गाजीपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को गाजीपुर को विकास की कई सौगात दी। सीएम ने यहां पत्रकारों से बातचीत की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनप्रतिनिधियों की मांग पर गाजीपुर में चौकिया-अंधऊ बाईपास के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। उन्होंने कहा कि इससे विकास बढ़ेगा और यातायात की समस्या का समाधान होगा। चीतनाथ घाट व कलेक्टर घाट से गाजीपुर से जुड़े कॉरिडोर निर्माण के प्रस्ताव का डीपीआर मंगाया गया है। इस पर भी आगे कार्रवाई होगी इससे जनपद मे विकास का सिलसिला अनवरत चलता रहेगा। जनपद अच्छी दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जनपद मे मेरिट के आधार पर तेजी से राजस्व वादों का निस्तारण भी हुआ है।
पुलिस भर्ती प्रक्रिया में गाजीपुर के 1534 युवा चयनित सीएम ने कहा कि अभी यूपी की पुलिस भर्ती प्रक्रिया को पूरा किया गया है। देश के सबसे बड़े पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती हुई है। इनमें से 1534 अभ्यर्थी गाजीपुर जनपद के हैं। सीएम ने चयनित अभ्यर्थियों व उनके परिवारों को बधाई दी। कभी पहचान के संकट से गुजर रहा था गाजीपुर, अब पूर्वांचल एक्सप्रेसवे इसकी पहचान। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाजीपुर अत्यंत महत्वपूर्ण जनपद है। जनपद का इतिहास रामायण काल और उससे भी प्राचीन है। बीच के कालखंड में इस जनपद को पहचान के संकट से गुजरना पड़ा था, लेकिन आज पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और महर्षि विश्वामित्र कॉलेज यहां की पहचान बन गई है।
हर घर तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का निर्देश मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज का निरीक्षण किया और विकास कार्यों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में यहां 1100 करोड़ की परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं या कुछ निर्माणाधीन भी हैं। जलजीवन मिशन के अंतर्गत यहां युद्ध स्तर पर कार्य चल रहे हैं। उसकी क्वालिटी को मेंटेन करते हुए हर घर तक शुद्ध पेयजल की उपलब्धता हो, इसके लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
माफिया मुक्त जनपद बना गाजीपुर सीएम ने कहा कि गाजीपुर माफिया मुक्त जनपद बना है। विकास की प्रक्रिया के साथ गाजीपुर अब आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ प्राप्त कर रहा है, जिसमें पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को शक्तिनगर तथा गंगा एक्सप्रेसवे को मीरजापुर, भदोही, वाराणसी, चंदौली होते हुए गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक मिलाने की कार्रवाई आगे बढ़ने जा रही है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर जनपद गाजीपुर को नई पहचान दिलाएगा। सीएम ने कहा कि गाजीपुर की जनता-जनार्दन को जल्द ही विकास परियोजनाओं के शिलान्यास व लोकार्पण की सौगात देंगे। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह , मंत्री पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक विभाग ओम प्रकाश राजभर, जनपद के प्रभारी मंत्री रवीन्द्र जायसवाल, राज्य सभा सांसद संगीता बलवंत, राज्य सभा सांसद नीरज शेखर, विधायक जखनियॉ वेदी राम, अध्यक्ष जिला पंचायत सपना सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, पुलिस उप महानिरीक्षक वैभव कृष्ण,सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मंगलवार को जनपद भ्रमण एवं समीक्षा बैठक कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। बैठक मे जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं पुलिस अधीक्षक डा0 ईरज राजा एवं स्वयं सहायता समूह की महिलाओ द्वारा मुख्यमंत्री को ‘‘एक जनपद एक उत्पाद‘‘ जूट वाल हैगिंग देकर शिष्टाचार स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद के भ्रमण अवसर पर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों के साथ जनपद के विकास कार्यो/निर्माण परियोजनाओ व कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की। कलेक्टेªट सभागार में मुख्यमंत्री ने राजस्व, विकास व कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों से जनपद का हाल जाना। बैठक मे जिलाधिकारी ने राजस्व व विकास के विभिन्न विकासात्मक बिन्दुओ एवं पुलिस अधीक्षक ने जनपद मे शान्ति व कानून व्यवस्था के विभिन्न आयामों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
जिलाधिकारी ने बताया कि राजस्व एवं विकास कार्याे मे प्रदेश स्तर पर जनपद की माह मई 2025 की सम्मलित रैकिंग 33 है। निर्माण कार्य मे 1078.59 करोड़ की कुल 121 परियोजनाएॅ पूर्ण है तथा 1477.57 करोड़ की 78 निर्माणाधीन परियोजनाए है। जल जीवन मिशन (हर घर जल) योजना मे लक्ष्य 515428 के सापेक्ष 462930 की पूर्ति की जा चुकी है। लोक निर्माण विभाग की 24064.72 लाख लागत की कुल 434 परियोजनाओं मे 277 पूर्ण परियोजना व 157 परियोजनाए निर्माणाधीन है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अन्तर्गत रू0 13895.16 लाख की कुल 19 कार्याे मे 10 कार्य पूर्ण व 09 निर्माणाधीन कार्य है। जनपद मे सम्भावित बाढ के दृष्टिगत राहत व बचाव कार्य हेतु सारी औपचारिकताएॅ पूर्ण करा ली गयी।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनान्तर्गत जनपद के 465110 कृषको को भारत सरकार द्वारा अबतक कुल 19 किस्तो के माध्यम से रू0 1614.33 करोड़ का भुगतान किया गया है तथा पी0एम कुसुम योजनान्तर्गत प्रारम्भ से अबतक कुल 733 कृषको को लाभान्वित किया जा चुका है तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना मे खरीब वर्ष 2024 मे 389 कृषको को 20.34 लाख रूपये की क्षतिपूर्ति का भुगतान किया गया है। जनपद मे कुल 65 गो आश्रय स्थल है जिसमे 6535 गोवंश संरक्षित है। जिन्हे चारा, पानी, इलाज से लेकर प्रधानमंत्री सहभागिता योजना अन्तर्गत पशुपालको को सुपुर्द भी किया गया है जिसकी बराबर मॉनिटरिंग भी किया जाता है।
वर्ष 2025 पौध रोपण हेतु जनपद मे 41,14,100 का लक्ष्य निर्धारित है। 7664 स्थलों के चयन की कार्यवाही पूर्ण कर ली गयी है। नवाचार हेतु ग्रीनफिल्ड एक्सप्रेस-वे पर किमी 9.5-11.5 पर मियॉवाकी पद्धति से सघन वन की स्थापना की जा रही है। मनरेगा योजनान्तर्गत जनपद मे अमृत सरोवर, खेल मैदान, अन्नपूर्णा भवन, पंचायत भवन का निर्माण कराया गया है। मनरेगा मे 48 प्रतिशत महिलाओ की सहभागिता है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण मे लक्ष्य 80526 के सापेक्ष 80248 आवास लाभार्थियों द्वारा पूर्ण करा लिया गया है। 248 आवास निर्माणाधीन है। पी एम आवास शहरी मे लक्ष्य 11134 के सापेक्ष 10511 पूर्ण करा लिया गया है। मुख्य मंत्री आवास योजना ग्रामीण मे 12813 का लक्ष्य पूरा करते हुए कुल पूर्ण आवास 98.63 प्रतिशत है। पंचम राज्य वित्त आयोग मे उपलब्ध धनराशि 37.46 करोड़ के सापेक्ष 29.83 करोड़ व्यय एवं व्यय हेतु अवशेष धनरारि रू0 07.62 करोड़ अवशेष धनराशि है।
पंचायत भवन निर्माण मे लक्ष्य 725 के सापेक्ष 713 प्रगति पर है। आपरेशन कायाकल्प मे लक्ष्य 2266 के सापेक्ष 2226 की पूर्ति की जा चुकी है। स्कूल चलो अभियान के अन्तर्गत वर्तमान मे 209293 बच्चो का नामांकन किया गया है जिसमे नवीन नामांकन की संख्या 26863 है। निपुण भारत मिशन के अन्तर्गत जनपद मे संचालित 1916 प्राथमिक एवं कम्पोजित विद्यालयों मे डायट प्रशिक्षुओं द्वारा कराये गये निपुण आकलन में 1101 विद्यालय निपुण घोषित हुए है। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री को जनपद मे संचालित शासन की अन्य महत्तपूर्ण योजनाओ से अवगत कराया।
बैठक मे मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि लोगों की समस्याओं का निराकरण गम्भीरता व संवेदनशीलता के साथ मेरिट के आधार पर किया जाए। मुख्यमंत्री ने जनपद मे हुए राजस्व वादो के निस्तारण की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसमे अधिक से अधिक प्रयास करते हुए यह सुनिश्चित किया जाये की कोई भी वाद पेंडिग न रहे। राजस्व वादों को मेरिट के आधार निस्तारित करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि गरीबों के साथ किसी भी दशा में अन्याय नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने जनपद के एक जनपद एक उत्पाद, जूट वाल हैगिंग की प्रशंसा की तथा उन्होने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को मार्केट उपलब्ध कराया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना तथा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना के लाभार्थियों के साथ सम्बन्धित अधिकारी संवाद कर उनको मिलने वाली सहायता राशि के माध्यम से पूर्ण मकान बनाना सुनिश्चित करें। सभी पात्र एवं जरूरतमंदांे को विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ प्राप्त हो। जल जीवन मिशन के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ पेयजल की निरन्तर आपूर्ति सुनिश्चित हो। पेयजल पाइपलाइन बिछाने में अनावश्यक रोड कटिंग न की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों के सभी बच्चों को यूनिफॉर्म, बैग आदि खरीदने हेतु अभिभावकों के खाते में डी0बी0टी0 के माध्यम से धनराशि भेज दी गयी है। सभी विद्यालयों में शिक्षक बच्चों के माता-पिता व उनके अभिभावकों से संवाद कर बच्चों के लिए यूनिफार्म, बैग आदि खरीदना सुनिश्चित करवायें। छात्रों का ड्रॉप आउट रेट शून्य होना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित समयावधि में ट्रान्सफार्मर बदले जाएं। विद्युत सम्बन्धी समस्याओं के निराकरण हेतु टोल फ्री नम्बर-1912 सक्रिय है। इस टोल फ्री नम्बर के उपयोग के सम्बन्ध में लोगों को जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री ने मेडिकल कालेज मे निर्माणाधीन नर्सिग कालेज का निरीक्षण किया तथा सभी निर्माण कार्यां को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा की प्रधानमंत्री टी0बी0 मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत जनपद गाजीपुर को दिसम्बर, 2025 तक टी0बी0 मुक्त बनाने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किये जाएं। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, शिक्षकों को एक-एक टी0बी0 मरीज को गोद लेकर पोषण पोटली देने की बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी जुलाई माह में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के दृष्टिगत ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़कर सभी जनप्रतिनिधिगण अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें तथा पौधरोपण करें। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि भू-माफिया, खनन माफिया, वन माफिया व अन्य अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेन्स के साथ कार्यवाही की जाए। जनपद के टॉप-टेन अपराधियों की सूची बनाकर उन पर प्रभावी कार्यवाही की जाए। एफ0आई0आर0 व विवेचना कार्यवाही की पुलिस अधीक्षक व अपर पुलिस अधीक्षक स्तर पर गम्भीरतापूर्वक मॉनीटरिंग की जाए। पॉक्सो, महिला अपराध आदि वादों की प्रभावी पैरवी करते हुए अपराधियों को सजा दिलायी जाए। अपराधियों के मन में कानून का भय होना चाहिए।
पशु तस्करी के सम्बन्ध में थानों की जबाबदेही तय की जाए। धर्मान्तरण के मामलों पर त्वरित कार्यवाही की जाए। मिशन शक्ति के कार्यां को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया जाए। आगामी पर्व एवं त्यौहार मुहर्रम, कांवड़ यात्रा आदि परम्परागत रूप से मनाए जाएं। इस अवसर पर जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह , मंत्री पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक विभाग ओम प्रकाश राजभर, जनपद के प्रभारी मंत्री रवीन्द्र जायसवाल, राज्य सभा सांसद संगीता बलवंत, राज्य सभा सांसद नीरज शेखर, विधायक जखनियॉ वेदी राम, अध्यक्ष जिला पंचायत सपना सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री संजय प्रसाद, पुलिस उप महानिरीक्षक वैभव कृष्ण,सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पहुंचे गाजीपुर, नरवर विद्युत हादसे में पीड़ित परिजनों से मिले, सरकारी मदद नहीं मिलने पर जताया दुख।
सरकार से मृतकों के लिए मांगा 50 – 50 लाख रूपया और घायलों के लिए 15 लाख रूपया का मुआवजा।
गाज़ीपुर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री अजय राय ने मंगलवार को मरदह थाना क्षेत्र के नरवर गांव में काशीदास बाबा की पूजा के दौरान हुए विद्युत हादसे में चार लोगों की मौत और तीन गंभीर रूप से घायल लोगो के परिजनों से मिलकर दुख व्यक्त किया। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक सरकारी मदद नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है, सरकार को त्वरित कार्यवाही करते हुए मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने चारों मृतकों के लिए 50-50 लख रुपए और तीन घायलों के लिए 15 – 15 लाख रुपए मुआवजे की मांग की है।
अजय राय ने कहा कि 21 मई को हुए हादसे में चार लोगों की मौत हुई है, लेकिन अब तक सरकारी मदद नहीं मिली है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग का हाइ टेंशन तार मानक से नीचे है और इसका मेंटेनेंस भी नहीं हुआ है, हादसे के कारणों में ये भी एक मुख्य कारण है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने गाजीपुर जिलाध्यक्ष सुनील राम को निर्देश दिया है कि वह कल जिलाधिकारी से मिलकर पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग करेंगे और वह खुद मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में सरकारी मदद दिलवाएंगे और जरूरत पड़ने पर वे भी मिलेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बताया है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दम पर अगला पंचायत चुनाव पूरी दमदारी से पार्टी लड़ेगी और जमीनी स्तर पर अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को मौका देगी। ऑपरेशन सिंदूर के सवाल पर उन्होंने कहा कि मोदी जी जिसकी मांग में सिंदूर भर कर लाए उसे तो न्याय दे नहीं सके, इसमें सेना ने बेहतरीन काम किया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद बस वे अपनी मार्केटिंग में जुटे हैं और उन्हें बताना चाहिए कि सेना में वे किस पद पर हैं।
अजय राय ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज हमारी विदेश नीति कैसी है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद हमारे साथ कोई देश क्यों नहीं खड़ा दिखाई दे रहा है। वहीं उन्होंने भारतीय डेलिगेशन में विदेश में गए कांग्रेस के सांसद शशि थरूर पर अपनी टिप्पणी देते हुए कहा कि वह एक बड़े नेता है और विदेश की धरती पर देश के लिए अच्छा काम कर रहे हैं और वहां उनके बयान से कांग्रेस पार्टी संतुष्ट है।
इस अवसर पर उनके साथ प्रमुख रूप से प्रदेश महासचिव देवेंद्र सिंह प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन बाबू जिला अध्यक्ष सुनील राम शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा एआईसीसी सदस्य रविकांत राय पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे पूर्व विधायक पशुपतिनाथ राय आनंद राय शैलेन्द्र कुमार ओमप्रकाश ओझा मनीष मुरेलिया अजय कुमार श्रीवास्तव राघवेंद्र कुमार ज्ञानेंद्र सिंह मुन्ना चंद्रिका सिंह हामिद अली रामनगीना पांडे विद्याधर पांडे राजेश गुप्ता आशुतोष गुप्ता सुमन चौबे धर्मेंद्र कुमार दिव्यांशु पांडे माधव कृष्ण राकेश राय सुधांशु तिवारी अनुराग पांडे शबीहूल हसन अखिलेश यादव आलोक यादव बृजेश कुमार सतिराम सिंह जिउत बंधन मिश्रा शमशेर अली आदिल गुलबास जेपी यादव ओम प्रकाश राजभर संजय यादव साजिद हुसैन आदि लोगों उपस्थित रहे।
गाजीपुर। प्रयागराज से महाकुंभ स्नान के बाद तीर्थ यात्रियों को लेकर आ रही गाड़ी नन्दगंज थाना क्षेत्र के कुसुम्ही कला के पास हाईवे पर हादसे का शिकार हो गई।। हादसे में कई लोग घायल हो गए। जबकि आधा दर्जन लोग की मौके पर ही मौत हो गई। सभी घायलों को जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। जहां सभी का उपचार किया जा रहा है। एसपी डॉ. ईरज राजा ने बताया कि हादसे में कल 8 लोग की मौत हुई है और 15 लोग घायल है। जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले से लोगों में ख़ुशी की लहर–आमिर अली
गाजीपुर। सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया। जिसका सीधा असर 10500 मदरसा टीचर्स पर पड़ा है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से बहुत से लोगों ने राहत की सांस ली। सुप्रीम कोर्ट ने UP बोर्ड ऑफ मदरसा एजुकेशन एक्ट की वैधता बरकरार रखी है। यानी प्रदेश में मदरसा एक्ट जारी रहेगा। मदरसे चलते रहेंगे और 16000 मदरसों के स्टूडेंट सरकारी स्कूल नहीं भेजे जाएंगे। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश सुनाते हुए हाईकोर्ट के उस फैसले को खारिज कर दिया, जिसमें मदरसा एक्ट को असंवैधानिक बताया गया था। हालांकि, मरदसे अब PG और रिसर्च सिलेबस तय नहीं कर पाएंगे। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कहा- UP मदरसा एक्ट के सभी प्रावधान मूल अधिकार या संविधान के बेसिक स्ट्रक्चर का उल्लंघन नहीं करते हैं। कोर्ट के फैसले से करीब 17 लाख मदरसा छात्रों को राहत मिली है। 5 अप्रैल 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने मदरसा एक्ट को असंवैधानिक करार देने वाले फैसले पर रोक लगा दी थी। केंद्र और UP सरकार से इस पर जवाब भी मांगा था। इससे पहले, 22 अक्टूबर 2024 को चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच में इस पर सुनवाई हुई थी। चीफ जस्टिस ने कहा था- धर्मनिरपेक्षता का मतलब है- जियो और जीने दो।
कोर्ट ने कहा था- हाईकोर्ट प्रथम दृष्टया सही नहीं है। ये कहना गलत होगा कि यह मदरसा एक्ट धर्मनिरपेक्षता का उल्लंघन करता है। यहां तक कि यूपी सरकार ने भी हाईकोर्ट में मदरसा एक्ट का बचाव किया था। इसके बाद 22 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई और कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। मदरसा मुहम्मद अली दिनी असरी जखनिया के मैनेजर आमिर अली ने कहा के कोर्ट के इस फैसले से मदरसा संचालको,अध्यापको और छात्रों के परिजनों ने राहत की सांस ली है। सपा जिला उपाध्यक्ष आमिर अली ने कहा कि कोर्ट का कहना था कि मदरसों के छात्रों को दूसरे स्कूल में ट्रांसफर करने का निर्देश देना ठीक नहीं है। देश में धार्मिक शिक्षा कभी भी अभिशाप नहीं रही है। बौद्ध भिक्षुओं को कैसे प्रशिक्षित किया जाता है? अगर सरकार कहती है कि उन्हें कुछ धर्मनिरपेक्ष शिक्षा प्रदान की जाए तो यह देश की भावना है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दो शिक्षक नेताओं को किया निलंबित
गाजीपुर । जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव ने करंडा ब्लाक के दो शिक्षक नेताओ मानवेन्द्र सिंह व चंद्रशेखर सिंह पर निलंबन की बड़ी कार्यवाही कर दी है। उक्त मामले की जांच हेतु त्रिस्तरीय खंड शिक्षा अधिकारियों की टीम का भी गठन कर दिया गया है। मालूम हो कि 15 अक्टूबर को महानिदेशक स्कूल शिक्षा लखनऊ के आदेश के क्रम में पूरे प्रदेश के सभी शिक्षा संकुलों पर शिक्षकों की बैठक आयोजित कर छात्रों को निपुण बनाने संबंधी एजेंडे पर चर्चा की जानी थी। यह बैठक शिक्षकों को विद्यालय में शिक्षण कार्य करने के उपरांत ही किया जाना था ताकि शिक्षण व्यवस्था में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो सके । इसके लिये पूरे प्रदेश में मानीटरिंग के लिये सभी बी एस ए , बी ई ओ ,एस आर जी व ए आर पी को महानिदेशक द्वारा पूर्व में ही पत्र जारी कर आदेशित किया गया था। इसी क्रम में विकास खंड करंडा में भी सभी संकुलों में अपराह्न 2.30 बजे से 4 बजे के बीच शिक्षकों की मीटिंग विकास के विभिन्न शिक्षक संकुलों पर आयोजित होनी थी लेकिन शिक्षा संकुल मुड़वल की मीटिंग में सभी आदेशों की धज्जियां उड़ा दी गयी। मुड़वल संकुल के शिक्षक दोपहर बाद अपने विद्यालयों को समय से पहले ही बंद करके बैठक स्थल कंपोजिट विद्यालय धितुआं,करंडा पर एकत्रित हो गये। तत्पश्चात शिक्षक मीटिंग समय से पूर्व ही अपने अपने घर चले गये। उसी दौरान खंड शिक्षा अधिकारी करंडा रवीन्द्र सिंह मीटिंग मे प्रतिभाग करने व पर्यवेक्षण करने हेतु धितुआं विद्यालय पर पहुंचकर अवाक रह गये। क्योंकि मुड़वल संकुल के अधिकांश शिक्षक मीटिंग के निर्धारित समय से पूर्व ही घर जा चुके थे। धितुआ विद्यालय पर वहां कार्यरत शिक्षक उपस्थित सहायक अध्यापक चंद्रशेखर सिंह से संकुल बैठक का रजिस्टर बी ई ओ करंडा द्वारा मांगा गया, जिससे विवाद शुरू हुआ। बी ई ओ करंडा शिक्षक नेताओं के दबाव में आये बिना तुरंत घटना की जानकारी बी एस ए व पुलिस के उच्चाधिकारियों को दे दी गयी।अब शिक्षक नेता अपने को फंसता देख बी एस ए कार्यालय की परिक्रमा शुरू कर दिये लेकिन बी एस ए ने बिना किसी दबाव के निष्पक्ष होकर दोनों शिक्षक नेताओं पर अनुशासनहीनता,शासकीय कार्यों में व्यवधान व शिक्षक कर्मचारी आचरण नियमावली के विपरीत कार्य के आरोप में निलंबित करते हुये त्रिस्तरीय जांच टीम गठित कर खंड शिक्षा अधिकारी सदर ,जखनियां व कासिमाबाद को संयुक्त रूप से सौंप दी गयी।दोनों शिक्षक नेताओं के निलंबन होने के पश्चात करंडा ब्लाक के अन्य शिक्षकों पर भी तलवार लटक रही है जिन्होंने संकुल बैठक में ससमय प्रतिभाग नहीं किया है। क्योंकि अब त्रिस्तरीय कमेटी द्वारा मामले की जांच होगी। बी एस ए के इस सख्त कार्यवाही से सभी शिक्षकों में हड़कंप मचा हुआ है। वहीं दूसरी तरफ बी ई ओ करंडा ने दोनों शिक्षकों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक के यहां भी तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की है। अभी तक पुलिस द्वारा इस मामले में आगे कोई कार्यवाही नहीं की गयी है।हालांकि बी ई ओ की तहरीर पुलिस अधीक्षक ने संबंधित थाने को भेज दी है। दूसरी तरफ शिक्षक संगठन भी इस कार्यवाही को लेकर एकजुट हो रहे हैं लेकिन मामला पुलिस प्रशासन के पास होने के कारण शिक्षक नेता भी खुलकर इस घटना में सामने आने में कतरा रहे हैं। इस संदर्भ में देर शाम सभी शिक्षक संगठनों का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल बी एस ए से मिलकर निलंबित शिक्षक नेताओं के बहाली की मांग करने पर अड़ा रहा। अब अगर मामले में पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज की गयी तो शिक्षक नेताओं की मुश्किलें काफी हद तक और बढ़ जायेंगी।
गाजीपुर। दादा का किया पोता भुगतता है या भोगता है यह कहावत बहुत पुरानी है लेकिन गाजीपुर में यह कहावत उस वक्त चरितार्थ हुई जब 44 साल के बाद दादा के द्वारा किए हुए मुकदमे के मामले में उसके पोते को बिजली विभाग ने हाई कोर्ट के आदेश पर 1648000 का भुगतान डीडी बनाकर किया । जी हां यह पूरा मामला 44 साल पहले का है जब बाबूलाल शाह जो माल गोदाम रोड के रहने वाले थे और उन्होंने आटा चक्की और स्पेलर मिल लगाया हुआ था। उनपर बिजली विभाग का बकाया था, बकाया भुगतान न करने पर विभाग ने मुकदमा दर्ज किया जिसके बाद उपभोक्ता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया सिविल कोर्ट ने आदेश दिया था कि उपभोक्ता को बिजली न काटी जाए और बिल जमा कर दिया जाए। बावजूद इसके बिजली काट दी गई थी जिसके बाद उपभोक्ता कोर्ट में चला गया था। वही कोर्ट के आदेश के बाद भी भुगतान नहीं करने पर 14 अगस्त 2024 को बिजली विभाग के सरकारी कार्यालय लाल दरवाजा को सील कर दिया था।
पूरा मामला 20 जनवरी 1980 का है जब सदर कोतवाली इलाके के माल गोदाम रोड के रहने वाले बाबूलाल साहू के द्वारा लगाए गए आटा चक्की और स्पेलर मशीन के लिए बिजली विभाग के द्वारा लिए कनेक्शन के बकाया बिल का भुगतान न करने पर विभाग ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद उपभोक्ता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया और उस वक्त सिविल कोर्ट ने आदेश दिया था कि उपभोक्ता की बिजली न काटी जाए। और वह बिल जमा कर देगा बावजूद उसके विभाग ने उसकी बिजली काट दिया था। जिसके चलते उपभोक्ता का व्यवसाय बंद हो गया था और बाबूलाल साहू ने बिजली काटने से व्यवसाय में नुकसान का मुकदमा 20 जनवरी 1980 को दर्ज कराया था।
इस मामले में लगातार तारीख पर तारीख चलती रही और एक बार 26 मई 1990 को कोर्ट के आदेश पर बिजली विभाग का दफ्तर सील कर दिया गया था। बाद में कोर्ट के माध्यम से विभाग ने इसे खुलवा लिया और उसके बाद ही मामला कोर्ट में चला रहा था। इस मामले में कोर्ट ने 20 जनवरी 1980 से लेकर 1 मई 2014 तक करीब 34 वर्ष का ₹4000 प्रतिमाह के हिसाब से हर्जाना देने का आदेश 1 मई 2014 को दिया था। इसके आदेश के क्रम में पीड़ित को 1648000 मिलना था।
1980 से चल रहे मुकदमे के वादी बाबूलाल साहू जिनकी उम्र हो जाने के बाद उनकी मौत भी हो गई। और फिर इस मुकदमे की पैरवी उनके पोते कृष्ण कुमार साहू और गणेश साहू के द्वारा लगातार किया जाता रहा। कोर्ट के आदेश पर भी पीड़ित को हर्जाने की रकम नहीं देने पर एक बार फिर से 14 अगस्त 2024 को बिजली विभाग का लाल दरवाजा ऑफिस को सील कर दिया गया ।जिसमें अधीक्षण अभियंता बिजली विभाग, अधिशासी अभियंता मीटर के साथ ही अधिशासी अभियंता विद्युत खंड 3 का कार्यालय भी करीब 15 से 16 दिन तक बंद रहा। हालांकि बाद में विभाग के लोगों ने कोर्ट का सहारा लिया और कोर्ट के निर्देश पर इसे खोल दिया गया था।
यह पूरा मामला हाई कोर्ट में चल रहा था जिसमें पिछले दिनों हाईकोर्ट ने बिजली विभाग के साथ ही बाबूलाल के पोते को भी नोटिस भेजा था। इसी नोटिस की जानकारी पर दोनों पक्ष हाई कोर्ट पहुंचे थे और वहीं पर बिजली विभाग के अधिकारी ने कोर्ट के सामने ही 1648000 का बैंक ड्राफ्ट बाबूलाल के पोते गणेश साहू को सौपा।
गणेश साहू जो पेशे से अधिवक्ता भी हैं और अपने केस की वह खुद पैरवी भी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के नोटिस पर वह हाई कोर्ट गए हुए थे । वहां पर बिजली विभाग के अधिकारी भी पहुंचे थे जहां पर मुझे 1648000 का बैंक ड्राफ्ट माननीय कोर्ट के सामने दिया गया। इसके बाद उन्होंने बताया कि अब उनका भुगतान हो जाने पर अब इस केस को खत्म मान लिया जाए।
गाजीपुर। नगर पालिका परिषद गाजीपुर क्षेत्र के झंडा तर मोहल्ले के लोगों को करीब 10 सालों के बाद नरकीय जीवन से मुक्ति मिलने का रास्ता उस वक्त साफ हो गया जब नगर पालिका ने नाले पर अतिक्रमण कर बनाए गए 6 निर्माण के मलिक को 24 घंटे के अंदर मकान खाली करने का नोटिस जारी किया। इसके साथ ही नोटिस भी जारी किया। नगर पालिका के कर्मचारियों ने 24 घंटे के अंदर मकान को खाली करने का अलॉउसमेंट भी किया। कहा कि अन्यथा की स्थिति में खुद उस मकान के मालिक जिम्मेदार होंगे। पूरा मामला नगर पालिका इलाके के झंडा तर मोहल्ले का है। जहां पिछले 8-10 सालों से पूरे शहर के पानी निकासी के लिए बनाए गए बड़े नाले पर स्थानीय व्यक्ति के द्वारा कब्जा कर मकान बना लिया गया था, जिसके चलते बारिश के दिनों में पूरा मोहल्ला तालाब के रूप में तब्दील हो जाता था लेकिन नगर पालिका के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जाती थी। हालांकि अतिक्रमणकारियों में मानिकचंद वर्मा के द्वारा पूर्व में हाई कोर्ट से उस नाले के निर्माण पर हुए अतिक्रमण के फेवर में एक स्टे ले लिया गया था
जिसमें हाईकोर्ट ने 2019 में इस मामले पर नगर पालिका और अतिक्रमणकारियों को बातचीत कर हल निकालने का निर्देश भी दिया था लेकिन नगर पालिका या फिर अतिक्रमणकारियों के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किया गया और आज तक अतिक्रमण जारी है। वहीं इस बार बारिश नहीं होने पर भी पूरा मोहल्ला गंदगी से लबालब होकर पूरा मोहल्ला कीचड़ युक्त तालाब बन चुका है जिसके निकासी के लिए नगर पालिका के द्वारा पिछले दो महीने से करीब पांच जनरेटर और मोटर भी लगाए गए हैं, जिससे पानी निकासी की जाती है। इतना ही नहीं अब तक करीब लाखों रुपए का ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी कर दिया गया लेकिन नतीजा जस का तस है। इसी बीच मोहल्ले के कुछ लोगों ने जब प्रशासन के द्वारा कोई कार्रवाई होता नही देखा तो हाईकोर्ट में एक पीआईएल दाखिल कर दिया। उसी पीआईएल पर करीब एक या दो दिन पूर्व हाई कोर्ट में तारीख थी।
हाईकोर्ट ने नगर पालिका से 2019 के कार्रवाई का स्टेटस पूछ लिया और अब आगे इस मामले में 22 सितंबर को अगला डेट लगा दिया है जिसके बाद नगर पालिका के द्वारा आनन फानन में आज सुबह उस अतिक्रमण के जद में आने वाले 6 मकान मालिकों को नोटिस जारी करते हुए अगले 24 घंटे में खाली करने का निर्देश दे चुकी है। यदि उनके द्वारा अतिक्रमण को खाली नहीं किया जाता है तो इसके लिए वह स्वयं जिम्मेदार होंगे। वही इस मामले पर नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी अमिता वरुण से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि इसके लिए लगातार कई बार नोटिस जारी किया जा चुका है। क्योंकि सार्वजनिक रूप से वह अतिक्रमण का मामला है। ऐसे में उस निर्माण को तुड़वाया जाना जरूरी है। जिसे जान माल का कोई हानि ना हो। इसको लेकर नोटिस जारी किया गया है । उन्होंने कहा कि इसके पूर्व जो नोटिस दिया गया था उन्हें चेतावनी दिया गया था लेकिन आज जो नोटिस दिया गया है वह तुड़वाने के लिए दिया गया है। ऐसे में नगर पालिका कानून के अंतर्गत उन्हें नोटिस जारी करते हुए मकान तुड़वाया जाएगा।
गाजीपुर। जिले के दिलदारनगर स्थित एक नामचीन स्कूल के मैनेजर द्वारा कक्षा 7 की छात्रा से छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। बता दें कि डालिम्स सनबीम स्कूल की छात्रा से इसी स्कूल के मैनेजर साकिब खान ने अपने केबिन में बुलाकर छेड़छाड़ की। दिलदारनगर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता डालिम्स सनबीम स्कूल रक्सहां में कक्षा सात की छात्रा है। इस बात की जानकारी होते ही पीड़िता के दादा ने दिलदारनगर थाने में आरोपी मैनेजर साकिब खान के खिलाफ तहरीर दी। तहरीर मिलते ही मुकदमा दर्ज कर दिलदारनगर थाना पुलिस ने आरोपी साकिब खान को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार करने के बाद पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है। मालूम हो कि पीड़िता के दादा द्वारा तहरीर दी गयी थी कि उनकी पोती डालिम्स सनबीम स्कूल रक्सहाँ दिलदारनगर में कक्षा 7 की छात्रा है। जिसके साथ 10 सितंबर 2024 को स्कूल के मैनेजर साकिब खान पुत्र सब्बीर खान द्वारा अपने केबिन में बुलाकर मोबाइल नं0 माँगते हुए छेड़खानी की गयी थी। पीढ़ित छात्रा द्वारा इस घटना का वीडियो बनाकर भी सोसल मीडिया पर भी डाला गया था। जिसके बाद इस मामले में दिलदारनगर पुलिस द्वारा छेड़खानी के मामले में कार्यवाही करते हुए डालिम्स सनबीम स्कूल रक्सहाँ दिलदारनगर के मैनेजर को पॉक्सो एक्ट में गिरफ्तार किया गया। इस संबंध में आरोपी के खिलाफ थाना में 129/2024 धारा 75 बीएनएस व 7/8 पाक्सो एक्ट का अभियोग पंजीकृत हुआ। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
ग़ाज़ीपुर। जिले में रेलवे प्रशासन का बुलडोजर गरजा। सिटी रेलवे स्टेशन से लेकर अफीम फैक्ट्री तक इस अभियान के तहत कई अवैध कब्जों को रेलवे प्रशासन ध्वस्त किया गया। मालूम हो कि बीते महीने ही रेलवे प्रशासन ने अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी करते हुए कब्जा हटा लेने का निर्देश दिया था। ऐसा न करने पर रेलवे प्रशासन ने बुलडोजर लगाकर अवैध कब्जो को ध्वस्त करने की चेतावनी भी दी थी। मंगलवार को रेलवे की जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए चलाए गए अभियान से अवैध कब्जदारों में हड़कम्प की स्थिति देखने को मिली। पिछले दिनों रेलवे की तरफ से अतिक्रमणकारियों को नोटिस जारी किया गया था और कुछ लोगों के अवैध कब्जों का ध्वस्तीकरण भी किया गया था। इस दौरान 67 अस्थाई अतिक्रमण हटाये गए थे। इसके बाद अन्य अतिक्रमणकारियों को चिन्हित किया गया। अतिक्रमण को स्वयं हटाने के लिए नोटिस जारी करते हुए उनके मकान पर नोटिस चस्पा कर दिया गया। बावजूद इसके तमाम कब्जदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाए। ऐसे में रेलवे प्रशासन को आज यह अभियान चलाना पड़ा। जानकारी के मुताबिक सिटी रेलवे स्टेशन से लंका होते हुए अफीम फैक्ट्री तक रेलवे की लगभग 5 लाख स्क्वायर फीट की जमीन है। जिस पर वर्षों से लोग अतिक्रमण किए हुए हैं। लेकिन अब रेलवे प्रशासन ने अपनी जमीन की सुध ली है।
ज्ञात हो कि ब्रितानी हुकूमत काल में मुख्य डाकघर के पास अफीम फैक्ट्री में कच्चे माल को लाने और तैयार अफीम को सुरक्षित पहुंचाने के लिए अंग्रेजों को सुरक्षित संसाधन की जरूरत महसूस हुई। इसके लिए उन्होंने अफीम फैक्ट्री से लेकर लंका होते हुए सिटी रेलवे स्टेशन तक रेलवे ट्रैक बिछा दी। इसी ट्रैक से ट्रेन के जरिए सिटी रेलवे स्टेशन से कच्चा माल अफीम फैक्ट्री के लिए आता था। साथ ही तैयार अफीम को इसी रूट से सिटी रेलवे स्टेशन तक भेजा जाता था। आजादी के बाद ट्रैक पर ट्रेनें दौड़नी बंद हो गईं। नतीजतन रेलवे ट्रैक अनुपयोगी हो गई। समय बीतने के साथ रेलवे के भूखंड पर कब्जा हो गया। इसी कब्जे को हटाने के लिए रेलवे महकमे ने अब अभियान चलाया है। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि सिटी रेलवे स्टेशन, लंका और अफीम फैक्ट्री के पास रेलवे की जमीनों को आज कब्जा मुक्त कराया जा रहा है। इस अभियान में आरपीएफ की फोर्स भी लगाई गई है। कब्जा मुक्त कराने से पहले सभी कब्जदारों को नोटिस भी जारी की गई थी।