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साबिर अली आईटीआई जखनियां में होगा मारुति सुजुकी का कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव

साबिर अली आईटीआई जखनियां में मारुति सुजुकी का कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव 14 जुलाई को

जखनियां, गाजीपुर। युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से साबिर अली आईटीआई, जखनियां में 14 जुलाई 2026 को मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के लिए कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया जाएगा। प्लेसमेंट प्रक्रिया सुबह 8:30 बजे से शुरू होगी।

इस प्लेसमेंट ड्राइव में 18 से 26 वर्ष आयु के योग्य अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। आईटीआई के साथ-साथ 10वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए भी अवसर उपलब्ध है। विशेष रूप से 2026 बैच एवं द्वितीय वर्ष की परीक्षा दे रहे प्रशिक्षु भी इस कैंपस ड्राइव में शामिल हो सकेंगे।

भर्ती मोटर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, ट्रैक्टर मैकेनिक, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, टर्नर, वेल्डर, पेंटर, वायरमैन, शीट मेटल, ऑटोमोबाइल मैकेनिक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, टूल एंड डाई मेकर तथा पीओपीओ सहित विभिन्न ट्रेडों के लिए की जाएगी।

चयनित अभ्यर्थियों को ₹28,300 सीटीसी के साथ आकर्षक वेतन एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। कार्यस्थल मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, गुजरात प्लांट रहेगा। संस्थान की ओर से बताया गया है कि यह कैंपस प्लेसमेंट पूरी तरह निःशुल्क है तथा अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।

संस्थान के प्रिंसिपल अमरनाथ यादव ने कहा कि “साबिर अली आईटीआई का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के साथ बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। ऐसे कैंपस प्लेसमेंट कार्यक्रम छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होते हैं। अधिक से अधिक प्रशिक्षु इस अवसर का लाभ उठाएँ।”

संस्थान के डायरेक्टर आमिर अली ने कहा कि “हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हों। मारुति सुजुकी जैसी अग्रणी कंपनी का कैंपस प्लेसमेंट संस्थान के छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है। सभी पात्र अभ्यर्थी समय से अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएँ।” अंत में संस्थान ने सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर इस रोजगार अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।

महिला पीजी कॉलेज में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का हुआ आयोजन

राजकीय महिला पीजी कॉलेज, गाजीपुर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन

गाजीपुर। रविवार को पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से राजकीय महिला पीजी कॉलेज महुआबाग में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के आवासीय परिसर, शैक्षणिक परिसर एवं दक्षिणी परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया गया।


कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनीता कुमारी, डॉ शंभू शरण प्रसाद, डॉ सारिका सिंह, एनसीसी अधिकारी डॉ शशि कला, राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारियों तथा महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं कर्मचारियों ने पौधारोपण कर किया। इस अवसर पर सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए प्रत्येक वर्ष अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनकी देखभाल करने का संदेश दिया। प्राचार्या ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएँ और उसे वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करें।


राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ रामनाथ ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपाय है। वृक्षारोपण अभियान के जिला नोडल डॉ हसीन अहमद ने एक पेड़ मां के नाम का संदेश देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। जनपद गाजीपुर में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 20,000 से अधिक पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारीगण ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा परिसर को स्वच्छ एवं हरित बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।

पर्यावरण संरक्षण हेतु सभी छात्र – छात्राएं मां के नाम एक पेड़ अवश्य लगाएं

पर्यावरण संरक्षण हेतु सभी छात्र – छात्राएं मां के नाम एक पेड़ अवश्य लगाएं

गाज़ीपुर। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से पीजी कॉलेज गोराबाजार में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि वृक्षारोपण मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है। पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे न केवल आज पौधे लगाएं, बल्कि उन्हें संरक्षित भी करें तथा प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेकर प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीना चाहिए।
प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने आगे कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी और व्यावहारिक उपाय है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि सभी छात्र – छात्राएं हर वर्ष मां के नाम पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसे वृक्ष बनने तक देखभाल करें।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा परिसर को स्वच्छ एवं हरित बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता का संदेश देते हुए किया गया।

भारत की आन्तरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका महत्वपूर्ण

भारत की आन्तरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका महत्वपूर्ण -प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय

वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के समाज कार्य विभाग एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के तत्वावधान में डी. लिट्. उपाधि हेतु पूर्व शोध प्रबन्ध मौखिकी सम्पन्न हुई, जिसमें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के समाज कार्य विभाग एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ के निदेशक उपस्थित रहे। डी.लिट्. (D.Litt.) के शोधार्थी प्रो. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, प्राचार्य, स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार ने अपने शोध शीर्षक “भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका : एक विश्लेषणात्मक अध्ययन” नामक विषय पर अपना शोध प्रबंध व उसकी विषय- वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है, भारत की आंतरिक सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता, नागरिक जागरूकता तथा आपदा प्रबंधन जैसे अनेक आयामों से जुड़ी हुई है। भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अभेद्य सुरक्षा प्रयास निरंतर जारी है।प्रो० पाण्डेय ने अपनी प्रस्तुति में बताया कि इस संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका पर समय-समय पर व्यापक चर्चा होती रही है। संघ की स्थापना 1925 में हुई थी और इसका घोषित उद्देश्य राष्ट्र निर्माण के लिए अनुशासित एवं चरित्रवान नागरिकों का निर्माण करना है। आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में यह संगठन अपने स्वयंसेवकों के माध्यम से सामाजिक सेवा, आपदा राहत, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास तथा नागरिक जागरूकता जैसे कार्यों में योगदान देता है। प्राकृतिक आपदाओं, महामारी तथा अन्य संकटों के दौरान स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी को सामाजिक सहयोग और सामुदायिक क्षमता निर्माण का उदाहरण माना जाता है। अनुशासन, संगठन क्षमता तथा राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों का प्रसार भी इसके सकारात्मक पक्षों में गिना जाता है। दूसरी ओर, संघ की भूमिका को लेकर सार्वजनिक और शैक्षणिक विमर्श में विभिन्न दृष्टिकोण मौजूद हैं। कुछ राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और शोधकर्ता पूर्वाग्रह के आधार पर यह तर्क देते हैं कि संघ की विचारधारा और गतिविधियों के कुछ पहलुओं का सामाजिक सद्भाव एवं सांप्रदायिक संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किंतु शोध में यह तर्क असत्य पाया गया। संघ भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका का मूल्यांकन संतुलित, तथ्यपरक और शोध-आधारित दृष्टिकोण से किया गया है। प्रोफेसर पाण्डेय द्वारा इस विषय पर विभिन्न विचारों और उपलब्ध साक्ष्यों का निष्पक्ष विश्लेषण व्यापक एवं विश्वसनीय स्तर पर किया है। प्रस्तुतिकरण के पश्चात विषय से सम्बन्धीय बहुत सारे प्रश्न पूछे गए जिनका प्रोफे. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अत्यंत सारगर्भित और तर्कपूर्ण उत्तर दिया। विभागीय समिति द्वारा मौखिकी को शोध प्रबंध को उत्कृष्ट माना और शोध प्रबंध को विश्विद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया । इस अवसर पर प्रोफेसर पाण्डेय ने कुलपति प्रो० आनन्द कुमार त्यागी से शिष्टाचार भेंट की। उक्त अवसर पर कुलपति जी ने कहा कि अपनी स्थापना काल से ही आर एस एस भारत की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता आ रहा है।इस विषय पर और अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है।
इस अवसर पर शोध के शोध-परामर्शदाता प्रोफेसर (डॉ.) के. के. सिंह, प्रोफेसर एवं समन्वयक, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी सहित समाजकार्य विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वन्दना सिन्हा, प्रोफेसर बंशीधर पाण्डेय, प्रोफेसर भावना वर्मा, प्रोफेसर चन्द्रशेखर सिंह, प्रोफेसर निमिषा गुप्ता, डॉ० अनिल कुमार, डॉ० सतीश कुमार, डॉ० अश्विनी कुमार सिंह सहित अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। संचालन परामर्शदाता प्रोफेसर (डॉ०) के० के० सिंह एवं धन्यवाद विभागाध्यक्षा प्रोफेसर वन्दना सिन्हा व्यक्त किया।

वृहद वृक्षारोपण अभियान: ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के साथ हरित भविष्य का लिया संकल्प

राजकीय हाई स्कूल बयेपुर, देवकली (गाजीपुर) में वृहद वृक्षारोपण अभियान : ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के साथ हरित भविष्य का लिया संकल्प

देवकली (गाजीपुर)। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने तथा जनसहभागिता के माध्यम से हरित भारत के निर्माण के उद्देश्य से संचालित वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत शनिवार को राजकीय हाई स्कूल बयेपुर, देवकली में उत्साह, जागरूकता और जनभागीदारी के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मालविका सिंह ने किया।

विद्यालय परिसर में छायादार, फलदार एवं औषधीय प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय की ईको क्लब की नोडल अधिकारी निरूपमा व्यास ने छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई तथा वृक्षों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि “वृक्ष केवल प्रकृति की शोभा नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता और स्वस्थ पर्यावरण का अमूल्य उपहार है।” उन्होंने विद्यार्थियों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने, उसकी नियमित देखभाल करने तथा अपने परिवार और समाज को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में सहायक अध्यापिकाएँ सुमन सागर, सीमा यादव, अर्चना यादव एवं अर्चना गुप्ता ने भी छात्र-छात्राओं के साथ पौधरोपण कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक व्यक्ति पौधों के संरक्षण का भी संकल्प ले। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अभियान में भाग लेते हुए विद्यालय परिसर को अधिक हरित एवं स्वच्छ बनाने का संदेश दिया।

प्रधानाध्यापिका मालविका सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार का यह वृहद वृक्षारोपण अभियान केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि “आज लगाया गया प्रत्येक पौधा भविष्य की पीढ़ियों के लिए जीवन, हरियाली और समृद्धि का प्रतीक बनेगा। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण को भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझें।”

कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की भावना को आत्मसात करते हुए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने, प्रत्येक वर्ष अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने की सामूहिक शपथ ली।

महिला पीजी कॉलेज का प्रदेश में पांचवा, पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अव्वल स्थान

प्रमाण पोर्टल रैंकिंग में महिला महाविद्यालय का प्रदेश में पांचवा स्थान, पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अव्वल!

गाजीपुर। प्रदेश सरकार द्वारा जारी प्रमाण पोर्टल पर टॉप 20 महाविद्यालयो में राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग ने प्रदेश के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों में पांचवा एवं वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जून 2026 माह की समीक्षा के आधार पर महाविद्यालय ने सभी श्रेणियां में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 62.96 अंकों के साथ प्रदेश के श्रेष्ठ संस्थानों में शामिल हुआ है। 68.34 अंकों के साथ पी पी एन कॉलेज, कानपुर प्रथम स्थान पर है। प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनीता कुमारी के अनुसार यह पोर्टल योजना एवं नीति अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य महाविद्यालयों की कार्य प्रणाली को अधिक पारदर्शी उत्तरदाई एवं परिणामोन्मुखी बनाना है। इसके आधार पर प्रत्येक माह में इन संस्थाओं की समीक्षा की जाती है।यूपी प्रमाण पोर्टल पर प्रदेश के महाविद्यालयों का मूल्यांकन 44 विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाता है।

महाविद्यालय के यू पी प्रमाण पोर्टल के प्रभारी डॉ आनंद चौधरी के अनुसार इन मानकों में शैक्षणिक गुणवत्ता, छात्र हितैषी सेवाएं, शोध एवं नवाचार, डिजिटल प्रशासन, परीक्षा एवं मूल्यांकन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्ता आश्वासन, संस्थागत उपलब्धियां तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के अनुपालन सहित अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाता है।
महाविद्यालय की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्राचार्य डॉ अनिता कुमारी ने समस्त प्राध्यापको, कर्मचारियो एवं छात्राओं तथा अभिभावकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे महाविद्यालय परिवार के सामूहिक परिश्रम, समर्पण, उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम है। आपने सभी से भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए महाविद्यालय को प्रदेश के शीर्ष संस्थान में बने रहने और इससे भी ऊंचा स्थान प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहने का आह्वान किया। विदित हो कि महाविद्यालय ने अपने नैक द्वितीय चक्र में सत्र 2016 में 2.89 अंकों एवं बी प्लस प्लस ग्रेड के साथ प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयो में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया था तथा यहां पर वर्तमान में लगभग 2700 छात्राएं अध्यनरत हैं। बी ए में कुल 18 विषय तथा बीएससी में 4 विषयों के साथ यहां पर 7 विषयों में एम ए एवं एक विषय में एमएससी के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है।

महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ शिवकुमार के अनुसार महाविद्यालय की भौतिक सुविधाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में यहां 18 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बालिकाओं के लिए 200 की क्षमता का छात्रावास एवं 400 की क्षमता का एक आधुनिक सुसज्जित ऑडिटोरियम निर्माणधीन है। डेढ़ करोड़ से अधिक की लागत का कंप्यूटर बिल्डिंग के निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा छात्राओं के लिए पृथक कामन हाल का निर्माण भी शुरू हो गया है। एनसीसी, रेंजर, राष्ट्रीय सेवा योजना, खेलकूद, संगीत, चित्रकला, कार्यशालाओ, सबके लिए अनिवार्य कंप्यूटर शिक्षा एवं विभागीय परिषदों के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के माध्यम से महाविद्यालय वर्ष भर अपनी छात्राओं को उत्कृष्ट शैक्षणिक अनुभव के साथ-साथ व्यापक शिक्षणेतर अवसर भी उपलब्ध कराता है। छात्राओं में बहुमुखी व्यक्तित्व, नेतृत्व, एवं कौशल विकास तथा रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के कारण महाविद्यालय जनपद में बालिकाओं की उच्च शिक्षा का पसंदीदा स्थान है।

230 छात्राओं का प्रवेश काउंसलिंग पूर्ण, बची छात्राएं तीन दिन के अंदर लें सकती हैं प्रवेश

गाजीपुर। राजकीय महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को तीसरे दिन भी बीए बीएससी प्रथम सेमेस्टर में नवप्रवेश हेतु काउंसलिंग जारी रही। बीए में आज कुल 70 छात्राओं ने अपना अभिलेख सत्यापन और विषय आवंटन कराया ।इस प्रकार अब तक कुल 230 छात्राओं ने बीए प्रथम वर्ष में अपना प्रवेश काउंसलिंग करा लिया है। इसी प्रकार बीएससी प्रथम सेमेस्टर में आज कुल 30 छात्राओं ने अपना अभिलेख सत्यापन कराते हुए विषय आवंटन कर लिया है। इस प्रकार बीएससी में अब तक कुल 130 छात्राओं ने अपना प्रवेश काउंसलिंग पूर्ण कर लिया है। विषय आवंटन एवं अभिलेख सत्यापन के पश्चात छात्रों का समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण एवं प्रोफाइल अपडेशन का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य आगे भी निरंतर होता रहेगा। महाविद्यालय के प्रवेश प्रभारी डॉ शिवकुमार के अनुसार 11 जुलाई को प्रवेश काउंसलिंग के प्रथम चरण से छूटी सभी छात्राओं को तथा जिनके समर्थ पोर्टल पर अभी पंजीकरण नहीं हुआ है, उन सभी छात्राओं को बुलाया गया है। समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण के पश्चात छात्राएं तीन दिन के अंदर अपना फीस जमा कर प्रवेश सुनिश्चित कर लें। अब तक पंजीकरण कराने वाली वे सभी छात्राएं जिनका काउंसलिंग लिस्ट में नाम नहीं है, वे भी कल 11 जुलाई को महाविद्यालय में सुबह 10:00 बजे आकर अपना प्रवेश काउंसलिंग करा सकती हैं।

सीडीओ ने किया जिला गंगा समिति की बैठक, दिए विभागों को निर्देश

गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक में गंगा नदी की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंगा को प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के लिए निर्धारित कार्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का अनुपचारित सीवेज, ठोस अपशिष्ट अथवा अन्य प्रदूषक पदार्थ नदी में प्रवाहित न होने पाए। नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को नियमित साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण तथा जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए।


बैठक में वृक्षारोपण अभियान, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को विद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा स्वच्छता के संबंध में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जोड़ा जाए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से विभागवार कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा सभी संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला विकास अधिकारी, डी0एफ0ओ एवं गंगा समिति के सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

जनपदवासियों को ट्रामा सेंटर में मिलेगी उच्च स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं:विजय मिश्र

गाजीपुर। मेरे राजनीति में आने का कारण समाजसेवा के साथ- साथ गाजीपुर की चिकित्सा व्यवस्था को बदलना प्रमुख उद्देश्य था और प्रत्याशी के रूप में मतदाताओं से वादा भी किया था आपके आशीर्वाद से गाजीपुर की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ कर दूंगा। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता विजय मिश्र ने नगर क्षेत्र में स्थित एक होटल प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही। श्री मिश्र ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद जो मेरा लक्ष्य था उसे अपने कार्यकाल में 200 बेड का जिला चिकित्सालय गोरा बाजार में, 100 बेड का महिला अस्पताल मिश्र बाजार, ट्रामा सेंटर आदि बनवाकर गाजीपुर का चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया। यह बात कहते हुए मेरे सहित पूरे गाजीपुर के लिए आनंद का विषय है कि तत्कालीन रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रयास से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन की सरकार ने गाजीपुर को मेडिकल कॉलेज देकर जनपद की सबसे बड़ी आवश्यकता को पूर्ण करने का काम किया। आज गाजीपुर मेडिकल कालेज में प्रतिदिन 5 से 6 हजार लोगों की ओपीडी होती है जिससे उनको अच्छी स्वास्थ्य सुविधायें मिल रही हैं। बेहतर सुविधा के लिए आस-पास के जनपदों से भी मरीज यहां आ रहे हैं। विजय मिश्रा ने कहा कि गाजीपुर में ट्रामा सेंटर निर्मित होने के पश्चात शुरू नही हो पा रहा था जिसको उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, तत्कालीन प्रमुख सचिव आलोक एवं पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा तत्कालीन जिलाधिकारी आर्यका अखौरी से लगातार बातकर ट्रामा सेंटर शुरू कराने का काम किया गया। ट्रामा सेंटर में स्वास्थ्य सुविधा शुरू हो गयी है परंतु अभी पूर्ण क्षमता से कार्य नही कर रहा हैं, इसके लिए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला सहित अन्य अधिकारियों से लगातार वार्ता कर पूर्ण क्षमता युक्त ट्रॉमा सेंटर का संचालन कराने की दिशा में कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सभी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कैशलेस ट्रीटमेंट, ऑफ रोड एक्सीडेंट स्कीम के तहत दुर्घटना में घायल लोगों को “गोल्डन आवर” के भीतर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ट्रॉमा केयर नेटवर्क पूरे देश के हर जनपद में बनाने की योजना लागू की। इसके तहत विभिन्न चरणों में देश के राष्ट्रीय राजमार्गों के पास ट्रॉमा सेंटर बनाने एवं मौजूदा अस्पतालों को ट्रॉमा सुविधाओं से सुसज्जित करने का काम केंद्र और प्रदेश की सरकार कर रही है । उन्होंने कहा कि मैं जनपदवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि शीघ्र अतिशीघ्र अपनी पूर्ण क्षमता के साथ अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर सभी आवश्यक मानकों जैसे डॉक्टर्स – डीएम क्रिटिकल केयर, एमडी एनस्थीसिया, चेस्ट, न्यूरो एवं ऑर्थो, पैरामेडिकल – नर्सिंग स्टाफ, आवश्यक उपकरण – ICU, मल्टीपैरामीटर मॉनिटर, वेंटिलेटर, सक्शन मशीन, ऑक्सीजन फ्लोमीटर और ह्यूमिडिफायर, दवा और फ्लूड कंट्रोल, ABG Analyzer, Portable ECG Machine, Portable X-Ray Access, Ultrasound Machine, CT Sacan इत्यादि से पूर्ण अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रामा सेंटर की सुविधा जनपदवासियों को प्राप्त होगी। गाजीपुर के ट्रामा सेंटर को इतने उच्च स्तर पर बनाया जायेगा कि गाजीपुर जिले के साथ-साथ अन्य जनपदों को सेवा देकर जनपद की जरूरत को पूरा करने के साथ ही बीएचयू और अन्य चिकित्सा संस्थानों के अतिरिक्त बोझ को बांट सके।

    पी जी कॉलेज में प्रवेश आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित

    पी जी कॉलेज में प्रवेश आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित

    गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार में प्रशासन द्वारा सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित किया गया है।
    स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रवेश आवेदन हेतु पहले से निर्धारित अंतिम तिथि 08 जुलाई 2026 को बढ़ाकर अब 14 जुलाई 2026 कर दिया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी महाविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट http://www.pgcghazipur.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं तथा ऑनलाइन शुल्क भी जमा कर सकते हैं।
    प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने बताया कि महाविद्यालय में सत्र 2026-27 में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा दिनांक 15 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। बी.एस-सी. (कृषि) एवं एम.एस-सी. कृषि जीपीबी पाठ्यक्रम की परीक्षा प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक तथा एम.एस-सी. बॉटनी, एम.एस-सी. कृषि (उद्यान) एवं एम.कॉम की परीक्षा दोपहर 02:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक निर्धारित है। समस्त परीक्षार्थियों से अनुरोध है कि वे परीक्षा में समय से उपस्थित हों। अनुपस्थिति की स्थिति में किसी भी अभ्यर्थी को अलग से अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए महाविद्यालय की वेबसाइट http://www.pgcghazipur.ac.in पर अवलोकन करें या महाविद्यालय कार्यालय से संपर्क करें।