अच्छे कार्य करने वाले कर्मचारियों को डीएम ने की सम्मानित

गाजीपुर।भारत सरकार के नीति आयोग के द्वारा 30 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा नई दिल्ली में आकांक्षात्मक विकास खण्ड़ों में सबकी आकाक्षाएॅ सबका विकास थीम पर आधारित 03 से 09 अक्टूबर तक निर्धारित संकल्प सप्ताह के रूप मनाये जाने का आह्वाहन किया गया था। नीति आयोग द्वारा जनपद गाजीपुर के दो विकास खण्ड बिरनो एवं बाराचवर को आकांक्षी विकास खण्ड के रूप में चयनित किया गया है। इस क्रम में विगत दिनों दोनों विकास खण्डो में  संकल्प सप्ताह का आयोजन किया गया था। संकल्प सप्ताह के दौरान प्रतिदिन विभिन्न विभागो द्वारा विकास खण्डो के सर्वांगीण विकास हेतु अपने-अपने विभागीय योजनाओ से संबंधित कार्यो को कराया गया चाहे वो स्वास्थ्य एवं पोषण से हो या शिक्षा, बाल विकास ,समूह,  स्वच्छता , कृषि, जल जीवन से संबंधित हो । जिससे विकास खण्ड का सर्वांगीण विकास हो सके।

इस क्रम मे सोमवार को विकास खण्ड बाराचवर में जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में संकल्प सप्ताह का समापन किया। मंच पर आसीन मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियो का स्वागत पुष्पगुच्छ, स्मृति चिन्ह देकर किया गया। समूह की महिलाओ एवं कम्पोजित विद्यालय बाराचवर की छात्राओ द्वारा मुख्य अतिथि का स्वागत गीत के माध्यम से स्वागत किया गया। कार्यक्रम के दौरान गोदभराई एवं अन्न प्रासन के पश्चात  21 टी बी रोगियो मेे स्वास्थ्य एवं पोषक किट का वितरण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागो द्वारा अच्छे कार्य करने वाले स्वास्थ्य, शिक्षा, बाल विकास, कृषि विकास के कर्मचारियो, सफाईकर्मी, समूह की महिलाओ, रोजगार सेवक, बैंक सखी  को प्रशस्ती पत्र देकर सम्मानित किया। तत्पश्चात मेरी माटी मेरा देश कार्यक्रम के अर्न्तगत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं शहीदो के परिजनो को अंगवत्रम देकर सम्मानित करने के पश्चात कलश में मिट्टी डाकर वीर, शहीदो नमन  किया ।

कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने अपने संबोधन में कहा कि नीति आयोग द्वारा संकल्प सप्ताह का यह कार्यक्रम एक सफल सप्ताह के रूप में मनाया गया है, और यह यहीं समाप्त नही हो रहा है यह कार्यक्रम विभिन्न विभागो द्वारा विकास खण्ड के सर्वांगीण विकास हेतु चलाया जायेगा। जिससे आंकाक्षी विकास के रूप मे चयनित यह विकास खण्ड विकास के पथ पर अग्रसर हो और यहां सरकार की हर सुविधाएॅ लोगो को प्राप्त हो जो प्रत्येक विकास खण्डो मिलती है। उन्होने स्वाथ्य एवं पोषण, शिक्षा, बाल विकास, कृषि, जल जीवन मिशन, स्वच्छता एवं अन्य बिन्दूओ पर विस्तार पूर्वक जानकार देते हुए बताया कि जब तक लोगो में जन जागरूकता नही बढेगी तब तक गॉव का सर्वांगीण विकास सम्भव नही है। इसलिए हमे चाहिए की स्वच्छता पर विशेष ध्यान दे और लोगो को भी इस विषय मे जागरूक करे, ये हम सब की जिम्मेदारी है,अपने कूड़े का निस्तारण चिहिन्त स्थलो पर ही करे तभी जाकर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन सम्भव होगी।

समूह सखी के माध्यम से गॉव में महिलाओ द्वारा बनाए गए समूह को रोजगार के अवसर प्राप्त होगें। बी सी सखी के माध्यम से गॉवो पैसो की लेन देन बिना किसी समस्या के आपके घर एवं गॉव पर ही हो जाएगा। इन्ही सभी योजनाओ को आपतक पहुचाने एंव आपको अवगत कराने के लिए आकांक्षी ब्लाक कार्यक्रम चलाया गया है ताकि लोगो मे जागरूकता हो और गॉव विकास के पायदान पर आगे बढे। उन्होने ब्लाक प्रमुख बाराचवर के द्वारा संकल्प सप्ताह के प्रत्येक कार्यक्रम मे  सक्रियता भाग लेने एवं उपस्थित होकर अपना मार्ग दर्शन देने पर प्रशंन्नता जाहिर की। उन्होने कहा कि आकांक्षी ब्लाक का कार्य चलता रहेगा जिसका उद्देश्य विकास खण्ड  में  शिक्षा, स्वाथ्य, शौचालय, पानी स्वच्छता या अन्य विकास परक बिन्दूओ पर निरंतकर सुधार करना है। आज हम सब को संकल्पित होना होगा कि नीति आयोग द्वारा चयनित इस विकास खण्ड को सबसे उपर लेकर जाना है और प्रयास करना है कि जनपद के दोनो विकास खण्ड बिरनो एवं बाराचवर प्रथम पायदान पर पहुचे, प्रत्येक क्षेत्र मे अच्छा विकास हो, ताकि लोग कह सके कि हम लोग विकसित है, सशक्त है और सुख समृद्धि के साथ है। मुख्य विकास अधिकारी ने आंकाक्षी विकास खण्डो मे कराए गए कार्याे की विस्तृत रूप से जानकारी दी एंव विकास खण्ड के विकास हेतु जागरूकता लाने एवं अन्य लोगो को भी जागरूक करने की बात कही। कार्यक्रम का संचालन खण्ड विकास अधिकारी बाराचवर अरूण कुमार वर्मा ने किया।

इस दौरान ब्लाक प्रमुख बाराचवर,, उपजिलाधिकारी मुहम्मदाबाद, तहसीलदार कासिमाबाद, समस्त ग्राम प्रधान, आशा, आगनवाडी, एवं भारी संख्या में आमजन उपस्थित थे।

सैंकड़ों छात्र नेताओं ने दे दिया बड़े आंदोलन की चेतावनी

गाजीपुर। छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर लोकनायक बलिया से गाजीपुर होते हुए महामना (बनारस बीएचयू) तक की पदयात्रा पर नागेन्द्र सिंह झुन्नू के नेतृत्व में निकले पदयात्रा में छात्र नेता आदित्य योगी, सूरज गुप्ता, आदर्श मिश्रा, अमित यादव, मदनी नसीम, रोहित कुमार, शैलेश सिंह, धनंजय सिंह, सुनील सिंह पप्पू, नितेश सिंह, रंजन गुप्ता तथा विकास गुप्ता आदि का तीनों महाविद्यालय पीजी कॉलेज, स्वामी सहजानंद पीजी कॉलेज व हिन्दू पीजी कॉलेज के संयुक्त मिलकर छात्र नेताओं ने सैकड़ों कि संख्या में गाजीपुर घाट होते हुए शहर के विभिन्न जगहों जैसे रौजा, विशेश्वरगंज, मिश्रबाजार आमघाट, महुआबाग, कचहरी, सरजू पाण्डेय पार्क, सिंचाई विभाग, शास्त्रीनगर, स्वामी सहजानंद पीजी कॉलेज, विकास भवन, पीजी कॉलेज चौराहे, पीजी कालेज प्रांगण में चन्द्रशेखर के मूर्ति पर माल्यार्पण कर पदयात्रा महराजगंज होते हुए सहेडी तक छात्रों ने लगातार भव्य स्वागत किया और पदयात्रा के दौरान जगह-जगह चौराहे पर स्थापित मूर्तियों पर माल्यार्पण किया।

बता दें कि छात्रसंघ गाजीपुर के छात्र नेताओं कि पदयात्रा में सैकड़ों कि संख्या शामिल होने कि खबर से जिला प्रशासन व महाविद्यालय प्रशासन ने एक दिन पहले ही दोनों महाविद्यालयों को बंद करा दिया था। ताकि भीड़ न जुट सकें। परन्तु छात्र नेताओं के सैकड़ों कि संख्या में पदयात्रा में शामिल होने से प्रमुख चौराहों पर घंटों जाम कि स्थिति देखने को मिली। सभी छात्र नेताओं ने एक स्वर में छात्रसंघ बहाली की मांग की लगातार नारे के साथ उठाते रहें। और मांग पूरी न होने पर इससे भी बड़े आंदोलन कि चेतावनी भी देते रहें। पदयात्रा का स्वागत करने वालो में मुख्य रूप से डॉ समीर सिंह, सिध्दांत सिंह करन, दीपक उपाध्याय, अभिषेक राय, ,सत्येन्द्र यादव सत्या, दिनेश यादव, प्रद्युम्न सिंह यादव राजन, अभिषेक यादव, मनीष चौधरी, मनीष सिंह, पिंटू यादव, शिवम उपाध्याय, अविनाश राय, ऋषभ राय, रणजीत यादव, सत्यपाल यादव, राकेश यादव, गोविन्द सिंह यादव, देवेन्द्र यादव, शैलेश यादव, विकास यादव, अनुज कुमार, बृजेश सिंह, सुधांशु तिवारी, अतुल यादव, ओजस्व साहु, प्रदीप यादव, विवेक राय, नागेन्द्र कुशवाहा, अभिषेक द्विवेदी, राहुल यादव जरगो, राजू यादव, प्रिस, अभिषेक गौण, निलेश बिन्द, धीरज सिंह, रोशन सिंह, राहुल यादव, कमलेश गुप्ता, धन्नजय कुशवाहा, ईश्वर यादव, रविप्रकाश, निखिल राज, विधानचंद्र राय, राजू पाण्डेय, धर्मेंद्र कुमार, अभय, राकेश यादव आदि सैकड़ों छात्रनेता मौजूद थे।

22 एचआरपी सहित 88 महिलाओ की हुई जांच व ईलाज

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस में 22 एचआरपी सहित 88 महिलाओ की हुई जांच व ईलाज

गाजीपुर। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने को लेकर प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदबाद जो प्रथम संदर्भ में इकाई के रूप में शुमार है। यहां पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें 22 एचआरपी महिलाएं सहित 88 महिलाओ ने ईलाज एवं परामर्श के साथ ही निशुल्क जांच भी कराया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि प्रथम संदर्भन इकाई (एफआरयू) मुहम्मदाबाद पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन सोमवार को किया गया। केंद्र पर नियमित जांच व उच्च जोखिम युक्त गर्भावस्था की चिह्नित लाभार्थी को प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। हर माह की इन चारों दिवसों का सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित किए जाने वाले पीएमएसएमए दिवस के साथ एफआरयू पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन किया गया।

इस दिवस पर गर्भवती की प्रसव पूर्व हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन जांच, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफ़लिस, वजन, ब्लड प्रेशर एवं अन्य जांच की नि:शुल्क सुविधा हुई। इसके साथ ही टिटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका, आयरन, कैल्शियम एवं आवश्यक दवाएं मुफ्त दी गई । एचआरपी युक्त महिलाओं की पहचान, प्रबंधन एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया । पोषण, परिवार नियोजन तथा प्रसव स्थान के चयन के लिए सलाह भी दिया गया । साथ ही साथ यहां हेल्थ एटीएम के माध्यम से डिजिटल पैरामीटरो पर भी गभर्वती महिलाओं की जांच की गई। बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि महिलाओं को शासन के द्वारा निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी दी गई। जो पिछले दो-तीन सालों से चल रहा है। ई रूपीस वाउचर के जरिए अल्ट्रासाउंड जो पीपीपी मॉडल पर कराया जा रहा है। उनका भुगतान रूपीस बाउचर जो विभाग के द्वारा जनरेट कर लाभार्थी को दिया जा रहा है। और उस के माध्यम से अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालक के द्वारा तत्काल स्कैन करने पर लाभार्थी के मोबाइल पर ओटीपी आता है। और ओटीपी डालते ही अल्ट्रासाउंड का भुगतान तत्काल संचालक को हो जाता है। आज के आयोजन में एएनसी 88,हिमोग्लोबिन 88,एचआईवी 66,पीपीमोड़ पर अल्ट्रासाउंड 39,एचआरपी 22,पेट जांच 81 गर्भवती महिलाओ की हुई,साथ ही 88 का वजन जांच एवं हेल्थ एटीएम का 19 महिलाओ ने लाभ उठाया। इस कार्यक्रम में डा0 नीरज मौर्या महिला रोग विशेषज्ञ, प्रियंका स्टाफ नर्स, इकराम गांधी लैब टेक्नीशियन, नीरा राय काउंसलर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएमओ ने किया आईएमआई 5.0 के तीसरे चरण का शुभारंभ,बच्चों को पिलाई दवा

सीएमओ ने किया आईएमआई 5.0 के तीसरे चरण का शुभारंभ

अर्बन पीएचसी हाथी खाना पर बच्चों को पिलाई पोलियो की खुराक

टीकाकरण अभियान में स्वास्थ्य विभाग का करें सहयोग – सीएमओ

जन्म से लेकर पाँच वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती को समय पर लगवाएँ सभी टीके

गाज़ीपुर।नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाथी खाना के अंतर्गत कांशीराम आवास चांदमारी के नियमित टीकाकरण बूथ से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल ने सोमवार को सघन मिशन इंद्रधनुष (आईएमआई-5.0) के तीसरे व अंतिम चरण का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। बूथ पर कई बच्चों को मीजल्स-रूबेला सहित अन्य टीके भी लगाए गए। इसके अतिरिक्त जनपद के समस्त 16 ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक- प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी-पीएचसी) व स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी तीसरे चरण की शुरुआत की गई। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण वाराणसी मण्डल की अपर निदेशक डॉ मंजुला सिंह ने मण्डल स्तर पर वाराणसी के चौकाघाट सीएचसी से अभियान का शुभारंभ किया।
सीएमओ डॉ देश दीपक पाल ने कहा कि नियमित टीकाकरण अभियान में किसी कारणवश छूटे पाँच वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती को प्रतिरक्षित करने के लिए सघन मिशन इंद्रधनुष 5.0 चलाया गया है। अभियान में बच्चों को प्रमुख रूप से मीजल्स-रूबेला का टीका लगाया जाएगा। साथ ही गर्भवती को टिटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका लगाया जाएगा। यह टीका गर्भवती को व उनके गर्भस्थ शिशु को टिटनेस व डिप्थीरिया (गलघोंटू) रोग से बचाता है। उन्होंने परिजनों से अपील की कि अपने घर के आसपास के परिजनों को पाँच वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए पीएचसी-सीएचसी जाने के लिए प्रेरित करें।
सीएमओ ने कहा कि कोई भी बच्चा छूटा हो तो उसका टीकाकरण अवश्य कराएं। सभी टीके पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं। टीका लगने के बाद सामान्य बुखार हो सकता है लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रतिकूल प्रभाव से निपटने को रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) तैयार की गई है। इसके अलावा नजदीकी सीएचसी-पीएचसी पर भी चिकित्सक से सलाह ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि आईएमआई 5.0 के तीसरे चरण के लिए जिले के छूटे पाँच वर्ष तक के 15468 बच्चों एवं 3482 गर्भवती को टीकाकरण के लिए लक्षित किया गया है। इसके लिए जनपद में करीब दो हजार टीकाकरण सत्र आयोजित किये जाएंगे। इस दौरान बच्चों को 11 बीमारियों से बचाव के लिए टीका लगाया जाएगा, जिनमें डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, पोलियो, क्षय (टीबी), हेपेटाइटिस-बी, मैनिंजाइटिस, निमोनिया, हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप-बी संक्रमण, डायरिया रोटा वायरस और खसरा-रूबेला (एमआर) शामिल है। सीएमओ ने जनपदवासियों से अपील की कि इस टीकाकरण अभियान में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें।
अभियान के तहत उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों व टीकाकरण के प्रति उदासीन परिवारों के बच्चों और गर्भवती की शत-प्रतिशत टीके पर ज़ोर दिया जाएगा। टीकाकरण सत्र हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, वीएचएसएनडी सत्र, समस्त सरकारी स्वास्थ्य केंन्द्रों में भी आयोजित किए जाएंगे। अभियान में प्रमुख रूप से मीजल्स रूबेला (एमआर) टीकाकरण के साथ ही “पाँच साल, सात बार छूटे न टीका एक भी बार” पर जोर दिया जाएगा।
इस दौरान अर्बन नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ मुंशीलाल, जिला नगरीय समन्वयक अशोक कुमार, एमओआईसी डॉ ईशानी ने भी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई। इस मौके पर यूएनडीपी से प्रवीण उपाध्याय,यूनिसेफ से डीएमसी बलवंत सिंह, चाई से मणि शंकर एवं अन्य अधिकारी व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।

10 अक्टूबर से शुरू होगी हरिशंकरी की रामलीला

धनुष मुकुट पूजन, नारद मोह लीला एवं रामजन्म का परंपरागत तरीके से हरिशंकरी में होगा शुभारंभ

गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी “हरिशंकरी” गाजीपुर के तत्वावधान में प्रतिवर्ष की भांति होने वाली अति प्राचीन रामलीला मंचन का शुभारंभ मंगलवार को “एकादशी” को सायंकाल 7 बजे से, गाजीपुर शहर कोतवाली क्षेत्र के हरिशंकरी मोहल्ला के अति प्राचीन “राम चबूतरा” पर परंपरागत ढंग से वंदे वाणी विनायको, आदर्श रामलीला मंडल, रायबरेली के ख्यातिलब्ध कलाकारों द्वारा शुभारंभ किया जा रहा है। इस अति प्राचीन रामलीला मंचन का शुभारंभ धनुष मुकुट पूजन, नारद मोह लीला एवं रामजन्म के साथ मंचन एवम भव्य पूजन के साथ प्रारंभ होगा।अति लोकप्रिय इस कार्यक्रम के पूजन में नगर पालिका परिषद की चेयरमैन सरिता अग्रवाल, उनके पति व प्रतिनिधि विनोद अग्रवाल, एसडीएम सदर प्रखर उत्तम, क्षेत्राधिकारी सदर गाजीपुर गौरव कुमार एवं प्रबुद्ध कमेटी पदाधिकारी, सदस्य व नागरिक गण उपस्थित रहेंगे।

सामाजिक परिवर्तन की लड़ाई के महानायक थे कांशीराम:गोपाल

ग़ाज़ीपुर।सोमवार को समाजवादी पार्टी के तत्वावधान में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय समता भवन पर दलितों,वंचितों,शोषितों के मसीहा,समाज सुधारक ,सामाजिक परिवर्तन के अलम्बरदार,सामाजिक न्याय के पुरोधा कांशीराम की पुण्यतिथि पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई।

विचार गोष्ठी आरंभ होने के पूर्व सभी नेताओ एवं कार्यकर्ताओं ने उनकी तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कांशीराम के अधूरे पड़े मिशन को पूरा करने का संकल्प लिया है।

सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि कांशीराम जी सामाजिक परिवर्तन की लड़ाई के महानायक थे ।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अम्बेडकर वादियों के साथ मिलकर कांशीराम जी के अधूरे पड़े मिशन को पूरा करने का काम करेगी । उन्होंने कहा कि कांशीराम जी आजीवन दलितों,वंचितों और उपेक्षितों के समग्र उत्थान हेतु संघर्ष करते रहे। वह दलितों और उपेक्षितों में सम्मान और स्वाभिमान की भूख पैदा करने के साथ-साथ सत्ता शासन में भागीदारी की जमकर वकालत करते रहे। उन्होंने कहा कि आज अम्बेडकर जी द्वारा रचित संविधान और लोकतंत्र खतरे में है।भाजपा ने लोकतंत्र के लिए खतरा पैदा कर दिया है। भाजपा बाबा साहब डॉ0 भीमराव अम्बेडकर के बनाए संविधान को बदलने की तैयारी में है। वंचितों, शोषितों, पिछड़ों, दलितों को अधिकारों से वंचित कर रही है। उन्होंने भाजपा सरकार को सामाजिक न्याय विरोधी बताते हुए कहा कि भाजपा सामाजिक न्याय के पक्ष में भी सदैव से रही है और सदैव रहेगी। भाजपा दलितों और पिछड़ों को क्षमादान वाला आरक्षण समाप्त करने की साज़िश रच रही है, लेकिन समाजवादी पार्टी उनके इस नापाक मंसूबों को कतई पूरा नहीं होने देगी।उन्होंने कहा कि हर दल ने दलितों को छला है केवल समाजवादी पार्टी ने ही उन्हें पूरा सम्मान देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा को पराजित करने के लिए समाजवादी और अम्बेडकरवादी एकजुट रहेंगे। समाजवादी पार्टी ही संविधान बचा पाएंगी। हर तरह की विषमता के विरूद्ध समाजवादी ही संघर्षरत रहे हैं।

इस अवसर पर मुख्य रूप से डा.नन्हकू यादव, रविन्द्र प्रताप यादव,विजय बहादुर यादव, सूरज राम बागी,सदानंद यादव, भानु यादव, डॉ समीर सिंह, दिनेश यादव, राजेश कुमार यादव,विभा पाल, कंचन रावत, रीता विश्वकर्मा, रीना यादव, बलिराम यादव,द्वारिका यादव, अरुण यादव,मंजीत राजन,विवेक यादव आदि उपस्थित थे। इस विचार गोष्ठी का संचालन जिला सचिव एवं मीडिया प्रभारी अरुण कुमार श्रीवास्तव ने किया।

टीबी मुक्त भारत पर होगा मंथन, ग्राम प्रधान व सीएचओ निभाएंगे अहम भूमिका

ग्राम पंचायतों में टीबी मुक्त भारत पर होगा मंथन, ग्राम प्रधान व सीएचओ निभाएंगे अहम भूमिका

टीबी मुक्त पंचायत व फैमिली केयर गिवर मॉड्यूल पर सोमवार से शुरू होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

• प्रत्येक टीबी यूनिट/ब्लॉक स्तरीय सीएचसी व पीएचसी से एक-एक अधिकारी


एनटीईपी कर्मी और सहायक विकास अधिकारी को बनाया जायेगा मास्टर ट्रेनर


• ब्लॉक पर ग्राम प्रधान, सचिव और सीएचओ को करेंगे प्रशिक्षित, जांच व उपचार में बनेंगे सहायक


• टीबी मरीज की देखभाल के लिए घर का एक सदस्य अथवा करीबी बनेगा फैमिली केयर गिवर

गाज़ीपुर। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) और प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्रत्येक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और पंचायती राज विभाग के संयुक्त प्रयास से टीबी मुक्त पंचायत बनाने की योजना को धरातल पर उतारने की पहल की जा रही है। टीबी मुक्त पंचायत अभियान के अंतर्गत ब्लॉक स्तर पर ग्राम पंचायतों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में टीबी के लक्षणों, जांच और इलाज के बारे में चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंचायत की विकास योजनाओं में टीबी मुक्त पंचायत की गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही टीबी मरीज की देखभाल के लिए उसके घर के एक सदस्य अथवा करीबी को फैमिली केयर गिवर भी बनाया जाएगा। इसी को लेकर सोमवार (नौ अक्टूबर) से सीएमओ कार्यालय में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसमें हर टीबी यूनिट/ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी-पीएचसी) से एक अधिकारी, जिला क्षय रोग केंद्र के एक एसटीएस, एसटीएलएस या हेल्थ सुपरवाइजर के साथ एक सहायक विकास अधिकारी को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सोमवार व मंगलवार को चलने वाले इस प्रशिक्षण में करीब 35 स्वास्थ्यकर्मियों और 16 सहायक विकास अधिकारियों को प्रशिक्षित कर मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। यह सभी मास्टर ट्रेनर ब्लॉक पर ग्राम प्रधान, सचिव, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद ग्राम प्रधान और सचिव मिलकर पंचायत समिति के अन्य सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे। सीएचओ, आशा- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण लेने के बाद यह लोग समुदाय को टीबी के लक्षण, रोकथाम, भ्रांतियों को दूर करने, उपचार, जांच और उपलब्ध सुविधाओं समेत टीबी रोगियों के लिए सरकार की ओर से प्रदान किये जाने वाले विभिन्न लाभों के बारे में जागरूक करेंगे। जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक गांव को टीबी मुक्त करने के लिए जांच और उपचार की व्यवस्था को दुरुस्त करना तथा एक वर्ष में प्रत्येक 1000 की आबादी पर 30 संभावित मरीज खोज कर जांच करना है। पिछले तीन सालों में जिन क्षेत्रों में अधिक या कम टीबी मरीज मिले हैं उनकी सूची ग्राम और वार्ड वार तैयार करेंगे। उनमें से हर माह 10-10 ग्राम पंचायतों को चिन्हित किया जायेगा। इसके बाद वहाँ विशेष ध्यान देकर स्क्रीनिंग, जांच, उपचार, परामर्श, पोषण व भावनात्मक सहयोग प्रदान कर जल्द से जल्द टीबी मुक्त पंचायत के रूप में घोषित किया जाएगा। इस कार्य में ग्राम प्रधान, सचिव व पंचायत सहायक के साथ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) सहित ग्राम प्रधान, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, एनटीईपी कर्मी व अन्य स्वास्थ्यकर्मी सहयोग करेंगे।जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) डॉ मिथलेश कुमार ने बताया कि हर टीबी यूनिट पर तैयार होने वाली तीन मास्टर ट्रेनर्स (प्रशिक्षकों) की यह टीम ग्राम प्रधान, सचिव और सीएचओ को प्रशिक्षण देगी। सभी मिलकर क्षय रोगियों की जल्दी पहचान और उपचार के लिए काम करेंगे, जिससे टीबी मुक्त पंचायत का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता संभावित टीबी मरीजों की जानकारी दर्ज करेंगी और इसकी सूचना सीएचओ को देंगी। मरीजों को दवा उपलब्ध कराएंगी। वह बैंक खाते का विवरण दर्ज कराएंगी, जिससे इलाज के दौरान टीबी रोगियों को सही पोषण के लिए हर माह निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये मिल सकें।डॉ मिथलेश ने बताया कि अब तक टीबी का उपचार ले रहे मरीजों के लिए एक ट्रीटमेंट सपोर्टर नियुक्त किया जाता था, जो कि आशा कार्यकर्ता होती थी। लेकिन अब मरीज का ध्यान रखने के लिए उसी के परिवार से अथवा उसके किसी नजदीकी व्यक्ति को केयर गिवर का दायित्व सौंपा जायेगा। यह पहल टीबी के शुरुआती लक्षणों की पहचान करके उन्हें रोकने और बीमारी के दौरान समय पर रेफरल द्वारा रोगी और उनके परिवार के सदस्यों की समुचित देखभाल और सहायता सुनिश्चित करेगी। इससे उपचार, उचित पोषण और उपचार के मानकों का पालन करने में मदद मिलेगी और टीबी से ग्रसित व्यक्तियों के समग्र स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होगा।

14 अक्टूबर से शुरू होगी चकिया की रामलीला

रामलीला की तैयारी को मिला अंतिम रूप 14 अक्टूबर से शुरू होगी चकिया की रामलीला

गाजीपुर। देशभर में नवरात्रि, दशहरा एवं दुर्गा पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं। जगह-जगह मूर्ति एवं पुतला बनाने का कार्य अंतिम रूप ले लिया है। रामलीला एवं मूर्ति पंडालों को बनाए जाने का कार्य भी अपने आखिरी पड़ाव पर है। इसी कड़ी में रामलीला समिति चकिया की तैयारी भी पूरी हो चुकी हैं। समिति के अध्यक्ष यशवंत पाण्डेय ने बताया कि रामलीला समिति चकिया द्वारा 14 अक्टूबर से रामलीला का आयोजन किया जाना है और 24 अक्टूबर को दशहरा मनाया जाएगा। इसके बाबत समिति के उपाध्यक्ष राकेश पाण्डेय, कोषाध्यक्ष राधेश्याम पांडेय, प्रबंधक राजेश पाण्डेय तथा महामंत्री कृष्णानंद पाण्डेय भी अपनी दायित्वों के निर्वहन में लगे हुए हैं। समिति के पदाधिकारीयो ने बताया कि समिति के कार्यकर्ता एक महीने पहले से ही रामलीला के अभ्यास कार्य में लगे हुए हैं। रामलीला के दौरान प्रयोग में किए जाने वाले जरूरी वस्त्रो की भी खरीदारी कर ली गई है। हालांकि मौसम को भी आयोजन के विपरीत रहने की संभावना है। लेकिन समिति की कार्यकर्ता पूरे जोश और उमंग के साथ इसका सामना करने के लिए तैयार है।

कुंडेश्वर प्रथम और गौसपुर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया

क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजमेंट के तहत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर कुंडेश्वर प्रथम तो गौसपुर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया



गाजीपुर। क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजमेंट जिसके अंतर्गत सभी स्वास्थ्य केदो का कुल 7 बिंदुओं पर राज्य-स्तरीय टीम के द्वारा मूल्यांकन किया जाता है। और इसी मूल्यांकन के आधार पर स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट, सेकंड और थर्ड कैटिगरी में चयनित कर उन्हें पुरस्कृत किया जाता है। इसी के तहत गाजीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहमदाबाद के अंतर्गत दो हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर कुंडेश्वर प्रथम और गौसपुर ने दूसरा स्थान जनपद में प्राप्त किया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय ने बताया कि क्वालिटी एश्योरेंस के तहत राज्य स्तर की एक टीम अपने निर्धारित बिंदुओं पर पिछले दिनों स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत संचालित हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर का निरीक्षण किया था। इसी के तहत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर कुंडेश्वर 82.9% अंक पाकर जनपद में प्रथम स्थान और गौसपुर 78.3% अंक पाकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

उन्होंने बताया कि इसी योजना के तहत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर रघुवरगंज का भी कायाकल्प किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस स्थान को प्राप्त करने के लिए टीम के द्वारा हॉस्पिटल का मेंटेनेंस, स्वच्छता, बेस्ट मैनेजमेंट, हाइजीन प्रमोशन, इनफेक्शन कंट्रोल, बिल्डिंग व रिकार्डो का रखरखाव को आधार बनाया गया है।

कोर्ट ने दुष्कर्मी को दस साल की सजा सुनाई

गाजीपुर। विशेष न्यायाधीश SC/ST मोहम्मद गजाली की अदालत ने शनिवार को दुष्कर्म के मामले में आरोपी फिरोज को 10 साल की सजा के साथ 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दण्डित किया। अभियोजन के अनुसार थाना कोतवाली के गोराबाजार निवासी रामाश्रय भारती ने थाना कोतवाली में इस आशय की तहरीर दिया कि 18 जुलाई 2011 को सुबह 4 बजे फिरोज उसकी पुत्री को बहलाफुसला कर घर से भगा ले गया। वादी की सूचना पर आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और पुलिस ने विवेचना उपरांत पीड़िता को बरामद किया और उसका डाक्टरी कराने के उपरान्त न्यायालय में बयान दर्ज कराया। दौरान विवेचना राविया खातून, कमलेश व कल्लू डोम उर्फ अजय का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने चारो आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया। दौरान विचारण आरोपी कमलेश की मृत्यु हो गई। शेष आरोपियों का विचारण शुरू हुआ। अभियोजन की तरफ से विशेष लोक अभियोजक प्रदीप चतुर्वेदी ने कुल 6 गवाहों को पेश किया। सभी गवाहों ने अपना अपना बयान न्यायालय में दर्ज कराया। शनिवार को दोनो तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने संदेह का लाभ देते हुए राविया खातून और कल्लू डोम उर्फ अजय को दोषमुक्त कर दिया और वही फिरोज को दोषी मानते हुए उपरोक्त सजा सुनाते हुए जेल भेज दिया।

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