परीक्षा को लेकर केंद्र व्यवस्थापको व सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ की गई बैठक

गाजीपुर।अपर जिलाधिकारी वि0/रा0 दिनेश कुमार की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी परीक्षा को सकुशल संपन्न कराए जाने के संबंध में केंद्र व्यवस्थापको एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट के साथ गुरुवार को बैठक की गई।
उन्होेने बताया कि समीक्षा अधिकारी/सहायक समीक्षा अधिकारी आदि (प्रा०)-2023 का आयोजन जनपद के कुल 50 परीक्षा केन्द्रों पर 11 फरवरी 2024 (रविवार) को दो सत्रों में (पूर्वान्ह 09ः30 बजे से 11ः30 बजे तक व अपरान्ह 02ः 30 बजे से 03ः30 बजे तक) सम्पन्न होनी है। जनपद के कुल 50 परीक्षा केंद्रों पर 21216 अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। परीक्षा को नकल विहीन एवं शुचितापूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए यथावश्यक सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर एक-एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात करते हुए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने निर्देश दिया कि समस्त सेक्टर मजिस्ट्रेट परीक्षा की तिथि 11 फरवरी (रविवार) को प्रथम एवं द्वितीय सत्र के गोपनीय शील्ड पैकेट प्राप्त करने के लिए निर्धारित समयान्तराल में उपस्थित होंगे। गोपनीय सामग्री प्राप्त कर परीक्षा प्रारम्भ होने से 01ः30 घण्टे पहले परीक्षा सामग्री अपने सेक्टर के परीक्षा केन्द्रों पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में प्रधानाचार्य को नियमानुसार प्राप्त कराया जाना सुनिश्चित करेंगे। सभी स्टेटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा केन्द्र पर परीक्षा प्रारम्भ होने से परीक्षा समाप्ति तक उपस्थित रहेगे।
अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व ने परीक्षा से पूर्व सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, कक्षों में विद्युत की पर्याप्त व्यवस्था करने, शौचालयों के साथ ही साफ सफाई आदि समस्त परीक्षा केंद्रों पर करने के निर्देश दिए, जिससे परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने सभी केंद्र व्यवस्थापको को सख्त निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही नही होनी चाहिए अन्यथा जवाबदेही तथा कार्यवाही की जाएगी। बैठक में समस्त उपजिलाधिकारी,  पुलिस अधीक्षक शहरी,आयोग के अधिकारीगण, जिला विद्यालय निरीक्षक, समस्त केन्द्र व्यवस्थापक, सेक्टर/स्टेटिक मजिस्ट्रेट,उपस्थित थे।
             

स्व.अमलधारी यादव के परिवार से मिला सपा प्रतिनिधिमंडल,की यह मांग

ग़ाज़ीपुर।गुरुवार को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर तय कार्यक्रम के मुताबिक समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों हत्या हुई सपा नेता अमलधारी यादव के अतरसुआ गांव स्थित उनके पैतृक आवास पर पहुंचकर उनके परिजनों से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त किया।घटना की विस्तृत जानकारी प्राप्त किया। वापस आकर प्रतिनिधिमंडल में शामिल पूर्व विधान परिषद सदस्य रामवृक्ष यादव, जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ,राष्ट्रीय सचिव राजेश कुशवाहा,पूर्व विधान परिषद सदस्य एवं सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष काशीनाथ यादव, विधान सभा अध्यक्ष तहसीन अहमद आदि नेताओं ने पार्टी कार्यालय समता भवन पर पहुंचकर पत्रकार बन्धुओं से वार्ता करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ता अमलधारी की हत्या हुए लगभग एक सप्ताह हो गए हैं लेकिन आज तक हत्यारें पकड़े नहीं गए जो निहायत चिंता का विषय है

। नामजद एफआईआर होने और अपराधी जो पहले से ही सजायाफ्ता है और एक मुकदमें में जिसे आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है और उस अपराधी पर पहले से ही नौ नौ मुकदमें दर्ज है उसके बावजूद आज तक हत्यारों की गिरफ्तारी न होना पुलिस प्रशासन की कार्यवाही पर सवालिया निशान खड़ा करता है।हत्यारों के गिरफ्तार न होने के चलते अमलधारी का पूरा परिवार दहशत के साये में जी रहा है और क्षेत्रवासी भी खौफजदा होने कें साथ-साथ आक्रोशित है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओ ने अमलधारी के परिजनों को सशस्त्र लाईसेंस उपलब्ध कराने, तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मुहैय्या कराने के साथ-साथ हत्यारों को तत्काल गिरफ्तार करने की भी मांग किया।
जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि यदि अपराधी जल्द नहीं गिरफ्तार किए गए तो पार्टी आंदोलन करने को बाध्य होगी।

स्व.सुरजादेवी को दी गई श्रद्धांजलि

स्व.सुरजादेवी को दी गई श्रद्धांजलि

गाजीपुर। गुरूवार को पी.जी. कॉलेज के छात्र नेताओं व कर्मचारी संगठन के द्वारा विकास भवन परिसर में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रेम शुक्ला की माता स्वर्गीय सुरजादेवी के स्मृति में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। प्रेम शुक्ला के माता का 27 जनवरी को स्वर्गवास हो गया था। इस श्रद्धांजलि सभा में मुख्य रूप से भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष निमेष पाण्डेय, कर्मचारी संगठन के जिलाध्यक्ष दुर्गेश श्रीवास्तव, नागेश सिंह, राजेश सिंह, रोमी सिंह, विनय सिंह, शिवम उपाध्याय, अभिषेक सिंह, अभिषेक द्विवेदी, राहुल दुबे, मोहित सिंह, गोलू पाण्डेय, अमित कुशवाहा, सतेंद्र राय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

चार को पांच साल की सजा

कोर्ट ने सुनाई पांच साल की सजा

गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश कोड नंबर 4 संजय कुमार यादव की अदालत ने 8 वर्ष पूर्व नंदगंज थाने की चिलार गांव में हुए अपराधिक मानव वध प्रयास के मामले में चार अभियुक्तों को बुधवार को पांच पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 6500-6500 रुपए के अर्थ दण्ड से दंडित किया है। अभियोजन के अनुसार नंदगंज थाना क्षेत्र के चिलार गांव निवासी गुलाबचंद पुत्र सदानंद ने थाना नंदगंज में दिनांक 14 अक्टूबर 2016 को सूचना दिया कि जमीनी रंजिश की कारण उसके दयाद धर्मेंद्र जितेंद्र दारा पुत्रगण जोधा और चिखुरी पुत्र दशरथ उसे बुरी तरह मार पीटकर घायल कर दिए और जब उनका साला वकील बचाने आया तो उसे भी मारे पीटे है उनका साला बेहोश है सूचना के आधार पर थाना नंदगंज में मुकदमा तो पंजीकृत हुआ। विवेचना के बाद मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर धारा 308 323 और 325 के अंतर्गत आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से शशिकांत सिंह सहायक शासकीय अधिवक्ता ने आठ गवाहों को पेश किया। गवाहों ने घटना का समर्थन किया। अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की बहस सुनने के बाद अदालत में चारों अभियुक्तों को उपरोक्त सजा सुनाई।

तीन लोगों को आजीवन कारावास की सजा

कोर्ट ने तीन लोगों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय अरविंद मिश्र की अदालत बुधवार को हत्या के मामले में 3 लोगो को आजीवन कारावास के साथ प्रत्येक पर 54-54 हजार रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया। साथ कि अर्थदंड की राशि से 90 प्रतिशत पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया। अभियोजन के अनुसार भुड़कुड़ा थाना गांव जैवहरपुर नसुल्हपुर के शनि चौहान ने 14 जुलाई 2018 को इस बात का तहरीर दिया कि रात को परसपुर चौरा निवासी विमल सिंह, मुन्ना सिंह व गोलू सिंह उसके दरवाजे पर शराब पीने के लिए पानी मागे। तभी उसका चाचा राजू चौहान ने शराब पीने से मना किया और कहा कि अपने घर जाकर शराब पीओ। इस बात को लेकर आरोपी नाराज हो गये और गाली गलौज करते हुए तमंचा निकाल कर राजू चौहान की सिर में गोली मार दिए। गोली लगने से चाचा की हालत गंभीर हो गई। उनको लेकर वाराणसी ले गए जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वादी की सूचना पर सभी आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने सभी आरोपियों को पकड़कर जेल भेज दिया और विवेचना उपरान्त सभी आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। अभियोजन की तरफ से कुल सहायक शासकीय अधिवक्ता नीरज श्रीवास्तव ने कुल 13 गवाहों को पेश किया। बुधवार को दोनो तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने उपरोक्त सजा सुनाते हुए सभी अभियुक्तों को जेल भेज दिया।

आयुष्मान योजना का लाभ मिलने पर पीएम मोदी का किया धन्यवाद

आयुष्मान योजना का लाभ मिलने पर पीएम मोदी का किया धन्यवाद

आयुष्मान योजना का लाभ मिलने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी को दिया धन्यवाद

गाजीपुर। आयुष्मान भारत योजना जो भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के लाभार्थी को ₹5 लाख तक का निशुल्क इलाज मिलता है। अभी तक इस योजना में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकर्ता शामिल नहीं थे। लेकिन पिछले दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में जब बजट पेश किया तब उन्होंने इस योजना में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी इसका लाभ देने का ऐलान किया। इसके बाद से ही आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। क्योंकि जो उनका मानदेय है उसे मानदेय में उनका परिवार चलाना ही काफी कष्टकारी होता है। ऐसे में परिवार के किसी सदस्य की बीमारी पर उनका इलाज करना एक बड़ी समस्या के रूप में आ जाती थी। लेकिन अब इस योजना का लाभ मिलने से गाजीपुर में चलने वाले 4127 आंगनबाड़ी केदो के आंगनवाड़ी कार्यकर्ता काफी खुश नजर आ रहे हैं।

सदर ब्लाक के आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तारा कुशवाहा ने बताया कि इस योजना का लाभ देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहुत-बहुत धन्यवाद। क्योंकि हमारे जैसे सामान्य लोगों के बारे में उन्होंने सोचा। क्योंकि हम जैसे लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या इलाज के लिए पैसा जुटाना होता है। लेकिन अब इस योजना का लाभ मिलने से हमारे परिवार को काफी राहत मिलेगी।

सदर ब्लॉक की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता बीना राय ने बताया कि प्रधानमंत्री ने हमारे जैसे सामान्य परिवार के लोगों के बारे में विचार किया। क्योंकि हम जैसे लोगों के लिए सबसे बड़ी समस्या इलाज के लिए पैसे का इंतजाम करना होता है। क्योंकि आज का इलाज काफी महंगा हो चुका है। जो हम लोगों के बजट के बाहर का होता था। लेकिन अब इस योजना का लाभ मिलने से हमें काफी राहत मिलेगी।

पचोखर गांव की रहने वाली राजमती गुप्ता जो आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ देने के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रणाम करती हूं। क्योंकि उन्होंने इस योजना का लाभ देकर हमारे परिवार के ऊपर एक बहुत बड़ी कृपा की है। हम लोग बहुत परेशान होते थे जब हमारे परिवार में कोई बीमार होता था। क्योंकि जिस हिसाब से मानदेय है उसे हिसाब से हम लोगों को परिवार चलाना ही काफी कष्टकारी होता है।

अचानक जेल का निरीक्षण करने पहुंचे सचिव,दिए निर्देश

अचानक जेल का निरीक्षण करने पहुंचे सचिव, दिए निर्देश

गाजीपुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देश पर बुधवार को जिला कारागार का विजय कुमार अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने बंदियों से निःशुल्क अधिवक्ता, जेल लोक अदालत तथा उनकी जेल अपील से संबंधित अन्य समस्याएं पूछी गयी एवं उनके यथोचित अधिकार हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। बंदियों को उनके संवैधानिक अधिकारों के विषय में विस्तृत जानकारी दी गयी। कारागार द्वारा बताया गया कि वर्तमान में कुल 910 बंदी निरूद्ध है। जिसमें 815 पुरूष, 44 महिला, महिला बंदियों के साथ कुल 05 बच्चे निरूद्ध है व 51 अल्पवयस्क है। सभी बंदियों को सुबह का नाश्ता-दलिया, चाय, दोपहर का भोजन-रोटी, चावल, उर्द राजमा की दाल, सब्जी (आलू, पालक)  सायं का भोजन-रोटी, चावल, अरहर की दाल, सब्जी (आलू, पालक) दिया जाता है।
सचिव द्वारा जेल के बंदियों से बात कर उनकी समस्याओं को समझने के साथ ही उनके निस्तारण का निर्देश दिया गया। सचिव द्वारा बीमार बंदियो के संबंध में कारापाल एवं चिकित्सक को उचित निर्देश दिया गया। उन्होने कारापाल को जिला कारागार में स्थित जेल लीगल क्लीनिक पर विशेष रूप से ध्यान देने के निर्देश दिए ताकि जेल में निरूद्ध बंदियों को समय से व समुचित विधिक सहायता प्राप्त हो सके। कारागार परिसर में साफ-सफाई, मच्छरो के बचाव के लिए छिड़काव के लिए निर्देशित किया गया। इस अवसर पर रविन्द्र सिंह यादव कारापाल उपस्थित रहे।

मियांवाकी पद्धति द्वारा वृक्षारोपण कराए:सीडीओ

मियांवाकी पद्धति द्वारा वृक्षारोपण कराए:सीडीओ

गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में बुधवार को जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति व जिला पर्यावरण समिति की बैठक विकास भवन के पंडित दीनदयाल सभागार में संपन्न हुआ। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने मियांवाकी पद्धति द्वारा वृक्षारोपण कराए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनपद में वर्ष 2024 में वृक्षारोपण हेतु शासन द्वारा कुल 4018100 वृक्षारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है जिसे जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा लक्ष्य को पूर्ण समयाअवधि में करा लिया जाय। संबंधित विभागों को उनके लक्ष्य के बारे में बताया गया साथ ही यह भी निर्देशित किया कि आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष स्थल का चयन कर शीघ्र उपलब्ध करा दे। प्रभागीय निदेशक विवेक यादव ने बताया कि जनपद के विभिन्न विकासखंड में वन विभाग द्वारा स्थापित पौधशालाओं में लगभग कुल 60 लाख पौधा जिसमें फलदार, औषधि, इमरती आदि पौधे तैयार किया जा रहा हैं। इस बैठक में संबंधित विभागों के नोडल अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे। गंगा समिति की समीक्षा के उपरान्त बताया गया कि शहरो का गंदा पानी व कचड़ा सीधे गंगा में जाता है जिसपर मुख्य विकास अधिकारी ने नगर पालिका परिषद सदर को निर्देशित किया कि गंगा नदी में जो नाले का पानी जा रहा है उन सभी सभी नालो पर जाली लगाए।

स्वच्छता कार्यों में लापरवाही को लेकर सीडीओ नाराज,दिया निर्देश

स्वक्षता कार्यों में लापरवाही को लेकर सीडीओ नाराज, दिया निर्देश

गाजीपुर। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अन्तर्गत जिला स्वच्छ भारत मिशन समिति गाजीपुर की बैठक मंगलवार की शाम मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में सम्पन्न हुयी। बैठक में गत बैठक के निर्देशों के अनुपालन आख्या पर विचार किया गया। उक्त बैठक में पंचायती राज विभाग की समस्त योजनाओं जैसे व्यक्तिगत शौचालय, रिट्रोफिटिंग, ओडीएफ अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन हेतु कराए जाने वाले कार्यों पंचायत भवन, अंत्येष्टि स्थल, सामुदायिक शौचालय की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा अवशेष 23 पंचायत भवनों को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिया। जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि जनपद में ओडीएफ अंतर्गत कुल 61 रिसोर्स रिकवरी सेंटर बनकर तैयार हैं जहां पर शहरों की तर्ज पर कूड़ा उठान का कार्य एवं कूड़ा निस्तारण का कार्य किया जाना है। किंतु उनमें से मात्र 14 केंद्र संचालित है जिस पर सीडीओ द्वारा नाराजगी व्यक्त करते हुए सभी एडीओ पंचायत को निर्देशित किया कि सभी आरसी सेंटर को संचालित कराकर गांव को स्वच्छ बनाएं। उक्त के अतिरिक्त सीडीओ द्वारा समस्त ए0डी0ओ पंचायत को यह निर्देश दिया गया की पंचायत सचिवालय के माध्यम से दी जाने वाली सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा कर उनमें प्रगति करना सुनिश्चित करें। इस अवसर पर परियोजना निदेशक, समस्त ए0डी0ओ पंचायत एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।  

दहेज हत्या में पति को दस साल की सजा

दहेज हत्या में पति को दस साल की सजा

गाजीपुर। अपर सत्र न्यायाधीश/त्वरित न्यायालय प्रथम अलख कुमार की अदालत ने मंगलवार को दहेज हत्या के मामले में पति को 10 साल की कड़ी कैद के साथ 57 हजार रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया है। अभियोजन के अनुसार थाना शादियाबाद गांव सिघनाथपुर के धरमु राजभर अपनी लड़की मुन्नी की शादी 19 मई2015 को गांधीनगर जंगीपुर के आलोक राजभर के साथ किया था। शादी में अपने सामर्थ्य अनुसार दान दहेज दिया था। शादी के बाद विदा होकर मेरी पुत्री अपने ससुराल गई जहाँ पर उसके ससुराल के लोग सास दासी देवी ननद सोनी व जेठ विनोद कुमार व पति आलोक राजभर दहेज में 50 हजार रुपया और सोने की चेन की मांग करते थे तथा उसको प्रताड़ित करते थे। 6 सितम्बर 2016 को मुन्नी का भाई उसको विदा कराने गया तो देखा की उसकी बहन को उसके ससुराल के लोग काफी मारे पीटे थे। भाई को देखते भड़क गये और उसको भगा दिया। कुछ ही देर बाद फोन आया कि उसकी बहन की मौत हो गई हैं। वादी की सूचना पर थाना जंगीपुर में सभी आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना उपरान्त सभी आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता अवधेश सिंह ने कुल 8 गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया।
मंगलवार को दोनो तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए सास दासी देवी, जेठ विनोद कुमार, ननद सोनी को दोषमुक्त करते हुए पति आलोक राजभर को दोषी पाते हुए 10 साल की सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।

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