मेडिकल कॉलेज स्थित सेन्टीनल सर्विलेन्स लैब से होगी डेंगू धनात्मक मरीजों की पुष्टि
सीएमओ ने सीएचसी, पीएचसी समेत सभी निजी नर्सिंग होम व पैथालोजी को दिया निर्देश
गाजीपुर । वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम और प्रभावी कार्रवाई के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश शासन द्वारा हाल ही में जारी किए गए ‘गजट पत्र’ में डेंगू, मलेरिया, कालाजार एवं अन्य वेक्टर जनित बीमारियों को ‘नोटिफियेबल डिजीज’ घोषित किया गया है, जिसके अनुसार इन सभी बीमारियों के धनात्मक मरीजों की सम्पूर्ण सूचना मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय प्रेषित की जाएगी। साथ ही इन बीमारियों की पुष्टि के लिए सैम्पल (दो एमएल सीरम) महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राज्य मेडिकल कॉलेज में स्थित सेन्टीनल सर्विलेन्स लैब को भेजी जाएगी, जो इसके लिए शासन द्वारा नामित किया गया है। यह जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने दी। उन्होंने कहा कि डेंगू, चिकनगुनिया और कालाजार के सम्भावित मरीजों का सैम्पल पुष्टि के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा जाना है। मलेरिया पॉजिटिव मरीज की ब्लड स्लाइड भी पुष्टि के लिए भेजी जाएगी। सीएमओ ने समस्त सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के अधीक्षक व प्रभारी चिकित्साधिकारियों समेत निजी नर्सिंग होम व पैथालोजी के संचालक को निर्देशित किया कि शासन द्वारा दिये गए निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाए। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाये जाने पर कार्रवाई की जाएगी। उत्तर प्रदेश शासन के डेंगू कार्य योजना 2024 के अनुसार डेंगू आदि के लक्षण वाले अथवा रैपिड कार्ड में धनात्मक पाए गए मरीजों को डेंगू का सम्भावित मरीज मानकर उपचार किया जाएगा। जबकि सेन्टीनल सर्विलेन्स लैब द्वारा पुष्ट किए गए नमूनों को ही डेंगू का धनात्मक मरीज माना जाएगा। जांच व उपचारित मरीजों का शत – प्रतिशत डाटा यूडीएसपी पोर्टल पर समय से फीड किया जाए।
उपचार के लिए जिला जेल पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
ग़ाज़ीपुर। बेहतर स्वास्थ्य हर इंसान की पहली जरूरत है और उसे पूरा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। ऐसे ही बहुत सारे लोग जो विभिन्न मामलों में गाजीपुर के जिला जेल में निरुद्ध हैं, उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए जिला जज के निर्देश व मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ देश दीपक पाल के निर्देशन पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मंगलवार को जिला जेल पहुंचकर बंदियों की जांच की। इसके साथ ही नि:शुल्क दवाएं भी दी गईं। जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह, जेलर राकेश कुमार वर्मा और जेल चिकित्सा अधिकारी डॉ जितेंद्र कुमार के नेतृत्व में जिला जेल की 41 महिलाओं और 350 पुरुष बंदियों की टीबी और एचआईवी की जांच की गई। जेल अधीक्षक ने बताया कि जेल में बंदियों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने के लिए शासन स्तर से निर्देश आए थे।
इस क्रम में मंगलवार को डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ की टीम बनाकर जिला जेल भेजी गई, जिसमें वह स्वयं शामिल थे और वहां पर जेल में बंद करीब 400 बंदियों की जांच की गई। जांच के अनुसार उन्हें तत्काल दवा भी दी गई। शेष पुरुष बंदियों की जांच बुधवार को की जाएगी। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथलेश कुमार ने बताया कि यह सुविधा शासन के निर्देश के क्रम में दी गई। जिला अस्पताल की टीम ने अपना पूर्ण सहयोग दिया। इलाज में जेलर और जेल अस्पताल के चिकित्सक के द्वारा संपूर्ण सहयोग किया गया। इस मौके पर डिप्टी जेलर रविन्द्र सिंह व सुभावति देवी मौजूद रहे। स्वास्थ्य टीम में फार्मासिस्ट भुनेश्वर कुमार, एसटीएस सुनील कुमार वर्मा, एसटीएलएस वैंकटेश शर्मा, काउंसलर स्वर्णलता सिंह, एलटी महेश, सपना व सलमान शामिल रहे।
फाइलेरिया उन्मूलन के लिए जनपद में 10 अगस्त से चलेगा एमडीए अभियान
मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई प्रथम अंतर्विभागीय बैठक
अभियान की तैयारियों व सभी विभागों के समन्वय के बारे में ली जानकारी
सीडीओ की अपील – फाइलेरिया से बचाव के लिए दवा का सेवन जरूरी
गाज़ीपुर। जनपद में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) कार्यक्रम 10 अगस्त से शुरू होकर दो सितंबर तक चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए शासन एवं स्वास्थ्य विभाग काफी सक्रिय हो चुका है और तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी क्रम में सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) संतोष कुमार वैश्य की अध्यक्षता में प्रथम जनपद स्तरीय अंतर्विभागीय समन्वय बैठक विकास भवन सभागार में आयोजित की गई। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जनपद के समस्त ब्लॉकों में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सर्वजन दवा वितरण (एमडीए) कार्यक्रम 10 अगस्त से संचालित किया जाएगा। इसमें आशा-आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन अपने समक्ष कराएंगी। मुख्य विकास अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग समेत विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मियों को निर्देशित किया कि अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए समस्त अधिकारी और कर्मी आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने अपील की है कि फाइलेरिया से बचने के लिए हर साल चलने वाले एमडीए राउंड के दौरान दवा का सेवन अवश्य करें। इस दवा का सेवन एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर बीमार को छोड़कर सभी को करना है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने बताया कि एमडीए अभियान में जनपद की शत प्रतिशत लक्षित आबादी को फाइलेरिया बीमारी से बचाव के लिए उम्र के अनुसार एमडीए दवा का सेवन स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के समक्ष कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस दवा का सेवन एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती और अति गंभीर बीमार को छोड़कर सभी को करना है। लगातार पांच वर्षों तक साल में एक बार दवा खाने से इस बीमारी के होने से रोकने या नियंत्रित करने में मदद मिलती है। कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ जेएन सिंह ने बताया कि एमडीए दवा का सेवन कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग सहित आईसीडीएस, पंचायती राज व ग्राम विकास, जिला विधालय निरीक्षक, बेसिक शिक्षा अधिकारी, आपूर्ति, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, आजीविका, आईएमए, सूचना अधिकारी आदि का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, पाथ, पीसीआई, सीफार, चाई व अन्य स्थानीय संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। स्वास्थ्यकर्मियों, शिक्षक, ग्राम प्रधान, नगर पालिका व नगर पंचायत कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि एमडीए की दवा फाइलेरिया के परजीवियों को नष्ट करने के साथ पेट के अन्य कीड़ों व समस्याओं को दूर करने में भी मदद करती हैं। इसलिए सभी लोग इस दवा का सेवन करें जिससे वह इस बीमारी से बच सकें। एक साल से कम आयु के बच्चों, गर्भवती और गंभीर रोगों से ग्रसित व्यक्तियों को इन दवाओं का सेवन नहीं करना है। दवा को चबाकर खाना है। खाली पेट दवा का सेवन नहीं करना है। डीएमओ ने बताया कि फाइलेरिया बीमारी मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होती है। यह बीमारी मुख्यतः व्यक्ति के शरीर के चार अंगों जैसे पैर, हाथ, अंडकोष और महिलाओं का स्तन को प्रभावित करती है। शुरुआत में इस बीमारी के कोई लक्षण नहीं देते हैं। इसके लक्षण दिखने में 10 से 15 साल लगते हैं। इसलिए सभी को फाइलेरिया की दवा खाना बेहद जरूरी है। जिससे उचित समय पर ही इसकी रोकथाम की जा सके। बताया कि फाइलेरिया की जाँच रात के समय होती है। जांच के लिए रक्त की स्लाइड रात में बनायी जाती है, क्योंकि इसके परजीवी दिन के समय रक्त में सुप्तावस्था में होते हैं और रात के समय सक्रिय हो जाते हैं। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (पुरुष व महिला), समस्त एसीएमओ, अंधता निवारण, क्षय रोग, कुष्ठ रोग, मलेरिया व सर्विलान्स अधिकारी, जिला आपूर्ति, होम्योपैथिक, आयुर्वेदिक, सूचना, बेसिक शिक्षा व अन्य विभागों के अधिकारी, आईएमए अध्यक्ष, डीपीएम, सहायक मलेरिया अधिकारी सहित यूनिसेफ, डब्ल्यूएचओ, पाथ, पीसीआई, सीफार, चाई संस्था के जिला प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
गाजीपुर। 108 एम्बुलेंस सिर्फ जनपद में ही नहीं बल्कि डॉक्टर के एडवाइस पर गैर जनपद के हायर सेंटर तक मरीज को पहुंचाकर उनकी जान बचाने का कार्य कर रही है। ऐसा ही देखने को मिला बुधवार को जब जिला अस्पताल में एक एडमिट मरिज जो दिमागी रूप से बीमार था और उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं थी। डॉक्टर ने बेहतर इलाज के लिए बीएचयू वाराणसी के लिए रेफर किया था। इसके बाद 108 एंबुलेंस के द्वारा उसे ईआरसीपी देते हुए बीएचयू वाराणसी तक पहुंचाया जहां पर उसका इलाज शुरू हुआ।
108 एंबुलेंस के प्रभारी दीपक राय ने बताया कि बुधवार को जिला अस्पताल में भर्ती मरीज प्रेमचंद बिंद पुत्र केदार बिंद निवासी चौरा कासिमाबाद के परिजनों के द्वारा 108 एंबुलेंस की मांग की गई। इसके पश्चात इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन राकेश कुमार और पायलट मुकेश एंबुलेंस लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। जहां से मरीज को लेकर वाराणसी के लिए रवाना हुए। इस दौरान डॉक्टर शैलेंद्र के देखरेख में मरीज को ईआरसीपी करते हुए पूरे रास्ते ऑक्सीजन देते हुए वाराणसी बीएचयू लेकर पहुंचे। जहां पर मरीज को एडमिट कराया गया इसके पश्चात उसका इलाज शुरू हो पाया।
रिटायर हुए कर्मचारियों के सम्मान में आयोजित हुआ कार्यक्रम
गाजीपुर। प्रत्येक माह के लास्ट में सभी सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारीयो में से कुछ कर्मचारी अपनी सेवा की अवधि पूरा करने के पश्चात रिटायर होने के मुहाने पर आ जाते हैं। जिसके बाद विभाग का दायित्व बन जाता है कि ऐसे कर्मचारियों को ससम्मान रिटायरमेंट किया जाए। इसी कड़ी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनिहारी पर कार्यरत कर्मचारी उमाशंकर लाल श्रीवास्तव जो स्वास्थ्य पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत थे एवं सुभद्रा राय जो एएनएम के पद पर कार्यरत थी। यह दोनों लोग 30 जून को सेवा निवृत हो चुकी है। जिसको लेकर 2 जुलाई मंगलवार को उनके सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन कर उन्हें रिटायरमेंट पर एवं उनके आगे के खुशहाल जीवन एवं स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दिया। बीपीएम धीरज विश्वकर्मा ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनिहारी के प्रांगण में रिटायर हुए उमाशंकर लाल श्रीवास्तव एवं सुभद्रा राय के सम्मान में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता चिकित्सा अधीक्षक डॉ धर्मेंद्र कुमार ने किया एवं संचालन जनपद संगठन का जिला मंत्री लल्लन राम ने किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने दोनों कर्मचारियों के सुखद भविष्य की कामना किया एवं उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दिया।कार्यक्रम में जयप्रकाश यादव ,सर्वजीत यादव, मनोज कुमार ,विजय कुमार, रजत कुमार ,सीमा, कंचन, छेदी, हिना ,रीता भारती इत्यादि शामिल रहे । वही इस कार्यक्रम में आशा संगिनी योगिता, प्रतिमा, प्रमिला एवं एएनएम में पूजा सिंह ,अनामिका भारती, सुमन देवी, मधु गौतम , तथा बीसीपीएम आशुतोष बाबू अंकित चौरसिया व अन्य लोग मौजूद रहे।
ग़ाज़ीपुर।विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के द्वारा सेवा सप्ताह कार्यक्रम के तहत 24 से 30 जून तक जनपद के गाजीपुर के अनेक प्रखंडो में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर कैंप का आयोजन किया गया। जिसमें तमाम लोगों ने स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाया। स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य परीक्षण एवं निशुल्क दवा वितरण तथा ब्लड जांच भी कराई गई। हजारों की संख्या में मरीजों ने स्वास्थ्य परीक्षण एवं दवा का लाभ उठाया। इस कार्यक्रम में जिला चिकित्सा अधिकारी एवं उनके विभाग का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला संयोजक बजरंग दल रविराज हिंदू,नगर संयोजक उत्तम चौधरी, प्रांत सह सेवा प्रमुख दिनेश चन्द्र पांडे, जिला मंत्री विपिन श्रीवास्तव, धर्माचार्य प्रदीप तिवारी, अर्चक पूजन बलराम विभाग संयोजक अमित राय मौजूद रहे।
छत से गिरे युवक को 108 एंबुलेंस ने पहुंचाया जिला अस्पताल
गाजीपुर। 102 और 108 एम्बुलेंस आपातकाल में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा उपलब्ध कराई गई एक निशुल्क योजना है। जो किसी भी तरह के मरीज को घटनास्थल से पास के स्वास्थ्य केंद्र या फिर हायर सेंटर तक पहुंचने का कार्य करता है। गाजीपुर में तैनात 102 और 108 एंबुलेंस के द्वारा लगातार इस तरह के कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में बुद्धवार को एक युवा जो छत से नीचे गिर गया था। जिसे गंभीर चोट आई थी। उसे 108 एंबुलेंस की मदद से पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरनो और उसके पश्चात राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थित जिला अस्पताल में पहुंचाया गया।
108 एंबुलेंस के ब्लॉक प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि बुधवार की सुबह 108 नंबर पर एक कॉल आया। बताया गया कि थाना बिरनो के बदधू पुर गांव के रहने वाले 24 वर्षीय शिवम जो रात में सोते समय किसी तरह छत से नीचे गिर गए थे। जिन्हें गंभीर चोट आई थी और उनके परिवार के लोगों ने 108 एंबुलेंस के लिए कॉल किया और कॉल आने के पश्चात इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन राज विजय और पायलट अशोक बताए गए लोकेशन पर पहुंचे।
और उसके पश्चात एंबुलेंस में रखे हुए स्ट्रेचर के मदद से उन्हें एंबुलेंस में शिफ्ट कराया । और रास्ते में ज्यादा दर्द होने पर आरसीपी पर कॉल करके इलाज के बारे में जानकारी लिया । और दिए गए जानकारी के अनुसार मरीज को दवा और इंजेक्शन देते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिरनो पहुंचाया । जहां पर डॉक्टरों ने फर्स्ट ऐड करते हुए जिला अस्पताल गाजीपुर के लिए रेफर कर दिया ।और उसके पश्चात इस एंबुलेंस की मदद से मरीज को अस्पताल के इमरजेंसी में दाखिल कराया गया।जहां पर डॉक्टर के द्वारा उसका इलाज किया गया।
हेड इंजरी के मरीज को 108 एंबुलेंस ने पहुंचाया ट्रामा सेंटर
गाजीपुर। 102 और 108 एम्बुलेंस जो उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा आम जन के सेवा के लिए निशुल्क उपलब्ध कराई गई थी। इस उद्देश्य के साथ की गरीब और असहाय लोगों को इससे बेहतर सेवा उपलब्ध करा कर उनकी जान बचाई जा सके । ऐसा ही कुछ गाजीपुर में भी पिछले कई सालों से देखने को मिल रहा है। मंगलवार की बात करें तो जिला अस्पताल में हेड इंजरी के मरीज को डॉक्टर की सलाह पर ट्रामा सेंटर वाराणसी 108 एंबुलेंस के द्वारा भेजा गया जहां पर मरीज का इलाज चल रहा है। 108 एंबुलेंस के प्रभारी दीपक राय ने बताया कि गाजीपुर के जिला अस्पताल में 70 वर्षीय प्रेम शंकर भारती जो मलिकपूरा करंडा के रहने वाले थे। इनके सर में गंभीर चोट लगा हुआ था जिनका इलाज चल रहा था। लेकिन डॉक्टरों ने इनके और बेहतर इलाज के लिए ट्रामा सेंटर वाराणसी के लिए रेफर किया था। मरीज के परिजनों को 108 एंबुलेंस के माध्यम से ट्रामा सेंटर ले जाने की सलाह दिया था। इसके बाद परिजनों ने 108 एंबुलेंस को कॉल किया और काल को रिसीव करने के पश्चात पायलट मुकेश कुमार और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन विपिन ओझा तत्काल जिला अस्पताल के इमरजेंसी पहुंचे। मरिज प्रेम शंकर भारती और उनके परिजनों को लेकर ट्रामा सेंटर वाराणसी रवाना हुए। इस दौरान रास्ते में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन विपिन ओझा के द्वारा मरीज के स्वास्थ्य की देखरेख किया गया। और फिर उसे सकुशल ट्रामा सेंटर वाराणसी में एडमिट कराया गया जहां पर उसका इलाज कुशल डॉक्टरों की देखरेख में शुरू हुआ।
सावधान रहें, रुके और साफ़ पानी में ही पनपता है डेंगू का मच्छर:सीएमओ
राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर सीएमओ कार्यालय समेत सीएचसी – पीएचसी पर आयोजित हुए कार्यक्रम
डेंगू की रोकथाम और नियंत्रण के लिए जानकारी एवं जागरूकता भी बेहद जरूरी
गाज़ीपुर। डेंगू, एडीज़ मादा मच्छर के काटने से फैलता है। ये मच्छर रुके हुए साफ पानी में पनपते हैं। इसलिए आवश्यक है कि घरों में मौजूद कूलर, गमले के नीचे जमा पानी, टायरों, छत और खाली पत्रों में जमा हुए पानी को हर हफ्ते खाली करें, जिससे मच्छर का लार्वा न पनप सके। समय पर जांच और उपचार कराने से डेंगू पूरी तरह ठीक हो सकता है। लापरवाही करने से यह गंभीर रूप ले सकता है। यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल का। वह राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर वृहस्पतिवार को सीएमओ कार्यालय सभागार में आयोजित हुई गोष्ठी में कह रहे थे। सीएमओ ने कहा कि इस वर्ष डेंगू दिवस की थीम ‘समुदाय को जोड़ें, डेंगू को नियंत्रित करें’ रखी गई है।
इसके लिए डेंगू एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों से बचाव एवं रोकथाम के लिए अधिक से अधिक लोगों में जागरूकता लायी जाए। आशा कार्यकर्ताओं के द्वारा रोकथाम के लिए “क्या करें और क्या न करें” के बारे में बताया जाए। घर व आसपास कहीं भी जल जमाव न होने दें। डेंगू की रोकथाम के लिए विभाग ने अभी तैयारियां शुरू कर दी हैं। एसीएमओ व नोडल अधिकारी डॉ जेएन सिंह ने कहा कि तालाब और नालियों की नियमित सफाई के लिए, फॉगिंग-छिड़काव की व्यवस्था कराने के लिए, संक्रमण और प्रदूषण की उत्तरदायी खुली नालियों को ढक कर रखें। नगरीय एवं ग्रामीण इलाकों में पेयजल स्रोतों एवं संसाधनों से शौचालयों के सीवर को उचित दूरी पर स्थापित करें। इस कार्य को पूरा करने के लिए जिला मलेरिया अधिकारी, नगर विकास और पंचायती राज विभाग का सहयोग लें।
कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार ने कहा कि डेंगू, वायरल और मच्छर जनित रोग है। इससे ग्रसित मरीजों का बदन टूटता है और अधिक दर्द होता है। डेंगू बुख़ार के कुछ लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते तथा मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द शामिल होता है। डेंगू का एक लक्षण रक्तस्रावी बुख़ार भी है जिसके कारण रक्त ले जाने वाली नलिकाओं में रक्तस्राव या रिसाव होता है जिससे प्लेटलेट्स का स्तर कम धीरे-धीरे कम होने लगता है। दूसरा डेंगू शॉक सिंड्रोम है, जिससे खतरनाक रूप से निम्न रक्तचाप (ब्लडप्रेशर) होता है। इस प्रकार के कोई भी लक्षण दिखते ही नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में जाकर सम्पूर्ण इलाज कराएं। जनपद के सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तथा जिला अस्पताल में जांच व उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
इसके साथ ही सैदपुर सीएचसी समेत सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) पर भी जागरूकता कार्यक्रम व गोष्टी का आयोजन किया गया। इस मौके अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मनोज कुमार सिंह समेत अन्य चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ एवं स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
गाजीपुर। शहर कोतवाली इलाके के सुखदेव चौराहा स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर रेलवे लाइन क्रॉस करते हुए रविवार को एक युवक का दोनों पर बुरी तरह से कट गया। जिसकी जानकारी पर 108 एम्बुलेंस के द्वारा उसे तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वही मामला क्रिटिकल होने के चलते डॉक्टर के द्वारा उसे ट्रामा सेंटर वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। जिसे 108 एंबुलेंस के माध्यम से बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंचाया गया जहां पर उसका इलाज चल रहा है।
108 एंबुलेंस के प्रभारी दीपक राय ने बताया कि ट्रेन से मनोज गुप्ता निवासी तुलसी का पुल उम्र 48 के पैर कटने के बाद स्थानीय लोगों के द्वारा 108 एंबुलेंस को कॉल किया गया था। इसके बाद बताए गए लोकेशन पर पायलट वाहिद खान और इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन राकेश कुमार तत्काल बताएं लोकेशन पर पहुंचे और घायल को मेडिकल कॉलेज स्थित जिला अस्पताल के इमरजेंसी में एडमिट कराया। जहां पर डॉ सुरेंद्र के द्वारा मरीज की हालत की गंभीरता को देखते हुए ट्रामा सेंटर वाराणसी के लिए रेफर किया गया। इसके पश्चात उसे 108 एंबुलेंस से ट्रामा सेंटर वाराणसी में एडमिट कराया गया जहां पर उसका इलाज चल रहा है।