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बड़ी खबर:- अब नाव दुर्घटना की होगी जांच

गाजीपुर। जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने 31 अगस्त को तहसील सेवराई अन्तर्गत बाढ़ प्रभावित क्षेत्र अठहठा में नॉव पलटने से 7 लोगों की मृत्यु हो गयी। जिस घटना की मजिस्ट्रीयल जॉच करायी जानी आवश्यक है। जिलाधिकारी ने इस सम्बन्ध में मुख्य राजस्व अधिकारी सुशील लाल श्रीवास्तव को नाव घटना की जॉच हेतु जॉच अधिकारी नामित करते हुए निर्देशित किया है कि प्रश्नगत घटना की जॉच कर जॉच आख्या एक सप्ताह के अन्दर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

डीएम और एमएलसी ने दी मृतक आश्रितों 4-4 लाख की आर्थिक मदद

गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की उपस्थिति में 31 अगस्त की शाम ग्राम अठहठा विकास खण्ड रेवतीपुर, तहसील सेवराई में एक बड़ी नॉव दुघर्टना हुई थी, जिसमें 2 व्यकित्यों को अस्पताल ले जाते समय मृत्यु हो गयी थी। 5 व्यक्ति लापता हो गए थे। जिनकी डेड बाड़ी गोताखोरो एवं एन.डी.आर.एफ की टीम ने अगले दिन 1 सितम्बर को खोज कर निकाला। सबका पोस्टमार्टम कराने के उपरान्त गुरुवार की शाम को ही सबका सःसम्मान अन्त्येष्ठि क्रिया सम्पन्न की गई। जिसको लेकर राज्य सरकार की ओर से एमएलसी विशाल सिंह चंचल एवं जनप्रतिनिधियों के साथ जिला पंचायत सभागार में शुक्रवार को उन प्रभावित परिवारों को 4-4 लाख की आर्थिक मदद दी गई।

इसके अतिरिक्त जखनियॉ में कल सांयकाल आकाशीय बिजली गिरने से 3 अन्य लोगो की आकस्मिक मौत हो गई थी। उन तीनो शव का भी पोस्टमार्टम कराया गया। आज ही उन तीनो मृतको के आश्रितो को भी 4-4 लाख का चेक दिया गया। जिलाधिकारी ने समस्त मृतको के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिजनो से कहा कि अगर कोई भी समस्या, हो तो आप लोग जिला प्रशासन से सम्पर्क कर सकते है। चेक वितरण के दौरान अपर जिलाधिकारी वि0रा0 अरूण कुमार सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा भानूप्रताप सिंह, खण्ड विकास अधिकारी रेवतीपुर, अठहठा ग्राम के प्रधान के साथ सम्बन्धित अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दी गई विदाई

गाजीपुर। राजकीय आयुर्वेदिक एसोसिएशन जनपद शाखा द्वारा जिला महिला चिकित्सालय मे सेवानिवृत्त हुए चीफ फार्मासिस्ट व फार्मासिस्ट कर्मचारियों का विदाई सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों में चीफ फार्मासिस्ट भानु प्रताप मौर्य, फार्मासिस्ट जवाहर सिंह यादव, चंद्रमा प्रसाद यादव, विजय कुमार वर्मा सेवानिवृत्त हुए। इस दौरान सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अंग वस्त्र, भागवत गीता पुस्तक व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस समारोह के मुख्य अतिथि राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव रहे। जिलाघ्यक्ष दुर्गेश द्वारा सभा को संबोधित करते हुए विभागाध्यक्ष से आग्रह किया गया कि सेवानिवृत्त हुए सभी कर्मचारी का असली सम्मान उनका जो भी देयक है। उसे अविलंब भुगतान कर दें। संगठन के पदाधिकारियों से अपील किया कि संगठन को मजबूती प्रदान करें। अंत में सेवानिवृत्त हुए सभी कर्मचारियों को दीर्घायु होने की कामना किया गया। मंत्री आलोक कुमार राय ने कहा कि यह बड़ी सम्मान की बात है कि जो परंपरा चला आ रहा है, उसे आयुर्वेदिक संगठन जिंदा रखा है। परिषद के मुख्य सलाहकार एस पी गिरी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि परिषद कि जब भी आवश्यकता हो आप लोग याद करिएगा परिषद आपके साथ खड़ा मिलेगा। आयुर्वेद एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह द्वारा सम्मान समारोह में आए परिषद के सभी पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कहा कि परिषद के हर कार्यक्रम में आयुर्वेद संगठन के हमेशा से एक एक सदस्य कदम से कदम मिलाकर चलते आये हैं, और आगे भी चलते रहेंगे। कार्यक्रम में अरविंद कुमार सिंह, अरविंद मिश्रा, अरविंद पांडे, सूर्यकांत पांडे, विनय पांडे, सच्चिदानंद, अनिल मिश्रा, राजनाथ, धर्मराज, ओम प्रकाश गुप्ता, संजय कुमार सैनी, श्री मोहन, अनिल कुमार दीक्षित, उधम सिंह, अजय कुमार सिंह, मनोज कुमार मिश्रा, योगेंद्र कुमार, नागेंद्र प्रसाद, नागेंद्र प्रसाद, अखिलेश सिंह द्वारा सभा की अध्यक्षता व संचालन अजय विक्रम सिंह ने किया।

पति-पत्नी और पुत्र की दर्दनाक मौत

गाजीपुर। भुडकुड़ा थाना क्षेत्र के सोफीपुर गांव निवासी इनामीपुर गांव के सिवान में आज शाम 4:30 बजे अपने खेत में धान की सोवाई कर रहे पिता, बेटे और मां की आकाशीय बिजली से दर्दनाक मौत हो गई। ग्रामीण में तत्काल जखनिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। मौके पर तहसीलदार राम जी ,कोतवाल राजू दिवाकर ने पहुंचकर आगे कार्रवाई में जुट गए ।मालूम हो कि सोफीपुर गांव निवासी हीराराम 65 वर्ष उनकी पत्नी फूलमती देवी 60 वर्ष बेटा रमेश कुमार 35 वर्ष तीनो लोग अपने खेत में धान की सोआई कर रहे थे ।तभी आकाशीय बिजली गिरी और सभी लोग खेत में दूर दूर तक छिटक गए ।खेत में अन्य कार्य करने वाले महिलाओं ने जब देखा तो इसकी शोर मचाया। तत्काल ग्रामीणों में पहुंचकर अस्पताल ले गए जहां पर चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से गांव में कोहराम मच गया। तहसीलदार रामजी ने बताया कि शासन की तरफ से जो भी मुआवजा होंगे उनके परिवार को मिलेगा।

स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने की बाढ़ पीड़ितों की मदद, कहा……

नन्दगंज (गाजीपुर) जनपद में एक तरफ सूखे का माहौल है तो वही दूसरे तरफ गंगा नदी के तटवर्ती इलाके में बाढ़ की स्थिति आ गयी है। इसी कारण जनपद की एक बड़ी आबादी इन दिनों बाढ़ से प्रभावित है। इसी क्रम में मानवता का परिचय देते हुए रास्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को करण्डा थाना क्षेत्र के दीनापुर, तुलसीपुर , मोहबलपुर आदि बाढ़ प्रभावित गाँवों का नाव से भ्रमण किया। इस दौरान स्वयं सेवकों ने बाढ़ से पीड़ित जन मानस से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना। यही नही सेवा भाव का परिचय देते हुए नाव से आ रहे, जा रहे गांव के लोगो की मदद भी की। बाढ़ से पीड़ित महिलाओं एवं पुरुषों का सामान नाव पर चढ़ाने से लेकर उतारने तक में स्वयं सेवकों ने मदद की।

इस मौके पर रविन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वंय सेवक राष्ट्र हित को सर्वोपरि मानते हुए देश, प्रदेश या क्षेत्र में सदैव सेवा भाव का कार्य करते रहते। स्वयं सेवकों के अंदर राष्ट्र की भावना और सेवा भाव कूट कूट कर भरी रहती है। कही भी किसी को बिपत्ति में देखकर उनकी मदद करने को तुरन्त पहुँच जाते हैं। उसी सेवा भाव के कारण आज इस बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में स्वयं सेवक ग्रामीणों की मदद करने आये हैं। इस मौके पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवक सह विभाग पर्यावरण प्रमुख संजय, सह जिला व्यवस्था प्रमुख सत्येंद्र, सह जिला शारीरक प्रमुख राज कुमार, खण्ड कार्यवाह नागेंद्रजी, जिला सम्पर्क प्रमुख प्रभाशंकर के साथ शशिकांत, गिरी, शिवम आदि स्वयं सेवक मौजूद रहे।

14 दिन के अंदर मांग पूरी नहीं हुई तो होगा कार्य बहिष्कार

मीटर रीडरों ने भरी हुंकार।


गाजीपुर। विद्युत वितरण खण्ड प्रथम लालदरवाजा के प्रांगण में विद्युत मजदूर पंचायत के बैनर तले गाजीपुर के मीटर रीडरों ने प्रदेश अतिरिक्त प्रांतीय महामंत्री निर्भय सिंह के नेतृत्व में गुरुवार को बैठक किया। जिसमें मीटर रीडरों की समस्याओं पर विस्तृत रूप से चर्चा किया गया। वही जिले में हो रहे मीटर रीडरों के शोषण के खिलाफ निर्भय सिंह ने बताया कि जिले में सभी मीटर रीडरों की हालात बहुत खराब है। स्टर्लिंग कंपनी द्वारा इन गरीब मजदूरों का आर्थिक एव मानसिक रूप से शोषण किया जा रहा है, जिसमे कहि ना कहि प्रबंधन का भी झुकाव कंपनी के तरफ है और ये दोनों मिलकर इन गरीब मजदूर भाइयों का शोषण कर रही है। वही रिडिंग का कार्य लगभग 9 माह से करवा रही। मेसर्स स्टर्लिंग टेक्नोलॉजी ने अभी तक किसी भी रीडर एव सुपरवाइजर साथियों का पीएफ में पैसा नही डाली है, सिर्फ खाता खोलकर लॉलीपॉप दे रही है और ईएसआई कार्ड अभी तक किसी को नही मिला, नाहि श्रम विभाग के मुताबिक इनलोगो को न्यूनतम मजदूरी मिल रहा है। सिर्फ दो हजार से तीन हजार तक पैसा प्रतिमाह दिया जा रहा है और प्रबंधन मुर्क़दर्शक बना हुवा है। इससे यह साबित होता है कि इन गरीब मजदूरों का पैसा इन रसूख अधिकारियों एव कंपनी के दलालों के खाते में जा रहा है।

यही नही पिछले साल एनसॉफ्ट कम्पनी सभी रीडरों का 15 हजार का डीडी लेकर भग गयी और एक माह की सैलरी भी नही दी और प्रबंधन खामोश रहा। जिसमे विद्युत मजदूर पंचायत ने मुख्यमंत्री एव प्रमुख सचिव ऊर्जा से लिखित शिकायत जल्द ही करेगा और रीडरों को न्याय दिलवाएगा। मीटर रीडर संघ के जिलाध्यक्ष विनय तिवारी ने बताया कि हमलोग बैठक किये हैं जिसमें 17 बिंदुओं पर चर्चा कर एजेंडा तैयार करके विद्युत मजदूर पंचायत के जिला संरक्षक शिवदर्शन सिंह के नेतृत्व में जिलाध्यक्ष अरविंद कुशवाहा एव जिला मंत्री विजयशंकर राय के साथ अधीक्षण अभियंता को पत्रक देते हुवे 14 दिन का समय दिया गया। जिसमें कहा गया है कि समस्याओं का निदान अगर 14 दिन के अंतर्गत नही होती है तो संगठन के दिशा निर्देश पर पूर्ण रूप से जिले में रिडिंग का कार्य बहिष्कार होगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी। बैठक में मुख्य रूप से सुपरवाइजर शशिकांत भारती, कृष्कान्त सिंह, अनिल श्रीवास्तव, जवाहर पटवा, हरेंद्र खरवार, प्रमोद यादव, शिवशंकर, जीएमटी प्रवीण सिंह, संजय यादव, अश्विनी सिंह, अजय विश्वकर्मा, सलीम अंसारी सहित समस्त मीटर रीडर एव विद्युत कर्मचारी साथी उपस्थित रहे।

मुहल्लेवासी हो जाए सावधान

सावधान हो जाए मुहल्लेवासी


गाजीपुर। रौजा उपकेंद्र के टाउन नम्बर वन फीडर के मुहल्ला हनुमान गढ़ी के सभी उपभोक्ताओं को अवगत कराना है कि अत्यधिक लोड के कारण टाउन नंबर वन फीडर पर बार-बार तार टूटने की समस्या बनी रहती है, जिसकी वजह से उपभोक्ताओं को विद्युत संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। सहायक अभियंता शहर सत्यम त्रिपाठी ने बताया कि टाउन नंबर वन फीडर का लोड बटवारा करने के लिए एक पहले से फीडर बनाया गया। इमरजेंसी के लिए जो पहले चालू नही था परंतु ओवर लोड हो जाने के कारण इसी 11 हजार लाइन पर लोड का बटवारा किया जाना है, ताकि फीडर वन के उपभोक्ताओं को समय से सही विद्युत सप्लाई मिल सके। आगे उन्होंने यह भी बताया कि बन्द पड़ी 11 हजार लाइन के नीचे बिना नक्शे का एव बिना विद्युत विभाग के परमिशन के बगैर कुछ लोग अपना घर बना लिए है, जिनसे मैं अपील करता हु की आपलोग इस 11 हजार लाइन से दूरी बनाए रखें तथा सावधान रहें। बन्द पड़े 11 हजार की लाइन चार्ज की जानी है।

नाव दुर्घटना में मृतक के परिजनों को मिले आर्थिक मदद: जिलाध्यक्ष

गाजीपुर। रेवतीपुर थानांतर्गत अठहठा गांव में कल हुई नौका दुर्घटना मे सात लोगों की मौत की खबर पाकर समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रामधारी यादव और राजेश कुशवाहा ने गुरुवार को मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। इस घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त किया। जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने इस घटना के लिए जिला प्रशासन को दोषी ठहराते हुए जिला प्रशासन से मृतकों के परिजनों को तत्काल 25-25 लाख रुपए की आर्थिक मदद देने की मांग किया। उन्होंने कहा कि यदि बड़ी नौका जिला प्रशासन ने उपलब्ध कराया होता तो यह दुर्घटना नहीं हुई होती। जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने कहा कि यह हृदय को झकझोर देने वाली घटना है। समाजवादी पार्टी इस घटना पर शोक व्यक्त करती है। उन्होंने कहा कि जनपद कहीं बाढ़ तो कहीं सूखे के चलते पहले से ही दुखी हैं। उस पर इस तरह की घटनाएं मन को और दुखी कर रही है। उन्होंने बाढ़ग्रस्त इलाकों में जिला प्रशासन से और चुस्त दुरुस्त तरीके से कार्य करने और जनता को राहत पहुंचाने की मांग किया।

इस दौरान पूर्व जिला पंचायत सदस्य धर्मेन्द्र यादव पकालू , अजीत यादव, पुष्पेन्द्र यादव, अशोक यादव, चरण यादव, अनिल राय, नौशादखान, मनीष यादव, राकेश रावत, सत्येंद्र यादव, सोनू यादव, पंकज राम अनिल शुक्ला मौजूद थे। इस घटना में मरे लोगों के प्रति शोक संवेदना व्यक्त करने के लिए जिलाध्यक्ष रामधारी यादव की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय समता भवन पर शोक सभा का भी आयोजन किया गया। इस शोक सभा में मृतकों की आत्मा की शांति प्रदान करने एवं शोक संतप्त परिजनों को धैर्य प्रदान करने के लिए दो मिनट का मौन रखकर ईश्वर से प्रार्थना की गयी। इस शोक सभा में मुख्य रूप से पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा, निजामुद्दीन खां, अरुण कुमार श्रीवास्तव, दिनेश यादव, राजेंद्र यादव, सदानंद यादव, रामनगीना यादव, ग्यासुद्दीन अहमद, सुग्गु यादव, रामाशीष यादव, सतिराम यादव, अरविंद यादव एवं द्वारिका यादव आदि उपस्थित थे।

बड़ा हादसा:- गंगा में समा गया नाव, कई लापता, लेकिन….

गाज़ीपुर।सेवराई तहसील क्षेत्र के अठ्ठहठा गांव में बाढ़ पीड़ितों को ले जा रही नाव डूबने से दो लोगों की मौत हो गई तो वही 5 लोगों के पानी में लापता होने का समाचार प्राप्त हुआ है । जानकारी अनुसार तहसील क्षेत्र के अठ्ठहठा गांव में प्रशासन की तरफ से लोगों के आवागमन के लिए नाव की व्यवस्था की गई थी । चश्मदीदों के मुताबिक इस मझली नाव में करीब 35 की संख्या में लोग पशुओं का चारा सहित अन्य घरेलू सामान लेकर बैठे थे जैसे ही नाव खुली और 100 मीटर आगे बढ़ी कि नाव का जनरेटर बंद हो गया और ओवरलोड होने के कारण नाव में पानी भरने लगा। इस अफरातफरी में लोग नाव से पानी में कूदने लगे जिसमें गांव के डब्लू गौण (40) नगीना (72) एवं नाव चला रहे नाविक गहरे पानी में जाने लगे कुछ देर बाद ग्रामीणों द्वारा इन तीनों को तो निकाल लिया गया । वही रास्ते में इलाज के लिए अस्पताल ले जाते समय डब्ल्यू गौड़और नगीना की मृत्यु हो गई । वही गांव के तीन लड़के और दो लड़कीयो का अभी तक कोई पता नही चल सका है घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आया। मौके पर एडीएम एसडीएम सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची ।पीएसी के गोताखोरों द्वारा डूबे लोगों की खोजबीन की जा रही थी।

सैकड़ों परिवारों को सीएम योगी ने दी राहत सामग्री, कहा……..

गाजीपुर। बाढ की विभिषिका को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधावर को जनपद के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण कर अवलोकन किया। इसके उपरान्त उन्होंने अष्ट शहीद इण्टर कालेज मुहम्मदाबाद मे पांच तहसीलो के बाढ़ से प्रभावित 350 परिवारों के लोगो मे राहत सामग्री का वितरण किया। तत्पश्चात मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों के साथ जनपद गाजीपुर के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक की। उन्होंने  बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पशुपालन विभाग द्वारा बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पशुओं के चारे, भूसे तथा टीकाकरण, दवाओं की समुचित व्यवस्था की जाए तथा जिन ग्रामों में अभी भी बाढ का पानी है, वहां के निवासियों को सुरक्षित जगह पहुंचाने की व्यवस्था की जाए एवं पानी से घिरे गांवों के निवासियों को राहत शिविर के माध्यम से राहत पैकेट वितरित किए जाएं। उन्होंने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के प्रत्येक गाव का निरीक्षण करने तथा वहां पर्याप्त राहत व बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होने बाढ़ का पानी कम होने पर स्वच्छता व सैनिटाइजेशन पर विशेष ध्यान के साथ बाढ़ प्रभावितों को हर हाल में समय पर राहत समाग्री सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। उन्होने खाद्यान्न की भी पर्याप्त व्यवस्था एवं बाढ़ पीड़ितो को फूड पैकेट्स वितरित किये जाने का निर्देश दिया। मुख्य मंत्री ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि जनपद में 20 अगस्त से 25 अगस्त के मध्य विभिन्न तिथियों में राजस्थान के धौलपुर बैराज से लगभग 26 लाख क्यूसेक पानी चंबल नदी में एवं माता टीला डैम से लगभग 4 लाख क्यूसेक पानी बेतवा नदी में छोड़ा गया, जिसके कारण यमुना नदी में जल स्तर बढ़ने से गंगा नदी में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है।

जनपद गाजीपुर में गंगा नदी का जल स्तर खतरे के निशान (63.105 मी0) से 3.27 मीटर अधिक होने के कारण गंगा नदी के किनारे के गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। वर्तमान में गंगा का जल स्तर 64.390 हैं। उन्होने बताया कि जनपद की 7 तहसीलों में से 5 तहसीलों के कुल 33 गांव बाढ़ प्रभावित है। 33 गांव की कुल आबादी 1,29,000 है, जिसमें 7096 परिवार बाढ़ से प्रभावित है। जनपद में बाढ़ से बचाव हेतु 218 बाढ़ चौकियों, 30 बाढ़ राहत कैम्प बनाये गये हैं। इन बाढ़ राहत कैम्पों में कुल 187 लोगों को ठहराया गया। बाढ़ राहत कैम्पों में सभी बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राशन और उनके खाने-पीने का पूर्ण प्रबन्ध किया गया है। जनपद में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कुल 288 नावें लगायी गयी है। बाढ़ प्रभावित ग्रामवासियों को नावों द्वारा निःशुल्क आवागमन कराया जा रहा है। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए 31 गोताखोर और 178 आपदा मित्र को भी तैनात किया गया है। इसके अतिरिक्त फ्लड पी0 एस0 सी0 की एक कम्पनी की भी तैनाती की गयी है। जनपद में 7090 बाढ़ प्रभावित परिवारों में 5126 बाढ़ राहत सामग्री का वितरण किया जा चुका है और शेष को युद्धस्तर पर वितरण कराया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित ग्रामों में कुल 5084 पशु प्रभावित है। जिनमें से 1862 पशुओं को विभिन्न पशु राहत शिविरों में विस्थापित किया गया है।

बाढ़ प्रभावित गावों में पशुओं के लिए निःशुल्क भूसा का वितरण किया जा रहा है। अब  तक 273 कुन्तल भूसा का वितरण कराया जा चुका है। 5211 पशुओं का टीकाकरण भी कराया गया है। बाढ़ प्रभावित सभी ग्रामों में कुल 1776 अन्त्योदय कार्ड धारक और 20,925 पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को कोटेदारों के माध्यम से 2724.12 गेहूँ और 1816.08 कुन्तल चावल का वितरण निःशुल्क कराया जा चुका है। बाढ़ प्रभावित ग्रामों में चिकित्सीय सुविधा भी उपलब्ध करायी जा रही है। मेडिकल मोबाईल टीमें लगातार चक्रमण कर रही हैं। पर्याप्त मात्रा में  एण्टी स्नैक वैनम (ए0एस0बी0)  एवं  एण्टी रैबिज इंजेक्शन जनपद के विभिन्न चिकित्सालयों में आरक्षित किया गया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में औसत से कम वर्षा होने के कारण कृषि एवं उद्यान विभाग को लघु एवं सीमांत किसानो के साथ-साथ अन्य किसानो को भी दलहन, तिलहन और सब्जी के बीज तत्काल निःशुल्क उपलब्ध कराने का निर्देश दिये। उन्होने कहा कि आपदा इस घड़ी में  जनता जनार्दन और अपने अन्नदाता  किसानो के साथ सरकार सदैव खड़ी रहेगी। मुख्यमंत्री के साथ स्वतंत्र देव सिंह जल शक्ति मंत्री, सांसद बलिया वीरेन्द्र सिंह मस्त, सदस्य विधान परिषद विशाल सिंह चंचल, अध्यक्ष जिला पंचायत सपना सिंह, पूर्व विधायक सुनीता सिंह, अलका राय, जिलाध्यक्ष भाजपा भानुप्रताप सिंह एवं अन्य पार्टी पदाधिकारी तथा मण्डलायुक्त वाराणसी मण्डल दीपक अग्रवाल, ए0डी0 जी0 वाराणसी रेंज रामकुमार, जिलाधिकारी एम0पी सिंह, पुलिस अधीक्षक रोहन पी बोत्रे व सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।