आर्यन मिश्रा को दी श्रद्धांजलि, कहा…..

गाजीपुर। कचहरी स्थित सरजू पांडे पार्क में बिगत दिनों हरियाणा में फर्जी गौ रक्षकों द्वारा बीटेक के छात्र आर्यन मिश्रा को गोली मारकर हत्या कर दी गई। जिसको लेकर यूथ कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष सुधांशु तिवारी के नेतृत्व में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस मौके पर दिवांशू पाण्डेय अंशु ने कहा कि देश में जब से बीजेपी सरकार आई है इस तरह की घटनाएं दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसी मौके पर शशांक उपाध्याय ने कहा कि अखलाक और पहलू कहां-कहां को भी इन तथाकथित गौ रक्षों द्वारा हत्या कर दिया गया था। इस मौके पर आशुतोष गुप्ता, ओजस्व साहू, संजय गुप्ता, सूर्या भाई, रईस अहमद, अभय कुमार, शिवम उपाध्याय, ताम्रध्वज कुमार, अभिषेक कुमार आदि लोग मौजूद रहे।

शिक्षक राष्ट्र का निर्माता एवं समाज का मार्गदर्शक होता है: प्रो (डॉ०) राघवेन्द्र

शिक्षक राष्ट्र का निर्माता एवं समाज का मार्गदर्शक होता है: प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय

गाजीपुर। शिक्षक दिवस के अवसर पर पी० जी० कॉलेज में एक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस अवसर पर सेवानिवृत्ति भूगोल विभाग के प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमार शाही, शारीरिक शिक्षा विभाग के रमेश प्रसाद सिंह एवं उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा परिषद से प्रोजेक्ट प्राप्त करने वाले गणित विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ० हरेन्द्र सिंह का अभिनंदन कर स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। अभिनंदन समारोह में मुख्य वक्ता के तौर पर कुलानुशासक डॉ० एस० डी० सिंह परिहार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ० बद्रीनाथ सिंह रहे। इसके अलावा डॉक्टर समरेंद्र नारायण मिश्रा, डॉक्टर जी सिंह, डॉक्टर हरेंद्र सिंह ने शिक्षक दिवस के अवसर पर आज के दिन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। गणित विभाग के डॉक्टर प्रतिमा सिंह ने महिला शिक्षकों की ओर से इस दिवस के महत्व को रेखांकित किया।


अपने उद्बोधन में कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि वह पी० जी० कॉलेज में ही पहले शिक्षक थे। बाद में वह इसी कॉलेज में प्राचार्य बने। जब 2003 में वह शिक्षक के तौर पर इस कॉलेज में आए थे। तब से उनकी मनसा थी कि शिक्षक दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया जाए। जब वह इस महाविद्यालय के प्राचार्य हुए हैं, तब से नियमित रूप से महाविद्यालय में शिक्षक दिवस को मनाया जा रहा है। प्रोफेसर पाण्डेय ने कहा कि किसी भी समाज में शिक्षक की भूमिका को नजरअंदाज कर एक शिष्ट समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती। शिक्षक राष्ट्र का निर्माता व समाज का मार्गदर्शक होता है। शिक्षण का कार्य एक पुनित कार्य है, जिसके माध्यम से देश के कर्णधार छात्र – छात्राओं के माध्यम से देश को एक दिशा प्रदान करता है।

देश को विकास एवं तकनीकी के क्षेत्र में समृद्धि प्रदान करने में शिक्षक की ही महत्वपूर्ण भूमिका होती है। देश के महान शिक्षकों में से एक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर 5 सितंबर को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है। राष्ट्रीय शिक्षक दिवस ममाने की शुरुआत 5 सितंबर 1962 से की गई थी। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारत के पहले उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति रहे। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकों, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं की बड़ी संख्या में मौजूदगी रही। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग के अध्यक्ष, प्रोफेसर विनय कुमार दुबे एवं आभार डॉ० संजय चतुर्वेदी ने व्यक्त किया।

महिला पीजी कॉलेज में बेसिक ब्यूटीशियन कोर्स का हुआ उद्घाटन

गाजीपुर। गुरुवार को राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय में शिक्षक दिवस समारोह एवं स्नातक तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं के लिए अनिवार्य व्यवसायिक कोर्स के तहत बेसिक ब्यूटीशियन कोर्स का उद्घाटन किया गया। प्राचार्य प्रोफेसर अनिता कुमारी द्वारा अतिथि के रूप में उपस्थित केनरा बैंक के प्रबंधक व सभी आचार्य का स्वागत किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अनिता कुमारी द्वारा सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए भेंट स्वरूप डायरी व पेन प्रदान किया। इस अवसर पर हिंदी विभाग की छात्राओं संध्या, पूनम एवं वंशिका ने शिक्षक दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षक को ईश्वर से भी ऊपर बताया। कार्यक्रम के अगले चरण में महाविद्यालय में क्वींस अकादमी के सौजन्य से संचालित होने वाले अनिवार्य वोकेशनल कोर्स के रूप में बेसिक ब्यूटीशियन कोर्स का शुभारंभ किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन व मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। कोर्स कोऑर्डिनेटर डॉ शिखा सिंह ने छात्राओं को कोर्स के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि तीन क्रेडिट का यह कोर्स पूर्वांचल विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त है। क्वींस अकादमी की डायरेक्टर आयुषी सिंह ने छात्राओं को स्किल डेवलपमेंट के लाभ और इस कोर्स के रोजगार के अवसर में बताया। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ अनीता कुमारी ने छात्राओं के लिए बहुउपयोगी वोकेशनल कोर्स की प्रारंभ करने की अपनी पहल को रेखांकित किया। इस अवसर पर ब्यूटीशियन कोर्स के लिए नवनिर्मित कक्ष का फीता काटकर उद्घाटन किया गया । कार्यक्रम का संयोजन कोर्स कोआर्डिनेटर डॉ शिखा सिंह एवं संचालन डा शशिकला जायसवाल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक एवं तृतीय सेमेस्टर की छात्राएं उपस्थित रहीं।

मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन की फीस 400, डॉक्टर ने मांगा डेढ़ लाख

मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन की फीस 400, डॉक्टर ने मांगा ऑपरेशन के डेढ़ लाख

गाजीपुर। डॉक्टर जिन्हें धरती का भगवान कहा जाता है और इस भगवान को अपनी चिकित्सा सुविधा देने की एवज में शासन की तरफ से लाखों रुपए महीने का वेतन दिया जाता है। ताकि उनके रहन-सहन और ऐसो आराम में कोई कमी ना आए। बावजूद इसके डॉक्टर आज भी मरीज से वसूली करने में पीछे नहीं रह रहे हैं। ऐसा ही मामला गाजीपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज का आया है। जहां पर एक वृद्ध महिला की सर्जरी के लिए डेढ़ लाख रुपए की मांग की गई। इतना ही नहीं उस महिला को दो दिनों तक मेडिकल कॉलेज में भी एडमिट किया गया । वहीं अब महिला के परिजन इस मामले को लेकर कॉलेज के प्रिंसिपल से शिकायत किये है।

राजकीय मेडिकल कॉलेज स्थित जिला अस्पताल में मरिज मंगलावती जायसवाल पत्नी शशि भूषण जायसवाल जिनकी उम्र करीब 85 वर्ष है। वह काशीराम आवासीय कॉलोनी बड़ी बाग गाजीपुर में रहती हैं और उनके दाहिने कूल्हे में कुछ दिक्कत आ गई थी। जिसके लिए उन्हें जिला अस्पताल में एडमिट कराया गया था। जहां पर हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ वैभव सिंह के द्वारा उन्हें देखा गया और कूल्हे के इलाज के लिए ऑपरेशन की बात कही गई। मरीज इसके लिए दो दिन तक मेडिकल कॉलेज के जिला अस्पताल में भर्ती भी किया गया। इस दौरान डॉ वैभव सिंह के द्वारा डेढ़ लाख रुपए आपरेशन हेतु डिमांड की गई। जब मरीज के परिजनों के द्वारा इतनी भारी भरकम रकम देने में असमर्थता जाहिर की गई। तब उसे घटाकर 85000 पर ऑपरेशन करने को राजी हुए। इन्ही सब बातों की शिकायत मरीज के परिजन और कुछ समाजसेवी संगठनों के लोगों के द्वारा मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ आनंद मिश्रा से बीते गुरुवार को लिखित रूप से शिकायत किया गया।

समाजसेवी संगठन के अजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि महिला बेहद ही गरीब परिवार से है और जब इसकी जानकारी उनके लोगों को हुई तो इस संबंध में उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से लिखित रूप में शिकायत किया। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन में जिस प्लेट की जरूरत होती है वह प्लेट 10 से 20 हजार में बाजार में मिलती है। लेकिन इसके लिए मेडिकल कॉलेज के ऑर्थो स्पेशलिस्ट डॉ वैभव सिंह के द्वारा डेढ़ लाख रुपए की डिमांड की गई है।

बताते चले की 11 महीना पहले भी जिला अस्पताल में ही एक और मामला आया था जब एक मरीज ऑर्थो सर्जन डॉ रजत सिंह से ऑपरेशन कराना चाह रहा था लेकिन डॉ वैभव उस मरीज का खुद ऑपरेशन करना चाह रहे थे। मरीज और उनके परिजन के द्वारा नहीं कराने पर मरीज को काफी उल्टा सीधा बोला गया था जिसका सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हुआ था। तब मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने उक्त मामले में कार्रवाई करते हुए डॉ रजत सिंह से ओपीडी का काम लेना बंद कर दिए थे। जबकि शासनादेश के अनुसार सभी डॉक्टरों से ओपीडी करा कर मरीजों को राहत पहुंचाना होता है।

इस मामले में डॉ रजत सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि उनसे पिछले 11 महीने से ओपीडी या सर्जरी का काम नहीं लिया जा रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो महीने से प्रत्येक बुधवार को छोटे बच्चों के टेढ़े पंजे को सीधा कर ऑपरेशन करने का जो कैंप लगता है सिर्फ उसमें काम लिया जा रहा है।

वही इस पूरे मामले पर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ आनंद मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इस तरह की शिकायत उन्हें गुरुवार को मिला है। जिसके लिए उन्होंने एक जांच कमेटी बैठा दिया है और उस कमेटी के द्वारा इस मामले में जो भी रिपोर्ट दिया जाएगा उस रिपोर्ट के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल कॉलेज में जो भी इलाज है वह निशुल्क है। हालांकि ऑपरेशन के लिए ₹400 शासन के द्वारा फीस निर्धारित की गई है जो मरीज के परिजनों के द्वारा देय होता है। उन्होंने बताया कि कूल्हे के ऑपरेशन के लिए जो भी सर्जिकल सामान लगता है वह मरीज के परिजनों के द्वारा खरीदारी कर उपलब्ध कराना होता है। उसके बाद ही डॉक्टर के द्वारा उनका ऑपरेशन किया जाता है। ऐसे में उन सर्जरी सामानों की कीमत कितना भी हो सकता है।

शाह फैज स्कूल में धूमधाम से मनाया गया शिक्षक दिवस

गाजीपुर। गुरुवार को शाह फैज़ विद्यालय के प्रांगण में शिक्षक दिवस बड़ी धूम धाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना के साथ हुयी। उसके पश्चात विद्यालय की मैनेजर अतिया अधमी व निदेशक डॉ नदीम अधमी ने सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनायें दीं। आज मैनेजमेंट की तरफ से विद्यालय प्रशासन को एक मीटिंग हॉल भी सौंपा गया जिसका नाम मरियम हॉल है और इसका उद्घाटन विद्यालय की मैनेजर अतिया अधमी ने किया।  शिक्षक शिक्षिकाओं के मनोरंजन के लिए बहुत सारे खेलों को भी रखा गया था।

इसके अतिरिक्त छात्र छात्राओं ने भी शिक्षक दिवस पर बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया और अपना सम्मान प्रदर्शित करने के लिए कार्ड्स बनाये व अपने शिक्षकों को दिया। मैनेजमेंट की तरफ से सभी विद्यालय परिवार के लिए दोपहर के भोजन की भी व्यवस्था की गयी थी व उन्हें उपहार भी दिया गया। 

मुख्य अध्यापिका चंदना श्रीवास्तव ने सभी विद्यालय परिवार की तरफ से मैनेजमेंट का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सञ्चालन उप प्रधानाचार्य (प्रशासन) डॉ प्रीती उपाध्याय और उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी ने किया।  अंकिता व सिमरन ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में अपनी अहम् भूमिका निभायी। कार्यक्रम की साज सज्जा आमना ओबैद व उमेश ने की।

इस कार्यक्रम में मैनेजमेंट के प्रेसिडेंट मज़हर हुसैन , मैनेजर अतिया अधमी , प्रधानाचार्य इकरामुल हक़, उप प्रधानाचार्य(प्रशासन) डॉ प्रीति उपाध्याय, उप प्रधानाचार्य (शैक्षणिक) नेहा कुरैशी, सहायक प्रधानाचार्य राजेश सिंह, मुख्य अध्यापिका चंदना श्रीवास्तव, इन चार्ज प्री प्राइमरी प्रियंका सिंह तथा अन्य शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक कर्मचारी उपस्थित थे।  

 

स्वंयसेवी छात्राओं ने यातायात के प्रति लोगों को किया जागरूक

गाजीपुर। यातायात सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय सेवा योजना राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय की स्वंयसेवी छात्राओं ने जागरूकता रैली का आयोजन गुरूवार को किया। रैली को प्राचार्य प्रो अनिता कुमारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली के दौरान छात्राएं ‘सड़क सुरक्षा की यही पुकार बिना हेलमेट के सब बेकार, चलायें आप कोई भी वाहन यातायात नियमो का सदैव करें पालन, सीट बेल्ट जरूर लगायें दुर्घटना को दूर भगायें, शराब पीकर गाड़ी न चलाए ट्रैफिक नियमों को अपनायें नारा लगाती रही। महुआ बाग चौराहे पर छात्राओं ने बिना हेलमेट बाइक चला रहे लोगों को रोककर उन्हें समझाया कि बिना हेलमेट के वाहन न चलाएं।

इसके साथ ही कार चालकों को बताया कि सीट बेल्ट लगाकर ही कार आदि वाहनों का संचालन करें। डॉ गजनफर सईद, डा रामनाथ केसरवानी, डा ओम शिवानी के नेतृत्व में यातायात जागरूकता रैली महुआ बाग मिश्र बाजार होते हुए महाविद्यालय पहुंची। अपराह्न 2 बजे यातायात जागरूकता के संदर्भ में शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया जिसमें जनपद नोडल अधिकारी डा अमित यादव ने सुरक्षित यातायात के विविध पहलुओं और यातायात प्रतीक चिह्न से सभी शिक्षक को परीचित कराया। प्राचार्य प्रो अनिता कुमारी ने समस्त शिक्षकों को सुरक्षित यातायात हेतु शपथ दिलाई। इस अवसर पर समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

ट्रैक्टर ट्रॉली का ब्रेक फेल, चालक की सूझबूझ से टला हादसा

ट्रैक्टर चालक की सूझबूझ से बची लोगों की जान, ब्रेक फेल होने के बाद टकराया ट्रैक्टर

गाजीपुर। नगर के विशेश्वरगंज इलाके में गुरुवार की सुबह के समय हादसा होते-होते टल गया। इस क्षेत्र में चलते समय एक ईंट लदे  ट्रैक्टर का अचानक ब्रेक फेल हो गया। जिससे ट्रेक्टर का अगला हिस्सा पूरी तरह से विशेश्वरगंज क्षेत्र में स्थित एक गोलंबर से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन चालक की सूझबूझ से लोगों की जान बच गई। रौजा ओवरब्रिज से आते समय अचानक ट्रैक्टर ट्रॉली का ब्रेक फेल हो गया जिसकी भनक तक चालक को नही लगी। जब चालक ने ओवरब्रिज से उतरते समय ब्रेक मारा तो ब्रेक फेल होने की जानकारी होते ही चालक घबरा गया।

फिर चलते ट्रैक्टर से ही उसने आसपास के चलते राहगीरों से ब्रेक फेल होने की आवाज लगानी शुरू कर दी। इसके बाद चालक ने अपने सूझबूझ से ट्रैक्टर ट्रॉली को गोलंबर में टक्कर मार दी। लेकिन इस दौरान आसपास चलने वाले लोगों को कोई नुकसान नहीं हुआ। मगर चौराहे पर बना गोलंबर टक्कर के कारण क्षतिग्रस्त हो गया। चालक ने टैक्टर पर बैठे एक लोग की जान बचाने में तो कामयाब हो गया, लेकिन टैक्टर ट्रॉली को नहीं बचा सका। ट्रैक्टर का आगे का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। इसमें ट्रैक्टर और इंजन को नुकसान हुआ है। ट्रैक्टर की टक्कर होने के बाद इस मंजर को देखने के लिए लोगों का भारी भीड़ इकट्ठी हो गई। इसके बाद यातायात पुलिस ने भीड़ को खाली कराया और इस दौरान भीड़ की वजह से लगे जाम को जाम से मुक्त कराया।

शिक्षक दिवस पर माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल में शिक्षकों को किया गया सम्मानित

माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल में धूम-धाम से मनाया गया ’’शिक्षक दिवस’’

गाजीपुर। गुरु और शिष्य के बीच स्नेह और अटूट रिश्ते की परंपरा को बनाए रखने के लिए पूरे भारत वर्ष में भारतीय संस्कृति के संवाहक प्रख्यात शिक्षाविद, उत्कृष्ठ वक्ता महान दार्शनिक द्वितीय किन्तु अद्वितीय राष्ट्रपति और आस्थावान हिन्दु विचारक डा0 सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिवस 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के रुप में मनाया जाता है। गुरु और शिष्य के इसी रिश्ते को और गहरा करने के लिए अपनी उत्कृष्ठ शिक्षा पद्धति के साथ लगातार छात्रों के चहुमुँखी विकास के लिए तत्पर शहर में स्थित माउंट लिट्रा ज़ी स्कूल में भी शिक्षक दिवस बड़ी धूम-धाम से गुरुवार को मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय के निदेशक मोहित श्रीवास्तव एवं प्रधानाचार्य डा0 राजेश कारकून ने संयुक्त रुप से राधाकृष्ण के प्रतिमा के समक्ष पुष्प अर्पित करके और दीप प्रज्ज्वलित करके किया। तत्पश्चात् विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षक एवं शिक्षिकाओं के सम्मान के लिए अनेक रंगा-रंग कार्यक्रम प्रस्तुत किया। विद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं द्वारा भी छात्रों के प्रोत्साहन के लिए अनेक मनोरंजक खेल खेला गया।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की तरफ से विद्यालय के निदेशक मोहित श्रीवास्तव ने भी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं को प्रशस्ति चिह्न व उपहार देकर सम्मानित किया। विद्यालय के प्रधानाचार्य ने पूरे कार्यक्रम के लिए सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाओं तथा बच्चों को सधन्यवाद व उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए कामना किया। इस पूरे कार्यक्रम का संचालन विद्यालय की कक्षा 12वीं की छात्रा कौशिकी श्रीवास्तव व श्रेया राय के द्वारा किया गया।

गोद भराई और अन्नप्राशन करा कर आरंभ हुआ 7 वा राष्ट्रीय पोषण माह

गोद भराई और अन्नप्राशन करा कर आरंभ हुआ 7 वा राष्ट्रीय पोषण माह

गाजीपुर।जनसमुदाय तक स्वास्थ्य पोषण एवं स्वच्छता संबंधित व्यापक प्रचार प्रसार एवं प्रभावी व्यवहार परिवर्तन हेतु जनआंदोलन के रूप में प्रतिवर्ष के भाँति इस वर्ष भी ‘‘राष्ट्रीय पोषण माह‘‘ का अयोजन 01 से 30 सितम्बर 2024 तक किया गया है। जिसके क्रम में लखनऊ स्थित लोक भवन से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस कार्यक्रम का विधिवत बटन दबाकर उद्घाटन किया तो वही गाजीपुर में नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल और भाजपा एमएलसी विशाल सिंह चंचल के प्रतिनिधि प्रदीप पाठक ने गर्भवती महिलाओं के गोद भराई और बच्चों का अन्नप्राशन करा कर इस कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। 1 सितंबर से 30 सितंबर तक चलने वाले साथ में राष्ट्रीय पोषण माह का थीम पोषण के साथ पढ़ाई भी है।

जिला कार्यक्रम अधिकारी दिलीप कुमार पांडे ने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह 2024 को लेकर शासन की तरफ से कई तरह के कार्यक्रम करने के गाइडलाइन आए हुए हैं।उसी के क्रम में बुधवार को राइफल क्लब में राष्ट्रीय पोषण माह अभियान का शुभारंभ किया गया। जिसमें मुख्यमंत्री के द्वारा लखनऊ के लोक भवन में किए गए कार्यक्रम का सजीव प्रसारण भी किया गया। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में कुपोषण को दूर करने के लिए इस कार्यक्रम को महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने तीन से 5 वर्ष के बच्चों के बीच स्वास्थ प्रतिस्पर्धा करने के भी बात कही। साथ ही कोरोना कल के दौरान आशा आंगनबाड़ी एएनएम के द्वारा किए गए कार्य की सराहना भी किया।

उन्होंने बताया कि आज के राष्ट्रीय पोषण माह की थीम पोषण के साथ पढ़ाई भी जिसके लिए जनपद के सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को तीन दिनों की ट्रेनिंग देकर इस कार्यक्रम को सफल बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पोषण माह के तहत एनीमिया से ग्रसित किशोरियों और कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने के लिए इस माह विभाग के द्वारा कई तरह के कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से संचालित किए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल विशिष्ट अतिथि प्रदीप पाठक और मुख्य विकास अधिकारी के द्वारा पांच गर्भवती महिलाएं और पांच बच्चों का अन्नप्राशन करा कर राष्ट्रीय पोषण माह का शुभारंभ किया गया। इस दौरान विभाग के द्वारा चलने वाले विभिन्न गतिविधियों में बेहतर काम करने वाली आंगनबाड़ियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।

कार्यक्रम में सभी ब्लॉकों के सीडीपीओ, सुपरवाइजर, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के साथ ही अन्य लोग मौजूद रहे।

9 व 10 सितम्बर को चलेगा एमडीए मॉप अप राउंड, छूटे हुए लोग जरूर खा लें दवा

फाइलेरिया रोधी दवा के सेवन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दिया एक और मौका

9 व 10 सितम्बर को चलेगा एमडीए मॉप अप राउंड, छूटे हुए लोग जरूर खा लें दवा

10 दिन में 30 लाख से अधिक लोगों ने किया फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन

गाज़ीपुर। फाइलेरिया उन्मूलन के लिए 10 अगस्त से दो सितम्बर तक सर्वजन दवा सेवन यानि एमडीए अभियान के तहत लोगों को घर-घर जाकर फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कराया गया। जो परिवार व लाभार्थी किन्हीं कारणों से दवा खाने से छूट गए हैं या जिन्होंने इन्कार किया है, उनके लिए मॉप अप राउंड 09 व 10 सितम्बर को चलाया जाएगा।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने कहा कि फाइलेरिया लाइलाज बीमारी है। इसको रोकने के लिए बचाव ही एकमात्र उपाय है। इसलिए वर्ष में एक बार चलने वाले फाइलेरिया उन्मूलन (एमडीए) अभियान के तहत फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन जरूर करें। पाँच साल तक लगातार व साल में एक बार यह दवा खाने से फाइलेरिया संक्रमण से बचा सकता है। फाइलेरिया किसी भी व्यक्ति को हो सकता है। यह न तो अमीर देखता है और न गरीब। इसलिए भ्रम न पालें और दवा का सेवन जरूर करें।

वेक्टर बॉर्न डिजीज कार्यक्रम के नोडल अधिकारी व एसीएमओ डॉ जेएन सिंह ने कहा कि यह दवा एक वर्ष से ऊपर के सभी लोगों को खानी है। गर्भवती, एक वर्ष से छोटे बच्चे और गंभीर रूप से बीमार लोगों को इस दवा का सेवन नहीं करना है। यह दवा फाइलेरिया से आपको सुरक्षा प्रदान करेगी।

जिला मलेरिया अधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार ने बताया कि एमडीए अभियान के तहत पिछले 10 दिनों में लक्ष्य के सापेक्ष 30 लाख से अधिक लोगों को फाइलेरिया से बचाव की दवा का सेवन कराया जा चुका है। अभियान के तहत प्रचार-प्रसार पर बेहद ज़ोर दिया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि करीब 87 प्रतिशत आबादी को कवर किया जा चुका है। मॉप अप राउंड में इसको 90 प्रतिशत तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा। जिन ब्लाकों का कवरेज 85 प्रतिशत से कम है, वहाँ अधिक ज़ोर दिया जाएगा।

फाइलेरिया के लक्षण – फाइलेरिया वाहक क्यूलेक्स मच्छर के काटने के बाद व्यक्ति को बहुत सामान्य लक्षण दिखते हैं। अचानक बुखार आना (आमतौर पर बुखार दो से तीन दिन में ठीक हो जाता है), हाथ-पैरों में खुजली होना, एलर्जी और त्वचा की समस्या, स्नोफीलिया, हाथों में सूजन, पैरों में सूजन के कारण पैर का बहुत मोटा हो जाना, पुरुषों के जननांग और उसके आस-पास दर्द व सूजन होना, पुरुषों के अंडकोष व महिलाओं के स्तन में सूजन आना फाइलेरिया के लक्षण हैं।

प्रतिकूल प्रभाव से न घबराएँ – एमडीए अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता अपने सामने ही फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराते हैं। दवा खाली पेट नहीं खानी है। दवा खाने के बाद किसी-किसी को जी मिचलाना, चक्कर या उल्टी आना, सिर दर्द, खुजली की शिकायत हो सकती है, ऐसे में घबराने की जरूरत नहीं है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। ऐसा शरीर में फाइलेरिया के परजीवी होने से हो सकता है, जो दवा खाने के बाद मरते हैं। ऐसी प्रतिक्रिया कुछ देर में स्वतः ठीक हो जाती है। यदि यह समस्या बनी रहती है तो रैपिड रिस्पांस टीम या नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

बचाव –घर के आस-पास पानी, कूड़ा और गंदगी जमा न होने दें। घर में भी कूलर, गमलों अथवा अन्य चीजों में पानी न जमा होने दें। सोते समय पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छरदानी का प्रयोग करें। यदि किसी को फाइलेरिया के लक्षण नजर आते हैं तो वह घबराएं नहीं। विभागीय स्तर पर मरीज का पूरा उपचार होता है। इसलिए लक्षण नजर आते ही सीधे सरकारी अस्पताल जाएं।

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