गाजीपुर। नगर क्षेत्र के गोराबाजार स्थित स्नातकोत्तर महाविद्यालय परीक्षा केंद्र पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर की ओर से गुरुवार को बी.एड. (चौथे सेमेस्टर), बी.बी.ए. और बी.पी.ई. (बी.एस-सी.) अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित थी।
प्राचार्य प्रोफ. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि बी.एड. चौथे सेमेस्टर में कुल 1147 छात्र पंजीकृत थे, जिनमें 16 अनुपस्थित रहे और 1131 उपस्थित हुए। बी.बी.ए. चौथे सेमेस्टर में 57 छात्रों में से 01 अनुपस्थित और 56 उपस्थित रहे। बी.पी.ई. बी.एससी. में सभी छात्र उपस्थित थे।
बीबीए दूसरे सेमेस्टर में कुल छात्र 102 ,अनुपस्थिति 01 उपस्थित 101 और 01 यूएफएम में पकड़ा गया है। परीक्षा के दौरान डॉ० श्रवण कुमार शुक्ल द्वारा कुल 04 परीक्षार्थियों को अनुचित साधनों (यू.एफ.एम.) का उपयोग करते पकड़ा गया, जिनमें बी.एड. के 3 और बीबीए के 1 परीक्षार्थी शामिल है। विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार रिस्टीकेट करते हुए इनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
गाजीपुर। रानी अहिल्या बाई होलकर हृदय से जितनी उदार थीं उतनी ही कठोर प्रशासिका भी थीं। वह एक प्रभावशाली शासक होने के साथ-साथ एक कुशल राजनीतिज्ञ भी थीं। उन्होंने अपने राज्य मालवा में महेश्वरी नामक स्थान पर महिलाओं के उत्थान के लिए साड़ी का उद्द्योग शुरू कराया और माहेश्वरी साड़ी इतना प्रसिद्ध हुआ कि विश्व स्तर पर माहेश्वरी साड़ी विख्यात हो गया। उक्त बातें आज रानी अहिल्या बाई होलकर त्रिशताब्दी स्मृति अभियान के तहत पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने कहीं।
गुरुवार को विकास खंड करंडा सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री विजय मिश्र ने कहा कि पुण्य श्लोक अहिल्याबाई होलकर के द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से महिलाओं को सशक्तिकरण के लिए बहुत ही मजबूत काम किया। अंग्रेजी काल मे और उसके बाद कांग्रेस राज में हमारी सभ्यता, संस्कृति और महापुरुषों की कृत्यों को नकार करके पाषाण सभ्यता को प्रमुखता दी गई जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी को इससे बंचित रखा गया।
अपने गौरवपूर्ण इतिहास को हमारे बच्चे जानते तो उससे उनका अनुसरण करके मजबूत राष्ट्र का निर्माण होता। उसी मजबूत राष्ट्र, संस्कृतिक जनजागरण और महिला सशक्तीकरण के लिए पुनः देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार सनातन और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का काम और महिलाओं के सशक्तिकरण एवं राष्ट्र के आर्थिक विकास में विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बनाने का काम कर रही हैं। भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने का काम मोदी और योगी के नेतृत्व में हो रहा है।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि भाजपा महिला मोर्च जिलाध्यक्ष साधना राय, मंडल अध्यक्ष राणा सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष पवंजय पांडेय, अमित चौरसिया, एडीओ जैनेन्द्र सिंह, जय प्रकाश पांडेय, सचिव आशीष दुबे एवं प्रवीण सिंह उपस्थित रहे । कार्यक्रम की अध्यक्षता खंड विकास अधिकारी करंडा सुवेदिता सिंह ने किया और संचालन ग्राम विकास अधिकारी मनोज यादव ने किया।
एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ गाजीपुर ने जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंपा ज्ञापन
गाजीपुर : उतर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मयंक प्रताप सिंह के आह्वान पर एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ जनपद गाजीपुर के जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह के नेतृत्व में सात सूत्रीय मांग को लेकर उपमुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी गाजीपुर को सौंपा । ज्ञापन में सात सूत्रीय मांगों को लेकर संगठन ने कहा है कि यदि सरकार हमारी मांगों को नही मानती है तो हम सभी संविदा कर्मी धरना प्रदर्शन करने को मजबूर हो जाएंगे। धरना प्रदर्शन के दौरान अगर किसी कार्य ने बढ़ा आती है या मरीजों को कोई दिक्कत आती है तो इसकी सारी जिम्मेदारी सरकार की होगी। ज्ञापन में उपस्थित रहे। जिला अध्यक्ष राघवेंद्र शेखर सिंह ने बताया कि हमारी सात सूत्रीय लंबित मांगों में से सरकार ने कोई भी मांग पूरी नहीं की है हम लोगों को बार बार झूठा आश्वासन दिया जाता है। हमारी विशेष मांग 1- म्युचुअल स्थानांतरण तत्काल लागू किया जाए। 2- संविदा कर्मचारियों हेतु ईपीएफ०, ग्रेड पे व DA का निर्धारण करना । 3- एन०एच०एम० में 7 , 10 ,15 व 20 वर्ष से अधिक की सेवा पूर्ण कर चुके कर्मचारियों को लॉयल्टी बोनस दिया जाना । 4- आरसीएच ( एमसीटीएस० ) ( एचएमआईएस०) कंप्यूटर ऑपरेटर का जिला स्वास्थ्य समिति में समायोजन करना । 5-एच०आर०ए० का लाभ दिया जाए। 6- स्वास्थ्य बीमा लाभ दिया जाए। 7- प्रधानमंत्री मातृत्व वंदन योजना का चार वर्ष से लंबित प्रोत्साहन राशि का भुगतान शीघ्र किया जाए। संगठन ने अवगत कराया हैं कि यदि 5 जून 2025 तक मांगे नहीं मानी गई तो संगठन प्रदेश व्यापी आंदोलन करने को बाध्य होगा । इस अवसर पर संगठन के मिथिलेश कुमार सिंह, अनिल शर्मा ,मिथिलेश कुमार ,कविता भारद्वाज ,अमरदीप पाल, राधेश्याम यादव, मोहम्मद अजहर खान ,डॉक्टर शाहबाज, डॉक्टर प्रीति चौबे, दुर्गा प्रसाद कनौजिया, सुनील कुमार, रवि प्रकाश चौरसिया, अमित कुमार, संतोष कुमार, अरुण कुमार सिंह, सोमारू कुमार आदि लोग मौजूद रहे।
गाजीपुर। खेल के महत्व और भूमिका को किसी के भी द्वारा नज़र अंदाज नहीं किया जा सकता है, यह वास्तव में बहुत महत्वपूर्ण विषय है। खेल के दो सबसे अधिक महत्वपूर्ण लाभ; अच्छा स्वास्थ्य और शान्त मस्तिष्क हैं। हमारा विद्यालय विद्यार्थियों के समूचे विकास के लिए हरदम तत्पर रहता है। इसके लिए समय-समय पर खेल गतिविधियां आयोजित करता रहता है व साथ ही विद्यार्थियों को अन्य जगहों पर विभिन्न खेल प्रतिस्पर्धाओं में सम्मिलित होने के लिए भी भेजता रहता है। उक्त बातें शाह फैज स्कूल के डायरेक्टर नदीम अधमी ने कहीं। इसी क्रम में उन्होंने बताया कि 25 मई को सुभारती विश्वविद्यालय मेरठ में किक बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया था जिसमें हमारे विद्यालय की अर्पिता कुमार, ख़ुशी, प्रियांशु , तेजस्विनी सिंह, अयान खान, मोहम्मद युसूफ ने लाइट कांटेक्ट में स्वर्ण पदक तथा शिल्पी यादव, रिद्धि यादव ने रजत पदक प्राप्त किया। लाइट कांटेक्ट में शिल्पी यादव व रिद्धि गुप्ता ने रजत पदक प्राप्त किया। अर्पिता कुमार, प्रियांशु राय , शिल्पी यादव ने किक लाइट में रजत पदक प्राप्त किया। ख़ुशी, तेजस्विनी सिंह, रिद्धि गुप्ता, विराट सिंह ने किक लाइट में कांस्य पदक हासिल किया । इसके अतिरिक्त शिवांश विश्वकर्मा ने किक लाइट, लाइट कांटेक्ट एवं म्यूजिकल फॉर्म में कांस्य पदक प्राप्त करके विद्यालय का मान बढ़ाया। आशीष खरवार ने भी किक लाइट व लाइट कांटेक्ट में कांस्य पदक प्राप्त किया । विभिन्न वर्गों में विद्यालय को कुल 7 स्वर्ण पदक ,6 रजत पदक व 9 कांस्य पदक प्राप्त हुए। विद्यालय के निदेशक डॉ नदीम अधमी एवं निदेशिका डॉ मीना अधमी ने भी सभी प्रतिभागियों व कोच देवेंद्र प्रसाद प्रजापति, दिनेश राय एवं आमना ओबैद को बधाई व शुभ कामनाएं दीं।
गाजीपुर। यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय गाजीपुर पश्चिम द्वारा बैंक के सीएस आर योजना के तहत सदर के 10 प्राथमिक विद्यालयों में 20 कक्षाओं के लिए विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के बैठने के लिए 200 डेस्क बेंच, 20 कुर्सी, टेबल का योगदान किया गया है, जिसे बुधवार को जिलाधिकारी अविनाश कुमार एवं यूनियन बैंक ऑफ इंडिया गाजीपुर पश्चिम के क्षेत्र प्रमुख संजय कुमार सिंन्हा द्वारा हरी झंडी दिखाकर स्कूलों के लिए उपरोक्त सामान का निर्गम किया गया। बैंक द्वारा सी एस आर के तहत सभी 10 प्राथमिक विद्यालयों में 20 क्लासरूम की पेंटिंग का कार्य भी किया गया है। इस मौके पर अग्रणी जिला प्रबन्धक राजदेव कुमार, उप क्षेत्र प्रमुख आशीष कुमार, डिग्री कॉलेज शाखा प्रमुख विजय दुबे मौजुद रहें। बैक द्वारा यह कार्य बैंक के सी एस आर योजना के तहत प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के सुविधा के लिए किया गया है जिससे ज्यादा से ज्यादा बच्चे लाभान्वित होंगे।
गाजीपुर। 21 मई को तहसील सदर विकास खण्ड मरदह के अन्तर्गत ग्राम नरवर में काशीदास बाबा पूजा आयोजन के दौरान ट्रांसमिशन बिजली के चपेट में आने हुई घटना से चार युवकों के मौत हो गई। सूचना प्राप्त होने पर उत्तर प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन की संवेदनायें आपके साथ है। शोक की इस घड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार आपके परिवार के साथ खड़ी है। हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें तथा परिवार को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति दें।
उक्त बातें एमएलसी विशाल सिंह चंचल ने कहीं। इस दुखद घटना के परिप्रेक्ष्य में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत मृतक के परिजनों रंजू यादव पत्नी छोटेलाल यादव, हीरालाल यादव पुत्र रामबदन यादव, कुन्नु यादव पुत्र शिवनाथ यादव को पॉच- पॉच लाख रूपये की सहायता धनराशि की स्वीकृति प्रदान की गयी है। बुधवार को मौके पर पहॅुचे विधान परिषद सदस्य विशाल सिंह ‘‘चंचल‘‘ ने मृतक छोटेलाल यादव की पत्नी रंजू देवी को पांच लाख रूपये का किसान बीमा दुर्घटना का चेंक दिया। साथ ही सीएम या पीएम आवास दिलाने का आश्वासन दिया।
मृतक के बच्चें श्रेया, साक्षी, आर्यशी, आर्यन की पढ़ाई हेतु भी सहयोग करने का भी वादा करते हुए परिजनों को सांत्वाना दिया। मृतक अमन यादव के पिता हीरालाल यादव, मृतक गोरख यादव के पिता कुन्नू यादव को भी पांच लाख रूपये का चेंक प्रदान किया। मृतक रविन्द्र उर्फ कल्लू सिपाही की पत्नी रीमा यादव को ढ़ढास बढाते हुए हर सम्भव मदद दिलाने को कहा। पूजा के आयोजक सुरेन्द्र पंथी से भेंटकर घटना की विस्तृत जानकारी लेते हुए घायल संतोष यादव, पवन यादव, अभोरिक यादव, जितेन्द्र यादव का कुशलक्षेम पूछते हुए हर सभंव मदद दिलाने व करने का आश्वासन दिया। एमएलसी ने कहा कि इस दुःख की घड़ी में परिवारजनों के साथ उ0प्र0 सरकार एवं जिला प्रशासन है।
इस अवसर पर ब्लाक प्रमुख बिरनों राजन सिंह, पूर्व ब्लाक प्रमुख संतोष यादव, एमएलसी प्रतिनिधि डा0 प्रदीप पाठक, उपजिलाधिकारी सदर मनोज पाठक, खण्ड विकास अधिकारी मरदह कौस्तुभ मणि त्रिपाठी, युवा भाजपा नेता हिमांशु सिंह सहित अन्य लोग उपस्थित रहें।
ग़ाज़ीपुर।28 मई को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं सांसद धर्मेंद्र यादव के नेतृत्व में नरवर विधुत हादसे में पीड़ित परिजनों से मिलकर शोक संवेदना जताई। सांसद धर्मेन्द्र यादव ने इस घटना को बहुत ही दुखद बताते हुए पीड़ित परिजनों को अब तक कोई सरकारी मदद या राहत न मिलने पर अफसोस जाहिर किया।उन्होंने कहा कि सरकार को जान-माल की कोई फ़िक्र नहीं है। इस तरह के हादसे की पुनरावृत्ति न हो, सरकार को इस बात का ख्याल रखना होगा और लोगों के जान-माल की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी भी है। समाजवादी पार्टी की तरफ से इस घटना में जिन तीन परिवारों के सदस्यों की मौत हुई, उन तीनों परिवारों को डेढ़ डेढ़ लाख और घायलों को पच्चीस पच्चीस हजार रुपए की आर्थिक मदद की गई। इस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से जिलाध्यक्ष गोपाल यादव, सांसद अफजाल अंसारी, विधायक ओमप्रकाश सिंह,विधायक डा.वीरेंद्र यादव,विधायक जै किशन साहू,विधायक मन्नू अंसारी, काशीनाथ यादव, अभिषेक यादव,विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र यादव, शामिल थे। मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव, रामधारी यादव, राजकुमार पांडे, कन्हैयालाल विश्वकर्मा रामनारायण यादव तथा सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गाज़ीपुर।सोहन लाल श्रीमाली, उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर) राज्य पिछड़ा वर्ग अयोग उ0प्र0 द्वारा जिला पंचायत सभागार में अहित्याबाई होल्कर शताब्दी समारोह कार्यक्रम के दौरान प्रेस मीडिया प्रतिनिधियों के साथ प्रेसवार्ता की गई। प्रेसवार्ता के दौरान उन्होने बताया कि पुण्यश्लोका अहिल्याबाई होल्कर का जीवन शौर्य, साधना, सेवा, समर्पण, संयम और सादगी का अप्रतिम उदाहरण है। उनकी अद्वितीय शासन कला, सामाजिक न्याय, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और धार्मिक आस्था ने एक ऐसा मार्ग प्रशस्त किया जो हम सभी के लिए आज भी प्रेरणादायी है। आज राजमाता अहिल्याबाई की जयंती के 300 वर्ष के पावन अवसर पर उन्हें श्रद्धा पूर्वक नमन करते हुए हमें यह शुभ अवसर प्राप्त हुआ है कि हम उनके महान व्यक्तित्व का स्मरण करते हुए उनसे प्रेरणा लें। राजमाता अहिल्याबाई होल्कर एक अद्वितीय व्यक्तित्व की धनी महिला थीं जिन्होंने अपने शासनकाल में मध्य प्रदेश के मालवा क्षेत्र को एक नई दिशा दिखाई। उनकी न्यायप्रियता, प्रशासनिक क्षमता और धार्मिक सहिष्णुता ने उन्हें एक आदर्श शासक बनाया।
राजमाता अहिल्याबाई का जन्म 31 मई, 1725 ई को अहमदनगर के चौंडी ग्राम में हुआ था। उनकी माता सुशीला तथा पिता माणको जी शिंदे थे। राजमाता अहिल्याबाई ने ग्रामीण पृष्ठभूमि वाले एक सामान्य परिवार की बालिका से एक असाधारण शासक तक की यात्रा पूरी की। उनका विवाह मल्हार राव होल्कर के पुत्र खंडेराव होल्कर से हुआ था। पति की मृत्यु के बाद उन्होंने अपने राज्य की बागडोर संभाली और मालवा क्षेत्र को समृद्धि और सुरक्षा प्रदान की।
राजमाता अहिल्याबाई को लोकमाता और पुण्यश्लोका के रूप में ख्याति प्राप्त है। शिव की अनन्य भक्त अहिल्याबाई का लोक कल्याणकारी शासन भूमिहीन किसानों, भीलों जैसे जनजातीय समूहों तथा विधवाओं के हितों की रक्षा करने वाला एक आदर्श शासन था। समाज सुधार, कृषि सुधार, जल प्रबंधन, पर्यावरण रक्षा, जनकल्याण और शिक्षा के प्रति समर्पित होने के साथ-साथ उनका शासन न्याय प्रेमी था। समाज के सभी वर्गों का सम्मान, सुरक्षा, प्रगति के अवसर देने वाली समरसता की दृष्टि उनके प्रशासन का आधार थी। इन्हीं लोक कल्याणकारी कार्यों के कारण उन्हें लोकमाता कहा गया। इसी के साथ न केवल अपने राज्य में अपितु संपूर्ण देश के मंदिरों की पूजा व्यवस्था और उनके आर्थिक प्रबंधन पर भी उन्होंने विशेष ध्यान दिया। बद्रीनाथ से रामेश्वरम तक और द्वारिका से लेकर पूर्व पुरी तक आक्रमणकारियों द्वारा क्षतिग्रस्त मंदिरों का उन्होंने पुनर्निर्माण कराया। प्राचीन काल से चलती आई और आक्रमण काल में खंडित हुई तीर्थ यात्राओं में उनके प्रयासों से नवीन चेतना आई। इन वृहद कार्यों के कारण ही उन्हें पुण्यश्लोका की उपाधि मिली। संपूर्ण भारतवर्ष में फैले हुए इन पवित्र स्थानों का विकास वास्तव में उनकी राष्ट्रीय दृष्टि का परिचायक है।
राजमाता अहिल्याबाई अत्यंत दूरदर्शी प्रशासिका थी। उन्होंने एक ऐसा सूचना तंत्र विकसित किया जिसके माध्यम से उन्हें संपूर्ण देश की जानकारी प्राप्त होती रहती थी। उन्होंने अपनी स्वयं की डाक व्यवस्था विकसित की जिसमें अत्यंत द्रुत गति से सूचना अपने गंतव्य स्थान पर पहुंचती थी तथा गोपनीयता के भंग होने की संभावना भी अत्यंत कम रहती थी। राजमाता अहिल्या हृदय से जितनी उदार थीं उतनी ही कठोर प्रशासिका भी थीं।
एक प्रभावशाली शासक होने के साथ-साथ वह एक कुशल राजनीतिज्ञ भी थीं। उनका विश्वास अनावश्यक युद्ध में कभी नहीं रहा लेकिन उनके राज्य पर कुदृष्टि रखने वालों से निपटने में वह पूर्ण रूप से सक्षम थी। अपनी बुद्धिमत्ता एवं साहस से इस वीरांगना ने अपने राज्य का कुशल प्रशासन किया। जब उन्होंने शासन व्यवस्था संभाली तब पूरी सेना के पास मात्र तीन बंदूकें हुआ करती थीं। परंतु उन्होंने स्वयं अपने शास्त्रागरों का निर्माण प्रारंभ कर दिया तथा तोप खानों की स्थापना की। उन्होंने 500 महिलाओं की एक सैनिक टुकड़ी का भी गठन किया। उन्हें युद्ध में प्रशिक्षित किया। गोला बारूद व रसद संग्रह का कार्य भी उन्होंने महिला सेनानियों के जिम्मे कर दिया। शैक्षिक एवं आर्थिक मामलों में भी वह एक दूर दृष्टि रखने वाली निर्णयक्षमता संपन्न महिला थीं। उन्होंने व्यापार को बढ़ावा दिया। नए उद्योगों, खेती और व्यापार के लिए विशेष प्रयास किया। विश्व प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ियां उनके ही प्रयासों का प्रतिफल हैं। राजमाता अहिल्याबाई ने ही 1756 में वाराणसी से बुलाकर मालवा के महेश्वर नामक स्थान में मालू समाज को बुनकर के रूप में बसाया था। यह साड़ियां स्वयं सहायता समूहों के द्वारा स्वावलंबन का एक सफल प्रयोग था। उन्होंने वीरगति प्राप्त सैनिकों की पत्नियों के लिए स्वयं सहायता समूह बनवाए थे जिन्हें वह अपने निजी कोष से सस्ते ऋण भी दिया करती थीं। आपदा के समय वे प्रजा को कर में छूट देती थीं, उन्होंने प्रजा की आसानी के लिए किस्तों में कर देने का प्रावधान किया। राजमाता अहिल्याबाई यह जानती थीं कि राज्य की सुख समृद्धि तथा स्वावलंबन का मूल आधार शिक्षा व कौशल है। राज्य में स्त्री एवं पुरुष सभी को शिक्षा समान रूप से मिले इसलिए गुरुकुलों के सुचारु संचालन की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई। महिला सशक्तिकरण तथा प्रकृति संरक्षण की दिशा में उन्होंने उल्लेखनीय कार्य किया। वे महिलाओं के अधिकारों को लेकर अत्यंत सजग थीं। उनके दरबार में महिलाओं को आने की पूरी स्वतंत्रता थी। अपने शासनकाल में उन्होंने विधवाओं को संपत्ति रखने तथा उसके उपयोग का अधिकार दिया।स्त्रियों को अपना मनचाहा दत्तक या उत्तराधिकारी चुनने का भी अधिकार दिया। वह प्रकृति की भी संरक्षिका थीं। जीव जंतुओं पशु पक्षियों के प्रति भी उनके मन में विशेष लगाव था। गौ सेवा के लिए राजमाता अहिल्याबाई ने महती कार्य किया। उन्होंने गोवध बंदी कानून को कठोरता से लागू किया। उन्होंने वन संपदा को अनावश्यक काटने पर दंड का विधान किया तथा नदियों का प्रदूषण रोकने और नर्मदा के संरक्षण हेतु विशेष प्रयास किए।
सनातन संस्कृति से अगाध प्रेम करने वाली पुण्य श्लोका राजमाता अहिल्याबाई का दृष्टिकोण अखिल भारतीय था। वह भारत की एकात्मता में तीर्थ यात्राओं के महत्व को समझती थीं। उन्होंने गंभीरता से विचार किया कि भारत में युगों-युगों से चली आ रही तीर्थ यात्राओं की परंपरा विदेशी शासकों के कारण टूट गई थी। तीर्थ स्थानों के मार्ग, मंदिर, अन्य क्षेत्र, पेयजल व्यवस्था, धर्मशालाएं इत्यादि विदेशी आक्रांताओं ने ध्वस्त कर दी थीं। इनके पुनर्निर्माण किए बिना तीर्थ यात्राएं सुगम नहीं हो सकती थीं। इसीलिए उन्होंने पूरे भारत में एक दृष्टि से निर्माण करवाए। वाराणसी में मणिकर्णिका घाट अहिल्या माता के द्वारा ही बनवाया गया था। बद्रीनाथ से रामेश्वरम और द्वारिका से काशी तक उन्होंने अनेक घाट, धर्मशालाएं, मंदिर इत्यादि बनवाए। काशी से बंगाल तक सड़क को पक्का करवाया। कई भग्न मंदिरों का पुनर्निर्माण करवाया। राजमाता अहिल्या ने राजनीतिक और भौगोलिक सीमाओं को लांघ कर भी पूर्ण शांति और सहमति के साथ अनेक निर्माण कार्य करवाए। भारत में लगभग 80 से 100 ऐसे ज्ञात स्थान है जहां पर राजमाता अहिल्या द्वारा भवनों का निर्माण करवाया गया। यह भारत को जोड़ने की दिशा में उनकी ओर से किया गया महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने न केवल स्थापत्य का कार्य करवाया बल्कि भविष्य में भी सुचारू रूप से कार्य चलता रहे इसके लिए अग्रिम व्यवस्था कर दी। उनके द्वारा कराए गए निर्माण कार्य वास्तव में अंग्रेजों के षड्यंत्र के विरुद्ध हिंदू एकत्रीकरण के प्रयास भी थे। वह जानती थीं कि मंदिर सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र होते हैं। उनके इन प्रयासों से समाज में बड़े परिवर्तनों को गति मिली। राजमाता अहिल्याबाई होल्कर का जीवन इस बात का ज्वलंत प्रमाण है कि उन्होंने व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं और यहाँ तक कि गहरे निजी दुखों को भी परे रखकर, अपने संपूर्ण जीवनकाल में सदैव प्रजा के कल्याण और लोकहित को सर्वाेपरि प्राथमिकता दी। यद्यपि राजमाता अहिल्याबाई का व्यक्तिगत जीवन सरल और सुखद नहीं था। उन्होंने अपने परिवार के कई सदस्यों का आकस्मिक निधन देखा था, जिसमें उनका 22 वर्षीय पुत्र मालेराव, पति खंडेराव होल्कर और, पौत्र नत्थोवा होल्कर भी थे, फिर भी माता अहिल्याबाई ने अपने हृदय को विचलित नहीं होने दिया, अपने कर्तव्य के निर्वहन में 26 वर्ष तक अपने राज्य का संचालन और लोक कल्याण किया। आज राजमाता अहिल्याबाई की 300वीं जयंती के अवसर पर हम उनके इन्हीं गुणों को अपने जीवन में उतारकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करने हेतु एक नई ऊर्जा प्राप्त कर सकते हैं। आज की युवा पीढ़ी को पुण्यश्लोका राजमाता अहिल्याबाई के बारे में अवश्य जानना चाहिए जिससे वह अपने जीवन को राष्ट्रीय पुनर्निर्माण के पवित्र कार्य में प्रतिबद्धता पूर्वक लगा सकें। कार्यक्रम में सदस्य विधान परिषद विशाल सिंह चंचल, जिला पंचायत सदस्य सपना सिंह, ब्लाक प्रमुख बिरनों राजन सिंह, जिलाध्यक्ष भाजपा ओमप्रकाश राय, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा भानू प्रताप सिंह, मीडिया प्रभारी शशिकान्त शर्मा, स्वयं सहायता समूह की महिलाए उपस्थित रहें।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पहुंचे गाजीपुर, नरवर विद्युत हादसे में पीड़ित परिजनों से मिले, सरकारी मदद नहीं मिलने पर जताया दुख।
सरकार से मृतकों के लिए मांगा 50 – 50 लाख रूपया और घायलों के लिए 15 लाख रूपया का मुआवजा।
गाज़ीपुर। उत्तर प्रदेश कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री अजय राय ने मंगलवार को मरदह थाना क्षेत्र के नरवर गांव में काशीदास बाबा की पूजा के दौरान हुए विद्युत हादसे में चार लोगों की मौत और तीन गंभीर रूप से घायल लोगो के परिजनों से मिलकर दुख व्यक्त किया। कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि अब तक सरकारी मदद नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में बिजली विभाग की लापरवाही सामने आई है, सरकार को त्वरित कार्यवाही करते हुए मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देना चाहिए। उन्होंने चारों मृतकों के लिए 50-50 लख रुपए और तीन घायलों के लिए 15 – 15 लाख रुपए मुआवजे की मांग की है।
अजय राय ने कहा कि 21 मई को हुए हादसे में चार लोगों की मौत हुई है, लेकिन अब तक सरकारी मदद नहीं मिली है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि बिजली विभाग का हाइ टेंशन तार मानक से नीचे है और इसका मेंटेनेंस भी नहीं हुआ है, हादसे के कारणों में ये भी एक मुख्य कारण है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने गाजीपुर जिलाध्यक्ष सुनील राम को निर्देश दिया है कि वह कल जिलाधिकारी से मिलकर पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग करेंगे और वह खुद मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस मामले में सरकारी मदद दिलवाएंगे और जरूरत पड़ने पर वे भी मिलेंगे।
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने बताया है कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं के दम पर अगला पंचायत चुनाव पूरी दमदारी से पार्टी लड़ेगी और जमीनी स्तर पर अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को मौका देगी। ऑपरेशन सिंदूर के सवाल पर उन्होंने कहा कि मोदी जी जिसकी मांग में सिंदूर भर कर लाए उसे तो न्याय दे नहीं सके, इसमें सेना ने बेहतरीन काम किया है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद बस वे अपनी मार्केटिंग में जुटे हैं और उन्हें बताना चाहिए कि सेना में वे किस पद पर हैं।
अजय राय ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज हमारी विदेश नीति कैसी है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद हमारे साथ कोई देश क्यों नहीं खड़ा दिखाई दे रहा है। वहीं उन्होंने भारतीय डेलिगेशन में विदेश में गए कांग्रेस के सांसद शशि थरूर पर अपनी टिप्पणी देते हुए कहा कि वह एक बड़े नेता है और विदेश की धरती पर देश के लिए अच्छा काम कर रहे हैं और वहां उनके बयान से कांग्रेस पार्टी संतुष्ट है।
इस अवसर पर उनके साथ प्रमुख रूप से प्रदेश महासचिव देवेंद्र सिंह प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन बाबू जिला अध्यक्ष सुनील राम शहर अध्यक्ष संदीप विश्वकर्मा एआईसीसी सदस्य रविकांत राय पूर्व विधायक अमिताभ अनिल दुबे पूर्व विधायक पशुपतिनाथ राय आनंद राय शैलेन्द्र कुमार ओमप्रकाश ओझा मनीष मुरेलिया अजय कुमार श्रीवास्तव राघवेंद्र कुमार ज्ञानेंद्र सिंह मुन्ना चंद्रिका सिंह हामिद अली रामनगीना पांडे विद्याधर पांडे राजेश गुप्ता आशुतोष गुप्ता सुमन चौबे धर्मेंद्र कुमार दिव्यांशु पांडे माधव कृष्ण राकेश राय सुधांशु तिवारी अनुराग पांडे शबीहूल हसन अखिलेश यादव आलोक यादव बृजेश कुमार सतिराम सिंह जिउत बंधन मिश्रा शमशेर अली आदिल गुलबास जेपी यादव ओम प्रकाश राजभर संजय यादव साजिद हुसैन आदि लोगों उपस्थित रहे।
पायलट दिवस पर बेहतर कार्य करने वाले एम्बुलेंस पायलट हुए सम्मानित
गाजीपुर। 26 अप्रैल को पूरे देश में पायलट दिवस मनाया जाता है ऐसे में गाजीपुर के स्वास्थ्य विभाग की बात करें तो 102 और 108 एम्बुलेंस के माध्यम से मरीज को उनके लोकेशन से स्वास्थ्य केंद्र और स्वास्थ्य केंद्र से उनके लोकेशन तक छोड़ने का काम एंबुलेंस के पायलट के द्वारा लगातार किया जाता है।और इन्हीं पायलटो मैं कई ऐसे पायलट भी है जिन्होंने अपनी ड्यूटी को अब कर्तव्य समझ कर काम किया जिससे मरीजों को काफी लाभ पहुंचा। ऐसे ही पायलटो को सोमवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सुनील कुमार पांडे ने अपने कार्यालय में उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करने के साथ ही उनकी हौसला अफजाई किया। प्रशस्ति पत्र पाने वालों में पूजा यादव ,फरजाना बानो, अंकित मौर्य, प्रदीप यादव ,प्रमोद एवं उमाशंकर कुशवाहा शामिल रहे। जिन्होंने 102 और 108 एंबुलेंस के माध्यम से मरीजों की सेवा करते हुए उन्हें स्वास्थ्य लाभ दिलाया था। इस मौके पर प्रोग्राम मैनेजर संदीप कुमार, जिला कोऑर्डिनेटर अखंड प्रताप सिंह ,अरविंद कुमार ,रमेश चंद यादव, राजेश चौहान, शिव कुमार ,रामसहाय ,पद्मावती राय ,सरिता, दयाशंकर, वंदना यादव ,सोना, मुन्ना यादव सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।