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टीबी बिमारी को हराकर बने टीबी चैम्पियन,लोगों को करेंगे जागरूक

टी बी बिमारी को हराकर बने टी बी चैम्पियन

टी बी चैम्पियन को जन जागरूकता के लिए प्रशिक्षण देकर किया गया तैयार

गाज़ीपुर।राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के अन्तर्गत और वर्ल्ड हेल्थ पार्टनर्स संस्था द्वारा इंपैक्ट प्रोजेक्ट के तहत टीवी सरवाइवर्स(टी बी बिमारी को हराने वाले) को प्रशिक्षण देकर टीवी चैंपियन बनाया गया। यह प्रशिक्षण मरदह, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर संपन्न किया गया।यह प्रशिक्षण अधीक्षक/ प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ रवि रंजन द्वितीय की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में जिला कार्यक्रम समन्वयक डा. मिथिलेश कुमार सिंह और डिस्ट्रीक्ट लिड शशि शेखर के संचालन में शुरू किया गया, जिसमें टी बी की दवा खाकर ठीक हो चुके टी बी मरीज को टी बी चैम्पियन बनाते हुए उनको बताया गया कि वह अपने समुदाय एवं गांव और समाज के लोगों के बीच में टीवी क्या है ,लक्षण, उपचार और कलंक के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे, जिससे टी बी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।इस प्रशिक्षण को सभी ब्लाक के सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सी एच ओ) के माध्यम से बुला कर कराया जा रहा है अब तक जनपद गाजीपुर के 16 ब्लांक में से 06(छः ) ब्लांक में 187 ठीक हुए टी बी मरीजों को टी बी चैम्पियन का प्रशिक्षण दे कर टी बी चैम्पियन बनाया जा चुका है।ये लोगो को टी बी के बारे बता कर जागरूक करेंगे। ताकि प्रधानमंत्री के टी बी मुक्त भारत अभियान को सफल बनाया जा सके।
इस प्रशिक्षण में अश्वनी कुमार, सुनील कुमार वर्मा, वेंकटेश प्रसाद शर्मा और राधेश्याम यादव के द्वारा भी टीवी के बारे में पूर्ण जानकारी दी गई। साथ में सोशल स्कीम्स के बारे में भी बताया गया है।

10 अगस्त से फाइलेरिया से बचाव के लिए सर्वजन दवा सेवन शुरू होगा अभियान

फाइलेरिया श्एमडीएश् अभियान को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

स्वास्थ्यकर्मी 10 अगस्त से घर-घर जाकर अपने सामने खिलाएँगे फाइलेरिया से बचाव की दवा

ई-कवच पोर्टल पर अभियान की शत प्रतिशत रिपोर्टिंग व डाटा फीडिंग का दिया निर्देश  

गाजीपुर।राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत शुक्रवार को जनपद स्तरीय प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में किया गया। कार्यशाला में जिला एवं ब्लॉक स्तर के अधिकारी व स्वास्थ्य कर्मी शामिल हुए।  
सीएमओ डा. सुनील पांडेय ने बताया कि जनपद में 10 अगस्त से फाइलेरिया से बचाव के लिए सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान शुरू होगा।जिसके तहत स्वास्थ्यकर्मी व आशा कार्यकर्ताएं घर-घर जाकर दवा खिलाएँगी। यह अभियान सैदपुर,सदर,बिरनो,कासिमाबाद, मोहम्मदाबाद और भदौरा ब्लॉकों में चलाया जाएगा। इस क्रम में सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। सभी ब्लॉक समय से माइक्रोप्लान बनाकर अभियान को सफल बनाएँ। ई-कवच पोर्टल पर अभियान की शत प्रतिशत रिपोर्टिंग व डाटा फीडिंग का कार्य प्रतिदिन किया जाना सुनिश्चित करें। साथ ही अभियान की नियमित समीक्षा भी की जाए।  
नोडल अधिकारी डा. जे०एन०सिंह ने कहा कि सभी ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर (दवा वितरण स्वास्थ्यकर्मी) का प्रशिक्षण समय से पूरा करा दिया जाए। 11 जुलाई से शुरू हुए दस्तक अभियान में आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर भ्रमण कर सर्वे कर छिपे हुए फाइलेरिया व अन्य वेक्टर जनित तथा संक्रामक बीमारियों के रोगियों की सूची बनाएं और जनपद मुख्यालय में प्रेषित करना सुनिश्चित करें। सभी अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी और आशा कार्यकर्ताएं इस बात का विशेष ध्यान रखें कि एमडीए अभियान के दौरान घर-घर जाकर लक्षित लाभार्थियों को दवा अपने समक्ष ही खिलाएँ। किसी को भी दवा उनके हाथ में न थमाएं जिससे कोई भी व्यक्ति फाइलेरिया से बचाव की दवा खाने से न छूटे। जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि फाइलेरिया मच्छरजनित रोग है। इसके लक्षण का पता 10 से 15 साल में लगता है। इसलिए सभी को फाइलेरिया से बचाव की दवा खाना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि जनपद में संचारी रोग नियंत्रण अभियान चल रहा है। मच्छरजनित परिस्थितियाँ उत्पन्न न हों, इसलिए स्वास्थ्य कार्यकर्ता ज्यादा से ज्यादा लोगों को जागरूक करें। बचाव के लिए ‘क्या करें और क्या न करें’ तथा हर रविवार मच्छर पर वार के बारे में बताएं।
कार्यशाला में पाथ संस्था के क्षेत्रीय समन्वयक अरूण कुमार डब्ल्यूएचओ के मानिटर और पीसीआई राकेश कुमार ने सभी ब्लाकों से आए स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धक (बीपीएम), और ब्लॉक सामुदायिक प्रक्रिया प्रबन्धक (बीसीपीएम) को प्रशिक्षण दिया। उन्होंने कहा कि फाइलेरिया बीमारी लाइलाज है। एक बार अगर हो जाए तो ठीक नहीं होता है केवल इसका प्रबंधन व रख-रखाव ही किया जा सकता है। गंभीर स्थिति में न पहुंचे इसके लिए रुग्णता प्रबंधन व दिव्यांग्ता रोकथाम (एमएमडीपी) किट दी जाती है जिससे रोगी फाइलेरिया प्रभावित अंगों की नियमित साफ-सफाई कर सके। उन्होंने बताया कि फाइलेरिया से बचाव की दवा एक साल से कम आयु के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर बीमारी से पीड़ित को छोड़कर सभी को खानी है। एक से दो साल की आयु के बच्चों को पेट से कीड़े निकालने की दवा अल्बेंडाजोल की आधी गोली खिलाई जाएगी। खाली पेट किसी को भी दवा का सेवन नहीं करना है।
इस मौके पर स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, बीपीएम, बीसीपीएम सहित करीब 50 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया। जो अब ब्लॉक स्तर पर ड्रग एडमिनिस्ट्रेटर को प्रशिक्षित करेंगे।

112 महिलाओं का हुआ निशुल्क जांच

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 112 महिलाओं का हुआ निशुल्क जांच

गाजीपुर। गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव को लेकर स्वास्थ्य विभाग और शासन के द्वारा कई तरह के कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। इन्हीं कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान भी है जिसके अंतर्गत गर्भवती को कई तरह की जांच एवं प्रसव से पूर्व कई तरह की उन्हें जानकारियां दी जाती है। इसी तरह के कार्यक्रम का आयोजन बुद्धवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदाबाद पर आयोजित किया गया। जहां पर अप्रैल से अब तक कुल 1475 महिलाओं का निशुल्क जांचों के साथ पीपीपी मोड पर निशुल्क 944 अल्ट्रासाउंड कराया गया। वही बुधवार को 118 महिलाओं की चिकित्सीय जांच किया गया जिसमें 79 का निशुल्क अल्ट्रासाउंड भी कराया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ आशीष कुमार राय ने बताया कि इस अभियान के तहत उनके क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी गांव की महिलाओं का प्रसव से पूर्व कई तरह की जानकारियां और जांच कराया जाता है । और इसी को लेकर बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत कार्यक्रम का आयोजन किया गया । जिसमें महिला डॉ नीरज मौर्य की निगरानी में गर्भवती महिलाओं का प्रसव पूर्व जांच के साथ ही निशुल्क अल्ट्रासाउंड इत्यादि करने का काम किया गया।

उन्होंने बताया कि अब तक कुल 1475 महिलाओं का निःशुल्क प्रसव पूर्व जांचों के साथ साथ पीपीपी मोड़ पर निःशुल्क अल्ट्रासाउंड हेतु 944 गर्भवती का क्यु आर कोड से माह अप्रैल 2025 से अब तक किया जा चुका है। उन्होंने बताया की केंद्र पर आई हुई महिलाओं का प्रसव पूर्व सभी जांचें डा निरज मौर्या स्त्री एवं प्रसुती रोग विशेषज्ञ द्वारा अपनी निगरानी में स्वयं किया जाता है। जिसमें वजन, लम्बाई, पेट की जांच, बी पी, ब्लड जांच, पेशाब जांच के साथ प्रसव पूर्व इतिहास पर चर्चा के साथ उनकी काउंसलिंग कि जाती है। एवं अंतिम त्रौमास में आई सभी गर्भवती महिलाओं को प्रसव स्थान (सरकारी) हेतु प्रोत्साहित करते हुऐ उनके फैसले में मदद कि जाती है। जिससे उनका प्रसव स्वास्थ्य ईकाई में प्रशिक्षत चिकित्साधिकारी की देख रेखा में हो।इस अवसर पर HRP चिन्हित सभी गर्भवती महिलाओं को विशेष निगरानी रखी जाती है। जिससे उनका एवं आने वाले बच्चों दोनों स्वस्थ्य रहे एवं आवश्यकता अनुसार ऐसी महिलाओं की जांच प्रत्येक माह विशेष निगरानी के साथ किया जाता है। तथा घर से आने एवं जाने के लिए निशुल्क 102 ऐम्बुलेंस हेतु सेवाएं उपलब्ध रहती है।

ब्लाक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार द्वारा ने बताया कि यह अभियान प्रत्येक माह के 1,9,16 एवं 24 को मनाया जाता है एवं अवकाश कि दशा में अगले दिन।
आज कुल 118 में 79 गर्भवती महिलाओं का निःशुल्क अल्ट्रासाउंड हेतु क्यु आर कोड जनरेट किया गया।

शपथ दिलाकर किया गया विशेष संचारी रोग अभियान का शुभारंभ

गाजीपुर। संचारी व मच्छर जनित रोगों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी डा० सुनील पाण्डेय  ने मंगलवार को मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत शपथ  दिलाकर किया गया। इस दौरान जन जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया। जिसमें स्वास्थ्य समेत सभी विभिन्न विभागों के अधिकारियों, स्वास्थ्यकर्मियों, आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं  ने बढ़-चढ़ कर प्रतिभाग किया। मुख्य चिकित्साधिकारी ने कहा कि संचारी व मच्छर जनित रोगों जैसे डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। इन्हीं बीमारियों की रोकथाम के लिए विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान की शुरुआत की गई है। यह अभियान 31  जुलाई तक चलेगा। इसी बीच 11 से 31 जुलाई तक दस्तक अभियान चलाया जाएगा।

अभियान के सफल संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग, नगर निमग, पंचायती राज विभाग समेत 11 विभागों की टीम तैनात की गईं हैं जो घर-घर जाकर बीमारियों की रोकथाम और समुदाय को जागरूक करेंगी। ऐसे में जन समुदाय का भी दायित्व है कि अभियान में सहयोग करे, सतर्क और जागरूक रहें। मुख्य चिकित्साधिकारी ने अपील की कि डेंगू का मच्छर दिन में ही काटता है तथा इससे बचाव के लिए पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। मच्छर रोधी क्रीम का इस्तेमाल करें। सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। प्रशासन व विभिन्न विभागों के साथ ही जन प्रतिनिधि भी इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे। इन बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा छिड़काव, फोगिंग, स्वच्छता, साफ-सफाई आदि का कार्य किया जाएगा। जांच व उपचार के साथ आवश्यक दवा भी प्रदान की जाएगी। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग, नोडल विभाग रहेगा। नगर निगम, पंचायती राज, पशुपालन विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग, दिव्यांग जन कल्याण विभाग, कृषि एवं सिंचाई विभाग सहित 11 विभाग आपसी समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाएंगे।
सीएमओ  ने कहा कि विशेष संचारी रोग नियंत्रण व दस्तक अभियान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का बेहद महत्वाकांक्षी कार्यक्रम है। डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया, कालाजार आदि रोगों को विशेष अभियान चलाकर काबू कर लिया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के आपसी समन्वय से नगर पालिका व नगर पंचायत की टीमें शहरी क्षेत्र तथा पंचायती राज विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारियों की रोकथाम व नियंत्रण कार्य के साथ ही समुदाय को जागरूक करेंगी। सीएमओ ने कहा कि अभियान में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। इसमें जन प्रतिनिधियों, प्रभावशाली व्यक्तियों, विभिन्न संस्थाओं के साथ ही जनमानस का भी सहयोग लिया जाएगा। इस मौके पर डिप्टी सीएमओ, एसीएमओ, चिकित्सा अधीक्षक, जिला मलेरिया अधिकारी, नगर पालिका/नगर पंचायत, पंचायती राज, आईसीडीएस, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग समेत सभी विभागों के प्रमुख अधिकारी व सहकर्मी, सहायक मलेरिया अधिकारी, मलेरिया निरीक्षक एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थि

डॉक्टर डे:महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल कॉलेज की अनूठी,58 टीबी रोगियों को लिया गोद

डॉक्टर डे पर महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल कॉलेज की अनूठी पहल 58 क्षय (टी0बी0) रोगियों को गोद लिया

ग़ाज़ीपुर। महर्षि विश्वामित्र स्वशासी मेडिकल कॉलेज ने डॉक्टर डे के अवसर पर 58 क्षय (टीबी) रोगियों को गोद लेकर उनके उपचार-पथ को पोषणीय सहारा प्रदान करने की पहल की है। इस कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. आनंद मिश्रा ने किया।जिनके साथ सीएमएस डॉ. राजेश कुमार सिंह, डी0टी0ओ0 डॉ. रवि रंजन, एन0टी0ई0पी0 कोर कमेटी के सदस्य और अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंतर्गत प्रत्येक गोद लिए गए रोगी को एक “प्रोटीन-पोषण पोटली” प्रदान की गई, जिसमें विटामिन-मिनरल सप्लिमेंट्स शामिल हैं। यह पोटली अगले छह माह तक मेडिकल कालेज के संकाय सदस्य द्वारा प्रति माह निःशुल्क वितरित की जाएगी, ताकि रोगियों का पोषण स्तर बेहतर हो सके और उनका उपचार अनुपालन सुदृढ़ रहे।

प्राचार्य प्रो. डॉ. आनंद मिश्रा ने कहा,
“टीबी से लड़ाई केवल दवाओं से नहीं, बल्कि सही पोषण, मानसिक सहारे और समुदाय के सहयोग से जीती जाती है। डॉक्टर डे पर हमारे संकाय ने जनसेवा के इस संकल्प को और मजबूत करते हुए 58 रोगियों की जिम्मेदारी ली है। इस कार्यक्रम के माध्यम से और भी मेडिकल कॉलेज के सदस्यों को प्रोत्साहन किया गया है टीवी के मरीज को गोद लेने के लिए , हम आशा करते हैं कि यह पोषण सहायता उनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाकर शीघ्र स्वस्थ होने में सहायक सिद्ध होगी।”

योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ थीम के साथ महिला पीजी कॉलेज में हुआ योगाभ्यास

गाजीपुर। 21 जून को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अंतर्गत “सूर्य नमस्कार योग मुद्रा” के अंतर्गत सामूहिक योगाभ्यास सत्र का आयोजन किया गया।इस वर्ष -2025 में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम है- “योग फॉर वन अर्थ, वन हेल्थ” यानी “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग”।

प्राचार्य प्रोफेसर अनिता कुमारी ने कहा कि इस वर्ष की थीम यह दिखाती है कि हमारी सेहत और धरती की सेहत एक-दूसरे से जुड़ी हुई है। यह भारतीय परंपरा की उच्चतम भावना ‘वसुधैव कुटुंबकम’ से जुड़ी है। नेशनल कैडेट कोर(NCC) प्रभारी लेफ्टिनेंट शशिकला जायसवाल ने छात्राओं को योग की विभिन्न मुद्राओं का अभ्यास कराया एवं योग की महत्ता और उसके लाभ पर विस्तृत चर्चा की।

इस सामूहिक योगाभ्यास में 28 यू. पी. गर्ल्स बटालियन की कैडेट्स, एन एस एस व प्रज्ञा रेंजर्स सहित में महाविद्यालय की छात्राओं ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया तथा सूर्य नमस्कार की सभी 12 मुद्राओं का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ ही गोमुख आसान, तिर्यक ताड़ासन, वृक्षासन, श्वास की गति संबंधी विभिन्न योग क्रियाओं, का अभ्यास किया।

स्वस्थ जीवन के लिए योग जरूरी:डॉ नदीम अधमी

गाजीपुर। शनिवार को शाहफैज़ विद्यालय के प्रांगण में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। इस उपलक्ष्य में विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी व निदेशिका डॉ मीना अधमी ने सभी को योग दिवस की बधाई दी व सभी के स्वाथ्य की कमना की। कहां कि स्वस्थ जीवन के लिए योग हर इंसान के लिए जरूरी है । भारत में योग का इतिहास बहुत पुराना है। योग भी व्यायाम का ही एक रूप है  जो न सिर्फ कैलोरी कम करता है बल्कि वजन को भी नियंत्रित करने व मांस पेशियों को मज़बूत करने में सहायक है।

जिले के प्रसिद्ध योगाचार्य गंगासागर चौधरी ने सभी को योगाभ्यास करवाया। उन्होंने बताया कि नियमित योग अभ्यास से तनाव कम होता है, लचीलापन बढ़ता है, मांसपेशियों में ताकत आती है, और एकाग्रता में सुधार होता है। इसके अतिरिक्त, योग हृदय स्वास्थ्य, वजन प्रबंधन, और नींद की गुणवत्ता में भी सुधार करता  है। योगाचार्य ने सभी को विभिन्न आसन जैसे वज्रासन व शवासन करवाया तथा कई तरह की योग मुद्राएं भी करवाईं । उन्होंने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए सभी को सूर्यनमस्कार, भ्रामरी, कपालभाति व अनुलोम विलोम इत्यादि नियमित रूप से करना चाहिए।

इसी क्रम में विद्यालय के कक्षा 11वीं  एवं 12वीं  के शारीरिक शिक्षा के विद्यार्थियों ने भी जिला स्तर पर नेहरू स्टेडियम में आयोजित योगाभ्यास में विद्यालय के शिक्षक दिनेश राय, प्रियंका राय, श्रुति वर्मा ,रूचि राय एवं योगेश तिवारी के साथ प्रतिभाग किया। 

इस कार्यक्रम में विद्यालाय के प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ , उप प्रधानाचार्य (प्रशासनिक) डॉ प्रीति उपाध्याय, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक ) हनीफ़ अहमद , देवेंद्र प्रजापति, विजय सिंह  संतोष तिवारी तथा सभी शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

       

एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य के थीम के साथ पीजी कॉलेज में हुआ योगाभ्यास

योग जीवन जीने की कला है: अजीत कुमार सिंह

गाजीपुर। गोराबाजार स्थित स्नातकोत्तर महाविद्यालय में 11 वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह एवं उमंग के साथ मनाया गया। इस वर्ष की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” थी। यह थीम पर्यावरण संरक्षण और शारीरिक, मानसिक व आत्मिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है। कार्यक्रम में स्नातकोत्तर महाविद्यालय, तकनीकी शिक्षा एवं शोध संस्थान और कृषि विज्ञान केंद्र के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।


कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश शासन उच्च न्यायालय इलाहाबाद के अपर महाधिवक्ता व पीजी कॉलेज के सचिव अजीत कुमार सिंह थे। प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बुके, स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्रम देकर उनका स्वागत किया। योग प्रशिक्षक  प्रेम नाथ उपाध्याय ने योगासन, प्राणायाम और ध्यान सिखाया। अजीत कुमार सिंह ने कहा कि “योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है। यह मन, शरीर और आत्मा को जोड़ता है।” उन्होंने युवाओं से प्रतिदिन सुबह योगाभ्यास करने की अपील की।

उन्होंने कहा कि “योग से युवा संतुलित जीवन जी सकते हैं। यह उन्हें अपने लक्ष्यों को आसानी से प्राप्त करने में मदद करता है। सुबह जल्दी उठने से समय का बेहतर उपयोग होता है, जिससे कार्यों में दक्षता और स्फूर्ति आती है।” उन्होंने सभी को योग को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।


प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि “योग भारतीय संस्कृति एवं परम्परा का गौरव है। यह शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। 21 जून को योग दिवस इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि यह वर्ष का सबसे लंबा दिन है। यह ऊर्जा और प्रकाश का प्रतीक है।” उन्होंने आगे कहा, “स्वास्थ्य विभाग स्वस्थ राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाता है। योग के जरिए हम मजबूत राष्ट्र का निर्माण कर सकते हैं।” उन्होंने सभी को योग अपनाने के लिए प्रेरित किया। एनसीसी और एनएसएस के कैडेट्स ने योग का शानदार प्रदर्शन किया। उपस्थित सैकड़ों लोगों ने सामूहिक योग किया।

कार्यक्रम का उद्देश्य योग का महत्व जन-जन तक पहुंचाना था। कार्यक्रम का संचालन डॉ. समरेंद्र नाथ मिश्र ने किया। डॉ० रविशंकर सिंह, डॉ. एस.एन. सिंह, डॉ. प्रतिमा सिंह, डॉ. रविशेखर सिंह, डॉ. मनोज कुमार मिश्र, डॉ. त्रिनाथ मिश्र, विजय सिंह, विवेक कुमार सिंह,  अरुण कुमार सिंह और  अमितेश सिंह, डॉ. विनोद कुमार सिंह, डॉ. अजीत प्रताप सिंह, डॉ. अमित प्रताप आदि मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन सामूहिक संकल्प के साथ हुआ और सभी ने योग को जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया।

माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग उत्सव का हुआ आयोजन

“माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल  में 11वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अंतर्गत योग उत्सव का आयोजन”

गाज़ीपुर। 11वाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल में शिक्षकों एवं स्टाफ सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस अवसर पर पूरे विद्यालय में सकारात्मक एवं योगमय वातावरण देखने को मिला।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने विभिन्न योगासन एवं प्राणायाम का अभ्यास किया और तनावमुक्त, स्वस्थ एवं सशक्त जीवन के लिए योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश कारकुन  ने योग के महत्व और इसके आधुनिक जीवन में प्रासंगिकता  पर संदेश दिया। उन्होंने कहा कि “योग न केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम है, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्म-अनुशासन एवं सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है।

कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों और विद्यार्थियों में स्वास्थ्य जागरूकता, सकारात्मक ऊर्जा तथा योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने के प्रति प्रेरित करना रहा।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनगांवा का क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन के लिए सभी मानकों पर उतरा खरा

आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनगांवा का क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन के लिए सभी मानकों पर उतरा खरा

गाज़ीपुर।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करंडा के अंतर्गत चलने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनगांवा का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन के लिए वर्चुअल असेसमेंट राष्ट्रीय असेसर डॉ संतोष कार्यालय एवं डॉ आरती सोनी के द्वारा किया गया। इस दौरान आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनगांवा नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन के सभी मानकों पर खरा पाया गया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करंडा के चिकित्सा अधीक्षक डॉ अवधेश कुमार राव ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार पांडे के निर्देशानुसार आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनगांवा का क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेशन के लिए सभी मानकों को ध्यान में रखकर पूरा करने का प्रयास किया गया है। इसी के तहत वर्चुअल रूप से इस आयुष्मान आरोग्य मंदिर का अधिकारी द्वय के द्वारा किया गया। सभी मानकों में उक्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर खरा पाया गया।

बता दे की एनक्वास का अर्थ है राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक। यह भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया एक कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार करना है. यह कार्यक्रम सार्वजनिक अस्पतालों की विश्वसनीयता बढ़ाने और बेहतर प्रदर्शन करने वाली सुविधाओं को पहचानने में मदद करता है।

एनक्वास कार्यक्रम में, स्वास्थ्य सुविधाओं को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मूल्यांकन किया जाता है और उनकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सुझाव दिए जाते हैं. इस कार्यक्रम के माध्यम से, मरीजों को बेहतर इलाज, देखभाल और एक अच्छा माहौल उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाता है. 

एनक्वास प्रमाणीकरण, किसी भी स्वास्थ्य संस्थान के लिए एक सम्मान और भरोसे की मुहर होती है. यह दर्शाता है कि संस्थान में मरीजों को इलाज, देखभाल, स्वच्छता और अन्य व्यवस्थाएं राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप मिल रही हैं।

इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ मनोज कुमार , डिविजनल क्वालिटी कंसल्टेंट डॉ प्रवीण सोलंकी ,जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रभुनाथ,जिला कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर अनिल कुमार वर्मा, ग्राम प्रधान बनगांवा , सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करंडा के कर्मचारी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।