शाह फैज स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस कार्यक्रम का हुआ आयोजन

गाजीपुर। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी शनिवार को शाह फैज़ विद्यालय के प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया गया। सर्वप्रथम विद्यालय के निदेशक डॉ. नदीम अधमी ने सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं व कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब वो शिक्षित होंगी। कार्यक्रम की शुरुआत ‘सुन भारत की नारी’  गीत से हुई तथा चंद्र भूषण राय ने महिला दिवस पर सभी को विशेष शपथ दिलाई।

विद्यालय के गैर शैक्षणिक कर्मचारी लक्ष्मण ने महिलाओं पर रोचक तथ्य बताये। महिलाओं के सम्मान में कंप्यूटर के अध्यापक अनूप श्रीवास्तव ने महिलाओं के सम्मान में ‘नारी है तो परिवार है ‘ कविता सुनायी साथ ही साथ विद्यालय की सभी महिला शिक्षिकाओं को सम्मान स्वरुप गुलाब का फूल व चॉकलेट दिया गया । महिलाओं के योगदान को दर्शाते हुए विद्यालय के अध्यापकों शिवम् सिंह यादव, इंद्रजीत दुबे व चंद्रभूषण राय ने एक नाटिका प्रस्तुत की जिसका सञ्चालन शिवम् प्रजापति ने किया।

अँग्रेज़ी के वरिष्ठ अध्यापक रत्नेश शुक्ला ने महिला दिवस पर भाषण की प्रस्तुति की जिसमें उन्होंने रानी लक्ष्मी बाई, सरोजिनी नायडू आदि महिलाओं का ज़िक्र किया व साथ ही इस विद्यालय की संस्थापिका मैडम सईदा फैज़ के बारे में बताया की यह विद्यालय भी एक महिला के ही प्रयत्नों का परिणाम है जिन्होंने सभी बाधाओं को पार करते हुए इतना बड़ा विद्यालय स्थापित किया। विद्यालय की उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी ने विद्यालय की समस्त महिलाओं की तरफ से धन्यवाद दिया व कहा कि इस विद्यालाय के सभी पुरुष महिलाओं का हमेशा सम्मान करते हैं। 

इस कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (प्रशासन) डॉ प्रीति उपाध्याय, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, महबूब आलम, रत्नेश शुक्ला, चंद्र भूषण राय , वसीम अहमद, शिवम् प्रजापति,अश्वनि सिंह, शिवम् सिंह यादव, इंद्रजीत दुबे, अंकिता दुबे व अन्य सभी शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।  कार्यक्रम का सञ्चालन महबूब आलम ने किया।  कार्यक्रम की साज सज्जा आमना ओबैद व उमेश ने की तथा संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।  

विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्राओं को दिया जा रहा है प्रशिक्षण

गाजीपुर। महुआबाग स्थित राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में वर्तमान में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य छात्राओं को लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन, संवाद कौशल और हेयर स्टाइलिंग में दक्ष बनाना है। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. अनीता कुमारी के संरक्षण में और रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. अकबरे आजम के समन्वय में आयोजित हो रहा है। इस कार्यक्रम का आयोजन नांदी महिंद्रा समूह और लॉरियल के सहयोग से किया गया है, जो छात्राओं के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रतिबद्ध हैं। कार्यक्रम में विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं को प्रभावी लक्ष्य निर्धारण, समय प्रबंधन तकनीक, संवाद कौशल और आधुनिक हेयर स्टाइलिंग के गुर सिखाए जा रहे हैं, जिससे वे व्यावसायिक दुनिया में आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. अनीता कुमारी ने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम छात्राओं के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करते हैं। कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अकबरे आजम ने कहा कि इस प्रशिक्षण से छात्राओं को व्यावहारिक कौशल प्राप्त होंगे, जो उनके करियर में सहायक सिद्ध होंगे।

छात्राओं ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और इसे अपने कौशल विकास के लिए अत्यंत लाभकारी बताया। इस प्रकार के कार्यक्रमों से महाविद्यालय की प्रतिबद्धता छात्राओं के सर्वांगीण विकास के प्रति प्रदर्शित होती है।

नशा मुक्ति और दहेज मुक्त भारत कार्यक्रम का हुआ आयोजन

पुस्तकों के अध्ययन से ज्ञान सम्यक एवं स्थाई होता है: प्रोफेसर डॉ० राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय

गाजीपुर। सप्त दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के शिविर के पांचवे दिन कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के दिशा-निर्देश पर “पढ़े महाविद्यालय – बढ़े महाविद्यालय”,”नशा मुक्त भारत” और “दहेज मुक्त भारत” पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर डॉ. राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने इस कार्यक्रम में छात्रों को पुस्तक पढ़ने और सामाजिक जागरूकता के महत्व को समझाया। उन्होंने ने कहा कि पुस्तकों के अध्ययन से ज्ञान सम्यक एवं स्थाई होता है। पुस्तकें पढ़ना कई तरह से लाभदायक होता है, जैसे कि ज्ञान और समझ बढ़ती है, शब्दावली में सुधार होता है, तनाव कम होता है, और एकाग्रता बढ़ती है। पुस्तकें हमें विभिन्न विषयों के बारे में सम्यक ज्ञान प्रदान करती हैं और हमारी समझ को व्यापक बनाती हैं। पुस्तकें पढ़ने से हमारी शब्दावली बढ़ती है और हम नए शब्दों को आसानी से सीख सकते हैं। प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने छात्र – छात्राओं से अपील की कि वे नशे के खिलाफ एकजुट होकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन भागीदार बनें। नशा युक्त समाज महिलाओं एवं बच्चों के उत्पीड़न का कारक बनता है। नशा मुक्त परिवार एवं नशा मुक्त देश विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा। उन्होंने दहेज प्रथा के खिलाफ भी संघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं से अपील की कि वे समाज में समानता और सम्मान की भावना को बढ़ावा दें। दहेज प्रथा शिक्षित समाज के लिए अभिशाप है, और इसे समाप्त करने के लिए समाज में जनजागरण अभियान चलाने की आवश्यकता है। यह कार्यक्रम छात्रों के लिए प्रेरणादायक साबित हुआ और इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डा॰ त्रिनाथ मिश्र, धर्मेन्द्र, डा॰ अतुल कुमार सिंह और डा॰ अशोक कुमार और सहायक कर्मचारी  सुनील कुशवाहा और  नीरज सिंह उपस्थित रहे।

डीएम ने अधिकारियों को किया सम्मानित


गाजीपुर।यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय गाजीपुर द्वारा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस 2025 के उपलक्ष्य में बैंक में कार्यरत महिला स्टाफ सदस्यों के लिए एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं के योगदान को सम्मानित करना और उनके उत्कृष्ट कार्यों को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी आर्यका अखौरी तथा मुख्य अतिथि केंद्रीय विद्यालय  की प्राचार्य बिनीता सिंह उपस्थित रहीं। इनके अतिरिक्त बैंक के क्षेत्र प्रमुख  संजय कुमार सिन्हा, उप क्षेत्र प्रमुख आशीष कुमार एवं  राजदेव कुमार सहित बैंक के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और महिला कर्मचारी भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने महिला सशक्तिकरण और कार्यस्थल पर महिलाओं की भागीदारी पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने बैंकिंग क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की।उनके सतत विकास के लिए हरसंभव सहयोग देने की बात कही।
महिला दिवस समारोह के दौरान, बैंक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली पांच महिला अधिकारियों को विशेष सम्मान प्रदान किया गया। जिलाधिकारी द्वारा इन अधिकारियों को सम्मान पत्र और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके समर्पण, परिश्रम और बैंकिंग सेवा में दिए गए योगदान के लिए प्रदान किया गया। इस अवसर पर बैंक के क्षेत्र प्रमुख संजय कुमार सिन्हा ने सभी महिला अधिकारियों को बधाई दी। बैंक में उनकी महत्त्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बैंक द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी भी दी। यह समारोह महिला सशक्तिकरण की दिशा में यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के प्रतिबद्धता को दर्शाता है और यह संदेश देता है कि समाज और संस्थानों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देना आवश्यक है।

राज्यसभा सांसद ने वितरण किया दवा,सेनेटरीपैड और चश्मा

राज्यसभा सांसद ने वितरण किया दवा,सेनेटरीपैड और चश्मा

गाजीपुर।शुक्रवार को जन औषधि दिवस के स्थापना दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में जन औषधि दिवस मनाया जा रहा है। जिसके तहत आज राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने गाजीपुर में विधानसभा जहूराबाद के ग्राम सलेमपुर में आयोजित जन औषधि कैंप का निरीक्षण किया।उन्होंने मुफ्त दवा, सेनेटरी पैड व चश्मा का वितरण की।
राजसभा सांसद ने बताया कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार हमेशा गरीबों और वंचितों के प्रति समर्पित रहती है। उनके हित में कार्य करती है आज प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हम जन औषधि दिवस मना रहे हैं और प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत गांवों में कैंप लगाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। जन औषधि केंद्र पर मिलने वाली दवाएँ उच्च गुणवत्ता युक्त सस्ते दामों पर मिलने वाली दवाएं हैं, भाजपा सरकार पूरी तरह से कटिबद्ध हैं कि आज के समय में कोई भी व्यक्ति पैसे के अभाव में दवाओं से वंचित नहीं रहे और अपना इलाज सुचारू रूप से करा सकें।
राज्यसभा सांसद इस परियोजना को विस्तार से बताते हुए कहा कि 2016 में इस योजना के माध्यम से 199 दवाएँ बेची गईं।
2017 में 98 प्रकार की बीमारियों के लिए 700 से अधिक जेनेरिक दवाएँ और 164 सर्जिकल आइटम बेचे गए।
मार्च 2018 में सुविधा नाम से लड़कियों के सैनिटरी नैपकिन की बिक्री शुरू हुई।
2019 में 900 प्रकार की जेनेरिक दवाएँ और 154 सर्जिकल उत्पाद बेचे गए।
2024 तक 2047 प्रकार की जेनेरिक दवाइयां और 300 से अधिक सर्जिकल उत्पाद बेचे जा रहे हैं। बिक्री में 5 आयुर्वेदिक उत्पाद भी शामिल किए गए हैं।
इस योजना के माध्यम से पिछले 10 वर्षों में 5600 करोड़ से अधिक की बिक्री के माध्यम से 30000 करोड़ से अधिक सार्वजनिक धन की बचत हुई है।
2014 से पहले जन औषधि केंद्रों की संख्या पूरे देश में मात्र 240 थी और जब 2014 के बाद जब भाजपा की सरकार बनी तो प्रधानमंत्री ने इस विषय को गंभीरता से लिए और गरीबों के कल्याण हेतु आज जन औषधि केन्द्रों की संख्या 240 से बढ़ाकर 15000 कर दिए।

छात्र-छात्राओं के लिए पांच दिवसीय योग शिविर का हुआ शुभारंभ

गाजीपुर। गुरुवार को पीजी कॉलेज में बीएड प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं के लिए 5 दिवसीय योग शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर का उद्घाटन विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. एसडी सिंह परिहार ने किया। इस अवसर पर योग गुरु राधेश्याम ओझा ने छात्र-छात्राओं को योग के सिद्धांतों और आसनों के लाभ और उनके सही अभ्यास की विधि से अवगत कराया। प्रोफेसर डॉ. एसडी सिंह, बीएड विभागाध्यक्ष ने इस अवसर पर कहा कि योग केवल एक शारीरिक अभ्यास नहीं है, बल्कि यह मानसिक, आत्मिक और सामाजिक संतुलन की ओर भी मार्गदर्शन करता है। बीएड के विद्यार्थियों के लिए योग का अध्ययन और अभ्यास अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह उन्हें न केवल शारीरिक रूप से सशक्त बनाता है, बल्कि मानसिक शांति और समग्र कल्याण के लिए भी लाभकारी है। आज के शिक्षण वातावरण में, जहां मानसिक तनाव, चिंता, और शारीरिक थकावट एक सामान्य समस्या बन चुकी हैं, योग एक प्रभावी उपाय साबित हो सकता है। विद्यार्थियों और शिक्षकों को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाए रखने के लिए योग का अभ्यास महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। योग गुरु राधेश्याम ओझा ने शिविर में भ्रामरी प्राणायाम, सूर्य नमस्कार, ताड़ासन, वृक्षासन सहित कई योग आसनों के महत्व पर प्रकाश डाला और छात्र-छात्राओं को सही ढंग से अभ्यास करने की विधि समझाई। उन्होंने बताया कि योग मानसिक शांति और शारीरिक तंदरुस्ती के लिए अत्यंत लाभकारी है।

इस शिविर का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ बनाना है, ताकि वे अपने शैक्षिक जीवन में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। शिविर में समस्त छात्रों ने भाग लिया और योग के लाभों को समझा।

सड़क सुरक्षा सप्ताह को लेकर निकाली गई जागरूकता रैली


सड़क सुरक्षा से जुड़े सामान्य नियमों पर जन जागरूकता रैली

गाजीपुर। बुधवार को स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफ. डॉ राघवेंद्र कुमार पाण्डेय के निर्देशन में राष्ट्रीय सेवा योजना की सभी इकाइयों द्वारा सप्त दिवसीय विशेष शिविर के तृतीय दिवस पर प्रथम सत्र में कार्यक्रम अधिकारी धर्मेन्द्र ने स्वयं सेवकों एवं स्वयं सेविकाओं को सड़क सुरक्षा के नियमो की शपथ दिलायी, तत्पश्चात सड़क सुरक्षा से जुड़े सामान्य नियमों पर जन जागरूकता रैली निकाली गयी। यह रैली स्नात्तकोत्तर महाविद्यालय से प्रारम्भ होकर प्रसादपुर एवं गंगा विशुनपुर ग्राम से होते हुए विभिन्न नारों के साथ महाविद्यालय के परिसर में समाप्त हुआ। इसके उपरांत द्वितीय सत्र में सड़क सुरक्षा से जुड़े सामान्य नियमों पर भाषण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर महाविद्यालय के असिस्टैंट प्रोफ. प्रदीप रंजन ने सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों पर अपने विचार प्रस्तुत किये। उन्होनें बताया कि किस तरह हमारे देश में हर एक मिनट में एक सड़क हादसा होता है और हर चार मिनट में एक व्यक्ति की मौत सड़क हादसे में हो जाती है और उसमें ज्यादतर लोग नवयुवक ही होते हैं। पिछले दो महिने में सिर्फ गाजीपुर जिले में 30 लोग सड़क हादसे में अपनी जान गवां बैठे हैं। यातायात नियमों का सही से पालन कर हादसों से बचा जा सकता है। इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डा॰ त्रिनाथ मिश्र धर्मेन्द्र, डा॰ अतुल कुमार सिंह और डा॰ अशोक कुमार और सहायक कर्मचारी सुनील कुशवाहा और  नीरज सिंह उपस्थित रहे।

एसडीएम से मिला विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का प्रतिनिधिमंडल

होली इवेंट के नाम पर होने वाले अभद्रता एवं अराजकता के विरोध में उपजिलाधिकारी से मिला विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल का प्रतिनिधिमंडल।

गाजीपुर। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के प्रतिनिधिमंडल द्वारा बुधवार को उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि शहर के विभिन्न लान एवं होटलों में आयोजित होने जा रहे होली इवेंट के कार्यक्रमों में असामाजिक तत्वों द्वारा हिंदू त्योहारों का मजाक उड़ाया जाएगा और हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ किया जाएगा। जिसके विरोध में आज प्रतिनिधिमंडल द्वारा उपजिलाधिकारी ज्ञापन सौंपा गया। कहा कि ऐसे सनातन विरोधी कार्यों से अवगत कराते हुए हिंदू त्योहारों पर कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा इवेंट के नाम पर कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है और हिंदू त्यौहार का मजाक उड़ाया जाता है। ऐसे त्योहारों का बहाना करके गुलाबी शाम, रंग उत्सव जैसे नाम देकर के युवा पीढ़ी को एक जगह इकट्ठा करना, टिकट लगाकर डांस कार्यक्रम करते हैं। ऐसे लोगों का हिंदू आस्था से कोई मतलब नहीं है । केवल पैसा कमाने के उद्देश्य से होने वाले इस तरह के कार्यक्रमों में केवल अभद्रता होती है और हिंदू त्योहारों का एक तरह से मजाक बनाया जाता है। विहिप -बजरंग दल के पदाधिकारियों द्वारा ऐसे कार्यक्रम करने वाले लोगों पर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की गई एवं कहा गया कि अगर प्रशासन के द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की गई तो इस कार्यक्रम को रोकने के लिए संगठन बाध्य होगा। जिस पर यदि कोई घटना घटती है तो जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ज्ञापन देने वालों में विहिप जिलाध्यक्ष विनोद उपाध्याय, जिला मंत्री विपिन श्रीवास्तव, बजरंग दल जिला संयोजक रविराज हिन्दू, जिला सह संयोजक शिवम् चौबे, उत्तम चौधरी, नगर अध्यक्ष अनुराग, नगर उपाध्यक्ष रामशीष, राजन, विनोद, बृजेश, अजय, रामजी इत्यादि उपस्थित रहे।

भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने में कृषि क्षेत्र की महती भूमिका: डॉ. संगीता बलवंत

भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने में कृषि क्षेत्र की महती भूमिका : डॉ. संगीता बलवंत

गाजीपुर। गोराबाजार स्थित पी.जी. कॉलेज में बी.एससी. (कृषि) सातवें सेमेस्टर के छात्रों के पाठ्यक्रम के अंतर्गत संचालित ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (Rural Agricultural Work Experience – RAWE) कार्यक्रम के तहत “संरक्षण कृषि: मृदा स्वास्थ्य और उत्पादकता में सुधार हेतु आधुनिक तकनीक” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला कृषि संकाय एवं कृषि विज्ञान केंद्र के तत्वावधान में संपन्न हुई, जिसमें कृषि वैज्ञानिकों, विषय-विशेषज्ञों, शोधार्थियों और छात्रों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि कृषि क्षेत्र सरकार की प्राथमिकताओं में है, जिसे बजट में भी विशेष महत्व दिया गया है। उन्होंने बताया कि किसान क्रेडिट कार्ड योजना के तहत अब 5 लाख रुपये तक का ऋण किसानों को पात्रता पूरी करने पर उपलब्ध होगा। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों की आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने का सतत प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक मजबूत वैश्विक अर्थव्यवस्था के रूप में उभर रहा है, जिसमें कृषि क्षेत्र की अहम भूमिका है। वर्तमान सरकार कृषि शिक्षा को भी बढ़ावा दे रही है, जिसके तहत कई नए कृषि संस्थानों और विश्वविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। कार्यशाला के विशिष्ट अतिथि कृषि उप निदेशक डॉ. अतिंद्र सिंह ने कृषि सुधारों एवं सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। वहीं, कृषि वैज्ञानिक डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने मृदा क्षरण और कटाव को रोकने के उपायों पर प्रकाश डालते हुए सीढ़ीदार खेतों, कवर फसलों और मृदा संशोधन जैसी तकनीकों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि मृदा स्वास्थ्य में सुधार कर कृषि उत्पादकता को बढ़ाया जा सकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राघवेंद्र कुमार पांडेय ने कहा कि कृषि व्यवसाय में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं, जो सिर्फ ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि शहरी युवाओं को भी उद्यमिता के नए अवसर प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि भारत कृषि के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर दूसरे स्थान पर है और यह देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कोरोना महामारी के दौरान कृषि क्षेत्र ने भारतीय अर्थव्यवस्था को स्थिर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। भारत, जो 1965 से पहले खाद्यान्न के लिए अन्य देशों पर निर्भर था, हरित क्रांति के माध्यम से आत्मनिर्भर बना। इस कार्यक्रम के कोऑर्डिनेटर प्रो. (डॉ.) जी. सिंह ने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) द्वारा कृषि स्नातक पाठ्यक्रम में ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (RAWE) को शामिल किया गया है। इसके तहत छात्रों को 20 सप्ताह तक प्रशिक्षण प्राप्त करना होगा, जिसमें एक सप्ताह कॉलेज कैंपस में, पांच सप्ताह कृषि विज्ञान केंद्र में, तीन सप्ताह प्लांट हेल्थ क्लिनिक में, आठ सप्ताह किसानों के साथ गाँवों में व्यवहारिक प्रशिक्षण, तीन सप्ताह एग्रो-इंडस्ट्री में प्रशिक्षण और एक सप्ताह प्रोजेक्ट तैयार करने और प्रस्तुत करने का प्रशिक्षण शामिल होगा। इस अवसर पर प्रो. (डॉ.) अरुण कुमार यादव, डॉ. योगेश कुमार, डॉ. शिव शंकर सिंह यादव, डॉ. अशोक कुमार, कृषि वैज्ञानिक डॉ. धर्मेंद्र कुमार सिंह, डॉ. विनोद कुमार सिंह, डॉ. शिव कुमार सिंह, इंजीनियर आशीष बाजपेई, डॉ. प्रमोद कुमार सिंह, डॉ. सत्येंद्रनाथ सिंह, डॉ. रामदुलारे, इंजीनियर मनोज कुमार मिश्र, डॉ. रागिनी अहिरवार, डॉ. गौतमी जैसवारा, डॉ. कपिल देव शर्मा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. (डॉ.) राघवेंद्र कुमार पांडेय ने की तथा संचालन कोऑर्डिनेटर प्रो. (डॉ.) जी. सिंह ने किया। अंत में प्रतिभागी छात्र एवं छात्राओं को प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किया गया।

डीएम-एसपी ने किया जिला जेल का निरीक्षण,दिए निर्देश

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा ने जिला कारागार का बुधवार को स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी एंव पुलिस अधीक्षक ने जिला कारागार मे कारागार चिकित्सालय, महिला एंव पुरूष बैरक, रसोई घर, का निरीक्षण किया। कारागार में लगाए गए सी सी टी वी की संचालन व्यवस्था की जॉच की। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने कारागार चिकित्सालय मे भर्ती कैदियों से बीमारियो के संबंध मे पूछा तथा उनके खान-पान एवं साफ-सफाई की जानकारी ली। जिला कारागार के हवालात कार्यालय के स्टाक रजिस्टर की जांच की गई, इसके पश्चात बारी-बारी से सभी बैरको का निरीक्षण किया गया। बैरको मे बन्दियो के कार्ड पर अगली पेशी का दिनांक को चेक किया गया। कारागार मे रसोई घर के निरीक्षण मे प्रत्येक दिन बनने वाले भोजन के मीनू की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया की जेल के अन्दर किसी भी दशा मे मोबाइल व अन्य उपकरण का प्रवेश न होने पाए इस हेतु रोस्टर बनाकर चेंकिग अभियान चलाकर चेक किया जाए, इसके अतिरिक्त महिला बन्दीगृह मे दी जा रही सुविधाओ के बावत जानकारी ली।इस मौके पर अपर जिलाधिकारी भू0/रा0 आयुष चौधरी, एसपी सिटी उपस्थित रहे।

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