‘स्वयं और दुनिया के साथ सामंजस्य बनाये रखने का विज्ञान’ है योग

‘स्वयं और दुनिया के साथ सामंजस्य बनाये रखने का विज्ञान’ है योग: कर्ण बहादुर सिंह

गाजीपुर। पी० जी० कालेज में पूर्व शोध प्रबन्ध प्रस्तुत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। यह संगोष्ठी महाविद्यालय के अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ तथा विभागीय शोध समिति के तत्वावधान में महाविद्यालय के सेमिनार हाल में सम्पन्न हुई, जिसमें महाविद्यालय के प्राध्यापक, शोधार्थी व छात्र- छात्राएं उपस्थित रहे। उक्त संगोष्ठी मे विज्ञान संकाय के शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विषय के शोधार्थी कर्ण बहादुर सिंह ने अपने शोध शीर्षक “विभिन्न योगिक क्रियाओं का जीवन शैली पर प्रभाव “.नामक विषय पर शोध प्रबन्ध व उसकी विषय वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि विभिन्न योगिक क्रियाओं का मानव जीवन शैली पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है सामान्यतः योग ‘स्वयं और दुनिया के साथ सामंजस्य बनाये रखने का विज्ञान’ है। यह न केवल मानव शरीर को स्वस्थ बनाये रखने के लिए है, बल्कि मन और आत्मा को भी सक्रिय बनाये रखने में मदद करता है। योगाभ्यास शरीर, मन और आत्मा को एक साथ जोड़कर हमारे दृष्टिकोण, व्यवहार को सकारात्मक रूप से बदलकर खुशी, शांति, संतुष्ठी और आनंदपूर्ण रहने के लिए सक्षम बनाता है। प्रस्तुतिकरण के बाद विभागीय शोध समिति, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ व प्राध्यापकों तथा शोध छात्र-छात्राओं द्वारा शोध पर विभिन्न प्रकार के प्रश्न पूछे गए जिनका शोधार्थी कर्ण बहादुर सिंह ने संतुष्टिपूर्ण एवं उचित उत्तर दिया। तत्पश्चात समिति चेयरमैन एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने शोध प्रबंध को विश्वविद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया। इस संगोष्ठी में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, अनुसंधान एवं विकास प्रकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह , मुख्य नियंता प्रोफेसर (डॉ०) एस० डी० सिंह परिहार, शोध निर्देशक डॉ० अनुराग सिंह एवं शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० लवजी सिंह, डॉ० ओमदेव सिंह गौतम , प्रोफे०(डॉ०) अरुण कुमार यादव, डॉ० रामदुलारे, डॉ० कृष्ण कुमार पटेल, डॉ० अमरजीत सिंह, डॉ० प्रोफे० (डॉ०) सत्येंद्र नाथ सिंह, डॉ० योगेश कुमार, डॉ०शिवशंकर यादव, डॉ. मनोज कुमार मिश्र, प्रोफे० (डॉ०) सुनील कुमार, डॉ० संजय श्रीवास्तव एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण तथा शोध छात्र छात्रएं आदि उपस्थित रहे। अंत में अनुसंधान एवं विकास प्रोकोष्ठ के संयोजक प्रोफे० (डॉ०) जी० सिंह ने सभी का आभार व्यक्त किया।

17 स्कूल व कॉलेजों में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम

छात्र–छात्राओं को ‘फाइलेरिया रोधी दवा’ सेवन के लिए किया जागरूक

शनिवार को जनपद के 17 स्कूल व कॉलेजों में आयोजित हुए जागरूकता कार्यक्रम

फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जनपद में 10 अगस्त से शुरू होगा एमडीए अभियान

गाज़ीपुर। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद में 10 अगस्त से मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान की शुरुआत की जाएगी। इसके तहत लक्षित आबादी को फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन कराया जाएगा, जिससे वह फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बच सकें। इसके लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल के निर्देशन में स्कूलों और विद्यालयों में जन जागरूकता कार्यक्रम व गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। यह गतिविधियां स्वास्थ्य व शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों के संयुक्त प्रयास और पीसीआई, पाथ, डब्ल्यूएचओ व सीफार संस्था के सहयोग से आयोजित की जा रही हैं।


शनिवार को सैदपुर स्थित बेनी सिंह इंटर कॉलेज, नगर के मेरी सिटी स्कूल व एमएएच इंटर कॉलेज समेत 17 स्कूलों में एक हजार से अधिक छात्र – छात्राओं को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करने के बारे में जागरूक किया गया। बेनी सिंह इंटर कॉलेज में प्रार्थना सभा के दौरान स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रेखा मधुकर और मेरी सिटी स्कूल में बायोलोजिस्ट अशोक प्रकाश मौर्य के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने फाइलेरिया बीमारी के कारण, लक्षण, जांच और बचाव आदि के बारे में जानकारी देते हुए एमडीए अभियान (10 अगस्त से दो सितंबर) के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर छात्र – छात्राओं को बताया कि फाइलेरिया (फीलपाँव या हाथीपाँव) वाहक मच्छर क्यूलेक्स के काटने के बाद इसके लक्षण पांच से 15 साल के बाद दिखाई देते हैं। इसलिए एक साल से ऊपर के सभी बच्चों, किशोर-किशोरियों, वयस्कों, वृद्धजनों को फाइलेरिया से बचाव की दवा जरूर खानी चाहिए। यह दवा स्वास्थ्यकर्मियों और आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा घर-घर जाकर खिलाई जाएगी। यह दवा वितरित नहीं की जाएगी।

स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ता यह दवा लोगों को अपने समक्ष खिलाएँगी। यह दवा खाली पेट नहीं खानी है। यह दवाएं पूरी तरह सुरक्षित हैं। साथ ही यह दवा एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और गंभीर रूप से बीमारव्यक्तियों को नहीं खानी है। इस दवा के साल में एक बार और पाँच साल लगातार सेवन करने से हम फाइलेरिया से सुरक्षित बन सकते हैं। इसके लिए जन सहभागिता की बेहद आवश्यकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वह ज्यादा से ज्यादा लोगों को एमडीए अभियान और फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन करने के बारे में जागरूक करें। इस अवसर पर समस्त स्कूलों के प्रधानाचार्य, अध्यापक, शिक्षक, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी रेखा मधुकर, बायोलॉजिस्ट अशोक प्रकाश मौर्य एवं पीसीआई के जिला समन्वयक मनीष दुबे समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

विभिन्न मांगों को लेकर एनएचएम संविदा कर्मियों ने सीएमओ को सौपा पत्र

विभिन्न मांगों को लेकर एनएचएम संविदा कर्मियों ने सीएमओ को सौपा पत्र

ग़ाज़ीपुर।एनएचएम संविदा कर्मचारी जो अपने कई मांगों को लेकर पिछले 26 जुलाई से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी कड़ी में संविदा कर्मचारियों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अपनी मांगों से संबंधित एक पत्र सौपा।

संविदा कर्मचारी संगठन के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह ने बताया कि उ0प्र0राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ(रजि0) के बैनर तले प्रदेश भर के लगभग 1.50 लाख की संख्या में संविदा कर्मचारी संगठित हैं।समस्त संविदा कर्मचारियों द्वारा वैष्विक महामारी में शहर से लेकर गाँव तक समुदाय के अन्तिम व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवा को पहुँचाने में जीवन तक कुर्बान करते हुए अतुलनीय योगदान दिया है, जिसको कभी भुलाया नहीं जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग के एनएचएम संविदा कर्मचारियों के भविष्य को सुदृढ़ करने हेतु आपसे विनम्र अनुरोध है कि कृपया संगठन की समस्त 15 सूत्रीय प्रमुख जायज मांगों को लेकर पत्र सौंपा गया है। उन्होंने अपने मुख्य मांगों में म्यूचुअल एवं रिक्त पदों पर गैर जनपद स्थानान्तरण का अनुमोदन एवं संविदा कर्मचारियों हेतु भी प्रत्येक वर्ष स्वयं के अनुरोध पर गैर जनपद स्थानान्तरण नीति को लागू किया जाए। केन्द्र सरकार से उत्तर प्रदेश को आवंटित अतिरिक्त 3ः प्राप्त बजट से वेतन विसंगति का निस्तारण कर वेतन वृद्धि की जाये। बढ़ती हुई महंगाई के दृष्टिगत संविदा कर्मचारियों हेतु म्च्थ्, ग्रेड-पे ।(मंहगाई भत्ता) लागू किया जाये। प्रदेष के शेष 35 जनपदों के डाटा आपॅरेटर को जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजित किया जाये। पी0बी0आई0 उनके मानदेय में जोड़ा जाये(बिहार राज्य के अनुसार)। नियमित पदो के सापेक्ष होने वाली भर्ती प्रक्रिया में स्टॉफ नर्स की भाँति अन्य समस्त संविदा कर्मचारियों को भी भारांक/वरीयता दिया जाये। संविदा कर्मचारियों के लिये भी सुविधा को लागू किया जाये।सबसे कम मानदेय पर कार्य कर रहीं संविदा ।मासिक मानदेय न्यूनतम रू0 25000/- किया जाये।

इस मौके पर प्रेम प्रकाश राय, सुरेंद्र यादव, रियाज सुल्तान, ओंकार पांडे, वर्तिका तिवारी ,अविनाश शर्मा ,सोनू कुमार ,सुनील यादव ,अनिल शर्मा, प्रतिभा विश्वकर्मा ,राधेश्याम यादव, समारू कुमार, मिथिलेश कुमार सिंह, संजय सिंह यादव ,अशोक कुमार, साकेत सिंह आदि रहे।

गाजीपुर प्रेस क्लब ने दूसरे वर्ष भी 10 लाख बीमा कराने का किया कार्य प्रारंभ

प्रेस क्लब ने दूसरे साल 10 लाख बीमा कराने का किया कार्य प्रारंभ

गाजीपुर। स्थापना के दूसरे वर्ष भी गाजीपुर प्रेस क्लब ने अपने सदस्यो का दस लाख का दुर्घटना बीमा कराने का कार्य शुक्रवार को शुभारंभ किया। मुख्य डाकघर स्थित इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक से सदस्यों का बीमा कराया गया। मालूम हो कि बीते वर्ष भी अपने 100 से ज्यादा सदस्यों का गाजीपुर प्रेस क्लब ने 10 लाख रुपए का बीमा कराया था।

इस संदर्भ में गाजीपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष शिवकुमार ने बताया कि हमारे क्लब में लगभग 100 पत्रकार बतौर सदस्य शामिल हैं, इन सभी सदस्यो का दस लाख का दुर्घटना बीमा कराया जायेगा, जिसकी आज से शुरुआत की गई है। इस बीमा योजना के तहत दुर्घटना में मृत, दुर्घटना में आंशिक व पूर्ण या स्थायी विकलांगता, दुर्घटना में अंग-भंग होने पर बीमा धारक को दस लाख रूपये प्राप्त होंगे। इसी तरह दुर्घटनावश चिकित्सा व्यय/ओपीडी में खर्च हुई धनराशि का कवरेज भी मिलेगा। साथ ही वर्ष में एक बार मेडिकल चेकअप की नि:शुल्क व्यवस्था भी दी जा रही है।

इस अवसर पर गाजीपुर प्रेस क्लब के महासचिव कृपा कृष्ण “केके”, सचिव विनीत दुबे, प्रबंध समिति के सदस्य अनिल कश्यप समेत बड़ी संख्या में क्लब के सदस्य उपस्थित रहे।

सीएमओ ने की अपील,घर व आसपास रखें साफ-सफाई, न होने दें जलजमाव की स्थिति

घर-घर जाकर मच्छरों का लार्वा खोज रहे ‘डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स’

नगर पालिका क्षेत्र में एक सप्ताह से अधिक जमा पानी को करवा रहे खाली

मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए समुदाय को कर रहे जागरूक

सीएमओ ने की अपील – घर व आसपास रखें साफ-सफाई, न होने दें जलजमाव की स्थिति

गाज़ीपुर। जनपद में मच्छर जनित बीमारियों जैसे डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया आदि से बचाव के लिए जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सक्रिय है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल के निर्देशन में पूरे जुलाई माह चलाए गए विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान के तहत ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में विभाग की ओर से आवश्यक कार्रवाई की जा चुकी हैं। अब जिले में मच्छरों के लार्वा को खोजने के लिए डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) यानि घरेलू प्रजनन जांचकर्ता घर-घर भ्रमण कर रहे हैं। एक सप्ताह से अधिक जमा पानी को खाली करवा रहे हैं।
जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि सीएमओ के निर्देशन में नगरीय क्षेत्र में वेक्टर जनित रोगो की रोकथाम और घर-घर लार्वा जांच के लिए 11 घरेलू प्रजनन जांचकर्ताओं को प्रशिक्षित कर तैनात किया गया है। यह सभी घरेलू प्रजनन जांचकर्ता घर या बाहर जमा पानी के स्रोतों पर मच्छरों के लार्वा की जांच कर रहे हैं। लार्वा प्रजनन स्रोत पाये जाने पर उनका विनष्टीकरण का कार्य भी कर रहे हैं। कूलर, टायर, टंकी आदि जगहों पर एक सप्ताह से अधिक जमा पानी को खाली करा रहे हैं और साफ-सफाई के बारे में जानकारी दे रहे हैं। साथ ही प्रचार-प्रसार सामग्री की सहायता से समुदाय को संचारी रोगों से बचाव के लिए ‘क्या करें-क्या न करें’ और ‘हर रविवार मच्छर पर वार’ के प्रति जागरूक कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि समस्त जांचकर्ता नगर के सभी वार्डों खासकर मलिन बस्तियों और उच्च जोखिम वाले इलाकों में भ्रमण कर मच्छरों के लार्वा की जांच कर रहे हैं। एक दिन में कम से कम 50 घरों का भ्रमण कर रहे हैं।
शुक्रवार को उन्होंने भूतैयाताड़ क्षेत्र के तुलसी सागर में करीब 50 घरों का भ्रमण कर गहन निरीक्षण किया था। कुछ घरों में लार्वा के स्रोतों को खाली कराकर साफ कराया। लोगों को जागरूक किया कि कूलर, टंकी, टायर, फ्रिज की ट्रे आदि जगहों पर एक सप्ताह से अधिक पानी न जमा होने दें। साफ-सफाई का ध्यान रखें। इस कार्य में समुदाय का सहयोग मिल रहा है।
सीएमओ डॉ देश दीपक पाल ने जनपदवासियों से अपील की है कि संचारी रोगों से बचाव के लिए सभी अपने घरों के आसपास साफ-सफाई रखें, झाड़ियां न उगने दें, जल जमाव न की स्थिति पैदा होने दें, रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल या लार्वा रोधी रसायन डालें, कूलर आदि का पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदलें, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें, कोई भी बुखार का लक्षण दिखे तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर जांच एवं इलाज़ कराएं। बाहर के दूषित भोजन पानी का प्रयोग न करें। उन्होंने ‘हर रविवार मच्छर पर वार, खत्म करेंगे डेंगू, मलेरिया बुखार’ का संदेश दिया।

परीक्षा नियंत्रक ने किया औचक निरीक्षण,मानक के अनुरूप मिली तैयारियां

परीक्षा नियंत्रक ने औचक निरीक्षण किया,मानक के अनुरूप मिली तैयारियां

गाजीपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर के नवागत परीक्षा नियंत्रक डा. विनोद कुमार सिंह गुरुवार को विश्वविद्यालय परीक्षाओं का औचक निरीक्षण के क्रम में गाजीपुर के अलग-अलग परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इसी क्रम में वह स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर भी पहुंचे।बताते चलें कि बी०एड० सेकेंड सेमेस्टर एवं अन्य विषयों के सेमेस्टर की परीक्षाएं वर्तमान में चल रही है। सुचिता पूर्ण परीक्षा संपन्न हो, इसके दृष्टिगत द. विनोद कुमार सिंह ने संबद्ध कॉलेजों का औचक निरीक्षण किया।
गुरुवार को परीक्षाओं की तैयारियों और अन्य मानकों की जांच के क्रम में डॉ विनोद कुमार सिंह पी० जी० कॉलेज भी पहुंचे। उन्होंने परीक्षा कक्ष का स्वयं निरीक्षण किया। परीक्षा के दौरान महाविद्यालय प्रशासन की ओर से परीक्षाओं के लिए की गई तैयारी की उन्होंने सराहना की। डॉ विनोद कुमार सिंह ने पी० जी० कॉलेज प्रशासन की ओर से सीसीटीवी कैमरे आदि की व्यवस्था को भी देखकर संतुष्ट दिखे। उन्होंने कहा कि पी जी कॉलेज की तरह ही जनपद के अन्य संबद्ध कॉलेजों को भी पारदर्शी तरीके से परीक्षा संपन्न करनी चाहिए। परीक्षा संबंधित सभी दस्तावेजों को नियमानुसार सुरक्षित रखा जाना चाहिए। जांच के क्रम में उन्होंने प्रश्न पत्र कोठार एवं उत्तर पुस्तिका कोठार का भी निरीक्षण किया। जांच में विनोद कुमार सिंह को सभी तैयारी मानक के अनुरूप लगी। इसके उपरांत परीक्षा नियंत्रक महाविद्यालय के शोध ग्रंथालय का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में अपना संदेश भी लिखा। निरीक्षण की समाप्ति के बाद प्राचार्य कक्ष में स्मृति चिन्ह देखकर परीक्षा नियंत्रक को सम्मानित भी किया गया।
बताते चले कि वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में बीते शनिवार को विनोद कुमार सिंह ने परीक्षा नियंत्रक का कार्यभार ग्रहण कर लिया। प्रभारी परीक्षा नियंत्रक अजीत सिंह ने उन्हें कार्यभार सौंपा। इसके पूर्व वह लखनऊ विश्वविद्यालय में कुल सचिव पद पर कार्यरत थे।विनोद सिंह के परीक्षा नियंत्रक का कार्यभार ग्रहण करने के बाद कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने अधिकारियों और कर्मचारिओं की शिष्टाचार बैठक आहुत की थी।परीक्षा नियंत्रक ने केन्द्रीय शोध ग्रंथालय का निरीक्षण किया। उन्होंने केन्द्रीय शोध ग्रंथालय में रखे आगंतुक संदेश पुस्तिका में अपना संदेश भी लिखा। निरीक्षण के अंत में परीक्षा नियंत्रण को स्मृति चिन्ह देखकर प्राचार्य कक्ष में सम्मानित किया गया।

पी जी कालेज में दूसरी पाली में हो रही परीक्षाओं का परीक्षा नियंत्रक द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, प्रोफे० (डॉ०) एस० डी० सिंह, प्रोफे० (डॉ०) अवधेश सिंह, प्रोफे० (डॉ०) एस एन सिंह, डॉ० लवजी सिंह, डॉ० रामदुलारे, डॉ योगेश कुमार, डॉ अमरजीत सिंह, डॉ धर्मेन्द्र, डॉ अशोक कुमार, डॉ मनोज कुमार मिश्र, अरूण कुमार सिंह के साथ ही परीक्षा विभाग से संबद्ध अन्य प्राध्यापक भी मौजूद रहे।

डा.संगीता बलवंत ने उठाया अंधऊ हवाई पट्टी का मुद्दा

राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने उठाया अंधऊ हवाई पट्टी का मुद्दा

ग़ाज़ीपुर।आम बजट 2024-25 पर चर्चा में भाग लेते हुए राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत ने अपने गृह जनपद की तरफ केंद्र सरकार का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि गाजीपुर – मऊ मार्ग पर ग्रामसभा अंधुऊ में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 63 एकड़ में हवाई पट्टी बनाई गई थी। जो आज भी सक्रिय हैं।डा. संगीता बलवंत ने सरकार की महत्वाकांक्षी उड़ान योजना के तहत विमान सेवा स्थापित कराने की माँग रखी।साथ ही डा.संगीता बलवंत ने कहा कि विमान सेवा शुरू होने से जनपद गाजीपुर के साथ ही जनपद मऊ, बलिया, आज़मगढ़,चंदौली तथा सीमावर्ती बिहार प्रांत के कई जिले के लोगों को आवागमन हेतु सुविधा प्राप्त होगी।

उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार को आईना दिखाते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि आजादी के 67 साल 2014 से पहले सम्पूर्ण भारतवर्ष में मात्र 74 एयरपोर्ट थे । 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार में पिछले 10 वर्षों में एयरपोर्टों की संख्या में दोगुनी वृद्धि हुई और एयरपोर्टों की संख्या बढ़कर 148 हो गई हैं।

डीएम ने किया निरीक्षण, दी हिदायत

गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने तहसील सैदपुर के विभिन्न कक्षो/पटलो का बुधवार को स्थलीय निरीक्षण किया तथा  तहसील मे आये हुए व्यक्तियो से बात चीत कर तहसील मे कार्यरत कर्मचारी के व्यवहारो के बारे मे जानकरी ली। जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी न्यायालय कक्ष, नायब तहसीलदार कक्ष, न्यायालय तसीलदार कक्ष, रजिस्ट्रार कानून-गो कक्ष, अभिलेखागार, संग्रह रिकार्ड रूम, कम्प्युटर कक्ष, आपूर्ति कार्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान  पटलों पर कार्य संतोषजनक रहा एवं  कुछ पटलो पर कमियां मिली तथा रजिस्टर के रख रखाव सही ढंग से नही होने पर हिदायत दी गयी। जिलाधिकारी ने सभी पटल सहायको को निर्देश दिया कि जितने भी  शिकायती पत्र, बटवारे का वाद,  धारा 24 व धारा 116 एवं फाईले लंबित है उसे यथाशीघ्र निस्तारण करने की कार्यवाही की जाये। इसके साथ ही उन्होने परिसर की साफ-सफाई, परिसर मे पेयजल व्यवस्था व शौचालयो की साफ सफाई का निर्देश दिया। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सैदपुर, तहसीलदार सैदपुर, नायब तहसीलदार सैदपुर व अन्य अधिकारीगण मौजूद थे।        

तीन सेंटीमीटर के रफ्तार से बढ़ रहा गंगा का पानी

ग़ाज़ीपुर। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। बीते 24 घण्टे में गंगा का जलस्तर तेजी के साथ ऊपर आया है। बीते 24 घण्टे के भीतर ही गंगा के जलस्तर में करीब 1 मीटर से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है। यह अलग बात है कि गाजीपुर में अभी गंगा सामान्य जलस्तर से भी कई मीटर नीचे हैं, लेकिन भविष्य में संभावित बाढ़ की आशंका से तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोग चिंतित नजर आ रहे हैं।

जिला आपदा विशेषज्ञ अशोक राय ने बताया कि आज सुबह 8 बजे तक गंगा के जलस्तर गंगा का जलस्तर 57.160 मीटर है। गाजीपुर में 61.550मीटर पर चेतावनी बिंदु है।

सिचाईं विभाग के एक्सईएन राजेन्द्र प्रसाद ने बताया कि बीते 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 3 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि पहाड़ो से आ रहे पानी की वजह से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर और आगामी दिनों में संभावित बाढ़ को लेकर जिला प्रशासन एलर्ट मोड में आ चुका है। गंगा का पानी लगातार बढ़ता हुआ दर्ज किया जा रहा है। आने वाले दिनों में नदी के जलस्तर में और बढ़ोतरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोगों को सतर्क कर दिया गया है। हालत अभी नियंत्रण में है और गंगा सामान्य जलस्तर से भी काफी नीचे है।

सिंचाई संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई गई शपथ

सिंचाई संघ का अधिवेशन संपन्न

सुबास सिंह अध्यक्ष, बृजेश यादव मंत्री, निर्विरोध निर्वाचित

सूर्यकान्त कुमार मण्डल अध्यक्ष, उमेश चंद सिंह चेयरमैन संघर्ष समिति के मनोनित

गाजीपुर। सिंचाई संघ उत्तर प्रदेश जनपद शाखा नलकूप खंड द्वितीय का द्विवार्षिक अधिवेशन पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार खजुरिया तिराहा स्थित राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के कैंप कार्यालय पर बुधवार को प्रांतीय महामंत्री नमो नारायण राय के पर्यवेक्षण, राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष इं सुरेंद्र प्रताप यादव की देख रेख में सम्पन्न हुआ। परिषद के जिलामंत्री बैजनाथ तिवारी चुनाव अधिकारी एवम अश्वनी सिंह सहायक चुनाव अधिकारी द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया का निर्वाहन कर चुनाव सम्पन्न कराया गया। अधिवेशन में अतिथियों को अंग वस्त्र एवम माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।

कार्यक्रम में सेवा निवृत कर्मचारी एवम पेंशनर्स ऐशो के जिलाध्यक्ष मुक्तेश्वर श्रीवास्तव, अशोक कुमार,परिषद के कार्यवाहक अध्यक्ष अरुण सिंह, अशोक सिंह,निसार अहमद,अखिलेश राय,अवध नारायण राम, आदि ने संबोधित किया। अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के पूर्व जिलाध्यक्ष एवम संरक्षक अम्बिका दूबे ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को अपनी शुभ कामनाएं देते हुए एक जुट हो कर संघर्ष करने की अपील की। अधिवेशन में अम्बिका दूबे संरक्षक, सुबास सिंह अध्यक्ष, अशोक कुमार पाण्डेय वरिष्ठ उपाध्यक्ष, उमेश चंद्र सिंह गुड्डी चेयर मैन संघर्ष समिति, बृजेश यादव मंत्री, रामाधार राम संप्रेक्षक, निसार अहमद कोषाध्यक्ष, घोषित किए गए। इस दौरान निर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवम गोपनीयता की शपथ प्रांतीय महामंत्री नमो नारायण राय ने दिलाई। नव निर्वाचित अध्यक्ष सुबास सिंह ने संघ के सदस्यों के हितों के लिएं हर सम्भव सहयोग संघर्ष करने का आश्वासन दिया।अधिवेशन की अध्यक्षता अम्बिका दूबे एवम संचालन बृजेश यादव ने किया एवं सभी के प्रति धन्यवाद गुड्डी सिंह ने व्यक्त किया।

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