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सांसद ने वितरण किया उपकरण, कहा….

सांसद ने वितरण किया उपकरण,कहा….

गाज़ीपुर(बाराचवर)।सेवा पखवाड़ा के आठवें दिन आज शनिवार को दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग द्वारा वाराचवर ब्लाक मुख्यालय पर आयोजित शिविर मे बलिया सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने दिव्यांग जनो मे 52 हस्तचालित ट्राई साइकिल तथा 1अंध छड़ी का वितरण कर उनके जीवन को सुगमता प्रदान किया।उन्होंने कहा कि आज देश और प्रदेश मे ऐसा नेतृत्व है जो दिव्यांग जनो की भी चिंता करता है।उन्होंने कहा कि दिव्यांग जनो कि चिंता करना देवताओं की चिंता करना है।जो जनप्रतिनिधि अगर अपने काम से क्षेत्र की जनता को संतुष्ट कर दे वही सच्चा जनप्रतिनिधि है। आत्मनिर्भर भारत का रास्ता खेत खलिहान, जंगल जमीन से होकर गुजरता है।कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी ने सरकार की योजनाओं से अवगत कराया।
दिव्यांग कल्याण अधिकारी ने सरकार द्वारा जन कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं का विस्तार से वर्णन किया।
कार्यक्रम को पूर्व विधायक कालीचरण राजभर,श्यामराज तिवारी, ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर ब्लाकप्रमुख ब्रजेंद्र सिंह,मनोज गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता,कृष्णानन्द राय, शशिकान्त शर्मा,शिवशंकर गुप्ता, मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश कुशवाहा, देवेन्द्र सिंह,मनोज राय, सविता सिंह,हिमांशु राय,नथुनी सिंह,कृपाशंकर सिंह,अभिषेक सिंह मिंटू ,विजय नरायन शर्मा, टुनटुन सिंह,धर्मेंद्र सिंह,रुपेश सिंह,देवेन्द्र सिंह देवा,प्रसून सिंह,फैजान अंसारी, पप्पू महंथ,पप्पू प्रधान, विजय शंकर गीरी सहित आदि अन्य लोग उपस्थित थे।संचालन दीपक सिंह ने किया।

जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित हुआ सम्मेलन

परिवार नियोजन के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु आयोजित हुआ सास बहू बेटा सम्मेलन

गाजीपुर। परिवार नियोजन जिसको लेकर सरकार काफी गंभीर है।उसको लेकर कई तरह के कार्यक्रम भी चला रही है। जिसमें जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के साथ ही सास बहू बेटा सम्मेलन का आयोजन कर जन समुदाय तक परिवार नियोजन के संदेश देने के उद्देश्य से कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र देवकली के अंतर्गत नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिरगिथा पर चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसके सरोज की अध्यक्षता में सास बहू बेटा सम्मेलन का आयोजन किया गया।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसके सरोज ने बताया कि सास बहू बेटा सम्मेलन के माध्यम से जन समुदाय में भारत सरकार के द्वारा चलाई जा रही परिवार नियोजन के संसाधनों के बारे में विस्तृत रूप से परिवार की महिलाओं के साथ ही पुरुषों को भी इसकी जानकारी दी जा रही है। इस कार्यक्रम को आशा और आशा संगिनी के माध्यम से सभी लोगों तक इसका संदेश पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

डीसीपीएम अनिल वर्मा ने बताया कि परिवार नियोजन की जागरूकता के लिये स्वास्थ्य महकमा गांव-गांव सास बहू सम्मेलन का आयोजन करेगा।उक्त सम्मेलन में पुरुषों की सहभागिता भी होगी। सास-बहू बेटा सम्मेलन में परिवार नियोजन के लिए चलाए जा रहे विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों की जानकारी से बेटे व बहू रूबरू होंगे। उक्त सम्मेलन का उद्देश्य परस्पर संवाद के माध्यम से बेटे व बहू को परिवार नियोजन से जागरूक करना है। उक्त कार्यक्रम में आदर्श दंपत्ति अपने विचारों को व्यक्त कर नव दंपतियों को जागरूक करेंगे।

बीपीएम प्रदीप सिंह ने बताया की सास-बहू बेटा सम्मेलन में परिवार नियोजन कार्यक्रमों का पालन करने वाले आदर्श दंपतियों को सम्मानित किया जाएगा। उक्त कार्यक्रम के लिए गांव में तैनात एएनएम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। गांव में आज भी परिवार नियोजन कार्यक्रम को लेकर नव दंपतियों में जागरूकता का अभाव देखने को मिलता है। उक्त कार्यक्रम के आयोजन का उद्देश्य दो बच्चों के मध्य अंतराल, के साथ-साथ परिवार नियोजनों के लिए चल रही योजनाओं को लेकर जागरूक करना है।

इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी सुभाष सिंह यादव ,सहायक शोध अधिकारी उदय भान सिंह, बीसीपीएम हैदर अली, अनूप द्विवेदी, ओम प्रकाश, प्रवीण सिंह के साथ ही इत्यादि लोगों ने इस कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।

दिव्यांगजनों में बांटा गया उपकरण

आज का दिव्यांग मजबूर नही बहुत मजबूत है- सपना सिंह


गाजीपु। प्रधानमंत्री के जन्मदिन सेवा पखवाड़ा के आज शनिवार को आठवें दिन दिव्यांग सहायक कृत्रिम अंग उपकरण का वितरण जिला दिव्यांग सशक्तिकरण विभाग द्वारा जखनियाँ एवं बाराचवर ब्लाक मुख्यालय पर हुआ। जखनियाँ ब्लाक मुख्यालय पर आयोजित दिव्यांग सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रुप मे सम्बोधित करते हुए सपना सिंह ने कहा कि आज का दिव्यांग मजबूर नही बल्कि बहुत मजबूत है। केन्द्र और प्रदेश सरकार की योजनाओं का लाभ अब सिधे लाभार्थियों के पास पहुंच रहा है ।उन्होंने कहा कि जरूरत है तो बस योजनाओं कि आन लाइन प्रक्रिया को पूर्ण करने की । भानुप्रताप सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शारीरीक रुप से विकलांग जनो को दिव्यांग नाम देकर सामाजिक रुप से सोच को बदलने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पहले कुछ लोगों को पेंशन प्राप्त होती थी लेकिन भाजपा नेतृत्व की सरकार ने यह योजना सभी दिव्यांग जनो के लिए अनुमन्य कर पात्रता कि प्राथमिकता को समाप्त किया है तथा समय समय पर सहायक उपकरणों के माध्यम से जीवन को सुगम करने का प्रयास भी कर रही है। कार्यक्रम मे उपस्थित अतिथियों का धन्यवाद आभार उप जिलाधिकारी ने जताया। कार्यक्रम का संचालन दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी नरेन्द्र विश्वकर्मा ने करते हुए दिव्यांग जनो को सरकार द्वारा अनुमन्य सभी योजनाओं का विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि आज इस अवसर पर जखनियाँ और मनिहारी ब्लाक के लाभार्थियों मे 92 हस्तचालित ट्राईसाइकिल,1 अंध छड़ी और 2 व्हील चेयर का वितरण हुआ। उन्होंने बताया कि 80 % से ज्यादा दिव्यांगता पर मोटराइज्ड ट्राई सायकिल का जल्द ही वितरण किया जाएगा।
मुख्य अतिथियों को खंड विकास अधिकारी ने माल्यार्पण कर, स्मृति चिन्ह देकर स्वागत सम्मान किया। विकलांग जनों को ट्राई साइकिल देकर उनका माल्यार्पण कर किया गया रवाना
इस अवसर पर भाजपा उपाध्यक्ष विपिन सिंह,सरोज मिश्रा,सविता सिंह,अवधेश यति,जिला मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा,रूद्र प्रताप सिंह,प्रमोद वर्मा, मंडल अध्यक्ष उमाशंकर यादव,मनोज यादव, हंसराज राजभर, झुन्ना सिंह,अटल सिंह,पियुष सिंह,शिवपुजन चौहान,रुपेश सिंह,अशोक पांडेय, जगदीश सिंह, अजीत सिंह,अशोक प्रधान तथा दयाशंकर सिंह सहित आदि अन्य लोग उपस्थित रहे।

धनुष यज्ञ, सीतास्वयम्बर, परशुराम लक्ष्मण संवाद, श्री राम विवाह का मंचन किया गया

धनुष यज्ञ, सीतास्वयम्बर, परशुराम लक्ष्मण संवाद, श्री राम विवाह-

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला के तीसरे दिन 23 सितम्बर शुक्रवार के शाम 8 बजे वदें वाणी विनायकों श्री आदर्श रामलीला मण्डल के द्वारा धनुष यज्ञ, सीतास्वयम्बर पशुराम लक्ष्मण संवाद, श्री राम विवाह, प्रसंग का मंचन किया गया। लीला के दौरान दिखाया गया कि राजा जनक के दरबार में शिव जी का पुराना धनुष रखा था। जिसे किसी कार्यवश जनक जी की पुत्री सीता जी ने धनुष को उठाकर दुसरे स्थान पर रख दिया। जब राजा जनक को सीता द्वारा धनुष उठाकर दुसरे जगह रखा जाना सुनकर जनक जी को अचम्भा हुआ। तभी उन्होनें अपने राज्य में सीतास्वम्बर का आयोजन रचाया और सभी राज्य के राजाओं को स्वयम्बर में आने के लिए दूतांे द्वारा निमंत्रण भेजा गया। इसके साथ ही महर्षि विश्वामित्र को भी निमंत्रण भेज कर आने का आग्रह किया गया। सभी राजागण स्वयम्बर में आकर यथा स्थान ग्रहण कर लिया। राजा जनक ने दूतों द्वारा शिव जी के पुराने धनुष को आदर सम्मान के साथ एक पवित्र स्थान पर रख दिया गया। इस स्वयम्बर में अपने शिष्यों श्री राम लक्ष्मण के साथ महर्षि विश्वामित्र भी जनकपुर पहंुचे। जब राजा जनक को दूतों द्वारा महर्षि विश्वामित्र के आने का सूचना मिलता तो महर्षि को अतिथि स्थान पर ठहरा दिया गया। एक रात विश्राम करने के बाद सुबह महर्षि विश्वामित्र अपने नित्य कर्म से निवृत होकर पूजा पे बैठते हैं तो श्री राम लक्ष्मण उनके पूजा के लिए जनकपुर के समीप फूलवारी में जाकर फूल चुन रहे थे कि इसी बीच सीता जी अपने सखियों के साथ गौरी पूजन हेतु माँ गौरी के मन्दिर में पूजा के लिए गयी थी। सीता जी भी फूलवारी में फूल लेने गयी थी कि अचानक सीता जी की दृष्टि श्री राम पड़ी और राम की भी दृृष्टि सीता पर पड़ी। इसके बाद वह मन्दिर में आ करके माता गौरी से श्री राम को वर के रूप में

प्रार्थना करती हैं। माँ गौरी प्रसन्न होकर अपने हाथ की पुष्यमाला सीता जी के गले में आर्शिवाद के रूप में डाल देती हैं। इसके बाद सीता जी सखियों के साथ अपने घर वापस आ जाती हैं।
उधर पूजन अर्चन के बाद महर्षि विश्वामित्र भी अपने शिष्यों के साथ धनुष यज्ञ तथा सीतास्वयम्बर में उपस्थित होते हैं। विश्वामित्र को आते देखकर राजा जनक अपने सिंहासन से उठकर उनका अभिवादन करते हुए उन्हें ऊचा स्थान देकर बैठने का प्रार्थना करते हैं। इसके बाद राजा जनक के मंत्री चाणुर राजा जनक के आदेशानुसार एलान करते हैं। कि जो शिव जी के पुराने धनुष को खण्डित करेगा उसी के गले में राजकुमारी वर माला डालेगी। सभी राजाओं के साथ रावण भी धनुष तोड़ने की कोशिक किया मगर धनुष को हिला न सके।

महराजा रावण लज्जित होकर लंका के लिए प्रस्थान कर जाते हैं और सभी राजागण अपना सर झुकायें अपने सिंहासन पर बैठ जाते हैं। राजा जनक चिन्तित होकर कहते हैं तजहूं आश निज गृह-गृह जाहूं लिखा न विधि वैदेहि विवाहूं। इतना सुनने के बाद लक्ष्मण जी क्रोधित हो जाते है उनके क्रोध को देखकर महर्षि विश्वामित्र अपने साहन पर बैठने का आदेश करते हैं। गुरू के आदेश पाते ही लक्ष्मण जी अपने स्थान पर बैठ जाते हैं। राजा जनक को चिन्तित देख करके अपने शिष्य श्री राम कि आरे देखते हुए धनुष तोड़ने का आदेश देते हैं। गुरू के आज्ञा पाकर श्री राम ने भगवान शंकर को तथा अपने गुरूदेव को मन ही मन प्रणाम करके धनुष के पास आकर शिव धनुष को भी अपना सिर झुकाते हुए श्री राम ने शिव जी के धनुष को उठाकर तोड़ दिया। धनुष तुड़ने के बाद पशुरामा कुन्ड स्थित महर्षि पशुराम को भी सुनाई दिया। वे क्रोधित होकर जनकपुर में आते हैं और उन्हें देखकर सभी उपस्थित राजागण डरते हुए उन्हें प्रणाम करते हैं। सभी राजाओं को उन्होंने धक्का दे दिया। समय पाकर राजा जनक ने अपने पुत्री को बुलाकर महर्षि को प्रणाम करवाया। इसके बाद महर्षि विश्वामित्र अपने शिष्यों श्री राम व लक्ष्मण के साथ सिंहासन छोेड़ करके पशुराम जी के पास आकर के श्रीमान व लक्ष्मण को पशुराम के चरणों प्रणाम करवाया। इतने में पशुराम की दृष्टि खण्डित शिव जी के पुराने धनुष पर पड़ी उन्होनें राजा जनक

से कहा कि हमारे आराध्य शिव जी के धनुष को किसने तोड़ा उनके क्रोध को देखते हुए श्री राम ने विनम्र भाव से कहा कि हे भगवनः शिव जी के धनुष को तोड़ने का साहस आप के दास के अलावा और कौन हो सकता हैं। काफी क्रोध को देखते हुए लक्ष्मण भी आवेश में आकर पशुराम जी को जबाव देते गये बात बढता देखते हुए श्री राम ने लक्ष्मण को हटने का इशारा करते हुए कहा हे भगवनः ये बालक नादान है इसे आप क्षमा नही करेगें तो क्षमा करेगा कौन ?
इतना सुनकर महर्षि पशुराम थोड़ी देर के लिए ध्यानमग्न हो गये उन्होंने साक्षात श्री हरि विष्णु का दर्शन श्री राम के अन्दर पाया। अन्त में पशुराम जी ने कहा कि राम रमापति करधनू लेहूं खैचूहं मिटे मोर सन्देहूं श्री राम मुनि की बात को सुनकर पशुराम से धनुष लेकर बाण को दक्षिण दिशा की ओर छोड़ देते हैं और पशुराम जी श्री राम को प्रणाम करके पशुरामा कुण्ड के लिए तपस्या हेतु चल देते हैं।
उधर राजा जनक ने अपने दूतों के द्वारा निमन्त्रण राजा दशरथ के पास भेजकर बारात लाने का निवेदन करते हैं। उनके निवेदन को स्वीकार करते हुए राजा दशरथ बारात देकर जनकपुर पहंुचते हैं और बढ़े धूमधाम के साथ सीता व राम का विवाह सम्पन्न होता हैं। इस लीला को देखकर दर्शकों द्वारा जय श्री राम उदघोष से लीला स्थान राम मय बना दिया।
इस मौके पर कमेंटी के मन्त्री ओमप्रकाश तिवारी , उपमन्त्री लौकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक बीरेश राम वर्मा उपप्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, आय व्यय निरीक्षक अनुज अग्रवाल, योगेश कुमार वर्मा, पं0 कृष्ण विहारी त्रिवेदी पत्रकार, राम सिंह यादव, बाके तिवारी, राज कुमार शर्मा, सरदार चरनजीत सिंह आदि रहें।

छात्र ने टीचर को मारी गोली

लखनऊ। सीतापुर के जहांगीराबाद में एक इंटर कॉलेज के छात्र ने शनिवार को अपने शिक्षक पर ताबड़तोड़ गोली मार दिया। शिक्षक को तीन गोलियां लगीं हैं। उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। सीतापुर के डॉक्‍टरों ने उन्‍हें लखनऊ ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया है।
यह घटना, सीतापुर के बिसवां तहसील के सदरपुर थाना क्षेत्र में हुई।सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। छात्र द्वारा फायरिंग किए जाने के बाद आदर्श रामस्वरुप इंटर काॅलेज में अफरातफरी मच गई। कॉलेज में बड़ी संख्‍या में पुलिस बल तैनात है।प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना सदरपुर इलाके के ग्राम दानपुरवा मजरा जहांगीराबाद निवासी शिक्षक रामसिंह वर्मा जहांगीरबाद स्थित आदर्श रामस्वरूप इंटर कॉलेज में शिक्षक के पद पर तैनात हैं। बीते दिन दो छात्रों के बीच हुए विवाद में उन्‍होंने आरोपी छात्र को डांट दिया था।इससे गुस्साए छात्र ने शनिवार की सुबह स्कूल पहुचंकर उनपर गोलियां बरसा दीं। घटना को अंजाम देकर छात्र काॅलेज से फरार हो गया। कॉलेज के अन्य शिक्षकों ने आनन-फानन में राम सिंह वर्मा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।सामुदायिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र पर प्राथमिक इलाज के बाद शिक्षक की हालत गंभीर देखते डॉक्टरों ने उन्‍हें जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि जिला अस्‍पताल से उन्‍हें ट्रामा सेंटर लखनऊ ले जाया गया है।

जिपं अध्यक्ष सपना सिंह ने फीता काटकर किया उद्धाटन

जिपं अध्यक्ष सपना सिंह ने फीता काटकर किया उद्धाटन

गाजीपुर।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जन्मदिन सेवा सप्ताह के सातवें दिन लंका मैदान मे आयोजित कार्यक्रम “वोकल फॉर लोकल” मे एक जनपद एक उत्पाद अंतर्गत आज जुट वाल हैंगिग, सेनेटरी नैपकिन उद्योग, सजावटी झूमर, तकिया उद्योग, एलिगेंट अप्लायंसेज निर्मित उत्पाद, सॉफ्ट टॉयज एवं टेडी बेयर होम केयर प्रोडक्ट, कपूर ग्रास दोना पत्तल उत्पाद, खादी ग्राम उद्योग उत्पाद, बालाजी बोर्ड उत्पाद,आदि उत्पादों की प्रदर्शनी शुक्रवार को लंका मैदान में लगाई गई ।इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने फीता काटकर इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
सपना सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व मे देश स्वदेशी उत्पादों के माध्यम से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है।आज भारत सम्पूर्ण रूप से देश मे निर्मित संसाधनों के बल पर विश्व की चुनौती स्वीकार करने मे सक्षम है।
जिलाध्यक्ष भानू प्रताप सिंह ने कहा कि भारत आज जिस गति से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है,अगर पुर्व की सरकारें इस दिशा मे काम की होती तो स्थिति आज कुछ और होती। देशी उत्पादों को जब प्रोत्साहन कि जरूरत थी स्वावलंबन के लिए तब देश को सहयोग चाहिए था तब हम विदेशी सामानो पर निर्भर थे।आज भारत विश्व मे महाशक्ति के रूप मे उभर रहा है।
कार्य क्रम में मुख्य रूप से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंत्री डा संगीता बलवंत ,पूर्व विधायक कालीचरण राजभर,प्रभुनाथ चौहान, काशी क्षेत्र की क्षेत्रीय उपाध्यक्ष सरोज कुशवाहा, जिला महामंत्री ओमप्रकाश राय, प्रवीण सिंह, दया शंकर पांडेय, अवधेश राजभर, सुनील सिंह, पंकज सिंह चंचल, साधना राय, अब्दुल कादिर राईनी, श्याम राज तिवारी, सुरेश बिंद,अच्छे लाल गुप्ता, रासबिहारी राय, संतोष जायसवाल, संजीव गुप्ता, किरण सिंह, सुनील गुप्ता, अभिनव सिंह, आलोक शर्मा एवं अन्य पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पुलिस ने शिवचरन की हत्या का किया खुलासा,लग्जरी कार बरामद

पुलिस ने शिवचरन की हत्या का किया खुलासा,जाने पूरा मामला

गाज़ीपुर। शादियाबाद थाना क्षेत्र के यूसुफपुर खड़वा गांव में धान के खेत में चार दिन पूर्व हुई अधेड़ की हत्या का एसपी रोहन पी बोत्रे ने खुलासा कर दिया। नौकरी लगाने के नाम पर लिए गए पैसे को वापस नहीं करने पर नर्सिंग होग संचालक ने भतीजे के साथ मिलकर मारपीटकर शिवचरन राम की हत्या की थी और शव फेंककर फरार हो गए थे। पुलिस हत्या में प्रयुक्त लाठी-डंडा और कार भी बरामद किया है।
एसपी ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्जकर पुलिस टीम ने नर्सिंग होम संचालक सौरी गांव निवासी रमेश कुमार बिंद को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद छानबीन में आरोपी के भतीजे रविंद्र बिंद का नाम प्रकाश में आया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी रविंद्र बिंद को सिरगिथा बाजार से धर-दबोचा। पूछताछ में पता चला कि आरोपी रमेश कुमार बिंद अपने भतीजा रविंद्र कुमार बिंद को नौकरी दिलाने के नाम पर मृतक चौरा गांव निवासी शिवचरन राम को करीब दस माह पूर्व डेढ़ लाख रुपया नगद दिया था। नौकरी न दिलाने पर आरोपी रमेश कुमार बिंद ने शिवचरन राम से अपना रुपया मांगने लगा।
इसी क्रम में एक माह पूर्व ही रुपये की मांग की गई थी, लेकिन मृतक शिवचरन राम ने रुपया न देकर कुछ समय की मांग की थी। बीते 19 सितंबर को आरोपी चाचा भतीजे ने मृतक शिवचरन राम के बारे में पता लगाया। इसके बाद आरोपी रविंद्र कुमार बिन्द मृतक के घर ग्राम चौरा पहुंचा और चाचा रमेश कुमार बिंद को फोन से सूचना दिया की वह गांव में मौजूद है। जिस पर आरोपी रमेश कुमार बिंद, भतीजा रविंद्र बिंद और चालक भानू बिंद निवासी सकरा के साथ शाम में कार से चौरा गांव पहुंचकर मृतक शिवचरन बिंद को बैठा लिए और गांव से थोडी दूर सैय्यद कबीर बाबा के मजार के पास ले जाकर मारपीटकर हत्या कर दिए और शव को बेसो नदी के पुल के आगे यूसुफपुर के पास सड़क के किनारे फेंककर फरार हो गए। सर्विलांस टीम के मदद से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी रमेश कुमार बिंद की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार, डंडा, मृतक की बाएं पैर की एक चप्पल, मृतक का निर्वाचन प्रमाण पत्र बरामद किया गया।

प्रधान संघ ने नवागत डीएम का किया स्वागत,कहा….

गाजीपुर। प्रधान संघ गाजीपुर के जिलाअध्यक्ष मदन सिंह यादव के नेतृत्व में ग्राम प्रधानों ने शुक्रवार को नवागत जिलाधिकारी आर्यका अखौरी से मुलाकात किया। इस दौरान डीएम को बुके देकर उनका स्वागत-अभिनंदन किया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष द्वारा वार्ता के दौरान डीएम ने कहा कि ग्राम प्रधान सही ढंग से कार्य करें, अधिकारी प्रधानों का सहयोग करेंगे। यदि किसी भी ग्राम पंचायत में घोटाले की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच कराकर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।जिलाध्यक्ष ने कहा कि प्रधानों के खिलाफ हमेशा गलत तरीके से कार्रवाई करते हुए उनका उत्पीड़न किया जाता रहा है। अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा प्रधानों से कमीशन की मांग की जाती है, ऐसे में निर्माण कराने में कठिनाई हो रही है।

उन्होंने बतया कि सदर ब्लाक के कैथवलिया ग्राम पंचायत में योगी सरकार की ड्रीम प्रोजेक्ट योजनाओं में सुमार समुदायिक शौचालय का निर्माण प्रधान इश्तियाक हुसैन द्वारा कराया गया था। लेकिन सरकार के अंधभक्त पंचायत विभाग के अधिकारियों द्वारा सामुदायिक शौचालय को गिरवा दिया गया, जबकि प्रधान ने लाखों रुपए की लागत से निर्माण कराया था। डीएम ने आश्वासन दिया कि जांच कराकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने बताया कि दूसरा मामला ग्राम पंचायत भदौरा में पंचायत भवन का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन लापरवाह लेखपाल की मनमानी की वजह से पंचायत भवन का निर्माण रोक दिया गया है। प्रधान संघ ने मांग उठाया कि जिस जमीन पर पंचायत भवन, समुदायिक शौचालय बना है, उस पर नाम दर्ज किया जाए, जिस पर डीएम ने सहमति जताई। प्रधान संघ ने जिलाधिकारी को भरोसा दिलाया कि जनपद में बेहतर काम करने के लिए सभी प्रधान सहयोग करेंगे। इस अवसर पर प्रधान प्रदीप यादव, मैनेजर यादव, अवधेश, संजय यादव, राजेश यादव, मोहन यादव, जवाहिर बिंद, रमेश यादव, ब्लाक अध्यक्ष सैदपुर रजई यादव, ब्लाक अध्यक्ष जमानिया रामानंद यादव, सोनू कुशवाहा, छांगुर, ब्लाक अध्यक्ष मुहम्मदाबाद बृजलाल यादव, रामविलास अमलदारी, विनोद यादव, श्यामबिहारी, राकेश यादव, सुभाष यादव सहित अन्य प्रधान मौजूद रहे। प्रधान संघ गाजीपुर के जिलाध्यक्ष मदन सिंह यादव ने जनपद के समस्त प्रधानों से अपील किया है जिस भी ग्राम प्रधान की कोई समस्या हो, अपने पैड पर लिखित संगठन को अवगत कराए, उसका समाधान कराया जाएगा।

सपना सिंह ने किया लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड का वितरण

विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना है आयुष्मान भारत-सपना सिंह


गाजीपुर।”आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना” के आज शुक्रवार को चौथे वर्षगांठ अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभाकक्ष मे सीएमओ डा हरगोविंद सिंह की अध्यक्षता मे लाभार्थियों को आयुष्मान भारत कार्ड का वितरण जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह एवं भाजपा जिलाध्यक्ष के हाथों किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सपना सिंह ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा शुरू की गयी। जिससे आज समाज का गरीब से गरीब परिवार बड़े से बड़े चिकित्सालय मे चिकित्सा का लाभ प्राप्त कर रहा है। भानुप्रताप सिंह ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान के सबसे गरीब और आर्थिक क्षरुप से कमजोर व्यक्ति के उत्थान कल्याण हेतु इस कल्याणकारी योजना को दिया है ताकी इनका इलाज भी अच्छे चिकित्सालयों मे हो सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा हरगोविंद सिंह ने अतिथियों तथा लाभार्थियों सहित उपस्थित लोगों का आभार धन्यवाद ज्ञापित किया तथा अतिथियों को पुष्प गुच्छ और माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस अवसर पर आदित्य गुप्ता, अनिता गुप्ता,धरमानी देवी, कुलदीप वर्मा संध्या वर्मा, संजय कुमार, विकास गुप्ता आदि लाभार्थियों को कार्ड वितरण किया।आयुष्मान कार्ड पाकर लाभार्थियों के चेहरों पर मुस्कान और विश्वास का भाव प्रकट हुआ। कार्यक्रम का संचालन डा एस डी वर्मा ने किया। इस अवसर पर भाजपा कोषाध्यक्ष अच्छे लाल गुप्ता, मनोज सिंह,जिला मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा,वेंकटेश सिंह, जगदीश सिंह, लालबहादुर पांडेय, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा मनोज सिंह,डा नीरज,डा एन के चौधरी,डा एस डी वर्मा, डा एन के चौधरी सहित आदि अन्य लोग उपस्थित थे।

मुनि आगमन अहिल्या उद्वार और ताड़का वध का किया गया लीला मंचन

गाजीपुर। अतिप्राचीन रामलीला कमेटी के तत्वावधान में लीला के दूसरे दिन वन्देवाणी विनायको आदर्श रामलीला मण्डल द्वारा पूरी भव्यता के साथ हरिशंकरी श्रीराम चबुतरा पर 22 सितम्बर गुरूवार को शाम 8 बजे लीला के दौरान मुनि आगमन अहिल्या उद्वार तथा ताड़का वध लीला का मंचन किया गया।
बताया गया कि गुरू वशिष्ठ के आश्रम से शिक्षा ग्रहण करने के बाद श्रीराम अपने भाईयों के साथ वापस अयोध्या आते हैं। दूसरे दिन महाराज दशरथ कुल गुरू वशिष्ठ के सानिध्य में श्रीराम को अयोध्या का राजपाट देने की सलाह मंत्री सुमंत्र तथा पुरवासियों से विचार विमर्श कर रहे थे कि इसी बीच ब्रह्मर्षि विश्वामित्र राजदरबार के गेट पर आ जाते हैं, उनके आने की सूचना द्वारपालों द्वारा महाराज दशरथ को दिया गया। सूचना पाकर विश्वामित्र के स्वागतार्थ महाराज दशरथ तथा महर्षि वशिष्ठ राजदरबार के गेट पर आकर ब्रह्मर्षि विश्वामित्र को आदरपूर्वक राजदरबार में ले गये तथा उनका महाराज दशरथ पाद प्रक्षालन किया। उसके बाद उन्होंने कहा कि के हि कारन आगमन तुम्हारा इतना सुनने के बाद विश्वामित्र ने कहा कि हे राजन असुर समूह सतावहिं मोहि मैं आयहु नृप जाचन तोहि। कहा कि हे राजन हमारे आश्रम पर यज्ञ हवन में असुरों द्वारा बाधा पहुँचाया जा रहा है। हवनकुण्ड में हड्डी, मांस का लोथा असुरों द्वारा फेका जा रहा है, जिससे कि यज्ञ हवन का कार्य पूरा न हो सके। अतः मुझे यज्ञ की रक्षा के लिए अपने दोनों बालक हो सके। अतः मुझे यज्ञ की रक्षा के लिए अपने दोनों बालक राम, लक्ष्मण को मेरे साथ भेजने का कष्ट करंे।

महाराज दशरथ ने अपने कुल गुरूमहर्षि वशिष्ठ के आदेशानुसार अपने दोनों पुत्रों को विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा के लिए भेज देते हैं। रास्ते में राम, लक्ष्मण द्वारा शिला को देखा गया। उन्होंने शिला के बारे मंे जानकारी प्राप्त किया। विश्वामित्र ने कहा कि हे राम यह शिला गौतम ऋषि अपनी पत्नी को श्राप देकर पत्थर बना दिया हैं। अतः वर्षो से यह शिला आपके चरण रज को चाहती हैं। विश्वामित्र के इतना कहते ही राम ने पत्थर को अपने चरण से स्पर्श कर लिया। इस तरह वह पत्थर अहिल्या का रूप धारण कर लिया। लीला में दर्शाया गया कि गुरूविश्वामित्र के साथ राम, लक्ष्मण आगे चलते हैं तो घोर जंगल में उन्हे विशाल पद चिन्ह दिखा। श्रीराम ने विश्वामित्र से पूंछा कि हे मुनि यह पद चिन्ह किसका है। विश्वामित्र ने राम के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि हे राम यह पद चिन्ह राक्षसी ताड़का का है। वह इसी ताड़का वन में कही विश्राम करती होगी। इतना सुनते ही श्रीराम ने अपने धनुष के टंकार किया। टंकार की ध्वनि सुनते ही राक्षसी ताड़का उठकर विश्वामित्र पर ज्योंहि झपटी तो तत्काल श्रीराम, लक्ष्मण ने अपनी बाणों से राक्षसी ताड़का का वध कर डाला। इस प्रकार लीला के माध्यम से ताड़का वध प्रसंग का मंचन किया गया। इसके बाद महर्षि विश्वामत्रि के साथ राम, लक्ष्मण उनके आश्रम में पहुँचकर यज्ञ की रक्षा करते हुए अपने धनुष बाण से सुबाहू मारिज का भी वध कर दिया। इस लीला को देखकर श्रद्धालु दर्शक जय श्रीराम घोष से लीला स्थल को गुंजायमान कर दिया। इस अवसर पर अतिप्राचीन रामलीला कमेटी के अध्यक्ष प्रकाशचन्द श्रीवास्तव “एडवोकेट”, उपाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, संयुक्त मंत्री लक्ष्मीनरायन, उप मंत्री पं0 लवकुमार त्रिवेदी, प्रबंधक बीरेश राम वर्मा (ब्रह्मचारी जी), उप प्रबंधक मयंक कुमार तिवारी उर्फ सिक्की, सरदार चरनजीत सिंह, योगेश कुमार वर्मा “एडवोकेट“, वरूण कुमार अग्रवाल, पं0 कृष्णबिहारी त्रिवेदी (पत्रकार), रामसिंह यादव, राजकुमार शर्मा आदि उपस्थित रहे।