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  • प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस

    प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस

    प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन ने धूमधाम से मनाया हिंदी पत्रकारिता दिवस
    पत्रकारों की सुरक्षा और निश्चित मानदेय की उठी पुरजोर मांग


    गाजीपुर। जिला पंचायत सभागार ल में शनिवार को हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाज सेविका मीरा राय और प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। राकेश शर्मा ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
    कार्यक्रम के दौरान प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष अखिलानंद तिवारी, मंडल अध्यक्ष कृष्ण मुरारी पाण्डेय, दरोगा पाण्डेय सहित विभिन्न वक्ताओं ने वर्तमान समय में पत्रकारिता के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों और पत्रकारों के हितों पर खुलकर अपनी बात रखी। वक्ताओं ने सरकार और समाज से पत्रकारों की सुरक्षा और संरक्षण सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की। इसके साथ ही संस्था के अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने ग्रामीण व कस्बाई पत्रकारों के आर्थिक संबल के लिए सरकार द्वारा एक निश्चित मानदेय तय किए जाने की बात पर भी विशेष जोर दिया गया।

    समारोह में प्रख्यात कवि बादशाह राही ने अपनी तीखी कविताओं और बेबाक शेर-ओ-शायरी के माध्यम से शासन और प्रशासन की कमियों को उजागर करते हुए उन्हें आईना दिखाने का काम किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
    गंभीर चर्चाओं के बीच कार्यक्रम में मनोरंजन का तड़का तब लगा जब प्रसिद्ध मिमिक्री आर्टिस्ट विजय शंकर मंच पर आए। उन्होंने अपनी शानदार मिमिक्री और कलात्मक प्रस्तुति से सभागार में मौजूद सभी पत्रकारों और अतिथियों को हंसने पर मजबूर कर दिया। उनकी प्रस्तुति कार्यक्रम में आकर्षण का मुख्य केंद्र रही और पूरा सभागार ठहाकों से गूंज उठा। कार्यक्रम के दौरान पत्रकारिता जगत की तमाम हस्तियों को उनके योगदान के लिए स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्रम, डायरी और पेन देकर सम्मानित किया गया। इस गौरवमयी अवसर पर प्रगतिशील ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह, महासचिव वसीम रजा, उपाध्यक्ष अनिल कुमार, सह सचिव प्रदीप शर्मा मोनू, कोषाध्यक्ष सुजीत कुमार सिंह, सचिव आय-व्यय सुनील गुप्ता, कार्यकारिणी सदस्य सुनील सिंह, प्रभाकर सिंह, आई बी सिंह, महताब आलम, आसिफ , इक़रार, अजय , आरिफ़ वारसी, मनीष राय, राघवेंद्र, फूलचंद्र, आलोक त्रिपाठी, अशोक श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव और सऊद अंसारी सहित भारी संख्या में लोग, प्रबुद्ध नागरिक और पत्रकार बंधु उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह ने दूर-दराज से आए सभी आगंतुकों, अतिथियों और पत्रकार साथियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन किया।

  • वैषणव वर्धन सिंह का हुआ नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में सलेक्शन

    वैषणव वर्धन सिंह का हुआ नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में सलेक्शन

    नेशनल पैरास्वीमिंग चैंपियनशिप में अपना जलवा दिखाएगा गाजीपुर का लाल

    सब-जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए काशिमाबाद के वैषणव वर्धन सिंह का सेलेक्शन

    गाजीपुर। बेंगलुरू में आयोजित होने वाले वाले 26 वें सब-जूनियर नेशनल पैरास्विमिंग चैंपियनशिप में गाजीपुर के लाल वैष्णव वर्धन सिंह का जलवा देखने को मिलेगा। शारीरिक कमजोरियों के बावजूद अपने हौसलें और काबिलियत से प्रदेश स्तर पर कई बार नाम कमा चुके वैष्णव अब राष्ट्रीय फलक पर अपना जलवा दिखाने को तैयार हैं। कई राउंड के शानदार ट्रायल के बाद वैष्णव का सेलेक्शन इस प्रतियोगिता के लिए हुआ है।

    आपको बता दें कि वैष्णव कासिमाबाद के अंतर्गत मिर्जापुर गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता अशोक कुमार सिंह सेना में कर्नल की जिम्मेदारी निभाते हुए भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में विशेष कार्य अधिकारी के रूप में तैनात हैं। इससे पहले वे विदेश मंत्रालय के पासपोर्ट डीविजन के निदेशक भी रह चुके हैं। वे दिल्ली में परिवार के साथ रहते हैं। जहां वैष्णव राजधानी के नामी संस्कृति स्कूल में कक्षा 6 के छात्र हैं। वैष्णव को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में खासी दिलचस्पी है। इसी का परिणाम है कि वैष्णव को स्वीमिंग के साथ-साथ प्रदेश स्तर पर स्केटिंग प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन के लिए कई बार खिताब प्राप्त हुआ है।

    नेशनल चैंपियनशिप में सेलेक्शन के बाद वैष्णव के परिवार में खुशी की लहर है। वैष्णव के करियर में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली उनकी माता श्रुतिकिर्ती सिंह ने वैष्णव की सफलता का श्रेय खुद उनके मेहनत, हौसले और अनुशासन को दिया है। आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि श्रुतिकिर्ती सिंह राजधानी दिल्ली में दिव्यांग बच्चों को लिए फाउंडेशन चलाने के साथ-साथ तमाम सामाजिक गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती रहती है। साथ ही वैष्णव की इस शानदार उपलब्धि में उनकी बहन वैष्णवी का भी बड़ा योगदान रहा है। इंटरमीडियट में पढ़ने वाली वैष्णवी अपने भाई के मनोबल को बढ़ाने के लिए लगातार उसे प्रेरित करती रहती हैं। उनका हौसला बढ़ाने के लिए हर प्रतियोगिता में उनके साथ जाया करती हैं।

    वैष्णव की इस उपलब्धि पर वैष्णव के कोच ने कहा कि ये सफलता तो सिर्फ वैष्णव के करियर की शुरूआत है। वैष्णव को अभी बहुत आगे जाना है। उन्होनें वैष्णव के साथ-साथ सभी सेलेक्टेड खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

  • शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

    शाह फैज स्कूल के छात्र छात्राओं का वार्षिक परीक्षाफल घोषित

    गाजीपुर। सोमवार को शाह फैज विद्यालय प्रांगण में वार्षिक परीक्षाफल घोषित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विशेष प्रार्थना व दीप प्रज्ज्वलन से हुई। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी ने विशेष प्रार्थना की साथ ही सभी को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व भविष्य में और भी मेहनत करने की सलाह दी।  उसके पश्चात् कक्षा PG  से कक्षा 9 व 11 का परीक्षा परिणाम घोषित किया गया।

    प्रधानाचार्य इकरामुल हक़ ने वार्षिक रिपोर्ट में बताया कि इस वर्ष कुल 2285 छात्र -छात्राएं वार्षिक परीक्षा में सम्मिलित। 199 कक्षा 12 व 231 कक्षा 10 की सी बी एस सी परीक्षा में सम्मिलित हुए, जिनका परिणाम प्रतीक्षारत है। वार्षिक परीक्षा का परिणाम 99.5 % रहा। कक्षा PG से शुजा आरफीन एवं अफ्फान ख़ान ,कक्षा एलकेजी से मोहम्मद आरिफ़, शान्वी सिंह, ज़ैनब ख़ान व ऋषभ गौतम ,यूकेजी से सौम्य पांडेय , पंखुड़ी केडिया ,अरशान अहमद, अवनीश पाल एवं आकिफा फातिमा ब्राइट स्टार घोषित किये गए। 

    कक्षा 1 से 5 में  निशांत राय  ने 99  9 % , कक्षा 6 से 8 में स्वरित कुमार राय एवं आफ़िया शफ़क़त 97.71 व  कक्षा 9 से 11 में पहल कुशवाहा ने 97.80 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।  प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी विद्यालय में कनिष्ठ व वरिष्ठ वर्ग में सर्वश्रेष्ठ बालक व बालिका की उपाधि दी गयी। कनिष्ठ वर्ग से कक्षा 5 के निशांत राय व ज़ैनब अमानी व वरिष्ठ वर्ग से कक्षा 8 के स्वरित कुमार  राय  व कक्षा 9 से जुनैरा मसूद को  क्रमशः सर्वश्रेष्ठ बालक व सर्वश्रेष्ठ बालिका की उपाधि दी गयी।

    विद्यालय की निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी छात्र-छात्राओं को वार्षिक परीक्षा फल की बधाई दी व अपने माता-पिता व गुरुजनों को धन्यवाद देने को कहा क्योंकि यही वो लोग हैं जिनकी सहायता के बिना कुछ भी संभव नहीं हो सकता। उन्होंने यह भी कहा कि हमें सीखना कभी नहीं बंद करना चाहिए। विद्यालय की मैनेजर मैडम अतिआ अधमी ने भी सभी को वार्षिक परीक्षाफल की शुभकामनायें दीं। 

    इस कार्यक्रम में सभी छात्र छात्राएं, निदेशक डॉ नदीम अधमी , निदेशिका डॉ मीना अधमी, वित्तीय एवं शैक्षणिक सलाहकार शमा अधमी, प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, परीक्षा नियंत्रक हनीफ अहमद, मुख्यअध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, प्री-प्राइमरी इंचार्ज प्रियंका सिंह, माधुरी पांडेय , सुनंदा एवं अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।

    कार्यक्रम की साज सज्जा नुज़हत नसीम , आमना ओबैद , सिमरन जायसवाल, अंकिता दुबे एवं उमेश ने की। कार्यक्रम में गीत की प्रस्तुति शान कुशवाहा व शगुन कुशवाहा तथा अन्य ने की जिसका संगीत श्याम कुमार शर्मा व गिरधर शर्मा ने दिया।। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, मुख्याध्यापिका चंदना श्रीवास्तव एवं प्रियंका सिंह ने किया।  कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।

                    

  • 12 से 23 फरवरी तक होगा क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन

    12 से 23 फरवरी तक होगा क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन

    12 से 23 फरवरी तक होगा क्रिकेट प्रतियोगिता का आयोजन

    गाजीपुर। गाजीपुर क्रिकेट एकेडमी के तत्वाधान में 4 फरवरी को अरोरा फाउंडेशन महुआबाग में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया । गाजीपुर क्रिकेट एकेडमी के प्रेसिडेंट अभिषेक सिंह ने बताया कि यह प्रतियोगिता 12 फरवरी से 23 फरवरी तक गाजीपुर क्रिकेट एकेडमी के तत्वधान में प्रथम स्वर्गीय श्री नारायण सिंह (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष) एवं स्वर्गीय श्री अजीत कुमार सिंह स्मारक ऑल इंडिया कैश मनी क्रिकेट (G 20-20) प्रतियोगिता का आयोजन होना है। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न स्थानों की कुल 8 टीम प्रतिभागी होंगी। जिसमें रणजी ट्रॉफी, आईपीएल, बोर्ड ट्राफी के खिलाड़ी प्रतिभाग करेंगे।यह आयोजन जनपद में पहली बार वृहद स्तर पर किया जा रहा है।

  • राष्ट्रपति से मिले डालिम्स सनबीम स्कूल के बच्चे

    राष्ट्रपति से मिले डालिम्स सनबीम स्कूल के बच्चे

    राष्ट्रपति से मिले डालिम्स सनबीम स्कूल के बच्चे


    गाजीपुर। राष्ट्रपति भवन में आयोजित बाल दिवस पर नगर के डालिम्स सनबीम स्कूल के बच्चों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की और अपने मन की जिज्ञासा को दूर किया। राष्ट्रपति से संवाद कर बच्चे काफी प्रफुल्लित हैं। राष्ट्रपति ने भी उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी हिस्सा लेने की सीख दी। इस दौरान राष्ट्रपति भवन व संसद भवन का भी भ्रमण किया। यह जिले के लिए गौरव की बात है। राष्ट्रपति भवन के सेंट्रल हाल में आयोजित बाल दिवस पर कार्यक्रम के लिए जिले के सनबीम स्कूल के बच्चों का चयन किया गया था।
    स्कूल की डायरेक्टर एकता अखंड राय, शिक्षक कमलेश सिंह के साथ छात्र अभ्युदय प्रताप, निवेदिता प्रधान, आदर्श राय व सौम्या राय कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। बच्चों ने बताया कि राष्ट्रपति प्रोटोकाल तोड़कर उनके बीच आ गयीं और संवाद किया। अभ्युदय प्रताप व निवेदिता ने राष्ट्रपति से पूछा कि आपको महामहिम के पद पर आने के बाद कैसा लगा? तो उन्होंने जवाब दिया बिल्कुल, बहुत अच्छा लगा। फिर बच्चों ने सफल होने के बाद कैसा महसूस करतीं हैं। जवाब दिया सफलता का कोई अंत नहीं है। राष्ट्रपति ने सीख दी कि आप बच्चे आगे बढ़ते जाइए। आपका बचपन कैसा के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं भी आपकी तरह बगीचों और मिट्टी में खेला करती थीं। आज की तरह अच्छे स्कूल नहीं थे। उन्होंने बच्चों को मेहनत की सीख दी। साथ ही शिक्षकों से बच्चों को रोचक तरीके से शिक्षण कार्य कराने के साथ ही शारीरिक व मानसिक विकास के लिए खेलकूद को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

  • डीएम ने की बैठक,दिया निर्देश

    डीएम ने की बैठक,दिया निर्देश

    गाजीपुर। जिला उद्योग बन्धु एवं स्वरोजगार बन्धु की बैठक गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी एम पी सिंह  की अध्यक्षता मे सम्पन्न हुआ।इस बैठक में जिलाधिकारी ने मण्डी समिति दुल्लहपुर की जमीन अन्य़त्र स्थानान्तिरित किए जाने हेतु निस्तारण का निर्देश , व्यापारियो के समस्याओ के समाधान, उद्यमी वशिष्ट सिंह यादव के विद्युत बिल भुगतान प्रकरण के समाधान, औद्योगिक आस्थान नन्दगंज में सड़क , नाली , बाउण्डरीवाल निर्माण, निवेश मित्र पोर्टल, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री रोजगार/युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद,पी एम सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार, आजीविका मिशन,पी एम स्वनिधि योजना एवं अन्य बिन्दूओ पर समीक्षा कर उद्यमियो के समस्याओ पर चर्चा की गयी तथा सम्बन्धित अधिकारियों को शिकायतो के निस्तारण का निर्देश दिया ।उद्यमी एस के दूबे ने सुखदेवपुर चौराहे से गाजीपुर घाट तक के 800 मीटर मार्ग जो बिल्कुल क्षतिग्रस्त है को सही कराने का अनुरोध एंव व्यापार मण्डल के विजय शंकर वर्मा ने रौजा से एम ए एच इण्टर कालेज तक जर्जर के बारे मे अवगत कराया । जिस पर जिलाधिकारी ने समन्धित अधिकारी को स्थलीय निरीक्षण करते हुए कार्यवाही का निर्देश दिया।
    जिलाधिकारी उधोगों के विकास में बैंको से अधिकाधिक सहयोग प्राप्त किये जाने के सम्बन्ध मे जिला अग्रणी प्रबंधक से अपेक्षा की। उद्यामियों के शिकायतो को सम्बन्धित अधिकारियों को समय से निस्तारण का निर्देश दिया। इस अवसर पर उघमी बशिष्ठ सिंह यादव, ए0के0दुबे अध्यक्ष ईट भठ्ठा एसोसिएशन एवं अन्य उद्यमी एंव व्यापार मण्डल के पदाधिकारी उपस्थित थे।

  • डीएम और एसपी ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण

    डीएम और एसपी ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण

    डीएम और एसपी ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण

    गाजीपुर।जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक डा. ईरज राजा द्वारा तहसील सेवराई क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेते हुए विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान सर्वप्रथम जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा नरवा घाट का निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाट पर पर्याप्त संख्या में नाव एवं लाइफ जैकेट की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही घाट की सीढ़ियों के नीचे बांस की जाली लगाई जाए, ताकि कोई व्यक्ति तेज बहाव वाले क्षेत्र में न जा सके और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।
    इसके पश्चात जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा ग्राम पंचायत बिरऊपुर एवं हसनपुरा के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में खाद्य सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था कर ली गई है। आवश्यक दवाओं का वितरण भी कराया जा रहा है। साथ ही पशुओं के लिए पर्याप्त मात्रा में चारे की व्यवस्था कर गांवों में उपलब्ध कराया गया है, ताकि बाढ़ के दौरान पशुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों से अपील की कि वे तेज बहाव वाले पानी के पास न जाएं तथा अपने बच्चों को भी पानी के बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से रोकें। सभी लोग सुरक्षित स्थानों पर रहें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा एवं सहायता के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह तैयार है और आवश्यकता के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम, सेवराई, तहसीलदार, सेवराई अन्य अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

  • जखनिया में 6 सितंबर को लगेगा निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर, मरीजों का होगा मुफ्त ऑपरेशन

    जखनिया में 6 सितंबर को लगेगा निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर, मरीजों का होगा मुफ्त ऑपरेशन

    जखनिया में 6 सितंबर को लगेगा निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर, मोतियाबिंद मरीजों का होगा मुफ्त ऑपरेशन

    डालिम्स सनबीम स्कूल में सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक होगा शिविर, जांच के बाद मरीजों को ऑपरेशन के लिए किया जाएगा रेफर

    जखनिया, गाजीपुर। क्षेत्रवासियों को बेहतर नेत्र चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आर. जे. शंकरा आई हॉस्पिटल की ओर से 6 सितंबर 2026, रविवार को निःशुल्क नेत्र परीक्षण एवं मोतियाबिंद ऑपरेशन शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर डालिम्स सनबीम स्कूल, जखनिया, गाजीपुर में आयोजित होगा।शिविर में सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मरीजों की आंखों की जांच की जाएगी। जांच के दौरान मोतियाबिंद से पीड़ित पाए जाने वाले मरीजों को ऑपरेशन के लिए रेफर किया जाएगा। मोतियाबिंद का ऑपरेशन लेंस प्रत्यारोपण विधि से किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, ऑपरेशन के लिए रेफर किए गए मरीजों को निःशुल्क नेत्र शल्य चिकित्सा, पौष्टिक भोजन, ठहरने की सुविधा, आवश्यक दवाइयां और परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

    यह शिविर साबिर अली एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। शिविर के लिए पंजीकरण शुरू हो चुका है। इच्छुक मरीज अपना नाम, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की फोटो कॉपी उपलब्ध कराकर पंजीकरण करा सकते हैं।

  • मुख्यमंत्री ने किया आउटसोर्स सेवा निगम के लोगो,वेबसाइट एवं पोर्टल का अनावरण,गाजीपुर में राज्यसभा सांसद ने लाभार्थियों को वितरित किया डेमो चेक 

    मुख्यमंत्री ने किया आउटसोर्स सेवा निगम के लोगो,वेबसाइट एवं पोर्टल का अनावरण,गाजीपुर में राज्यसभा सांसद ने लाभार्थियों को वितरित किया डेमो चेक 

    लोक भवन से मुख्यमंत्री ने किया आउटसोर्स सेवा निगम के लोगो, वेबसाइट एवं पोर्टल का अनावरण, गाजीपुर में देखा गया सजीव प्रसारण

    गाजीपुर।उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम के अंतर्गत सम्पूर्ण आउटसोर्स मानव संसाधन प्रबंधन के एकीकृत डिजिटल समाधान के लिए लोगो, वेबसाइट एवं पोर्टल का अनावरण आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर-कमलों द्वारा लोक भवन, लखनऊ से किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों के बढ़े हुए मानदेय की घोषणा करते हुए आउटसोर्स निगम की गाइड लाइन की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के मानव संसाधन की बेहतर प्लानिंग की जा सके, इसके लिए भर्ती प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया जाएगा। भर्ती योग्यता और मेरिट के आधार पर होगी तथा राज्य सरकार की आरक्षण नीति के अनुरूप की जाएगी। रिक्रूटमेंट, पोस्टिंग, अटेंडेंस, सैलरी, ग्रेच्युटी, इंश्योरेंस और अन्य सेवा लाभों का डिजिटल मैनेजमेंट एवं डिजिटल मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि अब कर्मचारी अपनी सर्विस डिटेल, बैंक अकाउंट, अटेंडेंस, पेमेंट और वेतन से होने वाली कटौती आदि की जानकारी एक ही स्थान पर देख सकेगा। इसी व्यवस्था के माध्यम से वह अपना ग्रीवांस या शिकायत भी दर्ज करा सकेगा, शिकायत का स्टेटस देख सकेगा।निर्धारित समय-सीमा के भीतर उसका समाधान भी प्राप्त कर सकेगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी का वेतन सीधे उसके बैंक खाते में महीने के 5 तारीख तक जाएगा। कोई आउटसोर्सिंग कंपनी या एजेंसी कर्मचारी के वेतन से अनावश्यक कटौती नहीं कर सकेगी। आउटसोर्सिंग कंपनी को सरकार अलग से उसका सेवा शुल्क देगी।कर्मचारी के वेतन से किसी प्रकार की सर्विस चार्ज की कटौती नहीं की जाएगी।
    उन्होंने कहा कि कर्मचारी की भविष्य निधि का पैसा उसके नाम पर सुरक्षित रहेगा। सेवा से सेवानिवृत्ति के बाद यह राशि उसके भविष्य की आर्थिक सुरक्षा और पूंजी के रूप में उपयोगी होगी। इसी प्रकार ई0एस0आई0 के माध्यम से कर्मचारियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यदि ई0एस0आई0 अस्पताल में आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं हो पाती है तो कर्मचारियों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए इसे आयुष्मान भारत जैसी स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे कर्मचारी और उसके परिवार को स्वास्थ्य बीमा का लाभ मिल सके।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृत्व अवकाश सहित सभी वैधानिक सेवा लाभ कर्मचारियों को उपलब्ध कराए जाएंगे। किसी भी कर्मचारी के साथ किसी भी प्रकार का शोषण नहीं होने दिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि किसी आउटसोर्सिंग कंपनी को किसी कर्मचारी को मनमाने ढंग से हटाने की अनुमति नहीं होगी। यदि किसी कर्मचारी को हटाने की आवश्यकता होती है तो पहले सरकार को इसकी जानकारी देनी होगी। सरकार मामले की जांच करेगी और यदि कर्मचारी के विरुद्ध की गई शिकायत या रिपोर्ट गलत पाई जाती है तो उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी। किसी कर्मचारी का अनावश्यक उत्पीड़न या शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम द्वारा स्टेट बैंक के साथ किए गए एमओयू के माध्यम से कर्मचारियों को विभिन्न वित्तीय एवं सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। कर्मचारी का वेतन सीधे उसके बैंक खाते में जाएगा। निर्धारित वेतनमान के अनुसार कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन के आधार पर दुर्घटना बीमा का कवर भी उपलब्ध कराया जाएगा। किसी दुर्घटना या आपदा की स्थिति में कर्मचारी के परिवार को 20 लाख रुपये से लेकर 40-50 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा कवर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि अग्निकांड की स्थिति में बैंक के माध्यम से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। आकस्मिक चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए 5 लाख रुपये तक की व्यवस्था तथा आपात स्थिति में एयर एंबुलेंस की आवश्यकता होने पर 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है।
    उन्होंने ने कहा कि जीवन में किसी बड़ी अनहोनी की स्थिति में भी सरकार और यह व्यवस्था कर्मचारी के परिवार के साथ खड़ी रहेगी। पुत्र की शिक्षा के लिए 8 लाख रुपये तक, पुत्री की शिक्षा के लिए 10 लाख रुपये तक तथा दो पुत्रियों के विवाह के लिए 8 से 10 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। दुर्भाग्यवश किसी कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके परिवार को बैंक के माध्यम से 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि जीरो बैलेंस पर खाता खोलने की सुविधा तथा बैंक खाते के माध्यम से परिवार के अधिकतम चार सदस्यों को विशेष योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स सेवा निगम के माध्यम से आउटसोर्स वर्कफोर्स को एक संगठित, कुशल, सुरक्षित और सम्मानजनक वर्कफोर्स में बदलने का कार्य किया जा रहा है। इसका उद्देश्य आउटसोर्स कर्मचारियों को बेहतर सेवा सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें आउटसोर्स कर्मचारियों को एक बोझ मानती थीं। यही कारण था कि उस समय की अधिकांश आउटसोर्स कंपनियों में राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों के रिश्तेदारों और करीबियों को लाभ पहुंचाया जाता था। भर्ती के नाम पर, यूनिफॉर्म के नाम पर और अन्य कार्यों के नाम पर कर्मचारियों का शोषण किया जाता था। इस शोषण को रोकने का कार्य डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी की सरकार कर रही है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने आउटसोर्स कर्मचारियों को बोझ नहीं माना, बल्कि प्रदेश के मानव संसाधन के रूप में उन्हें प्रदेश की संपत्ति माना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन और नई अर्थव्यवस्था के दौर में कार्य की प्रकृति बदल रही है, लेकिन एक चीज हमारे लिए कभी नहीं बदलेगी और वह है मानव श्रम का सम्मान। उन्होंने कहा कि याद रखना होगा कि टेक्नोलॉजी जितनी आगे जाएगी, गवर्नेंस को उतना ही अधिक मानवीय होना पड़ेगा। केवल टेक्नोलॉजी पर आधारित व्यवस्था पर्याप्त नहीं हो सकती। हम मशीन नहीं हैं। हमारी संवेदना ही हमारी पहचान होनी चाहिए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले नौ वर्षों में डबल इंजन की सरकार ने प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के भय से मुक्ति, भ्रष्टाचार और पक्षपात से मुक्ति तथा पारदर्शिता के साथ एक नई कार्यसंस्कृति को आगे बढ़ाने का काम किया है। कानून-व्यवस्था में सुधार हुआ है, जिससे सामान्य परिवारों का विश्वास बढ़ा है। बिजली और पानी घरों तक पहुंचा तो लोगों के जीवन में बदलाव आया है। सड़कें बनीं तो गांव और बाजार के बीच की दूरी कम हुई है। डीबीटी के माध्यम से गरीबों का हक सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाया गया है। अब बिचौलियों के हाथ में नकद पैसा नहीं जाएगा, बल्कि लाभार्थी के खाते में सीधे पैसा पहुंचेगा।

    कार्यक्रम का सजीव प्रसारण जनपद स्तरीय कार्यक्रम के रूप में विकास भवन सभागार में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत, विशिष्ट अतिथि प्रशासक जिला पंचायत  सपना सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष  सरिता अग्रवाल, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, जिला विकास अधिकारी राजन राय सहित विभिन्न विभागों के आउटसोर्स कर्मचारी उपस्थित रहे। आयोजित कार्यक्रम में श्रम विभाग द्वारा बी.ओ.सी.डब्लू. के लाभार्थियों को डेमो चेक एवं सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा किट का वितरण किया गया।

    कर्यक्रम के दौरान ’राज्यसभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने अपने सम्बोधन कहा की आज का दिन उत्तर प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के जीवन में ऐतिहासिक दिन है। मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ। वर्षों से हमारे आउटसोर्स भाई-बहन कम मानदेय, समय से वेतन न मिलने और बिचौलियों के शोषण से परेशान थे।

    मुख्यमंत्री ने जिस तरह से आउटसोर्स सेवा निगम बनाकर एकीकृत डिजिटल पोर्टल, लोगो और वेबसाइट का अनावरण किया है, वह श्रमिकों के सम्मान की दिशा में क्रांतिकारी कदम है। अब भर्ती पारदर्शी होगी, मानदेय सीधे खाते में आएगा। गाजीपुर जनपद में भी हजारों आउटसोर्स कर्मी विभिन्न विभागों में सेवाएं दे रहे हैं, उन्हें इसका सीधा लाभ मिलेगा। विशेष रूप से हमारी सफाई कर्मी बहनों को सुरक्षा किट मिलना और बीओसीडब्ल्यू लाभार्थियों को सहायता मिलना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। मैं सभी कर्मियों से अपील करती हूँ कि वे पूरी निष्ठा से कार्य करें, सरकार आपके साथ है।

    ’प्रशासक जिला पंचायत  सपना सिंह ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के इस निर्णय का स्वागत करती हूँ। आउटसोर्स सेवा निगम का गठन कर्मचारियों के हित में मील का पत्थर साबित होगा। आउटसोर्स कर्मियों को पहले  कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब पोर्टल के माध्यम से सारी व्यवस्था पारदर्शी हो जाएगी। शोषण मुक्त व्यवस्था से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे और बेहतर कार्य कर पाएंगे। मैं सभी लाभार्थियों को बधाई देती हूँ और सरकार का आभार व्यक्त करती हूँ।

    ’नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने अपना सम्बोधन व्यक्त करते हुए कहा कि नगर पालिका में सफाई कर्मचारी हमारी रीढ़ हैं। वे सुबह से रात तक शहर को स्वच्छ रखने में लगे रहते हैं। आज उनके लिए सुरक्षा किट का वितरण और मानदेय वृद्धि की घोषणा अत्यंत सराहनीय है। मुख्यमंत्री ने आउटसोर्स कर्मियों को जो सम्मान दिया है, वह अभिनंदनीय है। आउटसोर्स निगम के पोर्टल से अब हर कर्मचारी को समय पर वेतन और सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। नगर पालिका परिषद गाजीपुर अपने सभी आउटसोर्स कर्मचारियों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करेगी।

    कार्यक्रम में जिला सेवायोजन अधिकारी गौरव सिंह ने आउटसोर्स नियमों की विस्तृत जानकारी दी।’ उन्होंने बताया कि अब सभी आउटसोर्स भर्तियां केवल सेवा निगम के पोर्टल के माध्यम से होंगी,, आरक्षण नियम, ई0पी0एफ0/ई0एस0आई0 न्यूनतम मानदेय  ₹20,000 तक सुनिश्चित किया गया है। जो मानदेय सीधे कर्मी के खाते में जायेगा कोई कमीशन नहीं,  सेवा सुरक्षा रहेगी।कार्मिको के चयन में पदों के सापेक्ष  तकालशुदा/परित्यक्ता  महिलाओं इत्यादि  को वरीयता दिए जाने के साथ-साथ स्थानीय निवासियों को वरीयता दिए जाने के शासनादेश का उल्लेख किया गया। महीने के 5 तारीख तक खाते में पारिश्रमिक का भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

    कार्यक्रम मे अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद धीरेन्द्र राय, जिला सेवा योजन अधिकारी गौरव सिंह, सहायक श्रम आयुक्त अभिषेक सिंह,पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, विभिन्न विभागों से भारी संख्या मे आउटसोर्सकर्मी उपस्थित रहे।

  • गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर डीएम की अपील…..

    गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर डीएम की अपील…..

    गंगा के बढ़ते जलस्तर पर डीएम अलर्ट, बोले- घबराएं नहीं, प्रशासन आपके साथ; सुरक्षित स्थानों पर जाएं

    बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखने की अपील, नाव में क्षमता से अधिक सवारी और तेज बहाव में सेल्फी लेने पर रोक


    बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखने की अपील, नाव में क्षमता से अधिक सवारी और तेज बहाव में सेल्फी लेने पर रोक

    गाजीपुर। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ के मद्देनजर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जनपदवासियों से सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और किसी भी आपात स्थिति में आमजन के साथ खड़ा है। उन्होंने लोगों से सुरक्षित रहने तथा केवल प्रशासन द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति को देखते हुए लोग आवश्यकता पड़ने पर तत्काल ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। बच्चों को बाढ़ के पानी से दूर रखें तथा उन्हें पानी में नहाने या जाने की अनुमति न दें। उन्होंने नाव संचालकों को निर्देशित किया कि नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को न बैठाएं और प्रतिबंधित क्षेत्रों में किसी भी दशा में नाव का संचालन न करें। उन्होंने आमजन से तेजी से बहते पानी के पास जाकर सेल्फी न लेने और तैरने का प्रयास न करने की भी अपील की। जिलाधिकारी ने कहा कि सावधानी और सतर्कता ही बाढ़ के दौरान सबसे बड़ा बचाव है।

    जनपदवासी आपात स्थिति में इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

    • पुलिस कंट्रोल रूम: 112
    • जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष: 0548-2224041
    • तहसील सदर: 0548-2221334
    • तहसील सैदपुर: 05495-222050
    • तहसील जमानिया: 05497-252074
    • तहसील जखनियां: 9454417089, 8739057296
    • तहसील मुहम्मदाबाद: 05493-242006
    • तहसील कासिमाबाद: 05493-252015
    • तहसील सेवराई: 05497-297597

    जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की किया कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और बाढ़ से संबंधित जानकारी के लिए प्रशासनिक सूचनाओं पर ही विश्वास करे।

  • रामावतार शर्मा की लेखनी में दिखता था प्रेमचंद का भाव और जैनेंद्र की वैचारिक दृढ़ता

    रामावतार शर्मा की लेखनी में दिखता था प्रेमचंद का भाव और जैनेंद्र की वैचारिक दृढ़ता

    जयंती पर ‘स्मृतियों के झरोखे से मूर्धन्य साहित्यकार रामावतार’ पुस्तक का विमोचन, साहित्यकारों ने याद किया योगदान

    गाजीपुर। प्रख्यात कथाकार जैनेंद्र कुमार की साहित्यिक अभिरक्षा में साहित्य के संस्कार प्राप्त करने वाले प्रसिद्ध पत्रकार, कथाकार, उपन्यासकार एवं गाजीपुर टाइम्स के संपादक रहे रामावतार शर्मा की जयंती पर मंगलवार को उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर केंद्रित पुस्तक ‘स्मृतियों के झरोखे से मूर्धन्य साहित्यकार रामावतार’ का विमोचन किया गया। तथागत कैलाश जानकी इंटर कॉलेज, सुखदेवपुर में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री हंसराज विश्वकर्मा एवं राज्य सभा सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने संयुक्त रूप से पुस्तक का विमोचन किया। पुस्तक का संपादन डॉ. गजाधर शर्मा ‘गंगेश’ ने किया है, जबकि लाल बिहारी शर्मा ‘अनन्त’ ने रामावतार शर्मा से जुड़ी स्मृतियों एवं संस्मरणों को संकलित कर इसे पुस्तक का स्वरूप प्रदान किया है। पुस्तक में रामावतार शर्मा के साहित्यिक जीवन, पत्रकारिता, व्यक्तित्व तथा रचनात्मक योगदान को स्मृतियों के माध्यम से सामने लाने का प्रयास किया गया है। समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री हंसराज विश्वकर्मा ने कहा कि रामावतार शर्मा की पहचान केवल पत्रकार या कथाकार के रूप में नहीं, बल्कि ऐसे साहित्यकार के रूप में रही, जिन्होंने अपनी लेखनी को समाज और मानवीय संवेदनाओं से जोड़े रखा। साहित्य एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका योगदान गाजीपुर की साहित्यिक विरासत का महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने कहा कि किसी साहित्यकार की स्मृतियों को पुस्तक के रूप में संरक्षित करना आने वाली पीढ़ियों को अपनी साहित्यिक विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य है।

    सांसद डॉ. संगीता बलवंत ने कहा कि रामावतार शर्मा ने अपनी लेखनी के माध्यम से समाज के विभिन्न पक्षों को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्ति दी। साहित्य और पत्रकारिता दोनों क्षेत्रों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे साहित्यकारों के जीवन और रचनात्मक यात्रा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। ‘स्मृतियों के झरोखे से मूर्धन्य साहित्यकार रामावतार’ पुस्तक उनके व्यक्तित्व और साहित्यिक अवदान को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी। प्रसिद्ध साहित्यकार ऋचा राय ने रामावतार शर्मा के जीवन और रचनाओं पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी लेखनी में मुंशी प्रेमचंद का भाव और जैनेंद्र कुमार की वैचारिक दृढ़ता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उनके लेखन में जीवन का यथार्थ, मानवीय संवेदना और सामाजिक सरोकार एक साथ दिखाई देते हैं। उनकी भाषा सहज होने के बावजूद पाठक के मन पर गहरा प्रभाव छोड़ती है। रामावतार शर्मा की रचनाएं अपने समय के समाज और मनुष्य की आंतरिक संवेदनाओं का दस्तावेज हैं।

    समकालीन सोच के संपादक एवं पत्रकार राम नगीना कुशवाहा ने कहा कि रामावतार शर्मा का व्यक्तित्व साहित्य और पत्रकारिता के बीच एक मजबूत सेतु के समान था। उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से सामाजिक समस्याओं और मानवीय भावनाओं को स्वर दिया। उनकी रचनात्मक दृष्टि व्यापक और संवेदनशील थी। उनके साहित्यिक योगदान का मूल्यांकन करने तथा उनकी रचनाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम का शुभारंभ रामावतार शर्मा के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का विधिवत शुभारंभ किया। वक्ताओं ने रामावतार शर्मा के जीवन से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उनके साहित्यिक योगदान को स्मरण किया और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। समारोह के अंत में रामावतार शर्मा के पौत्र सत्यम शर्मा ने अतिथियों, साहित्यकारों, पत्रकारों एवं उपस्थित गणमान्य लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर पूर्व सांसद जगदीश कुशवाहा, श्रीकांत पांडेय, प्रो. संतोष कुमार सिंह, प्राचार्य राम अवतार शर्मा, शशिकांत शर्मा, डॉ. वी.के. शर्मा, संतोष कुमार, जनार्दन शर्मा, विजय कुमार राय, संतोष जायसवाल, हरिशंकर शर्मा, विजय कुमार, मदन मोहन शर्मा, विनोद सोनकर, मोती लाल शर्मा, प्रवीण विश्वकर्मा, किशन शर्मा, भरत, चंदन सहित अनेक साहित्यकार, पत्रकार, शिक्षाविद एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. रामबदन राय ने तथा संचालन सुदामा राम विश्वकर्मा ने किया।

  • गंगा में नहाते समय दो किशोरियां डूबीं, तलाश जारी

    गंगा में नहाते समय दो किशोरियां डूबीं, तलाश जारी

    चोचकपुर घाट पर बड़ा हादसा: गंगा में नहाते समय दो किशोरियां डूबीं, तलाश जारी

    करंडा। थाना क्षेत्र के चोचकपुर घाट पर मंगलवार को गंगा नदी में नहाते समय दो किशोरियां गहरे पानी में डूब गईं। हादसे की खबर मिलते ही घाट पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों की तलाश शुरू करते हुए पुलिस को सूचना दी।

    जानकारी के अनुसार, बसंतपट्टी निवासी माही सिंह (16) और महिमा सिंह (14) गंगा में स्नान कर रही थीं। इसी दौरान दोनों अचानक गहरे पानी में चली गईं और देखते ही देखते लापता हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू कराई।

    घाट पर परिजनों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई है। पुलिस प्रशासन की निगरानी में गोताखोर लगातार गंगा नदी में खोजबीन कर रहे हैं। परिजन दोनों किशोरियों के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। समाचार लिखे जाने तक दोनों किशोरियों का कोई पता नहीं चल सका था। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

  • “गंगा के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन सतर्क, डीएम ने संभाली कमान; राहत-बचाव के लिए अधिकारी अलर्ट”

    “गंगा के बढ़ते जलस्तर से प्रशासन सतर्क, डीएम ने संभाली कमान; राहत-बचाव के लिए अधिकारी अलर्ट”

    बढ़ते गंगा जलस्तर पर प्रशासन अलर्ट, डीएम ने दिए राहत-बचाव के पुख्ता इंतजाम के निर्देश

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी, एनडीआरएफ व बचाव दल सक्रिय; डीएम ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की

    गाजीपुर। गंगा नदी समेत जनपद की अन्य नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने सभी संबंधित अधिकारियों को बाढ़ प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने तथा राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी भी प्रकार का जोखिम न लें और बाढ़ प्रभावित अथवा संभावित बाढ़ वाले क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी को घबराने की आवश्यकता नहीं है, जिला प्रशासन द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

    जिलाधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं तहसील स्तरीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण कर बाढ़ की स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को जलस्तर, प्रभावित गांवों, आवागमन की स्थिति और राहत कार्यों की निरंतर निगरानी करने तथा किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। उन्होंने एनडीआरएफ एवं अन्य बचाव दलों को सक्रिय और चक्रमणशील रखने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल रेस्क्यू एवं राहत कार्य शुरू किया जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि रोकने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय पहले से सुनिश्चित किए जाएं।

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए खाद्य सामग्री एवं अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री प्राथमिकता के आधार पर लगातार पहुंचाई जाए। इसके साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा किसी भी समस्या का तत्काल समाधान कराने के निर्देश दिए गए हैं।

    बाढ़ की स्थिति में पशुओं की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन ने विशेष तैयारी की है। संबंधित अधिकारियों को पशुपालकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक करने तथा पशुओं के लिए चारा, पानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

    संवेदनशील एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस तथा प्रशासनिक टीमों को लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। खतरनाक स्थानों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने तथा लोगों को नदी और बाढ़ के पानी के नजदीक जाने से रोकने को कहा गया है।जिलाधिकारी ने विशेष रूप से बच्चों एवं युवाओं द्वारा बाढ़ के पानी अथवा नदी में नहाने के प्रयास पर चिंता जताई। उन्होंने ऐसे स्थानों पर तत्काल बैरिकेडिंग/वेरीकेटिंग कराने और पुलिस व स्थानीय प्रशासन के माध्यम से लोगों को नदी एवं बाढ़ के पानी से दूर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि बढ़ते जलस्तर के दौरान बच्चों को नदी, नहर, तालाब अथवा बाढ़ के पानी के आसपास न जाने दें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।

    जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जनपदवासियों से अपील की कि बाढ़ के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पूरी सावधानी बरतें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। यदि किसी क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ रहा है तो तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाएं तथा प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे राहत एवं सुरक्षित आश्रय स्थलों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, एनडीआरएफ एवं संबंधित विभागों की टीमें पूरी तत्परता से कार्य कर रही हैं और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की लगातार निगरानी की जा रही है। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक अपने-अपने क्षेत्रों में पूरी सतर्कता बरतने, नियमित भ्रमण करने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

  • खिलाड़ियों को राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने वितरित किया पुरस्कार

    खिलाड़ियों को राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने वितरित किया पुरस्कार

    खिलाड़ियों को राज्यसभा सांसद डा.संगीता बलवंत ने वितरित किया पुरस्कार

    गाजीपुर।राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के शुभ अवसर पर हॉकी के महान जादूगर मेजर ध्यांनचन्द के जन्म दिवस (29 अगस्त) के उपलक्ष्य में जूनियर बालिकाओ की खो-खो प्रतियोगिता एवं सब-जूनियर बालको की कुश्ती एवं सन्डे आन साईकिल दौड़ प्रतियोगिता नेहरु स्टेडियम के प्रांगण में किया गया। तीनो प्रतियोगिता के उद्घाटन के मुख्य अतिथि  विनोद जोशी उप जिलाधिकारी सदर के कर कमलो द्वारा एवं पुरस्कार वितरण के मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद डा. संगीता बलवंत के कर कमलो द्वारा किया गया। देवी प्रसाद क्रीड़ाघिकारी द्वारा मुख्य अतिथि को बुके देकर स्वागत किया गया। खो-खो प्रतियोगिता में कुल 08 टीमों ने प्रतिभांग किया, जिसका पहला सेमीफाइनल मैच नेहरु स्टेडियम (ए) बनाम नेहरु स्टेडियम (बी) के मध्य खेला गया, जिसमें नेहरु स्टेडियम (ए) 04-00 से विजयी रही, दुसरा सेमीफाइनल मैच बी0एस0डी0 पब्लिक स्कूल रेवतीपुर बनाम मॉ भगवती पब्लिक स्कूल रेवतीपुर के मघ्य खेला गया। जिसमें बी0एस0डी0 पब्लिक स्कूल रेवतीपुर 06-00 से विजयी रही। खो-खो प्रतियोगिता का फाइनल मैंच नेहरु स्टेडियम (ए) बनाम बी0एस0डी0 पब्लिक स्कूल रेवतीपुर के मध्य खेला गया, जिसमें नेहरु स्टेडियम (ए) गाजीपुर 06-04 से विजयी रही। खो-खो प्रतियोगिता निर्णायक के रुप में  राधेश्याम सिंह यादव खो-खो प्रशिक्षक, लालबहादुर यादव, प्रिन्स यादव, रितेश राय, प्रमोद यादव, शिवानी राय, नैनिका राय मनोज कुमार, राजेश कुमार, सुनिल सिंह रहें। इसी प्रकार कुश्ती प्रतियोगिता में कुल 62 खिलाड़ियो ने अलग-अलग भारवर्ग में प्रतिभाग किया,विजेता खिलाड़ियो की सूची निम्नवत् है। निर्णायक की भूमिका मे  प्रेमचन्द यादव कुश्ती प्रशिक्षक, कमलेश यादव, अंकूर यादव, अजय कुमार बिन्द़, राम अशीष यादव़  संजय यादव, छोटेलाल यादव, योगेन्द्र यादव उपस्तिथ रहें। इस अवसर पर विजय खेलो इण्डिया एथलेटिक्स प्रशिक्षक, संगीता यादव, प्रदीप कुमार राय, जैनेन्द्र कुमार एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहें। अन्त में देवी प्रसाद क्रीड़ाघिकारी द्वारा सभी आगन्तुओ एवं खिलाड़ियो के प्रति आभार व्यक्त किया।

  • डीएम ने किया ईवीएम गोदाम का निरीक्षण,दिए निर्देश

    डीएम ने किया ईवीएम गोदाम का निरीक्षण,दिए निर्देश

    डीएम ने किया ईवीएम गोदाम का निरीक्षण,दिए निर्देश

    गाजीपुर।जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी अनुपम शुक्ला ने सोमवार को जिला निर्वाचन कार्यालय स्थित ईवीएम गोदाम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने ईवीएम गोदाम में सुरक्षा एवं संरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। जिलाधिकारी द्वारा गोदाम में स्थापित अग्निशमन यंत्रों की वैधता एवं कार्यशीलता, तैनात सुरक्षा गार्ड, निगरानी के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों सहित अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान सभी उपकरण एवं सुरक्षा व्यवस्थाएं सही एवं संतोषजनक पाई गईं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को ईवीएम एवं वीवीपैट मशीनों की सुरक्षा व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ बनाए रखने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय राजन राय, जिला विकास अधिकारी/प्रभारी अधिकारी ईवीएम, सहायक निर्वाचन अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

  • जर्जर विद्यालय भवनों पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 87 भवन ध्वस्त

    जर्जर विद्यालय भवनों पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 87 भवन ध्वस्त

    गाजीपुर में जर्जर विद्यालय भवनों पर चला प्रशासन का बुलडोजर, 87 भवन ध्वस्त

    196 जर्जर भवन किए गए थे चिन्हित, शेष भवनों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई युद्धस्तर पर जारी

    गाजीपुर। जनपद में जर्जर एवं असुरक्षित परिषदीय विद्यालय भवनों के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देश पर चिन्हित जर्जर विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। जनपद में कुल 196 जर्जर विद्यालय भवन चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 30 अगस्त 2026 तक 87 भवनों का ध्वस्तीकरण कार्य पूर्ण कराया जा चुका है। शेष जर्जर भवनों को भी जल्द से जल्द ध्वस्त कराने की कार्रवाई युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य विद्यालय परिसरों को सुरक्षित बनाना और जर्जर भवनों के कारण छात्र-छात्राओं पर मंडरा रहे खतरे को समाप्त करना है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपासना रानी वर्मा ने बताया कि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कार्य के दौरान सभी आवश्यक सुरक्षा सावधानियां बरतने के साथ ही संबंधित अधिकारियों को मौके पर निरंतर निगरानी रखने और निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। जर्जर भवनों के हटने से विद्यालय परिसरों को सुरक्षित बनाने के साथ-साथ कायाकल्प, मरम्मत एवं अवस्थापना विकास के कार्यों को भी गति मिलेगी। प्रशासन द्वारा विद्यालयों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में इस कार्रवाई को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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