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सीएमओ ने की अपील:घर व आसपास रखें साफ-सफाई,न होने दें जलजमाव

सीएमओ ने की अपील घर व आसपास रखें साफ-सफाई, न होने दें जलजमाव की स्थिति

गाजीपुर।जनपद में मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया आदि से बचाव के लिए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सक्रिय है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील पांडेय  के निर्देशन में अप्रैल माह से ही चलाए गए संचारी रोगों के नियंत्रण हेतु ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। अब जिले में मच्छरों के लार्वा को खोजने के लिए डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) यानि घरेलू प्रजनन जांचकर्ता घर-घर भ्रमण कर रहे हैं। एक सप्ताह से अधिक जमा पानी को खाली करवा रहे हैं।
सीएमओ ने बताया कि निदेशक संचारी रोग उत्तर प्रदेश के निर्देशानुसार नगरीय क्षेत्र में वेक्टर जनित रोगो की रोकथाम और घर-घर लार्वा जांच के लिए 11 घरेलू प्रजनन जांचकर्ताओं को प्रशिक्षित कर जुलाई माह में तैनात किया गया है। यह सभी घरेलू प्रजनन जांचकर्ता घर या बाहर जमा पानी के स्रोतों पर मच्छरों के लार्वा की जांच कर रहे हैं। लार्वा प्रजनन स्रोत पाए जाने पर उनका विनष्टीकरण का कार्य भी कर रहे हैं। कूलर, टायर, टंकी आदि जगहों पर एक सप्ताह से अधिक जमा पानी को खाली करा रहे हैं और साफ-सफाई के बारे में जानकारी दे रहे हैं। साथ ही प्रचार-प्रसार सामग्री की सहायता से समुदाय को संचारी रोगों से बचाव के लिए ‘क्या करें-क्या न करें’ और ‘हर रविवार मच्छर पर वार’ के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि समस्त जांचकर्ता नगर के सभी वार्डों खासकर मलिन बस्तियों और उच्च जोखिम वाले इलाकों में भ्रमण कर मच्छरों के लार्वा की जांच कर रहे हैं। एक दिन में कम से कम 50 घरों का भ्रमण कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने नगर पालिका क्षेत्र में करीब 523 घरों का भ्रमण कर गहन निरीक्षण किया था। कुछ घरों में लार्वा के स्रोतों को खाली कराकर साफ कराया। लोगों को जागरूक किया कि कूलर, टंकी, टायर, फ्रिज की ट्रे आदि जगहों पर एक सप्ताह से अधिक पानी न जमा होने दें। साफ-सफाई का ध्यान रखें। इस कार्य में समुदाय का सहयोग मिल रहा है।      
सीएमओ डॉ सुनील पांडेय ने जनपदवासियों से अपील की है कि संचारी रोगों से बचाव के लिए आगामी त्योहारों के अवसर पर अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियां न उगने दें, जल जमाव की स्थिति पैदा नही होने दें, रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल या लार्वा रोधी रसायन डालें, कूलर का पानी निकालकर सुखा दे, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, कोई भी बुखार का लक्षण दिखे तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच एवं इलाज़ कराएं। बाहर के दूषित भोजन पानी का प्रयोग न करें। उन्होंने ‘हर रविवार मच्छर पर वार, खत्म करेंगे डेंगू, मलेरिया बुखार’ का संदेश दिया। उन्होने आगे बताया कि इस वर्ष डेंगू के केस विगत वर्षों की तुलना में  कम सूचित हुए हैं। जिले में इस वर्ष अभी तक 19 केस सत्यापित हुए हैं जबकि वर्ष 2023 में इस तारीख तक 89 और 2024 में 16 मरीज सत्यापित हुए थे।गाजीपुर नगर पालिका में जहाँ विगत वर्षों मे काफी केस सूचित होते थे इस वर्ष अभी तक कोई भी मरीज सूचित नही हुआ है। जिले के सूचित मरीजों में से भी अधिकांश मरीज गैर जनपदों और प्रान्तों से ग्रसित होकर आए है।  ये सभी मरीजों उपचार के बाद स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान में मात्र दो सम्भावित मरीज ही मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डेंगू वार्ड में भर्ती है। जनपद के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों,प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा मेडिकल कॉलेज  अस्पताल में जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है। सीएमओ ने जनपद वासियों से अपील की है कि बुखार आने पर तत्काल अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच तथा उपचार कराए स्वयं अपना उपचार बिल्कुल न करे।

गाजीपुर में 8 यूनिट मेडिकल कैंप का आयोजन,डॉक्टरों ने 933 मरीजों को देखा, किया दवा वितरित

गाजीपुर।नेशनल मेडिकोज ऑर्गेनाइजेशन काशी प्रांत की दसवीं भारत भूषण मदन मोहन मालवीय स्वास्थ्य सेवा यात्रा के तहत रविवार को काशी प्रांत के सभी 12 जिलों में एक साथ मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। जिसको लेकर गाजीपुर जनपद में कुल 8 यूनिट मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया जिसमें कुल 933 मरीजों को डॉक्टरों की टीमों के द्वारा देखा गया।

यूनिट 1 जो डॉ. स्वतंत्र देव सिंह की देखरेख में हँसराजपुर में आयोजित किया गया था।उनके साथ डॉ प्रशांत कुमार, डॉ सत्यम राय ,डॉ स्वप्निल वर्मा के साथ ही प्रमिला यादव और लालजी सिंह मौजूद रहे।इस कैंप में कई तरह के मरीज पहुंचे।अपने-अपने समस्या के अनुसार डॉक्टरों से परामर्श लिया और इस दौरान मरीजों को परामर्श के साथ ही दवा भी वितरित किया गया।
उन्होंने बताया कि जनपद में लगाए गए कुल 8 यूनिट में 933 मरीज देखे गए और सबसे अधिक हंसराजपुर में लगाई गई यूनिट वन जिसमें 228 मरीजों को चिकित्सा सुविधा प्रदान की गई।

एनीमिया को लेकर छात्राओं को किया गया जागरूक, दी गई जानकारी

गाजीपुर। राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग में गुरुवार को गृह विज्ञान विभाग प्रभारी नेहा कुमारी द्वारा राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अंतर्गत “साइलेंट किलर एनीमिया : कारण लक्षण और बचाव ” विषय पर विशेष व्याख्यान और जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को एनीमिया के कारण, लक्षण, बचाव एवं उपचार संबंधी जानकारी प्रदान करना था। नेहा कुमारी ने एनीमिया को “साइलेंट किलर” बताते हुए बताया कि यह रोग मुख्यतः आयरन की कमी से होता है और बच्चों, किशोरियों तथा गर्भवती महिलाओं में अधिक पाया जाता है।


उन्होंने एनीमिया से बचाव हेतु संतुलित आहार, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, अंकुरित अनाज, गुड़, दालें एवं आयरन-युक्त खाद्य पदार्थों के सेवन पर विशेष बल दिया। साथ ही आयरन-फोलिक एसिड की गोलियाँ नियमित रूप से लेने और समय-समय पर हीमोग्लोबिन की जाँच करवाने की भी सलाह दी।

बी ए द्वितीय वर्ष की छात्राओं द्वारा “आयरन से भरपूर भोजन एनीमिया से दूर ” विषय पर नुक्कड़ नाटक करके महाविद्यालय की छात्राओं को जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में उपस्थित स्नातक और स्नातकोत्तर की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और व्याख्यान से महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। अंत में सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

28 कन्याओं का मनाया गया जन्मोत्सव

28 कन्याओं का महिला कल्याण विभाग की तरफ से मनाया गया जन्मोत्सव

गाजीपुर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत कन्या जन्मोत्सव का आयोजन बुधवार को महिला चिकित्सालय में सीएमएस केएन चौधरी की अध्यक्षता में किया गया। जहां पर उपस्थित लोगों को विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गिरते हुए लिंगानुपात में सुधार करना बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहन देना तथा बालिकाओं के जन्म के प्रति आमजन में सकारात्मक सोच विकसित करना और पीसी पीएनडीटी एक्ट के तहत भ्रूण लिंग परीक्षण पर रोक, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ संदेश का प्रसार तथा महिलाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान करना रहा। इस अवसर पर 28 नवजात कन्याओं को महिला कल्याण विभाग की तरफ से केक काटकर जन्मोत्सव मनाया गया एवं गिफ्ट भी दिया गया।

महिला चिकित्सालय के अधीक्षक के.एन चौधरी ने PCPNDT Act के प्रावधानों की जानकारी दी। बताया कि गर्भधारण से पूर्व एवं गर्भावस्था के दौरान भ्रूण का लिंग बताना और इस आधार पर गर्भपात कराना पूर्णत: प्रतिबंधित है। इस दौरान कन्या जन्मोत्सव के अवसर पर वहां पर उपस्थित 28 सभी लाभार्थी को तौलिया हिमालया बेबी किट ,मिष्ठान केक देकर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर विद्या श्रीवास्तव ने समाज में बेटियों के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन नेहा राय द्वारा किया गया। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना जननी सुरक्षा योजना, पोषण अभियान, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 महिला हेल्पलाइन 181 बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्या श्रीवास्तव वरिष्ठ सहायक, मयंक यादव असिस्टेंट अकाउंटेंट, अजीत कुमार ,एमटीएस ममता सिंह एवं महिला चिकित्सालय के समस्त स्टाफ उपस्थित रहे। अंत में यह संदेश दिया गया कि – “बेटी है तो भविष्य है, उसका सम्मान और सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है।”

डीएम ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक,रोका वेतन

गाजीपुर। जिलाधिकारी अविनाश कुमार की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान सी एच सी गोड़उर के बी0पी0एम0 तथा सी एच सी भदौरा, एवं गोड़उर के बी0ए0एम0 के कार्य में लापरवाही पाए जाने पर वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया।
उन्होने समस्त एम ओ वाई सी को निर्देश दिया कि अपने- अपने क्षेत्रो के मरीजो की जानकारी अवश्य रखे। समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने  समस्त एम0ओ0वाई0सी0 को निर्देशित किया कि किसी भी प्रकार का भुगतान पेण्डिंग न रहें तत्काल भुगतान करें। उन्होने कहा कि टी0बी0 मरीजो को सरकारी दवा ही दी जाए एवं जॉच कराने के लिए जागरूक करें किसी भी मरीज को बाहर की दवा न दी जाए। जिलाधिकारी ने संबंधित को निर्देशित किया कि आशा का भुगतान समय से किया जाए,समस्त एम0ओ0वाई0सी0 तहसीलों पर बी0एच0एन0डी0 की बैठक करते रहें। जिलाधिकारी ने कहा कि हेल्थ वेलनेस सेन्टर पर आवश्यक दवाओ की उपलब्धता रहे, ओ0पी0डी0 का संचालन तथा नियमित रूप से सी0एच0ओ0 एवं एन0एम0 की उपस्थिति का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने संबंधित चिकित्सा अधीक्षको को हेल्थ वेनलेस सेन्टर की क्रियाशीलता बराबर चेक करते रहने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान उन्होने जननी सुरक्षा योजनार्न्तगत गर्भवती महिलाओं के संस्थागत प्रसव के संबंध मे जानकारी लेते हुए इस कार्यक्रम के अन्तर्गत महिलाओ को निःशुल्क भोजन तथा दवा एवं ड्राप बैक की सुविधा के साथ-साथ 48 घण्टे रोके जाने के निर्देश दिए।  
बैठक मे जिलाधिकारी ने ओ पी डी एवं आई पी डी की समीक्षा, एफ आर यू0, आर बी एस के कार्यक्रम, दृष्टिहीनता निवारण, एम्बुलेंस सेवाए, वेक्टर जनित रोग नियंत्रण, ई-कवच, आभा आई डी प्रगति, जननी सुरक्षा योजना, जे0एस0वाई के भुगतान, मातृत्व मृत्यु दर की समीक्षा, परिवार कल्याण कार्यक्रम, टीकाकरण, क्षय रोग नियंत्रण, कुष्ठ उन्मूलन, प्रधानमंत्री आयुष्मान कार्ड, जन्म-मृत्यु पंजीयन, अन्य बिन्दुओ पर विस्तारपूर्वक समीक्षा की।  उन्होने कहा कि जो भी शासन की योजनाए संचालित है उसका शत-प्रतिशत क्रियान्वयन हो, कोई भी पात्र योजना से वंचित न रहे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, मुख्य चिकित्साधिकारी सुनिल पाण्डेय, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एन एच एम), समस्त एम ओ वाई सी एंव अन्य सम्बन्धित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

अब तक 50 लोगों को रक्तदान कर शीर्ष दीप ने दी है जिंदगी

शीर्ष दीप ने किया रक्तदान का अर्धशतक

गाजीपुर। जीवन रक्षक फाउंडेशन के द्वारा 15 अगस्त 2025 को 79वें स्वतंत्रता दिवस पर सिंह लाइफ केयर ब्लड बैंक, ज़मानिया मोड़ में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया! जिसमें संस्था के संस्थापक शीर्ष दीप शर्मा ने अपना 50वां डोनेशन कर रक्तदान का अर्धशतक (हॉफ सेंचुरी) पूरा किया! इससे पहले शीर्ष शीर्ष दीप ने 25 बार ब्लड और 24 बार एस.डी.पी (सिंगल डोनर प्लेटलेट्स) डोनेट किया था और स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 26वें ब्लड डोनेट के रूप में 50वां डोनेशन पूरा कर रक्तदान का अर्धशतक लगाया!

शीर्ष दीप जनपद के दूसरे 50 बार रक्तदान करने वाले रक्तदाता है! इससे पहले समाजसेवी ब्रज भूषण दूबे ने 51 बार रक्तदान किया है! शीर्ष दीप के इस 50वें अर्धशतकीय रक्तदान के अवसर पर जिले के कई समाजसेवी उनके हौसला अफजाई और उत्साहवर्धन के लिए उनके साथ उपस्थित रहे! जिनमें साहित्यकार व रचनाकार माधव कृष्ण, समाजसेवी उमेश श्रीवास्तव, संतोष जायसवाल, विशाल चौरसिया व मनीष गोयल आदि उपस्थित रहे! साथ ही उत्थान फाउंडेशन के संस्थापक संजीव गुप्ता ना सिर्फ उपस्थित रहे बल्कि शीर्ष दीप के 50वें रक्तदान पर उनके रक्तदान के मुहिम में अपना 5वां रक्तदान कर योगदान दिया! बता दें कि शीर्ष दीप ने ऐसे ही रक्तदान कर कई लोगों के जिंदगियों को जीवनदान दिया है।

उनके साथ ही नेहरू स्टेडियम गोराबाजार में कार्यरत वेट लिफ्टिंग कोच प्रदीप कुमार राय, संस्था के सदस्यों में प्रिंस कुमार और सौरभ यादव ने भी शीर्ष दीप के साथ रक्तदान किया! इस अवसर पर शीर्ष दीप ने कहा कि समाजसेवा के क्षेत्र में कदम रखने से लेकर आज तक जिन मार्गदर्शकों का साथ मिला! आज उनके समक्ष रक्तदान करने की खुशी बयां नहीं की जा सकती! क्योंकि जब पहला रक्तदान किया तब उस समय सोचा भी नहीं था कि कभी इतनी दूर तक सफर तय होगा! इसका सारा श्रेय मेरे मेरे परिवार, मार्गदर्शक और संस्था के सभी रक्तवीरों को जाता है। जिन्होंने अपने रक्त से संस्था को सींचा है! इस शुभ अवसर पर संस्था के अध्यक्ष मनीष कुमार पाल, सचिव उरूज फात्मा, अजय गुप्ता आदि लोग उपस्थित रहे!

स्वतंत्रता दिवस पर एंबुलेंस के पायलट और ईएमटी को किया गया सम्मानित

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 102 और 108 एंबुलेंस के पायलट और ईएमटी को किया गया सम्मानित

गाजीपुर। 102 और 108 एम्बुलेंस लगातार लोगों को नया जीवन देने का कार्य कर रही है जिसमें इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और पायलट की आम भूमिका होती है। जो आमजन के द्वारा कॉल किए जाने के बाद क्विक रिस्पांस करते हुए उसके बताएं लोकेशन पर पहुंचते हैं। और फिर उन्हें लेकर पास के स्वास्थ्य केंद्र या फिर हायर सेंटर पहुंचाकर उनका इलाज शुरू कराते हैं। ऐसे ही इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन और पायलट का स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मानित करने का कार्य प्रोग्राम मैनेजर संदीप कुमार चौबे और जिला कोऑर्डिनेटर अखंड प्रताप और संदीप और प्रमोद के द्वारा जिला अस्पताल गोरा बाजार पर किया गया। प्रोग्राम मैनेजर संदीप कुमार चौबे ने बताया कि 102 और 108 एंबुलेंस के पायलट और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन के कार्य के बदौलत पूरे साल में हजारों लोगों की जान बचाने का कार्य किया गया है। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर उन सभी को सम्मानित कर उन्हें मिठाई खिलाकर स्वतंत्रता दिवस की खुशियां बांटी गई है। इस मौके पर दीनानाथ, शशि भूषण, सुनील कुमार ,वेद प्रकाश ,रामनाथ, दीपक ,अमित कौशल, सोना ,घनश्याम यादव, जितेंद्र आदि लोग मौजूद रहे।

10 से 28 अगस्त तक चलेगा सर्वजन दवा सेवन अभियान

गाजीपुर। राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में बुधवार को सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) कार्यक्रम को लेकर मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया।  कार्यशाला में डब्ल्यूएचओ, पाथ एवं पीसीआई संस्था ने महत्वपूर्ण सहयोग किया। कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ सुनील पाण्डेय ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर सर्वजन दवा सेवन अभियान के लिए समस्त तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। यह अभियान 10 अगस्त से 28 अगस्त तक जनपद के सैदपुर, सदर, बिरनो, कासिमाबाद, मोहम्मदाबाद एवं भदौरा ब्लॉक में संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत करीब 16 लाख लक्षित आबादी को फाइलेरिया से बचाव की दवा (एल्बेण्डाजोल व डीईसी) खिलाई जाएगी। इसके लिए ब्लॉकों में 1428 टीमें तैयार की गईं हैं। एक टीम में दो सदस्य (आशा कार्यकर्ता व स्वास्थ्य कर्मी) रहेंगे। 2856 ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर और 237 सुपरवाइज़र तैनात किए गए हैं। इन ब्लाकों के ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन व सुपरवाइज़र का प्रशिक्षण एवं टास्क फोर्स की बैठक हो चुकी है। इन सभी ब्लॉकों में पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। अभियान में पंचायत राज विभाग, आजीविका मिशन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, शिक्षा विभाग, दिव्यांग कल्याण विभाग, आईसीडीएस, नगर विकास विभाग, अल्पसंख्यक विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं आईएमए से सहयोग लिया जाएगा।  
सीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया (फीलपाँव या हाथीपाँव) वाहक मच्छर क्यूलेक्स के काटने के बाद इसके लक्षण पांच से 15 साल के बाद दिखाई देते हैं। इसलिए एक साल से ऊपर के सभी बच्चों, किशोर-किशोरियों, वयस्कों, वृद्धजनों को फाइलेरिया से बचाव की दवा जरूर खानी चाहिए। यह दवा स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ताएं घर-घर जाकर अपने समक्ष खिलाएँगी। दवा खाली पेट नहीं खानी है। यह दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को नहीं खानी है। इस दवा के पाँच साल लगातार और साल में एक बार सेवन करने से हम अपना जीवन सुरक्षित बना सकते हैं। सीएमओ ने समस्त मीडिया बंधुओं के माध्यम से जनमानस से अपील की कि फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन जरूर करें और दूसरों को भी प्रेरित करें।


जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने कहा कि किसी भी संदेश को जनमानस तक पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका होती है। इसी उद्देश्य से फाइलेरिया एमडीए कार्यक्रम को लेकर मीडिया संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया है। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन के लिए वर्ष 2027 तक का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत लगातार प्रभावी नियंत्रण को लेकर कार्यवाही की जा रही है। इसका परिणाम है कि जहाँ वर्ष 2023 में जनपद के सभी 16 ब्लॉक और गाजीपुर नगर पालिका में यह अभियान चलाया गया था तो वहीं वर्ष 2024 में 13 ब्लॉक और गाजीपुर नगर पालिका में चलाया गया।अब इस वर्ष यह अभियान मात्र 6 ब्लॉक में चलाया जाएगा फाइलेरिया से प्रभावित अंग के साफ-सफाई और व्यायाम से इसे सिर्फ नियंत्रित किया जा सकता है। अभियान में स्वास्थ्यकर्मी अपने सामने फाइलेरिया से बचाव की दवा खिलाएँगे। इन दवाओं का वितरण बिल्कुल भी नहीं किया जायेगा। दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है। यह दवाएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं। हालांकि इन दवाओं का कोई विपरीत प्रभाव नहीं है। फिर भी किसी को दवा खाने के बाद उल्टी, चक्कर, खुजली या जी मिचलाने जैसे लक्षण होते हैंतो यह इस बात का प्रतीक हैं कि उस व्यक्ति के शरीर में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद हैं। ऐसे लक्षण इन दवाओं के सेवन के उपरांत शरीर के भीतर परजीवियों के मरने के कारण उत्पन्न होते हैं। सामान्यतः यह लक्षण स्वतः ही समाप्त हो जाते हैं। परंतु ऐसी किसी भी परिस्थिति के लिए प्रशिक्षित रैपिड रिस्पॉन्स टीम (आरआरटी) भी बनाई गई हैं।

आवश्यकता पड़ने पर आरआरटी को उपचार के लिए तुरंत बुलाया जा सकता है। यह अभियान सोमवार, मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार के साथ कार्य दिवसों में चलेगा। शेष 10 ब्लॉक एवं गाजीपुर नगर पालिका में पेट के कीड़े के खात्मे के लिए राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 11 अगस्त को किया जाएगा जिसमें 1 से 19 साल के बच्चों को स्कूलों,कालेजों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर एल्बेण्डाज़ोल गोली की एक खुराक शिक्षकों और आंगन वाड़ी वर्कर्स के द्वारा खिलाई जाएगी। शेष बच्चों को घर-घर भ्रमण के दौरान आशा के द्वारा यह गोली खिलाई जाएगी।11 अगस्त को दवा खाने से वंचित बच्चों के लिए 14 अगस्त को मॉप अप चलाया जाएगा।
कार्यशाला में अन्य मच्छर जनित संचारी रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, कालाजार आदि को लेकर की जा रहीं प्रभावी कार्यवाई के बारे में भी जानकारी दी गई। मीडिया बंधुओं के साथ सवाल-जवाब सत्र भी चलाया गया। कार्यशाला में एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ जेएन सिंह, एसीएमओ डॉ मनोज कुमार सिंह, एपिडेमियोलाजिस्ट डा० शहबाज़ खॉ,सहायक मलेरिया अधिकारी राम सिंह,संतोष कुमार, पाथ से अरूण कुमार, पीसीआई से राकेश यादव, फाइलेरिया निरीक्षक ऐश्वर्य गुप्ता, सुनील सोनकर, राज कुमार एवं अन्य अधिकारी व स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

टीबी बिमारी को हराकर बने टीबी चैम्पियन,लोगों को करेंगे जागरूक

टी बी बिमारी को हराकर बने टी बी चैम्पियन

टी बी चैम्पियन को जन जागरूकता के लिए प्रशिक्षण देकर किया गया तैयार

गाज़ीपुर।राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत और वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स संस्था द्वारा इंपैक्ट प्रोजेक्ट के तहत टीवी सरवाइवर्स(टी बी बिमारी को हराने वाले) को प्रशिक्षण देकर टीवी चैंपियन बनाया गया। यह प्रशिक्षण मरदह, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर संपन्न किया गया।यह प्रशिक्षण अधीक्षक/ प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ रवि रंजन द्वितीय की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जिला कार्यक्रम समन्वयक डा. मिथिलेश कुमार सिंह और डिस्ट्रीक्ट लिड शशि शेखर के संचालन में शुरू किया गया, जिसमें टी बी की दवा खाकर ठीक हो चुके टी बी मरीज को टी बी चैम्पियन बनाते हुए उनको बताया गया कि वह अपने समुदाय एवं गांव और समाज के लोगों के बीच में टीवी क्या है ,लक्षण, उपचार और कलंक के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे, जिससे टी बी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।इस प्रशिक्षण को सभी ब्लाक के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सी एच ओ) के माध्यम से बुला कर कराया जा रहा है अब तक जनपद गाजीपुर के 16 ब्लांक में से 06(छः ) ब्लांक में 187 ठीक हुए टी बी मरीजों को टी बी चैम्पियन का प्रशिक्षण दे कर टी बी चैम्पियन बनाया जा चुका है।ये लोगो को टी बी के बारे बता कर जागरूक करेंगे। ताकि प्रधानमंत्री के टी बी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाया जा सके।
इस प्रशिक्षण में अश्वनी कुमार, सुनील कुमार वर्मा, वेंकटेश प्रसाद शर्मा और राधेश्याम यादव के द्वारा भी टीवी के बारे में पूर्ण जानकारी दी गई। साथ में सोशल स्कीम्स के बारे में भी बताया गया है।

10 अगस्त से फाइलेरिया से बचाव के लिए सर्वजन दवा सेवन शुरू होगा अभियान

फाइलेरिया श्एमडीएश् अभियान को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

स्वास्थ्यकर्मी 10 अगस्त से घर-घर जाकर अपने सामने खिलाएँगे फाइलेरिया से बचाव की दवा

ई-कवच पोर्टल पर अभियान की शत प्रतिशत रिपोर्टिंग व डाटा फीडिंग का दिया निर्देश  

गाजीपुर।राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को जनपद स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में किया गया। कार्यशाला में जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी व स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए।  
सीएमओ डा. सुनील पांडेय ने बताया कि जनपद में 10 अगस्त से फाइलेरिया से बचाव के लिए सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान शुरू होगा।जिसके तहत स्वास्थ्यकर्मी व आशा कार्यकर्ताएं घर-घर जाकर दवा खिलाएँगी। यह अभियान सैदपुर,सदर,बिरनो,कासिमाबाद, मोहम्मदाबाद और भदौरा ब्लॉकों में चलाया जाएगा। इस क्रम में सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। सभी ब्लॉक समय से माइक्रोप्लान बनाकर अभियान को सफल बनाएँ। ई-कवच पोर्टल पर अभियान की शत प्रतिशत रिपोर्टिंग व डाटा फीडिंग का कार्य प्रतिदिन किया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही अभियान की नियमित समीक्षा भी की जाए।  
नोडल अधिकारी डा. जे०एन०सिंह ने कहा कि सभी ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर (दवा वितरण स्वास्थ्यकर्मी) का प्रशिक्षण समय से पूरा करा दिया जाए। 11 जुलाई से शुरू हुए दस्तक अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर भ्रमण कर सर्वे कर छिपे हुए फाइलेरिया व अन्य वेक्टर जनित तथा संक्रामक बीमारियों के रोगियों की सूची बनाएं और जनपद मुख्यालय में प्रेषित करना सुनिश्चित करें। सभी अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ताएं इस बात का विशेष ध्यान रखें कि एमडीए अभियान के दौरान घर-घर जाकर लक्षित लाभार्थियों को दवा अपने समक्ष ही खिलाएँ। किसी को भी दवा उनके हाथ में न थमाएं जिससे कोई भी व्यक्ति फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने से न छूटे। जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि फाइलेरिया मच्छरजनित रोग है। इसके लक्षण का पता 10 से 15 साल में लगता है। इसलिए सभी को फाइलेरिया से बचाव की दवा खाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनपद में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। मच्छरजनित परिस्थितियाँ उत्पन्न न हों, इसलिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करें। बचाव के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ तथा हर रविवार मच्छर पर वार के बारे में बताएं।
कार्यशाला में पाथ संस्था के क्षेत्रीय समन्वयक अरूण कुमार डब्ल्यूएचओ के मानिटर और पीसीआई राकेश कुमार ने सभी ब्लाकों से आए स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धक (बीपीएम), और ब्लॉक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबन्धक (बीसीपीएम) को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया बीमारी लाइलाज है। एक बार अगर हो जाए तो ठीक नहीं होता है केवल इसका प्रबंधन व रख-रखाव ही किया जा सकता है। गंभीर स्थिति में न पहुंचे इसके लिए रुग्णता प्रबंधन व दिव्यांग्ता रोकथाम (एमएमडीपी) किट दी जाती है जिससे रोगी फाइलेरिया प्रभावित अंगों की नियमित साफ-सफाई कर सके। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा एक साल से कम आयु के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर बीमारी से पीड़ित को छोड़कर सभी को खानी है। एक से दो साल की आयु के बच्चों को पेट से कीड़े निकालने की दवा अल्बेंडाजोल की आधी गोली खिलाई जाएगी। खाली पेट किसी को भी दवा का सेवन नहीं करना है।
इस मौके पर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, बीपीएम, बीसीपीएम सहित करीब 50 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। जो अब ब्लॉक स्तर पर ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर को प्रशिक्षित करेंगे।