पी.जी. कालेज में स्नातक एवं स्नातकोत्तर में आनॅलाइन प्रवेश प्रारम्भ
गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार द्वारा स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रारम्भ कर दिया गया है। स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर प्रवेश प्रक्रिया प्रारम्भ होने की जानकारी देते हुए बताया कि स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को प्रवेश ‘प्रथम आओ-प्रथम पाओ’ (First Come-First Served) के आधार पर किया जाएगा। सूचना प्रवेश हेतु कालेज की वेबसाइट- http://www.pgcghazipur.ac.in पर अपलोड कर दी गयी है। प्रवेश हेतु अभ्यर्थी आज से ही आनलाईन आवेदन- पत्र भर सकते हैं। अभ्यर्थी आनलाईन भरे गए प्रवेश आवेदन -पत्र डाउनलोड कर आवश्यक अभिलेखों की मूल प्रति के साथ महाविद्यालय में काउन्सलिंग समिति के समक्ष 16 जुलाई 2026 से सुबह दस बजे से दोपहर 02 बजे तक अगली सूचना तक प्रस्तुत /जमा करेंगे। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी निर्धारित समयानुसार प्रवेश आवेदन -पत्र व शुल्क जमा न करने पर उक्त सीट रिक्त मानी जायेगी और पुनः प्रवेश हेतु कोई अवसर प्रदान नहीं किया जायेगा। प्रवेश हेतु जारी सूची से रिक्त सीटों पर उक्त सूची से बाहर के अभ्यर्थियों को प्रवेश हेतु अवसर प्रदान किया जायेगा।
प्राचार्य प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि स्नातकोत्तर महाविद्यालय, गाजीपुर ने प्रवेश में डिजिटल इण्डिया एवं पूर्ण पारदर्शिता की नीति अपनाते हुए Online Counselling ( आनलाईन काउन्सलिंग) की व्यवस्था की गयी है। आनलाईन काउन्सलिंग द्वारा अभ्यर्थी अपने घर बैठे पूर्ण पारदर्शिता के साथ प्रवेश आवेदन- पत्र भर सकते हैं। प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने सम्मानित अभिभावकों से अपील की है कि समय रहते अपने पाल्यों का आवेदन-पत्र आनलाईन भरवाकर सम्बन्धित अभिलेखों की मूल- प्रति के साथ काउन्सलिंग समिति के समक्ष प्रस्तुत / जमा करने में सहयोग करें। प्रवेश के लिए सभी प्रक्रिया आनलाईन है।
जखनियां के साबिर अली आईटीआई में मारुति सुजुकी कैंपस प्लेसमेंट, 105 अभ्यर्थियों का हुआ चयन
जखनियां, गाजीपुर। युवाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में साबिर अली आईटीआई, जखनियां में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड (गुजरात प्लांट) के लिए कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का सफल आयोजन किया गया। प्लेसमेंट प्रक्रिया में कुल 135 प्रशिक्षुओं ने लिखित परीक्षा एवं साक्षात्कार में भाग लिया, जिसमें 105 अभ्यर्थियों का अंतिम चयन हुआ। चयनित अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई तथा संस्थान परिसर में उत्साह का माहौल रहा। कैंपस प्लेसमेंट का संचालन एचआर सुनील कुमार एवं कैरियर ट्री एचआर सॉल्यूशंस प्रा. लि. की टीम द्वारा किया गया। चयनित अभ्यर्थियों को मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के गुजरात प्लांट में रोजगार का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर साबिर अली आईटीआई के प्रिंसिपल अमरनाथ यादव ने कहा कि “105 अभ्यर्थियों का चयन हमारे संस्थान के लिए गर्व की बात है। यह विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और संस्थान में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा का परिणाम है। हमारा उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। चयनित सभी अभ्यर्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देता हूँ तथा जिनका चयन नहीं हो सका, वे निराश न होकर और अधिक मेहनत करें।” वहीं संस्थान के डायरेक्टर आमिर अली ने कहा कि “हमारा संकल्प युवाओं को कौशलयुक्त बनाकर उन्हें बेहतर रोजगार उपलब्ध कराना है। 135 में से 105 अभ्यर्थियों का चयन संस्थान की गुणवत्ता और विद्यार्थियों की मेहनत का प्रमाण है। भविष्य में भी ऐसे कैंपस प्लेसमेंट आयोजित कर अधिक से अधिक विद्यार्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।” अंत में संस्थान प्रबंधन ने चयनित सभी अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
गाजीपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने जिला पंचायत अध्यक्षों को भी प्रशासक पद पर बैठा दिया है। इससे पहले सरकार की ओर से प्रधानों को ग्राम पंचायतों में प्रशासक की भूमिका में तैनात किया गया था। हालांकि, मामले को कोर्ट में चुनौती दे दी गई। कानूनी पेंच प्रक्रिया में फंसा हुआ है। इस बीच सरकार ने प्रदेश में पहली बार जिला पंचायत अध्यक्षों को भी प्रशासक बना दिया। पंचायती राज विभाग की ओर से शुक्रवार शाम इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया। दरअसल, प्रदेश की 75 में से 68 जिला पंचायतों में भाजपा समर्थित अध्यक्ष विराजमान हैं। ऐसे में सरकार के इस निर्णय से उनकी कुर्सी बची रहेगी। क्षेत्र में धाक भी बनी रहेगी। इस फैसले से हो सकता है कि पार्टी को विधानसभा चुनाव में इसका लाभ मिल सकता है। इसी क्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने जिला पंचायत के प्रशासक के रुप में कार्यभार ग्रहण किया। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी ने सपना सिंह को जिलाधिकारी का आदेश सौंपा जिसमे उन्हे जिला पंचायत के प्रशासक के रुप में नियुक्ति का आदेश था। इस अवसर पर भाजपा के जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश राय, महामंत्री विष्णु सिंह, पंकज सिंह चंचल एवं कार्यालय के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे। जिला पंचायत का प्रशासक बनने पर सपना सिंह को भाजपा नेताओं सहित अन्य लोगों ने बधाई दी।
उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा जारी शासनादेश में प्रशासकों की शक्तियों और कार्यप्रणाली को लेकर कुछ विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं:
कार्यकाल: यह व्यवस्था 12 जुलाई से लागू हो गई है。त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने और नई पंचायतों के गठन तक वर्तमान अध्यक्ष ही प्रशासक की भूमिका में रहेंगे।
सीमित अधिकार: प्रशासक केवल सामान्य, नियमित प्रशासनिक कार्यों और पहले से स्वीकृत विकास योजनाओं की निगरानी करेंगे।
नीतिगत फैसले नहीं: इन्हें कोई भी नया नीतिगत फैसला लेने या नई योजनाओं को स्वीकृत करने का अधिकार नहीं होगा。विशेष परिस्थितियों में शासन से अनुमति लेने के बाद ही नीतिगत निर्णय लिए जा सकेंगे।
साबिर अली आईटीआई जखनियां में मारुति सुजुकी का कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव 14 जुलाई को
जखनियां, गाजीपुर। युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से साबिर अली आईटीआई, जखनियां में 14 जुलाई 2026 को मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के लिए कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया जाएगा। प्लेसमेंट प्रक्रिया सुबह 8:30 बजे से शुरू होगी।
इस प्लेसमेंट ड्राइव में 18 से 26 वर्ष आयु के योग्य अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं। आईटीआई के साथ-साथ 10वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थियों के लिए भी अवसर उपलब्ध है। विशेष रूप से 2026 बैच एवं द्वितीय वर्ष की परीक्षा दे रहे प्रशिक्षु भी इस कैंपस ड्राइव में शामिल हो सकेंगे।
भर्ती मोटर मैकेनिक, डीजल मैकेनिक, ट्रैक्टर मैकेनिक, मशीनिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, फिटर, टर्नर, वेल्डर, पेंटर, वायरमैन, शीट मेटल, ऑटोमोबाइल मैकेनिक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, टूल एंड डाई मेकर तथा पीओपीओ सहित विभिन्न ट्रेडों के लिए की जाएगी।
चयनित अभ्यर्थियों को ₹28,300 सीटीसी के साथ आकर्षक वेतन एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। कार्यस्थल मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड, गुजरात प्लांट रहेगा। संस्थान की ओर से बताया गया है कि यह कैंपस प्लेसमेंट पूरी तरह निःशुल्क है तथा अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
संस्थान के प्रिंसिपल अमरनाथ यादव ने कहा कि “साबिर अली आईटीआई का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा के साथ बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। ऐसे कैंपस प्लेसमेंट कार्यक्रम छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव साबित होते हैं। अधिक से अधिक प्रशिक्षु इस अवसर का लाभ उठाएँ।”
संस्थान के डायरेक्टर आमिर अली ने कहा कि “हमारा प्रयास है कि विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के साथ-साथ प्रतिष्ठित कंपनियों में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हों। मारुति सुजुकी जैसी अग्रणी कंपनी का कैंपस प्लेसमेंट संस्थान के छात्रों के लिए एक सुनहरा अवसर है। सभी पात्र अभ्यर्थी समय से अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएँ।” अंत में संस्थान ने सभी इच्छुक अभ्यर्थियों से निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर इस रोजगार अवसर का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
राजकीय महिला पीजी कॉलेज, गाजीपुर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन
गाजीपुर। रविवार को पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से राजकीय महिला पीजी कॉलेज महुआबाग में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के आवासीय परिसर, शैक्षणिक परिसर एवं दक्षिणी परिसर में विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अनीता कुमारी, डॉ शंभू शरण प्रसाद, डॉ सारिका सिंह, एनसीसी अधिकारी डॉ शशि कला, राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारियों तथा महाविद्यालय के प्राध्यापक एवं कर्मचारियों ने पौधारोपण कर किया। इस अवसर पर सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए प्रत्येक वर्ष अधिक से अधिक पौधे लगाने एवं उनकी देखभाल करने का संदेश दिया। प्राचार्या ने कहा कि वृक्ष केवल पर्यावरण को संतुलित रखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि मानव जीवन के लिए अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि वे प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएँ और उसे वृक्ष बनने तक उसकी देखभाल करें।
राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ रामनाथ ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी उपाय है। वृक्षारोपण अभियान के जिला नोडल डॉ हसीन अहमद ने एक पेड़ मां के नाम का संदेश देते हुए कहा कि हर व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। जनपद गाजीपुर में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 20,000 से अधिक पौधों का रोपण किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारीगण ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा परिसर को स्वच्छ एवं हरित बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
पर्यावरण संरक्षण हेतु सभी छात्र – छात्राएं मां के नाम एक पेड़ अवश्य लगाएं
गाज़ीपुर। पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भविष्य के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से पीजी कॉलेज गोराबाजार में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में विभिन्न प्रजातियों के छायादार, फलदार एवं औषधीय पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने कहा कि वृक्षारोपण मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की गारंटी है। पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से अपील की कि वे न केवल आज पौधे लगाएं, बल्कि उन्हें संरक्षित भी करें तथा प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेकर प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीना चाहिए। प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने आगे कहा कि बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वृक्षारोपण सबसे प्रभावी और व्यावहारिक उपाय है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि सभी छात्र – छात्राएं हर वर्ष मां के नाम पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसे वृक्ष बनने तक देखभाल करें। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने तथा परिसर को स्वच्छ एवं हरित बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता का संदेश देते हुए किया गया।
वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 का हुआ शुभारंभ,मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने किया पौधरोपण
गाजीपुर। जनपद में ‘एक पेड़ मॉ के नाम‘ वृक्षारोपण महायज्ञ -2026 के अंतर्गत बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन स्थान हनुमान मंदिर शेखपुर विकास खण्ड बिरनो में धूमधाम से आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री,पंचायती राज तथा अल्पसंख्यक कल्याण, मुस्लिम वक्फ एवं हज विभाग उत्तर प्रदेश सरकार ओम प्रकाश राजभर, एंव शासन से नामित नोडल अधिकारी/आयुक्त वाराणसी मण्डल एस. राजलिंगम , तथा उपस्थित विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया । कार्यक्रम स्थल पर लगभग 200 पौधरोपण किया गया। कार्यक्रम के दौरान गायक राकेश कुमार द्वारा ‘‘ आओ धरती सजाए आसमान के लिए‘ एक पेड़ तुम लगाओ अपनी मॉ के लिए‘‘ सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई जो सराहनीय रहा। मुख्य अतिथि ओम प्रकाश राजभर ,अध्यक्ष जिला पंचायत सपना सिंह, विधायक जखनियां बेदी राम, अध्यक्ष नगर पालिका सरिता अग्रवाल, जिलाध्यक्ष भाजपा ओम प्रकाश राय, जिलाध्यक्ष सुभासपा सुरेंद्र राजभर, प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा कृष्ण विहारी राय, जनपद के नोडल अधिकारी/मण्डलायुक्त एस राजलिंगम, जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद, ने क्रमशः लाभकारी पौधो का रोपण पूरे विधि विधान एवं मंत्रोचारण के साथ परिसर में किया। स्वागत के क्रम मे मंच पर आसीन मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवं पौध भेट स्वरूप देकर स्वागत किया गया। मंत्री ने प्रधानमंत्री/ मुख्यमंत्री के आवाह्न पर ‘एक पेड़ मॉ के नाम‘ वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 के अंतर्गत बृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा पूरे उत्तर प्रदेश में 35 करोड़ वृहद वृक्षारोपण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे पूरा करना हमारा कर्तव्य है। इसी क्रम में जनपद गाजीपुर में कुल 47 लाख 68 हजार 730 पौधरोपण किया जा रहा है। उन्होने वृक्षारोपण महायज्ञ की मॉनिटरिंग के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आयुक्त वाराणसी मण्डल एस राजलिंगम को धन्यवाद दिया। उन्होने कहा कि 05 जून को पूरे प्रदेश मे अभियान चलाकर एक पेड़ मॉ के नाम‘‘ 05 करोड़ पौधे रोपित किए गए थें आज 12 जुलाई को प्रदेश के 75 जनपदो मे कुल 35 करोड़ पौधो का रोपण ग्राम स्तर से लेकर ब्लाक, तहसील एंव जनपदस्तर पर किया जा रहा है। उन्होन कहा कि देश/प्रदेश मे बड़े पैमाने पर एक्सपेस-वे, सड़के, रेल लाईने, बनाए गए जिसके कारण बड़ी संख्या पेड़ो की कटाई भी हुई। यह एक चिंता का विषय है जिसके लिए प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री ने पहले ही कहा है कि जितने भी एक्सपेस-वे, सड़के, रेल लाईने, बनाने मे पेड़ो की कटाई हुई है उसी स्थान पर पुनः पेड़ लगाते हुए और तथा देश/प्रदेश को 20-25 वर्ष पहले जो बरसात होती थी उसी स्थिति मे लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिससे आने वाले पीढियो का इसका लाभ मिले, पीने के लिए स्वच्छ जल हो एवं अधिक से अधिक अन्न की पैदावार हो। उन्होने उदाहरण स्वरूप भारत मे सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान का जिक्र करते हुए कहा कि चेरापूॅजी वह स्थान है जहां सबसे अधिक वर्षा होती है, कारण है वहां अधिक वन होना। इस लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाए एवं उसे सुरक्षित भी रखे। उन्होने कहा कि इस बार पेड़ लगाने के बाद उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी संबंधित विभागो को दी गयी है। कहा कि पहले बाप का लगाए हुए पेड़ के फल को बेटा खाता था परन्तु आज समय परिवर्तित हो गया है। जिस प्रकार प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री जिस कार्य का शिलान्यास करते है उसी कार्य का उद्घाटन भी करते है उसी प्रकार आज आप पेड़ लगाईये और 02 से 03 वर्षाे के बाद स्वयं फल खाईये वन विभाग द्वारा ऐसे अच्छे किस्म के तरह-तरह के पौधे तैयार किए गए हैं । जो बधाई के पात्र है। सरकार की मंशा है कि ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाए और देश/प्रदेश को हरा भरा बनाए। विधायक जखनियां बेदी राम ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाये रखने के लिए पूरे देश/प्रदेश मे प्रधानमंत्री एंव मुख्यमंत्री के आह्वाहन पर वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 अभियान चलाया जा रहा हैं तथा पूरे प्रदेश मे 35 करोड़ पौध रोपित करने का लक्ष्य आज पूरा होगा। उन्होने संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान एंव भविष्य को अच्छा रखने तथा पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए वृक्षारोपण बहुत ही आवश्यक है। कहा कि ‘‘एक पेड़ मॉ के नाम ही नही बल्कि पूरे परिवार के एक-एक सदस्य के नाम अवश्य लगाए,पेड़ को उसी तरह पाले जैसे कि अपने बेटे व बेटी को पालते है। उन्होने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री को इस सोच के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।कहा कि इस तरह की सोच हम सभी को रखनी चाहिए। उन्होने कहा जनपद गाजीपुर नदियो से घिरा हुआ है नदियो के किनारे-किनारे भी वृहद वृक्षारोपण किया जाए। उन्होने कहा कि अगर एक शक्ति ईश्वर है तो दुसरी शक्ति का नाम पर्यावरण एक वृक्षारोपण है। उन्होने कहा कि बिमारी व आपदाओ से बचने के लिए तथा जीवन को सुरक्षित रखने के लिए पर्यावरण बहुत जरूरी है। पर्यावरण का संतुलन तभी बना रहेगा जब आप वृक्षारोपण करेगे। उन्होने उपस्थित लोगो से आह्वाहन किया कि आप कही भी रहे वहां वृक्षारोपण करते हुए उसकी सुरक्षा भी स्वयं करे। जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने कहा कि आज 12 जुलाई 2026 को जनपद में कुल 47 लाख 68 हजार 730 पौधरोपण वन विभाग के अतिरिक्त विभिन्न विभागो के द्वारा किया जा रहा है। उन्होने अनुरोध किया कि प्रत्येक परिवार के लोग अपने आस-पास, पास पड़ोस में ‘एक पेड़ मॉ के नाम‘ अनिवार्य रूप से लगाए । एक वृक्ष लगाने से आपका सम्मान, आपका अभिमान, तथा आपका विश्वास सबसे ज्यादा बढ़ेगा क्योंकि इस से उपजे फलों का लाभ आपकी आने वाली पीढ़ियो को प्राप्त होगा। उन्होंने लोगो से ज्यादातर औषधीय वृक्ष लगाने को कहा, जिसके उपयोग से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है एवं कई प्रकार की बीमारियों से निरोग रहता है। उन्होने कहा कि पेड़ जहां होते हैं वहां की जलवायु भी ठीक रहती है तथा समय से वर्षा भी होती है। उन्होने लोगो से अधिक ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों को लगाने की अपील करते हुए जब तक पौधे वृक्ष का रूप धारण नहीं कर लेते तब तक उनकी सेवा करते हुए उनकी रक्षा करने हेतु आमजन से आह्वाहन किया। जिलाअध्यक्ष भाजपा ओम प्रकाश राय ने कहा कि वृक्षारोपण महायज्ञ-2026 से जोड़ने का अभियान केन्द्र/राज्य सरकार द्वारा चलाया जा रहा है। कहा कि सदियो – सदियो से पेड़ पौधो के आवरण मे हम अपना जीवन यापन करते चले आ रहे है। आज उसको बचाने की मुहीम चलाई जा रही है। यह वही धरती है जहां ऋषि मुनि पेड़ पौधो के नीचे ही वेदपुराण की रचना की है, तपस्या की है। वृक्षो से हम इस तरह से जुड़े हुए है कि हमारा धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक सबकुछ इस पर्यावरण पर आधारित है। वृक्ष रहेग तो जल रहेगा, जल रहेगा तभी अन्न की पैदावार होगी जिसे हम ग्रहण कर जीवन रह सकेगे। उन्होने कहा कि वृक्ष हमारे जीवन का महत्वपूर्ण अंग है क्योंकि जीवन दायिनी ऑक्सीजन हमे वृक्षों से ही प्राप्त होती हैं, अन्य प्रदेशों की तुलना में उत्तर प्रदेश में वृक्षों का अनुपात कम है। हमारे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना है कि उत्तर प्रदेश को एक हरा-भरा प्रदेश बनाने का है जिसे हम लोगो को मिल जुल कर पूरा करना है। उन्होने उपस्थित लोगो को आवाह्न करते हुए कहा कि सब लोग अपनी मॉ के नाम पर एक-एक पौधरोपण अवश्यक करें तभी जाकर हम अपने भारत माता/धरती माता को बचा पायेगें। नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल ने कहा की पर्यावरण मे बदलाव के कारण कही बाढ का प्रकोप है, तो कही सूखाग्रस्त पडा है। वृक्ष पर्यावरण की दृष्टि से कितने महत्वपूर्ण है यह आप सभी जानते हैं । पर्यावरण को स्वच्छ और सुंदर रखने के लिए हमें वृक्ष लगाना अति आवश्यक है। उन्होने उपस्थित सभी लोगो से आह्वाहन किया कि वृक्षारोपण अवश्य करे, क्योंकि वृक्ष ही जलवायु परिवर्तन का कारण है । प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी ने बताया गया कि वर्ष 2026-27 हेतु मुख्यमंत्री के आह्वाहन पर प्रदेश मे 35 करोड़ पौध रोपण का लक्ष्य निर्धारित है जिसकी पूर्ती के लिए आज 12 जुलाई 2026 को वृहद वृक्षारोपण की तिथि निर्धारित किया गया है। जनपद मे वन विभाग द्वारा 19 लाख 29 हजार व अन्य विभाग द्वारा 28 लाख 39 हजार 730 कुल 47 लाख 68 हजार 730 पौधो का रोपण जनपद के 27 विभागो एवं जनसहभागिता से किया जा रहा है। प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी अजीत प्रताप सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए कहा आज उत्तर प्रदेश में सघन वृक्षारोपण अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज गाजीपुर में भी उत्तर प्रदेश शासन द्वारा दिए गए लक्ष्य से सापेक्ष पौधरोपण किया गया। पौधरोपण कार्यक्रम जनपद स्तर के अलावा समस्त तहसीलों, विकास खण्ड मुख्यालयो तथा ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण हमारे पर्यावरण के लिए कितना महत्वपूर्ण है इसका संज्ञान हमे होना चाहिए। उन्होंने पौधरोपण प्रतिशत को बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा कि आज के दिन इस संकल्प के साथ जाएं और अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का प्रयास करें। आप जहां भी जिस रूप में रहे वृक्षारोपण अवश्य करें तथा उन वृक्षों को बचाने का भी प्रयास करें। उन्होने उपस्थित मुख्य अतिथि, मुण्डलायुक्त वाराणसी मण्डल, विशिष्ट अतिथियो, आगन्तुको, आमजनमास ,स्कूल छात्र-छात्राओ का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन बृजेश श्रीवास्तव जिला परियोजना अधिकारी नमामी गंगे द्वारा किया गया । कार्यक्रम के अन्त मे पर्यावरण संरक्षण मे अपना अहम योगदान देने के लिए रणधीर यादव को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में , जिला विकास अधिकारी राजन राय, उपजिलाधिकारी सदर डा0 पुष्पेन्द्र पटेल, एस पी सिटी राकेश मिश्रा, डीसी मनरेगा विजय यादव, जिला विद्यालय निरीक्षक प्रकाश सिंह, बेसिक शिक्षाधिकारी उपासना रानी वर्मा, एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारी के अतिरिक्त विभिन्न विद्यालयो के छात्र-छात्राए, एन सी सी, भारत स्काउट गाइड, एन एस एस एवं आम जनमानस उपस्थित रहे एवं सभी ने परिसर मे पौधरोपण किया।
भारत की आन्तरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका महत्वपूर्ण -प्रोफे० (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय
वाराणसी। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के समाज कार्य विभाग एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ के तत्वावधान में डी. लिट्. उपाधि हेतु पूर्व शोध प्रबन्ध मौखिकी सम्पन्न हुई, जिसमें महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी के समाज कार्य विभाग एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ के निदेशक उपस्थित रहे। डी.लिट्. (D.Litt.) के शोधार्थी प्रो. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय, प्राचार्य, स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार ने अपने शोध शीर्षक “भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका : एक विश्लेषणात्मक अध्ययन” नामक विषय पर अपना शोध प्रबंध व उसकी विषय- वस्तु प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है, भारत की आंतरिक सुरक्षा केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता, नागरिक जागरूकता तथा आपदा प्रबंधन जैसे अनेक आयामों से जुड़ी हुई है। भारत की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का अभेद्य सुरक्षा प्रयास निरंतर जारी है।प्रो० पाण्डेय ने अपनी प्रस्तुति में बताया कि इस संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका पर समय-समय पर व्यापक चर्चा होती रही है। संघ की स्थापना 1925 में हुई थी और इसका घोषित उद्देश्य राष्ट्र निर्माण के लिए अनुशासित एवं चरित्रवान नागरिकों का निर्माण करना है। आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में यह संगठन अपने स्वयंसेवकों के माध्यम से सामाजिक सेवा, आपदा राहत, रक्तदान, पर्यावरण संरक्षण, ग्राम विकास तथा नागरिक जागरूकता जैसे कार्यों में योगदान देता है। प्राकृतिक आपदाओं, महामारी तथा अन्य संकटों के दौरान स्वयंसेवकों की सक्रिय भागीदारी को सामाजिक सहयोग और सामुदायिक क्षमता निर्माण का उदाहरण माना जाता है। अनुशासन, संगठन क्षमता तथा राष्ट्रभक्ति जैसे मूल्यों का प्रसार भी इसके सकारात्मक पक्षों में गिना जाता है। दूसरी ओर, संघ की भूमिका को लेकर सार्वजनिक और शैक्षणिक विमर्श में विभिन्न दृष्टिकोण मौजूद हैं। कुछ राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन और शोधकर्ता पूर्वाग्रह के आधार पर यह तर्क देते हैं कि संघ की विचारधारा और गतिविधियों के कुछ पहलुओं का सामाजिक सद्भाव एवं सांप्रदायिक संबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। किंतु शोध में यह तर्क असत्य पाया गया। संघ भारत की आंतरिक सुरक्षा के संदर्भ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की भूमिका का मूल्यांकन संतुलित, तथ्यपरक और शोध-आधारित दृष्टिकोण से किया गया है। प्रोफेसर पाण्डेय द्वारा इस विषय पर विभिन्न विचारों और उपलब्ध साक्ष्यों का निष्पक्ष विश्लेषण व्यापक एवं विश्वसनीय स्तर पर किया है। प्रस्तुतिकरण के पश्चात विषय से सम्बन्धीय बहुत सारे प्रश्न पूछे गए जिनका प्रोफे. (डॉ.) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अत्यंत सारगर्भित और तर्कपूर्ण उत्तर दिया। विभागीय समिति द्वारा मौखिकी को शोध प्रबंध को उत्कृष्ट माना और शोध प्रबंध को विश्विद्यालय में जमा करने की संस्तुति प्रदान किया । इस अवसर पर प्रोफेसर पाण्डेय ने कुलपति प्रो० आनन्द कुमार त्यागी से शिष्टाचार भेंट की। उक्त अवसर पर कुलपति जी ने कहा कि अपनी स्थापना काल से ही आर एस एस भारत की आंतरिक सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता आ रहा है।इस विषय पर और अधिक शोध किए जाने की आवश्यकता है। इस अवसर पर शोध के शोध-परामर्शदाता प्रोफेसर (डॉ.) के. के. सिंह, प्रोफेसर एवं समन्वयक, पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी सहित समाजकार्य विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वन्दना सिन्हा, प्रोफेसर बंशीधर पाण्डेय, प्रोफेसर भावना वर्मा, प्रोफेसर चन्द्रशेखर सिंह, प्रोफेसर निमिषा गुप्ता, डॉ० अनिल कुमार, डॉ० सतीश कुमार, डॉ० अश्विनी कुमार सिंह सहित अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे। संचालन परामर्शदाता प्रोफेसर (डॉ०) के० के० सिंह एवं धन्यवाद विभागाध्यक्षा प्रोफेसर वन्दना सिन्हा व्यक्त किया।
डीएम ने जनपदवासियों से की अपील,टूटे तार या गिरे केबल की तुरंत दे सूचना,होगी सख्त कार्यवाही!
गाजीपुर।बरसात के मौसम के दृष्टिगत रखते हुए जनपद में विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने और जनसामान्य को जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला की अध्यक्षता मे कलेक्ट्रेट कार्यालय कक्ष में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया । प्रेस वार्ता जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील किया कि वे बरसात में विद्युत पोल, तार और ट्रांसफार्मर से दूरी बनाकर रखें और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें। जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के मौसम मे आंधी-तूफान के कारण विद्युत लाइनों में फॉल्ट, तार टूटने और करंट उतरने की संभावनाए बढ़ जाती हैं। इससे जनहानि के साथ-साथ पशु हानि भी होती है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन और विद्युत विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड में है। उन्होंने बताया कि जनपद में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है जिस पर 24ग्7 शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। प्रेसवार्ता के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला ने जनपद वासियों से अपील करते हुए विद्युत दुर्घटना से बचाव के उपाय बताते हुए कहा की विद्युत पोल और तारों से दूरी बनाएं रखें’ । विद्युत पोल चाहे वो लोहे के हों या सीमेंट से निर्मित हों, और उनसे लटक रहे तारों के सम्पर्क में न आएं और न ही उन्हें छुएं, क्योंकि बरसात के मौसम में रिटर्निंग करंट उतरने की प्रबल संभावना बनी रहती है। कई बार नमी के कारण पोल में करंट उतर आता है और अनजाने में छूने से बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए बच्चों को भी इस संबंध में विशेष रूप से समझाया जाए कि वे पोल के पास खेलने न जाएं। टूटे तार या गिरे केबल की तुरंत सूचना दें। यदि किसी भी प्रकार के नंगे तार व केबल जो जमीन पर गिरे हों अथवा लटक रहे हों, तो उसे न छुएं तथा जनहित में इसकी सूचना तुरंत जनपद में स्थापित विद्युत विभाग के कंट्रोल रूम के मोबाईल नम्बर-9453047253 पर शिकायत दर्ज कराएं। जिससे संभावित विद्युत दुर्घटना से बचा जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि सूचना मिलते ही विद्युत विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर उसे ठीक करेगी। किसी भी व्यक्ति द्वारा टूटे तार को स्वयं ठीक करने का प्रयास न किया जाए। पानी भरे स्थानों पर लगे पोल और ट्रांसफार्मर से दूर रहें। ऐसे स्थापित पोल चाहे लोहे के हों या सीमेंट के एवं वितरण परिवर्तक यानी ट्रांसफार्मर जिनके आस-पास पानी भरा हुआ है, वहां से न गुजरें। बरसात का पानी बिजली का सुचालक होता है। पानी में उतरे करंट से कई मीटर दूर तक करंट फैल सकता है। इसलिए जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के किसी भी नागरिक की विभागीय कारणों से विद्युत दुर्घटना से मृत्यु होती है तो उसके आश्रित को विद्युत विभाग के नियमानुसार रू 5.00 लाख की क्षतिपूर्ति प्रदान की जाती है। यह सहायता तभी देय होगी जब दुर्घटना विद्युत विभाग की लापरवाही या उपकरणों में खराबी के कारण हुई हो। वहीं यदि किसी नागरिक/उपभोक्ता की अपने घर के अन्दर विद्युत स्पर्शाघात से मृत्यु होती है तो विद्युत विभाग द्वारा किसी भी प्रकार की क्षतिपूर्ति अनुमन्य नहीं होगी। घरेलू वायरिंग, घर के अंदर लगे उपकरणों और व्यक्तिगत लापरवाही से हुई दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी उपभोक्ता की स्वयं की होगी। इसलिए घर की वायरिंग समय-समय पर किसी लाइसेंस प्राप्त इलेक्ट्रीशियन से जरूर जांचवाएं। प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी ने बताया कि बरसात के मौसम के लिए प्रशासन द्वारा तैयारियां की गई हैं। उन्होंने कहा की विद्युत विभाग का कंट्रोल रूम 24ग्7 जनपद स्तर पर सक्रिय कर दिया गया है। कंट्रोल रूम के नं0 9453047253 पर कॉल करके कोई भी व्यक्ति टूटे तार, पोल में करंट, स्पार्किंग या ट्रांसफार्मर में समस्या की सूचना दे सकता है। जिन क्षेत्रों में तार जर्जर हैं या पोल झुके हुए हैं, उन्हें चिन्हित कर बदला जा रहा है। ज़िलाधिकारी ने सिंचाई के समय किसानों को नलकूप के पास लगे तारों से सावधान रहने की अपील की गई है। जिलाधिकारी ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे फील्ड में जाकर स्वयं निरीक्षण कर उपभोक्ताओं की शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने जनपदवासियो से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को विद्युत सुरक्षा के प्रति जागरूक करें। जब तक आम जनता सहयोग नहीं करेगी, तब तक दुर्घटनाओं को पूरी तरह रोका नहीं जा सकता। उन्होंने मीडिया के बंधुओं से भी अनुरोध किया कि वे इस सूचना को जन-जन तक पहुंचाएं ताकि बरसात में कोई अनहोनी न हो। जिलाधिकारी ने अंत में कुछ अतिरिक्त सावधानियां भी गिनाईं। कहा की गीले हाथों से स्विच, प्लग और उपकरणों को न छुएं। घर में डब्ठ और म्स्ब्ठ जरूर लगवाएं। छत पर लगे सोलर पैनल और इन्वर्टर की वायरिंग की जांच कराएं। पेड़ों की टहनियां अगर तारों को छू रही हैं तो उसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। बच्चों को पतंग उड़ाते समय बिजली के तारों से दूर रखने की हिदायत दें। प्रेस वार्ता के दौरान अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण खंड विवेक खन्ना , जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
राजकीय हाई स्कूल बयेपुर, देवकली (गाजीपुर) में वृहद वृक्षारोपण अभियान : ‘एक पेड़ माँ के नाम’ के साथ हरित भविष्य का लिया संकल्प
देवकली (गाजीपुर)। भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटने तथा जनसहभागिता के माध्यम से हरित भारत के निर्माण के उद्देश्य से संचालित वृहद वृक्षारोपण अभियान के अंतर्गत शनिवार को राजकीय हाई स्कूल बयेपुर, देवकली में उत्साह, जागरूकता और जनभागीदारी के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व विद्यालय की प्रधानाध्यापिका मालविका सिंह ने किया।
विद्यालय परिसर में छायादार, फलदार एवं औषधीय प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय की ईको क्लब की नोडल अधिकारी निरूपमा व्यास ने छात्र-छात्राओं को पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई तथा वृक्षों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि “वृक्ष केवल प्रकृति की शोभा नहीं, बल्कि मानव जीवन का आधार हैं। आज लगाया गया एक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ वायु, जल संरक्षण, जैव विविधता और स्वस्थ पर्यावरण का अमूल्य उपहार है।” उन्होंने विद्यार्थियों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने, उसकी नियमित देखभाल करने तथा अपने परिवार और समाज को भी वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में सहायक अध्यापिकाएँ सुमन सागर, सीमा यादव, अर्चना यादव एवं अर्चना गुप्ता ने भी छात्र-छात्राओं के साथ पौधरोपण कर उन्हें पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा, जब प्रत्येक व्यक्ति पौधों के संरक्षण का भी संकल्प ले। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ अभियान में भाग लेते हुए विद्यालय परिसर को अधिक हरित एवं स्वच्छ बनाने का संदेश दिया।
प्रधानाध्यापिका मालविका सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार का यह वृहद वृक्षारोपण अभियान केवल पौधे लगाने का कार्यक्रम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का एक सशक्त प्रयास है। उन्होंने कहा कि “आज लगाया गया प्रत्येक पौधा भविष्य की पीढ़ियों के लिए जीवन, हरियाली और समृद्धि का प्रतीक बनेगा। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि पौधारोपण के साथ-साथ उनके संरक्षण को भी अपनी नैतिक जिम्मेदारी समझें।”
कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान की भावना को आत्मसात करते हुए लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल करने, प्रत्येक वर्ष अधिक से अधिक वृक्ष लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने की सामूहिक शपथ ली।