अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर वृद्धों को किया गया सम्मानित

गाजीपुर। अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर बबेडी सोहिलापुर में गीता ग्रामोद्योग विकास संस्थान के द्वारा अंतरराष्ट्रीय वृद्धि दिवस मनाया गया। यह कार्यक्रम संस्था के अध्यक्ष कृष्ण शंकर चौबे की अध्यक्षता में हुआ। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल ने कहा कि वृद्धो की सेवा करना परमात्मा के सेवा करने के बराबर है।

इस संस्था के सभी सदस्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इतना नेक कार्य जो संस्था द्वारा किया जा रहा है वह सराहनीय है। कार्यक्रम मे आए विशिष्ट अतिथि राकेश सिंह प्रदेश मंत्री कर्मचारी सिंचाई विभाग ने कहा कि मुझे अपने बच्चों के किसी भी शुभ दिवस को वृद्धि जनों के साथ आश्रम पर मनाने में आनंद एवं खुशी मिलती है।

इस दौरान रंगनाथ प्रसाद, विनोद राय, रवि चंद्र श्रीवास्तव, श्री प्रकाश श्रीवास्तव, आकाश चतुर्वेदी, सहित अन्य लोगों ने वृद्ध जनों का उत्साह वर्धन कर अपने विचारों को प्रकट किया। कार्यक्रम के अंत में सभी वृद्ध जनों को कार्यक्रम में आए हुए अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया एवं गीता ग्रामोद्योग विकास संस्थान द्वारा सभी वृद्ध जनों को वस्त्र मिष्ठान का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन संस्था के उपाध्यक्ष सोमेश मोहन राय द्वारा किया गया।

बैठक कर डीएम ने दिए अधिकारियों के निर्देश, कहा…..

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला स्तरीय समिति, जिला प्रबन्ध समिति, लोकल लेबल कमेटी, दिव्यांग बन्धु समिति और जिला अनुश्रवण समिति की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आहूत कि गयी। बैठक में देश दीपक पाल मुख्य चिकित्साधिकारी, पारस नाथ यादव जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी,  राम नगीना यादव जिला समाज कल्याण अधिकारी, दिलीप पाण्डेय जिला कार्यकम अधिकारी, दिव्यांगों की अध्यक्ष सविता सिंह सहित अन्य जिलास्तरीय, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहें।

बैठक में जिलाधिकारी द्वारा जिला स्तरीय समिति, जिला प्रबन्ध समिति, लोकल लेबल कमेटी, दिव्यांग बन्धु समिति, जिला अनुश्रवण समिति और अन्य योजनाओं पर विस्तृत चर्चा कि गयी। दिव्यांगजन से संबंधित विभिन्न विभागों को दिव्यांगजन सम्बन्धित आ रही समस्याओं जैसे दिव्याग प्रमाण पत्र (यू०डी०आई०डी०) जनरेट, दिव्यांग पेंशन, दिव्यांग शौचालय, आवास, लीगल गार्जियन शिप और जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र के संचालन के लिए निर्देशित किया। साथ ही जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी को निर्देश दिये गये कि संबंधित विभागो से समन्वय स्थापित करते हुए कार्यवाही करना सुनिश्चित करें।

राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने वृद्ध जनों के बीच मनाया जन्मदिन

राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने वृद्ध जनों के बीच मनाया जन्मदिन

गाजीपुर। राज्य सभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने मंगलवार को साधारण समारोह में वृद्ध जनों के बीच केक काटकर तथा मिष्ठान एवं फल वितरण,आशीर्वाद लेकर अपना जन्मदिन मनाया।

राज्य सभा सांसद डा. संगीता बलवंत आज अपने जन्मदिन अवसर पर कोतवाली क्षेत्र के हेतिमपुर स्थित वृद्धाश्रम में केक काटा और वृद्ध जनों को फल, मिष्ठान वितरण कर खुशियां मनाई।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि वृद्ध जन हमारे धरोहर है,जिनकी सेवा, सानिध्य और आशीर्वाद से हमारे जीवन मे यश,सुख, समृद्धि का प्रभाव प्रबल होता है। जिनके सेवा से हमारी मानवता मे निहित संस्कार और संस्कृति को मजबूती मिलती हैं।

डा. संगीता बलवंत ने कहा कि आप सबके बीच समय- समय मै पहुंच कर आपका आशीर्वाद प्राप्त करती रहूंगी।

इस अवसर पर जिला मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा, रंजीत कुमार राम, धर्मेन्द्र शर्मा शेखपुर प्रधान, वृद्धाश्रम की अधिक्षिका ज्योत्सना सिंह आदि ने डा. संगीता बलवंत को जन्मदिन की बधाई दिया।

एम्बुलेंस ने मरीज को निशुल्क पहुंचाया बीएचयू

108 एम्बुलेंस ने मरीज को निशुल्क पहुंचाया बीएचयू वाराणसी

ग़ाज़ीपुर। 108 एम्बुलेंस उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा गरीब और असहाय लोगों को दी गई एक नया तोहफा है जिसकी मदद से आमजन निशुल्क हायर सेंटर तक पहुंच कर अपने मरीज की इलाज करा रहे हैं। ऐसा ही एक दिन पूर्व हुआ जब जिला अस्पताल में एडमिट मरीज जिसे साइटिका की प्रॉब्लम थी और वह पैरों से चल पाने में अक्षम था जिसे डॉक्टर के द्वारा बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर किया गया था जिसकी जानकारी पर 108 एंबुलेंस ने मरीज को वाराणसी तक पहुंचाया।

108 एंबुलेंस के प्रभारी अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि गाजीपुर के जिला अस्पताल में भर्ती मरीज अरुण कुमार पुत्र गोवर्धन राम निवासी मिश्रावलिया रौज़ा जिसे पैरों में साइटिका की प्रॉब्लम थी। और वह पैरों से चल पाने में अक्षम था। जिसका कई दिनों से जिला अस्पताल में इलाज चल रहा था। लेकिन बेहतर इलाज के लिए डॉक्टर के द्वारा उसे बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर किया गया था। इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस पर कॉल किया और अपनी समस्या बताएं। जिसके बाद 108 एंबुलेंस के पायलट दीनानाथ और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन लाल बहादुर शर्मा जिला अस्पताल पहुंचे। और मरीज को लेकर बीएचयू वाराणसी के लिए रवाना हुए। वाराणसी में उसे इमरजेंसी में एडमिट कराया जहां पर उसका इलाज शुरू हो पाया।

डीएम ने हरी झंडी दिखाकर संचारी रोग नियंत्रण अभियान का किया शुभारंभ

गाजीपुर।संचारी व मच्छर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने मंगलवार को बेसिक शिक्षा विभाग के नगर संसाधन केंद्र से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ हरी झंडी दिखाकर किया।

इस दौरान जन जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया। जिसमें स्वास्थ्य समेत सभी विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कूली छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया।

जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने कहा की संचारी व मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इन्हीं बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसी बीच 11 से 31 अक्टूबर दस्तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग,शिक्षा विभाग,नगर विकास, पंचायती राज विभाग समेत 11 विभागों की टीम तैनात की गईं हैं,जो घर-घर जाकर बीमारियों की रोकथाम और समुदाय को जागरूक करेंगी। ऐसे में जन समुदाय का भी दायित्व है कि अभियान में सहयोग करे, सतर्क और जागरूक रहें। जिलाधिकारी ने अपील की कि डेंगू का मच्छर दिन में ही काटता है तथा इससे बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। घरों के अंदर और आसपास किसी भी पात्र में पानी इकट्ठा नही होने दे।

प्रशासन व विभिन्न विभागों के साथ ही जन प्रतिनिधि भी इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा छिड़काव, फोगिंग, स्वच्छता, साफ-सफाई आदि का कार्य किया जाएगा। जांच व उपचार के साथ आवश्यक दवा भी प्रदान की जाएगी। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नोडल विभाग रहेगा। नगर विकास, पंचायती राज, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांग जन कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित 11 विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाएंगे।

सीएमओ डा. देश दीपक पाल ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का बेहद महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि रोगों को विशेष अभियान चलाकर काबू कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आपसी समन्वय से नगर पालिका व नगर पंचायत की टीमें शहरी क्षेत्र तथा पंचायती राज विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण कार्य के साथ ही समुदाय को जागरूक करेंगी। सीएमओ ने कहा कि अभियान में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसमें जन प्रतिनिधियों, प्रभावशाली व्यक्तियों, विभिन्न संस्थाओं के साथ ही जनमानस का भी सहयोग लिया जाएगा।

इस मौके पर बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव,मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा०ए०के०शाही,डिप्टी सीएमओ, एसीएमओ, चिकित्सा अधीक्षक, जिला मलेरिया अधिकारी, नगर पालिका/नगर पंचायत, पंचायती राज, आईसीडीएस, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग समेत सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी व सहकर्मी, सहायक मलेरिया अधिकारी, मलेरिया निरीक्षक एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर एवं श्री राम विवाह का किया गया मंचन

धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर एवं श्री राम विवाह का मंचन किया गया।

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी के तत्वावधान में लीला के तीसरे दिन 30 सितंबर सोमवार शाम 7:00 बजे से हरिशंकरी स्थित श्री राम चबूतरा पर धनुष यज्ञ, सीता स्वयंवर, एवं सीताराम विवाह लीला का मंचन किया हुआ। लीला शुरू होने से पूर्व कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, मेला उप प्रबंधक मयंक तिवारी कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल द्वारा प्रभु श्री राम का पूजन आरती किया। इसके बाद बंदे बाणी विनायको आदर्श श्री रामलीला मंडल के कलाकारों द्वारा धनुष यज्ञ परशुराम लक्ष्मण संवाद व सीताराम विवाह का मंचन हुआ।

मन्चन में दर्शाया गया कि महाराज जनक अपनी पुत्री सीता का स्वयंवर रचाया। स्वयंवर में सभी राजाओं को निमंत्रण भेजा गया। निमंत्रण पाकर सभी राजा स्वयंवर में पहुंचे।उधर ब्रह्मर्षि विश्वामित्र भी अपने शिष्य राम लक्ष्मण के साथ स्वयंवर में पहुंचे। ब्रह्मर्षि विश्वामित्र को देखकर राजा जनक अपने सिंहासन से उठकर विश्वामित्र को दंडवत करके उन्हें आदर के साथ सिंहासन पर बैठाया। राजा जनक के आग्रह पर विश्वामित्र अपने शिष्य श्रीराम लक्ष्मण के साथ आसन ग्रहण किया। इसके बाद धनुष यज्ञ का कार्य शुरू होता है। राजा जनक के मंत्री चाणूर राजा जनक के आदेश पर सभा को संबोधित किया कि जो भी शिव जी के पुराने धनुष को तोड़ देगा उसी राजा से सीता का विवाह होगा।

राजा जनक के संदेश को सुनकर सभी राजा शिव जी के पुराने धनुष पर अपना अपना बल आजमाने लगे। मगर शिव जी के धनुष तोड़ना तो दूर उसे हिला तक न सके। राजा जनक ने देखा कि सभी राजा हार कर अपना सिर झुकाए सिंहासन पर जाकर बैठ गए। उनके लज्जित हुए सर को झुका देख कर राजा जनक ने कहा कि तजहूंआस निज निज गृह जाहू, लिखा न विधि वैदेहि बिवाहू। राजा जनक के इस इस प्रकार के वचन को सुनकर लक्ष्मण जी क्रोधित होकर श्री राम के बल के बारे में राजा जनक को बताया। लक्ष्मण के क्रोध को देखकर गुरु विश्वामित्र ने लक्ष्मण को आसन पर बैठने की आज्ञा देते हैं। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर लक्ष्मण अपने आसन पर बैठ जाते हैं। उसके बाद ब्रह्मर्षि विश्वामित्र राजा जनक को उदास देखकर श्री राम को आज्ञा देते हैं कि हे राम शिवजी के धनुष को तोड़कर महाराज जनक के संदेह को दूर करो।

गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर श्री राम शिवजी, गुरु विश्वामित्र तथा उपस्थित सभी राजाओं को प्रणाम करने बाद भगवान शिव के धनुष के पास जाकर सहज में धनुष को उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाया देखते-ही-देखते धनुष टूट गया। शिव‌ धनुष टूटने की आवाज परशुरामा कुंड में तपस्या में लीन परशुरामजी के कान में सुनाई दी तो वे क्रोधित होकर स्वयंवर में आते हैं और सभी उपस्थित राजाओं से पूछते हैं कि हमारे आराध्य देव शिव के धनुष को तोड़ने की साहस किसने किया। इतने में लक्ष्मण जी भी क्रोधित जाते हैं। दोनों में काफी देर तक परशुराम लक्ष्मण संवाद हुआ। अंत में परशुराम जी अपने क्रोध को शांत किये और तप के बल पर श्री राम का विराट रूप में नारायण का दर्शन करके श्रीराम को धनुष बाण देकर के परशुराम जी स्वयंवर से अपने धाम के लिए चले जाते हैं।

इसके बाद राजा जनक गुरुजनों के‌ आदेश का पालन करते हुए अपने दूतों‌ को राम सीता के विवाह का निमंत्रण अयोध्या नरेश महाराज दशरथ के पास भेज कर बारात लाने का निवेदन करते हैं। महाराज दशरथ महाराज जनक का निमंत्रण पाकर अयोध्या से बारात सजाकर जनकपुर के लिए प्रस्थान करते हैं। जनकपुर में राजा जनक ने बारातियों का स्वागत किया और धूमधाम के साथ सीता और राम का विवाह संपन्न हुआ। जनकपुर वासियो द्वारा सीताराम विवाह से संबंधित मांगलिक गीत प्रस्तुत किया गया।
इस मौके पर कमेटी के कार्यवाहक अध्यक्ष विनय कुमार सिंह, मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उप मंत्री लव कुमार त्रिवेदी, मेला प्रबंधक मनोज कुमार तिवारी, उपमेला प्रबंधक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, कुश कुमार त्रिवेदी, राजकुमार शर्मा, राम सिंह यादव, पं0कृष्ण बिहारी त्रिवेदी उपस्थित रहे।

अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस पर चलाया गया स्वच्छता अभियान

गाजीपुर।नेहरू युवा केंद्र गाज़ीपुर माय भारत के अंतर्गत पूर्वांचल सोशल डेवलपमेंट सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में स्वच्छता ही सेवा एवं सेवा से सीखे कार्यक्रम अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय वृद्ध दिवस के अवसर पर लंगरपुर में वृद्ध आश्रम केंद्र पर स्वच्छता अभियान चलाया गया ।

स्वच्छता अभियान में भाग लेते हुए ए डी जे विजय कुमार ने कहा कि स्वच्छता न केवल एक आवश्यकता है बल्कि यह एक आदत भी बननी चाहिए। अपने घर और आसपास की सफाई करके हम एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में अपना योगदान दे सकते हैं। प्लास्टिक के कम उपयोग के बारे में जागरूकता फैलानी चाहिए । राजन श्रीवास्तव सी डी सी ने कहा कि पृथ्वी हमारा घर है जो हमें जीने के लिए भोजन, पानी, एवं हवा आदि के रूप में अनेक चीजे प्रदान करती हैं । हमें इसकी सफाई की नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। नेहरू युवा केंद्र के उपनिदेशक कपिल देव ने बताया कि यह अभियान 17 सितंबर से प्रारंभ होकर तथा महात्मा गांधी के जन्म दिवस 2 अक्टूबर तक चलेगा। युवा मंडलों में जागरूकता कार्यक्रम आगे भी चलता रहेगा। इस अवसर पर केशव चंद्र राय, राम नगीना यादव जिला समाज कल्याण अधिकारी, गौरव कुमार जिला अस्पताल एवं उनकी टीम, संगीता कुमारी, सरिता देवी, डॉ अभिनव सिंह, अच्छेलाल कुशवाहा रेड क्रॉस सोसाइटी  अंगद ,रामाधार, पारस,अभिमन्यु सहित युवा मंडल के कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे । सभी के प्रति नेहरू युवा  केंद्र के लेखा एवं कार्यक्रम सहायक सुभाष चंद्र प्रसाद ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

त्यौहार को लेकर डीएम-एसपी ने की बैठक,की अपील

गाजीपुर। आगामी त्यौहार नवरात्रि, दशहरा दिपावली एवं छठ पूजा के मद्दे नजर रखते हुए जनपद में साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखने हेतु सेन्ट्रल पीस कमेटी की बैठक जिलाधिकारी आर्यका अखौरी  एवं पुलिस अधीक्षक ईरज राजा की अध्यक्षता में पुलिस लाईन सभागार में सभी धर्मगुरुओं एवं संभ्रान्त नागरिको के साथ बैठक सम्पन्न हुई।
जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने बैठक में आए सभी धर्मों के सम्मानित नागरिकों को साधुवाद देते हुए कहा कि आप सभी लोग अपने-अपने समाजिक दायित्वों का निर्वहन करने के लिए इस बैठक में उपस्थित हुए इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद। उन्होने सभी उपस्थित सम्भ्रान्त नागरिकों का आह्वाहन करते हुए अपील की है कि जिस प्रकार विगत वर्षों में सभी धर्मों के लोग आपसी भाई चारे से सभी त्यौहार मे मिल जुल कर मनाते रहे है, आगे भी उसी तरह से गंगा जमुनी तहजीब को कायम रखते हुए इसका अक्षरशः पालन करेंगे। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी धर्मों के त्यौहारों का एक ही मकसद होता है कि दूसरों की भावनाओं को आहत किए बिना हर्षोंल्लास के साथ त्यौहार मनाए। उन्होने जनपद वासियों का आह्वाहन करते हुए अपील की कि किसी भी प्रकार की भ्रामक खबरों को प्रसारित करने से बचे और कोई भी इस प्रकार भ्रामक सूचना यदि उन्हे प्राप्त होती है तो उसकी सूचना तत्काल जिला प्रशासन को दे, ताकि उस सूचना की जॉच करते हुए उसका निस्तारण समयान्तर्गत कराया जा सके। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में दुर्गा पूजा पंडाल निर्धारित स्थलो पर ही स्थापित किए जाए। इस हेतु पण्डाल समिति अपने-अपने आंतरिक व्यवस्थाए पूर्व मे सुनिश्चित कर ले तथा जिन्होने परमीशन न लिया हो वे लिखित रूप से संबंधित अधिकारी से परमीशन लेकर दिए गए शर्ताे का पालन अवश्य करेगे।पंडाल के सजावट के दौरान अत्यन्त ज्वलनशील वस्तुओ का प्रयोग न किया जाए न ही पंडाल किसी हाईटेशन तार के निचे बनाया जाए।पंडाल मे प्रवेश व निकास द्वारा उचित स्थान रहे। सड़क पर पंडाल न लगाया  जाए,जिससे आने जाने वाले राहगीरों को परेशानी हो।पंडाल में रेत, पानी, सीसीटीवी कैमरा की व्यवस्था अवश्य रहे। इसके लिए उन्होंने संबंधित अधिकारी को पूर्व में निरीक्षण कर आश्वस्त होने निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा पंडाल के नाम पर कोई भी अन्य नया कार्य न हो,पंडाल मे अश्लील गाने कदापि न बजे न ही आर्केस्ट्रा का आयोजन हो।पंडाल स्थल पर महिला एव पुरूषो के लिए अलग-अलग लाइन लगाई जाए। उन्होने बताया कि शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए है कि त्यौहारों को पारम्परिक ढंग से मनाया जाए और किसी भी प्रकार की नई परम्परा का आरम्भ न की जाए। उन्होने सभी नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि त्यौहार के समय अपने-अपने क्षेत्रों में पानी, बिजली और साफ सफाई की व्यवस्था मुकम्मल रखें। विद्युत विभाग के अधिकारी को जर्जर तार, खम्भे, विद्युत आपूर्ति को सही कराने तथा विसर्जन के दौरान रास्तो पर विशेष रूप से मौके का निरीक्षण कर ढीले एव लटके हुए जर्जर तारो को प्राथमिकता के तौर पर सही कराने का निर्देश दिया। त्यौहारो के समय अनावश्यक विद्युत बाधित न हो।

पुलिस अधीक्षक ईरज राजा ने बैठक को संबोधित करते हुए बताया कि जनपद में सभी स्थानों पर पुलिस की व्यवस्था चाक चौबन्द रहेगी।सभी चौराहों पर पिकेट के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। पुलिस की टीम जनपद में भाई चारा, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होने अपील करते हुए कहा किसी भी भ्रामक खबरो पर ध्यान न दे, नही किसी भी सोशल साईट पर आने वाले भ्रामक खबरो व फोटो को पोस्ट  करे, अन्यथा संबंधित के खिलाफ ही कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। जनपद में महिला के सम्मान एव सुरक्षा हेतु एण्टी रोमियो स्क्वायर्ड टीम सक्रिय रहेगी।विभिन्न पंडालों पर महिला सुरक्षा कर्मियो की भी तैनाती की जाएगी।पंडालो एवं अन्य स्थानो पर शस्त्रो का प्रदर्शन पूर्णतया वर्जित रहेगा।  उन्होने कहा कि पुलिस की अराजक तत्वो पर पैनी नजर रहेगी तथा इस तरह के शोहदो पर कठोर कार्यवाही की जायेगी। उन्होने समस्त संबंधित क्षेत्राधिकारियों एवं थाना/चौकी प्रभारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपने-अपने क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों एवं पीस कमेटी के सदस्यों से समन्वय स्थापित करते हुए जनपद में भाई चारा, साम्प्रदायिक सौहार्द एवं शान्ति व्यवस्था बनाए रखें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार , अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण/शहरी, समस्त उपजिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी, समस्त थानाप्रभारी, समस्त संबंधित अधिकारीगण, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका/नगर पंचायत सहित गणमान्य नगारिक एवं धर्म गुरू, दुर्गा पूजा समिति के आयोजक उपस्थित थे।

पोस्टर प्रतियोगिता के माध्यम से छात्राओं ने दिया संदेश

गाजीपुर। सोमवार को राष्ट्रीय सेवा योजना, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वारा “स्वच्छता ही सेवा” अभियान के अंतर्गत पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें स्वयंसेवी छात्राओं ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया । छात्राओं ने पोस्टर के माध्यम से अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संदेश दिया । महाविद्यालय की प्राचार्य एवं संरक्षिका प्रो. डॉ. अनिता कुमारी ने छात्राओं द्वारा बनाई गए पोस्टर व उसके माध्यम से लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के प्रयासों की सराहना की । प्रतियोगिता में प्रतीक्षा राय प्रथम, श्रेया मौर्य द्वितीय, एवं शालू व सौम्या ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया ।

प्रतियोगिता के परिणाम की घोषण प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनीता कुमारी ने की । निर्णायक मंडल में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो. उमाशंकर प्रसाद, डॉ. हरेंद्र यादव व डॉ. पीयूष सिंह रहे। तत्पश्चात इसी क्रम में शासन के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना “आत्मनिर्भर भारत” विषय पर संवाद/ संभाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें राष्ट्रीय सेवा योजना की स्वयंसेवी छात्राओं ने संबंधित विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किये । इस अवसर पर वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ अमित यादव, कार्यक्रम अधिकारी डा.गजनफर सईद, डॉ. रामनाथ, एवं डॉ ओम शिवानी, महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. निरंजन कुमार, डॉ.शिव कुमार सहित राष्ट्रीय सेवा योजना की छात्राएं उपस्थित रहीं ।

मुनि आगमन,ताडका वध तथा श्रीराम सीता मिलन


मुनि आगमन, ताडका वध तथा श्रीराम सीता मिलन

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से नगर के मुहल्ला हरिशंकरी स्थित श्रीराम चबूतरा पर लीला के दूसरे दिन 29 सितम्बर रविवार की शाम 7 बजे वंदे वाणी विनायकौ आदर्श श्रीराम लीला मण्डल के कलाकारो द्वारा मुनि आगमन, ताडका वध तथा श्रीराम सीता मिलन प्रसंग मंचित हुआ। कमेटी केे मंत्री ओमप्रकाश तिवारी उर्फ बच्चा, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक मनोज कुमार तिवारी उप प्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल द्वारा आरती पूजन करने के बाद लीला का शुरूआत किया गया।

लीला में दर्शाया गया कि ब्रम्हर्षि विश्वामित्र अपने आश्रम पर यज्ञ का अनुष्ठान कर रहे थे कि यज्ञ में असुरो द्वारा विघ्न डाला जा रहा था। असुरो से परेशान होकर ब्रम्हर्षि विश्वामित्र अपने यज्ञ की रक्षा के लिए महाराज दशरथ से मिलने अयोध्या पहुँचते है। वहाँ पहुँचे तो महाराज दशरथ को ब्रम्हर्षि विश्वामित्र केे आगमन की सूचना द्वारपालो द्वारा मिलती है। वे सूचना पाकर विप्र वृन्द के साथ ब्रम्हर्षि विश्वामित्र को सम्मान के साथ अपने राज दरबार में ले जा करके स्वागत किया तथा उनके आने का प्रयोजन पूछा। राजा दशरथ के वाणी को सुन करके ब्रम्हर्षि विश्वामित्र ने कहा कि असुर समूह सतावहि मोेहि मैं आयऊ नृप जांचन तोहि.. महाराज मेरे अनुष्ठान में असुरो द्वारा विघ्न डाला जा रहा है। मैं आपके पास श्रीराम लक्ष्मण को यज्ञ की रक्षा के लिए मांगने आया हूँ। जिससे हमारे यज्ञ की रक्षा हो सकें। ब्रम्हर्षि विश्वामित्र के बात को सुनकर महाराज दशरथ ने श्रीराम लक्ष्मण को देने से इंकार कर दिया। राजा के इंकार को सुनकर ब्रम्हर्षि विश्वामित्र क्रोधित हो उठे। उनके क्रोध को देखकर महाराज दशरथ केे कुल गुरू महर्षि वशिष्ठ ने अनेको प्रकार सेे महाराज दशरथ को समझाया और कहा कि हे राजन आप राम लक्ष्मण को ब्रम्हर्षि के हवाले कर दीजिए, इसी में भलाई है।

गुरूदेव की आज्ञा पाकर महाराज दशरथ ने अपने दोनो पुत्रों राम लक्ष्मण को विश्वामित्र के साथ यज्ञ की रक्षा के लिए भेज देते है। ब्रम्हर्षि विश्वामित्र राम लक्ष्मण को लेकर अयोध्या से अपने आश्रम के लिए चल देते है। रास्ते में श्री राम ने शिला देखी। उन्होने शिला के बारे में गुरूदेव से पूछा।

गुरूदेव विश्वामित्र ने बताया कि हे राम यह शीला गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का है जिसे किसी क़ारणवश गौतम ऋषि ने अपने पत्नी को श्राप देकर शिला बना दिया हे राम ऋषि पत्नी अहिल्या आपके चरण रज को चाहती है। जिसे सुनने के बाद श्रीराम ने उक्त शिला को अपने चरणों से स्पर्श किया। श्रीराम के चरण स्पर्श होते ही शिला नारी के रूप मेें परिवर्तित हो गयी। आगे थोड़ी दूर जंगल में पहुँचने पर श्रीराम ने पद चिन्ह को देखा। उन्होंने पुनः ब्रम्हर्षि विश्वामित्र से पदचिन्ह के बारे में जानना चाहा, श्रीराम के आग्रह पर विश्वामित्र ने बताया कि हे राम यह पद चिन्ह राक्षसी ताड़का का है, इतना कहने के बाद उन्होंने श्रीराम सेे ताडका का वध करने का इशारा किया। गुरूदेव के इशारा पर श्रीराम ने अपने बाण से ताडका का वध कर दिया। कुछ दिन बीतने के बाद श्रीराम लक्ष्मण ब्रम्हर्षि के आश्रम पर रहने लगे, उधर बाद महाराज जनक द्वारा जनकपुर में स्वयम्बर रचाया गया था जिसमेें ब्रम्हर्षि विश्वामित्र को निमंत्रित किया गया था। निमंत्रण पाकर ब्रम्हर्षि विश्वामित्र अपने दोनो चेलो श्रीराम व लक्ष्मण के साथ जनकपुर के लिए प्रस्थान कर देते है। महाराज जनक जब ब्रम्हर्षि विश्वामित्र के आने की सूचना पाते है तो वे विप्र वृन्द के साथ उनका स्वागत करने के लिए गेट पर आकर उन्हे एक सुन्दर आश्रम में विश्राम करने का निवेदन किया। ब्रम्हर्षि विश्वामित्र अपने दोनो चेलो के साथ आश्रम पर विश्राम करने लगे। दूसरे दिन गुरू विश्वामित्र के पूजा हेतु पुष्प वाटिका में पुष्प लेने के लिए राम लक्ष्मण पहुँचते है। किन्ही कारणवश उसी पुष्प वाटिका में सीता जी भी सखियो के साथ पहुँचती है, जहाँ श्रीसीता राम का मिलन होता है। इस मिलन को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गये।

इस अवसर पर अतिप्राचीन रामलीला कमेटी केे मंत्री ओमप्रकाश तिवारी, उपमंत्री लवकुमार त्रिवेदी, प्रबन्धक मनोज कुमार तिवारी, उपप्रबन्धक मयंक तिवारी, कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, वरूण अग्रवाल, कृष्ण बिहारी त्रिवेदी, राजकुमार शर्मा उर्फ छोटे आदि उपस्थित रहे।

Uttar Pradesh Fast News