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दशरथ, कैकेयी श्रीराम सम्वाद व विदाई मांगने का किया गया मंचन

श्री दशरथ कैकेयी श्रीराम सम्वाद व विदाई मांगने का मंचन किया गया-


गाजीपुर। अतिप्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला के पांचवे दिन 25 सितम्बर को शाम 8 बजे हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरा पर वन्देवाणी विनायको आदर्श रामलीला मण्डल के द्वारा श्री दशरथ कैकेयी, श्रीराम सम्वाद का मंचन किया गया, जिसे देखकर दर्शको के आंखो में आंसू छलक उठें। लीला के दौरान महाराज दशरथ को जब दासियों द्वारा महारानी कैकेयी के कोप भवन में जाने की सूचना मिलती है तो अपने राजदरबार से उठकर महारानी कैकेयी कक्ष में जाते हैं और उन्होंने देखा वहाँ भी कैकेयी नहीं है, उन्होंने दासियों से महारानी कैकेयी के बारे में जानने की कोशिश की तो दासी द्वारा ज्ञात होता है कि महारानी जी किन्ती कारणवश गुस्से में होकर कोप भवन में जाकर अपने वस्त्राभूषण तथा गहने को बिखेर कर कोप भवन में जाकर जमीन पर लेटी हुई हैं। दासियों के कहने के अनुसार महाराज दशरथ कोप भवन में जाकर देखते हैं कि महारानी कैकेयी राजसी वस्त्राभूषणों को उतारकर फटे-पुराने कपड़े को धारण कर जमीन पर लेटी हुई हैं, उन्होंने महारानी से क्रोध का कारण पूछा तब महारानी कैकेयी द्वारा उन्हें पता चलता है कि उन्होंने देवासुरसंग्राम के दौरान महारानी से खुश होकर 2 वरदान देने का वचन दिया था, तब राजा दशरथ ने कहा कि जो वरदान मुझे देने थे, उसे उसी से मांग लो, तब महारानी कैकेयी ने पहले वरदान में अयोध्या का राज अपने पुत्र भरत को देने को मांगा ली दूसरे वरदान में उन्होंने कहा कि तापस बेषि विषेषि उदासी 14 वरिस रामवनवासी महाराज दूसरे वरदान में आपसे मांगना चाहती हूँ कि तपस्वी के वेष में राम को 14 वर्ष के लिए वन जाने का वरदान चाहिए।

महाराज दशरथ ने पहला वरदान भरत को राज देने का सहस स्वीकार किया, लेकिन दूसरे वर में राम के वन जाने के जगह दूसरा वरदान मांगने को कहा, लेकिन महारानी कैकेयी अपने वचन से दृढ़ रही, जब महारानी नही मानी तो महाराज दशरथ मूर्छित हो गये। जब दूतों द्वारा राजदरबार में राम को पता चला कि पिताजी कैकेयी के कक्ष में मूर्छित खड़े हैं वे राजदरबार से उठकर कैकेयी के कक्ष में आकर देखा तो पिता दशरथ को मूर्छित पड़ा देखकर उन्होंने पिता के मूर्छित होेने का कारण माता कैकेयी से पूछा, तब महारानी कैकेयी ने सबकुछ बता दिया। जब श्रीराम को वन जाने की बात आई तो सहस पिता के वचन को स्वीकार करते हुए पिता से आज्ञा लेकर माँ कौशल्या के कक्ष में जाते हैं, फिर वहाँ पर लक्ष्मण और सीता को भी पता चला कि प्रभु श्रीराम को कैकेयी द्वारा महाराज दशरथ से दूसरे वचन में वन जाने के लिए वचन दिया, तो वे दोनों लोग भी श्रीराम के साथ वन जाने के लिए तपस्वी वेष में आकर माता कैकेयी के कक्ष में पुनः आकर अपने माता कैकेयी, पिता दशरथ, गुरू वशिष्ठ के चरणों में प्रणाम करते हुए वन जाने के लिए आज्ञा मांगते हैं। इस लीला को देखकर उपस्थित दर्शकों के आंखो से आसु छलक उठे और वही जय श्रीराम और हर-हर महादेव के नारों से उद्धघोष किया। इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी (बच्चा), संयुक्त मंत्री लक्ष्मी नरायन, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, प्रबंधक वीरेश राम वर्मा, उप प्रबंधक मयंक तिवारी, अजय कुमार पाठक, बाके तिवारी, योगेश कुमार वर्मा “एडवोकेट“, सरदार चरनजीत सिंह, मनोज तिवारी, वरूण कुमार अग्रवाल, रामसिंह यादव, राजकुमार शर्मा, कुशकुमार त्रिवेदी, विश्वम्भर गुप्ता आदि लोग उपस्थित रहे।

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

ग़ाज़ीपुर।गाज़ीपुर शीर्ष नेतृत्व के आह्वान पर कांग्रेस पार्टी द्वारा देश भर में भारत जोड़ो यात्रा के कार्यक्रम के अंतर्गत स्थानीय जंगीपुर विधानसभा में कल 24 सितंबर की देर शाम तक भारत जोड़ो यात्रा जिला कांग्रेस कमेटी, गाज़ीपुर के अध्यक्ष सुनील राम के नेतृत्व में स्थानीय फकीरा मस्जिद से प्रारंभ होकर जंगीपुर मंडी तक निकाली गई। इस यात्रा में जिलाध्यक्ष सुनील राम ने बताया कि देश की वर्तमान मोदी सरकार की नीतियों से चंद अमीरों को ही लाभ मिल रहा है जबकि मध्यमवर्गीय और गरीब चाहे वो व्यापारी हो, रोजी रोजगार या फिर देश का किसान हो सभी परेशान हैं, मंहगाई चरम पर है और सरकार में भ्रष्टाचार भी चरम पर है, इसलिए भारत जोड़ो यात्रा का आयोजन हर जगह किया जा रहा है। वहीं यात्रा का आयोजन करने वाली कांग्रेस की वरिष्ठ नेता महबूब निशा ने कहा कि देश और प्रदेश की भाजपा सरकार की नीतियों के चलते आज धर्म, मजहब और जातिवाद की समस्या चरम पर है लोग एक दूसरे पर अविश्वास ज्यादा कर रहे हैं, इसलिए कांग्रेस पार्टी के सांसद और हर दिल अज़ीज़ राहुल गांधी के नेतृत्व में देश भर में भारत जोड़ो यात्रा निकाली जा रही है, जिसके क्रम में ये यात्रा जंगीपुर में निकाल कर लोगों से जनसम्पर्क भी किया गया और जनता के दुख दर्द को समझते हुए कांग्रेस की नीतियों को भी बताया गया।
यात्रा का आयोजन महबूब निशा जी, राजेश गुप्ता जी, एवं विद्याधर पांडे जी, ने किया।
पदयात्रा में मुख्य रूप से पूर्व जिला अध्यक्ष मार्कंडेय सिंह , राजेश गुप्ता, विद्याधर पांडे,अजय श्रीवास्तव, हिमांशु श्रीवास्तव , सतीश उपाध्याय , आशुतोष गुप्ता , चंमभीत राम ,जंघई सिंह , ज्ञान प्रकाश सिंह ,विभूति राम, उमाशंकर सिंह , ओमप्रकाश राजभर ,जनार्दन राम, अरुण गुप्ता , सुमन चौबे ,संजय सिंह ,सैफ अली, शकीला बानो, जखीरा , मुस्ताक अली आदि लोग पदयात्रा में मौजूद थे ।

राज तिलक की तैयारी, मंथरा, कैकेयी और कोपभवन का हुआ लीला

राज तिलक की तैयारी, मंथरा, कैकेयी, कोपभवन लीला


गाजीपुर। अतिप्राचीन लामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वाधान में लीला के चौथे दिन शनिवार को शाम 8 बजे वन्दे वाणी विनयको आर्दश रामलीला मंडल के द्वारा हरिशंकरी स्थित श्री राम चबुतरा पर लीला के दौरान राज तिलक की तैयारी, मंथरा, कैकेयी संबाद, कोपभवन लीला का मंचन किया गया। लीला के दौरान मंचन पर दर्शाया गया की जिस समय राजा दशरथ श्रीराम के विवाह के बाद बारात को लेकर अपने नगर अयोध्या के लिए प्रस्थान कर देते है। थोड़ी समय बीत जाने के बाद महाराज दशरथ ने अपने मन विचारा की अयोध्या का राज राम को दे कर भगवत भजन में शेष जीवन बिताया जा सके। इतना सोचकर व अपने कुल गुरू वशिष्ठ को बुलाकर अयोध्या का राज पाठ अपने बड़े पुत्र श्री राम को देने की बात जब गुरू वशिष्ठ को बुलवाकर अपने मन की बात कुल गुरू वशिष्ठ के समक्ष रखा। उनके बात को सुनकर महाराज दशरथ के द्वारा श्री राम को अयोध्या का राज तिलक देने के सम्बन्ध में सुना तो उन्होंने उसको सहस स्वीकार करते हुए कहा कि महाराज आपका विचार अति उत्तम है। अयोध्या का राज राम को ही दिया जाए। अतः महाराज दशरथ गुरू वशिष्ट के आज्ञा का पालन करते हुए मंत्री सुमन्त को राज तिलक की तैयारी करने का आदेश देते है। मंत्री सुमन्त राजा के आदेशानुसार अयोध्या नगरी को भब्य रूप से सजवाने का अपने अधिनस्त को आदेशित किया। नगर के सजावट को देखकर किन्हीं कारण वस दासी मंथरा घूमते हुए पहुची।

उसने देखा की पूरा नगर भब्य तरीके से सजाया जा रहा है। उसने उसका कारण पूछा तो उपस्थित लोगो ने कहां की महाराज अयोध्या का राज अपने बड़े पुत्र श्रीराम को देने का मूड़ बनाया है। इस लिए अयोध्या नगरी को सजाया जा रहा है। इतना सुनते ही दासी मंथरा से रहा नहीं गया व महारानी कैकेयी के पास आकर के कहती है की महारानी जी आपका दूर दिन निकट आ गया है। अयोध्या का राज तिलक कौशल्या नन्दन श्री राम को महाराज ने देने का संकल्प लिया है। आप हमारे कथनानुसार एक काम करे। महाराज दशरथ ने देवासूर संग्राम के समय आप ने महाराज दशरथ के रथ को किसी गढ़े से निकाला था। उसी समय महाराज ने आप को दो वरदान देने का वचन दिया था। जो आप ने उस समय स्वीकार नहीं किया। उसे आपने कहां कि महाराज जब समय आयेगा तो वह वरदान मैं आप से मांग लूगी। तब महाराज ने कहां की ठीक है। इतना कहने के बाद वह अपने राज के लिए प्रस्थान कर गयें। अब वह समय आ गया है। अतः वह वरदान आप महाराज से मांग ले। दासी के बात को सुनकर महारानी कैकेयी राजश्री वस्त्राभूषण को तथा गहने को उतारकर अपने कक्ष में बिखेर दिया तथा पुराने फटे कपड़ो को धारण करके कोपभवन में जा करके जमीन पर लेट जाती है। इस मौके पर कमैटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी (बच्चा) उपमंत्री लव कुमार त्रिवेदी बड़े महाराज, मेला प्रबन्धक बीरेश राम वर्मा (ब्रह्मचारी जी) उप मेला प्रबन्धक मंयक तिवारी कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल आय व्य निरीक्षक अनुज अग्रवाल, अजय पाठक एडवोकेट, अशोक कुमार अग्रवाल, राम सिंह यादव, राज कुमार शर्मा, पं0 कृष्ण बिहारी त्रिवेदी पत्रकार आदि उपस्थित रहे।

नवागत DM आर्यका आखौरी से मिले कांग्रेसी,जल्द ही जन समस्याओं का निदान करने की कही बात

नवागत DM आर्यका आखौरी से मिले कांग्रेसी,जल्द ही जन समस्याओं का निदान करने की कही बात

गाज़ीपुर। नवागत जिलाधिकारी आर्यका आखोरी से कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जिलाध्यक्ष सुनील राम की अगुवाई में शिष्टाचार मुलाकात की। गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने जन समस्याओं पर भी चर्चा की और विशेष रूप शहर की खस्ताहाल गड्ढा युक्त सड़कों और क्षतिग्रस्त और बदबूदार नालियों की तरफ ध्यान आकृष्ट कराया। प्रवक्ता अजय श्रीवास्तव ने बताया कि जिलाधिकारी आर्यका आखोरी ने बड़े ही प्रेम से कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल से मुलाकात की और उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुनकर जल्द ही जन समस्याओं का निदान करने की भी बात कही।

शिष्टाचार मुलाकात करने वालों में पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे, पूर्व प्रदेश सचिव रवि कांत राय, लाल साहब यादव,पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ मार्कंडेय सिंह ,शहर अध्यक्ष शफीक अहमद, उषा चतुर्वेदी ,आशुतोष गुप्ता, ज्ञान प्रकाश सिंह मुन्ना, सतीश उपाध्याय, विद्याधर पांडे, विभूति राम, आदि लोग थे ।

हमारी फौज बहादुर और साहसी है

हमारी फौज बहादुर और साहसी है

गाज़ीपुर। समाजवादी पार्टी के नगर इकाई की एक आवश्यक बैठक नुरूद्दीनपुरा वार्ड में पार्टी के वरिष्ठ नेता मझले अंसारी के आवास पर आयोजित हुई।इस बैठक में नगरपालिका चुनाव की तैयारी एवं बूथ कमेटी की समीक्षा के साथ साथ नगर की ज्वलंत समस्याओं पर भी चर्चा की गयी। इस बैठक में उपस्थित जिला मीडिया प्रभारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने विधानसभा चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए सभी बूथ प्रभारियों एवं सेक्टर प्रभारी का अंगम् वस्त्रम् देकर एवं माल्यार्पण कर सम्मानित किया। इस बैठक में कार्यकर्ताओं ने नगरपालिका चुनाव में पार्टी को जिताने का भी संकल्प लिया ।
इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए नगर अध्यक्ष दिनेश यादव ने कहा कि नगर में 25वर्षों से भाजपा का कब्जा है । इसके बावजूद शहर की समस्यायें ज्यों की त्यों बनी हुई है। 25 वर्षों में भी भाजपानीत नगरपालिका शहर की मूलभूत समस्याओं को हल नहीं कर सकी । सड़क,नाली,पानी और रोशनी की भी समूचित व्यवस्था नहीं कर पाई नगरपालिका। वार्ड में भ्रमण के दौरान देखा गया कि गोईजी से लेकर एमएच स्कूल होते हुए तुलसिया के पूल तक पूरी सड़क कीचड़ से सनी हुई टूटी फूटी,और अंधेरे में हैं। जिसके दुर्गन्ध के चलते लोगों का घर से निकलना और उस रास्ते से गुजरना दूभर हो गया है। वार्ड में व्याप्त गंदगी के वजह से संक्रामक रोगों के फैलने का खतरा पैदा हो गया है। नगर प्रभारी अहमर जमाल ने कहा कि आज भी शहर और शहर में स्थित महापुरुषों की प्रतिमाएं अंधेरे में हैं। नगरपालिका में सरकारी धन की लूट मची हुई है । नगरपालिका का पैसा विकास कार्य में खर्च होने के बजाय उनसे निजी तिजोरियां भरी जा रही है। मीडिया प्रभारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बूथ प्रभारियों को सम्मानित करते हुए कहा कि बूथ कमेटी संगठन की सबसे महत्वपूर्ण इकाई है। उन्होंने कहा कि धरती पर वही वृक्ष ज्यादा टिकाऊ होता है जिसकी जड़ें जमीन में ज्यादा गहरी होती है ,जिस वृक्ष की जड़ें धरती के ऊपरी सतह तक सीमित होती है वह हवा,पानी के तेज बहावों में नहीं टिक पाती उनके पांव जल्दी उखड़ जाते हैं । उन्होंने कहा कि जिस भी दल का बूथ कार्यकर्ता मजबूत नहीं होगा और उसका सम्मान नहीं होगा वह पार्टी ज्यादा दिनों तक जमीन पर नहीं टिक पायेगी । उन्होंने कहा कि हम अपने इसी बूथ कमेटी के कार्यकर्ताओं के बल पर हमने लोकसभा कै साथ साथ विधानसभा चुनाव में सातों सीटें जीती हैं और नगर पालिका चुनाव भी जीतेंगे । उन्होंने कहा कि बूथ पर काम करने वाला कार्यकर्ता ही पार्टी की रीतियों नीतियों और योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के अलावा लाठी गोली खाकर पार्टी के पक्ष में मतदान कराने का काम करता है। बूथ पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की अवहेलना कर कोई भी पार्टी आगे नहीं बढ़ सकती । उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से कहा कि नगर में इतिहास बनाना है तो संघर्ष करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि हमारी फौज बहादुर और साहसी है। संघर्ष उसका मिजाज रहा है।उन्होंने नगर की समस्यायों को लेकर संघर्ष करने और आन्दोलन का रास्ता पकड़ने की भी आह्वान किया और कहा बिना संघर्ष के कोई मंजिल फतह नहीं होगी । उन्होंने सभी से नगरपालिका चुनाव की तैयारी में तन मन धन से जुटने का आह्वान किया।
इस बैठक में मुख्य रूप से डॉ समीर सिंह, बदरे हसन जुल्फेकार अली,,इज्जतुल्लाह उर्फ चुन्नू,मझले अंसारी,सैफ्फुल्लाह अंसारी, परवेज खान,सहजादे, खालिद अंसारी,बबलू अंसारी,मो.यासीन अंसारी, अरविंद यादव, सिब्ते हसन, शमशेर,आसिफ,इन्दरे जमाल, आदि उपस्थित थे। बैठक का संचालन सेक्टर प्रभारी फिरोज जमाल ने किया।

बेहतरीन हास्य कलाकार थे राजू श्रीवास्तव

बेहतरीन हास्य कलाकार थे राजू श्रीवास्तव

गाज़ीपुर।अखिल भारतीय कायस्थ महासभा गाजीपुर के तत्वावधान कायस्थ कुल के गौरव ,लोकप्रिय व मशहूर कामेडियन राजू श्रीवास्तव के निधन पर सरजू पांडे पार्क में श्रद्धांजलि सभा आयोजित हुई।
इस अवसर पर महासभा के सभी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित किया।उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला।
महासभा के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह एक बेहतरीन हास्य कलाकार थे।वह एक जिंदा दिल इंसान होने के साथ साथ वह अपनी कला प्रतिभा के चलते अनेकों कलाकारों के प्रेरणास्रोत थे । उनके जाने से हास्यकला की एक विधा के युग का मानो समापन हो गया है।उनके निधन से हुई रिक्तता की भरपाई संभव नहीं है। इस अवसर पर मुख्य रूप से मुक्तेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, चन्द्रप्रकाश श्रीवास्तव,सत्य प्रकाश श्रीवास्त,अमर सिंह राठौर, अमरनाथ श्रीवास्तव,कमल प्रकाश श्रीवास्तव, राजेश कुमार श्रीवास्तव, अरुण सहाय,सत्यार्थ प्रकाश, संदीप वर्मा, अनूप कुमार श्रीवास्तव, डॉ समीर सिंह,नवीन श्रीवास्तव, विनोद कुमार,आदि उपस्थित थे। सभा का संचालन जिला उपाध्यक्ष शैल कुमार श्रीवास्तव ने किया।

सड़क हादसे में शिक्षक की मौत

सड़क हादसे में शिक्षक की मौत

गाज़ीपुर।खानपुर थाना क्षेत्र के फरदहा में सड़क हादसे में निजी स्कूल के शिक्षक की मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस्तमरारे गांव निवासी राकेश चौहान (45) पुत्र मगरू चौहान क्षेत्र के अनौनी स्थित अपने ही निजी स्कूल में पढ़ाता था। शनिवार को वह मोटरसाइकिल से वापस अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही वह फरदहा पहुंचा तभी सामने से आ रहे अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह बाइक से करीब पांच फुट दूर जा गिरा। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।ग्रामीणों से मिली सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को एंबुलेंस के माध्यम से खानपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजवाया ।जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं मृतक के पास से मिले मोबाइल से पुलिस ने परिजनों को सूचना दी।थानाध्यक्ष खानपुर संजय मिश्रा ने बताया कि दुर्घटना की जानकारी है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

पुलिस ने किया रामाशीष की हत्या का खुलासा

गाज़ीपुर।जमानिया कोतवाली क्षेत्र के ताजपुर मांझा गांव के अधेड़ की हत्या की घटना को अंजाम पिता पुत्र ने ही दी थी। घटना को छिपाने के लिए शव को पंखे से टांग दिया था। शनिवार को पुलिस ने घटना का खुलासा कर एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार, 19 सितंबर की रात रामाशीष (50) का शव घर पर ही फांसी के फंदे में लटकता मिला था। परिजनों ने हत्या कर फांसी के फंदे में लटकाने की लिखित तहरीर दी और हत्या में शामिल कुछ लोगों को नामजद भी किया। मामले की जांच के दौरान पता चला कि मृतक आए दिन शराब के नशे में अपने पिता संग्राम व पत्नी उर्मिला के बीच नाजायज संबंध व पुत्र बताता था।इसी तरह इलायचीपुर उर्फ डिग्री में अपने पिता के द्वारा बनाए गए मकान का अपना हिस्सा अपने बड़े लड़के रोहित के नाम कर दिया था और राहुल की प्रेम विवाह करके लाई गई पत्नी को घर से भगा दिया था। इन्हीं कारणों से दादा और पोता पहले से ही उससे काफी नाराज और क्रोधित थे।
बीते 19 सितंबर को रामाशीष शराब पीकर शाम को घर आकर इन्हीं सब बातों को लेकर पिता और बेटे से उलझ गया। इस दौरान राहुल ने डंडे से उसको मारा पीटा जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आई। घटना को छुपाने के लिए के लिए दादा और पोते ने चादर से छत के सिलिंग फैन को खोल कर उसे फांसी के फंदे से लटका दिया।
इस मामले की विवेचना, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पाया गया कि अधेड़ की मौत उसके सिर में आई गंभीर चोटों व हड्डी टूटने के कारण हुई थी न कि फांसी से हुई थी। जिस पर शनिवार को संग्राम सिंह और राहुल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।

शिकायतों को लेकर डीएम सख्त, दिया निर्देश

गाजीपुर। शासन के मंशानुरूप समाधान दिवस/थाना दिवस में आये हर फरियादियों की समस्याओं को गम्भीरता से सुना जाये और समय सीमा के अन्तर्गत उनका निस्तारण भी सुनिश्चित किया जाए ताकि फरियादियों को इधर-उधर अपनी समस्याओं को लेकर भटकना न पड़े। शिकायत पंजिका में फरियादियों के मोबाइल नम्बर अनिवार्य रूप से दर्ज किये जाएं। शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता की जॉच अब फरियादियो के मोबाइल पर बात कर की जायेगी। यदि निस्तारण में फर्जीवाड़ा मिला तो निश्चित ही निस्तारण करने वाले अधिकारी/कर्मचारियों के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी। उक्त बातें थाना जंगीपुर में आयोजित समाधान दिवस/थाना दिवस में फरियादियों की समस्याओं को सुनकर उनका निस्तारण करने के दौरान शनिवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक रोहन पी बोत्रे ने कहीं। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस/थाना दिवस में आई जमीनी विवादों की शिकायतों को सूचीबद्ध किया जाए तथा राजस्व और पुलिस द्वारा गठित टीम मौके पर जाकर बिना किसी पक्षपात के उन शिकायतों का समयावधि के अंदर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि फरियादियों को बार-बार अपनी शिकायतों को लेकर इधर-उधर भटकना न पड़े। उन्होने यह भी निर्देश दिया कि बालिकाओं/महिलाओं की शिकायतों का मौके पर जाकर प्राथमिकता से निस्तारण किया जाए। इस अवसर थानाध्यक्ष जंगीपुर एवं राजस्व विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

त्योहारों को लेकर डीएम-एसपी की अपील

गाजीपुर। आगामी त्यौहारो को मद्दे नजर रखते हुए जनपद में साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाये रखने हेतु सेन्ट्रल पीस कमेटी की बैठक शनिवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक रोहन पी बोत्रे की उपस्थिति में पुलिस लाईन सभागार में संपन्न हुई। इस बैठक में सभी धर्मगुरूयो एवं संभ्रान्त नागरिक मौजूद रहे। बता दें कि वर्तमान में नवरात्र, दशहरा, दिपावली एवं डाला छठ पूजन आदि त्यौहार आने वाले हैं जिसको सकुशल एंव शांतिपूर्णढंग से सम्पन्न कराना है। जिसके मद्देनजर कानून व्यवस्था को लेकर आज विभिन्न समुदायों के प्रबुद्धजनों, मौलवियों, पुजारियों, मुतवल्लियों एव धर्मगुरुओं के साथ शान्ति समिति की बैठक पुलिस लाईन सभागार में हुई। जिलाधिकारी ने सभी से जनपद में शांति एवं अमन चैन, गंगा जमुनी तहजीब को बरकरार रखते हुए त्यौहारों को मनाये जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि त्योहार में कोई नई परंपरा की शुरुआत नहीं होगी जो पहले से लागू है यथावत उनका पालन करना होगा। बिना अनुमति के कोई भी जुलूस या शोभा यात्रा नही निकाले जाएंगे। उन्होंने सभी से स्पष्ट रूप से कहा कि धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्र की आवाज एक निर्धारित मानक के अनुरूप होनी चाहिए साथ ही जुलूस के दौरान कोई भी व्यक्ति अस्त्र और शस्त्र का प्रयोग नहीं कर सकता है और ना ही कोई ऐसी भड़काऊ भाषण देगा जिससे किसी संप्रदाय के व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचे। जिलाधिकारी ने जनपद में त्यौहारो को मद्देनजर साफ-साफाई, प्रकाश, विद्युत, पानी की व्यवस्था, जर्जर सड़क को मरम्मत कराने का सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने कहा कि हमारा देश विविधताओं से भरा हुआ है, इसकी स्वच्छ एवं साफ सुधरी छवि को बरकरार रखने के साथ ही राष्ट्र के विकास में सहयोग करें। सभी धर्मों के धर्मगुरुओं से त्योहारों को शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए आपस में संवाद करने को कहा। उन्होंने कहा कि अपनी धार्मिक विचारधारा के अनुसार सभी को अपना त्यौहार मनाने की स्वतंत्रता है। बिना अनुमति के कोई भी शोभायात्रा, धार्मिक जुलूस निकालने पर पाबंदी रहेगी साथ ही नियमों का उल्लंघन किए जाने पर संबंधित के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में कार्यवाई की जाएगी। बैठक में पुलिस अधीक्षक रोहन बी बोत्रे ने कहा कि अराजक तत्वों पर पैनी नजर रखी जायेगी एवं माहौल खराब करने वालों के साथ कड़ाई से निपटा जाएगा। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने का किसी को भी अधिकार नहीं हैं। भाईचारा, कौमी एकता, गंगा जमुनी तहजीब के लिए हमारा जनपद जाना जाता है इसको बरकरार रखा जाए, कानून व्यवस्था बिगड़नी नहीं चाहिए यह आपके सहयोग के बगैर संभव नहीं है। इस अवसर पर उपस्थित सभी संभ्रांत व्यक्तियों एवं धार्मिक गुरुओं ने भी अपने अपने विचार व्यक्त किए और जिला प्रशासन का कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग करने का वचन दिया साथ ही कहा कि हमारी तरफ से जिला प्रशासन का पूरा सहयोग किया जाएगा और आपसीं सामंजस्य प्रेम, सौहार्द, आपसी भाई चारा के साथ त्यौहार मनायेगे और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना अपने-अपने क्षेत्र में नहीं होने देंगे। इस अवसर समस्त उपजिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) समस्त क्षेत्राधिकारी , थानाध्यक्षत एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।