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22 एचआरपी सहित 88 महिलाओ की हुई जांच व ईलाज

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस में 22 एचआरपी सहित 88 महिलाओ की हुई जांच व ईलाज

गाजीपुर। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने को लेकर प्रत्येक माह की 1, 9, 16 और 24 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में सोमवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदबाद जो प्रथम संदर्भ में इकाई के रूप में शुमार है। यहां पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें 22 एचआरपी महिलाएं सहित 88 महिलाओ ने ईलाज एवं परामर्श के साथ ही निशुल्क जांच भी कराया। चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि प्रथम संदर्भन इकाई (एफआरयू) मुहम्मदाबाद पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन सोमवार को किया गया। केंद्र पर नियमित जांच व उच्च जोखिम युक्त गर्भावस्था की चिह्नित लाभार्थी को प्रसव पूर्व जांच (एएनसी) कर मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकती है। हर माह की इन चारों दिवसों का सभी स्वास्थ्य केंद्रों में आयोजित किए जाने वाले पीएमएसएमए दिवस के साथ एफआरयू पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व क्लीनिक का आयोजन किया गया।

इस दिवस पर गर्भवती की प्रसव पूर्व हीमोग्लोबिन, शुगर, यूरिन जांच, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफ़लिस, वजन, ब्लड प्रेशर एवं अन्य जांच की नि:शुल्क सुविधा हुई। इसके साथ ही टिटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका, आयरन, कैल्शियम एवं आवश्यक दवाएं मुफ्त दी गई । एचआरपी युक्त महिलाओं की पहचान, प्रबंधन एवं सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए प्रेरित किया । पोषण, परिवार नियोजन तथा प्रसव स्थान के चयन के लिए सलाह भी दिया गया । साथ ही साथ यहां हेल्थ एटीएम के माध्यम से डिजिटल पैरामीटरो पर भी गभर्वती महिलाओं की जांच की गई। बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि महिलाओं को शासन के द्वारा निशुल्क अल्ट्रासाउंड की सुविधा भी दी गई। जो पिछले दो-तीन सालों से चल रहा है। ई रूपीस वाउचर के जरिए अल्ट्रासाउंड जो पीपीपी मॉडल पर कराया जा रहा है। उनका भुगतान रूपीस बाउचर जो विभाग के द्वारा जनरेट कर लाभार्थी को दिया जा रहा है। और उस के माध्यम से अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालक के द्वारा तत्काल स्कैन करने पर लाभार्थी के मोबाइल पर ओटीपी आता है। और ओटीपी डालते ही अल्ट्रासाउंड का भुगतान तत्काल संचालक को हो जाता है। आज के आयोजन में एएनसी 88,हिमोग्लोबिन 88,एचआईवी 66,पीपीमोड़ पर अल्ट्रासाउंड 39,एचआरपी 22,पेट जांच 81 गर्भवती महिलाओ की हुई,साथ ही 88 का वजन जांच एवं हेल्थ एटीएम का 19 महिलाओ ने लाभ उठाया। इस कार्यक्रम में डा0 नीरज मौर्या महिला रोग विशेषज्ञ, प्रियंका स्टाफ नर्स, इकराम गांधी लैब टेक्नीशियन, नीरा राय काउंसलर सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

सीएमओ ने किया आईएमआई 5.0 के तीसरे चरण का शुभारंभ,बच्चों को पिलाई दवा

सीएमओ ने किया आईएमआई 5.0 के तीसरे चरण का शुभारंभ

अर्बन पीएचसी हाथी खाना पर बच्चों को पिलाई पोलियो की खुराक

टीकाकरण अभियान में स्वास्थ्य विभाग का करें सहयोग – सीएमओ

जन्म से लेकर पाँच वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती को समय पर लगवाएँ सभी टीके

गाज़ीपुर।नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाथी खाना के अंतर्गत कांशीराम आवास चांदमारी के नियमित टीकाकरण बूथ से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल ने सोमवार को सघन मिशन इंद्रधनुष (आईएमआई-5.0) के तीसरे व अंतिम चरण का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। बूथ पर कई बच्चों को मीजल्स-रूबेला सहित अन्य टीके भी लगाए गए। इसके अतिरिक्त जनपद के समस्त 16 ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक- प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों (सीएचसी-पीएचसी) व स्वास्थ्य केन्द्रों पर भी तीसरे चरण की शुरुआत की गई। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण वाराणसी मण्डल की अपर निदेशक डॉ मंजुला सिंह ने मण्डल स्तर पर वाराणसी के चौकाघाट सीएचसी से अभियान का शुभारंभ किया।
सीएमओ डॉ देश दीपक पाल ने कहा कि नियमित टीकाकरण अभियान में किसी कारणवश छूटे पाँच वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती को प्रतिरक्षित करने के लिए सघन मिशन इंद्रधनुष 5.0 चलाया गया है। अभियान में बच्चों को प्रमुख रूप से मीजल्स-रूबेला का टीका लगाया जाएगा। साथ ही गर्भवती को टिटनेस-डिप्थीरिया (टीडी) का टीका लगाया जाएगा। यह टीका गर्भवती को व उनके गर्भस्थ शिशु को टिटनेस व डिप्थीरिया (गलघोंटू) रोग से बचाता है। उन्होंने परिजनों से अपील की कि अपने घर के आसपास के परिजनों को पाँच वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण कराने के लिए पीएचसी-सीएचसी जाने के लिए प्रेरित करें।
सीएमओ ने कहा कि कोई भी बच्चा छूटा हो तो उसका टीकाकरण अवश्य कराएं। सभी टीके पूर्ण रूप से सुरक्षित हैं। टीका लगने के बाद सामान्य बुखार हो सकता है लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है। प्रतिकूल प्रभाव से निपटने को रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी) तैयार की गई है। इसके अलावा नजदीकी सीएचसी-पीएचसी पर भी चिकित्सक से सलाह ली जा सकती है। उन्होंने बताया कि आईएमआई 5.0 के तीसरे चरण के लिए जिले के छूटे पाँच वर्ष तक के 15468 बच्चों एवं 3482 गर्भवती को टीकाकरण के लिए लक्षित किया गया है। इसके लिए जनपद में करीब दो हजार टीकाकरण सत्र आयोजित किये जाएंगे। इस दौरान बच्चों को 11 बीमारियों से बचाव के लिए टीका लगाया जाएगा, जिनमें डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, पोलियो, क्षय (टीबी), हेपेटाइटिस-बी, मैनिंजाइटिस, निमोनिया, हेमोफिलस इन्फ्लुएंजा टाइप-बी संक्रमण, डायरिया रोटा वायरस और खसरा-रूबेला (एमआर) शामिल है। सीएमओ ने जनपदवासियों से अपील की कि इस टीकाकरण अभियान में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करें।
अभियान के तहत उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों व टीकाकरण के प्रति उदासीन परिवारों के बच्चों और गर्भवती की शत-प्रतिशत टीके पर ज़ोर दिया जाएगा। टीकाकरण सत्र हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, वीएचएसएनडी सत्र, समस्त सरकारी स्वास्थ्य केंन्द्रों में भी आयोजित किए जाएंगे। अभियान में प्रमुख रूप से मीजल्स रूबेला (एमआर) टीकाकरण के साथ ही “पाँच साल, सात बार छूटे न टीका एक भी बार” पर जोर दिया जाएगा।
इस दौरान अर्बन नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ मुंशीलाल, जिला नगरीय समन्वयक अशोक कुमार, एमओआईसी डॉ ईशानी ने भी बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई। इस मौके पर यूएनडीपी से प्रवीण उपाध्याय,यूनिसेफ से डीएमसी बलवंत सिंह, चाई से मणि शंकर एवं अन्य अधिकारी व स्वास्थ्य कर्मी मौजूद रहे।

टीबी मुक्त भारत पर होगा मंथन, ग्राम प्रधान व सीएचओ निभाएंगे अहम भूमिका

ग्राम पंचायतों में टीबी मुक्त भारत पर होगा मंथन, ग्राम प्रधान व सीएचओ निभाएंगे अहम भूमिका

टीबी मुक्त पंचायत व फैमिली केयर गिवर मॉड्यूल पर सोमवार से शुरू होगा प्रशिक्षण कार्यक्रम

• प्रत्येक टीबी यूनिट/ब्लॉक स्तरीय सीएचसी व पीएचसी से एक-एक अधिकारी


एनटीईपी कर्मी और सहायक विकास अधिकारी को बनाया जायेगा मास्टर ट्रेनर


• ब्लॉक पर ग्राम प्रधान, सचिव और सीएचओ को करेंगे प्रशिक्षित, जांच व उपचार में बनेंगे सहायक


• टीबी मरीज की देखभाल के लिए घर का एक सदस्य अथवा करीबी बनेगा फैमिली केयर गिवर

गाज़ीपुर। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) और प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत प्रत्येक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग और पंचायती राज विभाग के संयुक्त प्रयास से टीबी मुक्त पंचायत बनाने की योजना को धरातल पर उतारने की पहल की जा रही है। टीबी मुक्त पंचायत अभियान के अंतर्गत ब्लॉक स्तर पर ग्राम पंचायतों और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर में टीबी के लक्षणों, जांच और इलाज के बारे में चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि पंचायत की विकास योजनाओं में टीबी मुक्त पंचायत की गतिविधियों को भी शामिल किया जाएगा। साथ ही टीबी मरीज की देखभाल के लिए उसके घर के एक सदस्य अथवा करीबी को फैमिली केयर गिवर भी बनाया जाएगा। इसी को लेकर सोमवार (नौ अक्टूबर) से सीएमओ कार्यालय में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसमें हर टीबी यूनिट/ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी-पीएचसी) से एक अधिकारी, जिला क्षय रोग केंद्र के एक एसटीएस, एसटीएलएस या हेल्थ सुपरवाइजर के साथ एक सहायक विकास अधिकारी को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सोमवार व मंगलवार को चलने वाले इस प्रशिक्षण में करीब 35 स्वास्थ्यकर्मियों और 16 सहायक विकास अधिकारियों को प्रशिक्षित कर मास्टर ट्रेनर बनाया जाएगा। यह सभी मास्टर ट्रेनर ब्लॉक पर ग्राम प्रधान, सचिव, कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद ग्राम प्रधान और सचिव मिलकर पंचायत समिति के अन्य सदस्यों को प्रशिक्षित करेंगे। सीएचओ, आशा- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित करेंगे। प्रशिक्षण लेने के बाद यह लोग समुदाय को टीबी के लक्षण, रोकथाम, भ्रांतियों को दूर करने, उपचार, जांच और उपलब्ध सुविधाओं समेत टीबी रोगियों के लिए सरकार की ओर से प्रदान किये जाने वाले विभिन्न लाभों के बारे में जागरूक करेंगे। जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डॉ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रत्येक गांव को टीबी मुक्त करने के लिए जांच और उपचार की व्यवस्था को दुरुस्त करना तथा एक वर्ष में प्रत्येक 1000 की आबादी पर 30 संभावित मरीज खोज कर जांच करना है। पिछले तीन सालों में जिन क्षेत्रों में अधिक या कम टीबी मरीज मिले हैं उनकी सूची ग्राम और वार्ड वार तैयार करेंगे। उनमें से हर माह 10-10 ग्राम पंचायतों को चिन्हित किया जायेगा। इसके बाद वहाँ विशेष ध्यान देकर स्क्रीनिंग, जांच, उपचार, परामर्श, पोषण व भावनात्मक सहयोग प्रदान कर जल्द से जल्द टीबी मुक्त पंचायत के रूप में घोषित किया जाएगा। इस कार्य में ग्राम प्रधान, सचिव व पंचायत सहायक के साथ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (सीएचओ) सहित ग्राम प्रधान, एएनएम, आशा कार्यकर्ता, एनटीईपी कर्मी व अन्य स्वास्थ्यकर्मी सहयोग करेंगे।जिला कार्यक्रम समन्वयक (डीपीसी) डॉ मिथलेश कुमार ने बताया कि हर टीबी यूनिट पर तैयार होने वाली तीन मास्टर ट्रेनर्स (प्रशिक्षकों) की यह टीम ग्राम प्रधान, सचिव और सीएचओ को प्रशिक्षण देगी। सभी मिलकर क्षय रोगियों की जल्दी पहचान और उपचार के लिए काम करेंगे, जिससे टीबी मुक्त पंचायत का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

उन्होंने बताया कि आशा कार्यकर्ता संभावित टीबी मरीजों की जानकारी दर्ज करेंगी और इसकी सूचना सीएचओ को देंगी। मरीजों को दवा उपलब्ध कराएंगी। वह बैंक खाते का विवरण दर्ज कराएंगी, जिससे इलाज के दौरान टीबी रोगियों को सही पोषण के लिए हर माह निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये मिल सकें।डॉ मिथलेश ने बताया कि अब तक टीबी का उपचार ले रहे मरीजों के लिए एक ट्रीटमेंट सपोर्टर नियुक्त किया जाता था, जो कि आशा कार्यकर्ता होती थी। लेकिन अब मरीज का ध्यान रखने के लिए उसी के परिवार से अथवा उसके किसी नजदीकी व्यक्ति को केयर गिवर का दायित्व सौंपा जायेगा। यह पहल टीबी के शुरुआती लक्षणों की पहचान करके उन्हें रोकने और बीमारी के दौरान समय पर रेफरल द्वारा रोगी और उनके परिवार के सदस्यों की समुचित देखभाल और सहायता सुनिश्चित करेगी। इससे उपचार, उचित पोषण और उपचार के मानकों का पालन करने में मदद मिलेगी और टीबी से ग्रसित व्यक्तियों के समग्र स्वास्थ्य परिणामों में सुधार होगा।

कुंडेश्वर प्रथम और गौसपुर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया

क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजमेंट के तहत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर कुंडेश्वर प्रथम तो गौसपुर ने दूसरा स्थान प्राप्त किया



गाजीपुर। क्वालिटी एश्योरेंस मैनेजमेंट जिसके अंतर्गत सभी स्वास्थ्य केदो का कुल 7 बिंदुओं पर राज्य-स्तरीय टीम के द्वारा मूल्यांकन किया जाता है। और इसी मूल्यांकन के आधार पर स्वास्थ्य केंद्रों को फर्स्ट, सेकंड और थर्ड कैटिगरी में चयनित कर उन्हें पुरस्कृत किया जाता है। इसी के तहत गाजीपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहमदाबाद के अंतर्गत दो हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर कुंडेश्वर प्रथम और गौसपुर ने दूसरा स्थान जनपद में प्राप्त किया है। चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर आशीष राय ने बताया कि क्वालिटी एश्योरेंस के तहत राज्य स्तर की एक टीम अपने निर्धारित बिंदुओं पर पिछले दिनों स्वास्थ्य केंद्र के अंतर्गत संचालित हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर का निरीक्षण किया था। इसी के तहत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर कुंडेश्वर 82.9% अंक पाकर जनपद में प्रथम स्थान और गौसपुर 78.3% अंक पाकर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।

उन्होंने बताया कि इसी योजना के तहत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर रघुवरगंज का भी कायाकल्प किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस स्थान को प्राप्त करने के लिए टीम के द्वारा हॉस्पिटल का मेंटेनेंस, स्वच्छता, बेस्ट मैनेजमेंट, हाइजीन प्रमोशन, इनफेक्शन कंट्रोल, बिल्डिंग व रिकार्डो का रखरखाव को आधार बनाया गया है।

2274 मरीज का हुआ ईलाज

आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत 2274 मरीज का हुआ ईलाज



गाजीपुर। भारत सरकार द्वारा निर्धारित यूनिवर्स हेल्थ कवरेज का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए समुदाय में विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति जन-जागरूकता बढाने एवं महत्वपूर्ण स्वस्थ्य सेवाओं से संतुष्ट करने के उद्देश्य से आयुष्मान भव:अभियान 13 सितम्बर से किया जा रहा है। जिसके अन्तर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुहम्मदाबाद के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रो में कई गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत प्रत्येक हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर शनिवार एवं स्वास्थ्य केंद्र मोहम्दाबाद एवं समस्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर रविवार को आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत साप्ताहिक स्वास्थ्य मेले का बृहद आयोजन किया जा रहा है।



इस अभियान में हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर पर तैनात सीएचओ के द्वारा आनलाईन पोर्टल के माध्यम से 2274 मरीजों का उपचार एवं परामर्श दिया जा चुका है। साथ ही साथ टीबी रोगियों की पहचान हेतु बलगम जांच एवं सीनाट जांच पर फोकस किया जा रहा है।इसके साथ ही ग्राम बैठकों एवं आयुष्मान कार्ड बनाने में लगी टीमों एवं सहयोगी विभागों के साथ प्रत्येक दिवस समन्वय स्थापित करते हुऐ अधिक से अधिक कार्ड बनाने की योजनाबद्ध तरीके के कार्य भी लगातार किया जा रहा है। वही 3 अक्टूबर से शुरू हुआ विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान के अन्तर्गत मलेरिया स्लाइड जांच प्रत्येक माह अपने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शतप्रतिशत 3423 व्यक्तियों का किया गया।



बीपीएम संजीव कुमार ने बताया कि आयुष्मान आपके द्वार 3.0 के अन्तर्गत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अन्तर्गत छुटे हुऐ पात्र लाभार्थी को चिन्हांकित करते हुऐ वृहद रुप से ग्राम सभा एवं छोटे से छोटे पुरवो में कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुहम्मदाबाद के अन्तर्गत बडे पैमाने पर किया जा रहा है। जिसमें ग्राम स्तर पर आशा,आशा संगीनी ,एएनएम एवं कम्युनिस्ट हेल्थ आफिसरों के द्वारा प्रत्येक दिन अपने क्षेत्र में लोगों को प्रेरित करते हुऐ बनवाया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड बनाने में ब्लॉक आपरेटर कृष्णा सिंह एवं बी सी पी एम मनीष कुमार द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

डीएम ने किया शुभारंभ, सीडीओ ने ली अधिकारियों संग शपथ

गाजीपुर। संचारी व मच्छर जनित रोगों के रोकथाम व नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी आर्यका अखौरी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान का शुभारंभ हरी झंडी दिखाकर किया। इस दौरान जन जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया। जिसमें स्वास्थ्य समेत सभी विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, स्कूली छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया। इसके साथ ही मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) संतोष कुमार वैश्य ने राइफल क्लब सभागार में मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल एवं स्वास्थ्य समेत सभी 10 विभागों के मुख्य अधिकारियों, आशा-आंगनबाड़ी कार्यार्ताओं के संग संचारी रोगों के नियंत्रण व रोकथाम के लिए शपथ ली। जिलाधिकारी ने कहा कि संचारी व मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इन्हीं बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसी बीच 16 से 31 अक्टूबर तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा। अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर निमग, पंचायती राज विभाग समेत 10 विभागों की टीम तैनात की गईं हैं जो घर-घर जाकर बीमारियों की रोकथाम और समुदाय को जागरूक करेंगी। ऐसे में जन समुदाय का भी दायित्व है कि अभियान में सहयोग करे, सतर्क और जागरूक रहें। जिलाधिकारी ने अपील की किया कि डेंगू का मच्छर दिन में ही काटता है तथा इससे बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जनपद प्रशासन व विभिन्न विभागों के साथ ही जन प्रतिनिधि भी इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा छिड़काव, फोगिंग, स्वच्छता, साफ-सफाई आदि का कार्य किया जाएगा। जांच व उपचार के साथ आवश्यक दवा भी प्रदान की जाएगी। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नोडल विभाग रहेगा। नगर निगम, पंचायती राज, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांग जन कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित 10 विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाएंगे।सीएमओ डॉ देश दीपक पाल ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का बेहद महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि रोगों को विशेष अभियान चलाकर काबू कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आपसी समन्वय से नगर पालिका व नगर पंचायत की टीमें शहरी क्षेत्र तथा पंचायती राज विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण कार्य के साथ ही समुदाय को जागरूक करेंगी। सीएमओ ने कहा कि अभियान में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसमें जन प्रतिनिधियों, प्रभावशाली व्यक्तियों, विभिन्न संस्थाओं के साथ ही जनमानस का भी सहयोग लिया जाएगा। इस मौके पर डिप्टी सीएमओ, एसीएमओ, चिकित्सा अधीक्षक, जिला मलेरिया अधिकारी, नगर पालिका/नगर पंचायत, पंचायती राज, आईसीडीएस, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग समेत सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी व सहकर्मी, सहायक मलेरिया अधिकारी, मलेरिया निरीक्षक एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।

एक सप्ताह चलेगा विश्व रेबीज दिवस

विश्व रेबीज सप्ताह को लेकर हुई संगोष्ठी



गाजीपुर। विश्व रेबीज सप्ताह जो 25 सितंबर से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक चलेगा। इसको लेकर शनिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल के द्वारा किया गया। इस दौरान रेबीज को लेकर चर्चा किया गया और बताया गया कि किन जानवरों के रेबीज से कितना प्रभाव पड़ता है।



मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल ने बताया कि रेबीज एक वायरल जूनोटिक डिजीज है, जो कुत्ता, बिल्ली और बंदर समेत कुछ जानवरों के काटने से इंसानों में फैलती है।करीब 99 प्रतिशत मामलों में रेबीज की बीमारी कुत्तों के काटने से फैलती है। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन की रिपोर्ट के अनुसार दुनियाभर में हर साल रेबीज की वजह से 59 हजार लोगों की मौत हो जाती है। इनमें 40 प्रतिशत 15 साल से कम उम्र के बच्चे होते हैं। रेबीज बेहद खतरनाक बीमारी है, जिसका संक्रमण व्यक्ति में फैल जाए, तो उसकी मौत हो सकती है। लोगों को रेबीज से बचने के बारे में जागरूक करने के लिए हर साल वर्ल्ड रेबीज डे मनाया जाता है। पहली बार रेबीज दिवस मनाने की शुरुआत साल 2007 में हुई थी। इस खास दिन को सेलिब्रेट करने का उद्देश्य रेबीज से होने वाले खतरे और इससे बचने के बारे में जागरुकता फैलाना है। इस संगोष्ठी में डॉ मुंशीलाल, डॉ शाहबाज, प्रेमचंद चौहान सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

आयुष्मान भव कार्यक्रम का सीएमओ ने किया भौतिक सत्यापन

आयुष्मान भव कार्यक्रम का मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने किया भौतिक सत्यापन

गाजीपुर।पूरे जनपद में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयुष्मान भव कार्यक्रम के तहत समस्त हेल्थ बैलेंस सेंटर पर स्वास्थ्य मेले के साथ ही अन्य कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। जिसका शनिवार को भौतिक सत्यापन करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल के द्वारा कई स्वास्थ्य केंद्रों पर पहुंचकर यथा स्थिति जानने का काम किया।

शनिवार को हेल्थ वेलनेस सेंटर मेदिनीपुर पहुंचे जहां पर प्रिया राय के द्वारा कुल 55 मरीज का इलाज किया गया था। इसके पश्चात हेल्थ बैलेंस सेंटर सुहवल पूर्वी पहुंचे जो बंद पाया गया। हेल्थ बैलेंस सेंटर डेढ़गावा पर तैनात सीएचओ कमलेश कुमार के द्वारा 42 मरीज का उपचार किया गया था। हेल्थ वेलनेस सेंटर भीष्म देव राय पट्टी बंद पाया गया। वहां पर कार्यरत सीएचओ को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के द्वारा नोटिस दिया गया। हेल्थ बैलेंस सेंटर उतरौली पर सीएचओ तेजपाल सैनी के द्वारा 48 मरीज का उपचार किया गया था।

इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी संविदा को निर्देशित किया कि वह अपने हेल्थ बैलेंस सेंटर पर निर्धारित समय पर उपस्थित होकर शासन द्वारा सेवाएं आम जन को देना सुनिश्चित करें। यदि इसमें कोई शिथिलता बरतता है तो वह क्षम्य नही होगा।

बताते चले कि 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर देशभर में कई कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। इस मौके पर सरकार देश के लोगों को स्वास्थ सेवाओं का तोहफा दिया । 17 सितंबर से आयुष्मान भव: कैंपेन की शुरुआत हुई। इस कैंपेन के तहत आम लोगों को स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति जागरुक करने और सरकारी योजनाओं के बारे में बताया जाना है।

शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में कैंप लगाकर बनाया जाएगा आयुष्मान कार्ड

गाजीपुर। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत वह सभी परिवार जिनके पास आयुष्मान कार्ड है उन्हें प्रतिवर्ष प्रति 5 लाख तक की निःशुल्क उपचार की सुविधा सरकार के द्वारा दी जा रही है। इस योजना के लाभ से गरीब लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड वरदान साबित हो रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा.देश दीपक पाल ने बताया कि आयुष्मान आपके द्वार 3.0 के तहत 17 सितंबर से 2 अक्टूबर, 2023 तक किया जा रहा है। 2 अक्टूबर, 2023 को विशेष सेवा पखवाड़ा का आयोजन किया जायेगा, जिसमें अभियान के पॉच प्रमुख घटक है जो सेवा पखवाड़ा, आयुष्मान आपके द्वारा 3.0, आयुष्मान मेला, आयुष्मान सभा एवं आयुष्मान ग्राम पंचायत/आयुष्मान नगरीय वार्ड द्वारा किया जाना है। सेवा पखवाड़ा के तीन अंग है जो स्वस्थ भारत अभियान, रक्तदान, महादान, अंगदान शपथ है। आयुष्मान भवः कार्यक्रम के तहत सरकार द्वारा आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया को बेहतर और सुगम बनाने के लिए पूर्व में जिनके परिवार के एक दो सदस्यों का आयुष्मान कार्ड बन चुका है। बाकी छूटे हुए लाभार्थियों का आयुष्मान कार्ड नहीं बना है उन परिवारों को चिन्हित करते हुए प्रमुखता से उन सदस्यों के भी आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएंगे। साथ ही अब इस बार पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारक परिवारों में 6 या 6 से अधिक सदस्य हैं अब उन लोगों का भी उपलब्ध डाटा अनुसार प्रमुखता से अब आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा। जिससे ज्यादा से ज्यादा परिवारों को आयुष्मान कार्ड द्वारा इस योजना का लाभ मिले व लाभार्थी परिवारों के सदस्यों को पीवीसी (पॉली विनाइल कार्ड) आयुष्मान कार्ड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसलिए जो लाभार्थी अभी तक आयुष्मान कार्ड नहीं बनवा पाए हैं व पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारक परिवार जिनके परिवार में 6 या अधिक सदस्य हैं उनके परिवार के सदस्यों के भी आयुष्मान कार्ड बनवाए जाएंगे। उन्होंने बताया पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारक अपने क्षेत्र की आशा और आंगनबाड़ी से संपर्क कर जानकारी लें और अपना आयुष्मान कार्ड अवश्य बनवाएं। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में लगेंगे विशेष कैंप के माध्यम से जनपद में आयुष्मान कार्ड बनाया जायेगा। इसी क्रम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल ने बताया कि आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष कैंप लगाए जाएंगे जिसमें सहयोगी विभागों की सहायता से जिले में अधिक से अधिक लोगों का आयुष्मान कार्ड बनाया जा सके। आयुष्मान आपके द्वार 3.0 को प्रभावी रूप से क्रियान्वयन करने के लिए सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवियों और सहयोगी एजेंसियों के साथ आशा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायत सहायकों का सहयोग लिया जाएगा। और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जन-जन तक महत्वपूर्ण सूचनाओं को पहुंचाया जाएगा जिससे लोग आयुष्मान कार्ड बनवाने के संदर्भ में सही जानकारी जान प्राप्त कर सकें।

शासन के निर्देश पर शुरू हुआ 102 और 108 एंबुलेंस की जांच



गाजीपुर। आम जन को स्वास्थ सुविधा निशुल्क उपलब्ध कराने के उद्देश से यूपी सरकार के द्वारा चलाई गई 102 और 108 एंबुलेंस का औचक निरिक्षण 28 सितंबर से 30 सितंबर तक कीए जाने का शासन का निर्देश है। जिसके क्रम में सदर ब्लॉक प्रभारी दीपक राय के द्वारा शुक्रवार को कई एंबुलेंस का निरीक्षण व जांच किया गया। इस दौरान एंबुलेंस के अंदर रखे गए सभी उपकरण एवं रजिस्टर की जांच की गई जो सही पाए गए।



सदर ब्लॉक प्रभारी दीपक राय ने बताया कि शासन से मिले निर्देश के क्रम में 102 और 108 एंबुलेंस जो आम जन की सुविधा के लिए चल रहे हैं। इस एंबुलेंस के अंदर रखे गए उपकरण और रजिस्टर कितना कारगर है इसका सत्यापन करने का निर्देश दिया गया था। जिसके क्रम में उन्होंने आज उनके द्वारा कई एंबुलेंस का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान एंबुलेंस के अंदर रखे हुए उपकरण और रजिस्टर सही पाए गए। उन्होंने बताया कि जनपद में 102 एंबुलेंस की संख्या 42 और 108 एंबुलेंस की संख्या 37 है। जिसमें से अब तक 45 एंबुलेंस का निरीक्षण संपन्न हो चुका है। इस अवसर पर सभी जिला प्रभारी एवं कार्यक्रम प्रबंधक मौजूद रहे।