गाजीपुर। शहर क्षेत्र में बीती रात गिट्टी लाद कर जा रहा ट्रेलर अनियंत्रित होकर पलट गया। संयोग अच्छा रहा कि हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन आवागमन प्रभावित हो गया। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस और ट्रैफिक की टीम ट्रक हटवाने और यातायात सुचारू ढंग से करने में जुट गई। हादसा वाराणसी-बलिया हाइवे पर गाज़ीपुर शहर के बंशीबाजार इलाके में हुआ। ट्रेलर पलटने की वजह से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार देखने को मिली और पूरी यातायात व्यवस्था रेंगती हुई नजर आई।
यातायात प्रभारी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि बीती देर रात वाराणसी की तरफ से आ रहा गिट्टी लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर शहर के बंशीबाजार स्थित पेट्रोल पंप के पास पलट गया। ट्रेलर के बाईं तरफ पलटने और वहां फुटपाथ चौड़ा होने की वजह से कोई बड़ा हादसा तो नहीं हुआ लेकिन यातायात प्रभावित हो गया। ट्रेलर गिट्टी लेकर बलिया की तरफ जा रहा था। फिलहाल हाइड्रा मंगा कर ट्रेलर को सीधा करने और यातायात पूरी तरह से बहाल करने की कोशिश जारी है। हादसे के चलते ट्रक पर लदी गिट्टी सड़क किनारे बिखर गई।
गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से लीला के आठवें दिन रविवार को सकलेनाबाद में भरत आगमन, मनावन और विदाई का मंचन हुआ। हरिशंकरी से भरत जी की शोभा यात्रा शुरू होकर मुरली कटरा, पावर हाउस लाल दरवाजा रोड, झुन्नू लाल चौराहा आमघाट ददरी घाट चौक, महुआ बाग चौराहा होते हुए सकलेनाबाद पहुंची। लीला शुरू होने से पूर्व कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उप प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल ने प्रभु श्रीराम लक्ष्मण सीता को माला पहनाकर आरती किया। उसके बाद बंदे बाणी विनायकौ आदर्श श्री रामलीला मंडल के कलाकारों द्वारा भरत मनावन व विदाई लीला का भव्य मंचन हुआ।
लीला में दर्शाया गया श्री राम लक्ष्मण सीता बनवास के दौरान भारद्वाज मुनि के आश्रम पर कुछ दिनों तक विश्राम करते हैं। उधर भरत जी को महर्षि वशिष्ठ दूत द्वारा उनके ननिहाल कैकेय देश में रथ भेज कर बुलवाते है। दूत भरत जी को गुरु वशिष्ठ का संदेश देते हुए उन्हें अपने साथ रथ पर सवार होकर अयोध्या चलने के लिए कहते है, तो भरत रथ पर सवार होकर अयोध्या के लिए चल देते हैं। थोड़ी ही देर में भरतजी का रथ अयोध्या नगरी के सीमा पर पहुंचता है तो अयोध्या वासी भरत जी को देखकर अपना मुंह दूसरी ओर घूमा लेते हैं। यह देखकर भरत सोच में पड़ जाते हैं। उधर दासी मंथरा गेट पर आरती की थाल लिए भरत जी के आने की राह देखती है। जब भरत का रथ महारानी कैकेई के दरवाजे पर पहुंचता है तो मंथरा आदर सत्कार के साथ उन्हें कैकेई के कक्ष में ले जाती है। भरत अपनी माता कैकेई के उदास चेहरा को देखकर पूछते हैं कि माताजी आपने यह हाल क्यों बना रखा है। बताइए पिताजी और भैया राम लक्ष्मण और भाभी सीता कहां है, इतना सुनने के बाद कैकेई ने कहा कि महाराज दशरथ स्वर्ग सिधार गए और राम लक्ष्मण सीता 14 वर्षों के लिए वन चले गए हैं। अब तुम नाश्ता पानी करके राजदरबार में जाकर अयोध्या का राजपाट ग्रहण करो।
वहां अयोध्यावासी तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहे हैं। जब भरतजी ने अपने पिता महाराज दशरथ को स्वर्ग सुधारने तथा बड़े भाई श्री राम के वनवास की कहानी सुने तो वह क्रोधित होकर अपनी माता कैकेई को खरी खोटी सुना कर राजदरबार में जाकर अयोध्या का राज ठुकराते हुए सभी अयोध्या वासियो तथा गुरु वशिष्ठ के साथ रथ पर सवार होकर के अपने भाई श्री राम को मनाने के लिए वन प्रदेश के लिए चल देते हैं और वे श्रृंगवेरपुर पहुंच कर वे निषाद राज केवट से श्री राम का पता पूछते हुए भारद्वाज ऋषि के आश्रम पहुंचते हैं। भरत के आने की सूचना लक्ष्मण को मिलती है तो वह तिलमिला कर धनुष बाण लेकर भरत से युध्द करने के लिए तैयार होते हैं तो इसी बीच राम ने लक्ष्मण को समझा बूझाकर शांत किया और भरत के आने की प्रतीक्षा करने लगे। इतने में भारद्वाज मुनि के आश्रम के कुछ दूरी पर भरत का रथ पहुंचता है और रथ से भरत शत्रुघ्न गुरु वशिष्ठ सहित माताएं पैदल ही आश्रम की ओर चल देते हैं। जब श्री राम ने गुरु वशिष्ठ भरत शत्रुघ्न सहित माताओ को आते देखते है तो वे भी चल पड़े।
थोड़ी देर में भरत श्रीराम को देखते हैं और उनके चरणों में साष्टांग दंडवत करते हुए जमीन पर लेट जाते हैं। भरत को जमीन पर लेटे देखकर बड़े आदर के साथ भरत को उठाकर अपने गले से लगाते हैं। दोनों भाइयों में समाचारों का आदान-प्रदान होने लगता है इसके बाद भरत अपने बड़े भाई श्री राम को वापस अयोध्या चलने के लिए आग्रह करते हैं। जिसे सुनकर सुनकर श्रीराम ने अयोध्या जाने से इन्कार कर देते हैं और भाई भरत को समझा बूझाकर अपनी चरण पादुका भरत जी को देकर विदा कर देते हैं। भाई-भाई के प्रेम को देखकर वहां उपस्थित दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं। वही श्री राम और भरत के जयकारों से लीला स्थल गूंज उठाता है। इस मौके पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उप मंत्री लव त्रिवेदी, मेलाप्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल, गामा यादव, कृष्णांश त्रिवेदी आदि रहे।
गाज़ीपुर।जखनिया ब्लॉक में जन ग्रामीण विकास संस्थान द्वारा आयोजित महिलाओं की पहचान, सम्मान एवं अधिकार महिला सम्मेलन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया । राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने महिलाओं को सम्मानित करते हुए बताया कि पिछले कई वर्षों से यह संस्थान समाज के वंचित, पिछड़े वर्गों के लोगों को जागरूक एवं उनके अधिकार के लिए कार्य कर रही हैं। इसके तहत आज महिला सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जिसका उद्देश आपात स्थिति में महिलाओं की सहायता करना,पीड़ित महिला को पुर्नस्थापित करना, महिलाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रेरित करना एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना हैं।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार महिलाओं के उत्थान के लिए प्रयासरत हैं। महिलाओं सशक्तिकरण के लिए अनेक प्रकार योजनाएँ चला कर महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं, चाहे महिला अधिकारिता योजना, महिला समृद्धि योजना, महिला प्रशिक्षण और रोज़गार कार्यक्रम सहयोग योजना, उज्ज्वला योजना, महिला सम्मान योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, सुरक्षित मातृत्व आश्वासन सुमन योजना , फ्री सिलाई मशीन योजना, महिला शक्ति केंद्र योजना ऐसी अनेक प्रकार की केंद्र एवं प्रदेश सरकार की योजनाओ द्वारा महिलाए देश के विकास में अपनी भागीदारी प्रस्तुत कर रही हैं।
पुराने जर्जर तारों को बदलने से बाधित रहेगी विद्युत आपूर्ति
गाजीपुर। सब स्टेशन प्रकाशनगर फीडर लाल दरवाजा के मोहल्ला गोइजीतर,गोलाघाट, नियर कोतवाली,कोयला घाट में 400 केवीए ट्रांसफार्मर पर एलटी लाइन के ABC तारों को बदलने का कार्य किया जाएगा, जिसमे उक्त क्षेत्र की विद्युत सप्लाई बाधित रहेगी। वही अधिशाषी अभियन्ता आशीष शर्मा ने बताया कि उक्त फीडर पर 6/10/2024 को भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के अंतर्गत उक्त फीडर पर विद्युतीकरण एव अनुरक्षण का कार्य किया जाना है। जिसे इन क्षेत्रों में प्रातः 9 बजे से शाम 5 बजे तक विद्युत आपूर्ति आंशिक रूप से बाधित रहेगी। असुविधा के लिए खेद है।
गाजीपुर। महिलाओं एवं बालिकाओं के सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन हेतु शारदीय नवरात्र के पर्व पर ‘मिशन शक्ति’ के विशेष अभियान (फेज-5) का शुभारंभ हो गया है। जिसके सफल क्रियान्वयन हेतु जिलाधिकारी ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि नारी सुरक्षा, नारी सम्मान एवं नारी स्वावलंबन की दृष्टि से प्रदेश में शारदीय नवरात्र के अवसर पर मिशन शक्ति फेज- 5 के अंतर्गत विशेष अभियान चलाए जा रहा है। यह अभियान 3 अक्टूबर 2024 से 90 दिनों तक चलाया जा रहा है, जिसमें विभिन्न विभागों की सहभागिता से अनेकों गतिविधियां की जाएंगी। सभी विभाग शासनादेश के अनुसार कार्ययोजना बनाकर गंभीरता से कार्य करें।
उन्होंने बताया कि अभियान में महिला पुलिस कर्मी ग्रामन्याय पंचायत हेतु नियुक्त बीसी सखी, राजस्व लेखपाल, एएनएम, आशा वर्कर, सचिव , आंगनवाड़ी कार्यकत्री तथा अन्य सरकारी विभागों के कर्मियों से समन्वय कर महिला सुरक्षा, विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करना एवं महिला हिंसा से संबंधित और अन्य शिकायतों के निवारण हेतु विभिन्न हेल्पलाइन नंबर फोरम के संबंध में खुली बैठक कर जानकारी प्रदान करेंगी। इसके साथ ही उन्होने पंफलेट, होर्डिंग और सेल्फी प्वाइंट बनाए जाने के लिए निर्देश दिए गए। एनजीओ के साथ समन्वय कर कार्यक्रम को सफल बनाए जाने हेतु निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग महिलाओं और बालिकाओं को स्वास्थ्य के बारे में जागरूक करेगा। बेसिक शिक्षा विभाग बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ते हुए उनकी सुरक्षा व शिक्षा से संबंधित विषयों के बारे में जागरूक करेंगे। इस प्रकार सभी संबंधित विभाग दिए गए दायित्वों का प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन करेंगे।
गाजीपुर। जन समस्याओ के त्वरित निस्तारण हेतु सम्पूर्ण समाधान दिवस शनिवार को तहसील सदर में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी अध्यक्षता एवं पुलिस अधीक्षक डॉ0 ईरज राजा की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। जिसमे 44 शिकायत/प्रार्थना प्राप्त हुए और मौके पर 04 का निस्तारण किया गया। जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण हेतु सातांे तहसीलो की सूचना के अनुसार सम्पूर्ण समाधान दिवस में कुल 398 शिकायत/प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए जिसमें मौके पर 26 शिकायत/प्रार्थना पत्रो का निस्तारण किया गया।
जिलाधिकारी ने सम्पूर्ण समाधान दिवस मंे प्राप्त शिकायत/प्रार्थना पत्रो को लेकर सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अविलम्ब मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करते हुए पत्रों का निस्तारण कराए। उन्होनेे आई जी आर एस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतो को आगामी तीन दिवस में शत-प्रतिशत निस्तारण करने का निर्देश दिया। उन्होने कहा इसकी समीक्षा सीधे शासन स्तर से होती है। इसमे लापरवाही पर सम्बन्धित अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होगे। इस अवसर पर उप जिलाधिकारी सदर तहसीलदर, एवं समस्त जनपदस्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
गाजीपुर। शनिवार को समाजवादी पार्टी की मासिक बैठक जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की अध्यक्षता मे बंशीबाजार स्थित पार्टी कार्यालय डॉ लोहिया – मुलायम सिंह भवन पर आयोजित हुई। इस बैठक में सांगठनिक कार्यक्रमों, प्रदेश की खराब कानून व्यवस्था, अनियमित विधुत आपूर्ति के साथ साथ अन्य जनसम्स्याओं पर विस्तृत रूप से चर्चा की गयी। इस दौरान जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने कार्यकर्ताओ से सांगठनिक कार्यों को गंभीरता से लेने की हिदायत देते हुए कहा कि सांगठनिक कार्यों मे लापरवाही और अनुशासनहीनता कत्तई बर्दाश्त नही की जायेगी। उन्होंने भाजपा सरकार की तानाशाही और जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर हल्ला बोला और आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी संवेदनहीन सरकार इस देश और प्रदेश में कभी नही रही। आज लगातार बढ़ती मंहगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, लचर कानून व्यवस्था के चलते देशवासी खुन के आंसू रो रही है, और यह सरकार उनकी समस्याओ पर ध्यान न देकर पूंजीपतियों की खिदमत और उनके हित साधने मे व्यस्त है । उन्होंने तहसील और थानों को लूट का अड्डा बताते हुए कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से समाज का कोई वर्ग खुश नही है। यह सरकार लगातार किसान,नौजवान, छात्र,व्यापारी,कर्मचारी ,महिलाओं के खिलाफ काम कर रही है।
राष्ट्रीय सचिव राजेश कुशवाहा ने शहर मे शहर मे जलजमाव,अनियमित विद्युत आपूर्ति और जर्जर सड़कों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि लगातार इन समस्याओ से जिला प्रशासन को अवगत कराने के बावजूद जिले के आला अधिकारियों के कानों पर जू नही रेंग रहा है। उन्होंने कहा कि त्योहारों का मौसम निकट है ,शहरों के सड़को पर लोगों का निकलना मुश्किल है। इस पर आक्रोश व्यक्त करते हुए उन्होने कहा कि यदि सड़कों का जल्द से जल्द गड्ढा मुक्त नही किया गया तो समाजवादी पार्टी सड़को पर उतरने को बाध्य होगी। इस बैठक मे मुख्य रूप से पुर्व विधायक त्रिवेणी राम ,पुर्व विधायक खुर्शीदअहमद,राष्ट्रीय सचिव राजेश कुशवाहा,पुर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव, डाॅ नन्हकू यादव, खेदन यादव, अशोक कुमार बिंद, अरूण कुमार श्रीवास्तव, रविन्द्र प्रताप यादव,मुन्नी लाल राजभर,रामवचन यादव, रामजन्म चौहान, राहुल यादव,शौर्या सिंह, राम जी राय,सुभाष यादव, उपेन्द्र यादव,सूरज राम बागी, मदन यादव, दिनेश यादव, राजेन्द्र यादव, गोवर्धन यादव,अवधेश यादव, वृजदेव खरवार, सदानंद यादव, अमित ठाकुर, अक्षय यादव, पूजा गौतम, जमुना यादव, जयराम यादव, संजय कन्नोजिया,हरेन्द्र विश्वकर्मा,तौकीर अहमद,कमलेश यादव भानु,रीना यादव, लल्लन राम, केसरी यादव, भरत यादव, मार्कंडेय यादव, रणजीत यादव, दारा यादव, बलिराम यादव, रामप्रकाश यादव,प्रभुनाथ राम,सदानंद कन्नौजिया,कैलाश यादव, योगेन्द्र प्रजापति,विजय शंकर चौरसिया,सूर्यमणि यादव,अम्बरीष यादव, रामाशीष यादव, अवधेश कुशवाहा उपस्थित थे। इस बैठक का संचालन जिला महासचिव कन्हैयालाल विश्वकर्मा ने किया।
श्री राम केवट संवाद घरनैल द्वारा सुरसरि पर जाना लीला का हुआ मंचन।
गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला के सातवें दिन 4 अक्टूबर शुक्रवार को शाम 7:00 बजे विश्वेश्वरगंज स्थित पहाड़ खां पोखरा पर श्रीराम केवट संवाद, घरनैल द्वारा सुरसरि पार जाने से संबंधित लीला का मंचन हुआ। लीला प्रारंभ होने से पूर्व कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उप प्रबंधक मयंक तिवारी कोषाध्यक्ष बाबू रोहित अग्रवाल द्वारा श्री राम लक्ष्मण सीता की पूजन आरती की गई। इसके बाद बंदे वाणी विनायकौ आदर्श श्री रामलीला मंडल के कलाकारों द्वारा पूरी भव्यता के साथ लीला की शुरुआत हुई।
लीला में दर्शाया गया कि प्रभु श्री राम लक्ष्मण सीता वनवास के दौरान श्रृंगवेरपुर पहुंचकर रात्रि विश्राम के उपरांत दूसरे दिन सुबह निषाद राज केवट से सुरसरि पार जाने के लिए नाव की व्यवस्था करने का आदेश देते हैं। निषाद राज केवट प्रभु श्री राम के आदेश का पालन करते हुए केवट को बुलाकर श्री राम का परिचय देते हुए आदेश देते हैं कि श्री राम लक्ष्मण सीता वन प्रदेश में जाना चाहते हैं इन्हें अपने नाव से नदी पार उतार दो। केवट ने जब सुना कि अयोध्या नरेश महाराज दशरथ के पुत्र श्री राम नदी के तट पर भाई लक्ष्मण पत्नी सीता के साथ खड़े हैं तो वह वहां आकर प्रभु श्री राम को दंडवत करता है और श्री राम का परिचय जानकर कहता हैं कि प्रभु नाव पर बैठाने से पूर्व मैं जल से आपका पांव पखार कर अपने नाव पर बैठाऊगां।
क्योंकि मैंने सुना है कि छुअत शिला भई नारी सुहाई, पाहन ते न काठ कठिनाई। प्रभु मैंने सुना है कि महर्षि विश्वामित्र के साथ उनके यज्ञ की रक्षा के लिए आप उनके आश्रम जाते समय रास्ते में एक पत्थर को अपने पैरों से स्पर्श कर दिया आपके चरण स्पर्श से पत्थर नारी में परिवर्तित हो गई। हे नाथ हमारे नाव पर कृपा करें ,यदिआप अपना पैर नाव पर रख दिए तो नाव काठ के बजाय नारी बन जाएगी, इसलिए हे नाथ आप पहले मुझे अपना पैर पखारने का अनुमति दें, तभी मैं आपको नाव पर चढा़ऊंगा। श्री राम ने केवट की भक्ति युक्त वाणी को सुनकर उन्होंने कहा कि केवट राम राजा यशु पावा।
पानी कठोरता भर लै आवा। केवट प्रभु श्री राम के इस वचन को सुनकर के घर से कठौता ले करके आया और अति आनंद उमगी अनुरागा, चरण सरोज पखारन लागा। केवट प्रभु श्री राम के चरण को बड़े ही भाव विभोर होकर पखारा। उसके भक्ति से खुश होकर देवलोक से पुष्पों की वर्षा होने लगती है। उधर केवट प्रभु श्री राम की चरणों को पखारकर अपने पितरों को तार देता है। और प्रभु श्री राम को नाव पर बिठाकर सुरसरि पार ले जाता है। प्रभु श्री राम सुरसरि पार होने के बाद केवट को नाव खेवाई देते है तो केवट कहता है कि अब कछु नाथ न चाहिए मोरे, दीन दयाल अनुग्रह तोरे।
हे नाथ मुझे इसकी कोई आवश्यकता नहीं है मल्लाह मल्लाह खेवाई नहीं लेता है मैंने आपको गंगा पार किया। जब मैं आपके धाम आऊंगा तो मुझे आप भवसागर से पार कर दीजिएगा।इतना सुनने के बाद प्रभु श्री राम ने केवट को अविरल भक्ति का वरदान देकर बन प्रदेश के लिए प्रस्थान कर देते हैं। लीला को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए। इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, मुख्यमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी को उप प्रबंधक मयंक तिवारी कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल राम सिंह यादव, राजनसिंह आदि रहे।
गाजीपुर। नवरात्र शुरू हो चुका है। पंडालो की तैयारी भी शहर के हर क्षेत्र में जोरोशोरो से चल रही है। लेकिन सड़को के गड्ढामुक्त ना होने से नगर के हर एक नागरिक को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ठेकेदार गड्ढा मुक्ति के नाम पर खानापूर्ति करते दिख रहे हैं। इधर आए दिन इस गड्ढे वाली सड़क पर चलते हुए हर रोज कोई ना कोई घटना किसी न किसी के साथ हो रही है। लेकिन ठेकेदार अपनी मनमानी करने में लगे हुए हैं। गुरुवार की देर रात जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने अधिकारियों संग नगर के मिश्रा बाजार और लाल दरवाजा के सड़कों का निरीक्षण किया और संबंधित अफसरों और जिम्मेदारों को निर्देशित किया।
कहा कि जल्द से जल्द सड़के गड्ढा मुक्त होने चाहिए। अगर डीएम के निर्देश के बाद सड़के गड्ढा मुक्त नहीं हुई तो नगर में बन रहे दर्जनों दुर्गा पूजा पंडालों में शुरू होने वाले पूजा अर्चना में लोगों का आना दुश्वार हो जाएगा। क्योंकि इसी रूट पर जगह-जगह पूजन पंडाल स्थापित हैं। इसी मार्ग पर स्थित देवी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भक्त जाते हैं। वहीं महिला हॉस्पिटल, एसबीआई बैंक, कोतवाली सहित कई अन्य प्रमुख जगहें हैं जहां लोगों का आना जाना लगा रहता है। लेकिन क्या करें सड़क तो उस लायक है ही नहीं।
गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से 3 अक्टूबर गुरुवार को हरिशंकरी श्री राम सिहासन से प्रभु श्री राम लक्ष्मण सीता की शोभायात्रा बाजे गाजे के साथ शाम 6 बजे से शुरू हुआ। जो महाजनटोली, झुन्नू लाल चौराहा, आमघाट, ददरी घाट चौक, महुआबाग चौक होते हुए पहाड़ खां पोखरा के निकट राम जानकी मंदिर तक पहुंच कर समाप्त हुआ।
बताते चलें कि प्रभु श्री राम माता पिता के आज्ञा अनुसार 14 वर्ष के लिए लक्ष्मण और सीता के साथ वन के लिए प्रस्थान कर देते हैं। वनवास के दौरान प्रभु श्री राम पहला विश्राम तमसा नदी के तट पर करते हैं। इसके बाद रथ पर सवार होकर श्रृंगवेरपुर के लिए चलते देते हैं। वहां के राजा निषाद राज जब अपने दूतों के द्वारा अयोध्या नरेश महाराज दशरथ के पुत्र श्री राम के आने की सूचना पाते हैं। यह सुधिगुहं निषाद जब पाई। मुदित लिए प्रिय बंधु बुलाई। वे अपने दरबारियों और मंत्री के साथ श्रीराम के स्वागत के लिए अपने दरबार से चल देते हैं। वे श्रीराम को देख कर अति प्रसन्न होते हैं, तथा उन्हें अपने राज दरबार में चलने का आग्रह करते हैं। श्री राम ने उनके आग्रह को अस्वीकार करते हुए कहते हैं कि मुझे 14 वर्ष तक वन में ही समय बिताना है। निषाद राज के काफी अनुनय विनय के बाद भी श्रीराम ने उनके दरबार में जाने से इनकार करते हुए कहते हैं कि मेरे लिए आप इसी वृक्ष के नीचे ठहरने की व्यवस्था करें। श्रीराम के कथनानुसार निषाद राज ने उनके ठहरने की समुचित व्यवस्था अपने मंत्री द्वारा करवाते हैं।
श्री राम व निषाद राज का मिलन हुआ। इस मौके पर कार्यवाहक अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, राम सिंह यादव, सरदार राजन सिंह, उपस्थित रहे।