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जिले में अनाज बैंक का डीआईजी ने किया उद्घाटन, दिया जरूरतमंदों को अनाज

गाजीपुर। घाट पर घूमकर भीख मांगने वाली बेसहारा महिलाए एवं उनके बच्चों को भूख से पीड़ित देखकर किसका दिल नहीं पसीजेगा। भूख का न कोई विकल्प है और न भूख को स्थगित किया जा सकता है। गरीबी जनित भूख के अलावा आपदा जनित, युद्ध जनित और परिस्थिति जन्य भूख का इलाज किसी सरकार के पास नहीं है। इस समस्या के हल के लिये विश्व के पहले अनाज बैंक की स्थापना विशाल भारत संस्थान द्वारा 13 अक्टूबर 2015 को काशी में की गई थी। अनाज बैंक भूख पीड़ितों की मदद के लिए एक संगठित वैज्ञानिक मॉडल बना, जिसकी यूनाइटेड नेशन की संस्था फूड एग्रीकल्चरल ऑर्गेनाइजेशन ने भी प्रशंसा की थी। अनाज बैंक ने वाराणसी में कोरोना काल में 100 दिनों तक 1 लाख से अधिक लोगों की अनाज और भोजन देकर मदद की, जिसकी प्रसंशा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पत्र लिखकर किया था। विशाल भारत संस्थान द्वारा संचालित विश्व के पहले अनाज बैंक की गाजीपुर शाखा की स्थापना चीतनाथ घाट पर की गई है। अनाज बैंक ने भूखमरी के शिकार, निराश्रित, घर विहीन, तलाकशुदा, विधवा, परित्यक्ता, कुपोषित, मुसहर, नट, धरकार, बांसफोर परिवारों की महिलाओं को पेट भरने के लिये नेताजी सुभाष चन्द्र बोस पेट भरो योजना की शुरूआत की है। भूख के सवाल पर गम्भीर विशाल भारत संस्थान ने दुनियां का पहला अनाज बैंक खोला जो गरीबी रेखा के अत्यन्त नीचे रहने वालों तक पहुंचेगा और समाज के सहयोग पेट भरने का काम करेगा।



जमा खाताधारकों को अनाज बैंक का ब्याज-

अनाज बैंक में दो तरह के खाता धारक हैं। पहले जमा खाताधारक और दूसरे निकासी खताधारक। कोई भी व्यक्ति 5 किलो अनाज, अपना आधार कार्ड, तीन फोटो देकर अपना खाता खुलवा सकता है। न्यूनतम 5 किलो और अधिकतम चाहे जितना भी अनाज जमा कर सकता है। जमा करने के बदले में उसे आकर्षक ब्याज मिलेगा। 5 से 10 किलो जमा करने वाले को संतोष, 11 किलो से 30 किलो वाले को दुआ, 31 किलो से 50 किलो जमा करने वालो को पुण्य और इससे अधिक जीवन भर जमा करने वाले को मोक्ष ब्याज के रूप में अनाज बैंक से मिलता है। अनाज बैंक में पैसे का कोई लेन देन नही होता है। जमा खाताधारकों के लिए अनाज बैंक पासबुक जारी करता है। दूसरे निकासी खाताधारक होते है, जिनका सर्वे के आधार पर खाता खोलकर जरूरत के आधार पर अनाज उपलब्ध कराया जाता है। सप्ताह या माह में 5 किलो अनाज वितरित किया जाता है। निकासी खाता खोलने के लिए 3 फोटो, आधार कार्ड एवं परिचयकर्त्ता की जरूरत होती है। निकासी खाता खोलने में विधवा, तलाकशुदा, 70 वर्षीय वृद्धा, दिव्यांग, घाट पर भीख मांगने वाली महिलाओं, बच्चों को प्राथमिकता दी जाती है।

अनाज बैंक दान नहीं देता, बल्कि भूख पीड़ित परिवार को भोजन के अधिकार की गारंटी देता है। अनाज बैंक निकासी खाताधारकों को भी पासबुक जारी करता है, जिसमें उसको मिलने वाले अनाज की मात्रा, तारीख, लेने वाले का वजन आदि अंकित रहता है। अनाज बैंक भूख पीड़ित परिवार की महिलाओं का ही खाता खोलता है। अनाज बैंक की खासियत है कि यह भूख पीड़ित परिवारों की मदद अनाज उपलब्ध कराकर करता है। अनाज बैंक का नारा है कोई भी भूखा न सोए। विशाल भारत संस्थान के अनाज बैंक की गाजीपुर शाखा का उद्घाटन वाराणसी परिक्षेत्र के डी०आई०जी० अखिलेश चौरसिया ने सोमवार को नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीपोज्वलन कर किया। मुख्य अतिथि अखिलेश चौरसिया ने 23 घाट पर भिक्षावृति करने वाली महिलाओं, मुसहर परिवार की महिलाओं, तलाकशुदा एवं विधवा महिलाओं को अनाज बैंक का पासबुक, अनाज एवं सम्मान के साथ शॉल ओढ़ाया और उनको भूख से मुक्ति की गारंटी दी। अनाज के रूप में दाल, चावल, आटा, मसाला, तेल और साबुन वितरित किया। घाट पर रहने वाली निराश्रित महिलाओं के चेहरे पर मुस्कान थी क्योंकि उन्हें भूख से मुक्ति की गारंटी मिल गयी। अब कभी फाका कसी करने वाला परिवार और उनके बच्चे आश्वस्त हो गये कि उनको अब कभी भूखे नहीं सोना पड़ेगा।

अनाज बैंक से निराश्रित महिलाओं, तलाकशुदा महिलाओं को भूख से मुक्ति की गारंटी मिलने के बाद सभी खुश थे। अनाज बैंक के उद्घाटन के अवसर पर भूख एक अन्तर्राष्ट्रीय समस्या और सामाजिक सहभागिता से समाधान विषयक संगोष्ठी आयोजित की गयी। अनाज बैंक के उद्घाटन के बाद मुख्य अतिथि डी०आई०जी० अखिलेश चौरसिया ने मोहल्ला नियाजी में बृजेश श्रीवास्तव के आवास पर महिलाओं की समस्याओं को संवाद के जरिये हल करने के लिये महिला कचहरी का शुभारम्भ किया। उद्घाटन के बाद संगोष्ठी में बोलते हुए डी०आई०जी० अखिलेश चौरसिया ने कहा कि विश्व के अनेक देशों में भूख की समस्या है। भूख की समस्याओं को स्थगित नहीं किया जा सकता। भूख पीड़ितों की सेवा मानवीय मानदण्डों का सबसे उच्चतम् आदर्श है। अनाज बैंक भूख पीड़ितों के लिये एक आदर्श मॉडल है, जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति के भूख की चिंता की जाती है। कभीदृकभी बहुत लोग परिस्थितिजन्य भूख के शिकार हो जाते हैं। उनको भी अनाज बैंक का सहारा मिल सकता है। भूख से मुक्ति के लिये यह रचनात्मक कदम है। व्यक्तिगत जिम्मेदारी के अलावा हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है। सामाजिक क्षेत्र में पुलिस वालों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पुलिस सोहदों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करे और बेटियों के लिये अनुकूल माहौल बनाएं।

महिला कचहरी के शुभारम्भ के बाद डी०आई०जी० अखिलेश चौरसिया ने कहा कि महिलाओं की समस्याओं को संवाद के जरिये हल किया जा सकता है। घरेलू समस्याओं को हल करने, उनको आत्मनिर्भर बनाने में महिला कचहरी का महत्वपूर्ण योगदान होगा। व्यक्तिगत जिम्मेदारी के अलावा हमारी सामाजिक जिम्मेदारी भी है। सामाजिक क्षेत्र में पुलिस वालों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। पुलिस सोहदों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करे और बेटियों के लिये अनुकूल माहौल बनाएं। विशाल भारत संस्थान के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अनाज बैंक के संस्थापक डॉ० राजीव श्रीगुरूजी ने कहा कि अनाज बैंक भूख पीड़ितों की सेवा के लिये हमेशा तैयार है। देश पर कोई भी आपदा आती है तो अनाज बैंक पूरी तरह सरकार की मदद करता है। यह भारत का गैर सरकारी संगठित मॉडल है जो भूख पीड़ित परिवार के बच्चों को भूख से तड़पते नहीं देख सकता। अनाज बैंक ने यह साबित कर दिया कि आज भी लोग अपने त्याग और संतोष के जरिये दूसरों का पेट भरना चाहते हैं। प्रारम्भिक आवश्यकता भोजन है। भूख से मौत होने पर  हम सदमें में रहते हैं। इस मॉडल से हम दुनियां भर को रास्ता दिखाना चाहते हैं कि बिना सरकारी मदद के समाज के सहयोग से भी पेट भरो आन्दोलन चल सकता है। काशी से शुरू हुआ यह अनाज बैंक दुनियां भर की जरूरत है। अध्यक्षता करते हुए रामपंथ के धर्म प्रवक्ता डॉ० कवीन्द्र नारायण ने कहा कि सेवा के माध्यम से समाज के वंचित वर्ग को भूख से मुक्ति दिलायी जा सकती है। भूख के लिये कार्य करना पीड़ित मानवता की सेवा है। संचालन विशाल भारत संस्थान की राष्ट्रीय महासचिव डॉ० अर्चना भारतवंशी ने किया एवं धन्यवाद विशाल भारत संस्थान जिला चेयरमैन शंकर पाण्डेय ने दिया। इस अवसर पर एस०पी० ओमवीर सिंह, अनाज बैंक के डिप्टी चेयरमैन  ज्ञान प्रकाश, कुँअर नसीम रजा सिकरवार, डॉ० नजमा परवीन, नाज़नीन अंसारी, आभा भारतवंशी, नौशाद अहमद दूबे, मृत्युंजय यादव, धनंजय यादव, प्रवीण सिंह, ज्ञान प्रकाश जायसवाल, अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव, राजेश कुमार शर्मा स्वप्निल राय, डॉ० जगदीश वर्मा, लक्ष्मीकांत मिश्रा, आदित्य प्रकाश जायसवाल, राकेश जायसवाल, प्रिंस पाण्डेय, धर्मेन्द्र जायसवाल, मनोज सिंह, इली भारतवंशी, खुशी भारतवंशी, उजाला भारतवंशी, दक्षिता भारतवंशी, श्री प्रकाश केसरी और सुधीर केसरी सहित आदि लोग मौजूद रहे।

महिला हॉस्पिटल में मनाया गया कन्या जन्म उत्सव

गाजीपुर। शासन के निर्देशानुसार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना अंतर्गत प्रत्येक माह के प्रथम एवम तृतीय सोमवार को कन्या जन्म उत्सव मनाए जाने के निर्देश प्राप्त हुए है जिसके क्रम में जिला प्रोबेशन अधिकारी संजय कुमार सोनी के निर्देशन के क्रम में सोमवार को कन्या जन्म उत्सव का आयोजन महिला चिकित्सालय मे किया गया, जिसमें 12 बच्चियों के जन्म पर केक काटकर हर्षाेल्लास के साथ कन्या जन्म उत्सव मनाया गया। कार्यक्रम में बालिकाओं की माताओं को हिमालया बेबी किट, तोलिया एवं मिष्ठान देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित समस्त विभागीय योजनाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दिया गया। कार्यक्रम में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, महिला शक्ति केंद्र से जिला समन्वयक, शिखा सिंह गौतम जिला समन्वयक, लक्ष्मी मौर्य व आशा बहने मौजूद रही।

दिव्यांजनों को चेयरमैन ने दिया सहारा

गाजीपुर। जिला दिव्यांग जन सशक्तिकरण अधिकारी ने बताया है कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग, उ0प्र0 द्वारा संचालित योजना कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण योजनान्तर्गत रविवार को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर विकास भवन परिसर में दिव्यांगजनों के मध्य कृत्रिम अंग/सहायक उपकरण का वितरण किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यालय में कार्यरत कनिष्ठ सहायक अरविंद राजभर द्वारा किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहीं मुख्य अतिथि सरिता अग्रवाल नगर पालिका परिषद अध्यक्ष गाजीपुर द्वारा कुल 30 दिव्यांगजनों के मध्य 11 ट्राईसाइकिल, 7 व्हील चेयर, 5 लेप्रोसी किट, 5 मेंटल किट तथा 2 अंध छड़ी उपकरण का वितरण किया गया। उक्त कार्यक्रम में आनंद शिक्षण समिति के प्रबंधक शेखर श्रीवास्तव, निशांत उपाध्याय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के अतिरिक्त अन्य विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।

जिला जेल में बंद कैदियों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण


जिला कारागार में बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण को लगा विशेष स्वास्थ्य शिविर।


एसटीआई, एचआईवी, टीबी व हेपेटाइटिस की जाँच के लिए चलाया गया अभियान।



गाजीपुर। जिला कारागार में रविवार को उ०प्र० राज्य एड्स नियत्रंण सोसाइटी, लखनऊ द्वारा इन्टीग्रेटेड एसटीआई (सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज), एचआईवी (ह्युमन इम्युनडिफिशिएंशी वायरस), टीबी (क्षयरोग) तथा हेपेटाइटिस से बचाव के लिए विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी व जिला एचआईवी/एड्स नियंत्रण/क्षय रोग अधिकारी डॉ मनोज कुमार सिंह, जिला कारागार अधीक्षक आरके वर्मा व कारागार चिकित्सा अधीक्षक डॉ जीतेंद्र कुमार ने स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस मौके पर बन्दियों को यौन जनित रोगों, एचआईवी, टीबी तथा हेपेटाइटिस से बचाव के उपाय तथा परीक्षण में संक्रमित पाये जाने की दशा में नियमित रूप से पूरा उपचार प्राप्त करने के सम्बन्ध में बन्दियों को विस्तार से समझाया गया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ जीतेंद्र कुमार ने बन्दियों को नियमित रूप से अपनी स्वास्थ्य जांच कराने, कारागार चिकित्साधिकारी एवं विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परामर्शित औषधियों का नियमित रूप से सेवन करने तथा कारागार से रिहा होने के पश्चात भी सरकारी चिकित्सालय के माध्यम से अपने उपचार को नियमित रूप से जारी रखने के प्रेरित किया गया।


जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथलेश कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी आर्यका अखौरी के निर्देश के क्रम में रविवार को यूपी एड्स नियंत्रण सोसायटी व राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल के निर्देशन में आयोजित किए गए शिविर में जिला कारागार के सभी कैदियों की टीबी, एचआईवी सहित अन्य स्वास्थ्य जांच की गई। इसके अलावा समय समय पर स्वास्थ्य जांच कराने के लिए प्रेरित किया गया। जनपद में 23 नवंबर से पांच दिसंबर तक सक्रिय क्षय रोगी खोज अभियान भी संचालित किया जा रहा है।
डॉ मिथलेश कुमार ने ने बताया कि संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से एड्स की बीमारी नहीं होती है। संक्रमित व्यक्ति के छूने, साथ बैठने और खाने से यह बीमारी नहीं फैलती है। संक्रमित व्यक्ति के शरीर से निकलने वाले द्रव या पदार्थ के संपर्क में आने से कोई भी स्वस्थ व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। इसके अलावा रक्त संचरण, असुरक्षित यौन संबंध, असुरक्षित इंजेक्शन साझा करना, संक्रमित गर्भावस्था, प्रसव या स्तनपान द्वारा बच्चे को हो सकता है। इसलिए समय पर जांच करवाना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि दो हफ्ते या उससे अधिक खाँसी, खाँसी के साथ बलगम आना, रात में पसीना आना, भूख न लगना और वजन में लगातार गिरावट टीबी हो सकती है। ऐसे लक्षण देने पर तुरन्त नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर सम्पर्क करें। इस मौके पर जिला कारागार के समस्त अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग की टीम और अधिकारी व स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को विद्धानों ने किया संबोधित, कहा…..

गाजीपुर। जीवनोदय शिक्षा समिति गाजीपुर, जे.एन. कॉलेज, पासीघाट, राजकीय महिला पीजी कॉलेज पीजी कॉलेज एवं आर्य महिला पी.जी. कॉलेज वाराणसी के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ‘उत्तर-सत्य युग में भोजपुरी भाषा और साहित्य का पुनरावलोकन’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आज दूसरे दिन रविवार को भी जारी रहा। प्रथम सत्र की अध्यक्षता डॉ श्रीकांत पांडे ने किया । आपके अनुसार भोजपुरी भाषा को समृद्धि इसके प्रयोग से मिलेगी। अन्य भाषाओं के साथ इसके प्रयोग से इसका क्षेत्र व्यापक होगा। इसमें अभी भी बड़ा साहित्य सृजन नहीं हो पाया है । नेपाल भाषा आयोग के अध्यक्ष डॉ. गोपाल ठाकुर एवं सदस्य गोपाल ठाकुर ‘अश्क’ ने भोजपुरी भाषा के संवर्धन और संरक्षण में योगदान को रेखांकित किया। अपने नेपाल में 150 पुस्तकों के सृजन और ‘नेपाल प्रज्ञा प्रतिष्ठान’ का महत्व बताया। आपके अनुसार भोजपुरी में भारत से ज्यादा कार्य नेपाल में हो रहा है तथा यह भोजपुरी नेपाल की तीसरी भाषा है। डॉ संतोष सिंह ने भोजपुरी सिनेमा के विकास के साथ भोजपुरी संस्कृति के विकास में भोजपुरी की पहली फिल्म ‘गंगा मैया तोहे पियरी चढ़ाइयबे’ तथा ‘तीसरी कसम’ की विशेष रूप से चर्चा की। इसके इसके सूत्रधार नासिर हुसैन भी गाजीपुर के ऊसिया क्षेत्र के रहने वाले थे। पटना से आई डॉ ज्योत्सना प्रसाद ने कहा कि भोजपुरी को अन्य भाषाओं के साथ जुड़े तो इसका विस्तार होगा तथा भोजपुरी को समृद्ध करने के लिए विभिन्न विषयों पर रचना की आवश्यकता भी बताया।



इस अवसर पर विविध वक्ताओं ने अपने शोध वक्तव्य भी दिए। डॉ सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी ने कहा कि भारतीय चेतना विग्रह नहीं बल्कि समन्वयक मूलक है। इसमें सकारात्मक चेतना के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। डॉ समरेंद्र मिश्रा ने भोजपुरी साहित्य में राम के चरित्र की चर्चा की। दीपक कुमार ने भोजपुरी में आंदोलन की आवश्यकता बताई तथा तकनीकी शब्दावली के अभाव की ओर अपना ध्यान आकर्षित किया। जबकि डॉ उदय प्रताप पाल ने भोजपुरी साहित्य के विविध पक्ष पर प्रकाश डालते हुए गडरिया जाति में भेड़ के गुणनारूप भोजपुरी नामावली की गहन चर्चा की। अमन मिश्रा ने भोजपुरी साहित्य में देशज वनस्पति चिकित्सा एवं देसी दवाओं के उपयोग पर चर्चा की। जबकि उदय नारायण सिंह ने वैदिक विचारों के साथ भोजपुरी की गायन शैली को वैदिक उच्चारण से जोड़ने का प्रयास किया किया। सत्र का संचालन डॉ जयशंकर सिंह ने किया। समापन सत्र की अध्यक्षता डॉ पृथ्वीराज सिंह ने किया तथा मुख्य अतिथि बी.एच.यू के हिंदी विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर वशिष्ठ अनूप रहे। दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉक्टर सुनील कुमार राय ने भोजपुरी में के व्यावहारिक प्रयोग पर बलिया तथा फूहड़ भोजपुरी फिल्म और संगीत को भोजपुरी के लिए बड़ा खतरा बताया। सत्र का संचालन दो विद्यानिवास मिश्र ने किया।



आभार ज्ञापन जीवनोदय शिक्षा समिति के अध्यक्ष डॉ राम नारायण तिवारी ने किया। सेमिनार के अंतिम तीसरे सत्र के रूप में लोक कलाओं एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का प्रदर्शन हुआ जिसमें पवन बाबू एवं संजीव अरुण कुमार के नेतृत्व में ममता ओझा, सरोज तिवारी, मृत्युंजय पांडेय, दयाशंकर देव, एवं अन्य नाम चीन भोजपुरी कलाकारों ने लोकगीत एवं लोक नृत्य प्रस्तुत कर भोजपुरी भाषा एवं संस्कृति की समृद्धि से उपस्थित जनमानस को परिचित कराया। कार्यक्रम की संयोजन में डॉ रामनारायण तिवारी, सुनंद के. सिन्हा, काजी फरीद आलम, डॉ. शेर खान, डॉ जितेंद्र नाथ राय, पवन बाबू आदि की उल्लेखनीय भूमिका रही। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से वंदना दुबे डॉ जितेंद्र कुमार, डॉ संजय चतुर्वेदी, डॉ सूर्यकांत पांडेय, डॉ गोरखनाथ कुशवाहा, डॉ बालेश्वर विक्रम, डॉ राम नगीना कुशवाहा, प्रोफेसर अजय सिंह, डॉ राघवेंद्र पांडेय, डॉ शिव कुमार, डॉ निरंजन कुमार उपस्थित रहे।

ताइक्वांडो चैंपियनशिप ट्रॉफी पर एम के ताइक्वांडो अकादमी का कब्जा

गाजीपुर ताइक्वांडो चैंपियनशिप ट्रॉफी पर एम के ताइक्वांडो अकादमी का कब्जा


गाजीपुर। डिस्ट्रिक्ट गाजीपुर ताइक्वांडो एसोसिएशन के तत्वाधान में एमके ताइक्वांडो अकादमी की ओर से रविवार को महाराजगंज के पैलेस में चतुर्थ जिला स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में एमके ताइक्वांडो अकैडमी के खिलाड़ियों ने सर्वाधिक अंक हासिल किए और विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। वंश ताइक्वांडो अकादमी के खिलाड़ियों ने दूसरा स्थान हासिल किया। जबकि आरबी ताइक्वांडो अकेडमी तीसरे स्थान तो वहीं मास्टर स्पोर्ट्स एकेडमी का चौथा स्थान रहा। सब जूनियर वर्ग में मास्टर स्पोर्ट्स अकेडमी ने शानदार प्रदर्शन कर खिताब अपने नाम किया। कैडेट ट्रॉफी पर एसआईएस ताइक्वांडो अकैडमी व जूनियर ट्रॉफी पर ए एस अकादमी का कब्जा जा रहा।


तो वही सीनियर ट्रॉफी पर सनी ताइक्वांडो अकादमी ने कब्जा जमाया रखा। मुख्य अतिथि के रूप में पधारी पूर्व मंत्री संगीता बलवंत ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहना कर शुभकामनाएं दी। पूर्व मंत्री संगीता बलवंत ने कहा कि मैं जिले में पहली बार ऐसा खेल देख रही हूं जिसमें पुरुष के साथ-साथ महिलाओं की भी बराबर की भागीदारी है। इस मौके पर संगठन के अध्यक्ष अलाउद्दीन अंसारी, सचिव विपिन सिंह यादव, आयोजक सचिव मनोज कुमार बिंद, विजय कमला साहनी, रविकांत भारती, सत्यदेव पांडे, अजय कुमार शर्मा, चित्रांश राय व सुलेखा यादव, अनूप कुमार बिन्द सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।

रेल मंत्री का फूंका पुतला

गाजीपुर। (भीमापार) माहपुर रेलवे स्टेशन को रेल विभाग की ओर से हाल्ट किए जाने के विरोध में अम्बेडकर आजाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहित कुमार बादल के नेतृत्व में रविवार को माहपुर रेलवे स्टेशन के पास रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव का पुतला फूंका गया। और मांग की गई की माहपुर रेलवे स्टेशन बहुत पुराना स्टेशन था, जिसे अब हाल्ट का दर्जा दिया गया है। लोगों की मांग है कि दुबारा हाल्ट से इसे स्टेशन का दर्जा दिया जाय। वक्ताओं ने कहा कि माहपुर रेलवे स्टेशन स्वतंत्रता आंदोलन का मूक गवाह रहा है। इस स्टेशन को रेल विभाग ने हाल्ट घोषित करके क्षेत्रीय जनता के साथ धोखा किया है। इस स्टेशन से 50 हजार लोगों सहित सैकड़ों गांवों की जनता जुड़ीं है।


वक्ताओं ने कहा कि रेलवे स्टेशन को पूर्व की भांति रेलवे स्टेशन के दर्जे में रखने के लिए विभिन्न संगठनों के माध्यम से पत्रक दिए गए हैं। लेकिन रेल विभाग कान में तेल डाले पड़ा हुआ है। ऐसी स्थिति में अपने रेलवे स्टेशन को बचाने के लिए हम बड़ा आंदोलन करने को तैयार हैं। पुतला फूंकने में रोहित कुमार बादल, शिवपूजन राम, विजय कुमार, रंजीत कुमार, सुनावत, सुशीला पारस, अम्बिका, राजेन्द्र प्रसाद, और सुरेश राम आदि शामिल रहे।

कर्मचारी करेंगे सत्ता परिवर्तन, दी चेतावनी



पुरानी पेंशन बहाल नही हुई तो होगा सत्ता परिवर्तन- राम लाल यादव



गाजीपुर। पुरानी पेंशन को लेकर उ0प्र0 राज्य कर्मचारी महासंघ द्वारा प्रान्तीय अध्यक्ष राम लाल यादव के नेतृत्व मे कर्मचारियों ने रविवार को दोपहर 12 बजे से महायज्ञ सरजू पाण्डेय पार्क मे किया गया। सरकार की शुद्धि बुद्धी के लिए महायज्ञ कर विरोध जताते हुए राम लाल यादव ने कहा कि मजूदा सरकार कर्मचारी हित में कार्य नही कर रही है ।पुरानी पेंशन न कि कर्मचारी का अधिकार होता है बल्कि रिटायर होने के बाद उनके बुढ़ापे का एक सहारा भी होता है ।कर्मचारी अधना पूरा जीवन सरकार की और जनता की सेवा मे ब्यतीत करने के बाद उसे पेंशन से वर्जित किया जाता है। जन प्रतिनिधि सासंद विधायक के पाच साल कार्य करने के बाद उनको पेंशन देने का प्राविधान आज भी चल रहा है। सरकार की ये दोहरी निति कर्मचारी के विपरीत है। सरकार अगर कर्मचारीयो के हित मे पेशन नही देती है तो इनका खमियाजा आना वाले लोक सभा एव विधान सभा मे सरकार को भोगना पडेगा। महासंघ के जिलाध्यक्ष बालेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने शुद्धी बुद्धी यज्ञ के दौरान सरकार को चेताया कि इस यज्ञ के बाद अगर सरकार नही चेतती है तो कर्मचारी 10 दिसम्बर को दिल्ली राम लीला मैदान मे विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होगे।


कार्यक्रम मे मुख्य रूप मे उ0प्र0 राज्य कर्मचारी महासंघ प्रान्तीय अध्यक्ष राम लाल यादव, कर्मचारी नेता निर्भय कुमार सिह, मंत्री ईश्वर यादव, रगनाथ सिह, जे0पी0 यादव, हंसराज, पंकज, सुनीता यादव, उमेश कुमार, प्रदीप कुमार, गोरख कुमार यादव, अजय कुमार यादव, हरेराम यादव, हरेन्द्र कुमार, सुरेश, सुरेंद्र यादव, मनोज कुमार, सजय कुमार विशाल कुमार, आदि। अध्यक्षता नगीना यादव एव संचालन बालेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने किया ।

अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में शामिल हुए कई देशों के विद्वान

गाजीपुर। भारतीय लोक साहित्य एवं संस्कृति को संरक्षित एवं संवर्धित करने के उद्देश्य से जीवनोदय शिक्षा समिति, राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय एवं स्नातकोत्तर महाविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ‘उत्तर सत्ययुग में भोजपुरी भाषा एवं संस्कृति का पुनरावलोकन’ विषय पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ शनिवार को किया गया। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्ता के रूप में प्रो सदानंद शाही ने कहा कि उत्तर सत्य का अर्थ होता है सत्य के बाद का समय। सत्य के बाद या तो झूठ होता है या अति सत्य। भोजपुरी इसी की शिकार है। उसके नाम पर तमाम तरह के झूठ फैलाए गए हैं। तमाम तरह के मनगढ़ंत आरोप मढ़े गए है। यह भोजपुरी का दुर्भाग्य ही है कि आज संसद में भोजपुरी के बड़े बड़े कलाकार बैठे हैं लेकिन भोजपुरी आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं हो पाई है। भोजपुरी को आठवीं अनुसूची में शामिल होने से हिन्दी को कोई खतरा नहीं है। इसी क्रम में लीबिया से पधारे प्रोफेसर अनिल प्रसाद ने कहा कि भोजपुरी में लोक की आत्मा बसती है भोजपुरी भाषा का क्षेत्र व्यापक है। यह भारत के गांव देहातों से होते हुए विश्व की कई देशों में अपना विस्तार किया है।भोजपुरी संघर्ष की भाषा है और इसकी सुगंध श्रम के माध्यम से पूरी दुनिया में फैला हुआ है। तुर्की से पधारी एस टी जस्सल ने कहा कि भोजपुरी भाषा एवं साहित्य को सजोने का कार्य सदियों से स्त्रियों ने किया है। वही इसकी समृद्धि का आधर हैं। प्रो पृथ्वीराज जी ने कहा कि भोजपुरी की संस्कृति कृषि की संस्कृति है, जिसमें साझेपन को महत्व दिया गया है।

अमेरिका से आए माइकल बोनेलॉक ने कहा कि भोजपुरी भाषा और साहित्य संगीतमय है। लय इस भाषा की प्राण है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डा नीरजा माधव जी ने कहा कि भोजपुरी अपने उत्कृष्ट साहित्य के चलते सम्मान पाएगी न कि राजकीय संरक्षण से। आज भी हमारे यहां के मांगलिक कार्य इसी भाषा में रचित गीत के माध्यम से ही संपन्न होते हैं। इस अवसर पर जीवनोदय शिक्षा समिति ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर योगदान देने और छात्र हित को सदैव प्राथमिकता में रखने वाले राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर के डा शिव कुमार एवं डा संतन कुमार राम ‘ को बेस्ट शिक्षक अवार्ड’ से सम्मानित किया। इस अवसर पर पी जी कालेज के शिक्षक डा हरेंद्र सिंह एवं सूर्य प्रकाश पाण्डेय को भी सम्मानित किया गया। इस सत्र का संचालन जयनंदन ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डा रामनारायण तिवारी ने किया। दूसरे सत्र में पवन बाबू के संयोजन में सांस्कृतिक कार्यक्रम की श्रृंखला शुरू हुई जिसमें देर रात तक लोक कलाकारों की प्रस्तुति चलती रही। इस कार्यक्रम में लोक कर्मी गोपाल ठाकुर,डा सानंद सिंह, डा निरंजन कुमार यादव, जितेंद्रनाथ राय, शेर खां, डा राघवेंद्र पांडेय, आर्य पुत्र दीपक, उदय प्रताप पाल,डा विश्वनाथ मिश्र, डा सर्वेश पांडेय, डा गजेंद्र पाण्डेय, काज़ी फरीद आलम, डॉ अशोक कुमार सिंह, जयशंकर, अमरनाथ तिवारी, संजीव कुमार वरुण, उरूज फातिमा, छत्रशाल सिंह आदि के साथ शोधार्थी एवं सुधी श्रोता उपस्थित रहे।

घर-घर खोजें जाएंगे कुष्ठ रोगी

पल्स पोलियो की तर्ज पर घर-घर खोजे जाएंगे कुष्ठ रोगी



गाजीपुर। कुष्ठ रोगी खोजी अभियान जो 21 दिसंबर से 4 जनवरी तक चलाया जाना है। इस अभियान में पल्स पोलियो अभियान की तर्ज पर घर-घर कुष्ठ रोगियों की खोज की जाएगी। जिसको लेकर शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में सीएमओ डॉ देश दीपक पाल की अध्यक्षता में एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डॉ रामकुमार यादव ने बताया कि 21 दिसंबर से 4 जनवरी तक कुष्ठ रोगी खोजी अभियान चलाया जाना है। जो पल्स पोलियो अभियान की तरह चलाया जाएगा। अभियान के तहत घर-घर कुष्ठ रोगियों की खोज की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस तरह का अभियान साल 2018 में विभाग के द्वारा जनपद में चलाया गया था। वहीं अब 5 साल के बाद इस अभियान को एक बार फिर से चलाया जाएगा। जिसको लेकर वर्कशॉप का आयोजन किया गया है। वर्कशॉप में शामिल लोगों को कुष्ठ रोगियों की कैसे पहचान और पहचान करने के बाद उनका किस तरह से इलाज किया जाएगा इसके बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी जा रही है।



उन्होंने बताया कि अभी पिछले दिनों 1 सितंबर से 30 सितंबर तक कुष्ठ रोगी खोजी अभियान चलाया गया था। जिसमें कुल 42 नए मरीज मिले थे। जिन्हें एमडीटी उपचार दिया गया। साथ ही उन्होंने बताया कि पूरे जनपद में 181 कुष्ठ रोगी व आठ अन्य कुष्ठ रोगी मरीज है । जिनकी कुल संख्या 189 होती है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2023 से अब तक कुष्ठ रोग विभाग के द्वारा किए गए इलाज से कुल 180 कुष्ठ रोगी स्वस्थ भी हुए हैं। इस वर्कशॉप में सभी ब्लॉकों के चिकित्सा अधिकारी बीसीपीएम, एनएमए, एनएमएस ,एचईओ के साथ ही विभाग से जुड़े जयप्रकाश ,श्याम बिहारी, आरके मिश्रा, अभय कुमार, अखिलेश व अन्य मौजूद रहे।