के कोच देवेंद्र प्रसाद प्रजापति एवं टीम मैनेजर परवीन सुल्ताना के कुशल मार्गदर्शन और निरंतर प्रशिक्षण को भी जाता है, जिनके नेतृत्व में खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में शानदार सफलता के उपरांत विद्यालय परिसर में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के निदेशक डॉ. नदीम अधमी, निदेशिका डॉ. मीना अधमी, प्रधानाचार्य श्री इकरामुल हक, उपप्रधानाचार्य श्री हनीफ सिद्दीकी एवं समन्वयक अंजली श्रीवास्तव ने सभी विजेता खिलाड़ियों को पदक एवं प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय परिवार ने सभी खिलाड़ियों, कोच एवं टीम प्रबंधन को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं तथा भविष्य में और अधिक सफलताओं की कामना की।

मातृ मृत्यु रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

सुरक्षित परिवार और सशक्त समाज की दिशा में मातृ मृत्यु रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित

गाजीपुर। गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित मातृत्व उपलब्ध कराने तथा मातृ मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण समीक्षा एवं कार्ययोजना बैठक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद में चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि गर्भावस्था से लेकर प्रसव और प्रसव के बाद तक प्रत्येक महिला को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की जटिलता होने पर तत्काल उपचार मिल सके और मातृ मृत्यु की घटनाओं को रोका जा सके। इस बैठक में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद के अंतर्गत आने वाली समस्त एएनएम और आशा कार्यकर्ता शामिल हुई।

चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय ने बताया की बैठक में अधिकारियों ने मातृ मृत्यु के प्रत्येक मामले की विस्तार से समीक्षा करने, उसके कारणों का विश्लेषण करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी रणनीति बनाने पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सीएचसी में भर्ती प्रसव पश्चात महिला मरीज और उनके परिजनों को प्रेरणा कैंटीन के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं जलपान भी उपलब्ध कराया जाता है।

बैठक में प्रमुख बिंदुओं पर हुई चर्चा

गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीकरण और नियमित प्रसव पूर्व जांच (ANC) सुनिश्चित करना।

हाई-रिस्क (उच्च जोखिम) गर्भवती महिलाओं की समय रहते पहचान कर विशेष निगरानी रखना।

सभी प्रसव संस्थागत (सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पतालों में) कराने पर जोर।

प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं जैसे अत्यधिक रक्तस्राव, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, संक्रमण आदि की समय पर पहचान और उपचार।

आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को उच्च स्तरीय अस्पताल में शीघ्र रेफर करने की व्यवस्था मजबूत करना।

एम्बुलेंस सेवाओं (102 एवं 108) की उपलब्धता और त्वरित संचालन सुनिश्चित करना।

आशा, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।

प्रत्येक मातृ मृत्यु की गोपनीय समीक्षा (Maternal Death Review) कर वास्तविक कारणों की पहचान करना।

परिवारों को गर्भावस्था के दौरान पोषण, नियमित जांच, संस्थागत प्रसव और खतरे के लक्षणों के प्रति जागरूक करना।

जननी सुरक्षा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान जैसी योजनाओं का अधिकतम लाभ पात्र महिलाओं तक पहुंचाना।

मातृ मृत्यु रोकने के लिए विशेष निर्देश

बैठक में निर्देश दिए गए कि प्रत्येक गर्भवती महिला का नियमित फॉलोअप किया जाए। जिन महिलाओं में रक्त की कमी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हों, उन्हें विशेष निगरानी में रखा जाए। स्वास्थ्य केंद्रों पर आवश्यक दवाएं, रक्त की उपलब्धता, प्रशिक्षित चिकित्सक एवं स्टाफ तथा आपातकालीन प्रसूति सेवाएं हर समय तैयार रहें।

सुरक्षित मातृत्व का संदेश

समय पर जांच, संतुलित आहार, नियमित चिकित्सकीय परामर्श और संस्थागत प्रसव से अधिकांश मातृ मृत्यु को रोका जा सकता है।

वृहद गोसंरक्षण केन्द्र का किया गया लोकार्पण

वृहद गोसंरक्षण केन्द्र, कुसेहरा, विकास खण्ड मरदह का किया गया लोकार्पण मंत्री पशुधन एवं दृग्ध विकास


गाजीपुर। वृहद गोसंरक्षण केन्द्र कुसेहरा, विकास खण्ड मरदह का लोकार्पण धर्मपाल सिंह मंत्री, पशुधन एवं दुग्ध विकास, उ०प्र० सरकार द्वारा पशुपालन निदेशालय, लखनऊ से वर्चुअल मोड में किया गया। इस अवसर पर वृहद गोसंरक्षण केन्द्र कुसेहरा में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में सीता सिंह, ब्लाक प्रमुख, मरदह, रमाकान्त यादव, ग्राम प्रधान, तिलाड़ी, डा० अरविन्द कुमार शाही, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, सुवेदिता सिंह, खण्ड विकास अधिकारी, मरदह, रवि सिंह, सहायक अभियंता, कार्यदायी संस्था एवं अन्य लोगों द्वारा हवन एवं पूजन किया गया।

वृहद गोसंरक्षण केन्द्र का निर्माण पशुपालन विभाग, जनपद गाजीपुर द्वारा 1.612 करोड़ की लागत से 01.214 हेक्टेयर भूमि पर कराया गया है, जिसकी छमता 400 निराश्रित गोवंशों को संरक्षित करने की है। कार्यदायी संस्था उ०प्र० राज्य निर्माण एवं श्रम विकास सहकारी संघ लि० द्वारा वृहद गोसंरक्षण केन्द्र में 100 गोवंशों की छमता के 04 शेड, भूसा गोदाम एवं कार्यालय आदि बनाया गया है। लोकार्पण के बाद वृहद गोसंरक्षण केन्द्र कुसेहरा, विकास खण्ड मरदह के संचालन का कार्य किसी संगठन/संस्था द्वारा किया जायेगा। चयनित संस्था को पशुपालन विभाग के साथ एम०ओ०यू० साइन करना होगा जिसके नियम एवं शर्तों के आधार पर तीन वर्षों तक गोसंरक्षण केन्द्र का संचालन संस्था द्वारा किया जाएगा तथा गोसंरक्षण केन्द्र में, संरक्षित गोवंशों के भरण पोषण हेतु शासन द्वारा निर्धारित धनराशि मासिक रूप से संस्था को उपलब्ध कराया जाएगा।

गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध एवं राष्ट्र स्तरीय सम्मान दिलाने हेतु सौंपा ज्ञापन

गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध एवं गौ माता को राष्ट्र स्तरीय सम्मान दिलाने हेतु जिला मुख्यालय पर ज्ञापन सौंपा गया

गाजीपुर। सम्पूर्ण भारतवर्ष में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा गौ माता को राष्ट्र स्तरीय सम्मान दिलाने के उद्देश्य से संचालित “गो सम्मान आवाहन अभियान” के द्वितीय चरण के अंतर्गत सोमवार को जनपद में विशाल जनजागरण कार्यक्रम एवं बाइक रैली का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 8:00 बजे बूढ़े महादेव मंदिर, रुईमंडी में “श्री राम जय राम जय जय राम” महामंत्र के संकीर्तन के साथ हुआ। संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से नाम-संकीर्तन कर गौ माता के संरक्षण एवं राष्ट्र कल्याण की कामना की। इसके उपरांत मंदिर परिसर में श्री राम जय राम जय जय राम महामंत्र का अखंड संकीर्तन प्रारंभ हुआ, जो निरंतर जारी रहेगा। इसके पश्चात पूज्य श्री श्री 1008 भोला गिरी महाराज, महामंडलेश्वर बलराम दास महाराज एवं गंगासागर महाराज के सानिध्य तथा संत-महात्माओं एवं गणमान्य नागरिकों के नेतृत्व में बूढ़े महादेव मंदिर से विशाल बाइक रैली निकाली गई। रैली मिश्र बाजार सहित विभिन्न मार्गों से होते हुए सरजू पांडेय पार्क पहुँची, जहाँ से सभी प्रतिभागियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपकर देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध तथा गौ माता को राष्ट्र स्तरीय सम्मान प्रदान किए जाने की मांग की।

अभियान के संबंध में बताया गया कि प्रथम चरण में 27 अप्रैल को देश की सभी तहसीलों पर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा जा चुका है। द्वितीय चरण के अंतर्गत 27 जुलाई को देशभर के जिला मुख्यालयों पर जिलाधिकारियों के माध्यम से ज्ञापन सौंपे गए। इसके उपरांत तृतीय चरण में 27 अगस्त को मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के माध्यम से पुनः ज्ञापन देकर गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध एवं गौ माता को राष्ट्र स्तरीय सम्मान दिलाने की मांग को और अधिक प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा। कार्यक्रम के समापन पर भोला गिरी महाराज ने उपस्थित सभी संतों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए अभियान को जन-जन तक पहुँचाने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, कृषि व्यवस्था एवं पर्यावरण संरक्षण का आधार है, इसलिए प्रत्येक नागरिक का दायित्व है कि वह इस राष्ट्रव्यापी जनजागरण अभियान से जुड़े। उपस्थित सभी लोगों ने गौ संरक्षण एवं गौ सम्मान के इस अभियान को सफल बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

इस अवसर पर पूर्व मंत्री विजय मिश्र के प्रतिनिधि जेपी चौरसिया, ई. अखिलेश सिंह, डब्बू श्रीवास्तव, रवि राज गुप्ता, पूर्व नगर अध्यक्ष सुनील गुप्ता, शिवम उपाध्यक्ष, सचिन दुबे, डॉ गोपाल उपाध्यय गुड्डू राय, संत द्वारिका प्रसाद, शम्भू गुप्ता, विजय कश्यप, मनिंद्र कुशवाहा, सरदार रणवीर सिंह, ओमकार वर्मा, राम निवास कुशवाहा, विश्वजीत मौर्या सहित अनेक नागरिक, समाजसेवी एवं संतजन उपस्थित रहे।

प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन, की मांग

गाजीपुर। सोमवार को समाजवादी अल्पसंख्यक सभा ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर जिलाध्यक्ष तौकीर खां की अगुवाई में जौहर विश्वविद्यालय रामपुर के 38 भवनों को गिराये जाने के आदेश के खिलाफ जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को रोकने की मांग को लेकर राज्यपाल के नाम से संबोधित चार सूत्रीय ज्ञापन नायब तहसीलदार ज्योति सिंह को सौंपा। जिलाध्यक्ष तौकीर खां ने इस ध्वस्तीकरण आदेश पर रोष व्यक्त करते हुए इसे छात्र नौजवानों पर कुठाराघात और तालीम पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की हिटलरशाही के चलते पूरा मुल्क परेशान हैं। उसकी जुल्म ज्यादती बेइंतहा बढ़ गई है।

उन्होंने कहा कि ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई बदले की भावना से की जा रही है। वह आजम खां डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापनकी लोकप्रियता से घबड़ाई हुई है। उन्होंने कहा कि तकनीकी खामियों के चलते इन भवनों को गिराया जाना किसी भी दृष्टि से न्याय संगत नहीं ठहराया जा सकता। यदि कोई तकनीकी खामी है तो न्यायिक प्रक्रिया अपनाकर विधि सम्मत तरीके से उसे दूर किया जाना चाहिए ताकि शिक्षा और छात्रों का हित हो सके। उन्होंने कहा कि जब से भाजपा सरकार हुकूमत में आयी है लगातार अपनी गलत नीतियों से छात्र हितों पर कुठाराघात कर रही है।


उन्होंने तत्काल ध्वस्तीकरण के आदेश को रद्द करने की मांग किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से पुर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव, आमिर अली,मदन यादव, अरूण कुमार श्रीवास्तव, शमशेर,टी के खां,सरफराज प्रधान, परवेज सभासद,अकबर अहमद, दिलशाद मिट्ठू,मेराज खां, सद्दाम,एजाज, डॉ समीर सिंह, अमित ठाकुर, फिरोज जमाल,सोनू खां, आरिफ खां आदि मौजूद थे।

युवा शक्ति और सत्य के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत: आंदोलित छात्रों के आगे जवाबदेह हुई सरकार

युवा शक्ति और सत्य के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत: NEET धांधली के खिलाफ आंदोलित छात्रों के आगे जवाबदेह हुई सरकार

गाजीपुर। NEET परीक्षा धांधली के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन में गाजीपुर के नौजवानों और छात्र साथियों ने जिस एकजुटता और मजबूती के साथ अपनी आवाज़ उठाई, आज उसी संघर्ष की बदौलत शासन-प्रशासन को जवाबदेह होना पड़ा है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि जब युवा शक्ति पारदर्शी व्यवस्था के लिए एक स्वर में खड़ी होती है, तो व्यवस्था को सुधार की दिशा में कदम बढ़ाना ही पड़ता है।
पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष व सामाजिक कार्यकर्ता दीपक उपाध्याय “कान्हा” ने इस ऐतिहासिक क्षण पर गाजीपुर के समस्त नौजवानों, प्रतियोगी छात्रों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।
दीपक उपाध्याय “कान्हा” ने कहा कि “गाजीपुर की धरती हमेशा से न्याय और हक की लड़ाई की अगुआ रही है। हमारे युवा साथियों के अटूट संघर्ष की बदौलत ही आज सत्य की विजय हुई है। लेकिन हमारी मंजिल सिर्फ इस्तीफे तक सीमित नहीं है—हमारा लक्ष्य एक सुरक्षित, निष्पक्ष और पूरी तरह से ‘लीक-मुक्त’ शिक्षा व्यवस्था का निर्माण करना है, ताकि किसी मेधावी का हक न मरे।”

बीए और बीएससी की छात्राएं आवेदन के लिए महिला पीजी कॉलेज में करें संपर्क

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में शैक्षिक सत्र 2026-27 में स्नातक के साथ ही साथ परास्नातक की प्रवेश प्रक्रिया भी गतिमान है। महाविद्यालय में बी ए और बीएससी प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश प्रक्रिया जारी है। बी ए में प्रवेश की इच्छुक छात्राएं प्रवेश अपना ऑनलाइन प्रवेश आवेदन कर प्रतिदिन बी ए प्रवेश प्रभारी डॉ शिव कुमार से संपर्क कर अपना प्रवेश ले सकती हैं जबकि बीएससी की छात्राएं ऑनलाइन आवेदन करने के पश्चात बीएससी प्रवेश प्रभारी डॉ दिवाकर मिश्रा से संपर्क कर प्रवेश की कार्रवाई पूर्ण कर सकती हैं। बीए/ बीएससी में प्रवेश महाविद्यालय में सीटें रिक्त रहने तथा विश्वविद्यालय द्वारा समर्थ पोर्टल खुले रहने तक तक जारी रहेगी। महाविद्यालय द्वारा बीएससी में मूल सीटों के सापेक्ष अधिक आवेदन आने की फल स्वरुप सीट वृद्धि के लिए पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर को पत्र भी लिखा गया है।


पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर द्वारा बीए /बीएससी कक्षाओं के परिणाम घोषित होने के पश्चात महाविद्यालय में एमए/ एमएससी की प्रवेश प्रक्रिया गतिमान हो गई है। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर अनिता कुमारी के अनुसार महाविद्यालय में एम ए हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान, प्राचीन इतिहास, शिक्षा शास्त्र एवं गृह विज्ञान तथा एमएससी वनस्पति विज्ञान में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन करने की तिथि 25 जुलाई से बढ़ाकर 2 अगस्त 2026 कर दी गई है। एम ए एवं एमएससी में प्रवेश काउंसलिंग 6 अगस्त को प्रस्तावित है । सभी इच्छुक एवं अर्ह छात्राएं अपना प्रवेश आवेदन सुनिश्चित करते हुए काउंसलिंग के लिए उपस्थित हो तथा अपने विषय के बारे में किसी भी जानकारी के लिए अपने विषय से संबंधित विभाग प्रभारी से संपर्क करें। महाविद्यालय की मुख्य शास्ता डॉ सारिका सिंह के अनुसार महाविद्यालय में प्रवेशित सभी छात्राओं की कक्षाएं प्रारंभ है। सभी नव प्रवेशी छात्राएं 31 जुलाई के पूर्व तक अपनी फीस जमा करते हुए अपना परिचय पत्र एवं लाइब्रेरी कार्ड बनवा लें तथा एक अगस्त से महाविद्यालय में अपने निर्धारित परिधान में ही आए।

127 गर्भवती महिलाओं की हुई स्वास्थ्य जांच

अतिरिक्त प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत सीएचसी मुहम्मदाबाद में 127 गर्भवती महिलाओं की हुई स्वास्थ्य जांच

गाज़ीपुर। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (PMSMA) के अंतर्गत शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुहम्मदाबाद में अतिरिक्त प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन किया गया। इस दौरान डॉ. नीरज कुमारी एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा कुल 127 गर्भवती महिलाओं का विस्तृत स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन, आवश्यक प्रयोगशाला जांच एवं भ्रूण के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया। साथ ही उन्हें संतुलित आहार, नियमित स्वास्थ्य जांच, आयरन एवं कैल्शियम की दवाओं का सेवन, प्रसव पूर्व सावधानियां तथा संस्थागत प्रसव के महत्व के बारे में विस्तार से परामर्श दिया गया।

चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान प्रत्येक माह 9 तारीख को आयोजित किया जाता है। वहीं, अतिरिक्त प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत प्रत्येक माह 1, 16 और 24 तारीख को भी विशेष पीएमएसएमए क्लीनिक संचालित किए जाते हैं, ताकि अधिक से अधिक गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व (ANC) सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें। अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान संभावित जटिलताओं एवं उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था (High-Risk Pregnancy) की समय रहते पहचान कर उनका उचित उपचार सुनिश्चित करना है, जिससे प्रसव के दौरान होने वाले जोखिमों को कम किया जा सके और मां एवं शिशु दोनों का जीवन सुरक्षित रखा जा सके।

बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि प्रत्येक गर्भवती महिला को गर्भकाल के दौरान कम से कम एक बार प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिवस पर अवश्य जांच करानी चाहिए। इसके अतिरिक्त उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के लिए तीन अतिरिक्त एएनसी (ANC) जांच का भी प्रावधान किया गया है, जिससे उनकी नियमित निगरानी और समय पर उपचार सुनिश्चित हो सके।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी गर्भवती महिलाओं एवं उनके परिजनों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर निःशुल्क जांच एवं परामर्श सेवाओं का लाभ उठाएं, ताकि सुरक्षित मातृत्व और स्वस्थ शिशु के लक्ष्य को साकार किया जा सके।

महिलाओं कि काउंसलिंग नीरा राय काउसलर तथा स्टाफ नर्स किरण लाल एवं डेजी द्वारा आवश्यक सेवाओं प्रदान की जाती है । सभी महिलाओं को फालोअप समुदाय स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों एवं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों उपकेन्द्रो पर स्थानिय एमएचसी पी स्टाफ नर्स, कम्युनिटी हेल्थ आफिसर (सी० एच० ओ०), ए० एन० एम० एवं आशा द्वारा निरंतर कि जाती है।