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वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का हुआ शुभारंभ,मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने किया पौधरोपण

वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का हुआ शुभारंभ,मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने किया पौधरोपण

गाजीपुर। जनपद में ‘एक पेड़ मॉ के नाम‘ वृक्षारोपण महायज्ञ -2026 के अंतर्गत बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन स्थान हनुमान मंदिर शेखपुर विकास खण्ड बिरनो में धूमधाम से आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री,पंचायती राज तथा अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग उत्तर प्रदेश सरकार ओम प्रकाश राजभर, एंव शासन से नामित नोडल अधिकारी/आयुक्त वाराणसी मण्डल एस. राजलिंगम , तथा उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया । कार्यक्रम स्थल पर लगभग 200 पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम के दौरान गायक राकेश कुमार द्वारा ‘‘ आओ धरती सजाए आसमान के लिए‘ एक पेड़ तुम लगाओ अपनी मॉ के लिए‘‘ सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जो सराहनीय रहा।
मुख्य अतिथि ओम प्रकाश राजभर ,अध्यक्ष जिला पंचायत सपना सिंह, विधायक जखनियां बेदी राम, अध्यक्ष नगर पालिका सरिता अग्रवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा ओम प्रकाश राय, जिलाध्यक्ष सुभासपा सुरेंद्र राजभर, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा कृष्ण विहारी राय, जनपद के नोडल अधिकारी/मण्डलायुक्त एस राजलिंगम, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, ने क्रमशः  लाभकारी पौधो का रोपण पूरे विधि विधान एवं मंत्रोचारण के साथ परिसर में किया। स्वागत के क्रम मे मंच पर आसीन मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं पौध भेट स्वरूप देकर स्वागत किया गया।
मंत्री ने प्रधानमंत्री/ मुख्यमंत्री के आवाह्न पर ‘एक पेड़ मॉ के नाम‘  वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ वृहद वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे पूरा करना हमारा कर्तव्य है। इसी क्रम में जनपद गाजीपुर में कुल 47 लाख 68 हजार 730 पौधरोपण किया जा रहा है। उन्होने वृक्षारोपण महायज्ञ  की मॉनिटरिंग के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आयुक्त वाराणसी मण्डल एस राजलिंगम को धन्यवाद दिया। उन्होने कहा कि 05 जून को पूरे प्रदेश मे अभियान चलाकर एक पेड़ मॉ के नाम‘‘ 05 करोड़ पौधे रोपित किए गए थें आज 12 जुलाई को प्रदेश के 75 जनपदो मे कुल 35 करोड़ पौधो का रोपण ग्राम स्तर से लेकर ब्लाक, तहसील एंव जनपदस्तर पर किया जा रहा है। उन्होन कहा कि देश/प्रदेश मे बड़े पैमाने पर एक्सपेस-वे, सड़के, रेल लाईने, बनाए गए जिसके कारण बड़ी संख्या पेड़ो की कटाई भी हुई। यह एक चिंता का विषय है जिसके लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने पहले ही कहा है कि जितने भी एक्सपेस-वे, सड़के, रेल लाईने, बनाने मे पेड़ो की कटाई हुई है उसी स्थान पर पुनः पेड़ लगाते हुए और तथा देश/प्रदेश को 20-25 वर्ष पहले जो बरसात होती थी उसी स्थिति मे लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे आने वाले पीढियो का इसका लाभ मिले, पीने के लिए स्वच्छ जल हो एवं अधिक से अधिक अन्न की पैदावार हो। उन्होने उदाहरण स्वरूप भारत मे सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान का जिक्र करते हुए कहा कि चेरापूॅजी वह स्थान है जहां सबसे अधिक वर्षा होती है, कारण है वहां अधिक वन होना। इस लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाए एवं उसे सुरक्षित भी रखे। उन्होने कहा कि इस बार पेड़ लगाने के बाद उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित विभागो को दी गयी है।  कहा कि पहले बाप का लगाए हुए पेड़ के फल को बेटा खाता था परन्तु आज समय परिवर्तित हो गया है। जिस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जिस कार्य का शिलान्यास करते है उसी कार्य का उद्घाटन भी करते है उसी प्रकार आज आप पेड़ लगाईये और 02 से 03 वर्षाे के बाद स्वयं फल खाईये वन विभाग द्वारा ऐसे अच्छे किस्म के तरह-तरह के पौधे तैयार किए गए हैं । जो बधाई के पात्र है। सरकार की मंशा है कि ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए और देश/प्रदेश को हरा भरा बनाए।
विधायक जखनियां बेदी राम ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाये रखने के लिए पूरे देश/प्रदेश मे प्रधानमंत्री एंव मुख्यमंत्री के आह्वाहन पर वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 अभियान चलाया जा रहा हैं तथा पूरे प्रदेश मे 35 करोड़ पौध रोपित करने का लक्ष्य  आज पूरा होगा। उन्होने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान एंव भविष्य को अच्छा रखने तथा पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए वृक्षारोपण बहुत ही आवश्यक है। कहा कि ‘‘एक पेड़ मॉ के नाम ही नही बल्कि पूरे परिवार के एक-एक सदस्य के नाम अवश्य लगाए,पेड़ को उसी तरह पाले जैसे कि अपने बेटे व बेटी को पालते है। उन्होने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को इस सोच के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।कहा कि इस तरह की सोच हम सभी को रखनी चाहिए। उन्होने कहा जनपद गाजीपुर नदियो से घिरा हुआ है नदियो के किनारे-किनारे भी वृहद वृक्षारोपण किया जाए। उन्होने कहा कि अगर एक शक्ति ईश्वर है तो दुसरी शक्ति का नाम पर्यावरण एक वृक्षारोपण है। उन्होने कहा कि  बिमारी व आपदाओ से बचने के लिए तथा  जीवन को सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण बहुत जरूरी है। पर्यावरण का संतुलन तभी बना रहेगा जब आप वृक्षारोपण करेगे। उन्होने उपस्थित लोगो से आह्वाहन किया कि आप कही भी रहे वहां वृक्षारोपण करते हुए उसकी सुरक्षा भी स्वयं करे।
जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि आज 12 जुलाई 2026 को जनपद में कुल 47 लाख 68 हजार 730  पौधरोपण वन विभाग के अतिरिक्त विभिन्न विभागो के द्वारा किया जा रहा है। उन्होने अनुरोध किया कि प्रत्येक परिवार के लोग अपने आस-पास, पास पड़ोस में ‘एक पेड़ मॉ के नाम‘ अनिवार्य रूप से लगाए । एक वृक्ष लगाने से आपका सम्मान, आपका अभिमान, तथा आपका विश्वास सबसे ज्यादा बढ़ेगा क्योंकि इस से उपजे फलों का लाभ आपकी आने वाली पीढ़ियो को प्राप्त होगा। उन्होंने लोगो से ज्यादातर औषधीय वृक्ष लगाने को कहा, जिसके उपयोग से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है एवं कई  प्रकार की  बीमारियों से निरोग रहता है। उन्होने कहा कि पेड़ जहां होते हैं वहां की जलवायु भी ठीक रहती है तथा समय से वर्षा भी होती है। उन्होने लोगो से अधिक ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों को लगाने की अपील करते हुए जब तक पौधे वृक्ष का रूप धारण नहीं कर लेते तब तक उनकी सेवा करते हुए उनकी रक्षा करने हेतु आमजन से आह्वाहन किया।
जिलाअध्यक्ष भाजपा ओम प्रकाश राय ने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 से जोड़ने का अभियान केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा चलाया जा रहा है।  कहा कि सदियो – सदियो से पेड़ पौधो के आवरण मे हम अपना जीवन यापन करते चले आ रहे है। आज उसको बचाने की मुहीम चलाई जा रही है। यह वही धरती है जहां ऋषि मुनि पेड़ पौधो के नीचे ही वेदपुराण की रचना की है, तपस्या की है। वृक्षो से हम इस तरह से जुड़े हुए है कि हमारा धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक सबकुछ इस पर्यावरण पर आधारित है। वृक्ष रहेग तो जल रहेगा, जल रहेगा तभी अन्न की पैदावार होगी जिसे हम ग्रहण कर जीवन रह सकेगे। उन्होने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग है क्योंकि जीवन दायिनी ऑक्सीजन हमे वृक्षों से ही प्राप्त होती हैं, अन्य प्रदेशों की तुलना में उत्तर प्रदेश में वृक्षों का अनुपात कम है। हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना है कि उत्तर प्रदेश को एक हरा-भरा प्रदेश बनाने का है जिसे हम लोगो को मिल जुल कर पूरा करना है। उन्होने उपस्थित लोगो को आवाह्न करते हुए कहा कि सब लोग अपनी मॉ के नाम पर एक-एक पौधरोपण अवश्यक करें तभी जाकर हम अपने भारत माता/धरती माता को बचा पायेगें।  
नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल  ने कहा की पर्यावरण मे बदलाव के कारण कही बाढ का प्रकोप है, तो कही सूखाग्रस्त पडा है। वृक्ष पर्यावरण की दृष्टि से कितने  महत्वपूर्ण है यह आप सभी जानते हैं । पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर रखने के लिए हमें वृक्ष लगाना अति आवश्यक है। उन्होने उपस्थित सभी लोगो से आह्वाहन किया कि वृक्षारोपण अवश्य करे, क्योंकि वृक्ष ही जलवायु परिवर्तन का कारण है ।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी ने बताया गया कि वर्ष 2026-27 हेतु मुख्यमंत्री के आह्वाहन पर प्रदेश मे 35 करोड़ पौध रोपण का लक्ष्य निर्धारित है जिसकी पूर्ती के लिए आज 12 जुलाई 2026 को वृहद वृक्षारोपण की तिथि निर्धारित किया गया है। जनपद मे वन विभाग द्वारा 19 लाख 29 हजार  व अन्य विभाग द्वारा 28 लाख 39 हजार 730 कुल 47 लाख 68 हजार 730 पौधो का रोपण जनपद के 27 विभागो एवं जनसहभागिता से किया जा रहा है।
प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी अजीत प्रताप सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा आज उत्तर प्रदेश में सघन वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज गाजीपुर में भी उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य से सापेक्ष पौधरोपण किया गया।  पौधरोपण  कार्यक्रम जनपद स्तर के अलावा समस्त तहसीलों, विकास खण्ड मुख्यालयो तथा ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण हमारे पर्यावरण के लिए कितना महत्वपूर्ण है इसका संज्ञान हमे होना चाहिए। उन्होंने पौधरोपण प्रतिशत को बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा कि आज के दिन इस संकल्प के साथ जाएं और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का प्रयास करें। आप जहां भी जिस रूप में रहे वृक्षारोपण अवश्य करें तथा उन वृक्षों को बचाने का भी प्रयास करें। उन्होने उपस्थित मुख्य अतिथि, मुण्डलायुक्त वाराणसी मण्डल, विशिष्ट अतिथियो, आगन्तुको, आमजनमास ,स्कूल छात्र-छात्राओ का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन बृजेश श्रीवास्तव  जिला परियोजना अधिकारी नमामी गंगे द्वारा  किया गया । कार्यक्रम के अन्त मे पर्यावरण संरक्षण मे अपना अहम योगदान देने के लिए रणधीर यादव को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में , जिला विकास अधिकारी राजन राय, उपजिलाधिकारी सदर डा0 पुष्पेन्द्र पटेल, एस पी सिटी राकेश मिश्रा, डीसी मनरेगा विजय यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह, बेसिक शिक्षाधिकारी उपासना रानी वर्मा, एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी के अतिरिक्त विभिन्न विद्यालयो के छात्र-छात्राए, एन सी सी, भारत स्काउट गाइड, एन एस एस एवं आम जनमानस उपस्थित रहे एवं सभी ने परिसर मे पौधरोपण किया।

भारत की आन्तरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका महत्वपूर्ण

भारत की आन्तरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका महत्वपूर्ण -प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय

वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के समाज कार्य विभाग एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के तत्वावधान में डी. लिट्. उपाधि हेतु पूर्व शोध प्रबन्ध मौखिकी सम्पन्न हुई, जिसमें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के समाज कार्य विभाग एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ के निदेशक उपस्थित रहे। डी.लिट्. (D.Litt.) के शोधार्थी प्रो. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, प्राचार्य, स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार ने अपने शोध शीर्षक “भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका : एक विश्लेषणात्मक अध्ययन” नामक विषय पर अपना शोध प्रबंध व उसकी विषय- वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है, भारत की आंतरिक सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता, नागरिक जागरूकता तथा आपदा प्रबंधन जैसे अनेक आयामों से जुड़ी हुई है। भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अभेद्य सुरक्षा प्रयास निरंतर जारी है।प्रो० पाण्डेय ने अपनी प्रस्तुति में बताया कि इस संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका पर समय-समय पर व्यापक चर्चा होती रही है। संघ की स्थापना 1925 में हुई थी और इसका घोषित उद्देश्य राष्ट्र निर्माण के लिए अनुशासित एवं चरित्रवान नागरिकों का निर्माण करना है। आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में यह संगठन अपने स्वयंसेवकों के माध्यम से सामाजिक सेवा, आपदा राहत, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास तथा नागरिक जागरूकता जैसे कार्यों में योगदान देता है। प्राकृतिक आपदाओं, महामारी तथा अन्य संकटों के दौरान स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी को सामाजिक सहयोग और सामुदायिक क्षमता निर्माण का उदाहरण माना जाता है। अनुशासन, संगठन क्षमता तथा राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों का प्रसार भी इसके सकारात्मक पक्षों में गिना जाता है। दूसरी ओर, संघ की भूमिका को लेकर सार्वजनिक और शैक्षणिक विमर्श में विभिन्न दृष्टिकोण मौजूद हैं। कुछ राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और शोधकर्ता पूर्वाग्रह के आधार पर यह तर्क देते हैं कि संघ की विचारधारा और गतिविधियों के कुछ पहलुओं का सामाजिक सद्भाव एवं सांप्रदायिक संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किंतु शोध में यह तर्क असत्य पाया गया। संघ भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका का मूल्यांकन संतुलित, तथ्यपरक और शोध-आधारित दृष्टिकोण से किया गया है। प्रोफेसर पाण्डेय द्वारा इस विषय पर विभिन्न विचारों और उपलब्ध साक्ष्यों का निष्पक्ष विश्लेषण व्यापक एवं विश्वसनीय स्तर पर किया है। प्रस्तुतिकरण के पश्चात विषय से सम्बन्धीय बहुत सारे प्रश्न पूछे गए जिनका प्रोफे. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अत्यंत सारगर्भित और तर्कपूर्ण उत्तर दिया। विभागीय समिति द्वारा मौखिकी को शोध प्रबंध को उत्कृष्ट माना और शोध प्रबंध को विश्विद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया । इस अवसर पर प्रोफेसर पाण्डेय ने कुलपति प्रो० आनन्द कुमार त्यागी से शिष्टाचार भेंट की। उक्त अवसर पर कुलपति जी ने कहा कि अपनी स्थापना काल से ही आर एस एस भारत की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता आ रहा है।इस विषय पर और अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर शोध के शोध-परामर्शदाता प्रोफेसर (डॉ.) के. के. सिंह, प्रोफेसर एवं समन्वयक, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी सहित समाजकार्य विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वन्दना सिन्हा, प्रोफेसर बंशीधर पाण्डेय, प्रोफेसर भावना वर्मा, प्रोफेसर चन्द्रशेखर सिंह, प्रोफेसर निमिषा गुप्ता, डॉ० अनिल कुमार, डॉ० सतीश कुमार, डॉ० अश्विनी कुमार सिंह सहित अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। संचालन परामर्शदाता प्रोफेसर (डॉ०) के० के० सिंह एवं धन्यवाद विभागाध्यक्षा प्रोफेसर वन्दना सिन्हा व्यक्त किया।

डीएम ने जनपदवासियों से की अपील,टूटे तार या गिरे केबल की तुरंत दे सूचना,होगी सख्त कार्यवाही!

डीएम ने जनपदवासियों से की अपील,टूटे तार या गिरे केबल की तुरंत दे सूचना,होगी सख्त कार्यवाही!

गाजीपुर।बरसात के मौसम के दृष्टिगत रखते हुए जनपद में विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने और जनसामान्य को जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता मे कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया । प्रेस वार्ता जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील किया कि वे बरसात में विद्युत पोल, तार और ट्रांसफार्मर से दूरी बनाकर रखें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के मौसम मे आंधी-तूफान के कारण विद्युत लाइनों में फॉल्ट, तार टूटने और करंट उतरने की संभावनाए बढ़ जाती हैं। इससे जनहानि के साथ-साथ पशु हानि भी होती है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और विद्युत विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। उन्होंने बताया कि जनपद में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है  जिस पर 24ग्7 शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
प्रेसवार्ता के दौरान जिलाधिकारी  अनुपम शुक्ला ने जनपद वासियों से अपील करते हुए विद्युत दुर्घटना से बचाव के उपाय बताते हुए कहा की विद्युत पोल और तारों से दूरी बनाएं रखें’ । विद्युत पोल चाहे वो लोहे के हों या सीमेंट से निर्मित हों, और उनसे लटक रहे तारों के सम्पर्क में न आएं और न ही उन्हें छुएं, क्योंकि बरसात के मौसम में रिटर्निंग करंट उतरने की प्रबल संभावना बनी रहती है। कई बार नमी के कारण पोल में करंट उतर आता है और अनजाने में छूने से बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए बच्चों को भी इस संबंध में विशेष रूप से समझाया जाए कि वे पोल के पास खेलने न जाएं।  टूटे तार या गिरे केबल की तुरंत सूचना दें। यदि किसी भी प्रकार के नंगे तार व केबल जो जमीन पर गिरे हों अथवा लटक रहे हों, तो उसे न छुएं तथा जनहित में इसकी सूचना तुरंत जनपद में स्थापित विद्युत विभाग के कंट्रोल रूम के मोबाईल नम्बर-9453047253 पर शिकायत दर्ज कराएं। जिससे संभावित विद्युत दुर्घटना से बचा जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर उसे ठीक करेगी। किसी भी व्यक्ति द्वारा टूटे तार को स्वयं ठीक करने का प्रयास न किया जाए। पानी भरे स्थानों पर लगे पोल और ट्रांसफार्मर से दूर रहें। ऐसे स्थापित पोल चाहे लोहे के हों या सीमेंट के एवं वितरण परिवर्तक यानी ट्रांसफार्मर जिनके आस-पास पानी भरा हुआ है, वहां से न गुजरें। बरसात का पानी बिजली का सुचालक होता है। पानी में उतरे करंट से कई मीटर दूर तक करंट फैल सकता है। इसलिए जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के किसी भी नागरिक की विभागीय कारणों से विद्युत दुर्घटना से मृत्यु होती है तो उसके आश्रित को विद्युत विभाग के नियमानुसार रू 5.00 लाख की क्षतिपूर्ति प्रदान की जाती है। यह सहायता तभी देय होगी जब दुर्घटना विद्युत विभाग की लापरवाही या उपकरणों में खराबी के कारण हुई हो। वहीं यदि किसी नागरिक/उपभोक्ता की अपने घर के अन्दर विद्युत स्पर्शाघात से मृत्यु होती है तो विद्युत विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति अनुमन्य नहीं होगी। घरेलू वायरिंग, घर के अंदर लगे उपकरणों और व्यक्तिगत लापरवाही से हुई दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी उपभोक्ता की स्वयं की होगी। इसलिए घर की वायरिंग समय-समय पर किसी लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रीशियन से जरूर जांचवाएं।
प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी ने बताया कि बरसात के मौसम के लिए प्रशासन द्वारा तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा की विद्युत विभाग का कंट्रोल रूम  24ग्7 जनपद स्तर पर सक्रिय कर दिया गया है। कंट्रोल रूम के नं0 9453047253 पर कॉल करके कोई भी व्यक्ति टूटे तार, पोल में करंट, स्पार्किंग या ट्रांसफार्मर में समस्या की सूचना दे सकता है। जिन क्षेत्रों में तार जर्जर हैं या पोल झुके हुए हैं, उन्हें चिन्हित कर बदला जा रहा है। ज़िलाधिकारी ने सिंचाई के समय किसानों को नलकूप के पास लगे तारों से सावधान रहने की अपील की गई है। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर स्वयं निरीक्षण कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जनपदवासियो से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को विद्युत सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। जब तक आम जनता सहयोग नहीं करेगी, तब तक दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। उन्होंने मीडिया के बंधुओं से भी अनुरोध किया कि वे इस सूचना को जन-जन तक पहुंचाएं ताकि बरसात में कोई अनहोनी न हो। जिलाधिकारी ने अंत में कुछ अतिरिक्त सावधानियां भी गिनाईं। कहा की गीले हाथों से स्विच, प्लग और उपकरणों को न छुएं। घर में डब्ठ और म्स्ब्ठ जरूर लगवाएं। छत पर लगे सोलर पैनल और इन्वर्टर की वायरिंग की जांच कराएं। पेड़ों की टहनियां अगर तारों को छू रही हैं तो उसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। बच्चों को पतंग उड़ाते समय बिजली के तारों से दूर रखने की हिदायत दें। प्रेस वार्ता के दौरान  अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड विवेक खन्ना , जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।

वृहद वृक्षारोपण अभियान: ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के साथ हरित भविष्य का लिया संकल्प

राजकीय हाई स्कूल बयेपुर, देवकली (गाजीपुर) में वृहद वृक्षारोपण अभियान : ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के साथ हरित भविष्य का लिया संकल्प

देवकली (गाजीपुर)। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने तथा जनसहभागिता के माध्यम से हरित भारत के निर्माण के उद्देश्य से संचालित वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत शनिवार को राजकीय हाई स्कूल बयेपुर, देवकली में उत्साह, जागरूकता और जनभागीदारी के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मालविका सिंह ने किया।

विद्यालय परिसर में छायादार, फलदार एवं औषधीय प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय की ईको क्लब की नोडल अधिकारी निरूपमा व्यास ने छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई तथा वृक्षों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि “वृक्ष केवल प्रकृति की शोभा नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता और स्वस्थ पर्यावरण का अमूल्य उपहार है।” उन्होंने विद्यार्थियों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने, उसकी नियमित देखभाल करने तथा अपने परिवार और समाज को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में सहायक अध्यापिकाएँ सुमन सागर, सीमा यादव, अर्चना यादव एवं अर्चना गुप्ता ने भी छात्र-छात्राओं के साथ पौधरोपण कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक व्यक्ति पौधों के संरक्षण का भी संकल्प ले। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अभियान में भाग लेते हुए विद्यालय परिसर को अधिक हरित एवं स्वच्छ बनाने का संदेश दिया।

प्रधानाध्यापिका मालविका सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार का यह वृहद वृक्षारोपण अभियान केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि “आज लगाया गया प्रत्येक पौधा भविष्य की पीढ़ियों के लिए जीवन, हरियाली और समृद्धि का प्रतीक बनेगा। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण को भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझें।”

कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की भावना को आत्मसात करते हुए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने, प्रत्येक वर्ष अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने की सामूहिक शपथ ली।

महिला पीजी कॉलेज का प्रदेश में पांचवा, पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अव्वल स्थान

प्रमाण पोर्टल रैंकिंग में महिला महाविद्यालय का प्रदेश में पांचवा स्थान, पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अव्वल!

गाजीपुर। प्रदेश सरकार द्वारा जारी प्रमाण पोर्टल पर टॉप 20 महाविद्यालयो में राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग ने प्रदेश के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों में पांचवा एवं वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जून 2026 माह की समीक्षा के आधार पर महाविद्यालय ने सभी श्रेणियां में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 62.96 अंकों के साथ प्रदेश के श्रेष्ठ संस्थानों में शामिल हुआ है। 68.34 अंकों के साथ पी पी एन कॉलेज, कानपुर प्रथम स्थान पर है। प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनीता कुमारी के अनुसार यह पोर्टल योजना एवं नीति अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य महाविद्यालयों की कार्य प्रणाली को अधिक पारदर्शी उत्तरदाई एवं परिणामोन्मुखी बनाना है। इसके आधार पर प्रत्येक माह में इन संस्थाओं की समीक्षा की जाती है।यूपी प्रमाण पोर्टल पर प्रदेश के महाविद्यालयों का मूल्यांकन 44 विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाता है।

महाविद्यालय के यू पी प्रमाण पोर्टल के प्रभारी डॉ आनंद चौधरी के अनुसार इन मानकों में शैक्षणिक गुणवत्ता, छात्र हितैषी सेवाएं, शोध एवं नवाचार, डिजिटल प्रशासन, परीक्षा एवं मूल्यांकन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्ता आश्वासन, संस्थागत उपलब्धियां तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के अनुपालन सहित अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाता है।
महाविद्यालय की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्राचार्य डॉ अनिता कुमारी ने समस्त प्राध्यापको, कर्मचारियो एवं छात्राओं तथा अभिभावकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे महाविद्यालय परिवार के सामूहिक परिश्रम, समर्पण, उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम है। आपने सभी से भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए महाविद्यालय को प्रदेश के शीर्ष संस्थान में बने रहने और इससे भी ऊंचा स्थान प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहने का आह्वान किया। विदित हो कि महाविद्यालय ने अपने नैक द्वितीय चक्र में सत्र 2016 में 2.89 अंकों एवं बी प्लस प्लस ग्रेड के साथ प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयो में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया था तथा यहां पर वर्तमान में लगभग 2700 छात्राएं अध्यनरत हैं। बी ए में कुल 18 विषय तथा बीएससी में 4 विषयों के साथ यहां पर 7 विषयों में एम ए एवं एक विषय में एमएससी के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है।

महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ शिवकुमार के अनुसार महाविद्यालय की भौतिक सुविधाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में यहां 18 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बालिकाओं के लिए 200 की क्षमता का छात्रावास एवं 400 की क्षमता का एक आधुनिक सुसज्जित ऑडिटोरियम निर्माणधीन है। डेढ़ करोड़ से अधिक की लागत का कंप्यूटर बिल्डिंग के निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा छात्राओं के लिए पृथक कामन हाल का निर्माण भी शुरू हो गया है। एनसीसी, रेंजर, राष्ट्रीय सेवा योजना, खेलकूद, संगीत, चित्रकला, कार्यशालाओ, सबके लिए अनिवार्य कंप्यूटर शिक्षा एवं विभागीय परिषदों के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के माध्यम से महाविद्यालय वर्ष भर अपनी छात्राओं को उत्कृष्ट शैक्षणिक अनुभव के साथ-साथ व्यापक शिक्षणेतर अवसर भी उपलब्ध कराता है। छात्राओं में बहुमुखी व्यक्तित्व, नेतृत्व, एवं कौशल विकास तथा रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के कारण महाविद्यालय जनपद में बालिकाओं की उच्च शिक्षा का पसंदीदा स्थान है।

230 छात्राओं का प्रवेश काउंसलिंग पूर्ण, बची छात्राएं तीन दिन के अंदर लें सकती हैं प्रवेश

गाजीपुर। राजकीय महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को तीसरे दिन भी बीए बीएससी प्रथम सेमेस्टर में नवप्रवेश हेतु काउंसलिंग जारी रही। बीए में आज कुल 70 छात्राओं ने अपना अभिलेख सत्यापन और विषय आवंटन कराया ।इस प्रकार अब तक कुल 230 छात्राओं ने बीए प्रथम वर्ष में अपना प्रवेश काउंसलिंग करा लिया है। इसी प्रकार बीएससी प्रथम सेमेस्टर में आज कुल 30 छात्राओं ने अपना अभिलेख सत्यापन कराते हुए विषय आवंटन कर लिया है। इस प्रकार बीएससी में अब तक कुल 130 छात्राओं ने अपना प्रवेश काउंसलिंग पूर्ण कर लिया है। विषय आवंटन एवं अभिलेख सत्यापन के पश्चात छात्रों का समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण एवं प्रोफाइल अपडेशन का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य आगे भी निरंतर होता रहेगा। महाविद्यालय के प्रवेश प्रभारी डॉ शिवकुमार के अनुसार 11 जुलाई को प्रवेश काउंसलिंग के प्रथम चरण से छूटी सभी छात्राओं को तथा जिनके समर्थ पोर्टल पर अभी पंजीकरण नहीं हुआ है, उन सभी छात्राओं को बुलाया गया है। समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण के पश्चात छात्राएं तीन दिन के अंदर अपना फीस जमा कर प्रवेश सुनिश्चित कर लें। अब तक पंजीकरण कराने वाली वे सभी छात्राएं जिनका काउंसलिंग लिस्ट में नाम नहीं है, वे भी कल 11 जुलाई को महाविद्यालय में सुबह 10:00 बजे आकर अपना प्रवेश काउंसलिंग करा सकती हैं।

सीडीओ ने किया जिला गंगा समिति की बैठक, दिए विभागों को निर्देश

गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक में गंगा नदी की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंगा को प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के लिए निर्धारित कार्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का अनुपचारित सीवेज, ठोस अपशिष्ट अथवा अन्य प्रदूषक पदार्थ नदी में प्रवाहित न होने पाए। नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को नियमित साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण तथा जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए।


बैठक में वृक्षारोपण अभियान, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को विद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा स्वच्छता के संबंध में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जोड़ा जाए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से विभागवार कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा सभी संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला विकास अधिकारी, डी0एफ0ओ एवं गंगा समिति के सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सीडीओ ने की जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की बैठक,दिलाई गई शपथ

सीडीओ ने की जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की बैठक,दिलाई गई शपथ

गाजीपुर।जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की बैठक मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जनपद में भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा जल संसाधनों के सतत एवं प्रभावी प्रबंधन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि जनपद में भूजल सप्ताह का आयोजन 16 जुलाई से 22 जुलाई, 2026 तक व्यापक जनभागीदारी के साथ किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने कहा कि भूजल का स्तर लगातार गिरना चिंता का विषय है। इसे संरक्षित करने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आमजन की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए भूजल सप्ताह के दौरान व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों तथा विभिन्न सरकारी कार्यालयों में जल संरक्षण विषयक गोष्ठियों, रैलियों, शपथ ग्रहण कार्यक्रमों एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाए।
बैठक में वर्षा जल संचयन संरचनाओं की स्थिति, सार्वजनिक भवनों पर रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना तथा जल संरक्षण से संबंधित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी सरकारी भवनों, विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं पंचायत भवनों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा पूर्व में स्थापित संरचनाओं का नियमित निरीक्षण एवं रखरखाव कराया जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि भूजल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन, अमृत सरोवरों के रखरखाव, पौधारोपण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया। साथ ही कृषि विभाग एवं संबंधित विभागों को किसानों के बीच सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों तथा जल बचत तकनीकों के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि भूजल सप्ताह के दौरान जनपदभर में विभिन्न विभागों के सहयोग से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से जल संरक्षण का संदेश प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाया जाएगा। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि निर्धारित कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिकाधिक जनसहभागिता प्राप्त की जाए, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भूजल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक के उपरान्त भूगर्भ जल सप्ताह के अवसर पर सभी अधिकारियो एवं कर्मचारियों को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी राजन राय के साथ अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

जनपदवासियों को ट्रामा सेंटर में मिलेगी उच्च स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं:विजय मिश्र

गाजीपुर। मेरे राजनीति में आने का कारण समाजसेवा के साथ- साथ गाजीपुर की चिकित्सा व्यवस्था को बदलना प्रमुख उद्देश्य था और प्रत्याशी के रूप में मतदाताओं से वादा भी किया था आपके आशीर्वाद से गाजीपुर की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ कर दूंगा। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता विजय मिश्र ने नगर क्षेत्र में स्थित एक होटल प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही। श्री मिश्र ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद जो मेरा लक्ष्य था उसे अपने कार्यकाल में 200 बेड का जिला चिकित्सालय गोरा बाजार में, 100 बेड का महिला अस्पताल मिश्र बाजार, ट्रामा सेंटर आदि बनवाकर गाजीपुर का चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया। यह बात कहते हुए मेरे सहित पूरे गाजीपुर के लिए आनंद का विषय है कि तत्कालीन रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रयास से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन की सरकार ने गाजीपुर को मेडिकल कॉलेज देकर जनपद की सबसे बड़ी आवश्यकता को पूर्ण करने का काम किया। आज गाजीपुर मेडिकल कालेज में प्रतिदिन 5 से 6 हजार लोगों की ओपीडी होती है जिससे उनको अच्छी स्वास्थ्य सुविधायें मिल रही हैं। बेहतर सुविधा के लिए आस-पास के जनपदों से भी मरीज यहां आ रहे हैं। विजय मिश्रा ने कहा कि गाजीपुर में ट्रामा सेंटर निर्मित होने के पश्चात शुरू नही हो पा रहा था जिसको उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, तत्कालीन प्रमुख सचिव आलोक एवं पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा तत्कालीन जिलाधिकारी आर्यका अखौरी से लगातार बातकर ट्रामा सेंटर शुरू कराने का काम किया गया। ट्रामा सेंटर में स्वास्थ्य सुविधा शुरू हो गयी है परंतु अभी पूर्ण क्षमता से कार्य नही कर रहा हैं, इसके लिए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला सहित अन्य अधिकारियों से लगातार वार्ता कर पूर्ण क्षमता युक्त ट्रॉमा सेंटर का संचालन कराने की दिशा में कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सभी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कैशलेस ट्रीटमेंट, ऑफ रोड एक्सीडेंट स्कीम के तहत दुर्घटना में घायल लोगों को “गोल्डन आवर” के भीतर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ट्रॉमा केयर नेटवर्क पूरे देश के हर जनपद में बनाने की योजना लागू की। इसके तहत विभिन्न चरणों में देश के राष्ट्रीय राजमार्गों के पास ट्रॉमा सेंटर बनाने एवं मौजूदा अस्पतालों को ट्रॉमा सुविधाओं से सुसज्जित करने का काम केंद्र और प्रदेश की सरकार कर रही है । उन्होंने कहा कि मैं जनपदवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि शीघ्र अतिशीघ्र अपनी पूर्ण क्षमता के साथ अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर सभी आवश्यक मानकों जैसे डॉक्टर्स – डीएम क्रिटिकल केयर, एमडी एनस्थीसिया, चेस्ट, न्यूरो एवं ऑर्थो, पैरामेडिकल – नर्सिंग स्टाफ, आवश्यक उपकरण – ICU, मल्टीपैरामीटर मॉनिटर, वेंटिलेटर, सक्शन मशीन, ऑक्सीजन फ्लोमीटर और ह्यूमिडिफायर, दवा और फ्लूड कंट्रोल, ABG Analyzer, Portable ECG Machine, Portable X-Ray Access, Ultrasound Machine, CT Sacan इत्यादि से पूर्ण अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रामा सेंटर की सुविधा जनपदवासियों को प्राप्त होगी। गाजीपुर के ट्रामा सेंटर को इतने उच्च स्तर पर बनाया जायेगा कि गाजीपुर जिले के साथ-साथ अन्य जनपदों को सेवा देकर जनपद की जरूरत को पूरा करने के साथ ही बीएचयू और अन्य चिकित्सा संस्थानों के अतिरिक्त बोझ को बांट सके।

    पी जी कॉलेज में प्रवेश आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित

    पी जी कॉलेज में प्रवेश आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित

    गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार में प्रशासन द्वारा सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित किया गया है।
    स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रवेश आवेदन हेतु पहले से निर्धारित अंतिम तिथि 08 जुलाई 2026 को बढ़ाकर अब 14 जुलाई 2026 कर दिया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी महाविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट http://www.pgcghazipur.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं तथा ऑनलाइन शुल्क भी जमा कर सकते हैं।
    प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने बताया कि महाविद्यालय में सत्र 2026-27 में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा दिनांक 15 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। बी.एस-सी. (कृषि) एवं एम.एस-सी. कृषि जीपीबी पाठ्यक्रम की परीक्षा प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक तथा एम.एस-सी. बॉटनी, एम.एस-सी. कृषि (उद्यान) एवं एम.कॉम की परीक्षा दोपहर 02:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक निर्धारित है। समस्त परीक्षार्थियों से अनुरोध है कि वे परीक्षा में समय से उपस्थित हों। अनुपस्थिति की स्थिति में किसी भी अभ्यर्थी को अलग से अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए महाविद्यालय की वेबसाइट http://www.pgcghazipur.ac.in पर अवलोकन करें या महाविद्यालय कार्यालय से संपर्क करें।