छात्र नेताओं ने की यह मांग

ग़ाज़ीपुर।मंगलवार को पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव कराने को लेकर छात्रों कि विगत् दिनों छात्र संघ चुनाव तिथि घोषित करने की मांग को लेकर प्राचार्य द्वारा मिटिंग बुलाया गया था। जिसमें पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों समेत चुनाव लडने के इच्छुक प्रत्याशी इस मिटिंग में शामिल हुए। प्राचार्य द्वारा छात्रों कि मांग पर जिलाधिकारी को एक नवंबर से सात नवम्बर के बीच छात्रसंघ चुनाव कराने की बात कही है बशर्ते यदि विश्वविद्यालय द्वारा कोई परीक्षा इस तिथि के अंदर नहीं हुई और प्रशासन कि अनुमति मिली तो चुनाव सम्पन्न करा लिए जाएंगे। बता दें कि प्राचार्य द्वारा स्वत: कहा गया है कि लिंगदोह समिति की सिफारिश के अनुसार वर्तमान सत्र में महाविद्यालय में चुनाव कराए जा सकते है ।
पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सम्पूर्णानंद यादव ने कहा कि महाविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण हो गई है फिर भी महाविद्यालय प्रशासन चुनाव द्वारा देरी किया जा रहा है। जिसे छात्र बर्दाश्त नहीं करेंगे।पूर्व छात्रसंघ उपाध्यक्ष दीपक उपाध्याय ने कहा कि सरकार द्वारा कोई लिखित नोटिस नहीं जारी कि गई है कि चुनाव नहीं कराए जाए। फिर विश्वविद्यालय व महाविद्यालय प्रशासन द्वारा क्यू जानबूझकर चुनाव को रोके हुए हैं यदि इस बार महाविद्यालय प्रशासन द्वारा तय तिथि पर छात्रसंघ चुनाव नहीं हुआ तो छात्र आमरण अनशन पर बैठने को बाध्य होंगे जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रशासन की होंगी। पूर्व अध्यक्ष अनुज कुमार ने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा यदि महाविद्यालय प्रशासन को चुनाव कराने कि अनुमति नहीं देता है तो छात्र जिला बंद करने को बाध्य होंगे। वही पूर्व महामंत्री प्रवीण विश्वकर्मा ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव न होने से छात्रों को अनेकों समस्या का सामना करना पड़ रहा है लेकिन छात्रों के प्रतिनिधित्व करने वाला कोई नहीं है। सभी छात्रों ने एक स्वर में छात्रसंघ चुनाव कि तिथि घोषित करने पर प्राचार्य को धन्यवाद ज्ञापित करने के साथ ही चुनाव तय तिथि पर कराये जाने की जिला प्रशासन से मांग कि है।
बैठक में शामिल निखिल राज भारती, ईश्वर चन्द्र यादव,धीरज सिंह,प्रिस प्रजापति, धन्नजय कुशवाहा, अमृतांश बिन्द, निलेश बिन्द, कृष्णा यादव, राहुल कुमार,अभिषेक वर्मा,बाबू लाल गौतम, अभिजीत कुमार, रणविजय प्रताप,अनुज यादव, कृष्णा नन्द शर्मा, विकास कुमार,प्रशान्त कुमार,संजय मौर्य आदि छात्र नेता मौजूद थे।

राजकीय महिला महाविद्यालय में चार्ट-पोस्टर प्रतियोगिता हुई आयोजित

ग़ाज़ीपुर।राजकीय महिला स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाज़ीपुर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के पूर्व सप्ताह में मनोविज्ञान परिषद की ओर से मंगलवार को चार्ट-पोस्टर प्रतियोगिता आयोजित हुई। इस बार विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस की थीम ‘सभी व्यक्तियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य एक मानवाधिकार’ था। अर्थात मानवाधिकारों की तरह मानसिक स्वास्थ्य सुविधाएं सबके लिए सुलभ होनी चाहिए तथा सरकार एवं समाज का दायित्व सबका मानसिक स्वास्थ्य बेहतर करना होना चाहिए। इस बार ‘दुश्चिंता’ बीमारी के विभिन्न आयामों पर अधिक बल दिया गया हैं।

वर्तमान में दुश्चिंता विकार कई रूपों में जैसे प्रत्येक घटना को नियंत्रण करने की इच्छा, अपने और दूसरों से अत्यधिक अपेक्षाएं अत्यधिक सोचना, अत्यधिक योजनाएं बनाना आदि कई रूपों में विद्यार्थियों, युवाओं, वयस्कों, वृद्धो आदमी कई रूपों में हमेशा पायी जाती है। इसीलिए वर्तमान युग को ‘चिंता का युग’ भी कहा जाता है। यह चिंता विकार लंबे समय तक बने रहने पर मानसिक स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित करता है।


40 से अधिक छात्राओं ने दुश्चिंता, विषाद, नकारात्मक मानसिक स्वास्थ्य एवं घटनाओं से संबंधित आकर्षक और रंगारंग चित्र बनाएं। इन चित्रों का मूल्यांकन डॉ दिवाकर मिश्रा, डॉ शंभू शरण प्रसाद एवं नेहा जी द्वारा किया गया। चार्ट प्रतियोगिता में रितु यादव प्रथम, सबीना द्वितीय, महक तृतीय एवं मालती यादव तथा मंजूरी खातून प्रसंशित स्थान पर रही। जबकि पोस्टर प्रतियोगिता में दीक्षा सिंह प्रथम, बुशरा द्वितीय, मानसी अग्रवाल तृतीय तथा सोनम कुमारी एवं शिवानी वर्मा प्रशंसित स्थान पर रहीं। मनोविज्ञान विभाग में आयोजित इन चार्ट पोस्टरो का अग्रसेन पीजी कॉलेज, वाराणसी के मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रोफेसर ओम प्रकाश चौधरी, छपरा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर हरिकेश सिंह, महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर सविता भारद्वाज एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण एवं छात्राओं ने अवलोकन किया और शिक्षकों से संवाद किया। कार्यक्रम का संयोजन मनोविज्ञान परिषद के प्रभारी डॉ शिवकुमार द्वारा किया गया।

डीएम ने की बैठक,दिया निर्देश

गाजीपुर।निराश्रित गोवंश आश्रय स्थल की स्थापना, क्रियान्वयन तथा संचालन प्रबन्धन हेतु जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में मंगलवार को रायफल क्लब सभागार में संपन्न हुआ। जिलाधिकारी ने उपस्थित पशु चिकित्सकों एवं खण्ड विकास अधिकारियों से अब-तक कितने पशुओ को चिन्हित कर पशुपालकों को सुपुर्द किए गए हैं एवं कितने पशुओ को आश्रय स्थल मे रखा गया है एवं कितने गोवंश आश्रय स्थल बनाए गए,की जानकारी ली। उन्होंने पशु चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिया कि सहभागिता योजना में जरूरतमंद परिवारो में दुधारू पशुओ की सुपुर्दगी की जाए तथा उसका समय से भुगतान भी किया जाए।
बैठक में मुख्य पशु चकित्साधिकारी ने बताया कि अब तक 57 स्थायी/अस्थायी गोवंश आश्रय स्थल बनाए गए है। जिसमें कुल 8130 पशु संरक्षित किए गए है तथा 960 पशुओ का सहभागिता योजना में जरूरतमंद परिवारो को दिया गया है।
जिलाधिकारी ने पशु चिकित्साधिकारियों एंव खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि गो-आश्रय स्थलो पर पशुओ की बराबर वेरिफिकेशन किया जाए। जहां-जहा चारागार की जमीने चिन्हित की गई है वहां पशुओ के लिए हरे चारे उगाए जाए। सभी पशु चिकित्साधिकारी एवं खण्ड विकास अधिकारी एक अभियान चलाकर छुट्टा पशुओ का संरक्षित करे किसी भी दशा मे कोई भी पशु सड़को या रास्तो में विचरण करते न पाए जाए अन्यथा आप इसके स्वयं जिम्मेदार होगे।
यदि किसी पशु के मृत्यु के बाद भी उसका भुगतान किया जाता है तो सम्बन्धित के विरूद्ध कार्यवाही तय है। उन्होने निर्देश दिया कि सहभागिता योजना के तहत पशुपालको मे दिके जाने वाले भुगतान समय से किया जाए। इसमे लापरवाही क्षम्य नही होगी। पशुओ को हरा चारा, पानी समय से टीकाकरण किया जाय साथ ही गोआश्रय स्थलो पर पानी, साफ-सफाई की व्यवस्था रखी जाए। बैठक मे मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य, परियोजना निदेशक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी,समस्त खण्ड विकास अधिकारी, समस्त अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद/पंचायत, एवं अन्य सम्बन्धित जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

हर ब्लॉक व टीबी यूनिट से स्वास्थ्यकर्मी व एडीओ पंचायत को बनाया गया मास्टर ट्रेनर

टीबी मुक्त पंचायत व फैमिली केयर गिवर मॉड्यूल पर दिया प्रशिक्षण

हर ब्लॉक व टीबी यूनिट से स्वास्थ्यकर्मी व एडीओ पंचायत को बनाया गया मास्टर ट्रेनर

  • अब मास्टर ट्रेनर्स ग्राम प्रधान, सचिव व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को करेंगे प्रशिक्षित
  • जनपद में मौजूद हर क्षय रोगी के लिए तैयार होगा एक फैमिली केयर गिवर

गाज़ीपुर।प्रधानमंत्री के आह्वान पर वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लिए जिला क्षय रोग विभाग और पंचायती राज विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे टीबी मुक्त पंचायत व टीबी फैमिली केयर गिवर मॉड्यूल को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सके। इसके लिए मास्टर ट्रेनर्स का दो दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में संपन्न हुआ। जिला पंचायती राज विभाग से ब्लॉक वार एक -एक प्रतिनिधि के अलावा जिला पब्लिक प्राइवेट मिक्स समन्वयक (डीपीपीएमसी), ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धक (बीपीएम), ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम), क्षय रोग विभाग से वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक (एसटीएस), वरिष्ठ प्रयोगशाला पर्यवेक्षक (एसटीएलएस), टीबीएचवी को जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथलेश कुमार और डब्ल्यूएचओ के डॉ वीजे विनोद ने प्रशिक्षण दिया। सभी को प्रमाण पत्र भी प्रदान किये गये।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत वर्ष 2025 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनपद प्रतिबद्ध है। ट्रेनिंग ले चुके मास्टर ट्रेनर्स अब टीबी मुक्त पंचायत अभियान का लक्ष्य हासिल करने के लिए ग्राम प्रधान और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को प्रशिक्षण देंगे, साथ ही हर क्षय रोगी के लिए एक फैमिली केयर गिवर भी तैयार करेंगे। इसके साथ पंचायत समिति, जन आरोग्य समिति और ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) का भी संवेदीकरण करना है। उन्होंने कहा कि इससे सामुदायिक स्तर पर टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और क्षय रोगियों को सामाजिक स्तर पर मिलने वाले तिरस्कार से मुक्ति के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य व्यवहार मिलने में मदद मिलेगी। शासन से प्राप्त निर्देशों के मुताबिक क्षय रोगी के परिवार या करीबी लोगों में से ऐसे व्यक्ति की पहचान की जाएगी जो उसे उपचार प्राप्त करने में मदद कर सके, उसकी देखभाल कर सके, रोगी के लिए जरूरी पोषण का ध्यान रख सके। ऐसे व्यक्ति को फैमिली केयर गिवर (प्राथमिक देखभाल कर्ता) कहा जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ मनोज कुमार ने बताया कि फैमिली केयर गिवर को क्षय रोगी के साथ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर जाना होगा, जहां सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) उसे क्षय रोग के उपचार के बारे में विस्तार से बताएंगे। साथ ही इस बात का भी प्रशिक्षण देंगे कि रोगी की दवाओं और उनके असर का उसे किस प्रकार से ध्यान रखना है। उसे बताया जाएगा कि टीबी की दवाओं के साथ अच्छा पोषण जरूरी होता है। रोगी को भोजन में क्या-क्या देना चाहिए। फैमिली केयर गिवर समुदाय में टीबी के प्रति जागरूकता और जानकारी बढ़ाने में भी क्षय रोग विभाग की मदद करेंगे।
जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथलेश कुमार ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत एक हज़ार की जनसंख्या पर कम से कम 30 संभावित मरीज की जांच की जाएगी। साथ ही उपचार की सफलता की दर 85 प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में 19 टीबी यूनिट/ब्लॉक के 35 स्वास्थ्यकर्मी एवं 16 ब्लॉक के एडीओ पंचायत को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण ले चुके एडीओ पंचायत एवं स्वास्थ्य कर्मी ग्राम प्रधान एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी के मरीज़ों को गोद लेने के लिए भी ग्राम प्रधानों को ग्राम स्तर पर प्रोत्साहित करना है।
प्रशिक्षण सत्र में जिला पीपीएम समन्वयक अनुराग कुमार पाण्डेय एवं टीबी विभाग के सभी कर्मचारी शामिल रहे।

हर ब्लॉक व टीबी यूनिट से स्वास्थ्यकर्मी व एडीओ पंचायत को बनाया गया मास्टर ट्रेनर

टीबी मुक्त पंचायत व फैमिली केयर गिवर मॉड्यूल पर दिया प्रशिक्षण

हर ब्लॉक व टीबी यूनिट से स्वास्थ्यकर्मी व एडीओ पंचायत को बनाया गया मास्टर ट्रेनर

  • अब मास्टर ट्रेनर्स ग्राम प्रधान, सचिव व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को करेंगे प्रशिक्षित
  • जनपद में मौजूद हर क्षय रोगी के लिए तैयार होगा एक फैमिली केयर गिवर

गाज़ीपुर।प्रधानमंत्री के आह्वान पर वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लिए जिला क्षय रोग विभाग और पंचायती राज विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे टीबी मुक्त पंचायत व टीबी फैमिली केयर गिवर मॉड्यूल को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सके। इसके लिए मास्टर ट्रेनर्स का दो दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में संपन्न हुआ। जिला पंचायती राज विभाग से ब्लॉक वार एक -एक प्रतिनिधि के अलावा जिला पब्लिक प्राइवेट मिक्स समन्वयक (डीपीपीएमसी), ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धक (बीपीएम), ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम), क्षय रोग विभाग से वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक (एसटीएस), वरिष्ठ प्रयोगशाला पर्यवेक्षक (एसटीएलएस), टीबीएचवी को जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथलेश कुमार और डब्ल्यूएचओ के डॉ वीजे विनोद ने प्रशिक्षण दिया। सभी को प्रमाण पत्र भी प्रदान किये गये।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत वर्ष 2025 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनपद प्रतिबद्ध है। ट्रेनिंग ले चुके मास्टर ट्रेनर्स अब टीबी मुक्त पंचायत अभियान का लक्ष्य हासिल करने के लिए ग्राम प्रधान और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को प्रशिक्षण देंगे, साथ ही हर क्षय रोगी के लिए एक फैमिली केयर गिवर भी तैयार करेंगे। इसके साथ पंचायत समिति, जन आरोग्य समिति और ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) का भी संवेदीकरण करना है। उन्होंने कहा कि इससे सामुदायिक स्तर पर टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और क्षय रोगियों को सामाजिक स्तर पर मिलने वाले तिरस्कार से मुक्ति के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य व्यवहार मिलने में मदद मिलेगी। शासन से प्राप्त निर्देशों के मुताबिक क्षय रोगी के परिवार या करीबी लोगों में से ऐसे व्यक्ति की पहचान की जाएगी जो उसे उपचार प्राप्त करने में मदद कर सके, उसकी देखभाल कर सके, रोगी के लिए जरूरी पोषण का ध्यान रख सके। ऐसे व्यक्ति को फैमिली केयर गिवर (प्राथमिक देखभाल कर्ता) कहा जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ मनोज कुमार ने बताया कि फैमिली केयर गिवर को क्षय रोगी के साथ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर जाना होगा, जहां सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) उसे क्षय रोग के उपचार के बारे में विस्तार से बताएंगे। साथ ही इस बात का भी प्रशिक्षण देंगे कि रोगी की दवाओं और उनके असर का उसे किस प्रकार से ध्यान रखना है। उसे बताया जाएगा कि टीबी की दवाओं के साथ अच्छा पोषण जरूरी होता है। रोगी को भोजन में क्या-क्या देना चाहिए। फैमिली केयर गिवर समुदाय में टीबी के प्रति जागरूकता और जानकारी बढ़ाने में भी क्षय रोग विभाग की मदद करेंगे।
जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथलेश कुमार ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत एक हज़ार की जनसंख्या पर कम से कम 30 संभावित मरीज की जांच की जाएगी। साथ ही उपचार की सफलता की दर 85 प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में 19 टीबी यूनिट/ब्लॉक के 35 स्वास्थ्यकर्मी एवं 16 ब्लॉक के एडीओ पंचायत को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण ले चुके एडीओ पंचायत एवं स्वास्थ्य कर्मी ग्राम प्रधान एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी के मरीज़ों को गोद लेने के लिए भी ग्राम प्रधानों को ग्राम स्तर पर प्रोत्साहित करना है।
प्रशिक्षण सत्र में जिला पीपीएम समन्वयक अनुराग कुमार पाण्डेय एवं टीबी विभाग के सभी कर्मचारी शामिल रहे।

हर ब्लॉक व टीबी यूनिट से स्वास्थ्यकर्मी व एडीओ पंचायत को बनाया गया मास्टर ट्रेनर

टीबी मुक्त पंचायत व फैमिली केयर गिवर मॉड्यूल पर दिया प्रशिक्षण

हर ब्लॉक व टीबी यूनिट से स्वास्थ्यकर्मी व एडीओ पंचायत को बनाया गया मास्टर ट्रेनर

  • अब मास्टर ट्रेनर्स ग्राम प्रधान, सचिव व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को करेंगे प्रशिक्षित
  • जनपद में मौजूद हर क्षय रोगी के लिए तैयार होगा एक फैमिली केयर गिवर

गाज़ीपुर।प्रधानमंत्री के आह्वान पर वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लिए जिला क्षय रोग विभाग और पंचायती राज विभाग मिलकर काम कर रहे हैं, जिससे टीबी मुक्त पंचायत व टीबी फैमिली केयर गिवर मॉड्यूल को शत-प्रतिशत सफल बनाया जा सके। इसके लिए मास्टर ट्रेनर्स का दो दिवसीय प्रशिक्षण मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय सभागार में संपन्न हुआ। जिला पंचायती राज विभाग से ब्लॉक वार एक -एक प्रतिनिधि के अलावा जिला पब्लिक प्राइवेट मिक्स समन्वयक (डीपीपीएमसी), ब्लॉक कार्यक्रम प्रबन्धक (बीपीएम), ब्लॉक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम), क्षय रोग विभाग से वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक (एसटीएस), वरिष्ठ प्रयोगशाला पर्यवेक्षक (एसटीएलएस), टीबीएचवी को जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथलेश कुमार और डब्ल्यूएचओ के डॉ वीजे विनोद ने प्रशिक्षण दिया। सभी को प्रमाण पत्र भी प्रदान किये गये।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ देश दीपक पाल ने प्रशिक्षण सत्र का शुभारंभ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत वर्ष 2025 के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जनपद प्रतिबद्ध है। ट्रेनिंग ले चुके मास्टर ट्रेनर्स अब टीबी मुक्त पंचायत अभियान का लक्ष्य हासिल करने के लिए ग्राम प्रधान और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (सीएचओ) को प्रशिक्षण देंगे, साथ ही हर क्षय रोगी के लिए एक फैमिली केयर गिवर भी तैयार करेंगे। इसके साथ पंचायत समिति, जन आरोग्य समिति और ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण समिति (वीएचएसएनसी) का भी संवेदीकरण करना है। उन्होंने कहा कि इससे सामुदायिक स्तर पर टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और क्षय रोगियों को सामाजिक स्तर पर मिलने वाले तिरस्कार से मुक्ति के साथ ही बेहतर स्वास्थ्य व्यवहार मिलने में मदद मिलेगी। शासन से प्राप्त निर्देशों के मुताबिक क्षय रोगी के परिवार या करीबी लोगों में से ऐसे व्यक्ति की पहचान की जाएगी जो उसे उपचार प्राप्त करने में मदद कर सके, उसकी देखभाल कर सके, रोगी के लिए जरूरी पोषण का ध्यान रख सके। ऐसे व्यक्ति को फैमिली केयर गिवर (प्राथमिक देखभाल कर्ता) कहा जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ मनोज कुमार ने बताया कि फैमिली केयर गिवर को क्षय रोगी के साथ हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर जाना होगा, जहां सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) उसे क्षय रोग के उपचार के बारे में विस्तार से बताएंगे। साथ ही इस बात का भी प्रशिक्षण देंगे कि रोगी की दवाओं और उनके असर का उसे किस प्रकार से ध्यान रखना है। उसे बताया जाएगा कि टीबी की दवाओं के साथ अच्छा पोषण जरूरी होता है। रोगी को भोजन में क्या-क्या देना चाहिए। फैमिली केयर गिवर समुदाय में टीबी के प्रति जागरूकता और जानकारी बढ़ाने में भी क्षय रोग विभाग की मदद करेंगे।
जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ मिथलेश कुमार ने बताया कि टीबी मुक्त पंचायत अभियान के तहत एक हज़ार की जनसंख्या पर कम से कम 30 संभावित मरीज की जांच की जाएगी। साथ ही उपचार की सफलता की दर 85 प्रतिशत से अधिक होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण में 19 टीबी यूनिट/ब्लॉक के 35 स्वास्थ्यकर्मी एवं 16 ब्लॉक के एडीओ पंचायत को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण ले चुके एडीओ पंचायत एवं स्वास्थ्य कर्मी ग्राम प्रधान एवं सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी के मरीज़ों को गोद लेने के लिए भी ग्राम प्रधानों को ग्राम स्तर पर प्रोत्साहित करना है।
प्रशिक्षण सत्र में जिला पीपीएम समन्वयक अनुराग कुमार पाण्डेय एवं टीबी विभाग के सभी कर्मचारी शामिल रहे।

मानसिक रोगियों में हुआ फल और सर्टिफिकेट वितरण,दी गई जानकारी

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर मानसिक रोगियों में हुआ फल और सर्टिफिकेट वितरण

ग़ाज़ीपुर।विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस जो प्रत्येक वर्ष 10 अक्टूबर को पूरे देश में मनाया जाता है इसी को लेकर मंगलवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में एक गोष्ठी का आयोजन प्रभारी सीएमओ डॉ जे एन सिंह की अध्यक्षता में किया गया। इस अवसर पर लोगों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति कैसे जागरूक रहना है और अन्य को करना है इस बारे में विस्तृत रूप से जानकारी दी गई। इस बार का थीम मेंटल हेल्थ इस यूनिवर्सल ह्यूमन राइट रहा। इस कार्यक्रम में गोष्ठी के अलावा हस्ताक्षर अभियान के साथ ही मानसिक विकलांग को सर्टिफिकेट और फल वितरण का भी कार्यक्रम किया गया।

प्रभारी सीएमओ डॉ जे एन सिंह ने बताया की हर साल 10 अक्टूबर को ‘विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस’ मनाया जाता है। वर्ल्ड फेडरेशन फॉर मेंटल हेल्थ और वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने मिलकर वर्ष 1992 में 10 अक्टूबर के दिन ‘वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे’ सेलिब्रेट करने की घोषणा की थी। उसके बाद से यह दिन प्रत्येक वर्ष मनाया जाने लगा। इस दिन को मनाने का उद्देश्य है मानसिक स्वास्थ्य के बेहतर बनाए रखने के प्रति लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाना है। साथ ही लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के बारे में शिक्षित करने और मेंटल हेल्थ के मुद्दों को लेकर समाज में मौजूद स्टिग्मा को कम करना भी है। हर साल इसे एक खास थीम के तहत सेलिब्रेट किया जाता है।

उन्होंने बताया की हमारे शारीरिक स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य के बीच गहरा संबंध है। लेकिन अभी भी ज्यादातर लोग इसपर ध्यान नहीं देते। फिजिकल और मेंटल हेल्थ एक ही सिक्के के दो पहलू की तरह हैं। किसी भी एक पहलू को नजरअंदाज करना दूसरे पहलू को नकारात्मक तरीके से प्रभावित करता है। बड़े-बूढ़े से लेकर स्कूल जाने वाले बच्चे भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। तो इस प्रॉब्लम को छिपाने की जगह उस पर ध्यान देने की जरूरत है। वरना आने वाले समय में स्थिति और बिगड़ सकती है।

मानसिक रोग के लक्षण

नींद ना आना या देर से नींद आना, चिंता घबराहट या उलझन, आत्महत्या का विचार आना ,बेहोशी के दौरे आना, बेवजह शक से ग्रसित रहना, शराब गाजा भांग का नशा करना, आवश्यकता से अधिक साफ सफाई ,उदास या मायूस रहना ,किसी कार्य में मन ना लगा ,गुस्सा आना, सर दर्द या भारीपन बना रहना, बुद्धि का विकास कम होना, बुढ़ापे में याददाश्त की कमी का होना, भूत प्रेत देवी देवता की छाया का भ्रम होना।

इस कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी मनोज कुमार, एनसीडी से रवि शंकर चौरसिया ,डॉ शाहबाज, अंकित आनंद, गौरव कुमार गिरी, राघवेंद्र शेखर सिंह, अनिल चौबे, अनिल शर्मा ,वीरेंद्र पांडे, नीरज श्रीवास्तव व अन्य लोग मौजूद रहे।

181 छात्राओं की जांच के साथ हुई प्रतियोगिता

किशोर स्वास्थ्य मंच 2023 के तहत 181 छात्राओं की जांच के साथ हुए प्रतियोगिता

ग़ाज़ीपुर।राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अन्तर्गत किशोर स्वास्थ मंच 2023 का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र मुहम्मदाबाद के अन्तर्गत राजकीय बालिका इंटर कालेज मुहम्मदाबाद पर मंगलवार को वृहद रूप से आयोजित किया गया। जहां पर 181 छात्राओं का जांच किया गया और जांच के उपरांत उन्हें सलाह और एनीमिया ,आयरन और आईएफए की गोली दी गई। इस दौरान कई तरह की प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया और विजय प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ आशीष राय ने बताया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की तरफ से कॉलेजों में इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए निर्देश दिया गया था। उसी के क्रम में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मोहम्मदाबाद में किशोर स्वास्थ्य मंच का आयोजन किया गया। जिसमें सभी छात्रों का हीमोग्लोबिन जांच कर एनिमिया व अन्य बीमारियों की पहचान एवं संदरभन साथ एनीमिया, आयरन और आई एफ ए की गोलियों के साप्ताहिक सेवन की जानकारी दी गई। इस दौरान उन्हें पोषण के महत्व के बारे में और प्रतिभागियों को किशोरी सूरक्षा योजना, विशेषकर मेन्स्टूअल हाईजीन, लिंग हिंसा , तम्बाकू एवं अन्य मादक पदार्थों का सेवन व उनके दुष्परिणामों से भी अवगत कराया गया।

इस दौरान आयुष्मान कार्ड लाभार्थियों को अपना आयुष्मान कार्ड जल्द से जल्द बनवा लेने के बारे में भी जानकारी दिया गया। जिस की जरूरत पड़ने पर आयुष्मान कार्ड का लाभ उठाया जा सके। इसके अलावा टीबी के लक्षणों के बारे में भी जानकारी दी गई और बताया गया कि अगर लगातार 2 सप्ताह तक खांसी आ रही हो तो उसकी जांच अवश्य करा ले। क्योंकि 2025 तक टीबी मुक्त भारत का प्रधानमंत्री का सपना है।

छात्रों को एनीमिया यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य तथा मानसिक स्वास्थ्य से सम्बंधित पेंटिंग प्रतियोगिता, वाद विवाद , रंगोली तथा भाषण प्रतियोगिताओ का भी आयोजन किया गया। जिसमें प्रथम स्थान पर इंटर की सरिता, द्वितीय स्थान प्राप्त रचना एवं मोनिका हाईस्कूल की छात्रा रही। एवं रंगोली प्रतियोगिता में जानकी क्लास 12, एवं रिमझिम क्लास10 रही । सभी को अधीक्षक डॉ आशीष राय के द्वारा पुरस्कृत किया गया।

इस कार्यक्रम में 181 छात्राओं की जांच किया गया जिसमें आरबीएसके की टीम डा आर के वर्मा, आशा सिंह स्टाफ नर्स, रंजना देवी एएनएम , डब्ल्यू एच ओ से अभिषेक द्विवेदी,मोहित एल टी , सतीश के साथ साथ विद्यालय से कंचन एवं निशा एवं अन्य रही।

कार्यक्रम का संचालन ब्लॉक कार्यक्रम प्रबंधक संजीव कुमार ने किया एवं विद्यालय प्रबंध समिति का कार्यक्रम के आयोजन को लेकर सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

मुलायम सिंह यादव की मनाई गई पुण्यतिथि

गाज़ीपुर।प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर मंगलवार को समाजवादी पार्टी के तत्वावधान में पूरे जिले में ब्लाक स्तर पर समाजवादी पार्टी के संस्थापक,देश के रक्षा मंत्री एवं प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और पार्टी के संरक्षक रहे श्रृद्धेय नेताजी मुलायम सिंह यादव की पुण्यतिथि पर माल्यार्पण कार्यक्रम एवं विचार गोष्ठी आयोजित हुई ।

इसी कड़ी में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव की अध्यक्षता में पार्टी कार्यालय समता भवन पर भी विचार गोष्ठी एवं माल्यार्पण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

विचार गोष्ठी आरंभ होने के पूर्व सभी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलकर इस देश के धर्मनिरपेक्ष स्वरूप, संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करने का संकल्प लिया।
इस कार्यक्रम में सबसे पहले समाजवादी पार्टी के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष रजनीकांत यादव एवं उनके साथियों ने अपने समाजवादी गीत के माध्यम से नेता जी को श्रद्धांजलि अर्पित किया।

इस गोष्ठी में जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें सर्वसमाज का‌ नेता बताया और कहा कि वह लोकनायक जयप्रकाश नारायण और डॉ लोहिया के बाद समाजवादी आंदोलन के मजबूत स्तंभ थे। वह लोकतंत्र के सजग प्रहरी थे। वह सामाजिक न्याय और और धर्म निरपेक्षता के प्रबल पक्षधर और सशक्त पैरोकार थे।गरीब नेता जी के राजनीति के केन्द्र में था। वह आजीवन समाज से गैरबराबरी समाप्त कर समता मूलक समाज बनाने की लड़ाई लड़ते रहे।उन्होंने नेता जी को गरीबों का रहनुमा और हर दिल अजीज बताते हुए कहा कि नेता जी एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचार थे। गैरबराबरी के खिलाफ वह आजीवन संघर्ष करते रहे। उनकी संघर्ष गाथा हम सबके लिए प्रेरणा स्रोत है। हमें उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है यदि व्यक्ति संघर्ष करेगा तो उसके लिए कोई मंजिल नामुमकिन नहीं है ।

सदर विधायक जै किशन साहू ने नेता जी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि नेता जी अपने कार्यों, विचारों, वसूलों और सिद्धान्तों के लिए हमेशा याद किए जायेंगे। नेता जी अमर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि मुलायम सिंह जैसे नेता आज भारत की राजनीति में दुर्लभ हो गए है। उनके अंदर संघर्ष करने की अद्भुत क्षमता थी। उनके मन में गरीबों के लिए गहरी वेदना और पीड़ा थी। जब भी अवसर मिला गरीबों ही नहीं समाज के हर तबके के लिए दिल खोलकर कलम चलाई। वह सत्ता की राजनीति नहीं बल्कि व्यवस्था परिवर्तन के लिए आजीवन संघर्ष करते रहे। उनके संघर्षों से प्रेरणा लेकर हमें समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने की जरूरत है।

पूर्व जिलाध्यक्ष सुदर्शन यादव ने कहा कि नेता जी ने हमेशा हम सबको संघर्ष का पाठ पढ़ाया और वह गरीबों पिछड़ों के सवाल पर आजीवन संघर्ष करते रहे। नेता जी साहस और सत्य के पर्याय थे। उनके सिद्धांतों और उसूलों को अपने जीवन में आत्मसात कर नेता जी को हमेशा के लिए जीवंत रखने की जरूरत है। वह अन्याय और अत्याचार के खिलाफ आजीवन संघर्ष करते रहे।उन्होंने कहा कि नेता आंदोलन के नेता थे और हमेशा हम सबको ग़रीबों के सवाल पर आंदोलन की प्रेरणा देते थे।

इस अवसर पर मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव राजेश कुशवाहा,सिंकदर कन्नौजिया,अशोक कुमार बिंद, रविन्द्र प्रताप यादव, कन्हैयालाल विश्वकर्मा,निजामुद्दीन खां, मदन सिंह यादव,अरुण कुमार श्रीवास्तव, डॉ सीमा यादव, विभा पाल ,सुबच्चन यादव,सदानंद यादव, पुर्व प्रमुख ममता यादव,राजकिशोर यादव, आत्मा यादव,चौथी यादव,केसरी यादव,कैलाश यादव, नरसिंह यादव,भरत यादव, डॉ समीर सिंह,दिनेश यादव,रामविजय यादव,सूर्यनाथ यादव , पंकज यादव,रमेश यादव, गोपाल जी गुप्ता, पूजा गौतम,डॉ राजेश कुमार रावत,राजेश कुमार यादव, बांबी चौधरी,कंचन रावत, विशाल मद्धेशिया,राजदीप रावत,रीना यादव,मो.जुम्मन, कमलेश यादव,द्वारिका यादव,आदित्य यादव,हरवंश यादव,बैजू यादव, राधेश्याम यादव,राजवंश‌ पासी, देवेन्द्र यादव,प्रेमनारायण राम,राजनाथ कुशवाहा, कृष्णानंद यादव,इलियास अहमद, सतिराम यादव,जगत मोहनबिंद, अनुराग यादव, देवानंद, आदि उपस्थित थे।

इस विचार गोष्ठी का संचालन सदर विधानसभा के अध्यक्ष तहसीन अहमद ने किया।

जिला जज ने बच्चों को किया सम्मानित, कहा…..

गाजीपुर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के द्वारा निर्देश पर स्वच्छता जागरूकता अभियान 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2023 के अन्तर्गत निबन्ध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें प्राथमिक स्तर, माध्यमिक स्तर एवं उच्च स्तर के प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों में प्रथम स्थान, द्वितीय स्थान व तृतीय स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को पुरस्कृत करने हेतु सोमवार को जिला पंचायत सभागार में एक पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अपर जनपद न्यायाधीश चन्द्र प्रकाश तिवारी, अपर जनपद न्यायाधीश संजय कुमार यादव प्रथम, शरद कुमार चौधरी मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं दीपेन्द्र कुमार गुप्ता पूर्णकालिक सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर, ए0डी0एम अरूण कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्ष अधिकारी, खण्ड शिक्षाधिकारी एवं अन्य द्वारा प्रतिभाग किया गया।

समारोह का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा मॉ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलित कर किया गया। जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के द्वारा प्रथम तीन प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर सम्मानित किया गया। बच्चों को संबोधित करते हुए उन्होंने स्वच्छता को अपनाने, ईमानदारी एवं मेहनत से कार्य करने की शिक्षा दी। इस अवसर पर जनपद न्यायालय के उत्कृष्ट सफाई कर्मी राजेश कुमार रावत को जनपद न्यायाधीश द्वारा पौधा भेंट कर सम्मानित किया गया।

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