महिला पीजी कॉलेज का प्रदेश में पांचवा, पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अव्वल स्थान

प्रमाण पोर्टल रैंकिंग में महिला महाविद्यालय का प्रदेश में पांचवा स्थान, पूर्वांचल विश्वविद्यालय में अव्वल!

गाजीपुर। प्रदेश सरकार द्वारा जारी प्रमाण पोर्टल पर टॉप 20 महाविद्यालयो में राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय महुआबाग ने प्रदेश के समस्त शासकीय, अशासकीय एवं स्ववित्त पोषित महाविद्यालयों में पांचवा एवं वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जून 2026 माह की समीक्षा के आधार पर महाविद्यालय ने सभी श्रेणियां में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 62.96 अंकों के साथ प्रदेश के श्रेष्ठ संस्थानों में शामिल हुआ है। 68.34 अंकों के साथ पी पी एन कॉलेज, कानपुर प्रथम स्थान पर है। प्राचार्य प्रोफेसर डॉ अनीता कुमारी के अनुसार यह पोर्टल योजना एवं नीति अनुसंधान केंद्र द्वारा विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य महाविद्यालयों की कार्य प्रणाली को अधिक पारदर्शी उत्तरदाई एवं परिणामोन्मुखी बनाना है। इसके आधार पर प्रत्येक माह में इन संस्थाओं की समीक्षा की जाती है।यूपी प्रमाण पोर्टल पर प्रदेश के महाविद्यालयों का मूल्यांकन 44 विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाता है।

महाविद्यालय के यू पी प्रमाण पोर्टल के प्रभारी डॉ आनंद चौधरी के अनुसार इन मानकों में शैक्षणिक गुणवत्ता, छात्र हितैषी सेवाएं, शोध एवं नवाचार, डिजिटल प्रशासन, परीक्षा एवं मूल्यांकन, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का प्रभावी क्रियान्वयन, गुणवत्ता आश्वासन, संस्थागत उपलब्धियां तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के अनुपालन सहित अनेक महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया जाता है।
महाविद्यालय की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्राचार्य डॉ अनिता कुमारी ने समस्त प्राध्यापको, कर्मचारियो एवं छात्राओं तथा अभिभावकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता पूरे महाविद्यालय परिवार के सामूहिक परिश्रम, समर्पण, उत्कृष्ट कार्य संस्कृति का परिणाम है। आपने सभी से भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता और टीम भावना के साथ कार्य करते हुए महाविद्यालय को प्रदेश के शीर्ष संस्थान में बने रहने और इससे भी ऊंचा स्थान प्राप्त करने के लिए सतत प्रयासरत रहने का आह्वान किया। विदित हो कि महाविद्यालय ने अपने नैक द्वितीय चक्र में सत्र 2016 में 2.89 अंकों एवं बी प्लस प्लस ग्रेड के साथ प्रदेश के राजकीय महाविद्यालयो में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया था तथा यहां पर वर्तमान में लगभग 2700 छात्राएं अध्यनरत हैं। बी ए में कुल 18 विषय तथा बीएससी में 4 विषयों के साथ यहां पर 7 विषयों में एम ए एवं एक विषय में एमएससी के अध्ययन की सुविधा उपलब्ध है।

महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ शिवकुमार के अनुसार महाविद्यालय की भौतिक सुविधाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में यहां 18 करोड़ रुपए से अधिक की लागत से बालिकाओं के लिए 200 की क्षमता का छात्रावास एवं 400 की क्षमता का एक आधुनिक सुसज्जित ऑडिटोरियम निर्माणधीन है। डेढ़ करोड़ से अधिक की लागत का कंप्यूटर बिल्डिंग के निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा छात्राओं के लिए पृथक कामन हाल का निर्माण भी शुरू हो गया है। एनसीसी, रेंजर, राष्ट्रीय सेवा योजना, खेलकूद, संगीत, चित्रकला, कार्यशालाओ, सबके लिए अनिवार्य कंप्यूटर शिक्षा एवं विभागीय परिषदों के माध्यम से विभिन्न प्रतियोगिताओं के आयोजन के माध्यम से महाविद्यालय वर्ष भर अपनी छात्राओं को उत्कृष्ट शैक्षणिक अनुभव के साथ-साथ व्यापक शिक्षणेतर अवसर भी उपलब्ध कराता है। छात्राओं में बहुमुखी व्यक्तित्व, नेतृत्व, एवं कौशल विकास तथा रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के कारण महाविद्यालय जनपद में बालिकाओं की उच्च शिक्षा का पसंदीदा स्थान है।

230 छात्राओं का प्रवेश काउंसलिंग पूर्ण, बची छात्राएं तीन दिन के अंदर लें सकती हैं प्रवेश

गाजीपुर। राजकीय महिला महाविद्यालय में शुक्रवार को तीसरे दिन भी बीए बीएससी प्रथम सेमेस्टर में नवप्रवेश हेतु काउंसलिंग जारी रही। बीए में आज कुल 70 छात्राओं ने अपना अभिलेख सत्यापन और विषय आवंटन कराया ।इस प्रकार अब तक कुल 230 छात्राओं ने बीए प्रथम वर्ष में अपना प्रवेश काउंसलिंग करा लिया है। इसी प्रकार बीएससी प्रथम सेमेस्टर में आज कुल 30 छात्राओं ने अपना अभिलेख सत्यापन कराते हुए विषय आवंटन कर लिया है। इस प्रकार बीएससी में अब तक कुल 130 छात्राओं ने अपना प्रवेश काउंसलिंग पूर्ण कर लिया है। विषय आवंटन एवं अभिलेख सत्यापन के पश्चात छात्रों का समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण एवं प्रोफाइल अपडेशन का कार्य किया जा रहा है। यह कार्य आगे भी निरंतर होता रहेगा। महाविद्यालय के प्रवेश प्रभारी डॉ शिवकुमार के अनुसार 11 जुलाई को प्रवेश काउंसलिंग के प्रथम चरण से छूटी सभी छात्राओं को तथा जिनके समर्थ पोर्टल पर अभी पंजीकरण नहीं हुआ है, उन सभी छात्राओं को बुलाया गया है। समर्थ पोर्टल पर पंजीकरण के पश्चात छात्राएं तीन दिन के अंदर अपना फीस जमा कर प्रवेश सुनिश्चित कर लें। अब तक पंजीकरण कराने वाली वे सभी छात्राएं जिनका काउंसलिंग लिस्ट में नाम नहीं है, वे भी कल 11 जुलाई को महाविद्यालय में सुबह 10:00 बजे आकर अपना प्रवेश काउंसलिंग करा सकती हैं।

सीडीओ ने किया जिला गंगा समिति की बैठक, दिए विभागों को निर्देश

गाजीपुर। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को जिला गंगा समिति एवं जिला पर्यावरण समिति की संयुक्त बैठक संपन्न हुई। बैठक में गंगा नदी की स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा प्रदूषण नियंत्रण से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि गंगा को प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के लिए निर्धारित कार्य योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार का अनुपचारित सीवेज, ठोस अपशिष्ट अथवा अन्य प्रदूषक पदार्थ नदी में प्रवाहित न होने पाए। नगर निकायों एवं संबंधित विभागों को नियमित साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण तथा जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए।


बैठक में वृक्षारोपण अभियान, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए किए जा रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी विभागों को विद्यालयों, ग्राम पंचायतों एवं नगरीय क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण एवं गंगा स्वच्छता के संबंध में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पौधारोपण के साथ-साथ पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए तथा अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जोड़ा जाए। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों से विभागवार कार्यों की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए तथा सभी संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में जिला विकास अधिकारी, डी0एफ0ओ एवं गंगा समिति के सम्बन्धित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

सीडीओ ने की जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की बैठक,दिलाई गई शपथ

सीडीओ ने की जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की बैठक,दिलाई गई शपथ

गाजीपुर।जिला भूगर्भ जल प्रबंधन समिति की बैठक मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई। बैठक में जनपद में भूजल संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा जल संसाधनों के सतत एवं प्रभावी प्रबंधन को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर निर्णय लिया गया कि जनपद में भूजल सप्ताह का आयोजन 16 जुलाई से 22 जुलाई, 2026 तक व्यापक जनभागीदारी के साथ किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी आलोक प्रसाद ने कहा कि भूजल का स्तर लगातार गिरना चिंता का विषय है। इसे संरक्षित करने के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आमजन की सक्रिय सहभागिता भी आवश्यक है। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए भूजल सप्ताह के दौरान व्यापक जनजागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्राम पंचायतों, नगरीय निकायों तथा विभिन्न सरकारी कार्यालयों में जल संरक्षण विषयक गोष्ठियों, रैलियों, शपथ ग्रहण कार्यक्रमों एवं जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया जाए।
बैठक में वर्षा जल संचयन संरचनाओं की स्थिति, सार्वजनिक भवनों पर रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना तथा जल संरक्षण से संबंधित योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी सरकारी भवनों, विद्यालयों, स्वास्थ्य केंद्रों एवं पंचायत भवनों में वर्षा जल संचयन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा पूर्व में स्थापित संरचनाओं का नियमित निरीक्षण एवं रखरखाव कराया जाए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि भूजल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में जल स्रोतों के संरक्षण, तालाबों के पुनर्जीवन, अमृत सरोवरों के रखरखाव, पौधारोपण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति लोगों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया। साथ ही कृषि विभाग एवं संबंधित विभागों को किसानों के बीच सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों तथा जल बचत तकनीकों के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि भूजल सप्ताह के दौरान जनपदभर में विभिन्न विभागों के सहयोग से विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनके माध्यम से जल संरक्षण का संदेश प्रत्येक नागरिक तक पहुँचाया जाएगा। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि निर्धारित कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करते हुए अधिकाधिक जनसहभागिता प्राप्त की जाए, ताकि भविष्य की पीढ़ियों के लिए भूजल संसाधनों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। बैठक के उपरान्त भूगर्भ जल सप्ताह के अवसर पर सभी अधिकारियो एवं कर्मचारियों को मुख्य विकास अधिकारी द्वारा शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी राजन राय के साथ अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

जनपदवासियों को ट्रामा सेंटर में मिलेगी उच्च स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं:विजय मिश्र

गाजीपुर। मेरे राजनीति में आने का कारण समाजसेवा के साथ- साथ गाजीपुर की चिकित्सा व्यवस्था को बदलना प्रमुख उद्देश्य था और प्रत्याशी के रूप में मतदाताओं से वादा भी किया था आपके आशीर्वाद से गाजीपुर की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ कर दूंगा। पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता विजय मिश्र ने नगर क्षेत्र में स्थित एक होटल प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कही। श्री मिश्र ने कहा कि चुनाव जीतने के बाद जो मेरा लक्ष्य था उसे अपने कार्यकाल में 200 बेड का जिला चिकित्सालय गोरा बाजार में, 100 बेड का महिला अस्पताल मिश्र बाजार, ट्रामा सेंटर आदि बनवाकर गाजीपुर का चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने का प्रयास किया। यह बात कहते हुए मेरे सहित पूरे गाजीपुर के लिए आनंद का विषय है कि तत्कालीन रेलराज्य मंत्री मनोज सिन्हा के प्रयास से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की डबल इंजन की सरकार ने गाजीपुर को मेडिकल कॉलेज देकर जनपद की सबसे बड़ी आवश्यकता को पूर्ण करने का काम किया। आज गाजीपुर मेडिकल कालेज में प्रतिदिन 5 से 6 हजार लोगों की ओपीडी होती है जिससे उनको अच्छी स्वास्थ्य सुविधायें मिल रही हैं। बेहतर सुविधा के लिए आस-पास के जनपदों से भी मरीज यहां आ रहे हैं। विजय मिश्रा ने कहा कि गाजीपुर में ट्रामा सेंटर निर्मित होने के पश्चात शुरू नही हो पा रहा था जिसको उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, तत्कालीन प्रमुख सचिव आलोक एवं पार्थ सारथी सेन शर्मा तथा तत्कालीन जिलाधिकारी आर्यका अखौरी से लगातार बातकर ट्रामा सेंटर शुरू कराने का काम किया गया। ट्रामा सेंटर में स्वास्थ्य सुविधा शुरू हो गयी है परंतु अभी पूर्ण क्षमता से कार्य नही कर रहा हैं, इसके लिए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक एवं जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला सहित अन्य अधिकारियों से लगातार वार्ता कर पूर्ण क्षमता युक्त ट्रॉमा सेंटर का संचालन कराने की दिशा में कार्य हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सभी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी कैशलेस ट्रीटमेंट, ऑफ रोड एक्सीडेंट स्कीम के तहत दुर्घटना में घायल लोगों को “गोल्डन आवर” के भीतर बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ट्रॉमा केयर नेटवर्क पूरे देश के हर जनपद में बनाने की योजना लागू की। इसके तहत विभिन्न चरणों में देश के राष्ट्रीय राजमार्गों के पास ट्रॉमा सेंटर बनाने एवं मौजूदा अस्पतालों को ट्रॉमा सुविधाओं से सुसज्जित करने का काम केंद्र और प्रदेश की सरकार कर रही है । उन्होंने कहा कि मैं जनपदवासियों को विश्वास दिलाता हूं कि शीघ्र अतिशीघ्र अपनी पूर्ण क्षमता के साथ अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर सभी आवश्यक मानकों जैसे डॉक्टर्स – डीएम क्रिटिकल केयर, एमडी एनस्थीसिया, चेस्ट, न्यूरो एवं ऑर्थो, पैरामेडिकल – नर्सिंग स्टाफ, आवश्यक उपकरण – ICU, मल्टीपैरामीटर मॉनिटर, वेंटिलेटर, सक्शन मशीन, ऑक्सीजन फ्लोमीटर और ह्यूमिडिफायर, दवा और फ्लूड कंट्रोल, ABG Analyzer, Portable ECG Machine, Portable X-Ray Access, Ultrasound Machine, CT Sacan इत्यादि से पूर्ण अंतरराष्ट्रीय स्तर के ट्रामा सेंटर की सुविधा जनपदवासियों को प्राप्त होगी। गाजीपुर के ट्रामा सेंटर को इतने उच्च स्तर पर बनाया जायेगा कि गाजीपुर जिले के साथ-साथ अन्य जनपदों को सेवा देकर जनपद की जरूरत को पूरा करने के साथ ही बीएचयू और अन्य चिकित्सा संस्थानों के अतिरिक्त बोझ को बांट सके।

    पी जी कॉलेज में प्रवेश आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित

    पी जी कॉलेज में प्रवेश आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित

    गाजीपुर। स्नातकोत्तर महाविद्यालय गोराबाजार में प्रशासन द्वारा सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु आवेदन एवं प्रवेश परीक्षा की नई तिथि घोषित किया गया है।
    स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) राघवेन्द्र कुमार पाण्डेय ने बताया कि प्रवेश आवेदन हेतु पहले से निर्धारित अंतिम तिथि 08 जुलाई 2026 को बढ़ाकर अब 14 जुलाई 2026 कर दिया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी महाविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट http://www.pgcghazipur.ac.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन पत्र भर सकते हैं तथा ऑनलाइन शुल्क भी जमा कर सकते हैं।
    प्राचार्य प्रोफेसर पाण्डेय ने बताया कि महाविद्यालय में सत्र 2026-27 में प्रवेश हेतु प्रवेश परीक्षा दिनांक 15 जुलाई 2026 को आयोजित की जाएगी। बी.एस-सी. (कृषि) एवं एम.एस-सी. कृषि जीपीबी पाठ्यक्रम की परीक्षा प्रातः 11:00 बजे से दोपहर 01:00 बजे तक तथा एम.एस-सी. बॉटनी, एम.एस-सी. कृषि (उद्यान) एवं एम.कॉम की परीक्षा दोपहर 02:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक निर्धारित है। समस्त परीक्षार्थियों से अनुरोध है कि वे परीक्षा में समय से उपस्थित हों। अनुपस्थिति की स्थिति में किसी भी अभ्यर्थी को अलग से अवसर प्रदान नहीं किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए महाविद्यालय की वेबसाइट http://www.pgcghazipur.ac.in पर अवलोकन करें या महाविद्यालय कार्यालय से संपर्क करें।

    डीएम के निर्देश पर अधिकारियों ने किया गौशालाओं का निरीक्षण

    गाजीपुर। जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के निर्देशानुसार जनपद में संचालित समस्त अस्थायी एवं स्थायी गौशालाओं का व्यापक निरीक्षण गुरुवार को विभिन्न अधिकारियों द्वारा किया गया। निरीक्षण का उद्देश्य गौवंशों के संरक्षण, उनके समुचित भरण-पोषण, स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण तथा शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाओं का प्रभावी सत्यापन करना है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे, बल्कि प्रत्येक बिंदु का तथ्यात्मक एवं गुणवत्तापूर्ण मूल्यांकन किया जाए। निरीक्षण के दौरान यदि किसी गौशाला में कोई कमी अथवा अनियमितता पाई जाती है तो उसका स्पष्ट उल्लेख निरीक्षण आख्या में करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि निरीक्षण पूर्ण होने के उपरांत निर्धारित प्रारूप में विस्तृत निरीक्षण आख्या समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि प्राप्त रिपोर्टों के आधार पर आवश्यक निर्णय लेते हुए गौशालाओं की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि गौवंशों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक गौशाला में बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना प्रशासन की सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
    इसी क्रम में आज जनपद में जिला विकास अधिकारी राजन राय द्वारा बिरनो गौ-आश्रय स्थल, परियोजना निदेशक (डीआरडीए), जिला समन्वयक (मनरेगा), जिला पंचायत राज अधिकारी, जनपद के समस्त उपजिलाधिकारी तथा सभी खंड विकास अधिकारी अपने-अपने आवंटित क्षेत्रों की गौशालाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा विशेष रूप से गौशाला परिसर की साफ-सफाई, स्वच्छता तथा कीचड़ की स्थिति का गहन परीक्षण किया गया। अधिकारीयों ने निर्देश दिये कि यह सुनिश्चित किया जाए कि गौशालाओं में नियमित रूप से सफाई हो  तथा परिसर में जलभराव अथवा गंदगी की स्थिति न रहे, जिससे गौवंशों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। इसके अतिरिक्त गौवंशों के लिए हरे चारे की उपलब्धता, उसकी गुणवत्ता तथा पर्याप्त मात्रा मे उपलब्ध रहें। अधिकारियों ने कहा कि यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि गौशालाओं में निराश्रित गोवंशों के लिए पौष्टिक एवं पर्याप्त चारे की व्यवस्था निरंतर बनी रहे तथा किसी भी प्रकार की कमी न हो। गौशालाओं में प्रकाश की समुचित व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति तथा रात्रिकालीन सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन कर आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए गये। साथ ही गौसेवकों के मानदेय के भुगतान की स्थिति, उनकी उपस्थिति तथा गौशालाओं के संचालन से संबंधित अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी विस्तृत सत्यापन किया गया।

    सचिव ने किया किशोर गृह का निरीक्षण, दिए निर्देश

    गाजीपुर। उच्च न्यायालय, किशोर न्याय समिति, इलाहाबाद के निर्देशों के अनुपालन में गुरुवार को राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी एवं राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) का औचक निरीक्षण नीरज गोंड, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया। राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी गाजीपुर में कार्यरत अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे, तथा आवासित किशोर उपस्थिति पंजिका 9.07.2026 के अनुसार किशोर उपस्थित पाये गये। राजकीय प्लेस ऑफ सेफ्टी गाजीपुर एवं राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (किशोर) गाजीपुर को निर्देशित किया गया कि मीनू के अनुसार भोजन, साफ-सफाई, कपडे़ तथा स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य परीक्षण व्यवस्था करना सुनिश्चित करें, बच्चों से प्रतिदिन शारीरिक गति विधि कराने एवं शिक्षा के लिए निर्देशित किया गया। इस दौरान किसी भी बालक द्वारा किसी उत्पीड़न अथवा परेशानी का कोई उल्लेख नहीं किया गया है।

    मानकों के विरुद्ध चल रहे स्कूली वाहनों के खिलाफ हुई कार्रवाई

    गाजीपुर। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा 01 से 15 जुलाई 2026 तक स्कूली वाहनों के विरूद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन सेफ फ्यूचर” के तहत मंगलवार को परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने सख्त कार्रवाई की। अपर पुलिस महानिदेशक, यातायात एवं सड़क सुरक्षा, उत्तर प्रदेश के निर्देशन में तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा के पर्यवेक्षण में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए वाहनों में निर्धारित मानकों को सख्ती से लागू कराना है। आज की कार्रवाई:अभियान के दूसरे चरण के तहत आज 08 जुलाई को थाना कोतवाली के महराजगंज, थाना नंदगंज एवं थाना जंगीपुर क्षेत्र में संयुक्त टीम द्वारा चेकिंग की गई। सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर 08 स्कूली वाहन सीज किए गए तथा 40 वाहनों का चालान किया गया। इस सम्बंध में एआरटीओ धनवीर यादव ने बताया कि अभियान के दौरान स्कूल वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस, परमिट, अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, जीपीएस, सीसीटीवी, स्पीड गवर्नर और अन्य सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। नियमों का पालन न करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई।यातायात निरीक्षक बलेन्द्र कुमार ने बताया कि अभियान आगे भी जारी रहेगा। कहा कि सभी स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं कि उनके वाहन निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूरा पालन करें। नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उल्लेखनीय है कि अभियान का पहला चरण 1 से 7 जुलाई तक जागरूकता कार्यक्रम एवं नोटिस जारी कर संचालित किया गया था। दूसरा चरण 8 से 15 जुलाई तक चलाया जा रहा है।

    नए बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाने से मिलेगा लाभ:गो सेवा आयोग अध्यक्ष

    गाजीपुर।  उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग, लखनऊ के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता की अध्यक्षता में बुधवार को विकास भवन सभागार में गोवंश संरक्षण एवं अनुश्रवण संबंधी समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के गोआश्रय स्थलों के संचालन, गोवंशों के संरक्षण, पोषण एवं उनके समुचित प्रबंधन की विस्तार से समीक्षा की गई तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक को संबोधित करते हुए अध्यक्ष ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी गोआश्रय स्थलों में संरक्षित गोवंशों का वैज्ञानिक आधार पर वर्गीकरण किया जाए तथा बड़े एवं छोटे तथा नर एवं मादा गोवंशों को अलग-अलग रखा जाए, जिससे उनके रख-रखाव, स्वास्थ्य परीक्षण एवं देखभाल में सुविधा हो सके। उन्होंने सभी गोआश्रय स्थलों पर हरे चारे की स्थायी उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सहजन एवं नेपियर घास का व्यापक स्तर पर रोपण कराने के निर्देश दिए।

    अध्यक्ष ने जानकारी देते हुए बताया कि जनपद में 1000 नए बायोगैस संयंत्र स्थापित किए जाएंगे। इससे गोबर का वैज्ञानिक एवं उपयोगी प्रबंधन होगा, स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन बढ़ेगा, जैविक खेती को प्रोत्साहन मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में आय एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। उन्होंने वृहद गोसंरक्षण केंद्र, करीमुद्दीनपुर में बंद पड़े बायोगैस संयंत्र को शीघ्र चालू कराने के भी निर्देश दिए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। बैठक में उत्तर प्रदेश गो-सेवा आयोग के सदस्य रमाकान्त उपाध्याय ने गोआश्रय स्थलों के प्रभावी संचालन पर विस्तृत जानकारी देते हुए निर्देशित किया कि सभी गोवंशों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पर्याप्त मात्रा में भूसा, हरा चारा एवं पशु आहार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने नाद एवं चरनी की नियमित साफ-सफाई, गोवंशों को समय-समय पर कृमिनाशक दवाओं का सेवन कराए जाने तथा बड़े गोआश्रय स्थलों पर आवश्यकता के अनुसार काऊ लिफ्टर मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया।

    बैठक में गोवंशों के स्वास्थ्य, संरक्षण एवं गोआश्रय स्थलों के बेहतर प्रबंधन के लिए विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से अपेक्षा की गई कि शासन की मंशा के अनुरूप गोसंरक्षण से संबंधित सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में उप निदेशक कृषि विजय कुमार, उपायुक्त मनरेगा  विजय यादव, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविन्द कुमार शाही, नोडल अधिकारी (गोशाला) डॉ. राकेश कुमार गौतम सहित सूचना, वन, नेडा एवं पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त जनपद के समस्त उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी तथा नन्दिनी एवं मिनी नन्दिनी कृषक समृद्धि योजना के लाभार्थियों के साथ किसान बन्धु एवं जनप्रतिनिधिगण भी बैठक में उपस्थित रहे।


    बैठक के उपरान्त अध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा गौ-आश्रय स्थल आर0टी0आई0 गोराबाजार, गौ-आश्रय बिरनो, गोपाल गोशाला रौजा का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष एवं सदस्य द्वारा गौवंश को हरे चारे अपने हाथो से खिलाया गया  एवं विशेष साफ सफाई रखने का निर्देश दिया।  इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सरिता अग्रवाल एवं पूर्ण अध्यक्ष विनोद अग्रवाल के साथ सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहे।

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