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हिंदी हमारी पहचान और स्वाभिमान: जनपद न्यायाधीश

हिंदी हमारी पहचान और स्वाभिमान : जनपद न्यायाधीश

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से हिंदी दिवस पर संगोष्ठी आयोजित, न्यायिक अधिकारियों ने रखे विचार

गाजीपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जय प्रकाश यादव के निर्देशन में सोमवार को जनपद न्यायालय के दसकक्षीय सभागार में हिंदी दिवस के अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश जय प्रकाश यादव ने कहा कि भारत विविध भाषाओं, जातियों और धर्मों वाला विशाल देश है। व्यापार, संस्कृति और सामाजिक संबंधों के कारण देश के विभिन्न राज्यों के लोग एक-दूसरे से जुड़े हैं। ऐसे में आपसी संवाद और व्यवहारिक संबंधों को मजबूत बनाए रखने के लिए ऐसी भाषा की आवश्यकता है, जिसे अधिक से अधिक लोग आसानी से समझ और बोल सकें। उन्होंने कहा कि हिंदी लिखने, बोलने और समझने में सरल भाषा है। हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य हिंदी का अधिकाधिक प्रचार-प्रसार एवं सम्मान सुनिश्चित करना है, क्योंकि हिंदी हमारी पहचान और स्वाभिमान से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि हिंदी देश की संस्कृति और संस्कारों का प्रतिबिंब है। राष्ट्र की एकता, अखंडता और बंधुत्व को मजबूत करने में हिंदी की महत्वपूर्ण भूमिका है। भाषा और संस्कृति को संरक्षित रखना हम सभी का दायित्व है। पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण संजय हरी शुक्ला ने कहा कि हिंदी दिवस मनाने का उद्देश्य लोगों को हिंदी के प्रति जागरूक करना है। जब तक हिंदी का व्यवहारिक रूप से अधिकाधिक प्रयोग नहीं होगा, तब तक इसके विकास को अपेक्षित गति नहीं मिल सकती। उन्होंने सरकारी कार्यालयों में भी हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग पर जोर दिया। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/नोडल अधिकारी लोक अदालत शक्ति सिंह ने कहा कि भाषा विचारों और भावनाओं की अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम है। व्यक्ति अपने विचार, भाव-भंगिमा और अनुभव भाषा के माध्यम से ही दूसरों तक पहुंचाता है। हिंदी इस अभिव्यक्ति को सहज और प्रभावी बनाने वाली महत्वपूर्ण भाषा है। सचिव पूर्णकालिक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नीरज गोंड ने कहा कि हिंदी विश्व में सर्वाधिक बोली जाने वाली प्रमुख भाषाओं में शामिल है। भारत में बड़ी संख्या में लोग हिंदी का प्रयोग करते हैं। भाषा विचारों के आदान-प्रदान का माध्यम है और देश के अलग-अलग क्षेत्रों में भाषाई विविधता के बावजूद हिंदी राष्ट्रीय एकता और आपसी संवाद को मजबूत करने में सहायक है ।संगोष्ठी में अपर सिविल जज (जू.डि.) हार्दिक सिंह, अपर सिविल जज (जू.डि.) मोनी वर्मा, जिला शासकीय अधिवक्ता कृपाशंकर राय, बृजभूषण श्रीवास्तव, गौतम द्विवेदी एवं राजन पाण्डेय ने भी हिंदी के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर श्वेता वर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या-03, संजय के लाल, स्पेशल जज (ईसी एक्ट), राम अवतार प्रसाद, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कक्ष संख्या-01, विजय कुमार-चतुर्थ, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या-01 सहित अन्य न्यायिक अधिकारी, विद्वान अधिवक्ता एवं न्यायालय कर्मचारी उपस्थित रहे।

साइबर ठगी के 92 पीड़ितों को राहत, साइबर सेल ने लौटाए 5.57 लाख रुपये

साइबर ठगी के 92 पीड़ितों को गाजीपुर साइबर सेल ने दिलाई राहत, 5.57 लाख रुपये कराए वापस

बैंकों और डिजिटल पेमेंट संस्थानों से समन्वय कर ठगी की रकम कराई होल्ड, विधिक प्रक्रिया के बाद पीड़ितों के खातों में लौटाई धनराशि

गाजीपुर। डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को झांसे में लेकर बैंक खातों, एटीएम/क्रेडिट कार्ड, यूपीआई और अन्य गोपनीय वित्तीय जानकारी हासिल कर ठगी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करते हुए गाजीपुर साइबर सेल ने 92 पीड़ितों को राहत दिलाते हुए कुल 5 लाख 57 हजार 44 रुपये की धनराशि सुरक्षित कराकर वापस उनके बैंक खातों में पहुंचाई है। पुलिस अधीक्षक गाजीपुर के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक नगर एवं नोडल अधिकारी साइबर के मार्गदर्शन में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। साइबर सेल को गृह मंत्रालय के अधीन I4C (Indian Cyber Crime Coordination Centre) के MRM पोर्टल के माध्यम से प्राप्त जन-शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साइबर सेल की टीम ने शिकायतें प्राप्त होते ही संबंधित बैंकों, डिजिटल पेमेंट गेटवे और अन्य वित्तीय एवं तकनीकी संस्थानों से समन्वय स्थापित किया। साइबर अपराधियों के खातों में ट्रांसफर की गई धनराशि को समय रहते होल्ड और लीन कराया गया। इसके बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर कुल 5,57,044 रुपये की धनराशि पीड़ितों के मूल बैंक खातों में वापस कराई गई।

92 पीड़ितों को मिली राहत

साइबर सेल की इस कार्रवाई से जनपद के 92 आवेदक/पीड़ित लाभान्वित हुए। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी होने के बाद शुरुआती समय में की गई शिकायत धनराशि को सुरक्षित कराने में बेहद महत्वपूर्ण होती है।

साइबर ठगी से बचने को पुलिस की अपील

गाजीपुर पुलिस ने आम नागरिकों से साइबर अपराध के प्रति सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम/क्रेडिट कार्ड नंबर, सीवीवी या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। किसी के कहने पर AnyDesk, TeamViewer अथवा अन्य स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और संदिग्ध क्यूआर कोड स्कैन करने से भी बचें।

ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल

यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो उसे बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है। पुलिस के अनुसार, ठगी की घटना के तुरंत बाद सूचना मिलने पर रकम को संबंधित खाते में होल्ड कराने और उसे वापस कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

साइबर सेल की टीम

इस सराहनीय कार्रवाई में उपनिरीक्षक विवेक पाठक (प्रभारी, साइबर क्राइम सेल), आरक्षी शिवम सिंह, आरक्षी शुभम सिंह एवं आरक्षी प्रेमशंकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पेंटिंग में जीवंत किया वीर अब्दुल हमीद का शौर्य, शिक्षिका ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

पेंटिंग में जीवंत किया वीर अब्दुल हमीद का शौर्य, शिक्षिका ने दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

जखनिया। परमवीर चक्र विजेता अमर शहीद वीर अब्दुल हमीद के 61वें बलिदान दिवस पर डालिम्स सनबीम स्कूल जखनिया, गाजीपुर की ओर से उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। धामूपुर स्थित शहीद वीर अब्दुल हमीद मेमोरियल पार्क में आयोजित कार्यक्रम में देश के वीर सपूत के अदम्य साहस, शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को नमन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय की प्रतिभाशाली शिक्षिका गुड़िया गुप्ता ने अपनी कला के माध्यम से वीर अब्दुल हमीद के शौर्य को जीवंत करते हुए उनकी आकर्षक पेंटिंग तैयार की। पेंटिंग के जरिए दी गई यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम में विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उनकी कलाकृति ने उपस्थित लोगों का ध्यान आकर्षित किया और शहीद के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान की भावना को और प्रबल किया। विद्यालय परिवार ने कहा कि वीर अब्दुल हमीद का अदम्य साहस, त्याग और देशभक्ति देश की युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगे। राष्ट्र की रक्षा के लिए दिया गया उनका सर्वोच्च बलिदान देशवासियों के हृदय में हमेशा अमर रहेगा। वीर अब्दुल हमीद के जीवन और शौर्य से नई पीढ़ी को देशप्रेम, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा मिलती रहेगी।

बैंक हड़ताल, 300 शाखाओं पर असर

5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग पर गाजीपुर में बैंक हड़ताल, 300 शाखाओं पर असर

5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था की मांग को लेकर गाजीपुर में बैंक कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल

300 के करीब बैंक शाखाओं पर पड़ा असर, 1000 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी रहे हड़ताल में शामिल; 150 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित होने का दावा

गाजीपुर। औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 के तहत भारतीय बैंक संघ (IBA) एवं यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स (UFBU) के बीच हुए समझौतों के पूर्ण अनुपालन और 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को आहूत राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल का गाजीपुर जनपद में व्यापक असर देखने को मिला। हड़ताल के चलते विभिन्न बैंकों की करीब 300 शाखाओं में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं। UFBU के अनुसार, जिले में 1000 से अधिक अधिकारी एवं कर्मचारी हड़ताल में शामिल हुए और इससे 150 करोड़ रुपये से अधिक का बैंकिंग कारोबार प्रभावित हुआ।

हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन कर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए UFBU गाजीपुर इकाई के जिला संयोजक एवं UPBEU के जिला मंत्री सत्येन्द्र गुप्ता ने कहा कि 7 दिसंबर 2023 को हस्ताक्षरित एमओयू तथा 8 मार्च 2024 को जारी संयुक्त सेटलमेंट/जॉइंट नोट में शेष सभी शनिवारों को बैंक अवकाश घोषित किए जाने पर स्पष्ट सहमति बनी थी। इसके बावजूद 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू नहीं किया जाना बैंक कर्मचारियों के हितों के साथ न्याय नहीं है। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से इस मांग को लेकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से संघर्ष कर रहे हैं। बैंकिंग क्षेत्र में लगातार बढ़ते कार्यदबाव, कर्मचारियों की कमी और कार्य-जीवन संतुलन की आवश्यकता को देखते हुए अब 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था समय की मांग बन चुकी है।

सत्येन्द्र गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि 11 सितंबर की एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के बाद भी सरकार की ओर से 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने के संबंध में कोई ठोस एवं सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को अगले चरण में ले जाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 28, 29 और 30 सितंबर 2026 को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल प्रस्तावित है। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो 26 अक्टूबर 2026 से देशभर के बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि बैंक कर्मचारी संघर्ष नहीं चाहते, बल्कि अपनी जायज मांगों का सम्मानजनक और समयबद्ध समाधान चाहते हैं। सरकार के पास अभी भी वार्ता के माध्यम से समस्या का समाधान करने का अवसर है। अनिश्चितकालीन हड़ताल की स्थिति उत्पन्न होने से पहले 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए।

अन्य बैंक नेताओं ने भी उठाई आवाज

ऑल इंडिया पीएनबी ऑफिसर्स फेडरेशन के अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि बैंक कर्मचारियों पर लगातार बढ़ते कार्यदबाव, स्टाफ की कमी और कार्य-जीवन संतुलन के अभाव को देखते हुए 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था अब आवश्यक हो गई है। सरकार को इस दिशा में जल्द सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए।

संतोष राय, AIPNBOA ने कहा कि पूर्व में हुए समझौतों और सहमतियों का प्रभावी क्रियान्वयन औद्योगिक संबंधों की विश्वसनीयता के लिए जरूरी है। मांगों के समाधान में अनावश्यक विलंब से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।

रामजी, बैंक ऑफ इंडिया ने कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं। बार-बार मांग उठाए जाने के बावजूद 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने में हो रही देरी दुर्भाग्यपूर्ण है।

सुनील यादव, केनरा बैंक, आलोक प्रकाश, पंजाब नेशनल बैंक तथा जितेन्द्र शर्मा, जिला मंत्री BEFI ने भी अपने विचार रखे। नेताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर UFBU के सभी घटक संगठन एकजुट हैं और मांगों के समाधान तक लोकतांत्रिक एवं संगठित संघर्ष जारी रहेगा।

राष्ट्रव्यापी हड़ताल में UFBU के सभी सात घटक संगठनों—AIBEA, BEFI, NCBE, AIBOC, AIBOA, INBEF एवं INBOC—ने सहभागिता की।

गाजीपुर में पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूको बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और इंडियन बैंक समेत विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में हड़ताल में शामिल रहे। UFBU गाजीपुर इकाई ने केंद्र सरकार एवं संबंधित प्राधिकरणों से 5-दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने तथा लंबित मांगों के समाधान के लिए शीघ्र ठोस एवं समयबद्ध निर्णय लेने की मांग की।

डीबीटी की धनराशि से ही खरीदें ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर, बैग व स्टेशनरी

डीबीटी की धनराशि से ही खरीदें ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर, बैग व स्टेशनरी

गाजीपुर। शैक्षिक सत्र 2026-27 में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों में कक्षा-1 से 8 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए स्कूल ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी क्रय हेतु अभिभावकों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी गई धनराशि के सदुपयोग को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा, उत्तर प्रदेश ने निर्देश दिया है कि डीबीटी से प्राप्त धनराशि का उपयोग निर्धारित मदों में ही किया जाए। विकासखंड एवं विद्यालय स्तर पर अभिभावकों को स्पष्ट रूप से बताया जाएगा कि इस धनराशि से केवल स्कूल ड्रेस, जूता-मोजा, स्वेटर, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी की खरीद की जाए। निर्देशों के अनुसार खरीदी जाने वाली सामग्री गुणवत्तापूर्ण एवं उपयोग योग्य होनी चाहिए, ताकि विद्यार्थी पूरे शैक्षिक सत्र में उसका उपयोग कर सकें। प्रधानाध्यापक एवं शिक्षक अभिभावकों से संपर्क कर बैठक आयोजित करेंगे और निर्धारित सामग्री की खरीद सुनिश्चित कराने के साथ ही बच्चों को उसका नियमित उपयोग करने के लिए प्रेरित करेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विद्यालय स्तर पर विद्यार्थियों को प्राप्त सामग्री का कक्षावार एवं विद्यार्थीवार सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि विद्यार्थी स्कूल ड्रेस, जूता-मोजा एवं स्वेटर पहनकर विद्यालय आएं तथा स्कूल बैग और आवश्यक स्टेशनरी का नियमित उपयोग करें।

आत्महत्या रोकने में जागरूकता और संवेदनशील संवाद अहम: प्राचार्य

आत्महत्या से जुड़े मिथकों को तोड़कर संवाद का माहौल बनाना जरूरी : विशेषज्ञ

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय, महुआबाग के मनोविज्ञान विभाग की ओर से गुरुवार को विश्व आत्महत्या निवारण दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आत्महत्या की बढ़ती प्रवृत्ति, उसके संकेतों, कारणों तथा बचाव के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने छात्राओं से मानसिक परेशानियों को छिपाने के बजाय परिवार, मित्रों और विशेषज्ञों से खुलकर बातचीत करने की अपील की।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शंभू शरण प्रसाद द्वारा अतिथियों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत करने के साथ हुआ। विषय प्रवर्तन करते हुए मनोविज्ञान विभाग प्रभारी एवं मनोविज्ञान परिषद के अध्यक्ष डॉ. शिवकुमार ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन एवं अंतर्राष्ट्रीय आत्महत्या निवारण संघ की पहल पर प्रत्येक वर्ष 10 सितंबर को विश्व आत्महत्या निवारण दिवस मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आत्महत्या गंभीर जनस्वास्थ्य चुनौती है और इसके निवारण के लिए जागरूकता के साथ-साथ संवेदनशील संवाद का वातावरण तैयार करना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 से 2026 तक की थीम ‘आत्महत्या से जुड़े आख्यानों को बदलना’ है, जिसका उद्देश्य लोगों को आत्महत्या से जुड़े विचारों और मानसिक परेशानियों के बारे में बिना झिझक बात करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

मुख्य वक्ता जिला चिकित्सालय गाजीपुर के नैदानिक मनोवैज्ञानिक अंकित आनंद ने आत्महत्या से जुड़े विभिन्न संकेतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि अत्यधिक अवसाद, व्यवहार में अचानक बदलाव, अत्यधिक शांत या अलग-थलग रहना, स्वयं को दूसरों पर बोझ समझना, जीवन में लक्ष्य का अभाव तथा अपने प्रियजनों को बार-बार अलविदा कहने जैसे व्यवहार चेतावनी के संकेत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्ति को नजरअंदाज करने के बजाय उसकी बात ध्यानपूर्वक सुनना, सहानुभूतिपूर्वक व्यवहार करना और समस्या के समाधान की दिशा में सहयोग देना जरूरी है।

जिला चिकित्सालय के मनोरोग विभाग के स्टाफ नर्स सतीश कुमार ने राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत संचालित टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मानसिक तनाव, अवसाद सहित विभिन्न मानसिक परेशानियों में इस हेल्पलाइन के माध्यम से निःशुल्क मनोवैज्ञानिक परामर्श प्राप्त किया जा सकता है तथा आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं के लिए रेफरल की सुविधा भी उपलब्ध है।

महिला वन स्टॉप सेंटर गाजीपुर की मैनेजर प्रियंका प्रजापति ने छात्राओं को महिला हेल्पलाइन एवं वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आयु वर्ग की महिलाएं अपनी समस्याओं के समाधान और आवश्यक सहायता के लिए वन स्टॉप सेंटर से संपर्क कर सकती हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ. शंभू शरण प्रसाद ने कहा कि आत्महत्या की रोकथाम में जागरूकता और समय पर सहायता बेहद महत्वपूर्ण है। विद्यार्थियों को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनने के साथ अपनी समस्याओं को साझा करने की आदत विकसित करनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन डॉ. शिवकुमार ने तथा आभार ज्ञापन महाविद्यालय की मुख्य शास्ता डॉ. सारिका सिंह ने किया। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को अंगवस्त्रम एवं स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम के आयोजन में मनोविज्ञान परिषद की छात्राओं माही प्रजापति, संजना पांडेय, इल्मा सिद्दीकी, हुमैरा परवीन, आनंदी गुप्ता, श्रेया वर्मा, श्रेया कुमारी, स्वधा गुप्ता, गुनगुन जायसवाल, ममता बिंद, शमा तरन्नुम, अलीशा फातिमा, रिया सैनी आदि की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर डॉ. संगीता मौर्य, डॉ. निरंजन कुमार, डॉ. राजेश कुमार यादव, डॉ. हरेंद्र यादव, डॉ. गजनफर सईद, डॉ. मनीष सोनकर, डॉ. नेहा कुमारी सहित अन्य प्राध्यापक एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

परमवीर चक्र विजेता वीर अब्दुल हमीद के बलिदान को किया नमन

धामूपुर में भव्य बलिदान दिवस समारोह, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने प्रतिमा पर अर्पित की श्रद्धांजलि

गाजीपुर। परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद के बलिदान दिवस के अवसर पर गुरुवार को धामूपुर में भव्य बलिदान दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बाद उन्होंने परमवीर चक्र विजेता शहीद वीर अब्दुल हमीद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्र की रक्षा के लिए दिए गए उनके सर्वोच्च बलिदान को नमन किया।

समारोह के दौरान केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। उन्होंने वीर अब्दुल हमीद के अदम्य साहस, शौर्य और देशभक्ति को याद करते हुए कहा कि उनका जीवन और बलिदान देश की युवा पीढ़ी के लिए सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने युवाओं से वीर सपूतों के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्रहित में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

इस अवसर पर परमवीर चक्र एवं अन्य वीरता पुरस्कारों से सम्मानित वीर सैनिकों तथा उनके परिजनों को सम्मानित किया गया। उपस्थित लोगों ने देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों के त्याग, शौर्य और राष्ट्रसेवा को नमन किया तथा देश की एकता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।समारोह में विद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। देशभक्ति गीत, गायन एवं नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम से भर दिया। बच्चों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से शहीद वीर अब्दुल हमीद के अदम्य साहस, वीरता और देशभक्ति का संदेश दिया।

कार्यक्रम के दौरान परमवीर चक्र विजेता सूबेदार मेजर योगेंद्र सिंह यादव ने भी शहीद वीर अब्दुल हमीद की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने वीर अब्दुल हमीद के अदम्य साहस एवं शौर्य को नमन करते हुए युवाओं से राष्ट्रहित में समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। पूरे समारोह के दौरान देशभक्ति एवं राष्ट्रप्रेम का माहौल बना रहा। वीर अब्दुल हमीद ने वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में अद्वितीय साहस और वीरता का परिचय देते हुए राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनके शौर्य और बलिदान की स्मृति देशवासियों के हृदय में सदैव जीवित रहेगी। समारोह में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी, सेना के वीर जवान, वीरता पुरस्कार से सम्मानित सैनिक एवं उनके परिजन तथा बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।

लम्पी स्किन डिजीज को लेकर जिले में अलर्ट, गोवंशों का होगा टीकाकरण

लम्पी स्किन डिजीज को लेकर गाजीपुर में अलर्ट, 2.66 लाख गोवंशों का होगा टीकाकरण

गाजीपुर। मवेशियों में फैलने वाली लम्पी स्किन डिजीज (एलएसडी) की रोकथाम एवं प्रभावी नियंत्रण को लेकर पशुपालन विभाग ने जनपद में व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू कर दिया है। गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीमारी के लक्षण, बचाव और रोकथाम के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा 9 सितंबर 2026 से पूरे जनपद में वृहद टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए 25 टीमें लगाई गई हैं, जो प्रतिदिन गांवों में पहुंचकर गोवंशों का निःशुल्क टीकाकरण कर रही हैं। अभियान के तहत जनपद के 2,66,143 गोवंशों का टीकाकरण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल गाजीपुर में लम्पी स्किन डिजीज का प्रकोप नहीं है, लेकिन पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बीमारी के प्रकोप को देखते हुए एहतियात के तौर पर टीकाकरण अभियान शुरू किया गया है।

ये हैं बीमारी के प्रमुख लक्षण

लम्पी स्किन डिजीज एक विषाणुजनित रोग है। इससे प्रभावित पशु को तेज बुखार, आंख और नाक से पानी गिरना, पैरों में सूजन तथा शरीर पर कठोर एवं चपटी गांठें पड़ने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। गंभीर स्थिति में शरीर के विभिन्न हिस्सों पर गांठों के घाव बन सकते हैं। इससे पशु कमजोर होने लगता है, वजन कम होता है और सांस लेने में परेशानी हो सकती है। दुधारू पशुओं में दुग्ध उत्पादन कम हो जाता है तथा गाभिन पशुओं में गर्भपात की स्थिति भी बन सकती है।

बीमारी फैलने पर ये सावधानियां जरूरी

पशुपालकों को लक्षण दिखाई देने पर तत्काल निकटतम पशु चिकित्सालय या पशु सेवा केंद्र को सूचना देने, संक्रमित पशु को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने और उसके आवागमन पर रोक लगाने की सलाह दी गई है। पशुओं को साफ पानी पिलाने, मक्खी-मच्छर और किलनी से बचाने के लिए आवश्यक कीटनाशक का प्रयोग करने तथा पशुबाड़े में फिनायल या सोडियम हाइपोक्लोराइट का छिड़काव कर कीटाणुशोधन करने को कहा गया है। बीमार पशुओं की देखभाल करने वाले व्यक्ति को स्वस्थ पशुओं के बाड़े से दूर रखने तथा पहले स्वस्थ और बाद में बीमार पशुओं को चारा-पानी देने की सलाह दी गई है। बीमार पशु की देखभाल के बाद हाथ साबुन से अच्छी तरह धोना भी जरूरी बताया गया।

सामूहिक चराई और पशु मेलों से बचें

पशुपालकों से अपील की गई कि बीमारी के प्रकोप के दौरान पशुओं को सामूहिक चराई के लिए न भेजें और पशु मेले अथवा प्रदर्शनियों में न ले जाएं। बीमार और स्वस्थ पशुओं को एक साथ चारा-पानी न दें तथा प्रभावित क्षेत्रों से पशुओं की खरीद न करें। किसी पशु की मृत्यु होने पर शव को खुले में न फेंककर वैज्ञानिक विधि से दफनाने की सलाह दी गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने जनपद के पशुपालकों से अपील की कि किसी भी गोवंश में लम्पी स्किन डिजीज के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी पशु चिकित्सालय या पशु सेवा केंद्र से संपर्क करें। घर पर पशु चिकित्सा सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर 1962 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

चला नगर पालिका का बुलडोजर, अतिक्रमण पर कसा शिकंजा

मालगोदाम से रोडवेज तक चला अतिक्रमण हटाओ अभियान, अवैध टिनशेड पर हुई कार्रवाई

गाजीपुर। नगर पालिका परिषद गाजीपुर ने बुधवार, 9 सितंबर को शहर में अतिक्रमण के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया। अधिशासी अधिकारी डॉ. धीरेंद्र कुमार राय के निर्देश पर नगर पालिका की टीम ने मालगोदाम रोड से रोडवेज बस स्टैंड तक सड़क और नालों पर किए गए अवैध कब्जों को हटवाया।

अभियान के दौरान मालगोदाम क्षेत्र में सड़क और नाले की जमीन पर कबाड़ियों द्वारा लगाए गए अवैध टिनशेड और अन्य अस्थायी निर्माणों पर विशेष रूप से कार्रवाई की गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध टिनशेड हटवाए और सड़क के दोनों किनारों को अतिक्रमण मुक्त कराया।

कार्रवाई के लिए पुलिस प्रशासन के सहयोग से नगर पालिका के राजस्व निरीक्षक रवींद्र कुमार सोनकर की अगुवाई में विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने पूरे क्षेत्र में अभियान चलाते हुए अतिक्रमणकारियों को दोबारा कब्जा न करने की सख्त चेतावनी दी।

नगर पालिका की कार्रवाई से सड़क और नाले पर अवैध कब्जा करने वाले दुकानदारों व कबाड़ियों में हड़कंप मच गया। नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया कि शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा नालों की सफाई सुचारु रखने के लिए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इस दौरान सीओ सिटी सदर अनिल कुमार, कोतवाली प्रभारी प्रमोद कुमार सिंह, विशेश्वरगंज चौकी प्रभारी सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही।

फोटो जर्नलिस्ट विनय प्रकाश यादव के निधन पर गाज़ीपुर प्रेस क्लब ने जताया शोक

फोटो जर्नलिस्ट विनय प्रकाश यादव के निधन पर गाज़ीपुर प्रेस क्लब ने जताया शोक

गाजीपुर। प्रतिष्ठित अखबार के फोटो जर्नलिस्ट और गाजीपुर प्रेस क्लब के पूर्व सदस्य विनय प्रकाश यादव के आकस्मिक निधन पर गाजीपुर प्रेस क्लब परिवार ने गहरा शोक जताया। इस अवसर पर प्रेस क्लब के संरक्षक मनीष मिश्रा के नेतृत्व में शोकसभा आयोजित कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।

शोकसभा में वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय विनय प्रकाश यादव लंबे समय से फोटो जर्नलिस्ट के रूप में पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे थे। सरल और मिलनसार स्वभाव के विनय प्रकाश यादव ने अपने व्यवहार और कार्यशैली से पत्रकारिता जगत में अलग पहचान बनाई थी। उनके आकस्मिक निधन से पत्रकारिता जगत को अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी स्मृतियां हमेशा लोगों के बीच जीवित रहेंगी।

इस दौरान गाजीपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष शिवकुमार कुशवाहा, उपाध्यक्ष मनीष कुमार सिंह, महासचिव कृपा कृष्ण केके, सचिव विनीत दुबे, कोषाध्यक्ष संजय कुशवाहा के साथ कार्यकारिणी सदस्य मुकेश उपाध्याय, करुणेंद्र कुमार राय, अनिल कुमार, संजीव कुमार, अंजनी कुमार और आरएन राय समेत अन्य पत्रकार मौजूद रहे।

सभी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस अपार दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।