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बुनकरों को दिलाया जाए शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ:डीएम

गाजीपुर। राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर सोमवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने नंदगंज औद्योगिक क्षेत्र में नव निर्मित हथकरघा कारखाने का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय हथकरघा दिवस समारोह में जनपद के हथकरघा बुनकरों के हित में विभिन्न कार्यक्रमों का शुभारंभ किया गया। समारोह के उपलक्ष्य में हथकरघा बुनकरों के लिए प्रशिक्षण एवं संवर्धन कार्यक्रम के अंतर्गत कौशल उन्नयन प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया।

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बुनकरों को आधुनिक तकनीक, नवीन डिजाइनों तथा गुणवत्तापूर्ण उत्पादन की जानकारी देकर उनके कौशल का विकास करना है, जिससे वे बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद तैयार कर अपनी आय में वृद्धि कर सकें। जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि हथकरघा उद्योग स्थानीय रोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने कहा कि बुनकरों को आधुनिक प्रशिक्षण के साथ-साथ उनके उत्पादों के लिए बेहतर विपणन (मार्केटिंग) की व्यवस्था भी आवश्यक है, ताकि उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिल सके और वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बुनकरों को शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाया जाए तथा उनके उत्पादों के विपणन के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं।

कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके बुनकरों को जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण किट वितरित की और उन्हें अपने कौशल का उपयोग कर आत्मनिर्भर बनने तथा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, उद्योग विभाग के प्रतिनिधि, हथकरघा बुनकर, उद्यमी तथा अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

महिला कॉलेज में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का आयोजन

राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ का आयोजन

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में रविवार को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में ‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेविकाओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अभियान के शुभारंभ अवसर पर दिए गए उद्घाटन संबोधन का सजीव प्रसारण (लाइव टेलीकास्ट) स्वयंसेविकाओं को दिखाया गया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में युवाओं से नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

इस कार्यक्रम का आयोजन युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश शासन के दिशा निर्देशानुसार महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ शंभू शरण प्रसाद के संरक्षण में आयोजित किया गया । इस अवसर पर महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ सारिका सिंह ने कहा कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी है। नशे से दूर रहकर ही युवा अपनी प्रतिभा, ऊर्जा और क्षमता का सदुपयोग कर सकते हैं। उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं नशामुक्त जीवन अपनाने के साथ-साथ समाज में भी इस संदेश का व्यापक प्रचार-प्रसार करें तथा विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।

राष्ट्रीय सेवा योजना के नोडल अधिकारी डॉ. रामनाथ केसरवानी ने अपने संबोधन में कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। उन्होंने स्वयंसेविकाओं से आग्रह किया कि वे नशामुक्ति के संदेश को घर-घर तक पहुँचाएँ तथा अपने व्यवहार से समाज के लिए प्रेरणा बनें। इसी दौरान स्वयंसेविका आनंदी गुप्ता ने भी नशा मुक्त समाज का संदेश देते हुए अपने ओजस्वी पूर्ण विचारों को प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के शिक्षकों, छात्राओं एवं उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्ति की सामूहिक शपथ ग्रहण की। सभी ने स्वयं नशे से दूर रहने, दूसरों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने तथा स्वस्थ, सुरक्षित एवं विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा किया गया । कार्यक्रम के सफल आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ ओम शिवानी, मीडिया प्रभारी डॉ शिव कुमार, प्राध्यापक डॉ अखलाक, डॉ पीयूष एवं स्वयंसेविकाएं प्रेरणा, रिया, दिव्या, लक्ष्मी, शालिनी, मनीषा, सोनल आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

चीन का बढ़ता सैन्य विस्तार भारत के लिए दीर्घकालिक सामरिक चुनौती

चीन का बढ़ता सैन्य विस्तार भारत के लिए दीर्घकालिक सामरिक चुनौती : कर्नल संजीव कुमार शाही

गाजीपुर। पी० जी० कालेज गाजीपुर में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी मे कला संकाय के रक्षा एव स्ट्रैटिजिक अध्ययन (सैन्य विज्ञान) विषय के शोधार्थी कर्नल संजीव कुमार शाही ने अपने शोध प्रबन्ध शीर्षक “चाइना एक्सपैंडिंग मिलिट्री एंड द डेवलपिंग थ्रेट टू अरुणाचल प्रदेश एंड अंडमान एंड निकोबार आइसलैंडस” नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत और चीन एशिया की दो प्रमुख शक्तियाँ हैं। दोनों देशों के बीच लगभग 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) है, जहाँ समय-समय पर तनाव उत्पन्न होता रहा है। 1962 के युद्ध के बाद से सीमा विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। हाल के वर्षों में चीन ने अपने सैन्य आधुनिकीकरण और सामरिक विस्तार को तेज किया है, जिससे भारत के पूर्वोत्तर सीमावर्ती क्षेत्रों तथा हिंद महासागर क्षेत्र में नई सुरक्षा चुनौतियाँ उत्पन्न हुई हैं। चीन ने अपनी सेना (PLA) को आधुनिक तकनीकों से सुसज्जित किया है।
तिब्बत में सड़क, रेलवे, हवाई अड्डे तथा मिसाइल ठिकानों का विकास उसकी सैन्य तैयारी का महत्वपूर्ण भाग है। चीन अरुणाचल प्रदेश को तथाकथित “दक्षिण तिब्बत” बताकर उस पर दावा करता है। सीमा के निकट सैन्य बलों की तैनाती, आधुनिक हथियारों की उपलब्धता, सीमा पर अवसंरचना का विकास तथा समय-समय पर घुसपैठ जैसी घटनाएँ इस क्षेत्र को संवेदनशील बनाती हैं। भारत ने भी सीमावर्ती सड़कों, सुरंगों, पुलों, उन्नत निगरानी प्रणाली, वायुसेना ठिकानों तथा अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती के माध्यम से अपनी रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ किया है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थित है, जो विश्व के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। चीन की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार का बड़ा भाग इसी मार्ग से होकर गुजरता है। भारत की त्रि-सेवा अंडमान एवं निकोबार कमान इस क्षेत्र में भारत की सबसे बड़ी सामरिक शक्ति है। भारत ने निम्नलिखित कदम उठाए हैं—सीमा अवसंरचना का तीव्र विकास,आधुनिक हथियारों एवं निगरानी प्रणालियों की तैनाती, अंडमान एवं निकोबार में नौसेना एवं वायुसेना की क्षमता का विस्तार, हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस आदि देशों के साथ रक्षा सहयोग, साइबर सुरक्षा, अंतरिक्ष निगरानी तथा समुद्री डोमेन जागरूकता को मजबूत करना, आत्मनिर्भर भारत के अंतर्गत स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देना। उन्होंने कहा कि चुनौतियॉ भी कम नही है जैसे सीमा विवाद और सैन्य तनाव, साइबर एवं सूचना युद्ध, हिंद महासागर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, चीन-पाकिस्तान सामरिक सहयोग और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता अपने शोध के माध्यम से कुछ सुझाव भी दिए है जैसे सीमा क्षेत्रों में अवसंरचना विकास को और गति दी जाए, आधुनिक रक्षा तकनीकों एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी प्रणाली का विस्तार किया जाए, नौसैनिक शक्ति तथा अंडमान-निकोबार कमान को और सशक्त बनाया जाए, पड़ोसी देशों के साथ सामरिक सहयोग बढ़ाया जाए और राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान एवं स्वदेशी रक्षा उत्पादन को प्रोत्साहित किया जाए और अंत मे कहा कि चीन का बढ़ता सैन्य विस्तार भारत के लिए दीर्घकालिक सामरिक चुनौती है। अरुणाचल प्रदेश और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह भारत की सुरक्षा, संप्रभुता तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी रणनीतिक भूमिका के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत को सैन्य शक्ति, कूटनीति, आर्थिक क्षमता, तकनीकी नवाचार तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से इन चुनौतियों का संतुलित एवं प्रभावी ढंग से सामना करना होगा। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी कर्नल संजीव कुमार शाही ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबन्ध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य एव शोध निर्देशक प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह, सैन्य विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ०अखिलेश कुमार सिंह चीफ प्रॉक्टर प्रोफे०(डॉ०) सुजीत कुमार सिंह, प्रोफे० (डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० रामदुलारे, डॉ० अशोक कुमार, डॉ० रविशेखर सिंह, प्रोफे० (डॉ०) संजय चतुर्वेदी, डॉ० योगेश कुमार, डॉ० शिवशंकर यादव, डॉ० अरुण कुमार सिंह, डॉ० शैलेन्द्र सिंह, डॉ० बद्रीनाथ सिंह, डॉ० समरेंद्र नाथ मिश्र, डॉ०अनिल कुमार पाण्डेय, डॉ० रविशंकर सिंह, डॉ० अरविंद उपाध्याय, प्रदीप सिंह एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र – छात्राएं आदि उपस्थित रहे। अंत में डॉ०अखिलेश कुमार सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया तथा संचालन अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे०(डॉ०) जी० सिंह ने किया।

डालिम्स सनबीम स्कूल जखनियां में आयोजित हुई पैरेंट्स मीटिंग

डालिम्स सनबीम स्कूल में आयोजित हुई पैरेंट्स मीटिंग, पैरेंट्स की उत्साहपूर्ण भागीदारी


गाजीपुर। डालिम्स सनबीम स्कूल, जखनियां में अभिभावक-शिक्षक बैठक (पैरेंट्स मीटिंग) का आयोजन किया गया। बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, बच्चों की प्रगति तथा उनके सर्वांगीण विकास को लेकर शिक्षकों के साथ विचार-विमर्श किया।


इस अवसर पर विद्यालय के डायरेक्टर आमिर अली ने सभी अभिभावकों का दिल से शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि बच्चों की बेहतर शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय और अभिभावकों के बीच बेहतर तालमेल बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों का सहयोग विद्यालय को निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।


वहीं ज्वाइन्ट डायरेक्टर रुबीना खान ने पूरे डालिम्स परिवार की ओर से सभी अभिभावकों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय का उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास प्रदान करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि डालिम्स सनबीम स्कूल आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर साबित होगा।


बैठक के दौरान अभिभावकों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और शैक्षणिक गतिविधियों की सराहना की तथा बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए विद्यालय प्रबंधन के साथ मिलकर कार्य करने का भरोसा दिलाया। विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि बच्चों की सफलता में स्कूल और अभिभावकों की साझेदारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। पैरेंट्स मीटिंग इसी आपसी संवाद और सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

दिव्यांगों के लिए रोजगार व स्वरोजगार का सुनहरा मौका

गाजीपुर। जिला समन्वयक, उ0प्र0 कौशल विकास मिशन ने बताया है कि उ0प्र0 कौशल विकास मिशन के माध्यम से दिव्यांगजन रोजगार अभियान 3.0 का 3 अगस्त से 10 अगस्त 2026 तक अभियान चलाया जाएगा। दिव्यांगजन रोजगार अभियान के अन्तर्गत एक सप्ताह के अन्दर जनपद स्तर पर संचालित औद्योगिक इकाईयों एवं अन्य अधिष्ठानों की रिक्तियों के सापेक्ष जनपद व जनपद से बाहर दिव्यांगजन को सेवायोजित कराया जाएगा। जो भी दिव्यांगजन रोजगार व स्वरोजगार से जुड़ना चाहते है, उ0प्र0 कौशल विकास मिशन कार्यालय विकास भवन, गाजीपुर में सम्पर्क कर सरकार द्वारा संचालित स्वरोजगार की योजनाओं से जुड़ सकते है एवं विभिन्न कम्पनियों में रोजगार हेतु साक्षात्कार के उपरान्त रोजगार पा सकते है।  

महिला पीजी कॉलेज की प्राचार्य सेवानिवृत्ति, डॉ शंभू शरण प्रसाद बने नए प्राचार्य

राजकीय महिला महाविद्यालय की प्राचार्य सेवानिवृत्ति, डॉ शंभू शरण प्रसाद बने नए प्राचार्य

गाजीपुर। शुक्रवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनीता कुमारी अपनी राजकीय उच्च शिक्षा विभाग की लगभग 28 वर्ष सेवा पश्चात सेवानिवृत हो गई। इनकी सन 1998 में उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राजकीय महाविद्यालय, रामपुर में संस्कृत विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में तैनात हुई थी। तत्पश्चात आप स्थानांतरित होकर अक्टूबर 2001 में राजकीय महिला महाविद्यालय में आयी। विगत 1 मार्च 2024 में आप महाविद्यालय की प्रभारी प्राचार्य बनी और इस पद पर 2 वर्ष 5 माह तक कार्यरत रही। इस अवसर पर महाविद्यालय के स्टाफ क्लब द्वारा प्राचार्य प्रोफेसर अनीता कुमारी की सेवाओं को याद करते हुए उनका भव्य सेवा संपूर्ति समारोह मनाया गया।

सभी साथी शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने इनके कार्यकाल की सराहना करते हुए शुभकामनाएं दिया। सायंकाल को आपने महाविद्यालय की प्राचार्य पद का प्रभार वरिष्ठ आचार्य डॉ शंभू शरण प्रसाद को हस्तगत किया। समस्त महाविद्यालय परिवार ने नए प्राचार्य को पुष्प गुच्छ एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर स्वागत किया। इस कार्यक्रम का संचालन स्टाफ क्लब की सचिव डॉ शशिकला जायसवाल एवं आभार ज्ञापन डॉ आनंद चौधरी ने किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के डॉ शिवकुमार, डॉ विकास सिंह, डॉ संगीता, डॉ निरंजन कुमार, डॉ शैलेंद्र कुमार, डॉ हरेंद्र, डॉ एकलाख, डॉ नेहा कुमारी, डॉ पीयूष सिंह, डॉ मनीष सोनकर समेत समस्त प्राध्यापक एवं कार्यालय अधीक्षक राधेश्याम कुशवाहा एवं समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

शशि सिंह बनी सूचना अधिकारी

गाजीपुर। जिले में जिला सूचना विभाग में नई सूचना अधिकारी की नियुक्ति की गई है। शासन के आदेश के क्रम में शशि सिंह ने जिला सूचना अधिकारी के रूप में अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। वहीं, पूर्व में रहे जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार का तबादला देवरिया कर दिया गया है। नई जिम्मेदारी के साथ सूचना अधिकारी शशि सिंह के नई कार्यशैली की उम्मीद की जा रही है।

कोई भी पात्र महिला शासन की योजनाओं से न रहे वंचित: उपाध्यक्ष चारु चौधरी

गाजीपुर। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायत छावनी लाइन प्रसादपुर स्थित जन सेवा केंद्र पर शुक्रवार को  उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने महिलाओं एवं बच्चों से संवाद करते हुए विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 02 महिलाओं का गोदभराई कराया तथा शिशुओं को अन्नप्राशन संस्कार किया तथा  उपाध्यक्ष ने उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की।


इस अवसर पर उपाध्यक्ष ने उपस्थित महिलाओं से सीधे संवाद करते हुए उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने महिलाओं से पूछा कि उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त हो रहा है अथवा नहीं। उन्होंने विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की।

चारु चौधरी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कोई भी पात्र महिला शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने आश्वस्त किया कि जो भी पात्र महिला अभी तक किसी योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर सकी है, उसे संबंधित विभागों के माध्यम से शीघ्र लाभान्वित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध है तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है।

कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने अपनी विभिन्न समस्याएं एवं सुझाव भी माननीय उपाध्यक्ष के समक्ष रखे, जिनके त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण का आश्वासन दिया गया। उन्होंने महिलाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला प्रोबेशन अधिकारी/जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार सोनी, वन स्टाफ सेन्टर के अधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, आशा बहुएं तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं एवं बच्चे उपस्थित रहे।

राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी ने छात्राओं से किया संवाद

गाजीपुर।  उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारु चौधरी के जनपद भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज (जीजीआईसी) महुआबाग के संवाद कार्यक्रम में उपस्थित होकर सरवस्ती के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर माल्यार्पण किया। उसके उपरान्त उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं का अवलोकन करते हुए छात्राओं से संवाद स्थापित किया। उपाध्यक्ष ने छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनने, आत्मविश्वास विकसित करने तथा अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं की सुरक्षा, शिक्षा एवं सम्मान सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। छात्राओं को विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं, हेल्पलाइन सेवाओं तथा महिला सुरक्षा संबंधी प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।

उन्होने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा करना शासन की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि महिलाओं पर होने वाले घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीड़न, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न, बाल विवाह, मानव तस्करी, साइबर अपराध तथा अन्य किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के विरुद्ध कानून सख्ती से लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने महिलाओं को शासन द्वारा संचालित विभिन्न सहायता सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि संकट की स्थिति में महिला हेल्पलाइन-181, पुलिस आपातकालीन सेवा-112, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 तथा साइबर हेल्पलाइन-1930 का तत्काल उपयोग किया जा सकता है।

इसके अतिरिक्त प्रत्येक जनपद में संचालित वन स्टॉप सेंटर के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता, चिकित्सीय सुविधा, मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा अस्थायी आश्रय उपलब्ध कराया जाता है। उन्होंने महिलाओं एवं बालिकाओं से अपील की कि किसी भी प्रकार का उत्पीड़न या हिंसा होने पर भयभीत न हों, बल्कि तत्काल संबंधित विभाग, पुलिस अथवा महिला हेल्पलाइन से संपर्क करें। उन्होंने अभिभावकों से भी बालिकाओं को शिक्षा, आत्मरक्षा, डिजिटल सुरक्षा एवं उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक बनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में संबंधित विभागीय अधिकारी, विद्यालय की प्रधानाचार्या, शिक्षकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।


इसी क्रम में  उपाध्यक्ष द्वारा महिला चिक्त्सिालय अस्पताल का स्थलीय निरीक्षण किया निरीक्षण के दौरा महिला वार्ड, दवाओं की उपलब्धता की जानकारी लेते भर्ती मरीजो से उनका हाल जाना एवं खान पान के बारे में जानकारी लेते हुए सम्बन्धित को आवश्यक दिशा निर्देश दिया।

सीएम योगी ने जिले को दी विकास की सौगात

गाजीपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का जनपद गाजीपुर मे एक दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम  संपन्न हुआ। इस दौरान उन्होंने विशाल जनसभा को संबोधित किया। इसके साथ ही उन्होंने जनपद के विभिन्न विधान सभा क्षेत्रो मे विकास को गति प्रदान करने के लिए  692 करोड़ लागत की विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास एवं लोकार्पण भी किया।  एवं विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र एवं प्रमाण पत्र का वितरण किया। प्रमाण पत्र पाकर लाभार्थियों के चेहरे ख़ुशी से खिल उठे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर लगाये गये विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा गर्भवती महिलाओ की  गोदभराई एवं नवजात शिशु का अंन्न प्रासन भी कराया गया।


मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री बाल सेवा योजनान्तर्गत अनिमेश राय को लैपटॉप, कन्या सुमंगला योजनान्तर्गत श्रीमती सुन्दरी को रूपये 7000/-का डेमो चेक व प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री कैशलेस योजनान्तर्गत आशुतोष पाण्डेय, वन्दना यादव, दिवाकर सिंह को सांकेतिक प्रमाण पत्र, पी एम सूर्य घर योजनान्तर्गत अरूंचला नन्द राय को प्रमाण पत्र , लखपति दीदी योजनान्तर्गत लखपति दीदी प्रमाण पत्र, समूह की महिला सदस्य मधुबाला को डेमो चेक , मुख्यमंत्री आवास योजना  (ग्रामीण) अन्तर्गत सोमारी को स्वीकृति प्रमाण पत्र, आवास योजना शहरी अन्तर्गत पूनम देवी को अनुदान राशि का प्रमाण पत्र, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना अन्तर्गत पुष्पा देवी को राजस्व विभाग की ओर से 05 लाख का डेमो चेक, अचल अवशेष प्रबन्धन योजनान्तर्गत  रीतेश कुमार राय को 32 लाख का डेमो चेक, स्वच्छ भारत मिशन योजनान्तर्गत कंचन यादव को स्वीकृति पत्र देकर सम्मानित किया गया।  


 बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तहसील मोहम्मदाबाद के नवीन मंडी स्थल पर एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा जनपद गाजीपुर वीरो की धरती है, इस धरती को प्रमाण करते हुए उन्होने जनपद के विकास कार्याे को गति देने के उद्देश्य से गुरुवार को गाजीपुर में जनपद भ्रमण के दौरान  692 करोड़ रुपये की 268 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया तथा सम्बोधन के दौरान उन्होने कहा कि  इन परियोजनाओं का लाभ गाजीपुर, जखनिया, मोहम्मदाबाद, सैदपुर, जमानिया, जहूराबाद व जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। सीएम ने लोकार्पण व शिलान्यास वाली योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी। इस मौके पर सीएम ने जनपदवासियों से अपील की कि ऐसे जनप्रतिनिधि चुनिए, जो आपकी पैरोकारी कर सकें। ऐसे सांसद नहीं चाहिए, जो अवैध असलहा लाइसेंस बनाने में व्यस्त हों। ऐसे जनप्रतिनिधि नहीं चाहिए जो फर्जी लाइसेंस बनाकर जनता के घरों में डकैती व अवैध कब्जा करने का दुस्साहस करें।

सीएम ने कहा कि अब गाजीपुर के स्प्रिचुअल टूरिज्म से जुड़े स्थानों का विकास हो रहा है। लहुरी काशी के रूप में विख्यात गाजीपुर का अलग महत्व है। जो जनपद पौहारी बाबा का आश्रम, भगवान परशुराम, महर्षि जमदग्नि का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। सीएम ने कहा कि गाजीपुर को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि डबल इंजन सरकार के साथ चलिए। पहचान का संकट, नौकरी में डकैती, किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर करने, गरीबों का राशन खाने वाले, किसान व युवा विरोधियों को मौका न दीजिए।
मुख्यमंत्री ने वीर अब्दुल हमीद समेत रणबांकुरों व साहित्यकारों का नाम लेकर गाजीपुर की धरा को प्रणाम किया। कहा कि एशिया के सबसे बड़े गांव गहमर में 12000 से अधिक सैनिक/सेनाधिकारी तथा 15000 से अधिक अवकाश प्राप्त सैनिक/सेनाधिकारी रहते हैं।

गाजीपुर के रणबांकुरे देश की आजादी की लड़ाई में, कबीलाई हमले में, 1962, 1965, 1971 व 1999 के कारगिल युद्ध तथा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी पीछे नहीं हटे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा गठित आजाद हिंद फौज से भी यहां के दर्जनों युवा जुड़े। सीएम ने कहा कि गाजीपुर की धरती सदैव से राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा का केंद्रबिंदु रही है। सीएम ने रामचरित मानस की चौपाई ‘गाधितनय मन चिंता व्यापी, हरि बिनु मरहिं न निसिचर पापी’ सुनाई। सीएम ने उस समय की कहानी भी सुनाई और कहा कि गाजीपुर ने तब भी आतंक, लूटखसोट, अराजकता के खिलाफ शंखनाद किया था, लेकिन इस धरा का नाम क्यों डूब गया? क्यों जनपद का नाम लेने से लोग कांपते और आने से डरते थे? विपक्ष पर प्रहार करते हुए सीएम ने कहा कि उन्होंने राष्ट्र नायकों के बजाय विदेशी आक्रांताओं को महिमा मंडित किया, जबकि एनडीए सरकार राष्ट्रनायकों को सम्मान देती है। 1000 वर्ष पहले राष्ट्रनायक महाराजा सुहेलदेव ने सालार मसूद को बहराइच के चित्तौरा में रौंद दिया था। उसे इस्लाम के अनुरूप सबसे कड़ी सजा दी। इसके बावजूद विपक्ष  ने महाराज सुहेलदेव के नाम पर कोई आयोजन नहीं होने दिया, बल्कि ये लोग सालार मसूद गाजी का मेला लगवाते थे।

हमारी सरकार ने कहा कि सालार मसूद की नहीं, बल्कि महाराज सुहेलदेव की स्मृति में मेला लगेगा। सरकार ने बहराइच में महाराज सुहेलदेव का भव्य स्मारक व प्रतिमा लगवाई और मेडिकल कॉलेज बनवाया। आजमगढ़ में विश्वविद्यालय का निर्माण किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गाजीपुर के तत्कालीन सांसद मनोज कुमार सिन्हा ने गाजीपुर से आनंद विहार के बीच सुहेलदेव सुपरफास्ट ट्रेन का संचालन कराया और उनकी स्मृति में डाक टिकट जारी किया। सीएम ने कहा कि राष्ट्रनायकों को सम्मान देने वाला देश/समाज आगे बढ़ता है। आक्रांताओं का सम्मान करने वालों का कोई भविष्य नहीं होता। सीएम ने कहा कि अब यहां मेडिकल कॉलेज है। चारों ओर की कनेक्टिविटी फोरलेन की हो गई। गाजीपुर से तीन से साढ़े तीन घंटे में लखनऊ जा सकते हैं जबकि पहले 8-10 घंटे लगते थे। गाजीपुर से लखनऊ, काशी, गोरखपुर की यात्रा सरल हुई। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, गोरखपुर-वाराणसी हाईवे भी है। सरकार पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को यहां से चंदौली, वाराणसी से जोड़ते हुए शक्तिनगर तक ले जाएगी।

सीएम ने 10 साल पहले यूपी की हालत बताई और कहा कि अब सामने वाला यूपीवालों से गले मिलने को उतावला रहता है। अपने कार्यकर्ताओं को विकास कार्यों की लूट की छूट देने वाले हमें उपदेश न दें। विपक्ष के समय में जब पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर जब एक इंच काम नहीं हुआ, तब भी इन लोगों ने 3000 करोड़ का वारा-न्यारा कर दिया। हमने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे बनवाया। सीएम ने कहा कि असीम प्रतिभा के केंद्र युवाओं को यूपी में प्लेटफॉर्म मिला है। 12 वर्ष में पीएम स्टार्टअप, पीएम स्टैंडअप, डिजिटल भारत, मिशन रोजगार के तहत लाखों नौजवानों को नौकरी मिल रही है। यूपी में 9 साल में 9 लाख से ज्यादा युवाओं को बिना सिफारिश या बिना घूस दिए सरकारी नौकरी मिली है। किसानों को फसल ऋण माफी, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि मिल रही है। युवाओं की ऊर्जा सकारात्मक दिशा में जाएगी तो प्रगति के नए प्रतिमान स्थापित करेगी। एनडीए सरकार अच्छे प्लेटफॉर्म के लिए निरंतर कार्य कर रही है। ओडीओपी, पीएम विश्वकर्मा योजना, मिशन रोजगार, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान आदि योजनाएं चल रही हैं। इन कार्यक्रमों से युवाओं का भविष्य उज्ज्वल होगा।


सीएम ने कहा कि मोदी जी ने देश में केवल चार जातियां (गरीब, किसान, महिलाएं व युवा) बताईं। देशवासियों से कहा है कि 2047 तक भारत आत्मनिर्भर व विकसित होगा। गरीबी समाप्त होगी, सभी के जीवन में खुशहाली होगी। नौजवानों को काम, किसानों को उपज का बेहतर दाम और व्यापारी सुरक्षित माहौल में व्यापार बढ़ा सकेगा। बेटी-बहनों का भरपूर योगदान होगा। सीएम ने सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र कर उससे होने वाले लाभों को भी गिनाया। उन्होंने गाजीपुरवासियों का आह्वान किया कि सभी मिलकर विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश व विकसित गाजीपुर के सारथी बनें। नौजवान, किसान, आधी आबादी, व्यापारी विकास के लिए 10 कदम चलेंगे तो सरकार आपके साथ 100 कदम चलेगी। विकास के हर प्रस्ताव स्वीकार होंगे। त्योहारों में उपद्रव करने वाले नहीं, बल्कि इसे उत्सव में बदलने वाली सरकार चाहिए। सुरक्षा, सुशासन डबल इंजन सरकार की पहचान है और आपके जीवन में खुशहाली लाना हमारा संकल्प।


इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, विधायक बेदीराम, विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह चंचल, जिला पंचायत प्रशासक सपना सिंह, भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्य़क्ष सरोज कुशवाहा जिलाध्यक्ष भाजपा ओम प्रकाश राय, पूर्व विधायक जमानिया सुनीता सिंह, पूर्व सांसद राधेमोहन सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा सूनील सिंह, भानुप्रताप,विजेन्द्र राय, पूर्व मंत्री विजय मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय, अभिनव सिंन्ह, पियूष राय सहित अन्य सम्मानित जनप्रतिनिधि, अधिकारी व आमजन की उपस्थिति रही।