गाजीपुर। शुक्रवार को जून त्रैमास की जिला समन्वय समिति एवं जिला सलाहकार समिति की बैठक का आयोजन जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता, आर0बी0आई0 के सहायक महाप्रबंधक कौशल कौशिक, उपायुक्त एन0आर0एल0एम0 विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा विभिन्न बैंकों के समन्वयक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, ऋण जमानुपात, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद योजना, राष्ट्रीय शहरी एवं ग्रामीण आजीविका मिशन सहित अन्य योजनाओं पर समीक्षा की गई। बैठक के दौरान अग्रणी जिला प्रबंधक शिव शंकर द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी बैंक सरकार द्वारा प्रायोजित योजनाओं में अधिक से अधिक ऋण वितरित करें तथा अकारण पत्रावलियों को अस्वीकृत ना करें। उन्होंने ऋण जमानुपात को 45 प्रतिशत तक बढ़ाने हेतु सभी बैंकों को मोनीटेरेबल एक्शन प्लान बनाने हेतु निर्देश दिया। उन्होंने जनपद के प्रगति हेतु औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हेतु अवसर तलाशने के निर्देश दिए। अंत मे अग्रणी जिला प्रबंधक ने सबका आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन किया।
विश्राम दिवस पर जीवन बीमा अभिकर्ता कार्य से रहे विरत
गाजीपुर। लाईफ इंश्योरेंस एजेंटस फेडरेशन आफ इंडिया 1964 संगठन के भारतीय जीवन बीमा निगम के लगभग 1200 विभिन्न संवर्ग अभिकर्ता शुक्रवार को शिर्ष संगठन के निर्देश के अनुपालन मे ग्राहक बोनस वृद्धि, सहित अभिकर्ता माँगों के समर्थन मे विश्राम दिवस मनाते हुए कार्य से विरत रहे। लाईफ इन्श्योरेंस एजेंट्स फेडरेशन आफ इंडिया (लियाफी) संगठन के जिलाध्यक्ष रामकृष्ण मुन्ना और मंडल उपाध्यक्ष पंकज राय के नेतृत्व मे अभिकर्ताओं ने आज शाखा कार्यालय गेट पर धरना दिया। तथा अभिकर्ता हितों सहित पालीसी धारकों के बोनस वृद्धि आदि से समबंधित 20 सुत्री मांगो को लेकर नारेबाजी किया। लियाफी संगठन जिन्दाबाद, भारत माता की जय के साथ इंकलाब के नारो के बीच फेडरेशन के जिला महामंत्री सुरेश राम बिंद ने बताया कि संगठन के विभिन्न माँगों को लेकर शिर्ष नेतृत्व के निर्देश पर गाजीपुर शाखा के सभी अभिकर्ताओं ने विश्राम दिवस मनाया और कार्य दिवस का बहिष्कार किया। यह बहिष्कार अभिकर्ताओं के एकता के बल पर शत प्रतिशत सफल रहा है। इस अवसर पर लालबहादुर यादव, प्रमोद राय, इंद्रकुमार यादव, स्नेहलता पाठक, प्रदीप श्रीवास्तव, बेचू यादव, धन्नजय उपाध्याय, सुदामा यादव, अजय पांडेय, सर्वदमन सिंह, अशोक यादव, अनिल जायसवाल, उमाकान्त उपाध्याय, मनीष राय, नन्दलाल राम, राम दरस यादव, ओमप्रकाश अग्रहरी, सत्यप्रकाश यादव, शिवानन्द पटेल, संकठा प्रसाद मिश्रा व शशिकान्त शर्मा सहित आदि अभिकर्ता उपस्थित रहे।
कर्मचारी के समस्याओं के निस्तारण के लिए राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जनपद शाखा द्वारा जिलाधिकारी से मासिक बैठक करने की मांग किया गया
गाजीपुर। शुक्रवार को राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में जिलाधिकारी आर्यका आखौरी से मुलाकात की। इस दौरान राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि समस्त जिलाधिकारी, विभागाध्यक्ष और कार्यालयाध्यक्ष को स्पष्ट निर्देशित किया गया है, कि जनपद स्तर पर मान्यता प्राप्त संगठनों के कर्मचारियों की मांगों के समस्याओं के निस्तारण के लिए जिलाधिकारी के अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त संगठनों के पदाधिकारियों के साथ मासिक बैठक कर जनपद स्तर पर ही उनकी मांगों को निस्तारित करें। विगत वर्षों में राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा अनेको बार पत्र के माध्यम से जिला अधिकारी गाजीपुर से मासिक बैठक करने हेतु अनुरोध किया गया था, किंतु उपरोक्त शासनादेशों व परिषद के पत्रों पर विचार नहीं किया गया। जिस के क्रम में आज पुन:राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद का प्रतिनिधिमंडल दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में उपरोक्त मांग पत्र जिलाधिकारी को दिया। जिस के क्रम में जिलाधिकारी आर्याका आखौरी द्वारा मुख्य विकास अधिकारी श्री प्रकाश गुप्ता और अपर जिला अधिकारी को संगठन के पदाधिकारियों के साथ मासिक बैठक हेतु नामित कर उक्त मांग पत्र को निस्तारित किया गया। इसी दौरान दूसरा मांग पत्र विगत वर्षों से विकास भवन की शौचालय/छतों के मरम्मत की समस्याओं को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद विगत वर्ष से मुखर रहा है। जिसको लेकर जिलाधिकारी द्वारा मुख्य विकास अधिकारी और जिला विकास अधिकारी को त्वरित निस्तारित करने का निर्देश दिया गया। जिलाधिकारी द्वारा संगठन के पदाधिकारियों को भरोसा दिलाया गया कि किसी भी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होगा और उनकी मांगों का समय रहते निस्तारित किया जाएगा। जिलाध्यक्ष दुर्गेश कुमार श्रीवास्तव द्वारा नवागत जिलाधिकारी को विश्वास दिलाया कि जनपद का हर एक कर्मचारी शासन की नीतियों को जनपद स्तर पर धरातल के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन के साथ मनोयोग से सहयोग कर कार्य करेगा। प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ उपाध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, जिला मंत्री ओंकार नाथ पांडे, कार्यकारी मंत्री आलोक कुमार राय, मुख्य सलाहकार एस0पी0 गिरी, संप्रेक्षक राकेश पांडेय, श्री प्रकाश तिवारी, विनोद पांडे, बालेंद्र त्रिपाठी, के0पी0 सिंह, बृजेश राय, अभय सिंह, अरुण श्रीवास्तव व देवेंद्र मौर्य सहित आदि मौजूद थे।
गाजीपुर। जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने समस्त जनपद स्तरीय अधिकरियो को पत्र प्रेषित कर निर्देश दिया है कि 2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म दिवस के अवसर पर गत वर्ष की भाँति इस वर्ष भी गांधी जयन्ती समारोह व सम्मानपूर्वक आयोजित किये जायेंगे। उक्त अवसर पर सभी राजकीय भवनो पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाये एवं सभी कार्यालयों, विद्यालयों और दूसरी संस्थाओं के किसी बड़े कक्ष या हाल में कार्यालयाध्यक्ष/वरिष्ठ अधिकारी/संस्थान के प्रधानाचार्य या अध्यक्ष द्वारा प्रातः 9 बजे महात्मा गांधी के एक बड़े चित्र का अनावरण व माल्यार्पण किया जाये। उसके बाद गांधी जी के जीवन-संघर्ष, उनकी देश-सेवा, उनके जीवन-मूल्यों पर प्रकाश डाला जाये। विशेष रूप से निर्बलों के कल्याण सम्बन्धी अन्त्योदय की उनकी अवधारणा, भावनात्मक एकता राष्ट्रीय एकता एवं अखण्डता के सम्बन्ध में उनके विचारों का संक्षेप में परिचय दिया जाये। सादा जीवन उच्च विचार मितव्ययिता, नैतिकता, भाईचारा तथा सर्वधर्म समभाव जैसे आदर्श जीवन मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी जाये। उन्हें यह भी समझाया जाये कि देश को कमजोर करने वाली शक्तियों से सावधान रहते हुए राष्ट्रीय अस्मिता की रक्षा करना उनका पुनीत कर्तव्य है, जिसका संकल्प आज के दिन दोहराया जाना चाहिए।
जिपं अध्यक्ष सपना सिंह ने 21 टीबी मरीजों को लिया गोद,कहा-मरीजो से दूरी बनाने की बजाय इन्हें प्यार देने की हैं जरूरत
ग़ाज़ीपुर।टीबी मुक्त भारत का सपना प्रधानमंत्री ने 2025 तक देखा है। उसी सपने को अमली रूप में लाने के लिए एक तरफ जहां क्षय रोग विभाग लगा हुआ है वहीं अब प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी भी पूरी तरह से कमर कस लिया है। चल रहे सेवा पखवाड़ा के तहत टीबी मरीजों को गोद लेने का सिलसिला शुरू कर दिया है। जिस के क्रम में शुक्रवार को जहां भाजपा कार्यकर्ताओं ने 1010 टीबी मरीजों को गोद लेने की स्वीकृति दिया है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह के द्वारा 21 टीबी मरीजों को गोद लिया गया था। जिसको आज उनके द्वारा न्यूट्रिशन का वितरण जिला अस्पताल स्थित क्षय रोग केंद्र पर किया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि टीबी मरीज़ हमारे ही समाज के है। और हमारे आसपास के रहने वाले लोग हैं । जिनसे दूरी बनाने की बजाय इन्हें प्यार देने की जरूरत है। यदि हम ऐसा करते हैं तो वह दिन दूर नहीं जो प्रधानमंत्री 2025 तक टीबी मुक्त भारत का सपना देखे हैं वह सपना 2023 या 2024 तक पूरा कर कर सकते है बस जरूरत है इसके लिए आगे आकर पहल करने का।
जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथिलेश सिंह ने बताया कि 18 सितंबर को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में आयुष्मान भारत का स्थापना दिवस मनाया गया था। जिसके मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह रही। उसी कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष को टीबी मरीजों को गोद लिए जाने के संबंध में जानकारी दी गई थी। और उन्होंने तत्काल 21 टीबी मरीजों को गोद लेने की घोषणा भी किया था।
उसी घोषणा के क्रम में शुक्रवार को जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह के द्वारा सभी गोद लिए हुए मरीजों को न्यूट्रिशन वितरण करने का काम किया गया। साथ ही उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत के स्थापना दिवस के अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने भी सेवा पखवाड़ा के तहत टीबी मरीजों के गोद लिए जाने के संबंध में क्षय रोग विभाग से लिस्ट की मांग किया था । उन्हें विभाग के द्वारा लिस्ट उपलब्ध कराया गया जिसके बाद कुल 1010 मरीजों को विभिन्न कार्यकर्ताओं के द्वारा गोद लिए जाने का सहमति पत्र विभाग को प्राप्त हुआ है। इसके साथ ही जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि पंकज सिंह चंचल ने भी 11 टीबी मरीजों को गोद लिया है।
उन्होंने बताया कि जनवरी 2022 से अब तक कुल 2137 क्षय रोग के मरीज हैं। जिनमें कुल अब तक गोद लिए गए मरीजों की संख्या 1108 है। गोद लेने वालों में जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह, पूर्व जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी,जिला क्षय रोग अधिकारी, पीजी कॉलेज के प्रबंधक, राजकीय महिला महाविद्यालय के प्राचार्य के साथ अन्य कई संभ्रांत लोगों ने टीबी मरीजों को गोद लेकर प्रधानमंत्री के सपने को पूरा करने का काम कर रहे हैं।
इस कार्यक्रम में प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ जे एन सिंह ,डॉ सुजीत कुमार मिश्रा, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक जिला अस्पताल डॉ मृत्युंजय दुबे, अनुराग कुमार पांडे, सुनील कुमार वर्मा , वेंकटेश प्रसाद शर्मा ,संजय सिंह यादव ,महेश, गरीब ,इंद्रेश, नीतू ,अंजू सिंह , स्वेता सिंह ,संगीत सिंह, सलमान ,सर्वे तथा अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
गाजीपुर। विशेष संचारी रोग नियंत्रण, दस्तक अभियान, संचारी रोगों, दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण एवं कार्यवाही हेतु गुरूवार की शाम जिलाधिकारी आर्याका अखौरी की अध्यक्षता में तृतीय चरण का द्वितीय जनपद स्तरीय अंन्तर्विभागीय समन्वय बैठक जिला पंचायत सभागार में सम्पन्न हुई। बैठक मे जिलाधिकारी ने प्राप्त विभागीय कार्ययोजनाओ की समीक्षा करते हुए समस्त विभागो को कार्ययोजना के तहत ही कार्यवाही का निर्देश दिया। उन्होने कहा कि संचारी रोग, दिमागी बुखार पर प्रभावी नियंत्रण एवं इसके त्वरित एवं सही उपचार सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तृतीय चरण जो 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान 7 से 21 अक्टूबर के मध्य प्रस्तावित है। उन्होने कहा कि जनपद में तहसील, ब्लॉक, ग्राम स्तर पर व्यापक जन जागरूकता अभियान चलाते हुए आमजन को मच्छर जनित एवं संचारी रोगों से बचने के लिए क्या करें और क्या न करें के बारे जागरूक करने का निर्देश दिया। उन्होने निर्देश दिया कि बच्चों को स्कूलों में लार्वा पनपने के स्रोतों की न केवल जानकारी दी जाए बल्कि उनके मध्य प्रतियोगिता भी कराई जाए। सभी मलेरिया निरीक्षकों को फील्ड में एक्टिवेट किया जाए तथा हाई रिस्क गांव में युद्ध स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाय। उन्होने निर्देश दिया कि अभियान में आशा-आंगनबाड़ी साथ मे अनिवार्य रूप से भ्रमण करे। शहरी- ग्रामीण क्षेत्र में फागिग व एंटीलार्वा एक्टिविटी बढाया जायें। हैंडपंप एंव अन्य जल जमाव वाले स्थलो को चिन्हित करते हुए यह सुनिश्तिच करे कि कही भी आसपास जलजमाव ना हो, वही हैंडपंप से डेढ़ मीटर दूरी तक नाली बनवाए। सुपरक्लोरिनेशन के साथ पेयजल की सप्लाई सुनिश्चित करें। आशा-एएनएम फील्ड में सक्रियता से काम करें। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों से जनसंपर्क एवं जन जागरण, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, वेक्टर कंट्रोल, वातावरणीय स्वच्छता सहित विभिन्न बिंदुओं पर बिंदुवार समीक्षा की एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए। इस अभियान की मानिटरिंग की बारीकियों को भी बताया। उन्होने निर्देश दिया कि दस्तक अभियान में आशा-आंगनबाड़ी कार्यकत्री प्रत्येक मकान पर क्षय रोग के संभावित रोगियों के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगी, लक्षणों वाले व्यक्ति की सूचना प्राप्त होने पर उस व्यक्ति का संपूर्ण विवरण एक लाइन लिस्टिंग फॉर्मेट में अंकित कर क्षेत्रीय एएनएम के जरिए ब्लॉक मुख्यालय को उपलब्ध कराएगी। मलेरिया विभाग के कार्यकर्ता क्षेत्रवार योजना बनाते हुए गत वर्ष में मच्छर जनित रोगों के आंकड़ों के आधार पर चयनित हाई रिस्क क्षेत्रों में वेक्टर घनत्व का आकलन भी करेंगे। उन्होने कहा कि संचारी रोगों पर नियंत्रण अभियान के तृतीय चरण पर सफलतापूर्वक नियंत्रण पाने के लिए इस विषय पर एक संपूर्ण सोच के साथ संबंधित विभागों के मध्य उचित समन्वय होना आवश्यक है। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, नगर विकास, पंचायती राज, ग्राम्य विकास, पशुपालन, बाल विकास एवं पुष्टाहार, शिक्षा, दिव्यांगजन सशक्तिकरण, कृषि एवं सिंचाई, सूचना, उद्यान विभाग के निर्धारित उत्तरदायित्व बताया तथा अपेक्षित सहयोग किए जाने की अपेक्षा की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रीप्रकाश गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 हरगोविन्द, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा0राजेश कुमार सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा0 उमेश कुमार, मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार एवं संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एम ओ वाई सी उपस्थित थे।
गाजीपुर। शुक्रवार को जिलाधिकारी आर्यका अखौरी के निर्देश पर ब्लाक बाराचवर के लठ्ठूडीह गाँव में अवैध रूप से संचालित शिवन क्लीनिक पर उपजिलाधिकारी डा. हर्षिता तिवारी ने अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा० उमेश कुमार, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बाराचवर के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. रजत कुमार एवं थानाध्यक्ष करीमुद्दीनपुर के औचक छापेमारी की। छापेमारी के दौरान क्लीनिक की संचालक निशा गुप्ता द्वारा किसी भी प्रकार का अभिलेख व पंजीयन प्रमाण-पत्र टीम के समक्ष प्रस्तुत नही किया गया। उक्त के क्रम मे तत्काल कार्यवाही करते हुए अवैध रूप से संचालित शिवम क्लीनिक के संचालक निशा गुप्ता पर सुसंगत धाराओं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराते हुए चिकित्सालय को सील कर दिया गया।
14 वर्षों का वनवास के लिए वन की तरफ निकल पड़े श्री राम
गाज़ीपुर। करंडा मे रामलीला समिति चकिया द्वारा आयोजित पांचवे दिन की रामलीला में प्रभु श्री राम अपने पिता की आज्ञा पालन करने को 14 वर्षों का वनवास के लिए वन की तरफ निकल पड़े। जिसको देखकर पूरे प्रांगण में उपस्थित दर्शक भाव विभोर हो गए। रास्ते में श्री राम के मित्र निषाद राज से मुलाकात होती है। जिनकी कहने पर केवट गंगा नदी पार कराता है। इधर भरत अपने ननिहाल से वापस आते हैं। तब उन्हें खबर मिलती है कि उनके पिता का स्वर्गवास हो गया है और भाई राम 14 वर्षों के लिए वन को गए हैं। जिस पर अपनी माता पर बहुत गुस्सा होते हैं। फिर भरत अपने बड़े भाई श्री राम को वापस अयोध्या लाने के लिए गुरु वशिष्ट के साथ अपनी तीनों माताओं को लेकर पूरे सेना के साथ वन की निकल पड़े। रास्ते में भरत की भेंट निषादराज से होती है। जो उन्हें श्री राम प्रभु के निवास स्थान चित्रकूट तक ले जाते हैं। जहां पर भरत द्वारा राम को वापस अयोध्या आने की बात करी जाती है। जिस पर राम आने से मना कर देते हैं तत्पश्चात भरत अपने बड़े भाई की चरण पादुका को राज्य चलाने के लिए मांगते हैं। इस पर राम सहर्ष स्वीकार करते हुए उनकी बातों को मान लेते हैं। रामलीला के समापन के दौरान जय श्री राम के नारों से पूरा प्रांगण गूंज उठता है। लीला के दौरान मुख्य भूमिका में अशोक, लव कुमार, अमरजीत, प्रभाकर, झब्बू, टनटन, रामप्रवेश, आशीष रहे।
गाजीपुर। अति प्राचीन रामलीला कमेटी हरिशंकरी की ओर से लीला के दशवे दिन 29 सितम्बर दिन गुरूवार को वेदपुरवॉ मोहल्ले के अन्तर्गत अर्बन बैंक के निकट राजा शम्भूनाथ के बाग में बन्दे वाणी विनायको आदर्श रामलीला मण्डल के द्वारा जयंत नेत्र भंग, माता अनुसुईया सम्बाद, अत्रिमिलन, राक्षस बध, नामक लीला का मंचन किया गया।
लीला के दौरान दर्शया गया कि जिस समय से भरत जी के अयोध्या आने के बाद जहॉ श्री राम प्रभु अपनी भार्या सीता का फुलो से श्रृगांर कर रहे थे तो वही पर इन्द्र का पुत्र जयंत कौवे का रूप बनाकरके देखा श्री राम सीता का श्रृगांर कर रहे है तो उसने सोचा की अगर श्रीराम भगवान है तो इनके बल को अजमाने की कोशिश किया व सीता जी के चरणों में अपने चोच से उनके पैर पर प्रहार करके भागा। जिससे सीता जी के चरणों से खुन बहने लगा। सीता जी के चरणो में खून बहता देखकर श्री राम घबरा गये एक तृण का अनुसंधान करके जयंत के पीछे छोड़ देते है। जब जयंत (कौवा) ने देखा कि श्रीराम द्वारा छोड़ा तृण मेरा पीछा कर रहा तो वह घबरा कर अपने पिता ब्रह्मा तथा शंकर जी के पास अपने सहायता के लिये गुहार लगाता है। ये दोनो देवताओं ने जंयत के सारे बातों को सुना तो किसी ने उसके मदद करने की साहस नही की और उसे बैठने तक नही कहॉ गया। अतं वह निराश होकर वापस लौटता है तो रास्ते में भगवत भजन करते हुए देवर्षि नारद से भेट हो गई। जयंत ने श्रीराम से बैर के सम्बन्ध में सारी बाते बताया तो नारद जी ने कहा हे जयंत तुम श्रीरघुनाथ जी के शरण में जाओं वही तुम्हरा रक्षा कर सकते है। अतः आप उनके शरण में जाओं इतना सुनते ही जयंत वापस रघुनाथ जी के शरण में जाता है उसके अवगुणों को ध्यान देते हुए श्रीराम ने उसके ऊपर दया करके एक ऑख फोड़ करके छोड़ दिया।
इसके बाद प्रभु श्रीराम जंगलो, पहाड़ों को पार करते हुए ऋषि अत्रि मुनि के आश्रम पे पहुचते है अत्रिमुनि श्रीराम के आने की सुचना पाते ही ऋषि अत्रि अपने आशन से उठ करके आते है तथा श्रीराम, लक्ष्मण, सीता को आसन देकर उनका स्तुति करते है नमामि भक्तवत्सलम् कृपालु शील कोमलम् भजामि तेयपदांम्भुजम् अका मिनां स्वधामिदं से स्तुति करते है। तथा उन्हे कन्द मूल देकर फल समर्पित करते है। उधर ऋषि पत्नी अनुसुईया सीता जी को अपने आश्रम के अन्दर ले गयी तथा वह आशन देकर सीता जी को बैठाया और नारी धर्म के बारे में सीता जी को समझया कि हे सीते नारी वह है जिसका धर्म कर्म पति के चरणों में समर्पित हो शस्त्रों कहा है कि एकै धर्म एक व्रत नेमा काय वचन मन पति पद प्रेमा और बतायी कि जो नारी पति को अपमानित करती है वह नरकागामी होती है। कहा गया कि ऐसे पति कर किये अपमाना नारी पायी यमकुर दुख नाना। हे सीते इसके अलावा भी नारी धर्म का जो स्त्री पालन करती है वह परम् सौभाग्यवान होती है और जब अपने शरीर को छोड़ती है तो उसके सम्मान देवतागण करते हुए सीधे वैकुण्ठ को ले जाते है इस प्रकार माता अनुसूईया ने सीता जी को नारी धर्म के बारे में बताकर सीता जी को ससम्मान विदा करती है।
श्रीराम ऋषि अत्रि मुनि से आज्ञा लेकर घने जंगलों में जाते है तो बीच में कबन्ध नामक राक्षस अपने लम्बे हाथ को बढाते हुए सीता जी पर प्रहार करता है उसी समय लक्ष्मण अपने तीखे तलवार से उसके हाथ को कई खण्डों में काट डाला तथा श्रीराम ने अपने बाणों से उसका बध कर डाला।
इस अवसर पर कमेटी के मंत्री ओमप्रकाश तिवारी (बच्चा) उपमंत्री पं0 लवकुमार त्रिवेदी (बड़े महराज), कोषाध्यक्ष रोहित कुमार अग्रवाल, प्रबंधक बीरेश राम वर्मा, उपप्रबंधक मयंक तिवारी, अजय पाठक (एडवोकेट), पं0 कृष्ण बिहारी त्रिवेदी (पत्रकार), राम सिंह यादव, राजकुमार शर्मा उपस्थित रहे।